Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • सुशासन तिहार 2026 : 12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेगा मेगा समाधान शिविर, मौके पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

    सुशासन तिहार 2026 : 12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेगा मेगा समाधान शिविर, मौके पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

    सुशासन तिहार 2026 : 12 मई को महुआ और जशपुर नगर पालिका में लगेंगे शिविर, समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में शिविरों का आयोजन जारी है। इसी क्रम में 12 मई 2026 को बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम महुआ और नगर पालिका परिषद जशपुर में शिविर आयोजित किए जाएंगे। महुआ शिविर में महुआ, सन्ना, तोरा, डोभ, कोपा, लोरो, भादू, बहोरा, लरंगा, भंवर, कामारिमा और कवई के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

     जशपुर नगर पालिका शिविर में नगर पालिका परिषद जशपुर के वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक के नागरिक शिविर का लाभ ले सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

  • थॉमस कप-2026 पर जसवंत क्लॉडियस का बड़ा खुलासा : विश्व मंच पर पदक जीतने वाले शटलरों को नहीं मिला सम्मान, एयरपोर्ट पर उपेक्षा से छलका खिलाड़ियों का दर्द

    थॉमस कप-2026 पर जसवंत क्लॉडियस का बड़ा खुलासा : विश्व मंच पर पदक जीतने वाले शटलरों को नहीं मिला सम्मान, एयरपोर्ट पर उपेक्षा से छलका खिलाड़ियों का दर्द

    बैडमिंटन : थामस कप-2026, डेनमार्क में 24 अपैल से 03 मई तक सम्पन्न, राष्ट्रदूत खिलाडिय़ों के सम्मान में कमी, एक दुर्भाग्यपूर्ण कड़ी

    आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर- छत्तीसगढ़

    रायपुर : अन्य खेलों के विश्वकप की तरह बैडमिंटन में थामस कप प्रतियोगिता को इस खेल की विश्व चैंपियनशिप कह सकते हैं। थामस कप में पुरुष खिलाडिय़ों के बीच मुकाबला होता है। भारतीय टीम इस स्पर्धा के सेमीफायनल में फ्रांस से शिकस्त खाकर कांस्य पदक जीत सकी। भारतीय टीम में विश्व में 11वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन तथा 18वीं वरीयता प्राप्त आयुष शेट्टी ,किदांबी श्रीकांत एचएस प्रणय थे जबकि युगल में विश्व में चौथी वरीयता प्राप्त सात्विक साई राज रंकारेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शामिल थी। वैसे भी बैडमिंटन में एशियाई देशों का दबदबा है।

    थामस कप को अब तक इंडोनेशिया ने 14, मलेशिया ने 9, चीन ने 3 फिर भारत जापान डेनमार्क ने एक बार जीता है। 2026 के टूर्नामेंट में 16 देशों की पुरुष टीमों ने भाग लिया जिसमें ग्रुप ए में भारत के साथ चीन, कनाडा,आस्टेलिया की टीम थी। ग्रुप बी में जापान मलेशिया इंग्लैंड, फिनलैंड ग्रुप सी में चाइनीज ताईपे, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, स्वीडन ग्रुप डी में थाईलैंड, फ्रांस, इंडोनशिया, अल्जीरिया की टीम थी। सेमीफायनल में भारत का मुकाबला फ्रांस के साथ हुआ. फ्रांस की टीम में दुनिया के प्रमुख 20 खिलाडिय़ों में तीन शामिल थे जिसमें विश्व वरीयता में 4 नंबर के क्रिस्टो पोपोव, 10 नंबर अलैक्स लनियार 17 नंबर ट्रोका पोपोव सम्मिलित थे।

    भारतीय टीम ने ग्रुप मैच में चीन से पराजित हुई। कनाडा व आस्ट्रेलिया को पराजित करके नाकआउट दौर में प्रवेश किया। क्वार्टर फायनल में भारत ने चीनी ताइपे को 3.0 से परािजत करके सेमीफयनल में प्रवेश किया जहां फ्रांस ने उसे 3-0 से हरा दिया। इसकी प्रमुख वजह फ्रांस के खिलाडिय़ों की श्रेष्ठता रही विश्व वरीयता में वैसे भी फ्रांस के खिलाड़ी भारत के ऊपर थे. 2022 में भारतीय टीम थामस कप विजेता रही थी. बैडमिंटन के भारतीय महिला व पुरुष खिलाडिय़ों के इतिहास पर नजर डालने से पता चलता है कि कम सुविधा के बावजूद उन्होंने बड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

