Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, सुपेबेड़ा पेयजल समाधान हेतु 7 करोड़ की मंजूरी

    किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होनी चाहिए, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, सुपेबेड़ा पेयजल समाधान हेतु 7 करोड़ की मंजूरी

    किसानों को खाद-बीज की कोई कमी न हो, छोटे किसानों को मिले प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत

    अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।

    समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

    शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

    बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • खनिज उड़नदस्ता दल का बड़ा एक्शन :15 संदिग्ध स्थानों पर छापा, अवैध खनन-परिवहन में लगे 14 वाहन जब्त

    खनिज उड़नदस्ता दल का बड़ा एक्शन :15 संदिग्ध स्थानों पर छापा, अवैध खनन-परिवहन में लगे 14 वाहन जब्त

    रायपुर : प्रदेश में गौण खनिजों के अवैध दोहन को रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कोरबा जिले के कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश और उप संचालक (खनि प्रशासन) के मार्गदर्शन में आज जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसके लिए गठित दो विशेष खनिज उड़नदस्ता दलों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश देकर अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है।

    15 इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी, ये वाहन हुए जब्त

     उड़नदस्ता दलों ने कोरबा जिले के कुल 15 संदिग्ध क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इनमें सीतामढ़ी, कपाटमुडा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर शामिल हैं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन कर अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते पाए जाने पर कुल 14 वाहनों/मशीनों को रंगे हाथों जब्त किया गया, जिनमें 01 चैन माउंटेन (पोकलेन मशीन), 09 ट्रैक्टर, 02 हाइवा, 02 टीपर शामिल हैं।

    विभिन्न थानों की अभिरक्षा में सौंपे गए वाहन

     जब्त किए गए सभी वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के लिए क्षेत्र के विभिन्न थानों और चौकियों की सुरक्षात्मक अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। कुसमुंडा थाना, हरदीबाजार थाना, दर्री थाना, बांकीमोंगरा थाना और खनिज जांच नाका, उरगा वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

    छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत होगी सख्त कार्रवाई

     खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी आरोपियों और वाहन स्वामियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़े मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

    अभियान का मुख्य उद्देश्य

     अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, भू-माफियाओं के हौसले पस्त करना है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, पर्यावरण की रक्षा करना है। शासकीय राजस्व (रॉयल्टी) की चोरी को शत-प्रतिशत रोकना।

    खनिज विभाग की खुली चेतावनी

     जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी बिना रुके लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • ​मंत्री टंक राम वर्मा का बस्तर और नारायणपुर दौरा : दंतेश्वरी माता के दर्शन के साथ सुशासन तिहार में होंगे शामिल

    ​मंत्री टंक राम वर्मा का बस्तर और नारायणपुर दौरा : दंतेश्वरी माता के दर्शन के साथ सुशासन तिहार में होंगे शामिल

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री श्री टंक राम वर्मा 7 और 8 जून 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे पर रहेंगे। इस दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ शासकीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।

    ​दंतेश्वरी मैया के दर्शन और चित्रकोट में रात्रि विश्राम

             ​मंत्री श्री टंक राम वर्मा रविवार 7 जून 2026 को को रायपुर स्थित शासकीय आवास से सर्किट हाउस दंतेवाड़ा के लिए प्रस्थान करेंगे। धमतरी, बालोद, कांकेर, कोण्डागांव और जगदलपुर होते हुए वे दंतेवाड़ा के प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर पहुंचेंगे, जहां वे माता के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख,शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।

         ​दौरे के दूसरे दिन 8 जून 2026 को मंत्री श्री वर्मा नारायणपुर में सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे। जहां वे आम जनता के बीच नारायणपुर के ग्राम हलामीमुंजमेटा पहुंचेंगे।

  • किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा : 750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेचने वाले व्यापारी पर कार्रवाई, 74 बोरी खाद जब्त

    किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा : 750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेचने वाले व्यापारी पर कार्रवाई, 74 बोरी खाद जब्त

    रायपुर : किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।  इसी क्रम में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया।

              उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर एक खाद दुकान पर पहुंचे और खाद खरीदने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। इस तरह किसानों से प्रति बोरी एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।

    गोदाम सील, खाद बिक्री पर 10 दिन का प्रतिबंध

             शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई। साथ ही दुकान में खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।

    किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

              कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी मजबूरी का कोई अनुचित लाभ न उठा सके।

    आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान

              कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय की नियमित जांच की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

    किसानों से सहयोग की अपील

             जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांतिः रायगढ़ बना अग्रणी जिला

    छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई क्रांतिः रायगढ़ बना अग्रणी जिला

    रायगढ़ जिला के 2,705 परिवार हुए बिजली बिल से मुक्त

    हर महीने हो रहा 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन

    रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में हरित विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया पर्याय बन चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों के फलस्वरूप प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर भारी उत्साह है। इस महा-अभियान में रायगढ़ जिला उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर पूरे प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में अब तक 2,705 परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र (Solar Rooftop) सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ये परिवार पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर हो गए हैं।

     रायगढ़ जिले की उपलब्धियां

              रायगढ़ जिले में स्थापित 2,705 सोलर संयंत्रों की कुल क्षमता 11,504 किलोवाट से अधिक है। इनसे प्रतिदिन लगभग 46 हजार यूनिट तथा प्रतिमाह करीब 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हो रही है।

    बढ़ता जनविश्वास

             योजना के तहत अब तक कुल 6,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं। केवल मई माह में ही 912 नए आवेदन मिले, जिनमें से 411 घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। जिले में हर हफ्ते औसतन 228 नए आवेदन आ रहे हैं और 100 से अधिक घरों में नियमित रूप से सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं।

     भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

             गर्मी के इस मौसम में जब एयर कंडीशनर और कूलर के चलने से बिजली की मांग और बिल दोनों बढ़ जाते हैं, तब यह योजना आम उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना से जुड़े परिवार अपनी जरूरत की अधिकांश बिजली खुद बना रहे हैं, जिससे उनका मासिक बिजली का खर्च (बिल) नगण्य हो गया है।

    सब्सिडी और बिजली उत्पादन का गणित

    विद्युत विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर दिया गया है। पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से आसान लोन की व्यवस्था भी है।

    क्षमता और उत्पादन

     1 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट सेे प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार 2 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन और 3 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है।

    आवेदन की प्रक्रिया हुई बेहद सरल और पारदर्शी

            प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को पूरी तरह ऑनलाइन और बिचौलियों से मुक्त रखा गया है। इच्छुक नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पीएम सूर्यघर पोर्टल (PM Surya Ghar Portal)  या मोबाइल ऐप,  CSPDCL की विभागीय डिजिटल सेवा से या टोल-फ्री नंबररू उपभोक्ता 1912 पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता अपनी मर्जी से अधिकृत वेंडर चुन सकते हैं। सौर ऊर्जा का यह बढ़ता कारवां न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीनी धरातल पर सच कर रही है।

  • रेत माफियाओं पर प्रशासन का सख्त प्रहार : अवैध उत्खनन में लगी पोकलेन मशीन जब्त, प्रदेशभर में निगरानी तेज

    रेत माफियाओं पर प्रशासन का सख्त प्रहार : अवैध उत्खनन में लगी पोकलेन मशीन जब्त, प्रदेशभर में निगरानी तेज

    रायपुर : रेत माफियाओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में प्रशासन का रुख बेहद सख्त हो गया है। अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी पर  अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग द्वारा लगातार ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़े डूमरपाली में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने मौके से एक चौन माउंटेड पोकलेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया है।

     शिकायत पर त्वरित एक्शनः मौके पर पकड़ाया अवैध खनन

               खनिज विभाग के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के बड़े डूमरपाली निवासी यशवंत डडसेना द्वारा नदी क्षेत्र में पोकलेन मशीन लगाकर अवैध रूप से रेत निकालने और उसके परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए खनि निरीक्षक और खनिज उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से औचक छापा मारा। मौके पर अवैध खनन में संलिप्त पोकलेन मशीन को जब्त किया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।

    कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज

              प्रशासन ने पर्यावरण और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 एवं 23(क) की इन धाराओं के तहत वाहन मालिक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

    आधुनिक तकनीक और उड़नदस्ता दलों से प्रदेशव्यापी निगरानी

              खनिज विभाग ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।  खनजिों के अवैध उत्खनन, परिवहन और राजस्व की चोरी को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा अब आधुनिक तकनीक, स्थानीय खुफिया इनपुट और मुस्तैद उड़नदस्ता दलों का सहारा लिया जा रहा है।

     पर्यावरण संरक्षण और राजस्व की सुरक्षा सर्वाेपरि

            अधिकारियों ने बताया कि अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से न केवल नदियों का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होता है, बल्कि भूजल स्तर गिरने से पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई खनिज संपदा की रक्षा के साथ-साथ प्रकृति और सरकारी राजस्व को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में कहीं भी खनिजों के अवैध दोहन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और अधिक आक्रामक और प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।

  • छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक: राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर में प्रतिमा का अनावरण कर उनके साहस, सुशासन और राष्ट्रभक्ति को किया नमन

    छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक: राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर में प्रतिमा का अनावरण कर उनके साहस, सुशासन और राष्ट्रभक्ति को किया नमन

    शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत – राज्यपाल श्री डेका

    रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल रायपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह दिवस में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है।

     राज्यपाल ने कहा कि 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजतिलक नहीं, बल्कि स्वतंत्र “हिंदवी स्वराज” की स्थापना का ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से स्वराज की मजबूत नींव रखी तथा करोड़ों भारतीयों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने शिवाजी महाराज को कुशल प्रशासक, प्रजावत्सल शासक और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित अष्टप्रधान व्यवस्था, संगठित नौसेना तथा जनकल्याणकारी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।

     राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल की 91 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक प्रकल्प समाज सेवा की उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र मंडल भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

     श्री डेका ने कार्यक्रम में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले चार बच्चों को पांच -पांच हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की तथा महाराष्ट्र मंडल को एक एंबुलेंस प्रदान करने की भी घोषणा की। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष श्री अजय मधुकर काले सहित अन्य पदाधिकारी एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • सुशासन का लक्ष्य जनता के काम समय पर पूरा करना, विभागीय योजनाओं से आर्थिक रूप से सशक्त बनें ग्रामीणरू राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    सुशासन का लक्ष्य जनता के काम समय पर पूरा करना, विभागीय योजनाओं से आर्थिक रूप से सशक्त बनें ग्रामीणरू राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    जरौद समाधान शिविर में मंत्री ने 106 हितग्राहियों को वितरित की विभिन्न सामग्रियां व चेक

     आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के दिए सख्त निर्देश

    ​रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने और ग्रामीणों की समस्याओं के मौके पर ही निपटारे के लिए शनिवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम पंचायत जरौद में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में  शामिल हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभागीय स्टॉलों का बारीकी से अवलोकन किया और कुल 106 हितग्राहियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सामग्री, चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए।

    ​आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आवेदकों को दी जाए प्रगति की जानकारी

                  ​शिविर में पहुंचे राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने  निर्देशित करते हुए कहा कि जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरतापूर्वक और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिन आवेदनों में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल उच्च कार्यालयों को प्रेषित करें और इसकी पारदर्शी जानकारी संबंधित आवेदकों को भी दी जाए।

    ​सुशासन तिहार का लक्ष्यक- सीधे जनता के द्वार पहुंचे शासन और प्रशासन

         ​        आम जनता को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि यह लगातार दूसरा साल है जब राज्य में सुशासन तिहार के जरिए एक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। सुशासन का असली मतलब यही है कि लोगों का काम बिना किसी भटकाव के, समय पर हो जाए। आज पूरा का पूरा प्रशासनिक अमला खुद चलकर गांवों तक पहुंच रहा है, इसलिए ग्रामीणों को इन शिविरों का भरपूर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनना चाहिए।

    ​मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय सरकार के वादे हो रहे पूरे

                ​सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद की शपथ लेते ही चुनाव के दौरान किए गए सभी प्रमुख वादों को पूरा करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से वर्तमान में लगभग 26 लाख (प्रगतिशील व नए मिलाकर) आवासों का निर्माण तेजी से जारी है। अकेले जरौद ग्राम में ही 210 आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस महायज्ञ में हर नागरिक का योगदान जरूरी है।

    ​1.06 करोड़ के कार्यों के चेक समेत विभिन्न सामग्रियों का वितरण

                समाधान शिविर के दौरान राजस्व मंत्री के हाथों बड़ी संख्या में हितग्राही लाभान्वित हुए, जिसमें मुख्य रूप से ​12 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत स्वीकृत 1.06 करोड़ रुपए के कार्यों का चेक,​कक्षा 10वीं और 12वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान पत्र,​स्वास्थ्य विभाग द्वारा श्रवण यंत्र, श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड और ग्रामीणों को जॉब कार्ड,​ हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड, नैनो यूरिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए फलदार पौधे वितरित किये गए।

  • वायदे हो रहे पूरे, प्रदेश में है खुशहाली का माहौल- मंत्री टंक राम वर्मा

    वायदे हो रहे पूरे, प्रदेश में है खुशहाली का माहौल- मंत्री टंक राम वर्मा

    विकास की ओर बढ़ते कदमः सुहेला के बिटकुली गांव को मिली 34 लाख के विकास कार्यों की सौगात

