ओडिशा बॉर्डर से अवैध धान तस्करी पर प्रशासन–पुलिस की संयुक्त सख्ती,
तमनार पुलिस ने कार्रवाई में 40 बोरी अवैध धान किया जब्त.
रायगढ़ :रायगढ़ जिले में ओडिशा सीमा से हो रही अवैध धान तस्करी पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई तेज हो गई है। कलेक्टर मयंक चर्तुवेदी और एसपी दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में टीमों ने तस्करी के रास्तों को बंद कराया और तमनार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 40 बोरी अवैध धान जब्त किया।
कलेक्टर श्री मयंक चर्तुवेदी सर और पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल सर के मार्गदर्शन में प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ओडिशा सीमा से होने वाली अवैध धान की आवक पर सतत कार्रवाई कर रही है। बॉर्डर से लगे गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को अवैध तस्करी के प्रयासों पर सतर्क रहने और किसी भी सूचना को तुरंत साझा करने की अपील की गई है। इसी क्रम में स्थानीय प्रशासन और तमनार पुलिस ने उड़ीसा बॉर्डर स्थित ग्राम हमीरपुर और बिजना के आसपास चार स्थानों पर जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाकर उन रास्तों को बंद किया, जिनका उपयोग चोरी–छिपे धान तस्करी के लिए किया जा सकता था।
उधर, तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कल धौराभांठा मेन रोड पर पिकअप वाहन क्रमांक CG 13 UF 1071 को रोक कर जांच की, जिसमें ओडिशा से अवैध रूप से लाया गया 40 बोरियों धान बरामद किया गया। प्रकरण में वाहन चालक नवीन सिदार (25 वर्ष), निवासी ग्राम बिजना के खिलाफ धारा 106 बीएनएसएस (BNSS) के तहत कार्रवाई करते हुए धान सहित पिक-अप वाहन को जब्त कर लिया गया। वहीं वाहन मालिक किरन सिदार (28 वर्ष), निवासी बिजना तथा चालक नवीन सिदार पर पृथक से धारा 126 और 135(3) बीएनएसएस (BNSS) के अंतर्गत इस्तगासा पंजीबद्ध किया गया है। अवैध धान की आवक रोकने तमनार पुलिस की सतत निगरानी जारी है।
रायपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार की मेजबानी में डीजी कॉन्फ्रेंस चल रहा है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सभी इसमें शामिल होंगे। जो छत्तीसगढ़ इसकी मेजबानी कर रहा वहां की छत्तीसगढ़ सरकार 6 महीने स्थाई डीजी की नियुक्ति नहीं कर पाई है। छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था बदहाल हो गई है। सरकार खुद मान रही राज्य में पाकिस्तान से ड्रग आ रहा, बंगलादेश, पाकिस्तानी घुसपैठिए राज्य में आ गए है। छत्तीसगढ़ अपराध, हत्या, बलात्कार, चाकूबाजी का गढ़ बन गया है। राज्य में एसपी, कलेक्टर कार्यालय जला दिए जाते है। हमारी मांग है कि डिजी कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराधों के बारे में भी चर्चा करें।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के कुशासन में छत्तीसगढ़ नशे का गढ़ बन गया है, यह देश को क्या मैसेज देना चाहते हैं पड़ोसी देशों से अडानी पोर्ट होकर आने वाला सूखा नशा किस तरह से छत्तीसगढ़ के गांव, गली, मोहल्ले तक सत्ता के संरक्षण में फैल रहा है? सरकार की आक्रमान्यता से छत्तीसगढ़ अवैध नशे का कारण बन चुका है, शराब, गांजा, अफीम, चरस, स्मैक, प्रतिबंधित दवाओं सहित अवैध नशे के अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सक्रिय हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की भाजपा की सरकार आने के बाद से छत्तीसग़ढ में जंगल राज कायम हो गया है, बीते 2 साल में गोलीबारी की दर्जनों घटना हो गयी, गैंगवॉर हो रहे हैं, राज्य में मासूम बच्चियां महिलाएं सुरक्षित नहीं है। हर दिन बलात्कार और हर दूसरे दिन 3 सामूहिक दुराचार की घटनाएं हो रही है। राजधानी चाकू पुर बन गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की बढ़ती अपराधिक घटनाओं को दृष्टांत मानकर डीजी कांन्फ्रेस में इस पर विमर्श होना चाहिये। छत्तीसगढ़ डीजीपी कांन्फ्रेस का मेजबान राज्य है अतः यहां की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था पर मंथन इस कांन्फ्रेस में होना ही चाहिये।
मेडिसिन विभाग के अंतर्गत नेफ़्रोलॉजी विभाग क्यों बनाया जा रहा है?
