Author: Vishnu Joshi (SAMDARSHI NEWS)

  • ‘अभियान संवेदना’ की बड़ी सफलता : रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई लाई रंग, 14 वर्षीय नाबालिग बालिका सकुशल बरामद कर सौंपी गई  परिजनों को, झारसुगुड़ा से आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया पॉक्सो एक्ट में जेल.

    ‘अभियान संवेदना’ की बड़ी सफलता : रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई लाई रंग, 14 वर्षीय नाबालिग बालिका सकुशल बरामद कर सौंपी गई  परिजनों को, झारसुगुड़ा से आरोपी गिरफ्तार कर भेजा गया पॉक्सो एक्ट में जेल.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित ‘अभियान संवेदना’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने ओडिशा से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है। वहीं, बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी साहिल एक्का को झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को महिला ने थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 30 मई 2026 की दोपहर करीब 3:00 बजे मेडिकल स्टोर से दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं आसपास काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 282/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

    विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश जारी रखे हुए थी कि 11 जून को नाबालिग बालिका को ट्रांसपोर्टनगर जूटमिल के पास सकुशल बरामद कर लिया। बालिका का कथन महिला पुलिस अधिकारी उपनिरीक्षक वीणा साहू एवं माननीय न्यायालय के समक्ष दर्ज कराया गया तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से उसकी काउंसलिंग भी कराई गई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी साहिल एक्का ने बालिका को उसके अभिभावकों की सहमति एवं जानकारी के बिना अपने साथ रखा था। तथ्यों के आधार पर प्रकरण में धारा 18 पॉक्सो एक्ट भी जोड़ी गई। हालांकि बालिका ने उसके साथ दुष्कर्म जैसी घटना होने से इंकार किया है।

    विवेचना के दौरान आरोपी के झारसुगुड़ा (ओडिशा) में होने की सूचना मिलने पर 30 जुलाई 2026 को चक्रधरनगर पुलिस, झारसुगुड़ा पहुंची, जहां आरोपी को बाजार, रेल्वे स्टेशन पर तालाश किया गया, तभी जानकारी मिली कि आरोपी साहिल एक्का झारसुगुडा स्टेशन के आसपास घूमता रहता है। पुलिस टीम ने स्टेशन पर घात लगाकर उसे गिरफ्तार किया, पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी साहिल एक्का पिता स्वर्गीय सुनील एक्का, उम्र 23 वर्ष, निवासी रामभांठा जवाहर नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला रायगढ़ के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

  • देह व्यापार नेटवर्क बेनकाब : लालटंकी और मिट्ठूमुड़ा में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई,  दो नाबालिग बालिकाएं कराई गई सुरक्षित मुक्त, संचालिकाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार, जांच तेज.

    देह व्यापार नेटवर्क बेनकाब : लालटंकी और मिट्ठूमुड़ा में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई,  दो नाबालिग बालिकाएं कराई गई सुरक्षित मुक्त, संचालिकाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार, जांच तेज.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में थाना साइबर, कोतवाली एवं जूटमिल पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई कर अनैतिक देह व्यापार के दो अड्डों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं को संरक्षण में लेकर काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। दोनों मामलों में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    एएसपी रायगढ़ – श्री अनिल कुमार सोनी

    कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लालटंकी दानीपारा स्थित लक्ष्मी शर्मा के मकान में लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से एक पाइंटर ग्राहक को 1,500 रुपये देकर मकान भेजा। पूर्व निर्धारित संकेत मिलते ही प्रभारी सीएसपी एवं साइबर डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक, उप निरीक्षक संजय नाग, ऐनु देवांगन, विजय एक्का एवं संयुक्त पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान मकान में संचालिका लक्ष्मी शर्मा (46 वर्ष) पति मौजूद मिली। उसके कब्जे से पाइंटर को दिए गए 500-500 रुपये के तीन नोट (कुल 1,500 रुपये) एवं एक सैमसंग मोबाइल बरामद किया गया। तलाशी के दौरान मकान के एक कमरे में एक नाबालिग बालिका के साथ ऋषभ शर्मा (24 वर्ष) तथा दूसरे कमरे में एक अन्य नाबालिग बालिका मिली। मकान से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।