    ​राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बिटकुली में किया महतारी सदन का भूमिपूजन, सामुदायिक भवन का लोकार्पण

    ​रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना विकास को लगातार गति दी जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने शनिवार को तहसील सुहेला के अंतर्गत ग्राम बिटकुली में लगभग 34 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्रामवासियों की सुविधा के लिए निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी।

                ​मंत्री श्री वर्मा ने कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर 16 लाख रुपए की लागत से बनने वाले महतारी सदन का भूमिपूजन, 10 लाख रुपए की लागत से होने वाले गली कांक्रिटीकरण कार्य का शुभारंभ और 8 लाख  रुपए की लागत से बनकर तैयार सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

    ​हर वर्ग के लिए काम कर रही है सरकाररू राजस्व मंत्री श्री वर्मा

                ​ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार शहर से लेकर गांवों तक चौतरफा विकास के कार्य कर रही है। सड़क, पुल-पुलिया सहित अनेक अधोसंरचना निर्माण कार्यों को तेज गति दी जा रही है। हमने जनता से जो भी वायदे किए थे, उनमें से अधिकांश को पूरा कर दिया गया है। आज किसान, महिला, युवा और गरीबकृहर वर्ग के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर लोग आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और पूरे प्रदेश में खुशहाली तथा समृद्धि का माहौल है।

    ​गांव-गांव पहुंच रहा है सुशासन तिहार

          ​      मंत्री श्री वर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश में इस समय सुशासन तिहार चल रहा है, जिसके तहत शासन और प्रशासन खुद जनता के द्वार यानी गांव-गांव तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और सीधे आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहे हैं।

         इस विकास उत्सव के अवसर पर जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की इस सौगात के लिए सरकार और मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • सफलता की नई इबारतः आधुनिक मशीनों से सँवर रही धमतरी की खेती, 10 गाँवों में गूँजेगी डीएसआर की गूँज

    सफलता की नई इबारतः आधुनिक मशीनों से सँवर रही धमतरी की खेती, 10 गाँवों में गूँजेगी डीएसआर की गूँज

    ​रायपुर : बदलते दौर के साथ छत्तीसगढ़ का अन्नदाता भी अब पारंपरिक खेती की रूढ़ियों को छोड़ आधुनिकता की राह पर चल पड़ा है। विकसित धमतरी के संकल्प को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। जिले के कुरूद विकासखंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने क्षेत्र के 10 गाँवों के किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं।

    ​सीड ड्रिल मशीनों की सौगातः कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूती

         ​   कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्था द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा (कुरूद) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जिले के 10 चयनित गाँवों के कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए आधुनिक सीड ड्रिल मशीनों का वितरण किया गया। इन मशीनों के मिलने से अब छोटे और सीमांत किसानों को भी कम लागत पर आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

    ​लाभान्वित होने वाले गाँव : धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक

           इस योजना के तहत कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली को लाभान्वित किया गया है। इस अवसर पर (कार्ड) फाउंडेशन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डायरेक्ट सीडिंग राईस) तकनीक के गुर सिखाए।

          ​विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक धमतरी के किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है क्योंकि इससे पारंपरिक रोपा पद्धति की तुलना में बीज और श्रम (मजदूरी) का खर्च बेहद कम हो जाता है। इस तकनीक से पानी की भारी बचत होती है, जो जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। कम लागत और वैज्ञानिक रख-रखाव से फसल की उत्पादकता और शुद्ध लाभ में सीधा इजाफा होता है।

    ​प्रशासन का संकल्पः नवाचार से बढ़ेगी किसानों की आय

         ​सफलता की इस कहानी को प्रशासनिक नेतृत्व का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। मामले पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर  ने कहा कि राज्य शासन किसानों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकसित धमतरी के निर्माण में कृषि क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम है। इन आधुनिक तकनीकों और कृषि यंत्रीकरण के जरिए हम छोटे से छोटे किसान की उत्पादन क्षमता और आय को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

    ​एक साझा प्रयास, एक नया सवेरा

         ​इस ऐतिहासिक बदलाव के साक्षी कृषि विभाग के उप संचालक,कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता सहित कार्ड संस्था के लोकेशन इंचार्ज और उनकी पूरी टीम बनी।​कार्यक्रम के समापन पर जब अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सीड ड्रिल मशीनों को गाँवों की ओर रवाना किया, तो वह केवल मशीनों का प्रस्थान नहीं था, बल्कि वह धमतरी के 10 गाँवों की आर्थिक समृद्धि और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम था। निश्चित ही, यह अनूठी पहल छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में सफलता का एक नया अध्याय लिखेगी।