डीकेएस में नेफ़्रोलॉजी विभाग है ही तो यहां ज़रुरत क्यों?
किसके दबाव में हैं स्वास्थ्यमंत्री जायसवाल जी?
रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने डी के एस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में चल रहे नेफ्रोलॉजी विभाग के समानांतर पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में मेडिसिन विभाग के अंतर्गत पृथक नेफ्रोलॉजी विभाग के गठन की प्रक्रिया को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से प्रश्न किया है कि यह विभाग बगैर स्वीकृति के किसके कहने से और किसे उपकृत करने के लिए खोला जा रहा है? उन्होंने पूछा है कि इस प्रकार की समानांतर व्यवस्था का औचित्य क्या है?
डॉ. गुप्ता ने पिछले सप्ताह मेडिकल कॉलेज रायपुर की कॉलेज काउंसिल की मीटिंग में अलग से नेफ्रोलॉजी विभाग का गठन करते हुए डायलिसिस मशीन टेक्निशियन और जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति किए जाने पर रोष और आश्चर्य प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक रसूख रखने वालों को उपकृत करने के लिए व्यवस्था के साथ ऐसी छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में प्राध्यापक नेफ्रोलॉजी का पद स्वीकृत नहीं है फिर भी वहां विभाग खोला जा रहा है। उन्होंने कहा है कि मेडिकल कॉलेज में इस तरह से विभाग खोलने पर डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुचारू रूप से संचालित नेफ्रोलॉजी विभाग के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लग जाएगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा है कि नेफ्रोलॉजी से संबंधित टेक्नीशियन डायलिसिस मशीन और अन्य उपकरण न होने के बावजूद बिना शासन की अनुमति और स्वीकृति के अधिष्ठाता द्वारा प्रयास किया जाना गलत परंपरा को जन्म देगा इसके गंभीर परिणाम होंगे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से मांग की गई है कि इस तरह की समानांतर व्यवस्था खड़ी करने की जगह इस आदेश और प्रक्रिया को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
पुलिस लाइन में एसपी ने ली परेड की सलामी, जनरल परेड और वार्षिक चांदमारी में जवानों ने दिखाया अनुशासन.
रायगढ :रायगढ़ पुलिस लाइन में 28 नवंबर 2025 को आयोजित जनरल परेड में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने परेड की सलामी लेते हुए पुलिस बल के अनुशासन और तत्परता की सराहना की। परेड के बाद अधिकारी एवं जवान वार्षिक चांदमारी के लिए फायरिंग रेंज पहुंचे, जहां प्रशिक्षण व अभ्यास का प्रदर्शन किया गया।
दिनांक 28 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल ने पुलिस लाइन रायगढ़ में आयोजित जनरल परेड में परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया, जिसमें शहरी और देहात थानों के पुलिस बल के साथ रक्षित केंद्र के अधिकारी तथा जवान निर्धारित शीतकालीन वेशभूषा में अनुशासन के साथ उपस्थित रहे। निर्धारित क्रम में हुए मार्च पास्ट के पश्चात पुलिस अधीक्षक ने परेड में सम्मिलित कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और आवश्यक निर्देश दिए।
परेड पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल श्री अनिल विश्वकर्मा और डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह मौजूद रहे। रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने परेड कमांड संभाला। परेड समाप्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारी और जवान वार्षिक चांदमारी के लिए फायरिंग रेंज पहुंचे और तय कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण एवं अभ्यास में हिस्सा लिया।
रायपुर : प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार के अडानी परस्त नीतियों से हसदेव अरण्य के घने जंगलों पर संकट उत्पन्न हो गया है। मोदी के मित्र अडानी के मुनाफे के लिए सरगुजा रेंज के केते एक्सटेंशन के खुदाई करने गौतम अडानी को देने के लिए इस सरकार ने अनुमति दी है। अब रामगढ़ की पहाड़ियां, प्राचीन नाट्यशाला, सीता गुफा, जानकी रसोई, प्रभु श्री राम के वन गमन पथ की पुण्य स्मृतियों को अडानी के आर्थिक लाभ के लिए संकट में डाला जा रहा है। क्योंकि यह क्षेत्र जहां पर अनुमति दी जा रही उससे मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर है। छत्तीसगढ़ सरकार ने केते एक्सटेंशन ओपन कास्ट कोल माइनिंग और पिट हेड कोल वॉशरी परियोजना के लिए 1742.60 हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वन उपयोग में बदलने की सिफारिश कर दी है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास भेजा गया है। केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 5 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो जाएगा। यह वही इलाका है जिसे सेंट्रल इंडिया का “लंग्स ज़ोन“ कहा जाता है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि हसदेव अरण्य का यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची का भाग है, जहां नए खदान स्थापित करने का लगातार विरोध स्थानीय आदिवासियों के द्वारा किया जा रहा है। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को कुचल रही है। हरैया, फतेहपुर, साल्ही, हर्रई सहित कई गांवों के आदिवासी समुदाय लगातार आंदोलित हैं, अति महत्वपूर्ण जैव विविधता संपन्न क्षेत्र में खनन से जंगल, जल स्रोत और उनकी परंपरागत आजीविका पर गहरा असर होगा। हाथियों और अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा, इस मुद्दे पर महीनों से आंदोलन चल रहा है, कई ग्राम सभाओं ने इसका विरोध किया, लेकिन इस सरकार में किसी की सुनवाई नहीं है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा कोल ब्लॉक सहित पांच कोल ब्लॉकों के आवंटन को निरस्त करने के लिए विधानसभा में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था, मोदी सरकार ने निरस्त नहीं किया, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की विष्णु देव सरकार की दुर्भावना से फिर इस जंगल को काटने का खेल हो रहा।
गिरदावरी का बहाना बताकर सरकार 21 क्विंटल खरीदी नहीं कर रही
रायपुर : प्रदेश में धान खरीदी चल रही है, छत्तीसगढ़ में किसानो की आय का सबसे बड़ा जरिया धान की खेती है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी को लेकर सरकार की नीयत में खोट दिख रहा है। न समय पर किसानों को टोकन मिल रहा है और न ही पूरे रकबे के हिसाब से तौलाई हो रही है, गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट का हवाला देकर कम धान खरीदा जा रहा है। सरकार घोषित नीति प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से खरीदी नहीं कर रही किसी भी सोसायटी में 16 से लेकर 19 क्विंटल से अधिक की खरीदी नहीं हो रही। धान बेचने के लिए किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा। बहुत से किसानों का आज भी धान बेचने के लिए एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पाया है वे भटक रहे। डबल इंजन की सरकार किसानों का पूरा धान 3100 रु. के भाव से नहीं खरीदना चाहती इसलिए जानबूझकर परेशानी पैदा की जा रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि किसानों कापूरा धान तैयार है, लेकिन रिकार्ड में जमीनकम दिखाने से किसान अपना पुरा धान बेच नहीं पा रहे हैं, सरकार और प्रशासन की गलतीसे सीधा नुकसान किसानों को हो रहा है। तहसील ऑफिस, राजस्व कार्यालय, जिला कलेक्टर से लेकरमंत्री विधायकों तक किसान लगातार शिकायत कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हैइस सरकार में समाधान के लिए कोई समय सीमा निश्चित नहीं की गई है त्रुटिपूर्ण गिरदावली मोहल्ला पर वही नहीं बल्कि किसानों के अधिकार से खिलवाड़ हैगिरदावाली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए लेकिन इससरकार में कहीं दिख नहीं रहा है। प्रशासन के रवैए से स्पष्ट है कि यह सरकारकिसानों से पुरा धान नहीं खरीदना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एकीकृत किसान पोर्टल और एग्री स्टेक पोर्टल का मिलान करने पर कई किसान गायब मिल रहे हैं, धान के फसल के 5 लाख हेक्टेयर रकबा का पंजीयन कम हुआ है, इसमें से भी डिजिटल कॉर्प सर्वे में खेत के फसल को निरंक बताया गया है, अर्थात जिन किसानों ने अपने खेत में धान का फसल बोया गया है, उनके भी फसल के कॉलम में निरंक दर्ज कर दिया गया है जिससे किसान धान बेचने से वंचित हो रहे हैं। किसानों के खेतों के रकबा में कटौती किसानों की आम समस्या बन गया है।
भाजपाई नेता, मंत्री अपनी काली कमाई सफेद करने गाइडलाइन की दर बढ़ा दिये
कांग्रेस इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी
रायपुर : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गयी, बेतहाशा बढ़ोतरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है। इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा। गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना टूटा है। किसान खेती जमीन खरीद नहीं पाएगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पायेगा। भवन निर्माण कार्य बंद होगा, जिसका असर सीमेंट, स्टील, रेती, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान, फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी। भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे। सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। रायपुर