Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

    छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

    नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

    नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे

     महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

    नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें

     आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

    रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

     मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

     बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

  • मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा अभियान 2026 के बजट प्लान की बैठक ली- दिया गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष जोर

    मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा अभियान 2026 के बजट प्लान की बैठक ली- दिया गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष जोर

    स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्लासरूम और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए तय होगी प्राथमिकता

    रायपुर : मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

     बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।

    छात्रों के ड्राप आउट को राकने करें प्रयास

     मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी। ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे।

    शिक्षक प्रशिक्षण

     राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।

    समावेशी शिक्षा

     दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा। कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।

  • स्व-सहायता समूह से मिली ताकत ने बदली जिंदगी, खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं उमा, अब ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

    स्व-सहायता समूह से मिली ताकत ने बदली जिंदगी, खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं उमा, अब ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

    समूह से मिले सहयोग से स्वरोजगार से मिली आत्मनिभर्रता-उमा

     खेती, मछली पालन और लघु व्यवसाय कर बनीं लखपति दीदी

    रायपुर : मछली पालन और छोटे व्यवसायों ने ग्रामीण भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की महिलाओं को स्वरोजगार और शानदार सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस क्षेत्र में सही जानकारी, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाएं और युवा आर्थिक रूप से मजबूत होकर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।

     कलेक्टर बलरामपुर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है।

     ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी उमा सिंह

     जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम महाराजगंज की निवासी एवं गुलाब महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य उमा सिंह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उमा ने चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से कुल 85 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया।

    लखपति दीदी के रूप में पहचान

     उमा ने 2.5 एकड़ भूमि में धान एवं 1.5 एकड़ में मक्का की खेती की। साथ ही अपनी डबरी में मछली बीज डालकर मत्स्य पालन शुरू किया। कृषि कार्यों के अलावा वे प्रतिदिन शाम को महाराजगंज चौक में चना-चाट की दुकान भी संचालित करती हैं, जिससे उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और इस वर्ष उन्होंने धान बिक्री से 1 लाख 42 हजार रुपये, मक्का से 16 हजार रुपये तथा मत्स्य पालन से 20 हजार रुपये की आय अर्जित की। विविध आजीविका गतिविधियों के जरिए वे अब गांव में लखपति दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं।

     उमा सिंह की सफलता से प्रेरित होकर आसपास के गांवों की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर उन्नत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सूक्ष्म व्यवसाय अपनाने के लिए आगे आ रही हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  • भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रदेशवासियों से बड़ी अपील, कहा — खुद सुरक्षित रहें और जरूरतमंदों, श्रमिकों व पशु-पक्षियों का भी बनें सहारा

    भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रदेशवासियों से बड़ी अपील, कहा — खुद सुरक्षित रहें और जरूरतमंदों, श्रमिकों व पशु-पक्षियों का भी बनें सहारा

    भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

  • छत्तीसगढ़ में खाली पड़ी सरकारी जमीनों का होगा बड़ा कायाकल्प, रिडेव्हलपमेंट योजना के तहत तैयार होगा डिजिटल लैंड बैंक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

    छत्तीसगढ़ में खाली पड़ी सरकारी जमीनों का होगा बड़ा कायाकल्प, रिडेव्हलपमेंट योजना के तहत तैयार होगा डिजिटल लैंड बैंक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

    छत्तीसगढ़ में अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा कायाकल्प- तैयार होगी रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना

    विभागों, निगम-मंडलों और बोर्ड की खाली जमीनों का होगा व्यवस्थित विकास, बनेगा डिजिटल लैंड बैंक

    रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

     इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।

    डिजिटल लैंड बैंक और जीआईएस मैपिंग से होगी निगरानी

     बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।

    ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

     ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Centers) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

    जर्जर भवनों को ढहाकर होगा नवनिर्माण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

     योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।

     इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त छत्तीसगढ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल श्री अवनीश शरण, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

  • छत्तीसगढ़ में अवैध शराब कारोबार पर सरकार सख्त, आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों को दी चेतावनी — अवैध परिवहन, बिक्री और मिलावट पर होगी कड़ी कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ में अवैध शराब कारोबार पर सरकार सख्त, आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों को दी चेतावनी — अवैध परिवहन, बिक्री और मिलावट पर होगी कड़ी कार्रवाई

    मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाए: आबकारी मंत्री श्री देवांगन

    पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब रोक लगाने के दिए निर्देश

    रायपुर : प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

           आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।

           इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

           मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

           आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

  • नीट यूजी में मेडिकल सीट पाने का सुनहरा अवसर, ईएसआईसी के 20 मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीटें आरक्षित

    नीट यूजी में मेडिकल सीट पाने का सुनहरा अवसर, ईएसआईसी के 20 मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीटें आरक्षित

    नीट यूजी में प्रवेश प्राप्त करने हेतु प्रदेश के संगठित क्षेत्र के बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर

    रायपुर : प्रदेश में संगठित क्षेत्र के बीमित श्रमिकों के बच्चों को स्नातक स्तर पर मेडिकल में पढ़ाई के लिए होने वाले प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में सरलता से प्रवेश प्राप्त होने का अवसर दिये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 20 मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीट आरक्षित की गई है। बीमित श्रमिकों के बच्चों को नीट यूजी में प्रवेश लेने हेतु होने वाले प्रवेश परीक्षा के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के वेबसाईटwww.esic.nic.in में आवेदन करना होगा अथवा अधिक जानकारी के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निकटवर्ती शाखा कार्यालय अथवा राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम से किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु टोल फ्री नम्बर 1800112526 में भी संपर्क कर सकते हैं। अतः श्रमिक साथियों से अपील है कि नीट यूजी में प्रवेश हेतु अपने योग्य, इच्छुक बच्चों से अधिक से अधिक आवेदन करवा कर भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की योजना का लाभ लेवें।

