विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति-पत्र/पारितोषिक प्रदान कर किया गया सम्मानित.
रायगढ़ :6वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उर्दना, रायगढ़ में मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों के बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सफलता के मंत्र भी दिए गए, जिससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा।
6वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उर्दना रायगढ़ में दिनांक 01 जून 2026 को सेनानी श्रीमती निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में वाहिनी के अधिकारी क्रमशः उप सेनानी श्रीमती वर्षा मिश्रा, उप सेनानी श्री अनिल विश्वकर्मा, सहायक सेनानी श्री ब्रजेश तिवारी, सहायक सेनानी श्री सुरेश लकड़ा, सहायक सेनानी श्री एरमन खलखो एवं समस्त स्टॉफ के साथ-साथ वाहिनी के अधिकारी/कर्मचारी जिनके बच्चे हाईस्कूल एवं हायर सेंकेण्डरी में उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर उल्लेखनीय सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य एवं कैरियर निर्माण सह सम्मान के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन कराया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों, पुलिस सेवा, प्रशासनिक सेवाओं तथा अन्य रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वाहिनी के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को उनकी रूचि एवं योग्यता के अनुरूप कैरियर चयन हेतु मार्गदर्शन दिया गया तथा सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारी, समय प्रबंधन एवं अध्ययन रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला गया।
हाईस्कूल में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले एपीसी श्री नीलमणी प्रधान की पुत्री कु. तमन्ना प्रधान (91%), आरक्षक श्री राजबल निराला का पुत्र गौरव निराला (87.66%), प्रधान आरक्षक श्री छोटेलाल सूर्यवंशी की पुत्री कु. तमन्ना सुर्यवंशी (87%), आरक्षक श्री समीर सिदार का पुत्र साहिल सिदार (80%) एवं हायर सेकेण्डरी में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रधान आरक्षक श्री मंजीत यादव का पुत्र अभिषेक यादव (93%), ट्रेड आरक्षक श्री ज्ञानसिंह कंवर की पुत्री कु. छाया कंवर (89.60%) को पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने भी सहभागिता कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति-पत्र/पारितोषिक प्रदाय करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी गई।
मोबाइल, एलसीडी टीवी, इंडक्शन और पंखा चोरी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार, दोनों आरोपियों को चोरी और चोरी की संपत्ति खरीदने के अपराध में गिरफ्तार कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.
चोरी का मोबाइल खरीदने वाला आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में, लाखों रुपये का सामान बरामद.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश — “चोरी और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त दोनों अपराध हैं, ऐसे मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है.”
रायगढ़ :रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” को एक और बड़ी सफलता मिली है। घरघोड़ा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल दुकान में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चोरी का सामान खरीदने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान एलसीडी टीवी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत घरघोड़ा पुलिस ने धरमजयगढ़ रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल दुकान में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चोरी के एलसीडी टीवी, इंडक्शन एवं मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मामले की शुरुआत 22 सितंबर 2025 को हुई थी, जब वार्ड क्रमांक-15 घरघोड़ा निवासी अमन गुप्ता ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी दुकान “गोल्डी फर्नीचर इलेक्ट्रॉनिक एंड मोबाइल” से 20-21 सितंबर 2025 की रात के दौरान मोबाइल फोन, एलसीडी टीवी, इंडक्शन एवं पंखे चोरी हो गए हैं। रिपोर्टकर्ता ने बताया कि दुकान का सामान कम दिखाई देने पर उसने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें रामायण दास महंत उर्फ बर्रा नामक व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिया। आरोपी दुकान में ग्राहक बनकर आता था और मौका मिलते ही सामान बाहर निकालकर चोरी कर ले जाता था। रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 255/2025 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी घरघोड़ा क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी रामायण दास महंत उर्फ बर्रा (45 वर्ष), निवासी बर्रा, थाना खरसिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने सितंबर 2025 में दुकान से दो एलसीडी टीवी, एक ओप्पो मोबाइल फोन, दो इंडक्शन और दो सीलिंग पंखों की चोरी करना स्वीकार किया।
