Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का आगाज़: वैज्ञानिक सोच और नवाचार से सतत विकास की नई उड़ान, 33 जिलों के शिक्षक करेंगे भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का आगाज़: वैज्ञानिक सोच और नवाचार से सतत विकास की नई उड़ान, 33 जिलों के शिक्षक करेंगे भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026: वैज्ञानिक सोच और नवाचार से सतत विकास का संकल्प

    33 जिलों के जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों का राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण सम्पन्न

    साइंस एंड इनोवेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी’ विषय पर स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान विकसित करने पर जोर

    रायपुर : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीकॉस्ट) द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के अंतर्गत जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में किया गया।

     कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेशभर के शिक्षकों एवं जिला समन्वयकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की नई थीम, परियोजना निर्माण प्रक्रिया, वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति तथा मूल्यांकन प्रणाली से अवगत कराना था, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी स्थानीय समस्याओं पर आधारित वैज्ञानिक परियोजनाएं तैयार कर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यशाला का आयोजन प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री सोनमणी बोरा तथा महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं रीजनल साइंस सेंटर श्री प्रशांत कविश्वर के मार्गदर्शन में किया गया।

    विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अनुसंधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच

     राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस देश का एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक कार्यक्रम है, जो 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अनुसंधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए स्थानीय समस्याओं की पहचान करते हैं, आंकड़ों का संग्रह एवं विश्लेषण करते हैं तथा नवाचार आधारित समाधान प्रस्तुत करते हैं। ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर चयनित बाल वैज्ञानिक राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार आधारित सोच विकसित करना

     इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक ‘ई’ एवं राज्य समन्वयक डॉ. जे. के. राय, वैज्ञानिक ‘डी’ डॉ. ए. के. पाठक, वैज्ञानिक ‘डी’ डॉ. अमित दुबे, राज्य अकादमिक समन्वयक प्रो. (डॉ.) केशव कांत साहू तथा वनस्पति विज्ञान के वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. वी. के. कानूनगो कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी वक्ताओं ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की थीम “साइंस एंड इनोवेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी” की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार आधारित सोच विकसित करना है। उन्होंने शिक्षकों एवं जिला समन्वयकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं की वैज्ञानिक पहचान कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करें।

    राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा और परियोजना निर्माण की जानकारी

     कार्यशाला में राज्य समन्वयक डॉ. जे. के. राय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की संपूर्ण रूपरेखा, पात्रता, परियोजना निर्माण की प्रक्रिया, अनुसंधान पद्धति, दस्तावेजीकरण, प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक परियोजनाएं केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर स्थानीय आवश्यकताओं एवं समाजोपयोगी विषयों पर आधारित होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी विकसित हो।

    स्थानीय समस्याओं पर आधारित परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

     तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने इस वर्ष की थीम के विभिन्न उपविषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। इनमें R5 तकनीक (Reduce, Reuse, Recover, Redesign एवं Recycle) के माध्यम से कचरा प्रबंधन, E4 मॉडल (Explore, Experiment, Enhance एवं Evolve) के जरिए ऊर्जा संरक्षण एवं नवाचार, जल संचयन, पुनर्चक्रण एवं संरक्षण, तथा खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य की स्थिरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणालियों के उपयोग जैसे विषय शामिल रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इन विषयों पर विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय समस्याओं के समाधान आधारित उत्कृष्ट वैज्ञानिक परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं।

    मिशन लाइफ़ की भावना से जोड़ने का आह्वान

     राज्य अकादमिक समन्वयक प्रो. (डॉ.) केशव कांत साहू ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम और उसके विभिन्न उपविषयों का विस्तार से परिचय देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अनुसंधान, डेटा संग्रहण, विश्लेषण एवं समाधान आधारित सोच के लिए प्रेरित करना भी आवश्यक है। उन्होंने मार्गदर्शकों को वैज्ञानिक लेखन, परियोजना प्रस्तुतीकरण तथा मूल्यांकन के मानकों से अवगत कराते हुए Mission LiFE की भावना के अनुरूप अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    R5 तकनीक से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

