Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में 4 लोनर हाथियों की सक्रियता से दहशत, जामझोर–खाडामाचा क्षेत्र में आक्रामक हाथी का हमला, दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल—वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

    पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में 4 लोनर हाथियों की सक्रियता से दहशत, जामझोर–खाडामाचा क्षेत्र में आक्रामक हाथी का हमला, दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल—वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

    जशपुर वन विभाग ने जारी किया अलर्ट, पत्थलगांव परिक्षेत्र में 04 लोनर हाथी सक्रिय

    हाथी दिखने पर तत्काल वन विभाग या नजदीकी वन अमले को दें सूचना

    लोनर हाथी के हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में उपचार जारी

    जशपुर : वन विभाग जशपुर द्वारा आमजन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पत्थलगांव परिक्षेत्र में लोनर हाथियों की सक्रियता को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने जानकारी दी है कि पत्थलगांव परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम जामझोर, महेशपुर, सराईटोला एवं खजरीकुड़केल के आसपास वर्तमान में 04 लोनर हाथी विचरणरत हैं। वन विभाग ने क्षेत्र के समस्त ग्रामीणजनों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें। किसी भी प्रयोजन से अकेले वन क्षेत्र अथवा खेतों की ओर न जाएँ। यदि कहीं हाथी दिखाई दे, तो तत्काल इसकी सूचना वन विभाग अथवा नजदीकी वन अमले को दें तथा वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।  विभाग द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए मानव-हाथी द्वंद को न्यूनतम करने हेतु सभी आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं।

        वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत 21 जनवरी की रात्रि को तपकरा परिक्षेत्र से एक अत्यंत आक्रामक स्वभाव का लोनर हाथी पथलगांव परिक्षेत्र के जामझोर बीट होते हुए खाडामाचा परिसर में विचरण करता हुआ ग्राम खाडामाचा पहुँचा। 22 जनवरी की प्रातः लगभग 06:00 बजे, ग्राम खाडामाचा निवासी श्री रामसाय नाग, पिता बागराम, उम्र 65 वर्ष एवं श्री संदीप नाग पिता जेठूराम, उम्र 09 वर्ष शौच क्रिया हेतु खेत की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी आक्रामक लोनर हाथी से आकस्मिक मुठभेड़ हो गई, जिसमें हाथी के हमले से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग द्वारा तत्परता दिखाते हुए घायलों को तत्काल समीपस्थ अस्पताल पहुँचाकर चिकित्सकीय उपचार प्रारंभ कराया गया। वर्तमान में दोनों घायलों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

         घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में तत्काल अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग की हाथी गश्ती टीम एवं त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा लगातार क्षेत्र का भ्रमण किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को हाथियों की उपस्थिति के संबंध में निरंतर जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

  • स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक व वार्ड बॉय भर्ती में अनुभव प्रमाण-पत्र की समय-सारिणी जारी, कोरोना काल में सेवा देने वाले अभ्यर्थियों को 29 जनवरी तक जमा करना अनिवार्य

    स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक व वार्ड बॉय भर्ती में अनुभव प्रमाण-पत्र की समय-सारिणी जारी, कोरोना काल में सेवा देने वाले अभ्यर्थियों को 29 जनवरी तक जमा करना अनिवार्य

    स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक एवं वार्ड बॉय भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण-पत्र जमा करने की समय-सारिणी जारी

    कोरोना काल में सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को संबंधित जिले के सीएमएचओ से प्राप्त करना होगा अनुभव प्रमाण पत्र

    जशपुर : संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा संभाग एवं जिला स्तरीय तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। संचालनालय द्वारा  स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष/महिला), वार्ड बॉय एवं वार्ड आया के कुल 525 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। इसके अंतर्गत व्यापम द्वारा संबंधित पदों की परीक्षा आयोजित कर परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय के आदेशानुसार कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत रहे अभ्यर्थियों को अनुभव का लाभ प्रदान किया जाना है। इसके तहत व्यापम परीक्षा में सम्मिलित ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने कोरोना काल में न्यूनतम एक वर्ष में 6 माह का कार्य अनुभव प्राप्त किया है, वे संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र में अनुभव प्रमाण-पत्र प्राप्त कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत कर सकेंगे।

    अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश –

    कोरोना महामारी के दौरान जिस जिले में अभ्यर्थी ने सेवाएं दी हैं, उसी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ नियुक्ति आदेश, जॉइनिंग आदेश एवं वेतन संबंधी दस्तावेज संलग्न करना होगा। केवल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी अनुभव प्रमाण-पत्र ही मान्य किया जाएगा। अभ्यर्थियों को यह प्रमाण-पत्र 29 जनवरी 2026 तक केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालयीन समय में संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा।

    अनुभव प्रमाण-पत्र सत्यापन एवं मेरिट सूची की समय-सारिणी –

    निर्धारित अवधि में प्राप्त अनुभव प्रमाण-पत्रों का सत्यापन 30 जनवरी 2026 से 08 फरवरी 2026 तक संभाग स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा। सत्यापन उपरांत समिति द्वारा दिनांक 09 फरवरी 2026 को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ को विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात संचालनालय द्वारा 10 फरवरी 2026 से 18 फरवरी 2026 के मध्य मेरिट सूची जारी की जाएगी। मेरिट सूची पर अभ्यर्थियों से 19 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 तक दावा-आपत्ति आमंत्रित की जाएगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात अंतिम मेरिट सूची विभागीय वेबसाइट www.cghealth.nic.in पर 10 मार्च 2026 तक अपलोड की जाएगी। संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर द्वारा संबंधित सभी अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं समय-सारिणी का पालन करते हुए समय पर अपने अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें, ताकि भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके।

  • राज्य स्तरीय रोजगार मेले से खुलेगा युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा द्वार, रायपुर में 29 से 31 जनवरी तक आयोजन, जशपुर के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 को

    राज्य स्तरीय रोजगार मेले से खुलेगा युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा द्वार, रायपुर में 29 से 31 जनवरी तक आयोजन, जशपुर के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 को

    राज्य स्तरीय रोजगार मेले से खुलेगा रोजगार का सुनहरा अवसर, रायपुर में 29 से 31 जनवरी तक होगा आयोजन, जशपुर जिले के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 जनवरी को

    जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला  29, 30 एवं 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, सेजबहार, रायपुर में आयोजित होगा। मेले में निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर-तकनीकी लगभग 15,000 पदों के लिए चयन प्रक्रिया के अंतर्गत साक्षात्कार लिया जाएगा।

         जिला रोजगार अधिकारी जशपुर ने बताया कि राज्य स्तरीय रोजगार मेले में जशपुर जिले के आवेदकों का साक्षात्कार 29 जनवरी 2026 को निर्धारित किया गया है। जिले के इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी इस अवसर का लाभ उठाकर विभिन्न निजी कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार मेले में सहभागिता के लिए अभ्यर्थियों का ऑनलाइन रोजगार पंजीयन तथा रोजगार मेला पंजीयन दोनों का किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए अभ्यर्थी erogjar.cg.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना पंजीयन कर सकते हैं। जिन आवेदकों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है, वे निर्धारित तिथि से पूर्व पंजीयन सुनिश्चित कर सकते हैं। रोजगार मेले में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 29 जनवरी 2026 को निर्धारित स्थल पर अपने समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। इसमें शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। जिला रोजगार अधिकारी जशपुर ने जिले के बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस राज्य स्तरीय रोजगार मेले में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें और रोजगार के इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, जशपुर से कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।

  • लोकतंत्र को मजबूत करने जशपुर में जिला स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह 25 जनवरी को, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार साहू होंगे मुख्य अतिथि

    लोकतंत्र को मजबूत करने जशपुर में जिला स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह 25 जनवरी को, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार साहू होंगे मुख्य अतिथि

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 : जशपुर में जिला स्तरीय समारोह 25 जनवरी को

    प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार साहू होंगे मुख्य अतिथि

    कलेक्टर ने की सहभागिता की अपील

    जशपुर : भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर जशपुरनगर में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 25 जनवरी 2026, पूर्वान्ह 10.30 बजे से स्वर्ण जयंती सेमीनार हॉल, शासकीय राम भजन राय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर में संपन्न होगा। इस गरिमामय समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अमरेन्द्र, प्राचार्य शासकीय एन.ई.एस. स्नातकोत्तर महाविद्यालय जशपुर द्वारा की जाएगी।

        समारोह का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना, मतदाता जागरूकता बढ़ाना तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर मतदाता जागरूकता से जुड़े संदेशों, उपलब्धियों एवं प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने जिले के नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से कार्यक्रम में सहभागिता कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना योगदान देने की अपील की है।

