Author: Vishnu Joshi (SAMDARSHI NEWS)

  • आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण : कृषि एवं पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से बदलेगा जीवन

    आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण : कृषि एवं पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से बदलेगा जीवन

    रायपुर, 30 अप्रैल 2025/ राज्य शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं समावेशी विकास को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की गई है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

    सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से 20 आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण तीन माह की अवधि का है जिसमें उन्हें ड्रिप इरिगेशन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, डेयरी, मुर्गी और मत्स्य पालन जैसी आजीविका आधारित तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता तथा लघु उद्यम स्थापित करने की विधियों पर भी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन युवाओं को सिलाई तथा मोटर ड्राइविंग जैसे अन्य रोजगारमूलक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं को नवजीवन देने का प्रयास है, जो कभी भटकाव के रास्ते पर चले गए थे। हमारा उद्देश्य है कि वे आत्मनिर्भर बनें, सम्मानजनक जीवन जिएं और समाज के लिए प्रेरणा बनें।

    कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने बताया कि यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए स्थायी आजीविका की दिशा में एक ठोस कदम है। लाइवलीहुड कॉलेज की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को स्वरोजगार हेतु शासन से आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाएगी। राज्य शासन की यह पहल न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित कर रही है, बल्कि युवाओं को एक सकारात्मक भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है।

  • अनाधिकृत रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट की बिक्री और आपूर्ति करने वालों के विरूद्ध होगी कठोर कानूनी कार्यवाही

    अनाधिकृत रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट की बिक्री और आपूर्ति करने वालों के विरूद्ध होगी कठोर कानूनी कार्यवाही

    परिवहन अधिकारियों को एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने के दिए गए निर्देश

    रायपुर, 30 अप्रैल 2025/ अनाधिकृत रूप से हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण प्लेट की बिक्री और आपूर्ति करने वालों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश द्वारा ऐसा करने वाले डीलर्स और व्यक्तियों के विरूद्ध सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश सभी परिवहन अधिकारियों को दिए गए हैं।

    गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा एचएसआरपी के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों, केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के परिपालन में छत्तीसगढ़ में 01 अप्रैल .2019 के पूर्व पंजीकृत प्रत्येक वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। जिसे राज्य में लागू कर प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है। अब वाहन स्वामी विभागीय वेबसाइट cgtransport.gov.in के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा दो वेंडर क्रमशः M/s Real Mazon India Ltd. एवं M/s Rosmerta Safety Systems Ltd. को निर्धारित दर पर एचएसआरपी लगाने के लिए अधिकृत किया गया है।

    परिवहन आयुक्त द्वारा आम जनता से धोखाधड़ी कर अनाधिकृत रूप से नकली एचएसआरपी, समान दिखने वाली नकली प्लेट, स्मार्ट नंबर प्लेट जैसे होलोग्राम, इंडिया मार्क, इंडिया शिलालेख आदि से लैस हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (एचएसआरपी) की बिक्री और आपूर्ति करने वाले डीलर, व्यक्तियों के विरूद्ध सीधे एफआईआर कर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश समस्त परिवहन अधिकारियों को दिये जा चुके हैं। परिवहन विभाग द्वारा आम जनता से यह अपील की गई है कि सभी भुगतान केवल डिजिटल मोड के माध्यम से किया जाए तथा पंजीकृत मोटरवाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह (आवश्यक तीसरी पंजीकरण प्लेट सहित) प्रत्येक इंस्टालेशन हेतु 100 रूपए अतिरिक्त चार्ज का ही भुगतान किया जाए। घर पहुंच सेवा हेतु अतिरिक्त राशि देय होगी। अवैध तरीके से अधिक शुल्क मांगे जाने वाले डीलर, व्यक्ति की शिकायत सीधे जिला परिवहन अधिकारी से की जाए।

  • छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की दस्तक : नवा रायपुर में स्थापित होगा अत्याधुनिक NIELIT केंद्र

    छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की दस्तक : नवा रायपुर में स्थापित होगा अत्याधुनिक NIELIT केंद्र

    रायपुर 30 अप्रैल 2025/ प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के स्टेट ऑफ द आर्ट केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस संस्थान की स्थापना के लिए 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की। यह निर्णय राज्य के डिजिटल भविष्य की आधारशिला साबित होगा।

    NIELIT, जो भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, हाल ही में डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त कर चुकी है। संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ में स्थायी केंद्र स्थापना हेतु भूमि की मांग की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल कौशल के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।

    इस मांग को दृष्टिगत रखते हुए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम तेंदुआ के लेयर-2 क्षेत्र में 10.023 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है, जिसे लीज़ पर NIELIT को आवंटित किया जाएगा। इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा प्राधिकरण को की जाएगी।

