Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • सुशासन तिहार 2026: संवेदनशील पहल से समस्याओं का त्वरित समाधान, जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन के लिए राहत का माध्यम, मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ

    सुशासन तिहार 2026: संवेदनशील पहल से समस्याओं का त्वरित समाधान, जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन के लिए राहत का माध्यम, मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए भरोसे और राहत का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाते हुए समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

    इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सरखों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। शिविर में ग्राम बनारी निवासी श्री मोहनलाल अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने किसान किताब से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया, जो उनके कृषि कार्यों के लिए आवश्यक था।

     आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही उन्हें नई किसान किताब प्रदान कर दी। समस्या का तत्काल समाधान मिलने से श्री मोहनलाल के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से उनकी समस्या कुछ ही समय में हल हो गई। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर को जनहितकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • गांव-गांव पहुंचा सुशासन: कांसाबेल के खूंटीटोली में जिला स्तरीय शिविर में उमड़ा जनसैलाब, योजनाओं का मिला सीधा लाभ, विष्णुदेव साय की पहल पर कलेक्टर रोहित व्यास ने दिया त्वरित समाधान का भरोसा

    गांव-गांव पहुंचा सुशासन: कांसाबेल के खूंटीटोली में जिला स्तरीय शिविर में उमड़ा जनसैलाब, योजनाओं का मिला सीधा लाभ, विष्णुदेव साय की पहल पर कलेक्टर रोहित व्यास ने दिया त्वरित समाधान का भरोसा

    गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन: कांसाबेल के खूंटीटोली में सुशासन शिविर आयोजित

    सुशासन तिहार 2026: खूंटीटोली में जिला स्तरीय शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण, रखीं अपनी समस्याएं और मांगें

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा, ग्रामीणों को घर के पास ही मिले समस्याओं का समाधान: कलेक्टर रोहित व्यास

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम खूंटीटोली में जिला स्तरीय सुशासन शिविर आयोजित किया गया।

    शिविर में जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए और विभिन्न विभागों के समक्ष अपनी मांगों एवं समस्याओं को रखा। साथ ही सभी शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया। इस शिविर में ग्राम टांगरगांव, हथगड़ा, बरजोर, नरियरडांड, पुसरा, फरसाजुड़वाईन, खूंटीटोली, चेटबा, सूजीबहार, ढुढरूडांड, जुमईकेला, छेराघोघरा एवं केनाडांड के ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रस्तुत कीं।

     इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनके अपने गांव में ही किया जाए, इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों एवं शिकायतों का तत्काल परीक्षण किया जाए। जिनका मौके पर निराकरण संभव हो, उन्हें तुरंत निराकरण करें तथा शेष आवेदनों का पंजीयन कर संबंधित विभागों को शीघ्र प्रेषित किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ लेने आए प्रत्येक व्यक्ति को उसकी पात्रता एवं अपात्रता की स्पष्ट जानकारी दे। उन्होंने अधिकारियों को हितग्राहीमूलक एवं व्यक्तिमूलक योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को सरल और विस्तृत रूप से देने तथा अधिक से अधिक लोगों को इनसे लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

     कलेक्टर ने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना, सौर सुजला योजना, लखपति दीदी योजना एवं स्व-सहायता समूह सहित अन्य योजनाओं से जुड़कर लाभ लेने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय निर्माण से संबंधित आवेदनों के प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम योगी मानधन योजना, पेंशन योजनाओं एवं दिव्यांगजन हितग्राही योजनाओं का लाभ लेने हेतु भी प्रेरित किया गया। कलेक्टर ने गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों का ई-केवाईसी सुनिश्चित करने, किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन तथा किसानों के लिए संचालित अन्य योजनाओं एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेने हेतु जागरूक भी किया। अंत में उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: चेटबा उपस्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में कलेक्टर रोहित व्यास सख्त, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: चेटबा उपस्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में कलेक्टर रोहित व्यास सख्त, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज और सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    मरीजों को मिले सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, लापरवाही पर होगी कार्यवाही: कलेक्टर रोहित व्यास

    कलेक्टर ने चेटबा उपस्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज विकासखंड कांसाबेल के चेटबा उपस्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र भवन का अवलोकन करते हुए जहां-जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां शीघ्र सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दवा काउंटर, वेलनेस एवं परामर्श केंद्र, लैब कक्ष तथा प्रसव कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर श्री व्यास ने आरएचओ एवं सीएचओ से केंद्र में हो रही प्रसव सेवाओं और गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थिति पंजी, प्रसव पंजी तथा आरसीएच पंजी का निरीक्षण कर सभी आवश्यक जानकारी को सावधानीपूर्वक एवं नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।

