Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • जशपुर ब्रेकिंग : ‘50 ट्रैक्टर रेत’ के दावे पर प्रशासन की बड़ी जांच, धसमा में नहीं मिला अवैध खनन — ग्रामीण बोले PM आवास के लिए नदी से लाते थे रेत

    जशपुर ब्रेकिंग : ‘50 ट्रैक्टर रेत’ के दावे पर प्रशासन की बड़ी जांच, धसमा में नहीं मिला अवैध खनन — ग्रामीण बोले PM आवास के लिए नदी से लाते थे रेत

    धसमा में अवैध रेत खनन नहीं, PM आवास के लिए ले जाते थे ग्रामीण

    जशपुर : समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार ‘बहती नदी से तरक्की, धरसा की लावा नदी से रोज निकाल रहे 50 ट्रैक्टर रेत‘‘ के संबंध में ग्राम धसमा, तहसील मनोरा में उपस्थित ग्रामवासियों के समक्ष 16 मई 2026 को जांच की गई।

    ग्रामवासियों ने बताया कि दो सप्ताह पहले ग्रामवासियों द्वारा स्वयं के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने हेतु रेत गांव के पास लावा नदी से लाई गई थी। गांव वाले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पास की लावा नदी से रेत लाते हैं। प्रतिदिन 50 ट्रैक्टर रेत नहीं निकलता है। वर्तमान में नदी से किसी के द्वारा भी रेत नहीं निकाला जा रहा है। जांच के दौरान रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते नहीं पाया गया।

    लावा नदी में ग्राम रातामाटी में रेत खदान 02 फरवरी 2024 से 01 फरवरी 2026 तक स्वीकृत रही है। जिसमें आगामी 03 वर्ष की कालावधि के लिए उत्खनिपट्टा स्वीकृति हेतु अनुबंध निष्पादन व पंजीयन कराएं जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

  • KPL चैप्टर 4 में क्रिकेट का महायुद्ध: रोहित गुप्ता की तूफानी फिफ्टी से MI ने KKR को रौंदा, आखिरी गेंद के रोमांच में GT ने LSG को चटाई धूल

    KPL चैप्टर 4 में क्रिकेट का महायुद्ध: रोहित गुप्ता की तूफानी फिफ्टी से MI ने KKR को रौंदा, आखिरी गेंद के रोमांच में GT ने LSG को चटाई धूल

    कुनकुरी के मैदान में चौकों-छक्कों की बरसात, दर्शकों के शोर से गूंजा पूरा शहर

    कुनकुरी : नागे के खेल मैदान में आयोजित KPL चैप्टर 4 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। बुधवार को खेले गए लीग मुकाबलों ने क्रिकेट प्रेमियों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। मैदान में जहां बल्लेबाजों ने तूफानी अंदाज में रन बरसाए, वहीं गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदों से मुकाबलों का रुख पलट दिया। हर चौके-छक्के पर दर्शकों की गूंज पूरे मैदान में सुनाई दी और दोनों मुकाबले अंत तक रोमांच से भरपूर रहे। KPL चैप्टर 4 अब केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि कुनकुरी नगर में क्रिकेट का सबसे बड़ा उत्सव बन चुका है।

    रोहित गुप्ता के तूफान में उड़ी KKR, MI ने 46 रन से दर्ज की धमाकेदार जीत

    दिन के पहले मुकाबले में Kunkuri Indians MI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Kunkuri Knight Riders KKR को 46 रनों से करारी शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए MI के बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक नजर आए और 10 ओवर में 138 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

    MI की ओर से रोहित गुप्ता ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल 25 गेंदों में 51 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चौकों और लंबे छक्कों की बारिश देखने को मिली। अनंत मिरास मिंज ने भी 12 गेंदों में 28 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मैच का रोमांच बढ़ा दिया। अजय गुप्ता ने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    138 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी KKR की टीम शुरुआत से दबाव में दिखी। लक्ष्मण बेहरा और बंटी ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन MI की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल सके। पूरी टीम 92 रन पर सिमट गई।