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से दो एलसीडी टीवी एवं दो इंडक्शन कुल लगभग 36 हजार रुपये मूल्य का सामान बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी का मोबाइल घरघोड़ा निवासी मोहम्मद मुजाहिद खान उर्फ राजू खान को बेचने की जानकारी दी। पुलिस ने राजू खान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके कब्जे से चोरी का ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी रामायण दास महंत ने अपने मालिक द्वारा सौंपी गई संपत्ति का दुरुपयोग करते हुए चोरी की थी तथा दूसरे आरोपी द्वारा चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में रखी गई थी। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर धारा 306 एवं 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।
पुलिस ने आरोपी रामायण दास महंत उर्फ बर्रा एवं मोहम्मद मुजाहिद खान उर्फ राजू खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पूरे मामले के त्वरित खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और आरक्षक उधोराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
गिरफ्तार आरोपी –
(1) रामायण दास महंत उर्फ बर्रा पिता लोधीदास महंत उम्र 45 वर्ष सा. बर्रा, थाना खरसिया जिला रायगढ,
(2) मोह. मुजाहिद खान उर्फ राजु खान पिता कासीम खान उम्र 35 साल सा. वार्ड नं. 02 ब्लाक कालोनी घरघोड़ा जिला रायगढ छ.ग.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “चोरी केवल संपत्ति का नुकसान नहीं, बल्कि किसी की मेहनत और विश्वास पर भी चोट है। चोरी करने वाले और चोरी के माल को खरीदकर अपराध को बढ़ावा देने वाले दोनों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।”
49 आपराधिक मामलों में संलिप्त बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही.
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर आदेश जारी.
रायपुर :रायपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 49 आपराधिक मामलों में संलिप्त कुख्यात बदमाश आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को जिला बदर कर दिया है। हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में आरोपी की संलिप्तता को देखते हुए उसे छह जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आम नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायपुर श्री गौरव सिंह ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रायपुर श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अनुशंसा पर आदतन अपराधी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आदेश पारित किया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दिनांक 26 मई 2026 को पारित आदेश के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर पिता धारू राव भाण्डूलकर उम्र 39 साल निवासी मैडम चौक के पास गोबरानवापारा थाना गोबरानवापारा जिला रायपुर को आदेश की तिथि से 07 दिवस के भीतर, अर्थात् 01 जून 2026 तक रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद एवं बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही आदेशानुसार उक्त बदमाश को आगामी 06 माह की अवधि, अर्थात् 25 नवंबर 2026 तक उक्त जिलों की सीमाओं में बिना सक्षम न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
49 आपराधिक प्रकरण दर्ज –
आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के विरुद्ध विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, सदोष अवरोध, एनडीपीएस एक्ट, जुआ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न प्रतिबंधात्मक धाराओं के अंतर्गत कुल 49 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से कार्यवाही –
पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं आरोपी की निरंतर आपराधिक गतिविधियों के मूल्यांकन के पश्चात जिला प्रशासन ने यह पाया कि उसकी उपस्थिति से क्षेत्र में शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है तथा आमजन में भय एवं असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा है।
इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के प्रावधानों के तहत आरोपी के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
Jeevansathi.com के माध्यम से संपर्क कर महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर लाखों रुपये के जेवरात चोरी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार.
खम्हारडीह निवासी प्रार्थिया को बनाये थे अपना शिकार, खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर प्रार्थिया को खिलाकर किया था बेहोश.
सुश्री मानसी नानाभाउ साकोरे (प्रशिक्षु भा.पु.से.) थाना प्रभारी खम्हारडीह के नेतृत्व में टीम द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु दो राज्यों में दी गई थी दबिश.
प्रकरण का मुख्य आरोपी है अभिनव सिंग, आरोपी अभिनव सिंग फर्जी आधार व पेन कार्ड बनाकर करता था उपयोग.
प्रार्थिया द्वारा पहने एवं आलमारी में रखें सोने एवं चांदी के जेवरातों को ले गये थे चोरी कर.
आरोपी अभिनव सिंग विगत 01 माह में Jeevansathi.com के माध्यम से ऑनलाईन लगभग 100 महिलाओं से किया है संपर्क, जिसके संबंध में की जा रहीं है जांच.
आरोपी द्वारा विभिन्न राज्यों में इस प्रकार की लगभग आधा दर्जन घटनाओं को बताया गया है अंजाम देना.