    जैसे भारत की साईना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलंपिक में तथा पीवी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में रजत जबकि 2020 टोक्यो में कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा 1980 और 2001 में क्रमश: प्रकाश पादुकोण व पुलेला गोपीचंद ने प्रतिष्ठित आल इंग्लैंड बैडमिटन टूर्नामेंट के पुरुषों के एकल टाइटिल पर कब्जा जमाया। इस दृष्टि से छत्तीसढ़ की आकर्षि कश्यप, संगीता राजगोपालन, कविता दीक्षित, पुरुष वर्ग में संजय मिश्रा, जयंत देवांगन, समन शुक्ला, ईशान भटनागर आदि प्रमुख शटलर हैं। आज बैडमिंटन में एक से बढ़कर एक प्रतिभा सामने आ रही है।

    बैडमिंटन का मुकाबला नई तकनीक, रणनीति की वजह से अत्यंत संघर्षपूर्ण हो गया है। भारत में बैडमिंटन के खिलाडी जो भी उभरकर आ रहे हैं अधिकांश: उनके परिवार, अभिभावक साधन सम्पन्न है। रेकेट से खेले जाने वाले शटल काक की कीमत निरंतर बढ़ती जा रही है। इंडोर स्टेडियम की संख्या गिनी चुनी है उसमें भी बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण बहुत कम हुआ है। इतनी विपरीत परिस्थिति में भी हमारे बैडमिंटन खिलाडियों ने जब विश्व में कांस्य जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया तो हमें ऐसे अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय खिलाडिय़ों को राष्ट्रदूत से संबेाधित करना चाहिए और बैडमिंटन ही नहीं किसी भी खेल के खिलाड़ी द्वारा विश्व स्तर की स्पर्धा में पदक जीतकर आये तो उनका पूरी गर्मजोशी से स्वागत करना चाहिए। थामस कप 2026 में कांस्य जीतने वाली टीम के सदस्य टीम के खिलाड़ी सात्विक इस उपलब्धि पर भारत के लोगों के व्यवहार से काफी दुखी हुए। उन्होंने कहा कि हमारे देश के लोग अपने वतन के लिए अपना तन मन धन लगा देने वाले हमारे साथियों को जर्मनी से हैदराबाद हवाई अड्डे से बाहर निकलते तक न तो हमें किसी ने बधाई दी ना ही हमसे कुछ बातचीत की। यहां तक हैदराबाद हवाई अड्डे के बाहर थामसकप उपविजेता टीम के खिलाडिय़ों ने स्वयं कैब बुक किया। याने उन्हें हैदराबाद में न तो कोई प्रशंसक मिले न ही बैडमिंटन फेडरेशन के कोई सदस्य सचमुच यह घटना दुःखद है। इसके लिए भारतीय बैडमंटन संघ व हैदराबाद के पदाधिकारियों के साथ ही टीम प्रबंधन हैं। मीडिया को इन खिलाडिय़ों को भारत आगमन की जानकारी उपलब्ध न कराई जाना बेहद पीड़ादायक है। एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खेल के माध्यम से भारत को विश्व की बड़ी ताकत बनाने प्रयासरत हैं दूसरी तरफ हमारे देश के खेलप्रेमी अगर किसी एक खेल के खिलाडिय़ों को भगवान समझने लगे हैं तो यह परिस्थिति भारत के खेल के उज्ज्वल भविष्य के लिए घातक है।

  • सुशासन तिहार 2026 का असर : किलकिला शिविर में 7 जरूरतमंदों को मिला पेंशन स्वीकृति आदेश, दिव्यांग हितग्राही को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र

