Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुए विष्णु देव साय: अभिभावकों पर दबाव या अतिरिक्त शुल्क बर्दाश्त नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुए विष्णु देव साय: अभिभावकों पर दबाव या अतिरिक्त शुल्क बर्दाश्त नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस और कहा—उनके संस्कार व स्नेह सदैव रहेंगे प्रेरणा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस और कहा—उनके संस्कार व स्नेह सदैव रहेंगे प्रेरणा

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • श्रमिक महासम्मेलन पर उठे सवालों का विभाग ने दिया जवाब: टेंडर के अनुसार हुआ पूरा खर्च, 8 हजार लोगों के आयोजन में अनियमितता के आरोप निराधार

    श्रमिक महासम्मेलन पर उठे सवालों का विभाग ने दिया जवाब: टेंडर के अनुसार हुआ पूरा खर्च, 8 हजार लोगों के आयोजन में अनियमितता के आरोप निराधार

    श्रमिक महासम्मेलन में निर्धारित मानकों का पालन, अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च का आरोप पूर्णतः निराधार और भ्रामक है।

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 8,000 लोग शामिल हुए थे।

    श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था, ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित एजेंसी को नियमों के तहत किया गया।

  • जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को नया आयाम: छत्तीसगढ़ में ‘कॉमन्स’ आधारित नीति के लिए बनेगा टास्क फोर्स, जनजातीय सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा फोकस

    जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को नया आयाम: छत्तीसगढ़ में ‘कॉमन्स’ आधारित नीति के लिए बनेगा टास्क फोर्स, जनजातीय सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा फोकस

    आधारभूत जीवन के लिए कॉमन्स महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए जल्द होगा टास्क फोर्स का गठन- प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा

    विशेषज्ञों द्वारा स्टेट कॉमन्स कन्विनिंग चर्चा के बाद जो तथ्य निकल कर आएंगे वे राज्य के नीति निर्माण में होंगे सहायक

    जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका-श्री बोरा

    दो दिवसीय छत्तीसगढ़ कॉमन्स कन्विनिंग कार्यशाला का शुभारंभ

    रायपुर : आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री जागेश्वर यादव और श्री पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई।

     साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव श्री विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल होंगे।

    जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका

                  श्री बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, श्री बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ।

    राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका

                  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।

  • सुकमा में बदली तस्वीर: बंदूक छोड़ लोकतंत्र का रास्ता चुन रहे युवा, 116 पुनर्वासित युवाओं को मिला वोट का अधिकार, अब खुद लिखेंगे अपना भविष्य

    सुकमा में बदली तस्वीर: बंदूक छोड़ लोकतंत्र का रास्ता चुन रहे युवा, 116 पुनर्वासित युवाओं को मिला वोट का अधिकार, अब खुद लिखेंगे अपना भविष्य

    सुकमा में लोकतंत्र की नई शुरुआत : बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि

    पुनर्वास केंद्र के 116 आत्मसमर्पित युवाओं का बना मतदाता कार्ड

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।

    जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,  विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

    सरकार की नीति से बदली जिंदगी

    जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है।

    कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।

  • अम्बिकापुर में गूंजा आज़ादी का गौरव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का किया अनावरण, युवाओं को दिया देशभक्ति का संदेश

    अम्बिकापुर में गूंजा आज़ादी का गौरव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का किया अनावरण, युवाओं को दिया देशभक्ति का संदेश

    शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया अनावरण

    अम्बिकापुर/रायपुर : अपने सरगुजा प्रवास के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा दी है। उनके आदर्श आज भी युवाओं को देश के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हैं। इस दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा श्री नारायण चन्देल, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री राजेश अग्रवाल, नगर निगम स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • अम्बिकापुर में पंडित रविशंकर त्रिपाठी को श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिमा का अनावरण कर बताया—‘यह केवल मूर्ति नहीं, प्रेरणा का प्रतीक’