  • जहाँ कभी पैदल ही कटता था सफर, वहाँ अब दौड़ रही है बसें: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से जशपुर के दूरस्थ गांवों को मिला शहरों से सीधा जुड़ाव

    जहाँ कभी पैदल ही कटता था सफर, वहाँ अब दौड़ रही है बसें: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से जशपुर के दूरस्थ गांवों को मिला शहरों से सीधा जुड़ाव

    लम्बी दूरी हुई कम सफर हुआ आसान : लोगों को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मिल रहा लाभ, दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बस सेवा

    जशपुर : जिस गाँव में कभी बस की पहुँच नहीं थी, आज वहाँ बस के आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। सड़क पर बस दिखते ही बच्चे हाथ हिलाकर खुशी जाहिर करते हैं और हॉर्न की आवाज़ सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आते हैं—एक नई उम्मीद के साथ। यह उम्मीद अब शहर मुख्यालय, नगर मुख्यालय और विकासखंड मुख्यालय तक आसान पहुँच की है।

    यात्री बस में बैठकर लोग उन दिनों को याद करते हैं, जब उन्हें पैदल या किसी निजी वाहन के सहारे दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब हालात बदल चुके हैं। स्कूल के बच्चे समय पर स्कूल पहुँच रहे हैं, वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुँच पा रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ़ सुविधा का नहीं, बल्कि उन ग्रामीण परिवारों के सपनों का है जो विकसित भारत की कल्पना को अपने जीवन में साकार होते देख रहे हैं।

    यह परिवर्तन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से संभव हो पाया है। इस योजना के तहत आज बसें उन गाँवों तक पहुँच रही हैं, जहाँ पहले कभी बस नहीं पहुँची थी।

    पहाड़ी अंचल की महिलाओं को मिली राहत

    बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें पास के गाँव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने के लिए किसी से लिफ्ट लेनी पड़ती थी, निजी वाहन या पैदल जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह बहुत कठिन था। अब ग्रामीण बस से उनकी यह समस्या दूर हो गई है। वे कहती हैं, “यह बस मेरे लिए बहुत बढ़िया साधन बन गई है।”

    ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    बस में सफर कर रहे ग्राम मरंगी निवासी श्री दशरथ भगत हँसते हुए बताते हैं कि पहले इस सड़क पर बस नहीं चलती थी, इसलिए पैदल ही आना-जाना करना पड़ता था। “अब मुख्यमंत्री जी की पहल से बस शुरू हो गई है। हम आसानी से बगीचा जाते हैं और समय पर वापस भी लौट आते हैं।”

    यात्री श्री मंगलराम बताते हैं कि पहले वे छिछली और चंपा जैसे बाजारों तक पैदल जाया करते थे। “अब बस आने से बहुत सुविधा हो गई है। हम सब बहुत खुश हैं।”

    मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने में भी बड़ी सुविधा मिली है। यह योजना ग्रामीण जीवन को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है और जशपुर जैसे पहाड़ी व दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई राह खोल रही है।

  • जशपुर : कुआं में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में कलेक्टर ने दी राहत, पीड़ित परिवार को मिले 4 लाख रुपए

    जशपुर : कुआं में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में कलेक्टर ने दी राहत, पीड़ित परिवार को मिले 4 लाख रुपए

    जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन को आर.बी.सी. 6-4 के तहत् 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृत दी है। पत्थलगांव तहसील अंतर्गत ग्राम बालाझर निवासी स्व. विनोद कुमार ध्रुव कुआं के पानी में डूबने से 16 दिसम्बर 2024 को मृत्यु हो गई। मृतक के निकटतम वारिस उनके पत्नी रमशीला बेवा हेतु 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

  • जशपुर में सड़क विकास को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 18.26 करोड़ की लागत से 6 नई सड़कों को स्वीकृति, दूरस्थ अंचल जुड़ेंगे मुख्यधारा से

    जशपुर में सड़क विकास को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 18.26 करोड़ की लागत से 6 नई सड़कों को स्वीकृति, दूरस्थ अंचल जुड़ेंगे मुख्यधारा से

    विकास को मिल रहा नया आयाम: दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रहा है सड़क नेटवर्क

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 6 सड़कों के निर्माण के निर्माण के लिए मिली 18.26 करोड़ की स्वीकृति