आरोपी अभिनव सिंग पूर्व में धोखाधड़ी/चोरी तथा वाहन चोरी के प्रकरणों में रह चुका है जेल निरूद्ध.
आरोपियों के कब्जे से नगदी रकम 57,000/- रूपये, 02 तोला सोने का जेवरात, 01 नग चांदी का ब्रेसलेट तथा 05 नग मोबाईल फोन जुमला कीमत लगभग 4,21,500/- रूपये किया गया है जप्त.
आरोपियों के विरूद्ध थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 159/26, धारा 305(ए), 318(4) बीएनएस में किया है अपराध पंजीबद्ध.
गिरफ्तार आरोपियों से प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों के संबंध में की जा रही है विस्तृत पूछताछ.
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस आमजन से अपील करती है, यदि किसी महिला के साथ इस प्रकार की घटना घटित हुई हो तो वह पुलिस कन्ट्रोल रूम रायपुर के मोबाईल नंबर 94791-91099 में कर सकते है संपर्क.
रायपुर :ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट पर शुरू हुई दोस्ती एक खौफनाक साजिश में बदल गई। Jeevansathi.com के जरिए महिलाओं को निशाना बनाकर नशीला पदार्थ खिलाने और लाखों रुपये के जेवरात चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में दो आरोपियों को दिल्ली और उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी ने एक महीने में करीब 100 महिलाओं से संपर्क किया था, जिससे कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
खम्हारडीह निवासी प्रार्थिया ने थाना खम्हारडीह में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि लगभग चार माह पूर्व उसकी पहचान Jeevansathi.com के माध्यम से ऑनलाईन अभिनव सिंह नामक व्यक्ति से हुई थी। दोनों के बीच नियमित रूप से मोबाइल फोन पर बातचीत होती थी। दिनांक 15 मई 2026 को अभिनव सिंह ने प्रार्थिया को फोन कर उसके जन्मदिन की पार्टी के बहाने उसके घर आने की बात कही। दोपहर लगभग 01:00 बजे वह प्रार्थिया के घर पहुंचा और दोनों ने साथ में भोजन किया। भोजन के दौरान अभिनव सिंह ने चिकन को ठीक से न पका होने की बात कहकर उसे पुनः पकाया तथा खाने के लिए परोसा। चिकन खाने के कुछ समय बाद प्रार्थिया बेहोश हो गई। शाम लगभग 06:00 बजे उसकी रूम पार्टनर घर पहुंची, जिसने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह होश में नहीं आई। अगले दिन दिनांक 16 मई 2026 को सुबह लगभग 10:00 बजे होश आने पर प्रार्थिया ने देखा कि उसके गले में पहनी सोने की चैन एवं दो सोने की अंगूठियां गायब थीं। इसके बाद उसने आलमारी के लॉकर की जांच की, जहां रखे सोने एवं चांदी के जेवरात भी नहीं मिले, साथ ही अभिनव सिंह भी घर से फरार था। प्रार्थिया द्वारा अभिनव सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उसका मोबाइल फोन लगातार बंद था। अभिनव सिंह ने भोजन में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे खिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई तथा वह सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो गया। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 159/26 धारा 305(ए), 318(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
उक्त घटना को पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर द्वारा गंभीरता से लेते हुए अपने अधीनस्थ अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त एवं प्रभारियों को आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपी की पतासाजी प्रारंभ की गई। टीम द्वारा प्रार्थिया से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई तथा घटना-स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए साथ ही घटना-स्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने Jeevansathi.com पर आरोपी एवं प्रार्थिया के मध्य संपर्क स्थापित करने वाले प्रोफाइल का तकनीकी विश्लेषण किया। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए जा रहे मोबाइल नंबरों का तकनीकी तथ्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
तकनीकी विश्लेषण एवं जांच के दौरान आरोपियों की पतासाजी करते हुये आरोपी हितिन नरूला को उत्तराखण्ड के हरिद्वार में लोकेट किया गया। प्राप्त तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पुलिस टीम को तत्काल हरिद्वार रवाना किया गया। हरिद्वार पहुंचकर टीम के सदस्यों ने विभिन्न संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी एवं पतासाजी करते हुये आरोपी हितिन नरूला को पकड़ा। हितिन नरूला से पूछताछ के आधार पर आरोपी अभिनव सिंह को दिल्ली के पहाड़गंज से पकड़ा गया।
आरोपियों से की गई विस्तृत पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि अभिनव सिंग एवं हितिन नरूला दोनों मित्र है। घटना के दिन दोनों रायपुर आए थे। अभिनव सिंह प्रार्थिया के संपर्क में रहकर उसके साथ उसके निवास में गया, जबकि उसका साथी हितिन नरूला रेलवे स्टेशन पर ही रुका रहा। प्रार्थिया के घर पहुंचने के बाद अभिनव सिंह ने उसे विश्वास में लेकर भोजन कराया तथा भोजन में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। प्रार्थिया के अचेत होने के पश्चात उसने घर में रखें सोने एवं चांदी के आभूषणों की चोरी की और वहां से निकलकर रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां उसका साथी हितिन नरूला उसका इंतजार कर रहा था। इसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी रकम 57,000/- रूपये, 02 तोला सोने के जेवरात, 01 नग चांदी का ब्रेसलेट तथा 05 नग मोबाईल फोन जुमला कीमत लगभग 4,21,500/- रूपये जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही किया गया।