    अम्बिकापुर में पंडित रविशंकर त्रिपाठी को श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिमा का अनावरण कर बताया—‘यह केवल मूर्ति नहीं, प्रेरणा का प्रतीक’

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अम्बिकापुर में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का किया अनावरण

    अम्बिकापुर/रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला प्रवास के दौरान अम्बिकापुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पंडित रविशंकर त्रिपाठी चौक में भटगांव विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वे हमारे प्रेरणास्रोत थे, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन के कई पदों को सुशोभित किया। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया, ये सिर्फ मूर्ति नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी उनकी जिंदादिली और उनकी कर्मठता को याद दिलाते रहेगा। इस दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा श्री नारायण चन्देल, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी सरगुजा श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री राजेश अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री डी एन कश्यप, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री के हाथों मिला ‘सपनों का आशियाना’: पीएम जनमन योजना से हितग्राहियों को पक्के घर और सिंचाई पंप, बोले ग्रामीण—अब मिला सुरक्षित और खुशहाल जीवन

    मुख्यमंत्री के हाथों मिला ‘सपनों का आशियाना’: पीएम जनमन योजना से हितग्राहियों को पक्के घर और सिंचाई पंप, बोले ग्रामीण—अब मिला सुरक्षित और खुशहाल जीवन

    मुख्यमंत्री के हाथों हितग्राहियों को मिली पीएम जनमन के तहत आवास की चाबी और सिंचाई पंप : हितग्राहियों ने कहा-आवास नहीं, सुख की मिली छांव

    अम्बिकापुर/रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड मुख्यालय के छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में आयोजित किसान सम्मेलन में विभिन्न हितग्राही मूलक सामग्रियों का वितरण किया। इस वितरण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी सहित हजारों सरगुजावासी साक्षी बने।

    ग्राम लालमाटी निवासी, पहाड़ी कोरवा जनजाति समुदाय से आने वाले श्री लुरझुट तथा ग्राम छेरमुंडा निवासी श्री नईहर साय ने बताया कि पहले वे कच्चे मकान में रहते थे। हरदम साँप, बिच्छू और कीड़ों के डर के बीच सपरिवार जिंदगी काटने को मजबूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री जनमन के तहत अब उन्हें पक्का आवास मिला है। श्री नहय्यर साय ने बताया कि बच्चे अभी छोटे हैं और बचपन से ही अब वे पक्के मकान में रहने लगे हैं। हम सबके लिए यह आवास एक सुख की छांव है।

    मुख्यमंत्री के हाथों डेढ़ और दो एचपी के सिंचाई पंप मिलने से गदगद चलबली निवासी श्री हरिशंकर ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें सिंचाई कार्यों के लिए विद्युत पंप प्राप्त होगा। इस पंप से निश्चित ही कृषि कार्यों में मदद मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

  • सरगुजा में विकास का महा ब्लास्ट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 282 करोड़ के 51 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर बदली तस्वीर, किसानों और ग्रामीणों को दी बड़ी सौगात

    सरगुजा में विकास का महा ब्लास्ट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 282 करोड़ के 51 कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर बदली तस्वीर, किसानों और ग्रामीणों को दी बड़ी सौगात

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले को दी करीब 282 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात

    करीब 254 करोड़ रुपए का हुआ विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व 28 करोड़ रुपए का लोकार्पण

    वृहद किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा अन्नदाताओं के पसीने का सम्मान करना ही हमारी जिम्मेदारी, ईब से इंद्रावती तक विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं

    सांसद एवं विधायक के मांगों पर किया मुख्यमंत्री ने चार घोषणाएं

    अम्बिकापुर/रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किसान समम्मेल में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, भूमिपूजन कर बड़ी सौगात दिए। इस दौरान 281 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के 51 कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास- भूमिपूजन किया, जिसमें 28 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत के 33 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 253 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत के 18 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन शामिल हैं।

    ईब से इंद्रावती तक विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं

    हजारों की संख्या में उपस्थित किसानों, ग्रामीणों व जिलेवासियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं के पसीने का सम्मान करना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है, ईब से इंद्रावती तक विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा आप सबने हम पर विश्वास जताया है, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचें, योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिले।