    सुशासन तिहार 2026 का असर : किलकिला शिविर में 7 जरूरतमंदों को मिला पेंशन स्वीकृति आदेश, दिव्यांग हितग्राही को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र

    सुशासन तिहार 2026 : किलकिला शिविर में 7 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, दिव्यांग को मिला श्रवण यंत्र

    जशपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे “सुशासन तिहार 2026” के तहत जिलेभर में लगातार समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शासन की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से प्रशासन गांव-गांव पहुंच रहा है।

    इसी क्रम में पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम किलकिला में आयोजित शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर के दौरान 7 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश वितरित किए गए, वहीं एक दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र प्रदान कर राहत पहुंचाई गई।

    कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश एवं आवश्यक सामग्री वितरित की। शिविर में ग्रामीणों ने शासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन अब सीधे गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।

    सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

  • KPL चैप्टर 4 में रोमांच का विस्फोट: अजय गुप्ता और खागेश कुमार की तूफानी बल्लेबाजी से MI ने DC को 42 रन से रौंदा, आखिरी ओवर के थ्रिलर में LSG ने CSK से छीनी जीत

    KPL चैप्टर 4 में रोमांच का विस्फोट: अजय गुप्ता और खागेश कुमार की तूफानी बल्लेबाजी से MI ने DC को 42 रन से रौंदा, आखिरी ओवर के थ्रिलर में LSG ने CSK से छीनी जीत

    कुनकुरी : कुनकुरी की धरती इन दिनों क्रिकेट के महायुद्ध का गवाह बन रही है, जहां हर मुकाबला रोमांच, जुनून और सनसनी की नई कहानी लिख रहा है। कुनकुरी प्रीमियर लीग (KPL) चैप्टर 4 अब सिर्फ एक स्थानीय टूर्नामेंट नहीं रहा, बल्कि यह ऐसा क्रिकेट महाकुंभ बन चुका है जिसने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मैदान में उतरते ही खिलाड़ी किसी योद्धा की तरह जीत के लिए भिड़ रहे हैं, दर्शकों की धड़कनें हर गेंद के साथ तेज हो रही हैं और हर चौका-छक्का पूरे मैदान को तालियों और शोर से गूंजा रहा है। शुक्रवार को खेले गए मुकाबलों ने तो रोमांच की सारी हदें ही पार कर दीं, जहां एक ओर कुनकुरी इंडियंस (MI) ने धमाकेदार जीत से विरोधियों को झकझोर दिया, वहीं दूसरे मैच में कुनकुरी सुपर जायंट्स (LSG) ने आखिरी पलों में बाज़ी मारकर मैदान में सनसनी फैला दी।

    दिन के पहले मुकाबले में कुनकुरी इंडियंस (MI) और कुनकुरी कैपिटल्स (DC) आमने-सामने थीं। मैच शुरू होते ही MI के बल्लेबाजों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कैपिटल्स के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। खागेश कुमार ने केवल 7 गेंदों में 22 रन ठोककर टीम को विस्फोटक शुरुआत दिलाई। इसके बाद अजय गुप्ता ने नाबाद 38 रनों की शानदार पारी खेलते हुए मैदान में चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। कृष्णा ने भी 15 गेंदों में 28 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और MI ने 10 ओवर में 114 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। DC की ओर से छोटू निषाद और रविराज ने 2-2 विकेट लेकर वापसी की कोशिश की, लेकिन इंडियंस के बल्लेबाज पूरी तरह हावी रहे।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी DC की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। शुरुआती विकेट गिरते ही पूरी टीम लड़खड़ा गई और रन बनाने के लिए संघर्ष करती दिखाई दी। रविराज ने 13 और मोहम्मद अनवर ने 18 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन MI के गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। अजय गुप्ता ने गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 3 विकेट झटके, जबकि ऋषि ठाकुर, कृष्णा और खागेश कुमार ने धारदार गेंदबाजी कर कैपिटल्स को 72 रन पर समेट दिया। इस तरह MI ने 42 रन की बड़ी जीत दर्ज कर पूरे टूर्नामेंट में अपनी ताकत का जोरदार संदेश दे दिया।