    पूछताछ में लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक-दो वर्षों से लड़कियों को बुलाकर अपने मकान में देह व्यापार करा रही थी तथा ग्राहकों से प्राप्त राशि में से लड़कियों को प्रतिदिन भुगतान करती थी। जांच में आरोपियों द्वारा अवैध रूप से देह व्यापार कराकर आर्थिक लाभ अर्जित करना पाया गया। थाना कोतवाली में आरोपिया (1) लक्ष्मी शर्मा पति साजीव वर्गीस उम्र 46 वर्ष निवासी लाल टंकी दानीपारा वार्ड नम्बर 12 रायगढ़ (2) ऋषभ शर्मा पिता राजेश शर्मा उम्र 24 वर्ष निवासी लाल टंकी दानीपारा वार्ड नम्बर 12 रायगढ़ के विरूद्ध अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 एवं 5 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की गई है । रेस्क्यु करायी गई दोनों नाबालिगों का कॉउंसलिंग कराया जा रहा है ।

    इसी दौरान थाना साइबर एवं थाना जूटमिल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक स्थित सुनीता मेहर के मकान पर भी योजनाबद्ध कार्रवाई की। यहां भी पुलिस ने पहले पाइंटर ग्राहक भेजा और संकेत मिलते ही टीम ने मकान में दबिश दी।

    छापेमारी के दौरान सुनीता मेहर मौके पर मिली। मकान के एक कमरे में एक महिला तथा अभय सिंह (42 वर्ष) निवासी मूलतः जिला सिवान (बिहार), वर्तमान निवासी चिराईपानी लेबर कॉलोनी, पूंजीपथरा, संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में दोनों ने अनैतिक कार्य के उद्देश्य से कमरे में होना स्वीकार किया। तलाशी में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। मकान में मौजूद दो अन्य महिलाओं ने भी बताया कि वे सुनीता मेहर के बुलावे पर देह व्यापार के लिए वहां आई थीं। आरोपिया 1- सुनीता मेहर पति बिहारी लाल उर्फ राकेश मेहर उम्र 48 साल निवासी छातामुडा वर्तमान पता बाझीनपाली थाना जूटमिल रायगढ़ 2- अभय सिंह (42 वर्ष) निवासी मूलतः जिला सिवान (बिहार), वर्तमान निवासी चिराईपानी लेबर कॉलोनी, पूंजीपथरा पर थाना जूटमिल में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत कार्रवाई की गई है।

    रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अनैतिक गतिविधियों, महिलाओं एवं बच्चों के शोषण तथा संगठित अपराधों के विरुद्ध इसी प्रकार की सघन कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

  • ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन अभियान : रायपुर में 16 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा एवं ऑटो हुए पंजीकृत, अब 10 अगस्त तक अवश्य कराएं रजिस्ट्रेशन, क्यूआर कोड से होगी हर वाहन की पहचान.

    ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन अभियान : रायपुर में 16 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा एवं ऑटो हुए पंजीकृत, अब 10 अगस्त तक अवश्य कराएं रजिस्ट्रेशन, क्यूआर कोड से होगी हर वाहन की पहचान.

    यातायात पुलिस, पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से संचालित ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन अभियान को वाहन चालकों एवं वाहन मालिकों की मांग तथा व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए 10 दिवस के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब यह विशेष अभियान 01 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा।

    यातायात डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस रायपुर द्वारा पूर्व में विशेष अभियान चलाकर 15,047 ई-रिक्शा एवं ऑटो का सफलतापूर्वक पंजीयन किया जा चुका था। इसके उपरांत शेष वाहन चालकों एवं मालिकों को एक और अवसर प्रदान करते हुए 21 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पुनः विशेष पंजीयन अभियान संचालित किया गया, जिसमें 1336 अतिरिक्त ई-रिक्शा एवं ऑटो का पंजीयन किया गया।

    उन्होंने बताया कि अब तक कुल 16383 ई-रिक्शा एवं ऑटो का पंजीयन किया जा चुका है, जिनमें से 13,130 वाहनों पर क्यूआर कोड भी लगाए जा चुके हैं। शेष वाहनों में भी शीघ्र क्यूआर कोड लगाने की कार्यवाही की जा रही है, जिससे प्रत्येक वाहन एवं चालक का डिजिटल सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके।

    अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहन पंजीकृत होने के बावजूद अभी भी अनेक ई-रिक्शा एवं ऑटो ऐसे हैं जिनका पंजीयन शेष है। ऐसे वाहन चालकों एवं वाहन मालिकों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए अभियान की अवधि 01 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक पुनः बढ़ाई गई है, ताकि कोई भी सार्वजनिक परिवहन वाहन बिना पंजीयन के संचालित न हो।

    पंजीयन के पश्चात प्रत्येक वाहन का सत्यापित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे वाहन एवं चालक की पहचान सुनिश्चित होगी तथा यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। साथ ही किसी दुर्घटना, विवाद अथवा अन्य आवश्यकता की स्थिति में वाहन की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी। क्यूआर कोड युक्त पंजीकृत वाहनों से यात्रियों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता एवं विश्वास प्राप्त होगा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।

    1. वाहन एवं चालक की वैध एवं डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी।

    2. यात्रियों की सुरक्षा एवं विश्वास में वृद्धि होगी।

    3. सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।

    4. वाहन संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से अपराध एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

    5. बिना पंजीयन वाहन संचालन पर होने वाली वैधानिक कार्यवाही से बचा जा सकेगा।

    ई-रिक्शा एवं ऑटो चालक/वाहन मालिक अपने मोबाइल से उपलब्ध QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं अथवा अपने निकटतम यातायात थाना में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।

  • सीसीटीवी और साइबर जांच ने खोला चोरी का राज, उरला पुलिस ने विधि के साथ संघर्षरत एक बालक सहित शातिर चोर को किया गिरफ्तार, फरार साथी की तलाश तेज.

    सीसीटीवी और साइबर जांच ने खोला चोरी का राज, उरला पुलिस ने विधि के साथ संघर्षरत एक बालक सहित शातिर चोर को किया गिरफ्तार, फरार साथी की तलाश तेज.

    प्रार्थी श्रीयांश सेठिया ने थाना उरला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 10.07.2026 की रात्रि उरला क्षेत्रांतर्गत गुमा स्थित अपने गोदाम में टेबल पर लैपटॉप एवं मोबाइल फोन रखकर गोदाम को बंद कर अपने घर चला गया था। दिनांक 11.07.2026 की सुबह जब वह गोदाम पहुँचा, तो देखा कि टेबल पर रखा लैपटॉप एवं मोबाइल फोन नहीं था। कोई अज्ञात चोर गोडाउन के अन्दर प्रवेश कर प्रार्थी का लैपटाप एवं मोबाईल फोन को चोरी कर ले गया था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना उरला में अपराध क्रमांक 315/26 धारा 331(3), 305 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

    वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना उरला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ की गई। टीम के सदस्यों द्वारा घटना-स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही घटना-स्थल एवं उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का अवलोकन किया गया तथा मुखबिर लगाने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण किया गया।

    हाल ही में जेल से रिहा हुए चोरी के आरोपियों के संबंध में भी जानकारी एकत्रित कर उनकी तस्दीक की गई तथा अज्ञात आरोपी की पहचान के लिए लगातार प्रयास किए गए। इसी दौरान बीरगांव, उरला निवासी परमेश्वर उर्फ परमेश कुमार मरकाम के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। जिस पर उसकी पतासाजी कर उसे पकड़ कर प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर आरोपी ने अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर उक्त चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में संलिप्त एक अन्य विधि के साथ संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया।

    आरोपी एवं विधि के साथ संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी की लैपटॉप कीमत लगभग 20,000/- रूपये जप्त कर दोनों के विरुद्ध कार्यवाही किया गया। प्रकरण में संलिप्त एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। घटना में संलिप्त तीनों पूर्व में भी चोरी के प्रकरण में थाना उरला से निरुद्ध रह चुके हैं।

    01. परमेश्वर उर्फ परमेश कुमार मरकाम पिता बलदेव मरकाम उम्र 18 साल निवासी दुर्गा नगर बीरगांव थाना उरला रायपुर।

    02. विधि के साथ संघर्षरत एक बालक।

  • सड़क किनारे खड़ी लावारिस बाइक ने खोला चोरी का रहस्य, चेसिस नंबर से हुई पहचान और पुलिस ने लौटाई मालिक की उम्मीद.