    इस अत्याधुनिक संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों को नया बल मिलेगा। यह केंद्र युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के योग्य बनाकर राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को सशक्त करेगा। साथ ही, छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षा मानचित्र पर एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में उभरेगा।

    गौरतलब है कि नवा रायपुर में पहले से ही कई राष्ट्रीय महत्व के संस्थान स्थापित हो चुके हैं, जैसे – आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी। हाल ही में मंत्रिपरिषद द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्यूरो स्पाइन रिहैबिलिटेशन सेंटर का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्यूरो स्पाइन रिहैबिलिटेशन सेंटर का किया शुभारंभ

    रायपुर 30 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कमल विहार में अत्याधुनिक न्यूरो स्पाइन रिहैबिलिटेशन सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अस्पताल परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य की रजत जयंती वर्ष में हम यह गर्व से कह सकते हैं कि आज छत्तीसगढ़ चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक पहल ने देशभर के लाखों जरूरतमंदों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार नवा रायपुर, अटल नगर में ‘मेडिसिटी’ विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करेगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर आज देश के नए मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त संस्थानों की स्थापना से आम लोगों को घर के पास ही विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा मिल रही है।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने “न्यूरो स्पाइन रिहैबिलिटेशन सेंटर” के प्रबंधन और समस्त चिकित्सकीय स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान न्यूरो और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के इलाज में विशेष योगदान देगा तथा जनसेवा के क्षेत्र में एक नया उदाहरण बनेगा।

  • राज्य में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना : दूरस्थ अंचल के लोगों को मिलेगी आवागमन की सुविधा, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने दी मंजूरी

    राज्य में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना : दूरस्थ अंचल के लोगों को मिलेगी आवागमन की सुविधा, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने दी मंजूरी

    गांव और शहर के बीच की दूरी होगी कम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर 30 अप्रैल 2025/ राज्य के ग्रामीण इलाकों विशेषकर रिमोट एरिया के लोगों को सुगम और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना ग्रामीण जनता को विकास की धारा से जोड़ने की एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना गांव और शहर के बीच की दूरी को कम करेगी और लोगों के जीवन को आसान बनाएगी।

    इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के चिन्हांकन के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।

    इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा।

          मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना के तहत पहले वर्ष में राज्य के लगभग 100 चिन्हित ग्रामीण मार्गों पर बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। राज्य सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए 25 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा है। इससे किसान, मजदूर, विद्यार्थी, छोटे व्यापारी व ग्रामीण नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालयों तक आवागमन की सुविधा प्राप्त होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक सुलभ पहुंच संभव होगी।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री श्री जायसवाल

    देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता

    स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के उत्कृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित

    रायपुर 30 अप्रैल 2025/ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज रायपुर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी उन्मूलन एवं एनक्यूएएस (NQAS) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शामिल हुए।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग, संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ भी पूरे समर्पण और संकल्प के साथ काम कर रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य को सर्वश्रेष्ठ ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य की 4103 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

    गौरतलब है कि निक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत राज्य में 36 लाख से अधिक हाई रिस्क व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, 4.5 लाख एक्स-रे जांच और 1.5 लाख टीबी जांच उच्च तकनीक NAT मशीनों से की गई। इन प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 17 हजार नए टीबी मरीजों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही 3130 नए नि-क्षय मित्रों का पंजीयन कर, 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया।

    इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य तय करना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देना है। टीबी के खिलाफ हमारी यह लड़ाई अब केवल अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सेवा है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि ‘नि-क्षय मित्र’ अभियान ने प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा और सभी स्वास्थ्यकर्मी इसे अपना व्यक्तिगत संकल्प मानें।

    सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों को पुरस्कृत किया गया। 350 से कम पंचायतों की श्रेणी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को पहला, कोरिया को दूसरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, 350 से अधिक पंचायतों की श्रेणी में जशपुर को प्रथम, सरगुजा को द्वितीय और रायगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

    नि-क्षय मित्र पहल श्रेणी में गरियाबंद को प्रथम और रायपुर को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उच्च वरीयता वाले जिलों के अंतर्गत नारायणपुर को प्रथम और कोंडागांव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि निम्न वरीयता वाले जिलों में कांकेर को पहला और मुंगेली को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।

    राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण (NQAS) श्रेणी में रायपुर को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय और दुर्ग को तृतीय पुरस्कार मिला।

    इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई, विभागीय अधिकारीगण, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे।

  • विशेष लेख : अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा, श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयास

    विशेष लेख : अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा, श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयास

    (1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष)

    छगन लोन्हारे, उप संचालक (जनसंपर्क)