    दिन का दूसरा मुकाबला कुनकुरी सुपर किंग्स (CSK) और कुनकुरी सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया, जिसने दर्शकों की सांसें आखिरी गेंद तक थामे रखीं। CSK की शुरुआत खराब रही, लेकिन मन्नू मेहरा ने अकेले दम पर पारी संभालते हुए 19 गेंदों में 39 रन की तूफानी पारी खेली। राज भगत और रघु सिंह ने भी उपयोगी रन जोड़कर टीम को 78 रन तक पहुंचाया। LSG की ओर से भोले हरि ने घातक गेंदबाजी करते हुए केवल 3 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच का पूरा रुख बदल दिया। प्रिंस कुमार ने भी शानदार गेंदबाजी कर 2 विकेट अपने नाम किए।

    जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी LSG की टीम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। दिलीप साईं पैंकरा ने 22 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि अभिषेक यादव ने 15 रन बनाकर टीम को संभाले रखा। जैसे-जैसे मैच अंतिम ओवरों में पहुंचा, मैदान का रोमांच चरम पर पहुंच गया। आखिरकार प्रिंस कुमार ने दबाव के बीच ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम को 5 विकेट से शानदार जीत दिला दी। हालांकि CSK के भोले हरि ने गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट लिए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

    पूरे टूर्नामेंट का संचालन बेहद भव्य और पेशेवर अंदाज में किया जा रहा है। KPL चेयरमैन सीए बिनीत कुमार जिंदल, सचिव महेश त्रिपाठी और अध्यक्ष चेतन “चिंटू” गुप्ता के नेतृत्व में आयोजन समिति लगातार इस क्रिकेट महोत्सव को सफल बनाने में जुटी हुई है। समिति सदस्य आशीष सिंह, विवेक बजाज, प्रकाश राणा, राजा बघवार, लिंकन केरकेट्टा और अर्जू नागेशिया भी आयोजन को शानदार बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    मैदान में अंपायरिंग की जिम्मेदारी आशीष नायक, प्रीतम महंत, मयूर गर्ग, अभिषेक झा, अरविंद नांदे और सुधीर सिन्हा निभा रहे हैं, जबकि कमेंट्री बॉक्स में सुनील रे, रवि चौहान, नितीश शर्मा, राहुल बजाज, राकेश सिंह, ओम गुप्ता और विनय संवाशी अपनी दमदार आवाज से दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ा रहे हैं। स्कोरिंग का जिम्मा सारांश सिंह “गन्नू” और समीम शेख संभाल रहे हैं।

    KPL चैप्टर 4 में विजेता टीम को ₹1,00,000, उपविजेता को ₹51,000, तीसरे स्थान पर ₹21,000 और चौथे स्थान पर ₹11,000 के साथ आकर्षक ट्रॉफी दी जाएगी। लगातार हो रहे रोमांचक मुकाबलों ने इस टूर्नामेंट को कुनकुरी ही नहीं, पूरे क्षेत्र का सबसे चर्चित क्रिकेट आयोजन बना दिया है। अब हर किसी की नजर अगले मुकाबलों पर टिकी है, जहां फिर नई जंग, नया रोमांच और नई सनसनी देखने को मिलेगी।

  • वायरल वीडियो पर प्रशासन का स्पष्टीकरण : उड़ीसा में निवासरत होने से छूटा था नाम, अब पात्र हितग्राही को मिलेगा पीएम जनमन योजना का आवास, समाधान शिविर में बना राशन और जॉब कार्ड

    वायरल वीडियो पर प्रशासन का स्पष्टीकरण : उड़ीसा में निवासरत होने से छूटा था नाम, अब पात्र हितग्राही को मिलेगा पीएम जनमन योजना का आवास, समाधान शिविर में बना राशन और जॉब कार्ड

    विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों हेतु सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत एवं 21 हजार आवास पूर्ण

    वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

    समाधान शिविर में हितग्राही का बनवाया गया राशन कार्ड और जॉब कार्ड

    रायपुर : राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।

     सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।

     उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।

     जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

  • सुशासन तिहार ने बदली अनिल की जिंदगी : 12 किलोमीटर का कठिन सफर अब हुआ आसान, मोटरराइज्ड ट्राइसिकल से दिव्यांग छात्र के सपनों को मिली नई उड़ान