    दलहन-तिलहन, फल, सब्जियों की फसल लगाएं पानी का उपयोग कम करें

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी कर रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि को भी होली पर्व के पहले एकमुश्त किसानों के खाते में 10 हजार 324 करोड़ रुपए डालने का काम किया है, जो कि यहाँ के किसानों भी लाभ हुआ है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया वहीं किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड शुरू किया। उन्होंने किसानों से कहा कि धान के अलावा दलहन-तिलहन, फल, सब्जियों की फसल भी लगाएं ताकि पानी का उपयोग कम हो।

    वादा के साथ करते हैं जमीनी स्तर पर लागू

    श्री साय ने कहा कि हम सिर्फ वादा नहीं करते बल्कि जमीनी स्तर पर लागू करते हैं श्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद पहली केबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की स्वीकृति दी और अब तक 8 लाख से अधिक आवास बन भी गए हैं, और लगातार हितग्राही गृह प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएम जनमन के तहत 32 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है, वहीं धरती ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 6600 गांवों में रहने वाले जनजाति भाई-बहनों के बुनियादी जरूरतो को पूरा करने के लिए विकास कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जन जातियों के स्वास्थ्य सुधार हेतु 57 एम्बुलेंस के साथ डॉक्टर, स्टॉफ की सुविधा भी दी जा रही। प्रदेश के 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना के तहत अब तक 26वें किश्त दे चुके हैं, जिससे इन महिलाओं के जीवन आर्थिक रुप से सशक्त हुई है। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नए सड़कों की स्वीकृति भी भारत सरकार से मिल चुकी है।

    हरा सोना का बढ़ाया दाम

    उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी अंचल में ’हरा सोना’ के रूप में विख्यात तेंदूपत्ता की प्रति मानक बोरा 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये का पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जिससे 12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं साथ ही चरण पादुका भी दिए जा रहे हैं।

    दहशत से मिली मुक्ति, विकास का नया अध्याय हुआ शुरु

    उन्होंने कहा बस्तर में 40 बरसो से नक्सलियों के दहशत के साए में हमारे आदिवासी भाई-बहन गुजर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री व गृहमंत्री तथा जवानों की दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत 31 मार्च को पूरे प्रदेश से खासकर बस्तर नक्सलमुक्त हो गया।

    लुंड्रा का बताया रोचक किस्सा

    उन्होंने रोचक क़िस्सा बताते हुए कहा कि विगत 12-13 वर्षों के बाद बतौर मुख्यमंत्री के रूप में लुंड्रा आया हूँ, इसके पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह आए थे हुए। उन्होंने बताया कि लुंड्रा अंचल से आत्मीय सम्बन्ध रहा है, शादी के बाद उनके ससुर इसी क्षेत्र में पदस्थ होने की वजह से यहाँ आना-जाना होता था।

    सांसद, विधायक के आग्रह का किया सम्मान

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महराज तथा विधायक श्री प्रबोध मिंज की मांग को स्वीकार करते हुए लुंड्रा के लिए चार घोषणाएं भी की, जिनमें लुंड्रा में स्टेडियम निर्माण, सन्ना- जशपुर- धौरपुर-सरगुजा मार्ग को बनारस तक जोड़ने की बात कही। उन्होंने लुंड्रा में कॄषि उप मंडी तथा विश्राम भवन निर्माण करने की घोषणा भी की।

    प्रमुख लोकार्पण कार्य-

    साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जल संसाधन संभाग क्रमांक 1 के 1207.02 लाख रूपये की लागत के 04 कार्य  विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम डुमकी मछली नदी में  एनीकट एवं काजवे निर्माण हेतु  462 लाख रूपये, ग्राम असकला गागर नदी में एनीकट एवं काजवे निर्माण हेतु 367.76 लाख रूपये, लमगांव स्टॉपडेम कम काजवे का निर्माण कार्य 190.39 लाख रूपये, ग्राम बटवाही करील धोवा नाला में एनीकट निर्माण कार्य हेतु 186.87 लाख रूपये, मैनपाट में महतारी सदन भवन निर्माण नर्मदापुर हेतु 24.70 लाख रूपये। इस तरह 28 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।

