Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • जशपुर की कृषि रणनीति को मिली देशभर में पहचान: केंद्र सरकार ने ‘जशपुर मॉडल’ को बताया किसान हितैषी, आय वृद्धि, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण के नवाचारों की हुई प्रशंसा

    जशपुर की कृषि रणनीति को मिली देशभर में पहचान: केंद्र सरकार ने ‘जशपुर मॉडल’ को बताया किसान हितैषी, आय वृद्धि, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण के नवाचारों की हुई प्रशंसा

    पीएम धन-धान्य कृषि योजना में जशपुर मॉडल की हुई सराहना

    कृषकों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण और खरीफ तैयारियों पर विशेष जोर

    केंद्र सरकार ने जिले की कार्ययोजना को बताया प्रभावी

    जशपुर : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में किए जा रहे नवाचारों, कृषि विकास कार्यों एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भारत सरकार द्वारा सराहना की गई है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन (आईएएस) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की विस्तृत समीक्षा करते हुए जशपुर मॉडल को प्रभावी एवं किसान हितैषी बताया। समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जिला प्रशासन द्वारा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से तैयार की गई कार्ययोजना में सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्लस्टर विकास, संविदा खेती को बढ़ावा, जीराफूल धान के रकबे में विस्तार, निर्यात योग्य धान क्लस्टर निर्माण, सामुदायिक बीज बैंक की स्थापना, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा बेहतर विपणन व्यवस्था को प्रमुखता दी गई है। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

     बैठक में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसानों के लिए बीज एवं उर्वरकों के पर्याप्त भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। संभावित एल-नीनो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को अल्प अवधि वाली धान किस्मों के साथ-साथ मोटे अनाज, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि विपरीत मौसम की स्थिति में भी उत्पादन प्रभावित न हो। समीक्षा के दौरान जल संचय जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी गई। संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेंगे और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार संपर्क गतिविधियों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया।

     संयुक्त सचिव ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और विपणन को भी समान रूप से बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जिले में चल रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए आगामी कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। जशपुर जिले में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत किसानों की आय वृद्धि, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कृषि विविधीकरण एवं कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। इससे जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगा।

  • 12 वर्षों में बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई, नक्सल उन्मूलन से लेकर किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण तक गिनाईं ऐतिहासिक उपलब्धियां

    12 वर्षों में बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई, नक्सल उन्मूलन से लेकर किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण तक गिनाईं ऐतिहासिक उपलब्धियां

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

    प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति प्रकट किया आभार

    नक्सल उन्मूलन, अधोसंरचना, किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण में केंद्र की भूमिका को सराहा

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकल्याणकारी नेतृत्व में संचालित योजनाओं ने छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति प्रदान की है तथा प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में उल्लेख किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की नीति के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना के तहत ₹2,080.29 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना (SIS), सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE), आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, जंगल वारफेयर प्रशिक्षण और एयर सपोर्ट जैसी पहलों ने सुरक्षा बलों को मजबूत बनाया है तथा राज्य को नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त दिलाई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ₹2,377 करोड़ की लागत से 3,222 किलोमीटर लंबी 391 सड़कों तथा 88 वृहद पुलों की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं ने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूती प्रदान की है।

    पत्र में मुख्यमंत्री ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किए जाने से छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को केंद्रीय करों में ₹3,46,806 करोड़ तथा विभिन्न योजनाओं में ₹1,43,328 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत ₹22,021 करोड़ तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में ₹22,600 करोड़ की अतिरिक्त सहायता भी मिली है।

    मुख्यमंत्री ने सड़क अधोसंरचना विकास को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत ₹4,468 करोड़ तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए ₹35,766 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे रायपुर-विशाखापट्टनम, बिलासपुर-धनबाद, रायपुर-दुर्ग बायपास तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को गति मिली है और राज्य की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।

    ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य के 24.50 लाख पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मनरेगा के तहत पिछले 12 वर्षों में ₹39,123 करोड़ व्यय कर 152 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ₹2,398 करोड़ की सहायता से 36.44 लाख परिवारों को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभिन्न चरणों के अंतर्गत 13,040 किलोमीटर सड़कों एवं 347 पुलों के निर्माण के लिए ₹7,951 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वहीं पीएम जनमन के अंतर्गत 2,902 किलोमीटर सड़कों हेतु ₹2,007 करोड़ तथा पीएमजीएसवाई-4 के तहत 2,427 किलोमीटर सड़कों के लिए ₹2,246 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

    कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 25.51 लाख किसानों को अब तक ₹10,784 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹5,064 करोड़ की प्रीमियम सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को व्यापक सहयोग प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के 56 लाख राशन कार्डधारी परिवारों के 1.99 करोड़ सदस्यों को प्रति माह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹5,600 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत 39.54 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

    खनिज क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 62 से अधिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है, जिनसे भविष्य में ₹4.34 लाख करोड़ से अधिक का संभावित राजस्व प्राप्त होगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) एवं पीएमकेकेकेवाई के माध्यम से ₹17,887 करोड़ से अधिक की राशि संकलित कर 81,553 विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा वन अधिकारों की मान्यता को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 56,569 पीवीटीजी परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4.83 लाख व्यक्तिगत और 48 हजार से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

    महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से 11,490 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत किया गया है तथा 2,264 नए केंद्र स्वीकृत हुए हैं। राज्य के सभी जिलों में संचालित 42 सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को सहायता और संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। राज्य में 5,499 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 91 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 28 जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं तथा 23 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

    कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 82,952 हितग्राहियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि स्ट्राइव परियोजना के माध्यम से 17 आईटीआई संस्थानों का उन्नयन किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से 31.37 लाख ग्रामीण परिवारों को 2.88 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। समूहों को ₹1,661 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत 10.42 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर नई पहचान बना रही हैं।

    डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) के माध्यम से राज्य के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1,247 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं तथा 577 नए टावरों को स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों गांव डिजिटल सेवाओं से जुड़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण और विद्युत अधोसंरचना विकास के लिए लगभग ₹2,808 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत राज्य में 64 हजार से अधिक घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 46,649 परिवारों को ₹362 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।

    मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खेल, उद्योग, ग्रामोद्योग, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण तथा डिजिटल प्रशासन के क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने छत्तीसगढ़ को विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में पर्यटन, संस्कृति और खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ₹94.23 करोड़ की लागत से जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर और जगदलपुर सहित जनजातीय अंचलों में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया है। प्रसाद योजना के तहत ₹48.43 करोड़ की लागत से डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर क्षेत्र का विकास किया गया है। वहीं नवा रायपुर में ₹147.66 करोड़ की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रदेश को सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। खेलो इंडिया योजना के तहत राज्य के आठ जिलों में खेल अधोसंरचना विकास के लिए ₹48 करोड़ तथा बहतराई स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ₹5 करोड़ की सहायता दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी और इसके लिए मिली ₹17 करोड़ की सहायता छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री ने ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, रेशम और पारंपरिक कला के संरक्षण में केंद्र सरकार के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रायपुर में ₹200 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पीएम एकता मॉल राज्य के हस्तशिल्प, हथकरघा और ओडीओपी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत 4,694 बुनकरों को लाभान्वित किया गया है, जबकि हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत 2,400 शिल्पियों के सशक्तिकरण हेतु विशेष परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। रेशम विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों कृषकों और महिला हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।

    पत्र में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण, डिजिटल प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में हुए नवाचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और नागरिकोन्मुख बनाया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ऑटो-म्यूटेशन व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया है। पिछले एक वर्ष में दो लाख से अधिक प्रकरणों का स्वतः नामांतरण किया गया है तथा 32 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सामाजिक न्याय, उद्यानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, परिवहन सुरक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में प्राप्त केंद्रीय सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति पुनः आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान, अटल वयो अभ्युदय योजना, सुगम्य भारत अभियान, बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च तथा महिला सुरक्षा हेतु स्थापित निर्भया कमांड सेंटर जैसी पहलों ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है।

     मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत मे उल्लेखित किया कि छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और विश्वास जताते हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भविष्य में भी इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा।

  • विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें- राज्यपाल श्री डेका

    विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें- राज्यपाल श्री डेका

    रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति तथा वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

     राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देते हुए संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने तथा उनके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

     राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा, छात्रावास सुविधा, विद्यालयीन अधोसंरचना और शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े विषयों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सकें और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को वैवाहिक वर्षगांठ पर दी बधाई

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को वैवाहिक वर्षगांठ पर दी बधाई

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह को उनकी 47वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी । मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. रमन सिंह एवं श्रीमती वीणा सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखमय दाम्पत्य जीवन की मंगलकामना की है।

  • पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता – राज्यपाल श्री डेका

    पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता – राज्यपाल श्री डेका

    रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की । इस दौरान राज्यपाल ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।

     राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जाए। राज्यपाल ने शहर में बड़े वृक्षों के पास से ट्री गार्ड हटाने तथा जहां वृक्षारोपण किया गया है, वहां पेड़ों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचे को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना जरूरी है, तभी उनका समुचित विकास हो सकेगा।

     राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए, जो भी पौधे लगाए जाएं, उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने अधिकारियों से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।

  • जशपुर में 11 जून को होगी बी.एड. और बी.एससी. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा: 12 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, निष्पक्ष आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार

    जशपुर में 11 जून को होगी बी.एड. और बी.एससी. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा: 12 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, निष्पक्ष आयोजन के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार

    11 जून को जशपुर में बी.एड. एवं बी.एससी. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा आयोजित

    परीक्षाओं को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने पर्यवेक्षक नियुक्ति

    जशपुर : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम), रायपुर द्वारा 11 जून 2026 को बी.एड. एवं बी.एससी. नर्सिंग प्रवेश परीक्षा-2026 का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा पूर्वाह्न 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षाओं को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्र क्रमांक 1901 से 1912 तक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

     बी.एड. प्रवेश परीक्षा हेतु नियुक्त प्रवेक्षक और परीक्षा केंद्र

    केंद्र क्रमांक 1901: शास. रा.भ.रा. एन.ई.एस. कॉलेज हेतु श्री राजेश श्रीवास्तव, प्र० कार्यपालन अभियंता, ग्रा.या. सेवा, मो. न. 70000-54641, केंद्र क्रमांक 1902 शास. वि. भू. सिंह कन्या महाविद्यालय हेतु श्री श्याम कुमार सहायक संचालक, रेशम विभाग मो. न. 78360-45216, केंद्र क्रमांक 1903: शास. बालक उच्च. माध्यमिक विद्यालय हेतु श्री जितेन्द्र कुमार पैकरा, सहायक संचालक, मछली पालन मो . न. 79997-91973, केंद्र क्रमांक 1904 शास. म.ल.बा. कन्या उच्च. माध्यमिक विद्यालय हेतु श्री मनीष भगत महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उ‌द्योग, मो. न. 76939-49347, केंद्र क्रमांक 1905 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम वि. हेतु श्री अनुप कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (जल संसाधन) मो. न. 96917-31928, केंद्र क्रमांक 1906 शास. उच्च. माध्यमिक विद्यालय, गम्हरिया हेतु श्री आलोक टोप्पो सहा. खाद्य अधिकारी मो.न. 79876-48091, केंद्र क्रमांक 1907 शास. मॉडल उच्च माध्य. वि. डोडकाचौरा हेतु श्री कवच भगत सहा. संचा. कृषि विभाग मो. न. 97131-96431, केंद्र क्रमांक 1908 सरस्वती शिशु मंदिर उच्च. माध्य. वि. बसंत विहार हेतु श्री धर्मेन्द्र साहू उप संचा. समाज कल्याण जशपुर 98274-79044, केंद्र क्रमांक 1909 संत जेवियर उच्च. माध्यमिक विद्यालय शांति भवन हेतु श्री कैलाश भगत मंडल संयोजक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास मो. न. 62654-01536

     बी.एस.सी. नर्सिग प्रवेश परीक्षा हेतु नियुक्त प्रवेक्षक और परीक्षा केंद्र

    केंद्र क्रमांक 1910 जशपुरांचल अंग्रेजी उच्च. माध्य. वि. मधुवनटोली हेतु श्री उत्तम सिंह पवार अनुवि.अधि.लो. स्वा.यांत्रिकी जशपुर मो. न. 90090-68007, केंद्र क्रमांक 1911-देव पब्लिक स्कूल जशपुर नगर हेतु श्री योगेश भगत प्र. जिला कार्यक्रम अधि. बाल विकास मो. न. 79990-87515 और केंद्र क्रमांक 1912-कल्याण आश्रम उच्च माध्य. वि. जशपुर नगर हेतु श्री बिरेन्द्र खाखा अति. उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाए मो. न. 94077-26132 बनाए गए हैं।