    सड़क किनारे खड़ी लावारिस बाइक ने खोला चोरी का रहस्य, चेसिस नंबर से हुई पहचान और पुलिस ने लौटाई मालिक की उम्मीद.

    यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी यातायात व्यवस्था के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों की सहायता के लिए भी निरंतर सजग एवं सक्रिय रहते हैं। इसी क्रम में पचपेड़ी नाका यातायात पुलिस के आरक्षक संदीप कुमार साहू की सूझबूझ एवं सतर्कता से एक चोरी की मोटरसाइकिल का पता लगाकर उसे संबंधित थाना के माध्यम से उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।

    ड्यूटी के दौरान आरक्षक संदीप कुमार साहू को डूमतराई सब्जी मंडी के समीप सड़क किनारे एक बिना नंबर प्लेट की लावारिस मोटरसाइकिल खड़ी दिखाई दी। वाहन संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने तत्परता दिखाते हुए मोटरसाइकिल के चेसिस एवं इंजन नंबर का तकनीकी माध्यम से सत्यापन किया। जांच में वाहन का पंजीयन एवं स्वामी का विवरण प्राप्त हुआ।

    इसके पश्चात आरक्षक संदीप कुमार साहू ने वाहन स्वामी से संपर्क किया, जिसमें जानकारी मिली कि उक्त मोटरसाइकिल 27 जुलाई 2026 की रात्रि को चोरी हो गई थी तथा इस संबंध में 28 जुलाई 2026 को थाना टिकरापारा में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार वाहन पैशन प्रो (मॉडल 2019) थी, जिसे अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया था।

    तथ्यों के सत्यापन उपरांत आरक्षक संदीप कुमार साहू ने तत्काल वाहन को थाना टिकरापारा की पेट्रोलिंग टीम के सुपुर्द किया, जिससे वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए मोटरसाइकिल उसके वास्तविक मालिक को सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

    यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही से वाहन स्वामी को अपनी चोरी हुई मोटरसाइकिल वापस मिलने की आशा जगी तथा पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

  • रायगढ़ पुलिस को आईजीपी का बड़ा संदेश : ‘प्रोफेशनल पुलिसिंग और समयबद्ध विवेचना’ पर सख्त निर्देश, डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता.

    रायगढ़ पुलिस को आईजीपी का बड़ा संदेश : ‘प्रोफेशनल पुलिसिंग और समयबद्ध विवेचना’ पर सख्त निर्देश, डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता.

    कल माननीय मुख्यमंत्री महोदय छत्तीसगढ़ शासन के जिला रायगढ़ प्रवास कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के पश्चात बुधवार शाम पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, श्री राम गोपाल गर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विवेचना की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान आईजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के कुशल नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस सराहनीय कार्य कर रही है, लेकिन बदलते दौर की चुनौतियों को देखते हुए पुलिसिंग को और अधिक प्रोफेशनल, तकनीक आधारित एवं परिणाममुखी बनाना होगा।

    बैठक में श्री गर्ग ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के विभिन्न पैरामीटरों पर सभी राज्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। ऐसे में प्रत्येक जिले को अपने प्रदर्शन और डाटा की गुणवत्ता बेहतर करनी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में 90 दिवस तथा अन्य सभी अपराधों में एफआईआर दर्ज होने के 60 दिवस के भीतर विवेचना पूर्ण कर चालान प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए लंबित प्रकरणों की श्रेणीवार सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए। सामान्य प्रकृति के अपराधों का अधिकतम आठ दिनों में निराकरण तथा जटिल मामलों में एसडीओपी के मार्गदर्शन से गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