शहर के आसपास ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु. रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा? तिनका तिनका जोड़कर और कर्ज लेकर जमीन खरीदने वालों को जमीन के साथ रजिस्ट्री के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा, फिर मकान बनाने पैसा कहाँ से इंतजाम करेगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह निर्णय किसान विरोधी है इस निर्णय से किसान की जमीन नहीं बिकेगी, मान लो उसने जमीन बेच दिया जरूरत के खर्च के बाद जब वह दूसरी जमीन खरीदना चाहेगा तो उसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी पटाना पड़ेगा। किसान न जमीन बेच पायेगा न खरीद पायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों की भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीनों की खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई की सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दिया, ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटा कर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाय। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे अपनी काली कमाई को सफेद करने का खेल हुआ है। सत्ता में बैठे किस नेता ने दामा खेड़ा के आगे बेमेतरा जिले 300 एकड़ जमीन लिया है, किसने नवा रायपुर के आगे गांव में 275 एकड़ जमीन खरीदा है, यह प्रदेश का बच्चा जानता है। इस पूरी खरीदी की जांच हो जाय तो जमीनों के गाइड लाइन दर बढ़ने की हकीकत सामने आ जाएगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGsP/IGsP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है
अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा
हमने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा के घेरे को मजबूत बनाया है, इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या जो 126 थी, वो घटकर 11 रह गई है
पिछले 40 साल से देश के लिए नासूर बनें 3 हॉटस्पॉट नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर की समस्या के निराकरण का मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है, जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे
हमने NIA, UAPA कानूनों को सुदृढ़ बनाने, तीन नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए हैं
तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूर्णतः लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक होगी
हमने PFI पर बैन लगाकर देशभर में उनके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की, जो केंद्र – राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण बनी
Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy इन तीन बिंदुओं पर काम करके हम कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं
हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है कि इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच भी जमीन न मिल पाए
अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस NCB के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले
रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट – नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर – की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक बन जाएगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद पर मोदी सरकार की कार्रवाई का जिक्र कहते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया (PFI) पर बैन लगाने के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की गईं, जो केंद्र – राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy के तीन बिंदुओं पर काम कर कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने दोहराया कि हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है जिससे इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच जमीन भी न मिल पाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले।
त्रुटि सुधार न करने पर 2742 समितियों के पंजीयन आवेदन निरस्त
सुंदर विहार कॉलोनी दुर्ग का पंजीयन रद्द
पंजीयन निरस्तीकरण के लिए 15 अन्य समितियां को नोटिस
वार्षिक विवरणी न देने वाली समितियों पर भी कार्रवाई
रायपुर : रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।
इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।
इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी।
रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श
मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।