    योजनाओं की पहुंच होगी आसान, विकास को मिलेगी नई गति

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितैषी नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उनके मार्गदर्शन में जिले में प्रगति और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं। विशेष रूप से अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में कुल 914 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत के 603 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी विकास यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले में 18.26 करोड़ रुपए की लागत से 6 नई सड़कों के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

          मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन 6 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें 03 करोड़ 91 लाख 68 लाख रूपए लागत के भट्ठा से सरगुजा सीमा तक सड़क मार्ग। जिसकी लंबाई 4 किलोमीटर है। इसी तरह 04 करोड़ 38 लाख 24 हजार रूपए लागत के 4.42 किमी लंबी बांसटोली से पण्डुटोली पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 53 लाख रूपए लागत के 2.52 किमी लंबी दुर्गापारा से फरसापानी मैनी पहुंच मार्ग पुल-पुलिया सहित, 02 करोड़ 62 लाख 69 हजार रूपए लागत के 2.34 किमी लंबी सरडीह से पतरापारा पहुंच मार्ग, 02 करोड़ 36 लाख 54 हजार रूपए लागत के 1.75 किमी लंबी जरूड़ाड से टटकेला पहुंच मार्ग और 02 करोड़ 44 लाख 76 हजार रूपए लागत के 2.50 किमी लंबी बांसाटोली से अकरीकोना पहुंच मार्ग के निर्माण शामिल है।

    मुख्यमंत्री  नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अधोसंरचना विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों से जिले के हर कोने में विकास की रोशनी पहुंच रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे समुदायों को विद्यालयों, सेवाओं, अस्पतालों तथा मंडियों से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण और सुधार होने से उन्हें सहूलियत मिलने के साथ ही इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने में भी आसानी होती है। अच्छी सड़कें विकास की भी कुंजी भी कही जाती है। सुरक्षित, पक्की सड़कें जिनका उपयोग मौसम के सभी हालातों में किया जा सकता है, जो पहले कभी दुर्गम रास्तों से होकर अस्पताल पहुंचते थे, देरी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, अब आधुनिक चिकित्सा केन्द्र तक आसानी से पहुंच सकते हैं। कई शोध बताते हैं कि स्कूलों, कॉलेजों तक पहुंच मार्ग हो जाने से ड्रॉप आऊट संख्या में भी कमी आती है। बाजार तक पहुंच आसान होने से किसानों को फसल का बेहतर मूल्य भी मिल पाता है। सड़कों का यह व्यापक विस्तार न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहा है। जिले के लोग इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं

  • पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत रायपुर में प्रशासनिक पुनर्गठन, 8 वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की नई जिम्मेदारी

    पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत रायपुर में प्रशासनिक पुनर्गठन, 8 वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की नई जिम्मेदारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू किए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन से जनवरी 2026 में जारी आदेश के अनुसार, राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के 8 वरिष्ठ अधिकारियों को नवीन दायित्व सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यंत पदस्थ किया गया है। यह निर्णय राजधानी में कानून-व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था के अनुरूप ढालने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    जारी आदेश के तहत श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर रायपुर को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जिला पुलिस मध्य नियुक्त किया गया है, जबकि श्री राहुल देव शर्मा को जिला पुलिस पश्चिम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री आकाश मरकाम को जिला पुलिस उत्तर, श्री विवेक शुक्ला एवं श्री डी.आर. पोर्ते को यातायात विभाग में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं, अपराध नियंत्रण एवं साइबर अपराध पर विशेष फोकस रखते हुए श्री गौरव मंडल और श्री अनुज गुप्ता को क्राइम एवं साइबर का अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। इसके साथ ही श्रीमती अर्चना झा को हेडक्वार्टर, प्रशिक्षण, DSB, AJK एवं CAW जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी पदस्थापनाओं के लिए सक्षम प्राधिकारी से समन्वय में अनुमोदन प्राप्त किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि पुलिस आयुक्त प्रणाली के अंतर्गत यह पुनर्गठन राजधानी रायपुर में तेज निर्णय प्रक्रिया, बेहतर यातायात प्रबंधन, सशक्त अपराध नियंत्रण और नागरिकों को अधिक प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • पुलिस आयुक्त प्रणाली के बाद रायपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य पुलिस सेवा के 16 अधिकारी बने सहायक पुलिस आयुक्त

