वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का प्रेरक आलेख: 45 की उम्र में भी खेल का जुनून क्यों है असली जीत? वीनस विलियम्स के उदाहरण से बताया—खेल केवल करियर नहीं, जीवन भर का आनंद और अनुशासन

खेल जीवन में देती है आनंद की भरपूरी : टेनिस की महान महिला खिलाड़ी वीनस विलियम्स से प्रेरक प्रसंग आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार रायपुर : एक कहावत वर्षों से सुनने में आता है कि समय बड़ा बलवान। जी हां खिलाड़ियों की जिंदगी से यह बात बिलकुल सही साबित होती रही है। जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन के सफर में मनुष्य अनेक उतार-चढ़ाव दौर से गुजरता है। सबसे बड़ी बात व्यक्ति चाहे कृषक हो, राजनेता, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, चिकित्सक, कलाकार, उद्योगपति कुछ भी हो उम्र के…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस की कलम से फुटबॉल क्रांति का आह्वान: ‘Football for Schools’ के जरिए भारत में उभरती नई खेल चेतना का सशक्त विश्लेषण

खेल को जन जन तक पहुंचाने का अभिनव प्रयास : फीफा का फुटबाल फॉर स्कूल्स के अंतर्गत फुटबाल भेंट करना आलेख … जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार रायपुर : सारे संसार में आबादी की दृष्टि से फुटबॉल सर्वाधिक पसंदीदा खेल है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भले ही दुनिया के देशों की संख्या 193 मानी जाती है जिसमें वेटिकन सिटी और पलिश्तीन शामिल नहीं है। दूसरी तरफ खोजी लोगों के अनुसार विश्व में देशों की संख्या करीब 237 हो गई है। फुटबाल के अधिकृत प्रचार-प्रसार, संरक्षण, प्रतियोगिता कराने के लिए…

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छत्तीसगढ़ मे आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान

(मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिवस पर विशेष) छगन लाल लोन्हारे (उप संचालक जनसंपर्क ) रायपुर : छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है। श्री विष्णुदेव साय जनता के बीच…

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25 साल बाद खेलों पर बड़ा मंथन: वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने खेल बजट 2026-27 के लिए रखा ठोस विजन, हर ब्लॉक में कोच नियुक्ति की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश के खेल बजट 2026-27 के लिए सुझाव कोच और व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति की जाए अनिवार्य (आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार) रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास किया है। इस छोटे से प्रदेश में खेलकूद की गतिविधि बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में हाकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स, फुटबाल, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, टेनिस, बैडमिंटन, कबड्डी, बास्केटबाल मलखंब आदि खेलों में खेल मैदान और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हुई है। शुरुआती दौर में खेलकूद हेतु आवश्यक धन…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस की कलम से उभरी छत्तीसगढ़ की खेल शक्ति: ज्ञानेश्वरी यादव की स्वर्णिम उड़ान और ओलंपिक सपने का जीवंत दस्तावेज

राष्ट्रीय भारोत्तोलन स्पर्धा-2026 : ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता स्वर्ण पदक, ओलंपिक में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा पदक जीतने के करीब रायपुर : समूह खेल और एकल खेल में सफलता या असफलता का अर्थ एक ही होता है। जहां तक श्रेय लेने की बात आती है तो एकल खेल में भाग लेने वाले प्रतिभागी की उपलब्धि के लिए उसकी मेहनत, परिश्रम, अनुशासन, त्याग, पक्का इरादा जिम्मेदार होता है जबकि समूह खेल में मिली सफलता के लिए टीम के सभी प्रतिभागियों का सामूहिक प्रदर्शन इसके लिए शाबासी प्राप्त करता है। आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लाडियस की विशेष टिप्पणी: ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में निडरता और साहस ही विजेता बनाते हैं, अल्काराज और रायबाकिना की जीत से मिली प्रेरणा