आरोपी अभिनव सिंह पूर्व में धोखाधड़ी एवं चोरी के मामलों में वर्ष 2024 में दिल्ली के थाना अशोक विहार तथा वर्ष 2026 में थाना पार्लियामेंट हाउस क्षेत्र में दर्ज प्रकरणों में गिरफ्तार होकर जेल निरुद्ध रह चुका है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2026 में उत्तराखण्ड के थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के प्रकरण में भी आरोपी जेल जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी –
01. अभिनव सिंह उर्फ पहलवान पिता तेजपाल सिंग उम्र 37 साल निवासी मकान नंबर 215 अरोड़ा कालोनी जिला होशियारपुर पंजाब। हाल पता – सी/505 चतुर्थ तल जेव्हीटीएस गार्डन छतरपुर दिल्ली।
02. हितिन नरूला पिता पृथ्वीराज नरूला उम्र 48 साल निवासी जे 70 तृतीय तल लक्ष्मी नगर शकरपुर बरामद थाना शकरपुर ईस्ट दिल्ली।
ग्राम उरबा में अधेड़ की हत्या के मामले में ग्राम कोटवार, उसका पुत्र एवं एक विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार.
मामूली विवाद में लाठी-डंडे और चाकू से हमला कर की गई थी हत्या, वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद.
आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, तमनार पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हुआ मामले का खुलासा.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश – “क्षणिक आवेश में लिया गया हिंसक फैसला एक जान ले लेता है, आरोपी को जेल पहुंचा देता है और पूरे परिवार को बिखेर देता है.”
रायगढ़ :रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। मामूली विवाद ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि एक व्यक्ति की जान चली गई। तमनार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम कोटवार, उसके पुत्र और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा और चाकू बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस की तत्परता और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता को साबित किया है।
तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम उरबा में हुए हत्या के मामले का तमनार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम का कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा एवं चाकू भी बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार दिनांक 30 मई 2026 की रात्रि थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम उरबा निवासी दामोदर राठिया (37 वर्ष) को गंभीर चोटों की अवस्था में अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ तत्काल ग्राम उरबा पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि दामोदर राठिया की मृत्यु हो चुकी है। मृतक के बहनोई अवधराम राठिया निवासी गंजपुर, लैलूंगा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी छोटी बेटी के साथ दामोदर राठिया के घर गया था रात्रि ग्राम उरबा के कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान तथा एक नाबालिग दामोदर राठिया के साथ मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान आकाश चौहान और नाबालिग ने चाकू से तथा हरिराम चौहान ने डंडे से हमला किया। बीच-बचाव करने पर रिपोर्टकर्ता के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल दामोदर राठिया को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्ट पर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई में सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पृथक-पृथक पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना की रात दामोदर राठिया ने हरिराम चौहान को भोजन के लिए बुलाया था। भोजन के बाद उपयोग किए गए पत्तल को बाहर फेंकने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। इसी दौरान हरिराम चौहान, आकाश चौहान और नाबालिग ने लाठी-डंडे एवं चाकू से हमला कर दामोदर राठिया को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने आरोपी हरिराम चौहान (60 वर्ष), आकाश चौहान (22 वर्ष) तथा विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लेकर उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त डंडा एवं चाकू बरामद किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पूरे मामले के त्वरित खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोई, प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, बनारसी लाल सिदार, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरुषोत्तम सिदार, रंजीत भगत एवं डोल नारायण सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश —“क्षणिक आवेश में की गई हिंसा हत्या, जेल और पूरे परिवार के बिखराव का कारण बनती है। किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें। कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है.”