    रायपुर, 30 अप्रैल 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं।

    प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। प्रदेश के श्रम मंत्री श्री देवांगन का कहना है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 255 करोड़ 31 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

    मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में, द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

    श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत अटल श्रम सशक्तिकरण योजना के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 125 करोड़ 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वर्ष 2025-26 में पंजीकृत 2 लाख 26 हजार संगठित श्रमिकों के लिए राज्य शासन के अनुदान हेतु 6 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना प्रदेश के सभी जिलों में प्रारंभ करने की घोषणा की गई है, जिसके परिपालन में इस वर्ष 13 जिलों में 31 भोजन केंद्र प्रारंभ किए जा चुके हैं। जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों एवं निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर मोबाईल कैम्प लगाए जाने की पहल विभाग द्वारा की गई है। अब तक 4 हजार 705 मोबाईल कैम्प लगाए जा चुके हैं।

    औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 6 करोड़ 24 लाख 25 हजार रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 64 करोड़ 18 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।

  • विष्णु का सुशासन कल्याणकारी, हर वर्ग के लिए कार्य कर रही सरकार : अरुण साव

    विष्णु का सुशासन कल्याणकारी, हर वर्ग के लिए कार्य कर रही सरकार : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने 1.49 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन, विकास कार्यों के लिए 50 लाख देने की घोषणा की

    सामूहिक विवाह में भी हुए शामिल, 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

    रायपुर. 30 अप्रैल 2025. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव राजनांदगांव के घुमका में विकास कार्यों के भूमिपूजन और मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने घुमका नगर पंचायत में एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में घुमका में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इनमें विद्युतीकरण के लिए नौ लाख 85 हजार रुपए, सड़क में बोर्ड लगाने के लिए नौ लाख 83 हजार रुपए तथा तीन द्वारों के लिए दस-दस लाख रुपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा घुमका में आयोजित सामूहिक विवाह में 20 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। श्री साव ने सभी जोड़ों को आशीष प्रदान करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दीं। सांसद श्री संतोष पाण्डेय और विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल भी दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुईं।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत यहां 20 जोड़ों का विवाह हो रहा है, 40 परिवारों में खुशियां आ रही हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है, सामूहिक विवाह के साथ ही एक करोड़ 49 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार हर व्यक्ति के विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य और केंद्र सरकार हर परिवार के आवास और इलाज की व्यवस्था के साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से बेटे-बेटियों के विवाह की चिंता भी दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन कल्याणकारी है।

    सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है, सामूहिक विवाह में 20 दम्पति परिणय सूत्र में बंधे हैं, उनके जीवन में कृपा और समृद्धि आए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव घुमका नगर पंचायत की सोच के अनुरूप सुंदर शहर की परिकल्पना से समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल ने भी सभी नवदम्पत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इससे गरीब एवं जरूरतमंदों को मदद मिल रही है। राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव और समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

  • छत्तीसगढ़ पावर कंपनी से 9 अनुभवी अधिकारी सेवानिवृत्त, पॉवर ट्रांसमिशन में लगे अनुभवी स्तंभों की सेवानिवृत्ति, अनुभव की पूंजी से हुई विदाई, मनोठिया ने जताई चिंता.

    छत्तीसगढ़ पावर कंपनी से 9 अनुभवी अधिकारी सेवानिवृत्त, पॉवर ट्रांसमिशन में लगे अनुभवी स्तंभों की सेवानिवृत्ति, अनुभव की पूंजी से हुई विदाई, मनोठिया ने जताई चिंता.

    रायपुर. 30 अप्रैल 2025 : छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्यालय में आज नौ अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने पर सम्मानित किया गया। इनमें से कई कर्मियों ने 37 से 41 वर्षों तक बिजली विभाग में सेवा दी। कार्यपालक निदेशक के.एस. मनोठिया ने उनके अनुभव को ‘अनमोल पूंजी’ बताते हुए कहा कि इनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

    छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी मुख्यालय में आज 9 अधिकारियों-कर्मचारियों को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्ति व विदाई दी गई। मुख्य कार्यक्रम में कार्यपालक निेदशक श्री के.एस.मनोठिया ने कहा कि 37 से लेकर 41 वर्षों तक सेवा करने वाले बिजली कर्मियों के पास बहुमूल्य अनुभव की पूंजी है। उनकी विदाई से अनुभवी कर्मियों की कमी खलेगी।