    प्रमुख शिलान्यास व भूमिपूजन कार्य

    मुख्यमंत्री श्री साय ने करीब 254 करोड़ रुपए की लागत के 18 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में लो.नि.वि.(भ/स) संभाग के 16641.99 लाख रुपए की लागत के 7 कार्य शामिल हैं। विकासखण्ड बतौली में बतौली बाजार रोड से खड़धवां पंचायत भवन तक सड़क निर्माण लम्बाई 2.50 कि.मी. (वास्तविक लंबाई 3.25 कि.मी.) (कार्य वर्ष 2024-25) कुल लागत राशि 405.81 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों भूमिपूजन किया गया। विधानसभा क्षेत्र अम्बिकापुर के विकासखण्ड अम्बिकापुर के लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग में फोरलेन चौड़ीकरण का निर्माण कार्य लम्बाई 5 कि.मी. (वास्तविक लंबाई 6.38 कि.मी.) (कार्य वर्ष 2025-26) कुल लागत राशि 6909.62 लाख रुपए,  छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सरगुजा में संभाग स्तरीय बहुउद्देशीय स्टेडियम का निर्माण कार्य कुल लागत राशि 1461.98 लाख रुपए, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर का कार्य कुल लागत राशि 4209.64 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। विद्युत विभाग अंतर्गत 6587.00 लाख रुपए की लागत के कुल 8 कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महराज, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष श्री देव नारायण यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा, आईजी, श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री अजीत वसन्त, एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में किसान व जिलेवासी उपस्थित रहे।

  • साड़ी गुणवत्ता को लेकर शिकायतों पर बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिए जांच के आदेश, सभी हितग्राहियों को मिलेगी मानक अनुसार साड़ी

    साड़ी गुणवत्ता को लेकर शिकायतों पर बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिए जांच के आदेश, सभी हितग्राहियों को मिलेगी मानक अनुसार साड़ी

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत

    तय मानक के अनुरूप नहीं होने पर बदली जाएंगी साड़ियां

    रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरण तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है, लेकिन जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां सुधार किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर साड़ियां बदली जाएंगी।

     आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की लंबाई और गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्शन लिया है। विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के प्रावधान के तहत हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को साल में दो साड़ी यूनिफॉर्म दी जाती है। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपए तय हैं। इसी आधार पर राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को दिया गया था। साड़ियों के रंग, डिजाइन और लंबाई का मापदंड राज्य स्तर पर तय किया गया था। इसके अनुसार साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और ब्लाउज पीस सहित कुल लंबाई 6.30 मीटर निर्धारित है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग को साड़ी की आपूर्ति से पहले छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी के सैंपल की जांच तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड, मुंबई से कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई।

     आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरित की गई l हालांकि वितरण के बाद दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से कुछ शिकायतें सामने आईं। इनमें साड़ी छोटी होने, धागा निकलने और रंग छोड़ने की बात कही गई। विभाग ने तुरंत जांच समिति बनाकर इन मामलों की पड़ताल कराई। जांच में कुछ मामलों में लंबाई कम और बुनाई में खामियां सामने आईं।विभाग का कहना है कि कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की स्थिति कुछ जगहों पर दिखी, लेकिन बाद में रंग सामान्य रहा।

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साड़ियों की दोबारा जांच करें और जहां मापदंड से कमी मिले, उसकी जानकारी भेजें। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी साड़ियों को बदलकर मानक के अनुसार नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं।

    विभाग ने यह भी बताया कि जारी कार्यादेश में ही एजेंसी को गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायत मिलने पर सामग्री बदलने की शर्त लिखी गई थी।विभाग का कहना है कि किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी मानक के अनुरूप साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।