    गेंदबाजी में कृष्णा ने बेहद किफायती स्पेल डालते हुए 2 ओवर में सिर्फ 3 रन देकर 1 विकेट हासिल किया, जबकि कालू गर्ग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट झटके और KKR की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया।

    मैन ऑफ द मैच: रोहित गुप्ता – विस्फोटक 51 रन

    आखिरी गेंद तक चला रोमांच, GT ने LSG को 4 रन से हराया

    दिन का दूसरा मुकाबला बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाला साबित हुआ। KUNKURI TITANS GT और KUNKURI SUPER GAINTS LSG के बीच खेले गए इस मुकाबले में आखिरी गेंद तक जीत-हार का फैसला नहीं हो पाया।

    GT ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 69 रन बनाए। कप्तान धीरज एक्का ने 12 गेंदों में 22 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि इमरान खान ने तेज 12 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    70 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी LSG की टीम ने शानदार शुरुआत की। अविनाश चौहान ने 16 गेंदों में 29 रन बनाकर मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया। अंतिम ओवरों में दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं, लेकिन GT के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए LSG को 65 रन पर रोक दिया।

    GT की जीत के सबसे बड़े हीरो किशन कुमार मुंजनी रहे, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए 2 ओवर में 3 विकेट झटककर मैच का पासा पलट दिया।

    मैन ऑफ द मैच: किशन कुमार मुंजनी – 3 विकेट

    KPL चैप्टर 4 बना कुनकुरी की नई पहचान

    KPL चैप्टर 4 का सफल आयोजन KPL चेयरमैन CA बिनीत कुमार जिंदल, सचिव महेश त्रिपाठी एवं KPL 2026 अध्यक्ष चेतन गुप्ता “चिंटू” के नेतृत्व में लगातार भव्य रूप से किया जा रहा है। समिति सदस्य आशीष सिंह चंकी, विवेक बजाज, प्रकाश राणा, राजा बघवार, लिंकन केरकेट्टा, अर्जू नागेसिया एवं कनाम आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    मैचों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी आशीष नायक, प्रीतम महंत, मयूर गर्ग, अभिषेक झा, अरविंद नांदे एवं सुधीर सिन्हा ने निभाई। कमेंट्री में सुनील राय, रवि चौहान, नितीश शर्मा, राहुल बजाज, राकेश सिंह, ओम गुप्ता एवं विनय सनवासी ने दर्शकों का उत्साह लगातार बनाए रखा। स्कोरिंग का कार्य सारांश सिंह गन्नू एवं समीम शेख द्वारा किया गया।

    इनामी राशि ने बढ़ाया खिलाड़ियों का जोश

    KPL चैप्टर 4 में विजेता टीम को ₹1,00,000, उपविजेता को ₹51,000, तृतीय पुरस्कार ₹21,000 तथा चतुर्थ पुरस्कार ₹11,000 के साथ आकर्षक ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। यही वजह है कि हर मुकाबले में खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।

  • खाद गबन मामले में सरकार का बड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रभारी शाखा प्रबंधक तत्काल निलंबित, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का सख्त संदेश

    खाद गबन मामले में सरकार का बड़ा एक्शन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रभारी शाखा प्रबंधक तत्काल निलंबित, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का सख्त संदेश

    खाद गबन मामले में बड़ी कार्रवाई: प्रभारी शाखा प्रबंधक निलंबित

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक ने की कार्रवाई

    रायपुर : सुशासन तिहार 2026 के दौरान आमजन की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। कोरिया जिले की जिल्दा समिति, खड़गंवा में खाद वितरण से जुड़े गबन प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    खाद वितरण में अनियमितता और गबन की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की समीक्षा की गई। जांच में कार्यवाही के प्रति गंभीर लापरवाही उजागर होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आज श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा, सहायक लेखापाल (प्रभारी शाखा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शिकायत सामने आते ही प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है।

  • सौम्य चेहरे के पीछे सख्त प्रशासनिक संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा एक्शन, कोरिया के सहायक आयुक्त निलंबित; पेयजल संकट और खराब परीक्षा परिणाम पर अफसरों की लगी क्लास