  • जशपुर शिक्षा विभाग में पदोन्नति का तोहफा: लंबे समय से पदोन्नति की राह देख रहे कर्मचारियों को मिली नई जिम्मेदारी, मिठाई बांटकर मनाई खुशी

    जशपुर शिक्षा विभाग में पदोन्नति का तोहफा: लंबे समय से पदोन्नति की राह देख रहे कर्मचारियों को मिली नई जिम्मेदारी, मिठाई बांटकर मनाई खुशी

    भृत्य से सहायक ग्रेड-03 पद पर पदोन्नति से कर्मचारियों में खुशी की लहर

    कर्मचारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया

    जशपुर : जिला प्रशासन की पहल से शिक्षा विभाग संवर्ग टी एवं ई अंतर्गत लंबे समय से भृत्य के पद पर सेवारत कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत कर्मचारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार 08 जून 2026 को पदोन्नति आदेश वितरित किए गए।

    जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास जशपुर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के निर्देशानुसार निर्धारित समय-सीमा में पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण की गई है। भृत्य संवर्ग के कर्मचारी काफी लंबे समय से पदोन्नति से वंचित थे। संवर्ग टी अंतर्गत 29 एवं संवर्ग ई अंतर्गत कुल 4 पदों पर पदोन्नति की गई है।

     पदोन्नति आदेश प्राप्त होने पर पदोन्नत कर्मचारियों में खुशी का माहौल व्याप्त है। कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता जाहिर की।

  • अब जशपुर से सीधे इजराइल तक रोजगार का रास्ता: वृद्धजन और दिव्यांग देखभाल के 3500 पदों पर भर्ती, चयनित युवाओं को मिलेगा आकर्षक वेतन और अंतरराष्ट्रीय करियर का अवसर

    अब जशपुर से सीधे इजराइल तक रोजगार का रास्ता: वृद्धजन और दिव्यांग देखभाल के 3500 पदों पर भर्ती, चयनित युवाओं को मिलेगा आकर्षक वेतन और अंतरराष्ट्रीय करियर का अवसर

    जशपुर जिले के शिक्षित बेरोजगारों के लिए इजराइल में रोजगार का सुनहरा अवसर, 3500 पदों पर होगी भर्ती

    दो वर्षीय अनुबंध पर मिलेगी नौकरी, लगभग 2 लाख रुपये प्रतिमाह तक का वेतन

    जशपुर : जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश में रोजगार प्राप्त करने का सुनहरा अवसर उपलब्ध हुआ है। जिला रोजगार अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार इजराइल में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों की देखभाल के लिए 3500 पदों पर भर्ती की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों को दो वर्ष की अनुबंध अवधि के लिए रोजगार प्रदान किया जाएगा तथा अनुबंध का नवीनीकरण भी संभव होगा। भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु 25 से 45 वर्ष के बीच होना आवश्यक है।

     उम्मीदवार को बेसिक अंग्रेजी का ज्ञान, न्यूनतम तीन वर्ष का वैध पासपोर्ट, शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। न्यूनतम लंबाई 1.5 मीटर तथा वजन 45 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। साथ ही अभ्यर्थी ने पूर्व में इजराइल में कार्य नहीं किया हो। वांछनीय योग्यताओं में जीडीए (जनरल ड्यूटी असिस्टेंट), एएनएम, जीएनएम, बी.एससी. नर्सिंग, पोस्ट बी.एससी. नर्सिंग, फिजियोथेरेपी तथा नर्स असिस्टेंट मिडवाइफरी शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 6443.85 एनआईएस लगभग दो लाख रुपये प्रतिमाह का सकल वेतन मिलेगा। वेतन से मेडिकल, आवास, भोजन एवं अन्य निर्धारित मदों की कटौतियां की जाएंगी। कर्मचारियों को आवास, भोजन, मेडिकल इंश्योरेंस, 9 राष्ट्रीय अवकाश, 16 दिन का वार्षिक अवकाश तथा सप्ताह में 6 कार्य दिवस की सुविधा मिलेगी।

