Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • सफलता की कहानी : “कभी पानी के लिए तरसता था जोगीमारा, अब हर घर में नल: जल जीवन मिशन से 56 कनेक्शन, महिलाओं की मेहनत कम और गांव में आई खुशहाली

    सफलता की कहानी : “कभी पानी के लिए तरसता था जोगीमारा, अब हर घर में नल: जल जीवन मिशन से 56 कनेक्शन, महिलाओं की मेहनत कम और गांव में आई खुशहाली

    जोगीमारा में “हर घर जल” की सुविधा ने लोगों के जीवन को बना दिया आसान और सुरक्षित

    56 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सभी घरों तक नियमित रूप से आपूर्ति हो रही पानी

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जल जीवन मिशन के अतंर्गत् हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के प्रयास के तहत् और एक ग्राम नल कनेक्शन से लाभान्वित हुआ है।

    जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जोगीमारा भौगोलिक रूप से नजदीक होने के बावजूद लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। घने जंगलों और बीहड़ क्षेत्र में बसे इस गांव की एक विशेषता यह भी रही कि इसका आधा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण वहां रहने वाले परिवारों को दैनिक जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, विशेषकर पेयजल की उपलब्धता को लेकर।

     जल जीवन मिशन के लागू होने से पहले ग्राम जोगीमारा के ग्रामीण पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे, जिनमें मुख्य रूप से नाला और कुआं शामिल थे। गांव का आधा हिस्सा पहाड़ों में बसे होने के कारण वहां के लोगों को पानी लाने के लिए ढलानों से नीचे उतरकर दूर स्थित जल स्रोतों तक जाना पड़ता था। यह कार्य अत्यंत कठिन,था विशेषकर महिलाओं के लिए।

    इन परिस्थितियों ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर दोनों को प्रभावित किया। बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियां अधिक देखने को मिलती थीं और परिवारों को इलाज पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। साथ ही, महिलाओं का अधिकांश समय पानी लाने में ही व्यतीत हो जाता था, जिससे वे अन्य कार्यों पर ध्यान नहीं दे पाती थीं।

     ऐसी स्थिति में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम जोगीमारा में संगठित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई। 10 केएल क्षमता के एक उच्च स्तरीय जलागार (ओवरहेड टैंक) के माध्यम से पूरे ग्राम में जल वितरण की व्यवस्था की गई है तथा 56 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के जरिए सभी घरों तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पाइपलाइन के माध्यम से गांव के प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे अब पहाड़ी क्षेत्र में बसे घरों तक भी आसानी से पानी पहुंच रहा है।

     वर्तमान में ग्राम के सभी घरों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे गांव में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। अब महिलाओं को कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर पानी लाने नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय और श्रम की काफी बचत हुई है। यह बदलाव उनके जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ उन्हें अन्य उपयोगी कार्यों के लिए समय भी प्रदान कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों मंय कमी आई है और ग्रामीणों का स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। बच्चों के लिए भी यह परिवर्तन लाभकारी सिद्ध हुआ है। अब उन्हें पानी लाने में समय नहीं देना पड़ता, जिससे वे नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

     ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से योजना का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है, जिससे जल आपूर्ति प्रणाली सुचारु रूप से चल रही है। सामुदायिक सहभागिता के कारण योजना के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना भी विकसित हुई है। आज ग्राम जोगीमारा के निवासी इस बदलाव से अत्यंत संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अब “हर घर जल” की सुविधा ने उनके जीवन को आसान और सुरक्षित बना दिया है। ग्राम जोगीमारा की यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और जनसहभागिता सुनिश्चित हो, तो भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में भी विकास की नई दिशा स्थापित की जा सकती है। यह गांव आज एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है, जहां हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचकर जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाया गया है।

  • बस्तर 2.0 की ऐतिहासिक शुरुआत: CM विष्णुदेव साय ने PM मोदी को दिया दौरे का न्योता, 360° विकास ब्लूप्रिंट से टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर 2.0 की ऐतिहासिक शुरुआत: CM विष्णुदेव साय ने PM मोदी को दिया दौरे का न्योता, 360° विकास ब्लूप्रिंट से टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

    बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस

    पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

    नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

    उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

    मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

    ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

    कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

    आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

     ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

    पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

    नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

    प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

  • आम की फसल पर मैंगो हॉपर का खतरा: मंजरियों को चूसकर घटा रहा उत्पादन, उद्यान विभाग ने जारी किए बचाव और नियंत्रण के जरूरी उपाय

    आम की फसल पर मैंगो हॉपर का खतरा: मंजरियों को चूसकर घटा रहा उत्पादन, उद्यान विभाग ने जारी किए बचाव और नियंत्रण के जरूरी उपाय

    जशपुर : मैंगो हॉपर आम के पेड़ों में लगने वाला एक प्रमुख कीट है। यह खासकर फूल आने के समय-मंजर आने पर ज्यादा नुकसान करता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसता है जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है।

    उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे-छोटे हरे व भूरे कीट दिखाई देते हैं यही इसकी पहचान होती है। पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं। उस पर काली फफूंदी जम जाती है। फूल झड़ जाते हैं और फल कम बनते हैं।

    इसके प्रभावी समाधान के लिये कृषकों सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम में 01 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत 05 से 10 एमएल लीटर पानी के साथ छिड़काव करना चाहिए।

    यदि प्रकोप ज्यादा हो तो इनमें से किसी एक दवा का छिड़काव करें कीटनाशक का नाम मात्रा छिड़काव किया जा सकता है। इनमें प्रति लीटर पानी के साथ इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी लैम्ब्डा-साइहेलोथिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी 10-15 दिन के अन्तराल में 2-3 बार छिड़काव करने से अच्छा नियंत्रण मिलता है।

     इसके साथ ही पेडों की घनी टहनियों को काटें ताकि धूप और हवा अंदर तक जा सके, जिससे हॉपर का पनपना कम हो, बाग की नियमित सफाई करें। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और नमी बनाए रखें।

  • मांड नदी में जल संकट के बीच बड़ी राहत: किलकिला एनीकट के गेटों में लीकेज पर E&M की त्वरित कार्रवाई, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति बचाने में मिली सफलता

    मांड नदी में जल संकट के बीच बड़ी राहत: किलकिला एनीकट के गेटों में लीकेज पर E&M की त्वरित कार्रवाई, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति बचाने में मिली सफलता

    ई.एंड.एम. द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए किलकिला एनीकट के गेटों में किया गया आयश्यक सुधार

    जशपुर : समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘गर्मी के दस्तक के साथ ही सुखी मांड नदी की हलक‘‘ के संबंध में जल संसाधन संभाग कुनकुरी के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया है कि मांड नदी पर ग्राम किलकिला में विभाग द्वारा निर्मित किलकिला एनीकट योजना है इस योजना की जल भराव क्षमता 0.227 एमसीयूएम है इस योजना से वर्तमान में 25-30 एकड़ सिचाई के लिए पानी दिया जा रहा है साथ ही पत्थलगांव के लिए पेय जाल की सप्लाई नगर पंचायत पत्थलगांव द्वारा किया जाता है।

    प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी किलकिला एनीकट का गेट 25-26 अक्टूबर 2025 को बंद कर दिया गया था कुछ समय बाद गेटों में लीकेज की समस्या देखी गई जिसके पश्चात पुनः 08 जनवरी 2026 को पत्र लिखकर ई एंड एम कुनकुरी को सूचना दी गई। ई एंड एम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 09 जनवरी 2026 को अपनी टीम भेजकर गेटों में आयश्यक सुधार किया गया एवं नगर पालिका के सी. एम. ओ. से बात कर उनको इंटेक वेल में कार्यरत मजदूरों की सहायता से लीकेज बंद किया गया। जिससे पुन एनीकट में पानी ऊपर से चलने लगा। इस वर्ष 20 से 25 जनवरी यो आस पास नदी का बहाव पूर्ण रूप से बंद हो गया था जिसके कारण सिंचित पानी से सिंचाई एवं पेयजल दोनों के लिए पानी प्रदाय किया गया। चूंकि एनीकट की जल भराव क्षमता 0.227 एमसीयूएम है इस जल से सिंचाई वो साथ साथ पेयजल हेतु जल सीमित समय के लिए ही लिया जा सकता है वर्तमान में नदी के बहाव बंद होने के दो माह तथा पानी लिया गया जिसके फलस्वरूप एनीकट सुख गया है । चूंकि योजना का निर्माण पर्ष 2009-10 में पूर्ण हुआ है इतने समय में गेटों में कुछ मात्रा में लीकेज स्वाभाविक है एवं संरचना से भी कहीं कहीं लीकेज हो रही है जिसके मरम्मत हेतु वर्ष 2024 में राशि 299.31 लाख का प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत किया गया था किंतु स्वीकृति के अभाव में कार्य प्रारंभ नहीं हो सका और कार्य बजट से बाहर हो गया। पुनः वर्ष 2026-27 में उक्ता मरम्मत कार्य बजट हेतु प्रस्तावित किया गया किंतु इस वर्ष के बजट में कार्य शामिल नहीं हो पाया। जिसके कारण इस वर्ष भी मरम्मत नहीं हो पाया। इस प्रकार विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए निरंतर विभाग की शाखा ई एंड एम से लगातार संपर्क कर गेट में आवश्यक सुधार कराया गया। एनीकट में लीकेज तो था किंतु एनीकट का लीकेज अगर पूर्ण रूप से बंद होता भी तो दो से तीन दिन ही अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता था।