    सौम्य चेहरे के पीछे सख्त प्रशासनिक संदेश: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा एक्शन, कोरिया के सहायक आयुक्त निलंबित; पेयजल संकट और खराब परीक्षा परिणाम पर अफसरों की लगी क्लास

    सौम्य मुख्यमंत्री श्री साय का सख्त रूख

    कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित

    मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले में पेयजल की समस्या और स्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर जतायी नाराजगी

    सुशासन तिहार में सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं।

           मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।

           मुख्यमंत्री श्री साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।

           मुख्यमंत्री ने श्री साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके।

           मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

  • “स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल होते ही बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर : डॉ. रमन सिंह बोले- व्यापार, उद्योग और निवेश का बनेगा नया पावरहाउस, ओपी चौधरी ने उद्यमियों को दिए AI, बायोफ्यूल और हाइड्रोजन एनर्जी में निवेश के मंत्र”

    “स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल होते ही बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर : डॉ. रमन सिंह बोले- व्यापार, उद्योग और निवेश का बनेगा नया पावरहाउस, ओपी चौधरी ने उद्यमियों को दिए AI, बायोफ्यूल और हाइड्रोजन एनर्जी में निवेश के मंत्र”

    स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

    नई अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशें उद्यमी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

    राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभ

    रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

     विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

     विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है।

    भविष्य की तकनीकों और नए अवसरों पर ध्यान दें व्यापारी

     वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है।

    व्यापारी-उद्यमी सम्मानित

     कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए श्री नंदलाल राठी, श्री टीकमदास साहू, श्रीमती हीना बेन रायचा, श्री शेखर बोथरा, श्री उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया।

     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी, समाजसेवी श्री खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री कमलेश बैद, श्री ज्ञानचंद बाफना और श्री अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पद्मश्री फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • “एक्के नम्बर, सब्बो बर” : सुरक्षित छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना ‘नेक्स्ट जेन CG डायल-112’, 22 हाईटेक आपातकालीन वाहनों को मिली हरी झंडी, अब हर संकट में मिनटों में पहुंचेगी मदद

    “एक्के नम्बर, सब्बो बर” : सुरक्षित छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना ‘नेक्स्ट जेन CG डायल-112’, 22 हाईटेक आपातकालीन वाहनों को मिली हरी झंडी, अब हर संकट में मिनटों में पहुंचेगी मदद

    सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर कदमः ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ के आधुनिक वाहनों को हरी झंडी

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राजनांदगांव से वाहनों को किया रवाना

    बेड़े में 18 डायल-112, 3 हाईवे पेट्रोलिंग और 1 फॉरेंसिक वाहन सहित कुल 22 अत्याधुनिक गाड़ियां शामिल

    नया ध्येय वाक्यः “एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता… डायल 112 – एक्के नम्बर, सब्बो बर”

    रायपुर : आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजनांदगांव में आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    आधुनिक तकनीक से और मजबूत होगी पुलिस व्यवस्था

     वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं का आधुनिकीकरण नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। “एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता” की सोच पर आधारित डायल-112 सेवा प्रदेशवासियों को किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू और मदद उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इन आधुनिक तकनीक-आधारित वाहनों से पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग बेहतर होगी और कानून व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

    वाहनों का वर्गीकरण और उनकी खासियतें

     ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के विस्तार के तहत कुल 22 आधुनिक वाहनों को बेड़े में शामिल किया गया है, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है। डायल-112 वाहन 18 (त्वरित आपातकालीन रिस्पॉन्स के लिए), हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के लिए 03 (राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और सुरक्षा की निगरानी के लिए), फॉरेंसिक वाहन 01 (घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए) ये सभी वाहन नवीनतम जीपीएस (ळच्ै), उन्नत संचार प्रणालियों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इससे कंट्रोल रूम को रियल-टाइम लोकेशन मिलेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना पर पुलिस बल बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच सकेगा।

    जनता को मिलेगा त्वरित लाभ

     इन नए हाई-टेक वाहनों के सड़कों पर उतरने से न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद आपातकालीन चिकित्सा व सुरक्षा सहायता मिल सकेगी। स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ी स्लोगन एक्के नम्बर, सब्बो बर के साथ इस सेवा को लेकर नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इन वाहनों के संचालन से कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं बेहतर आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

  • कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

    कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

    जैव विविधता, जल संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संगम

    धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक)

    अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

    रायपुर : छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल कोपरा जलाशय आज पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहा है। “जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2026” की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” को यह जलाशय वास्तविक रूप में साकार कर रहा है।

     सुबह के शांत वातावरण में प्रवासी पक्षियों की मधुर आवाजें और जलाशय के आसपास आजीविका से जुड़े ग्रामीणों की गतिविधियां प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती हैं। कोपरा जलाशय वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए जल, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संरक्षण कार्यों को मिली नई गति

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल स्रोतों के संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीव सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े कई अभियान प्रदेश में संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव कोपरा जलाशय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

    स्थानीय समुदाय निभा रहे अहम भूमिका

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय यह संदेश देता है कि जब शासन और समाज मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तब पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

    प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रय

    कोपरा जलाशय हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। हर वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से आने वाले पक्षी यहां भोजन और विश्राम प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही यह जलाशय जलीय जीवों, मछलियों, वनस्पतियों और अनेक सूक्ष्म जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। इसी विशेषता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता मिली है।

    स्वच्छता, वृक्षारोपण और बायो-फेंसिंग पर विशेष जोर

    स्थानीय ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से यहां स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पक्षी संरक्षण और बायो-फेंसिंग जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है।

    जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी महत्वपूर्ण

    विशेषज्ञों के अनुसार आर्द्रभूमियां प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती हैं। वे बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जल शुद्धिकरण और कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में कोपरा जलाशय का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

    सतत विकास का बन रहा राष्ट्रीय मॉडल

    कोपरा जलाशय आज यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। छत्तीसगढ़ का यह पहला रामसर स्थल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और इसके वैश्विक महत्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों और संरक्षण टीम की सराहना करते हुए अपना संदेश दिया है।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर स्थल की मान्यता मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। हमारी सरकार जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि के विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कोपरा जलाशय इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब शासन की नीतियां और समाज का संकल्प एक साथ मिलते हैं, तो स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हमारी समृद्ध प्रकृति ही हमारी आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य है।

  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम : महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी ‘द्वीप्ति योजना’, गांव-गांव तैयार होंगी ‘सोलर दीदी’

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम : महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी ‘द्वीप्ति योजना’, गांव-गांव तैयार होंगी ‘सोलर दीदी’

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम

    महिलाओं के नेतृत्व में संचालित होगी ‘द्वीप्ति योजना’

    रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक युगांतकारी निर्णय लिया है। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए महत्वाकांक्षी ‘द्वीप्ति योजना’ को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह योजना प्रदेश में न केवल नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा संपत्तियों की स्वामी, संचालक और तकनीकी प्रबंधक के रूप में नई पहचान दिलाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिला नेतृत्व आधारित हरित ऊर्जा क्रांति का सूत्रपात करना है।

    ‘सोलर दीदी’ ग्रामीण ऊर्जा परिवर्तन का चेहरा

     योजना के तहत ग्राम स्तर पर ‘सोलर दीदी’ (ऊर्जा सखी) का एक समर्पित कैडर तैयार किया जाएगा। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित सोलर दीदी गांव स्तर पर सोलर मिल, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई प्रणालियों और अन्य सौर संपत्तियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी। यह पहल दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में तकनीकी खराबी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना हमेशा क्रियाशील रहेगी।

     कलस्टर लेवल फेडरेशन CLF बनेंगे ‘महिला ऊर्जा सहकारी समितियां’

     योजना के अंतर्गत क्लस्टर लेवल फेडरेशन को सशक्त बनाकर उन्हें महिला नेतृत्व वाली ऊर्जा सहकारी समितियों के रूप में रूपांतरित किया जाएगा। ये समितियां सामूहिक रूप से ऊर्जा संपत्तियों का प्रबंधन करेंगी। इन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिकृत विक्रेता और चौनल पार्टनर के रूप में जोड़ा जा रहा है। महासमुंद और बस्तर जिले के CLF पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं। राज्य स्तर पर उपकरणों की थोक खरीद से लागत कम होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर सोलर दीदी बिक्री और सर्विसिंग का कार्य संभालेंगी।