    आईजीपी ने कहा कि नवीन कानूनों के अनुरूप ई-साक्ष्य संकलन, ऑडियो-वीडियोग्राफी, सीसीटीएनएस में सभी आवश्यक प्रपत्रों की समय पर एंट्री, डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग तथा मेडिकल अनुरोध मेडलर (MedLEaPR) पोर्टल के माध्यम से भेजना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही न्यायालयीन पेशियों में पुलिस कर्मियों की समय पर उपस्थिति बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

    संपत्ति संबंधी अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए श्री गर्ग ने स्पष्ट कहा कि एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की टालमटोल नहीं होनी चाहिए। थाना प्रभारी स्वयं थाने में उपस्थित होने पर प्रत्येक वैधानिक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज करें। चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए ‘सशक्त ऐप’ का अधिकतम उपयोग करने, आदतन अपराधियों एवं गुंडा-बदमाशों की सतत निगरानी रखने तथा जमानत पर छूटे अपराधियों द्वारा दोबारा अपराध करने पर उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश होने के बाद वारंट जारी कराने की प्रक्रिया में विलंब न हो तथा शून्य मर्ग दर्ज होने पर संबंधित थाना क्षेत्र को तत्काल सूचना दी जाए ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर अधिकारियों एवं

    बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने पुलिस महानिरीक्षक को आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस उनके सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेगा।

  • सरगुजा पुलिस का बड़ा ऐलान : दुष्कर्म के फरार आरोपी की सूचना देने वाले को मिलेगा पाँच हजार रुपये का इनाम, पहचान रहेगी गोपनीय.

    सरगुजा पुलिस का बड़ा ऐलान : दुष्कर्म के फरार आरोपी की सूचना देने वाले को मिलेगा पाँच हजार रुपये का इनाम, पहचान रहेगी गोपनीय.

    सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि थाना कोतवाली, जिला-सरगुजा (छ.ग.) के अपराध क्रमांक-504/2026, धारा-65 (1), बी.एन.एस. पाक्सो एक्ट की धारा 4 ,6 के प्रकरण का आरोपी तरूण जायसवाल साकिन भफौली द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना कारित कर फरार हो गया है, जिसकी पतासाजी/गिरफ्तारी का हरसंभव प्रयास किया गया किन्तु अभी तक फरार आरोपी के बारे में कोई पता नहीं चला है।

    प्रकरण की गंभीरता को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल, (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए में निहित दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए घोषणा की गई है कि जो कोई प्रकरण के उक्त फरार आरोपी के संबंध में ऐसी कोई जानकारी देगा, जिससे आरोपी की गिरफ्तारी हो सके या गिरफ्तार करायेगा अथवा गिरफ्तार करेगा उसे 5,000/- (पाँच हजार रूपये) के ईनाम की राशि से पुरस्कृत किया जावेगा। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा। पुरस्कार वितरण के संबंध में अंतिम निर्णय पुलिस अधीक्षक, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) का होगा।

    पुलिस अधीक्षक, सरगुजा – 94791-93501

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सरगुजा – 94791-93502

    नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर – 94791-93503

    पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला-सरगुजा – 94791-93599

  • ‘अभियान संवेदना’ का बड़ा असर : लैलूंगा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, न्यायालय में पेश कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर जेल.

    ‘अभियान संवेदना’ का बड़ा असर : लैलूंगा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी चंद घंटों में गिरफ्तार, न्यायालय में पेश कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर जेल.

    एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत लैलूंगा पुलिस ने कल नाबालिग से दुष्कर्म के एक बेहद संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी सूरज विश्वकर्मा (25 वर्ष) को रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

    जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को एक महिला थाना लैलूंगा पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई 2026 की शाम वह अपनी नातिन को घर पर छोड़कर खेत में रोपाई करने गई थी। वापस लौटने पर बच्ची रो रही थी। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि पडोस में रहने वाला सूरज विश्वकर्मा ने उसके साथ कमरे में दुष्कर्म किया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह को घटना की जानकारी दी। उनके निर्देशन पर पुलिस टीम ने बिना विलंब कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फरार होने की फिराक में है, जिस पर तत्काल उसके पडोस गांव ग्राम लिबरा के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

  • ऑपरेशन क्लीन हंट : पुलिस से बचता रहा गांजा तस्कर आखिर चढ़ा शिकंजे में, मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तारी, रायगढ़ पुलिस का नशा तस्करों को सख्त संदेश, न्यायालय में प्रस्तुत कर भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में जेल.