साइबर थाना एवं खरसिया चौकी की संयुक्त रेड में खरसिया में सटोरियों से 31.99 लाख रुपये नगद, दो मोबाइल, नोट गिनने की मशीन जब्त.
आईपीएल फाइनल मैच जीटी विरूद्ध आरसीबी (GT Vs RCB) पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने की सूचना पर पुलिस टीम ने की छापेमारी, गिरोह का भंडाफोड़.
दो आरोपी गिरफ्तार, सिंडिकेट से जुड़े तीन अन्य व्यक्तियों को बनाया गया अपराध में आरोपी, संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश : “ऑपरेशन अंकुश के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा, सट्टा कारोबार से जुड़े प्रत्येक आरोपी पर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
रायगढ़ : आईपीएल फाइनल मैच की आड़ में करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा कारोबार पर रायगढ़ पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत साइबर थाना और खरसिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने 31.99 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और नोट गिनने की मशीन जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में जुआ-सट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आईपीएल फाइनल मुकाबले जीटी विरूद्ध आरसीबी (GT Vs RCB) पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर और चौकी खरसिया की संयुक्त टीम ने दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से क्रिकेट सट्टा संचालन में प्रयुक्त मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन और सट्टे की रकम से जुड़े 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नगद बरामद किए हैं। मामले में सिंडिकेट से जुड़े 3 अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र में कुछ व्यक्ति आईपीएल फाइनल मैच की हार-जीत पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में साइबर थाना एवं चौकी खरसिया के अधिकारियों-कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर एक साथ दबिश दी गई।
रेड कार्रवाई के दौरान गंज बाजार क्षेत्र में पुलिस ने गगन अग्रवाल और शुभम अग्रवाल को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने क्रिकेट सट्टा संचालित करना स्वीकार किया तथा कई लोकल व्यकितयों द्वारा नकदी सट्टा रकम लगाने की बात बताये। आरोपियों ने अपने मेमोरेंडम कथन में रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के साथ मिलकर सट्टा सिंडिकेट संचालित करने की जानकारी दी। आरोपियों ने बताया कि साहिल अग्रवाल सट्टे की रकम को अपने व्यवसाय में खपाकर कमीशन के रूप में लाभ अर्जित करता था। आरोपियों के कब्जे से एक वनप्लस नॉर्ड एवं एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल जब्त किया गया, जिनमें ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से संबंधित आईडी एवं तकनीकी साक्ष्य प्राप्त हुए।
आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गोपाल राइस मिल कॉलोनी में साहिल अग्रवाल के निवास पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर साहिल अग्रवाल दो बैग और नोट गिनने की मशीन छोड़कर मौके से फरार हो गया। उसके पिता मुकेश अग्रवाल एवं स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में दोनों बैगों की तलाशी ली गई, जिसमें 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोटों सहित कुल 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नगद बरामद हुए। इतनी बड़ी राशि के संबंध में कोई वैध जानकारी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम से जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त रकम क्रिकेट सट्टे के संचालन से संबंधित है, जिस पर पुलिस ने राशि को विधिवत जब्त कर लिया।
प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन किया जाना पाए जाने पर सभी आरोपी – गगन अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी साहिल अग्रवाल, रिकेश राय एवं अर्जुन राठौर की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का पूर्व अपराधिक इतिहास रहा है। इसी साल मार्च महीने में थाना चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे की कार्यवाही में गगन पर भी कार्यवाही की गई थी।
इस प्रकरण की कार्रवाई में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक नंद कुमार सारथी, सहायक उपनिरीक्षक ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक रेणु मण्डावी, प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर तथा आरक्षक प्रशांत पण्डा, आरक्षक पुष्पेन्द्र जाटवर, आरक्षक गोविंद पटेल, आरक्षक रविन्द्र गुप्ता, आरक्षक नवीन शुक्ला, आरक्षक धर्मेन्द्र सिंह, आरक्षक मनोज पटनायक, आरक्षक साविल चन्द्रा एवं आरक्षक कीर्ति सिदार की विशेष भूमिका रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश – “ऑपरेशन अंकुश के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी पर रायगढ़ पुलिस का लगातार प्रहार जारी रहेगा, सट्टेबाजी से जुड़े आरोपियों पर कार्यवाही सुनिशिचत है.”