        कलेक्टर श्री व्यास नेस्वास्थ्य केंद्र परिसर में पौधारोपण कराने तथा कबाड़ में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं की नीलामी करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मोबाइल के माध्यम से ग्राम मैनी की गर्भवती महिला श्रीमती सुनीता पैंकरा से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने श्रीमती पैंकरा को आवश्यक सावधानियां बरतने और सभी जरूरी जांच समय-समय पर कराने की सलाह दी। श्रीमती पैंकरा ने बताया कि उन्हें केंद्र में सभी सुविधाएं मिल रही हैं और स्वास्थ्य कर्मियों का अच्छा सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री प्रदीप कुमार राठिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण: बच्चों की सुविधाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास सख्त, सीटोंगा और तेतेरटोली में पेयजल-बिजली व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश, खराब नलकूप को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश

    आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण: बच्चों की सुविधाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास सख्त, सीटोंगा और तेतेरटोली में पेयजल-बिजली व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश, खराब नलकूप को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश

    आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को सभी सुविधाएं मिले इसका रखे विशेष ध्यान: कलेक्टर रोहित व्यास

    कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र सीटोंगा और तेतेरटोली का किया निरीक्षण

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जशपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सीटोंगा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र एवं तेतेरटोली आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल एवं बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाओं का पूर्ण लाभ मिलना चाहिए। तेतेरटोली आंगनबाड़ी केंद्र में नलकूप खराब पाए जाने पर उन्होंने तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को फोन कर उसे शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था के लिए सोखता गड्ढा निर्माण कराने को भी कहा।

    कलेक्टर ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद, किए फल वितरित

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। बच्चों ने भी उन्हें अपने बीच पाकर काफी प्रसन्न नजर आए और सहजता के साथ संवाद किया। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि उन्हें आंगनबाड़ी में कैसा लगता है और क्या उन्हें समय पर नाश्ता मिलता है। बच्चों ने बताया कि उन्हें यहां अच्छा लगता है और नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता भी प्राप्त होता है। इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों को फल वितरित किए। साथ ही तेतेरटोली आंगनबाड़ी केंद्र की एक बच्ची तनिषा के जन्मदिन के अवसर पर उसे शुभकामनाएं देकर उसका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी श्री अजय शर्मा सहित आंगनबाड़ी केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे।

  • बच्चों के विकास पर प्रशासन का फोकस: जशपुर में ‘लइका घर’ का निरीक्षण, कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा—रोचक गतिविधियों से बढ़ेगी सीखने की जिज्ञासा, पोषण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    बच्चों के विकास पर प्रशासन का फोकस: जशपुर में ‘लइका घर’ का निरीक्षण, कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा—रोचक गतिविधियों से बढ़ेगी सीखने की जिज्ञासा, पोषण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    बच्चों के विकास हेतु संचालित गतिविधियों की रोचकता बनाए रखें, ताकि सीखने की जिज्ञासा बनी रहे: कलेक्टर रोहित व्यास

    कलेक्टर रोहित व्यास ने लइका घर का किया अवलोकन

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित जशपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरना नगर स्थित लइका घर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित रचनात्मक , खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों का विस्तार से निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी सीखने की प्रक्रिया, रुचियों और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण पद्धतियों तथा बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण की सराहना भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं संचालकों को निर्देशित किया कि बच्चों को पोषण, और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे तथा गतिविधियों को प्रभावी एवं रोचकता बनाए रखें, ताकि बच्चों में सीखने की जिज्ञासा निरंतर बनी रहे। कलेक्टर ने सेंटर में बिजली की पर्याप्त व्यस्था करने के निर्देश दिए।