    आज सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों में श्री दिलीप कुमार सैनी, अधीक्षण अभियंता, उपकेन्द्र जगदलपुर, श्री दिलीप कुमार अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी, रायपुर, श्री मनोज कुमार वर्मा, अनुभाग अधिकारी, रायपुर, श्री के.सन्यासी राव, निज सचिव, रायपुर श्री जवाहर लाल पंद्रे, राजनांदगांव, श्री मोहम्मद शफीक, भिलाई तथा अमृतलाल मन्नेवार, रायगढ़, पर्यवेक्षकगण, श्री यदुनंदन प्रसाद वर्मा, भिलाई तथा सुखराम कौशिक, बिलासपुर लाइन सहायक श्रेणी-दो सेवानिवृत्त हुए।

    एक अन्य कार्यक्रम में मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों श्री दिलीप कुमार अग्रवाल तथा मनोज वर्मा का अभिनंदन मुख्य अभियंता (एच.आर.- ट्रांसमिशन) श्री ए.एम.परियल तथा अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद अग्रवाल ने किया।

  • विशेष लेख : सुरक्षा और रोजगार की गारंटी के साथ बढ़ा महिला श्रमिकों का सम्मान, छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से आ रहे बदलाव

    विशेष लेख : सुरक्षा और रोजगार की गारंटी के साथ बढ़ा महिला श्रमिकों का सम्मान, छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से आ रहे बदलाव

    डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर, सहायक संचालक (जनसंपर्क)

    रायपुर, 30 अप्रैल 2025/ हर वर्ष 1 मई को हम श्रमिक दिवस मनाते हैं। यह एक ऐसा दिन जो श्रमिकों के अथक परिश्रम, संघर्ष और योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध है, राज्य की आर्थिक प्रगति में महिला श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भी जाना जाता है।

    कृषि, खनन, वनों से प्राप्त उत्पादों और छोटे उद्योगों पर आधारित अर्थव्यवस्था वाले छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिलाएँ खेती-बाड़ी, तेंदूपत्ता संग्रहण और हस्तशिल्प निर्माण जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य, घरेलू सेवाएँ और छोटे व्यापारों में उनकी भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। महिला श्रमिकों की भागीदारी दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्रों में, फिर भी उनकी मेहनत को अब भी उचित मान्यता और पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। महिला श्रमिकों के सामने कई चुनौतियाँ हैं। जिनमें समान वेतन का अभाव, समान कार्य के बावजूद वेतन असमानता, खनन और निर्माण जैसे क्षेत्रों में असुरक्षित परिस्थितियाँ, प्रसूति लाभों और स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित पहुँच, कम पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के कारण सीमित अवसर, पारंपरिक सोच और घरेलू जिम्मेदारियाँ उनकी स्वतंत्रता को सीमित करती हैं।

    छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिसमें मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए विशेष सहायता दी जा रही है। नई श्रमिक नीति द्वारा  असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की गारंटी और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाया गया है। महिला शक्ति केंद्रों के विस्तार से प्रत्येक जिले में महिला शक्ति केंद्र स्थापित कर महिला श्रमिकों को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर महिला स्वावलंबन के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सखी वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए त्वरित सहायता और पुनर्वास की व्यवस्था। मनरेगा में महिलाओं के भागीदारी बढ़ाने रोजगार दिवसों में महिलाओं के न्यूनतम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल शामिल हैं।

    छत्तीसगढ़ में महिला श्रमिकों कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से मिनीमाता महतारी जतन योजना है, जो पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को प्रसूति सहायता प्रदान करती है।इस योजना के तहत बच्चे के जन्म के बाद पंजीकृत महिला श्रमिकों को 20 हजार की एकमुश्त राशि मिलती है। इसके अलावा राज्य सरकार विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम और सहायता योजनाएं भी चलाती है, जो महिला श्रमिकों को सशक्त बनाने में मदद करती हैं।

    मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु के बीच की पंजीकृत महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन के लिए सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण के लिए सहायता प्रदान करती है।छत्तीसगढ़ महिला कोष महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है, जिसमें वित्तीय सहायता प्रशिक्षण और अन्य संसाधन शामिल हैं।घरेलू महिला कामगार कौशल उन्नयन एवं ठेका श्रमिक, हमाल कामगार परिवार सशक्तिकरण योजना,घरेलू महिला श्रमिकों, ठेका श्रमिकों और हमाल श्रमिकों के कौशल विकास और परिवार को सशक्त बनाने के लिए योजना है। सक्षम योजना छत्तीसगढ़ महिला कोष के तहत संचालित एक योजना है जो विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को 1 हजार रूपए प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ सरकार महिला श्रमिकों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है, प्रशिक्षण के बाद उनके रोजगार का प्रबंध भी कर रही है, ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती मिल सके, सरकार माताओं-बहनों तक जनहितैषी योजनाओं के शत प्रतिशत लाभ की पहुंच भी सुनिश्चित कर रही है। जबकि स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय सरकार में प्रदेश के विकास में महिला श्रमिकों के योगदान को सम्मान मिला है।