    सुशासन तिहार ने बदली अनिल की जिंदगी : 12 किलोमीटर का कठिन सफर अब हुआ आसान, मोटरराइज्ड ट्राइसिकल से दिव्यांग छात्र के सपनों को मिली नई उड़ान

    सफलता की कहानी : सुशासन की रफ़्तार 12 किमी का मुश्किल सफर अब अनिल के लिए हुआ आसान

    रायपुर : हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो कोई भी बाधा सपनों को नहीं रोक सकती। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम नागपुरा के रहने वाले अनिल कुमार की कहानी आज इसी बदलाव की गवाही दे रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से मिली एक मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल ने न केवल अनिल के रास्ते की दूरी कम की है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है।

    चुनौतियों से भरा था शिक्षा का पथ

     अनिल कुमार 12वीं कक्षा के छात्र हैं और 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उनके मन में पढ़ने की तीव्र इच्छा है। लेकिन उनके घर से स्कूल की दूरी 12 किलोमीटर है। रोज़ लंबी दूरी तय करना, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और स्कूल पहुँचने के लिए दूसरों पर निर्भरता अनिल की पढ़ाई में बड़ी बाधा थी। अनिल के परिवार वाले भी उनकी सुरक्षा और पहुँच को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।

    समाधान शिविर में मिली त्वरित राहत

     बानाबेल में आयोजित श्सुशासन तिहारश् समाधान शिविर अनिल के जीवन में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अनिल ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही आवेदन का निराकरण किया और अनिल को मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल प्रदान की।

    आत्मनिर्भरता की नई मुस्कान

     ट्राइसिकल की चाबी मिलते ही अनिल के चेहरे पर जो चमक दिखी, वह आत्मनिर्भर होने के गर्व की थी। अब अनिल बिना किसी मानवीय सहारे के स्वयं वाहन चलाकर समय पर स्कूल पहुँच सकेंगे। पहले स्कूल पहुँचना ही सबसे बड़ी चुनौती थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब मेरी मुश्किलें आसान हो गई हैं। अनिल कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने मेरे सपनों को नई रफ़्तार दी है।

  • तेंदूपत्ता बीनने वाले परिवार का बेटा बना IFS अधिकारी : वनांचल के अजय गुप्ता ने 91वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास, संघर्ष से सफलता तक की कहानी बनी लाखों युवाओं की प्रेरणा

    तेंदूपत्ता बीनने वाले परिवार का बेटा बना IFS अधिकारी : वनांचल के अजय गुप्ता ने 91वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास, संघर्ष से सफलता तक की कहानी बनी लाखों युवाओं की प्रेरणा

    वनांचल के सपनों को मिली नई उड़ान : तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी

    अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।

     रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ।

    संघर्ष की जमीन से सफलता के आसमान तक

     अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था।

    सरकारी योजनाओं ने पंखों को दी मजबूती

     अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने ‘कैशलेस सपोर्ट’ और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।

    अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ और ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।

    वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक

     वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है।

    युवाओं के लिए नया आदर्श

     अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।

  • अब वैज्ञानिक तकनीक से बदलेगा बकरी पालन का भविष्य : धमतरी में स्थापित होगा अत्याधुनिक रिसर्च और ब्रीडिंग सेंटर, युवाओं और पशु सखियों को मिलेगा रोजगार व प्रशिक्षण

    अब वैज्ञानिक तकनीक से बदलेगा बकरी पालन का भविष्य : धमतरी में स्थापित होगा अत्याधुनिक रिसर्च और ब्रीडिंग सेंटर, युवाओं और पशु सखियों को मिलेगा रोजगार व प्रशिक्षण

    धमतरी का भटगांव बनेगा इनोवेशन हब : छत्तीसगढ़ के पहले अत्याधुनिक बकरी ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर की तैयारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से धमतरी जिले का भटगांव एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। कलेक्टर की विशेष पहल पर यहाँ राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र न केवल पशुपालन के पारंपरिक स्वरूप को बदलेगा, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्यमिता का एक ग्लोबल मॉडल पेश करेगा।