    पुलिस आयुक्त प्रणाली के बाद रायपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य पुलिस सेवा के 16 अधिकारी बने सहायक पुलिस आयुक्त

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू किए जाने के बाद प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इसी क्रम में 22 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन से आदेश जारी करते हुए राज्य पुलिस सेवा के 16 अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। यह सभी पदस्थापनाएं तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावशील रहेंगी।

    जारी आदेश के अनुसार रायपुर नगर में कानून-व्यवस्था, यातायात, क्राइम, साइबर अपराध, महिला अपराध (CAW), पुलिस लाइन एवं प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर पर व्यापक फेरबदल किया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री समांकित साहू को सहायक पुलिस आयुक्त, सिविल लाइन के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि श्री दीपक मिश्रा को कोतवाली क्षेत्र का सहायक पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।

    इसी प्रकार श्री देवांश सिंह राठौर को पुरानी बस्ती, श्री नवनीत पाटिल को राजेन्द्र नगर, तथा सुश्री पूर्णिमा लामा को उरला क्षेत्र का सहायक पुलिस आयुक्त बनाया गया है। यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए श्री सतीश ठाकुर, श्री सुरेन्द्र साय पेकड़ा, श्री रमेश कुमार येरावर एवं श्रीमती सीमा अहिरवार भारकर को सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) के दायित्व सौंपे गए हैं।

    अपराध नियंत्रण एवं साइबर अपराध पर विशेष फोकस करते हुए श्री संजय कुमार सिंह एवं श्री नरेश पटेल को सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम एवं साइबर) नियुक्त किया गया है। वहीं सुश्री ज्योत्सना चौधरी को हेडक्वार्टर प्रशिक्षण (DSB), सुश्री नंदिनी ठाकुर को AJK, तथा सुश्री रुचि कर्मा और सुश्री निकिता तिवारी को महिला अपराध प्रकोष्ठ (CAW) में सहायक पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। श्री निलेश द्विवेदी को पुलिस लाइन से संबंधित दायित्व सौंपा गया है।

    गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन सभी पदस्थापनाओं के लिए सक्षम प्राधिकारी से समन्वय में अनुमोदन प्राप्त किया गया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार जारी किया गया है।

    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत यह फेरबदल रायपुर शहर में तेज़ निर्णय प्रक्रिया, बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस व्यापक बदलाव से राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • बलौदाबाजार औद्योगिक हादसे पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न-01 सील, संचालन और मेंटेनेंस पर पूर्ण प्रतिबंध

    बलौदाबाजार औद्योगिक हादसे पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न-01 सील, संचालन और मेंटेनेंस पर पूर्ण प्रतिबंध

    बलौदाबाजार में औद्योगिक हादसे पर सख्त कार्रवाई : रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न क्रमांक-01 सील, संचालन व मेंटेनेंस पर प्रतिबंध

    रायपुर : बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतर्गत ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाना परिसर में घटित भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सख्त कदम उठाया गया है। दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर कारखाना अधिनियम के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं मेंटेनेंस सहित समस्त कार्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगाए जाने का आदेश जारी किया गया है।

    कार्यालय सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार  22 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट एवं गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर लगभग 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग के माध्यम से नीचे गिराया जा रहा था।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार द्वारा उप संचालकों एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम के साथ कारखाने का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई ।इस दौरान कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कारखाना प्रबंधन द्वारा  एसओपी का पालन नहीं किया गया। किल्न का शटडाउन किए बिना श्रमिकों से अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में कार्य कराया गया। डस्ट सेटलिंग चेंबर के हाईड्रोलिक स्लाइड गेट को बंद नहीं किया गया, उचित वर्क परमिट जारी नहीं किया गया, नियमित रखरखाव का अभाव रहा तथा श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और हीट रेसिस्टेंट एप्रन, सुरक्षा जूते, हेलमेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए।

     किल्न क्रमांक-01 में विनिर्माण प्रक्रिया एवं मेंटेनेंस कार्य इमिनेंट डेंजर की स्थिति में थे। जिसके चलते कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध तब तक प्रभावशील रहेगा, जब तक कारखाना प्रबंधन द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते।

    आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधात्मक अवधि के दौरान कारखाने में नियोजित समस्त श्रमिकों को देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित तिथि में अनिवार्य रूप से किया जाए।

    सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का कहना है कि  औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।