    ऑपरेशन क्लीन हंट : पुलिस से बचता रहा गांजा तस्कर आखिर चढ़ा शिकंजे में, मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तारी, रायगढ़ पुलिस का नशा तस्करों को सख्त संदेश, न्यायालय में प्रस्तुत कर भेजा गया न्यायिक अभिरक्षा में जेल.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत पूंजीपथरा पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एनडीपीएस एक्ट के मामले में कई महीनों से फरार चल रहे आरोपी चन्द्रमणी उर्फ चिंतामणी यादव (35 वर्ष), निवासी सोनपुर, थाना लैलूंगा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। साथ ही गांजा तस्करी में प्रयुक्त i20 कार क्रमांक CG13BH5917 भी पुलिस ने जब्त कर ली है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में आरोपी के दो साथियों को पूंजीपथरा पुलिस ने 23 अप्रैल 2026 को गांजा तस्करी करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जबकि चन्द्रमणी पुलिस घेराबंदी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था।

    23 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम तुमीडीह महुआ चौक, पठान कॉलोनी के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की थी। मौके पर i20 कार में बैठे दो आरोपियों खिरोधर यादव (जिला जशपुर) एवं पुरुषोत्तम यादव (ग्राम तुमीडीह) को गिरफ्तार किया गया था, जबकि तीसरा आरोपी चन्द्रमणी यादव कार लेकर फरार हो गया था। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 2.728 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया जिसकी कीमत ₹24,500 तथा बिक्री की ₹5,000 नगद राशि जब्त की गई थी। कुल ₹29,500 की जप्ती कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

    विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपी पुरुषोत्तम यादव ने खुलासा किया कि फरार हुआ व्यक्ति चन्द्रमणी उर्फ चिंतामणी यादव ही था, जो गांजा बिक्री के उद्देश्य से उनके साथ i20 कार में आया था और पुलिस कार्रवाई के दौरान भाग निकला। इसके बाद पूंजीपथरा पुलिस ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य जुटाकर उसकी घटना-स्थल पर उपस्थिति प्रमाणित की तथा लगातार मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत आरोपी के अपने गांव आने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने गांजा तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद तस्करी में प्रयुक्त i20 कार क्रमांक CG13BH5917 भी जब्त कर ली गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

  • स्कूलों के बाहर चला पुलिस का बड़ा अभियान, 102 नाबालिग वाहन चलाते मिले, अभिभावकों से वसूला गया जुर्माना, चेतावनी भी जारी.

    स्कूलों के बाहर चला पुलिस का बड़ा अभियान, 102 नाबालिग वाहन चलाते मिले, अभिभावकों से वसूला गया जुर्माना, चेतावनी भी जारी.

    जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) द्वारा नाबालिग स्कूली छात्रों के वाहन चलाने पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के परिपालन में जिले की पुलिस के द्वारा 102 नाबालिग छात्रों को वाहन चलाते पाए जाने पर उन्हें पकड़ा और उनके अभिभावक के विरूद्ध तथा 58 अन्य लोगों को यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए कुल 160 प्रकरण में 71600/- रूपये का समन शुल्क लिया है। पुलिस जिले भर के स्कूलों में जाकर छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और 18 वर्ष की आयु के उपरांत वैध ड्राईविंग लायसेंस बनने के बाद वाहन चलाने की लगातार समझाईश भी दे रही है।

    बुधवार 29 जुलाई 2026 को अभियान के दौरान स्कूलों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर वाहन चेकिंग कर 102 नाबालिगों छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही कर 63,000/- रूपये का समन शुल्क लिया गया और उन्हें नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न देने की समझाइश दी गई। इसी प्रकार चेकिंग के 58 वाहन चालक के द्वारा यातायात नियमों का उल्लघन करने पर एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर 8600/- रूपये समन शुल्क लिया गया। अभियान के दौरान 4 लोगों के द्वारा शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर उनके विरूद्ध 185 के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विद्यालयों से भी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया है।