    वैज्ञानिक पशुपालन- परंपरा और तकनीक का संगम

     यह केंद्र पारंपरिक बकरी पालन की सीमाओं को तोड़कर इसे आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय में बदलेगा। केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच और त्वरित रोग निदान के लिए हाई-टेक प्रयोगशाला होगी। रिसर्च यूनिट के माध्यम से बकरी की उन्नत नस्लों का संरक्षण और प्रजनन किया जाएगा, जिससे पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता के पशु मिल सकें। पशुओं के लिए टिकाऊ आहार और विभिन्न प्रकार के हरे चारे के उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा।

    कौशल विकास- पशु सखियों और युवाओं को मिलेगा नया मंच

     कलेक्टर धमतरी के विजन के अनुसार, यह केंद्र केवल एक ब्रीडिंग सेंटर नहीं बल्कि एक लर्निंग सेंटर भी होगा। युवाओं और किसानों के लिए हॉस्टल की सुविधा के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रथम चरण में ही 10-12 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। पशु सखियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    भविष्य का रोडमैप- माणिकस्तु के साथ ग्लोबल विजन

     परियोजना की सफलता के लिए ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु (डंदपोजन) के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री के लिए एक पारदर्शी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहाँ राज्य की सबसे आधुनिक समर्पित पशुधन मंडी और पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजना है।

  • कोलकाता से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का रायपुर में जोरदार स्वागत : भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह, पश्चिम बंगाल में सुशासन के नए दौर की जताई उम्मीद

    कोलकाता से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का रायपुर में जोरदार स्वागत : भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह, पश्चिम बंगाल में सुशासन के नए दौर की जताई उम्मीद

    पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक विजय के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रायपुर आगमन पर भव्य स्वागत

    रायपुर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय के बाद राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उनके साथ उपस्थित थे। भाजपा प्रतिनिधियों, महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता श्री उज्ज्वल दीपक, सोशल मीडिया संयोजक श्री मितुल कोठारी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद थे। कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और एयरपोर्ट परिसर “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने कोलकाता गए हुए थे। इस अवसर को पश्चिम बंगाल में विकास एवं सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

    इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल : रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत कई शहरों में इंजीनियरों के तबादले, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

    नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल : रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत कई शहरों में इंजीनियरों के तबादले, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

    नगरीय प्रशासन विभाग में इंजीनियरों का हुआ तबादला, रायपुर-बिलासपुर समेत कई शहरों के अधिकारी बदले

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ इंजीनियरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत राज्य के विभिन्न निकायों में पदस्थ कार्यपालन और सहायक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

     राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार लाल महेंद्र प्रताप सिंह कार्यपालन अभियंता को नगर निगम रायपुर से नगर निगम बिलासपुर भेजा गया है। इसी प्रकार दिनेश नेताम कार्यपालन अभियंता को कवर्धा से स्थानांतरित कर संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग में पदस्थ किया गया है।

     अभियंताओं की नई पदस्थापना में बृजेश श्रीवास्तव सहायक अभियंता को कोण्डागांव से बिलासपुर और ललित कुमार त्रिवेदी सहायक अभियंता को भी बिलासपुर में प्रभारी कार्यपालन अभियंता की कमान सौंपी गई है। दुर्ग क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत सी.बी. परगनिहा सहायक अभियंता को दुर्ग से धमतरी, हेमन्त कुमार साहू सहायक अभियंता को भिलाई-चरौदा से नगर निगम दुर्ग और चन्द्रशेखर सारथी सहायक अभियंता को रायगढ़ से नगर पालिका चांपा भेजा गया है। वहीं नवा रायपुर में पदस्थ गगन वासन अब नगर निगम जगदलपुर में सहायक अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

    रिसाली कार्यपालन अभियंता को मिला अतिरिक्त प्रभार

     प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए नगर पालिक निगम रिसाली के कार्यपालन अभियंता सुनील दुबे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग) के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।