गिरफ्तार आरोपी –
1 गगन अग्रवाल पिता स्वर्गीय अनूप कुमार अग्रवाल उम्र 28 वर्ष पता गंज बाजार खरसिया.
2 शुभम अग्रवाल उर्फ कालू पिता राजकुमार अग्रवाल उम्र 30 वर्ष पता गंज बाजार खरसिया.
जप्त – नकदी 31 लाख 99 हजार 700 रुपये, मोबाइल, नोट गिनने की मशीन.
पुलिस विभाग के “गुरूजी” उपनिरीक्षक नारायण प्रसाद साहू चालीस वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त.
डीआईजी एवं एसएसपी ने दी ससम्मान विदाई.
सेवानिवृत्ति पर मिला सुरक्षा का संदेश, डीआईजी एवं एसएसपी ने हेलमेट भेंट कर किया सम्मानित.
जशपुर :चार दशक तक पुलिस सेवा में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की मिसाल कायम करने वाले उपनिरीक्षक नारायण प्रसाद साहू आखिरकार सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। विभाग में “गुरूजी” के नाम से लोकप्रिय रहे श्री साहू ने अपने अनुभव और मार्गदर्शन से न केवल अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि अनेक युवा पुलिसकर्मियों को भी नई दिशा दी। उनकी गौरवशाली सेवा यात्रा को सम्मानित करते हुए जशपुर पुलिस ने भावभीनी विदाई दी और सुरक्षित जीवन के संदेश के साथ हेलमेट भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
पुलिस विभाग में लगभग 40 वर्षों तक उत्कृष्ट, कर्तव्यनिष्ठ एवं निष्पक्ष सेवाएं प्रदान करने के उपरांत उप निरीक्षक नारायण प्रसाद साहू दिनांक 31 मई 2026 को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा पुलिस कार्यालय जशपुर में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित कर उन्हें ससम्मान विदाई दी गई।
कार्यक्रम में डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने श्री साहू के दीर्घ सेवाकाल, अनुकरणीय कार्यशैली एवं विभाग के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्हें सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल-श्रीफल भेंट किया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए सेवानिवृत्ति उपरांत भी सुरक्षित यातायात के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय उपयोग हेतु हेलमेट प्रदान किया गया।
उपनिरीक्षक नारायण प्रसाद साहू का जन्म 24 मई 1964 को ग्राम उमरपोटी, तहसील पाटन, जिला दुर्ग में हुआ। उन्होंने 18 सितम्बर 1986 को तत्कालीन मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पद पर भर्ती होकर अपने पुलिस सेवा जीवन की शुरुआत की। वर्ष 1987-88 में पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र माना, रायपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने रक्षित केन्द्र दुर्ग सहित विभिन्न थानों एवं इकाइयों में अपनी सेवाएं प्रदान की।
अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने थाना साजा, नांदघाट, दुर्ग, मोहननगर, विशेष अपराध अनुसंधान इकाई (SIU) दुर्ग रेंज, पुलगांव, पत्थलगांव, कोतबा एवं बागबहार सहित विभिन्न थानों एवं इकाइयों में पदस्थ रहकर उत्कृष्ट कार्य किया। वे अपनी मेहनत, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा के बल पर आरक्षक से पदोन्नत होकर प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक तथा अंततः उपनिरीक्षक के पद तक पहुंचे।
अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने लूट, डकैती, हत्या, धोखाधड़ी एवं अन्य गंभीर अपराधों की विवेचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से वर्ष 2021 में थाना पत्थलगांव क्षेत्र में हुए चर्चित हिट एंड रन प्रकरण के दौरान उत्पन्न कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने अदम्य साहस, धैर्य एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए हालात को नियंत्रित करने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके उत्कृष्ट अनुसंधान एवं सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें अनेक बार नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया गया।
अपने सरल, सौम्य एवं मार्गदर्शक व्यक्तित्व के कारण वे विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच “गुरूजी” के नाम से विशेष रूप से लोकप्रिय एवं सम्मानित रहे। उन्होंने अपने अनुभव, ज्ञान एवं व्यवहार से अनेक युवा पुलिसकर्मियों का मार्गदर्शन किया, जिसके कारण विभाग में उन्हें एक कुशल प्रशिक्षक एवं मार्गदर्शक के रूप में भी जाना जाता है।
विदाई समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री साहू के साथ बिताए गए अनुभवों को साझा करते हुए उनके योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुंजराम चैहान, रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे, उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर सहित उप निरीक्षक नारायण प्रसाद साहू के परिजन उपस्थित रहें।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि – जशपुर पुलिस परिवार उपनिरीक्षक नारायण प्रसाद साहू के सुखमय, स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की मंगलकामना करता है तथा उनके दीर्घ सेवाकाल में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है।
जशपुर पुलिस द्वारा आयोजित ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ आधारित थीम पर रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिता के विजेताओं का किया गया सम्मान.
सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी.
प्रथम स्थान – श्रीमती श्रीदेवी सोनी, करबला रोड, जशपुर को ₹2001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया.
द्वितीय स्थान – श्री विकास कुमार, खजांची टोली, जशपुर को ₹1001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया.
तृतीय स्थान – श्री किशन कुमार चौहान, बागबहार को ₹501/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया.
बेस्ट सेल्फी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले श्री नारायण कुमार वैष्णव (पुलिस परिवार, थाना पत्थलगांव) को ₹1001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान कर सम्मानित किया गया.
जशपुर :सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जशपुर पुलिस का अनूठा प्रयास रंग लाया है। हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व को रचनात्मक ढंग से जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से न केवल यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ी, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से जीवन रक्षा का संदेश भी व्यापक स्तर पर पहुंचा।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा हेलमेट एवं सीट बेल्ट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इसके अंतर्गत रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में जिले भर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सड़क सुरक्षा संबंधी संदेशों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के विजेताओं को आज पुलिस कार्यालय जशपुर में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डाॅ. लाल उमेद सिंह द्वारा आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजेताओं को नगद पुरस्कार राशि, हेलमेट, प्रमाण-पत्र एवं 03 लीटर पेट्रोल प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की गई तथा भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में रील मेकिंग प्रतियोगिता में करबला रोड जशपुर निवासी श्रीमती श्रीदेवी सोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹2001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्राप्त किया। खजांची टोली जशपुर निवासी श्री विकास कुमार द्वितीय स्थान पर रहे, जिन्हें ₹1001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्रदान किया गया। वहीं बागबहार निवासी श्री किशन कुमार चैहान ने तृतीय स्थान प्राप्त कर ₹501/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट प्राप्त किया। इसी प्रकार बेस्ट सेल्फी प्रतियोगिता में थाना पत्थलगांव के पुलिस परिवार से जुड़े श्री नारायण कुमार वैष्णव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्हें ₹1001/- नगद पुरस्कार एवं हेलमेट देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर द्वारा सभी विजेताओं से सड़क सुरक्षा के प्रति उनके अनुभव, विचार एवं सुझाव भी साझा कराए गए। विजेताओं ने बताया कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जन-हानि को काफी हद तक यातायात नियमों का पालन कर रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करते हुए सड़क सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुंजराम चैहान, रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खूंटे,उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर सहित विजेताओं के परिजन उपस्थित रहे।
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि – ”जशपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिता जैसे नवाचारपूर्ण प्रयासों से युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है और यातायात नियमों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने एवं अन्य यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।“
अबुझमाड़ में स्मार्ट पुलिसिंग की नई क्रांति, नारायणपुर जिले में हुआ ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ,
“अब हर केस प्रॉपर्टी की होगी डिजिटल पहचान — यूनिक बारकोड के साथ स्मार्ट मालखाना प्रबंधन की शुरुआत”.
थाना कोहकामेटा से हुवा शुभारंभ, नारायणपुर जिले के सभी 14 थानों में प्रारंभ हुआ संचालन.
प्रत्येक जब्त संपत्ति एवं केस प्रॉपर्टी को मिलेगा यूनिक बारकोड, एक स्कैन में उपलब्ध होगी संपूर्ण जानकारी.