    सस्ती ऊर्जा हेतु अभिनव भुगतान मॉडल

     ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ‘द्वीप्ति योजना’ में ‘पे-पर-यूज़’ (Pay-per-Use) और ‘पे-एज़-यू-गो’ (Pay-as-you-go) मॉडल अपनाए गए हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं को केवल उपयोग की गई ऊर्जा का ही भुगतान करना होगा। महिला ऊर्जा उद्यमों की आर्थिक मजबूती के लिए शासन ने पंचायतों के रखरखाव अनुबंधों में 25 प्रतिशत कार्य विशेष रूप से इन समितियों के लिए आरक्षित रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

    ‘बिहान’ नेटवर्क और तकनीकी समन्वय

     योजना का प्रारूप ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है। इसका व्यापक क्रियान्वयन राज्य के प्रसिद्ध ‘बिहान’ नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा। इसमें प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी होगी। यह मॉडल न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और नेतृत्व के नए द्वार खोलेगा। ‘द्वीप्ति योजना’ छत्तीसगढ़ को महिला नेतृत्व आधारित ‘हरित विकास मॉडल’ (Green Development Model) के रूप में राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाने वाली दूरदर्शी पहल साबित होगी।

     “छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हमारी मातृशक्ति का योगदान सदैव अनुकरणीय रहा है। ‘द्वीप्ति योजना’ के माध्यम से हम राज्य की ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा के क्षेत्र में ‘उपभोक्ता’ से ‘स्वामी’ और ‘प्रबंधक’ बनाने जा रहे हैं। यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘नेट जीरो’ और ‘हरित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की एक बड़ी भागीदारी है।

     हमारी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर गांव ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बने और इस बदलाव का नेतृत्व हमारी ‘सोलर दीदियाँ’ करें। जब ग्रामीण महिलाएं आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों का प्रबंधन खुद संभालेंगी, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण विकास को एक स्थायी और स्वच्छ आधार मिलेगा। ‘द्वीप्ति योजना’ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर हमारा एक और मजबूत कदम है।”

    विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

  • आम और पीपल की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : ग्राम कुशहा में विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर सुनी समस्याएं, पेयजल संकट के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

    आम और पीपल की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : ग्राम कुशहा में विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर सुनी समस्याएं, पेयजल संकट के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

    ग्राम कुशहा की चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

    तेंदू, सतालू, चार और लीची का लिया स्वाद, पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के ग्राम कुशहा में आकस्मिक प्रवास के दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। आम और पीपल के पेड़ों की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थानीय फल तेंदू, सतालू, चार और लीची का स्वाद लिया तथा ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से बिजली, पानी, शिक्षा, राशन, आवास और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में सुशासन तिहार के अंतर्गत क्लस्टरवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां अधिकारियों द्वारा समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनका निराकरण एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

    ग्रामीणों ने पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए तथा जल्द ही मोबाइल टॉवर स्थापना की दिशा में पहल करने की बात कही।

    मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर एवं स्टाफ की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना तथा राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी भी ग्रामीणों से प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें समय पर राशन और तेंदूपत्ता बिक्री का पारिश्रमिक मिल रहा है।

    चौपाल में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क एवं पुलिया निर्माण तथा गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया।

    इस अवसर पर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • खनन में पारदर्शिता की नई पहल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने शुरू किया “खनन सूचना केंद्र”, अवैध खनन की शिकायत के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर 1800-233-2140

    खनन में पारदर्शिता की नई पहल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने शुरू किया “खनन सूचना केंद्र”, अवैध खनन की शिकायत के लिए जारी हुआ टोल फ्री नंबर 1800-233-2140

    खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के लिए स्थापित हुआ “खनन सूचना केंद्र”

    अवैध खनन पर निगरानी होगी और सशक्त: शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी

    जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (Mining Information Center)” की स्थापना की गई है।

    प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

    खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।