    लइका घर में कुपोषण मुक्ति से साथ सिखाई जाती हैं अच्छी आदतें

    लइका घर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में सहयोग करना है। इस केंद्र में प्रारंभिक अवस्था से ही बच्चों को स्वच्छता, अनुशासन और अच्छे व्यवहार जैसी सकारात्मक आदतें सिखाई जाती हैं। यह केंद्र कामकाजी अभिभावकों के लिए भी अत्यंत सहायक साबित हो रहा है। पालक अपने छोटे बच्चों को यहां सुरक्षित वातावरण में छोड़कर निश्चिंत होकर अपने कार्यों में संलग्न हो सकते हैं, वहीं बच्चों के बड़े भाई-बहन अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। लइका घर में 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को रखा जाता है। वर्तमान में यहां कुल 22 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। बच्चों को यहां दिन में तीन समय पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सत्तू, अंडा, खिचड़ी, सब्जी, सूजी, रागी और दाल जैसे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन शामिल है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास को मजबूती मिलती है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी श्री अजय शर्मा, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर श्री ज्योतिष मान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जनदर्शन में आमजनों की आवाज बनी प्राथमिकता: जशपुर में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने सुनी 21 आवेदनों की समस्याएँ, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और पारदर्शी निराकरण के सख्त निर्देश

    जनदर्शन में आमजनों की आवाज बनी प्राथमिकता: जशपुर में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने सुनी 21 आवेदनों की समस्याएँ, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और पारदर्शी निराकरण के सख्त निर्देश

    जशपुर : अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

  • जशपुर में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा: मृदा स्वास्थ्य व संतुलित उर्वरक उपयोग पर कार्यशाला संपन्न, चार जिलों के कृषि वैज्ञानिकों ने दी उन्नत खेती की रणनीति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

    जशपुर में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा: मृदा स्वास्थ्य व संतुलित उर्वरक उपयोग पर कार्यशाला संपन्न, चार जिलों के कृषि वैज्ञानिकों ने दी उन्नत खेती की रणनीति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

    मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यशाला एवं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक संपन्न, चार जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक हुए शामिल

    जशपुर : कृषि विज्ञान केंद्र जशपुर में “मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक के उपयोग” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2026 की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक भी कृषि विज्ञान केंद्र जशपुर, रायगढ़, कोरबा एवं जांजगीर-चांपा के साथ संयुक्त रूप से संपन्न हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना एवं क्षेत्रीय कृषि विकास की प्रभावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विशेषज्ञों द्वारा मृदा परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि मृदा की उर्वरता भी दीर्घकाल तक सुरक्षित रहती है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग एवं इसके लाभों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर देते हुए नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश के संतुलित अनुपात में प्रयोग की सलाह दी। साथ ही जैविक खाद, हरी खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया। किसानों को उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।

     कार्यशाला के दौरान पीपीटी प्रस्तुति एवं प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से उर्वरक प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। वहीं, वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में विभिन्न जिलों के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय कृषि समस्याओं, अनुसंधान आवश्यकताओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर गंभीर चर्चा की गई।इस अवसर पर जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री सालिक साय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के संचालक अनुसन्धान डॉ. विवेक त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ. एस. एस. टुटेजा, वैज्ञानिक डॉ. एच. सी. नंदा, कृषि महाविद्यालय कुनकुरी के अधिष्ठाता डॉ. ए. के. सिन्हा, कोरबा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. पी. सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ के के. के. पैंकरा, कृषि विज्ञान केंद्र जशपुर के राकेश भगत, कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर-चांपा के के. डी. महंत सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं उन्नतशील कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कृषकों एवं अधिकारियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त प्रशिक्षण एवं बैठकों के आयोजन का आश्वासन दिया, जिससे किसानों को नवीन तकनीकों का लाभ मिल सके और कृषि क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

  • दुख की घड़ी में प्रशासन बना सहारा: जशपुर में डूबने की घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता मंजूर, रोहित व्यास के निर्देश पर त्वरित राहत प्रदान

    दुख की घड़ी में प्रशासन बना सहारा: जशपुर में डूबने की घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता मंजूर, रोहित व्यास के निर्देश पर त्वरित राहत प्रदान

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के दो मामलों में प्रभावित परिजनों को आर.बी.सी. 6-4 के तहत कुल 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है।

     सन्ना तहसील अंतर्गत ग्राम चलनी निवासी स्व. लसु राम का डबरी ताबला में डूबने से 09 अगस्त 2025 को मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वारिस उनके पत्नी जरमन के लिए 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

     इसी प्रकार कांसाबेल तहसील अंतर्गत ग्राम बटईकेला निवासी स्व. सलोन मिंज का कुआं के पानी में डूबने से 01 मार्च 2025 को मृत्यु हो गई थी। मृतिका के निकटतम वारिस उनके माता दौलेन मिंज हेतु 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

     जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए आर.बी.सी. 6-4 के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

  • “सरकार आपके द्वार”: फरसाकानी शिविर में 17 गांवों की भागीदारी, आवेदन से समाधान तक की प्रक्रिया होगी ऑन-द-स्पॉट, कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में सुशासन तिहार बनेगा राहत का बड़ा मंच

    “सरकार आपके द्वार”: फरसाकानी शिविर में 17 गांवों की भागीदारी, आवेदन से समाधान तक की प्रक्रिया होगी ऑन-द-स्पॉट, कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में सुशासन तिहार बनेगा राहत का बड़ा मंच

    सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 06 मई को फरसाकानी में लगेगी शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, शिविर में 17 गांवों के ग्रामीण होंगे शामिल

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों के 31 एवं नगरीय निकायों के 5 कुल 36 क्लस्टरों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 06 मई 2026 को कुनकुरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत फरसाकानी में शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत

    फरसाकानी, बंदरचुआं, ढोढीबहार, डोडापानी, लोढाअम्बा, बरांगजोर, ठेठेटांगर, खारीझरिया, कुंजारा, रेमते, गड़ाकटा, हर्राडांड, बासनताला, भेलवांटोली, चटकपुर, जोरातराई एवं ग्राम रेंगारघाट के ग्रामीणजन अपनी समस्याओं एवं मागों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

    सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक अपने आवेदन लिखित रूप में शिविरों में प्रस्तुत करेंगे, जिनका निराकरण किया जाएगा। यह पहल प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सुशासन तिहार के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को विभिन्न दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए है।

  • डिजिटल इंडिया की रफ्तार पर रेलवे: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन शुरू, जल्द लगेंगी 38 नई मशीनें, कैशलेस टिकटिंग से यात्रियों को मिलेगा तेज़, आसान और पारदर्शी सफर का अनुभव

    डिजिटल इंडिया की रफ्तार पर रेलवे: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन शुरू, जल्द लगेंगी 38 नई मशीनें, कैशलेस टिकटिंग से यात्रियों को मिलेगा तेज़, आसान और पारदर्शी सफर का अनुभव

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल टिकटिंग एवं कैशलेस सेवाओं का विस्तार!

    यात्रियों की सुविधा हेतु आधुनिक, तेज़ एवं पारदर्शी सेवाओं की दिशा में एक और कदम ।

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर कुल 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित।

    यात्री सुविधाओं में बड़े विस्तार के रूप में 38 नई ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें होंगी शीघ्र स्थापित ।

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप, यात्रियों को सहज, तेज़ एवं कैशलेस सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अपने डिजिटल सेवा ढांचे को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे स्टेशनों एवं यात्री सेवा केंद्रों पर डिजिटल टिकटिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज़ एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

           यात्रियों को बिना कतार में लगे शीघ्र अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने के लिए ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) सुविधा को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 44 स्टेशनों पर कुल 87 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें बिलासपुर मंडल के 13 स्टेशनों पर 32 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, रायपुर मंडल के 12 स्टेशनों पर 26 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन तथा नागपुर मंडल के 19 स्टेशनों पर 29 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन कार्यरत हैं। यात्रियों की बढ़ती मांग एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य में 38 अतिरिक्त ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्थापित किए जाने की योजना है, जिनमें बिलासपुर मंडल में 12, रायपुर मंडल में 16 तथा नागपुर मंडल में 10 नई मशीनें शामिल हैं। यह विस्तार स्व-टिकटिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा तथा यात्रियों के समय की बचत के साथ टिकटिंग प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाएगा।

           दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल लेन-देन के प्रति यात्रियों की बढ़ती स्वीकृति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। वर्तमान में यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के 42 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं, जबकि अनारक्षित टिकटिंग (यूटीएस एवं एटीवीएम) के 34 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल भुगतान के माध्यम से संपन्न हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पार्सल कार्यालयों में 100 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जा चुका है तथा टिकट जांच से प्राप्त होने वाली आय का 26 प्रतिशत हिस्सा भी डिजिटल माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है।

           डिजिटल भुगतान प्रणाली के बढ़ते उपयोग से न केवल टिकटिंग सेवाओं में तेजी आई है, बल्कि नकद लेन-देन पर निर्भरता में कमी आई है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा एवं बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है। साथ ही, यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित कर रही है।

           दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।