बारकोड आधारित ट्रैकिंग प्रणाली से मालखाना प्रबंधन होगा अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं जवाबदेह.
अबुझमाड़ सहित नारायणपुर जिले के दूरस्थ थानों को आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की अभिनव पहल.
स्मार्ट पुलिसिंग एवं डिजिटल प्रशासन की दिशा में नारायणपुर पुलिस का ऐतिहासिक कदम.
नारायणपुर :अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ किया है। यूनिक बारकोड आधारित इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली के जरिए अब प्रत्येक जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी की पहचान, निगरानी और प्रबंधन पूरी तरह तकनीक आधारित होगा। जिले के सभी 14 थानों में एक साथ लागू की गई यह व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई ऊंचाई देने वाली पहल मानी जा रही है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने एवं मालखाना प्रबंधन प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नारायणपुर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया द्वारा विकसित ‘e-मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज थाना कोहकामेटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के करकमलों से विधिवत किया गया।
थाना कोहकामेटा से प्रारंभ की गई यह अभिनव डिजिटल व्यवस्था अब नारायणपुर जिले के सभी 14 थानों में लागू कर दी गई है, जिससे मालखाना प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक आधुनिक, सरल, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सकेगी। विशेष रूप से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में यह पहल पुलिस कार्यप्रणाली के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
‘e-मालखाना 2.0’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता प्रत्येक जब्त संपत्ति एवं केस प्रॉपर्टी के लिए यूनिक बारकोड आधारित डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है। अब मालखाने में जमा प्रत्येक वस्तु को एक विशिष्ट बारकोड प्रदान किया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही संबंधित प्रकरण, जब्ती विवरण, जमा तिथि, वर्तमान स्थिति एवं अन्य आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इससे जब्त सामग्री की निगरानी, खोज एवं प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक आसान, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर पुलिस की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित नवाचार शासन एवं प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ‘e-मालखाना 2.0’ न केवल मालखाना प्रबंधन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि पुलिस कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ विकसित ‘e-मालखाना 2.0’ मालखाना प्रबंधन को पारंपरिक कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़ाकर पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करेगा। इससे अभिलेखों का संधारण अधिक व्यवस्थित होगा तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों के बेहतर निष्पादन में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, जनसहभागिता एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो अबुझमाड़ सहित पूरे जिले में स्मार्ट पुलिसिंग एवं डिजिटल प्रशासन को नई दिशा प्रदान करेगा।
“माड़ मैत्री” अभियान के तहत कृषि जागरूकता प्रशिक्षण एवं उपयोगी सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन.
ग्रामीणों को कृषि संबंधी आधुनिक तकनीकों एवं बीज रोपण का दिया गया प्रशिक्षण.
बीज, साइकिल एवं पानी की टंकी का वितरण कर ग्रामीणों को किया गया प्रोत्साहित.
नारायणपुर :अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों में विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर उभर रही है। “माड़ मैत्री” अभियान के अंतर्गत नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया, बल्कि बीज, साइकिल और पानी की टंकियां वितरित कर उनकी आजीविका को मजबूत बनाने का भी प्रयास किया। इस पहल ने ग्रामीणों को खेती-किसानी में नए अवसरों से जोड़ते हुए विकास की मुख्यधारा की ओर बढ़ने का नया भरोसा दिया है।
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिंसन गुड़िया एवं 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में संचालित “माड़ मैत्री” अभियान के अंतर्गत दिनांक 30 मई 2026 को कैंप कस्तूरमेटा में एक विशेष सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कृषि के आधुनिक तरीकों, उन्नत खेती एवं बीज रोपण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने एवं किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बीजों का वितरण किया गया। ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सामग्री के रूप में साइकिल एवं पानी की टंकी भी वितरित की गई।
इस कार्यक्रम में कुल 80 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 45 महिलाएं एवं 35 पुरुष सम्मिलित रहे। कार्यक्रम में कस्तूरमेटा, कटूलनार, पुलिसपारा, हिक्का पारा, इंकनार, पिंडिका एवं डूमनार गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने तथा कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया गया।
“माड़ मैत्री” अभियान के माध्यम से नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु निरंतर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।