     लीकेज के कारण अत्यधिक मात्रा में पानी का वेस्टेज नहीं हुआ है। भविष्य में उक्त कार्य का प्रस्ताव पुनः विभाग द्वारा उच्च कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा स्वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ किया जायेगा।

  • अंधेरे से उजाले की ओर: जामबहार में 11 खंभों की खराब केबल बदली, 3 अप्रैल से बहाल हुई बिजली

    अंधेरे से उजाले की ओर: जामबहार में 11 खंभों की खराब केबल बदली, 3 अप्रैल से बहाल हुई बिजली

    विद्युत विभाग द्वारा जामबहार में 11 खंभों में लगे हुए खराब एबी केबल को बदलकर लगया गया नया

    तत्परता से नया केबल लगाकर 03 अप्रैल को चालू कर दी गई है लाईन

    जशपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड कुनकुरी के कार्यपालन अभियंता द्वारा ‘‘बिजली लाईन की खराबी के कारण अंधेरे में डूबा गांव‘‘ प्रकाशन खबर के संबंध में जानकारी देते हुए अवगत कराया गया है कि फरसाबहार के जामबहार में 11 खंभों में लगे हुए खराब एबी केबल को विद्युत विभाग द्वारा बदलकर नया लगा दिया गया है। एक साथ 11 खंभों में खराब केबल को सुधार करने में समय लगता है। किन्तु तत्परता बरतते हुए नया केबल लगाकर जामबहार नगरटोली में विद्युत विभाग द्वारा 03 अप्रैल 2026 को लाईन चालू कर दी गई है।

  • जशपुर में बर्ड फ्लू अलर्ट: जिलेभर में 9 रेपिड रिस्पॉन्स टीम गठित, प्रशासन सतर्क

    जशपुर में बर्ड फ्लू अलर्ट: जिलेभर में 9 रेपिड रिस्पॉन्स टीम गठित, प्रशासन सतर्क

    जशपुर : जशपुर जिले में बर्ड फ्लू (एविएन एनफ्लुएंजा) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्ग दर्शन में प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु 01 जिला तथा 08 विकासखण्ड स्तरीय रेपिड रिपोंस टीम का गठन किया गया है। इस दल का मुख्य उद्देश्य बर्ड फ्लू के संभावित प्रकोप की स्थिति में त्वरित कार्यवाही करते हुए संक्रमण को नियंत्रित करना एवं आम जन तथा पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    गठित आरआरटी में जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. सी.एस. चन्द्राकर, अतिरिक्त उप संचालक को टीम प्रभारी बनाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी प्रकार की असामान्य पक्षी की मृत्यु अथवा बीमारी की सूचना तत्काल अपने निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान को देवें एवं अफवाहों से बचें।

  • छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा मौका: IIM रायपुर से फ्री MBA, हर महीने ₹50,000 स्टाइपेंड…पढ़ें विस्तार से..!

    छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सुनहरा मौका: IIM रायपुर से फ्री MBA, हर महीने ₹50,000 स्टाइपेंड…पढ़ें विस्तार से..!

    मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (CMGGF) : दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कोर्स

     IIM के प्रतिनिधि जिले के सभी कालेजों में  बच्चों को कोर्स के संबंध में दे रहे जानकारी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में जशपुर के होनहार बच्चे दो वर्ष का कर सकेंगे कोर्स

    कोर्स निःशुल्क होगा, बच्चों की फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाएगा

    प्रवेश लेने वाले विघार्थियों को मिलेगा प्रत्येक माह 50 हजार की छात्रवृत्ति

    जशपुर :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में,भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के प्रतिनिधि बिनॉय टी एवं एस.एन. मंडल द्वारा जशपुर सहित छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों का दौरा किया जा रहा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (CMGGF)” के अंतर्गत संचालित दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस का कोर्स कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है, जो कि IIM रायपुर एवं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

    इस दौरे के दौरान प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं स्नातक महाविद्यालयों का भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को कार्यक्रम की विशेषताओं, पात्रता, एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही, अधिक से अधिक युवाओं तक जानकारी पहुंचाने के लिए पंपलेट वितरण भी किया जाएगा।

    उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की संपूर्ण फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी तथा प्रति माह ₹50,000 का आकर्षक  छात्रवृत्ति भी प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थियों को IIM रायपुर में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी प्राप्त होगा।

    यह कार्यक्रम विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति लागू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी एवं आवेदन हेतु IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। IIM रायपुर की टीम द्वारा जशपुर के सभी विकास खंडों के कालेज का भ्रमण करके विद्यार्थियों को कोर्स के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

  • विश्व स्वास्थ्य दिवस पर CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी”, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक फिटनेस अपनाने की अपील—स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान

    विश्व स्वास्थ्य दिवस पर CM विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी”, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक फिटनेस अपनाने की अपील—स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान

    विश्व स्वास्थ्य दिवस : स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

  • छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय सहयोग: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच की अहम मुलाकात, स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

    छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय सहयोग: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच की अहम मुलाकात, स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुश्री अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • रेलवे का मेगा प्रोजेक्ट शुरू, लेकिन यात्रियों को झटका: बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन निर्माण के चलते दर्जनों ट्रेनें रद्द, कई के रूट और समय में बदलाव—यात्रा से पहले अपडेट देखना जरूरी

    रेलवे का मेगा प्रोजेक्ट शुरू, लेकिन यात्रियों को झटका: बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन निर्माण के चलते दर्जनों ट्रेनें रद्द, कई के रूट और समय में बदलाव—यात्रा से पहले अपडेट देखना जरूरी

    बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन परियोजना पर किया जा रहा है कार्य, भविष्य में यात्री सुविधाओं में होगी वृद्धि

    मंडल के जांजगीर-नैला स्टेशन में चौथीलाइन कनेक्टिविटी एवं ऑटो सिग्नलिंग कार्य हेतु कुछ गाड़ियों का परिचालन रहेगा प्रभावित

    बिलासपुर : हावड़ा-मुंबई मुख्य लाइन पर स्थित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथीलाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है । इस कड़ी में बिलासपुर मंडल के जांजगीर-नैला स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी एवं ऑटो सिग्नलिंग कार्य हेतु प्रीनॉन /नॉनइंटरलॉकिंग का कार्य किया जायेगा, जिसके फलस्वरुप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा, विस्तृत जानकारी इस प्रकार है :-

     रद्द होने वाली गाडियां:-

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक बिलासपुर व रायगढ़ से चलने वाली 68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉 दिनांक 15 से 26 अप्रैल 2026 तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 15 से 26 अप्रैल 2026 तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक गेवरा रोड से चलने वाली 68745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 15 से 26 अप्रैल 2026 तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक बिलासपुर व गेवरा रोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक बिलासपुर व कोरबा से चलने वाली 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

    👉     दिनांक 11 से 25 अप्रैल 2026 तक बिलासपुर से चलने वाली 58210 बिलासपुर-गेवरा रोड पैसेंजर रद्द रहेगी ।  

     गंतव्य से पहले समाप्त व प्रारम्भ होने वाली गाडियाँ –

    👉 दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-झारसुगुड़ा के मध्य रद्द रहेगी |

    👉     दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा झारसुगुड़ा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी |

     यात्रियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंध

    गाड़ी संख्या 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस दिनांक 16 से 27 अप्रैल 2026 तक कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के मध्य पैसेंजर के रूप में चलाई जाएगी |

     यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।