  • छत्तीसगढ़ के बारनवापारा जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा — यह स्वस्थ वन पारिस्थितिकी और सफल संरक्षण प्रयासों का बड़ा प्रमाण

    छत्तीसगढ़ के बारनवापारा जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा — यह स्वस्थ वन पारिस्थितिकी और सफल संरक्षण प्रयासों का बड़ा प्रमाण

    बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

    वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दी बधाई

    जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

     वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

    देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति

     बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट श्री हेमंत वर्मा ने की।

    विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत

     विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

    कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति

     यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

    बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता

     वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • जशपुर में घर की बाड़ी बनी गांजे की खेती का अड्डा, साड़ी और प्लास्टिक नेट की ओट में छिपाकर उगाए गए 40 गांजा पौधे, ऑपरेशन आघात में पुलिस का बड़ा खुलासा

    जशपुर में घर की बाड़ी बनी गांजे की खेती का अड्डा, साड़ी और प्लास्टिक नेट की ओट में छिपाकर उगाए गए 40 गांजा पौधे, ऑपरेशन आघात में पुलिस का बड़ा खुलासा

    पुलिस ने सर्च अभियान चला,40 नग गांजे के पौधे को किया जप्त, आरोपी गिरफ्तार

    मामला थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत ग्राम खिखिर टोली का

    आरोपी के विरुद्ध थाना लोदाम में 20(A) एन डी पी एस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध

    जप्त गांजे की पौधे का कुल वजन 03 किलो 646 ग्राम व अनुमानित कीमत लगभग 1लाख 82 हजार 300 रु

    नाम गिरफ्तार आरोपी -विजय सिंह उम्र 58 वर्ष निवासी ग्राम लोदाम खिखिर टोली, थाना लोदाम, जिला जशपुर (छ ग)

    जशपुर : ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस, डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार कार्यवाही कर रही है, इसी क्रम में जशपुर पुलिस को थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत एक आरोपी के घर के बाड़ी से अवैध रूप से उगाये गए 40 नग गांजे के पौधे सहित आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है।

    विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 26.05.26 को थाना लोदाम पुलिस को मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि ग्राम लोदाम खिखिर टोली निवासी आरोपी विजय सिंह उम्र 58 वर्ष, अपने घर के आंगन के पास बाड़ी में भारी मात्रा में अवैध रूप से गांजे के पौधे को उगाया है, तथा पौधे को छुपाने हेतु उसके चारों ओर प्लास्टिक की नेट व साड़ी से घेरा किया है। जिस पर लोदाम पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, पुलिस कप्तान जशपुर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के दिशा निर्देश व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में, गवाहों तथा FSL की टीम के साथ तत्काल, संदिग्ध विजय सिंह के लोदाम खिखिर टोली स्थित उसके घर आंगन की बाड़ी में छापे मारी की गई, छापे मारी के दौरान पुलिस को संदिग्ध विजय सिंह की बाड़ी में साड़ी व प्लास्टिक की नेट के घेरे के अंदर भारी मात्रा में अवैध मादक प्रदार्थ गांजा का पौधा उगा हुआ मिला, जिसे उखाड़ कर गिनने पर उसमें छोटे व बड़े पौधे मिलाकर कुल 40 नग अवैध मादक प्रदार्थ गांजे के पौधे थे, जिसमें 18 नग बड़े पौधे जिसकी अधिकतम ऊंचाई 4 फिट 7 इंच व 22 नग छोटे पौधे थे जिसकी न्यूनतम ऊंचाई 02 फिट के करीब थी,जिसे कि पुलिस के द्वारा गवाहों के समक्ष जप्त कर लिया गया, तथा मौके से संदिग्ध आरोपी विजय सिंह को हिरासत में लेकर लाया गया। जप्त गांजे के पौधे का जड़, तना व पत्ती सहित कुल वजन 03 किलो 646 ग्राम है, व अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 82हजार 300 रु है।

    पुलिस की पूछताछ पर आरोपी विजय सिंह के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त सबूत पाए जाने पर उसके विरुद्ध थाना लोदाम में 20 ( A) एन डी पी एस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लेते हुए विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जावेगा।

    कार्यवाही व गांजे के पौधे सहित आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक बूटा सिंह, बसंत खुटिया, हेमंत कुजूर व महिला आरक्षक प्रतिमा तिग्गा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस नशे के सौदागरों पर सतत् नजर रखी हुई है, थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत एक घर की बाड़ी से 40 नग गांजे के पौधे को जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

  • जशपुर में उत्कर्ष योजना के तहत होने वाली प्रवेश परीक्षा पर लगी रोक, इम्पैनलमेंट प्रक्रिया में विलंब के कारण आवेदन प्रक्रिया भी स्थगित

    जशपुर में उत्कर्ष योजना के तहत होने वाली प्रवेश परीक्षा पर लगी रोक, इम्पैनलमेंट प्रक्रिया में विलंब के कारण आवेदन प्रक्रिया भी स्थगित

    मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना की प्रवेश प्रक्रिया स्थगित

    कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा फिलहाल टली, आवेदन प्रक्रिया भी रोकी गई

    जशपुर : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। पूर्व में जारी निर्देशानुसार 26 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालय में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जानी थी तथा इच्छुक विद्यार्थियों से 20 जून 2026 तक आवेदन पत्र संबंधित शाला प्रमुख के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा गया था।

     आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार संस्था इम्पैनलमेंट एवं प्रवेश प्रक्रिया में विलंब होने के कारण वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु योजना की प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। विभाग ने संबंधित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय निर्देशों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।