निडर होकर करें विपक्षी का सामना : आस्ट्रेलियन ओपन 2026, महिला वर्ग में एलेना रायबाकिना, पुरुष वर्ग में कार्लोस अल्काराज विजेता रायपुर : भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे लोकप्रिय खेल के सामने अन्य खेल और उनके कुछ खिलाडिय़ों की उपलब्धि गुमनामी में खो गई है। इनमें से एक है आस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस के मुकाबले। इसमें सबकी नजरें पुरुष वर्ग के विजेता की ओर लगी रही। इसकी वजह थी सर्बिया के नोवाक जोकाविच जैसे टेनिस के महान पुरुष खिलाड़ी इस बार कैसे खेलेंगे? क्या वे 2026 के पहले ग्रेंडस्लेम टाइटिल पर कब्जा…

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खेलो इंडिया से ओलंपिक सपने तक: जसवंत क्लाडियस का विश्लेषण—2615.90 करोड़ के खेल बजट से भारत विश्व खेल मंच पर मजबूत दावेदार

जारी है भारत को विश्व खेल मंच में स्थापित करने की कोशिश : 2026-27 में खेल गतिविधि हेतु केंद्र सरकार द्वारा 2615.90 रु. आबंटित रायपुर : खेलकूद का जीवन में महत्व को आधुनिक युग में अधिक करीब से समझा जा रहा है। इसके लिए देश-विदेश में लगातार कोशिश की जा रही है जबकि मनुष्य अपनी जिंदगी में लंबे समय तक निरोग और फिट रह सके। भारत में आज करीब 145 करोड़ की आबादी में से 18 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या लगभग 28 से 38 करोड़ तक हो…

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महात्मा गांधी और खेलकूद : शरीर, मन और समाज के संतुलन का दर्शन, खेल व्यक्तिगत प्रसिद्धि नहीं, सामूहिक भाईचारे का प्रतीक हो” — महात्मा गांधी.

महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) में खेलकूद पर उनके विचार : खेल व्यक्तिगत प्रसिद्धि नहीं, सामूहिक भाईचारे का प्रतीक हो – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी. रायपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायक ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और सादगी के प्रतीक थे। खेलकूद और व्यायाम को लेकर उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे। गांधी जी खेल को व्यक्तिगत प्रसिद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और सामूहिक भाईचारे का माध्यम मानते थे।…

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विशेष लेख : क्या खेल से ईश्वर की अनुभूति संभव है? स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी क्यों प्रासंगिक हैं

12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जन्म तिथि पर विशेष लेख खेल आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक दृढ़ता के लिए जरूरी इस जगत  के  सभी  मनुष्यों ने जीवन में खेल के महत्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। खेलकूद का अंत जय या पराजय होता है। लेकिन उसका प्रभाव जीवन में गहरा होता है। खिलाड़ी मैदान में प्रतिद्वदी से भिड़ने के लिए उतरता है तो सबसे पहले वह ईश्वर से संघर्ष  करने  की कौशलता और मुकाबला करने में सक्षम होने की प्रार्थना करता है। बाद में तकनीक और रणनीति के बदलाव…

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विशेष लेख : खेलकूद, अनुशासन और राष्ट्रभावना का संगम ; लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-दर्शन में स्वस्थ भारत की परिकल्पना

11 जनवरी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि : खेलकूद के प्रति शास्त्री जी का दृष्टिकोण मेरे विचार से खेलकूद और मनुष्य का जीवन एक सिक्के के दो पहलू हैं। इस संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति समाज के किसी ना किसी क्षेत्र से जुड़ा होता है। वह वैज्ञानिक, चिकित्सक, लेखक, विचारक, कृषक, प्रशासक या नेतृत्वकर्ता हो सकता है लेकिन खेलकूद का उसके मन मस्तिष्क में महत्व होता है। हमारे देश के प्रधानमंत्रियों में भी खेल के प्रति लगाव पाया जाता है। भारत के पूर्व…

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