     कार्य की जिम्मेदारियों में वृद्धजन एवं दिव्यांगजनों की देखभाल, नहलाना, कपड़े बदलना, भोजन बनाना एवं खिलाना, दवा देना, बाहर ले जाना, खरीदारी करना तथा अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करना शामिल है। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत एनएसडीसी पंजीयन, मेडिकल जांच, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, पासपोर्ट शुल्क, वीडियो इंटरव्यू शुल्क, वीजा शुल्क, फ्लाइट टिकट तथा अन्य निर्धारित शुल्क देय होंगे। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8871202145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

  • जल जीवन मिशन को स्थायी सफलता देने की तैयारी: कलेक्टर रोहित व्यास ने सरपंचों, सचिवों और पंप ऑपरेटरों को दिया प्रशिक्षण, ग्राम पंचायतों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    जल जीवन मिशन को स्थायी सफलता देने की तैयारी: कलेक्टर रोहित व्यास ने सरपंचों, सचिवों और पंप ऑपरेटरों को दिया प्रशिक्षण, ग्राम पंचायतों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

    कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत सरपंच, सचिव एवं पंप ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं संधारण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार, जशपुर में सरपंचों, सचिवों एवं पंप ऑपरेटरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जशपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित विभाग के समस्त सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिले के सभी हर घर जल ग्रामों के सरपंच, सचिव एवं पंप ऑपरेटरों ने सक्रिय सहभागिता ली।

     कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जल संरक्षण, योजनाओं के संचालन एवं संधारण तथा सामुदायिक स्वामित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं के हस्तांतरण के उपरांत उनके सफल संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों से योजनाओं के दीर्घकालिक एवं सतत संचालन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

     जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार ने 15 वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण कार्यों में प्राथमिकता से किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम पंचायतों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों की जानकारी देते हुए उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    कार्यशाला में जल प्रदाय और योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव तथा समुदाय आधारित प्रबंधन व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान योजनाओं के संचालन एवं संधारण हेतु आवश्यक वित्तीय संसाधनों के संकलन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

    पंप ऑपरेटरों के तकनीकी कौशल उन्नयन पर विशेष बल देते हुए उन्हें योजनाओं के बेहतर संचालन, रखरखाव एवं समस्या निवारण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जल गुणवत्ता परीक्षण एवं पेयजल की नियमित जांच की प्रक्रिया पर भी विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें जल प्रदाय योजनाओं के संचालन, रखरखाव एवं प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जो भविष्य में योजनाओं के सफल संचालन में सहायक सिद्ध होगी।

  • जशपुर के युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान: प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया नालंदा परिसर का निरीक्षण, 2 एकड़ में बन रही अत्याधुनिक लाइब्रेरी का काम तेज

    जशपुर के युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान: प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने किया नालंदा परिसर का निरीक्षण, 2 एकड़ में बन रही अत्याधुनिक लाइब्रेरी का काम तेज

    प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने जशपुर मुख्यालय में बन रहे नालंदा परिसर के निर्माण कार्य का अवलोकन किया

    2 एकड़ में 11 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है हाइटेक नालंदा लाइब्रेरी

    विघार्थियों को 24 घंटे निःशुल्क इंटरनेट, कम्प्यूटर,ई लाइब्रेरी, कैंटिन और पार्किंग की भी मिलेंगी सुविधा

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जशपुर में विघार्थियों के लिए नालंदा लाइब्रेरी का निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

    जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने विगत दिवस 8 जून 2026 को जशपुर जिले के वार्ड क्रमांक 14 पुराना विस्तार डिपो के पास बनाए जा रहे हैं नालंदा परिसर का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी इसका विशेष ध्यान रखें।

    इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के और नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

    उल्लेख है कि जशपुर जिला मुख्यालय में 2 एकड़ में लगभग 11 करोड़ की लागत से 500 सीटर हाइटेक नालंदा परिसर बनाया जा रहा है।

    जहां विघार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने के लिए 24 निःशुल्क इंटरनेट और कम्प्यूटर की सुविधा, ई लाइब्रेरी, कैंटिन, पार्किंग की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।