     डॉ. वी. के. कानूनगो ने अपने व्याख्यान में R5 सिद्धांतों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, अपशिष्ट में कमी, पुनः उपयोग, पुनः डिज़ाइन तथा पुनर्चक्रण की अवधारणा को अपनाकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में इन सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    ऊर्जा संरक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विशेष जोर

     राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. आयुष खरे ने ऊर्जा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार आधारित अनुसंधान करने का आह्वान किया।

    वैज्ञानिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह

     वहीं, प्रो. नमिता ब्राह्मे ने ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तथा ऊर्जा दक्ष तकनीकों को सतत विकास की आधारशिला बताते हुए शिक्षकों से विद्यालय स्तर पर ऊर्जा ऑडिट, एलईडी अध्ययन, सौर कुकर एवं अन्य वैज्ञानिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को “एनर्जी एम्बेसडर” बनकर समाज में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए।

    प्रदेशभर के शिक्षक होंगे वैज्ञानिक प्रतिभाओं के मार्गदर्शक

     कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों से जिला समन्वयकों एवं रिसोर्स शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के सफल आयोजन तथा अधिक से अधिक बाल वैज्ञानिकों को शोध एवं नवाचार आधारित परियोजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। आगामी राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रदेशभर से चयनित बाल वैज्ञानिक अपनी शोध परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें उत्कृष्ट प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं रीजनल साइंस सेंटर के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

  • बेटियों की सेहत की दिशा में बड़ी कामयाबी: एचपीवी टीकाकरण अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही बना छत्तीसगढ़ का अव्वल जिला, 74 स्कूलों में चला रिकॉर्ड वैक्सीनेशन अभियान

    बेटियों की सेहत की दिशा में बड़ी कामयाबी: एचपीवी टीकाकरण अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही बना छत्तीसगढ़ का अव्वल जिला, 74 स्कूलों में चला रिकॉर्ड वैक्सीनेशन अभियान

    एचपीवी टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

    विशेष टीकाकरण दिवस पर राज्य में सर्वाधिक बालिकाओं को लगी एचपीवी वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में बड़ी उपलब्धि

    स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ की प्रभावी रणनीति और जनजागरूकता अभियान से 74 विद्यालयों में चला व्यापक टीकाकरण अभियान, हजारों बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य की रखी मजबूत नींव

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति, प्रभावी कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

    राज्य सरकार बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एचपीवी टीकाकरण जैसी पहल भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।

    13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई।

    राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन तथा 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण किया गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राज्य में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर नई उपलब्धि दर्ज की।

    अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

    स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास भी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावी ढंग से सफल हो रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

  • दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंचीं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छिरहिट्टी में लगे विशेष शिविर से 164 ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार

    दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंचीं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छिरहिट्टी में लगे विशेष शिविर से 164 ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में दुर्गम बैगा अंचल तक पहुँची विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

    छिरहिट्टी में विशेष स्वास्थ्य शिविर से 164 ग्रामीणों को मिला निःशुल्क उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गांव पहुंचकर दी स्वास्थ्य सेवाएं

    स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल से बैगा आदिवासी परिवारों को घर के नजदीक मिला गुणवत्तापूर्ण उपचार

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता लगातार धरातल पर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड गौरेला के दुर्गम बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा निःशुल्क उपचार, परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराईं। इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को अपने गांव में ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में कुल 164 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर रोगों की पहचान तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।

    विशेष स्वास्थ्य शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी पूरे समय उपस्थित रहकर शिविर के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

    राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितने ही दूरस्थ या दुर्गम क्षेत्र में क्यों न रहता हो, स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके, उपचार उपलब्ध कराया जा सके तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक रेफर किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।

    दुर्गम बैगा अंचलों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहुंच यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी मजबूत कर रहे हैं।

  • रेल अधोसंरचना में छत्तीसगढ़ ने बढ़ाया बड़ा कदम: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तीन आधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान

    रेल अधोसंरचना में छत्तीसगढ़ ने बढ़ाया बड़ा कदम: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तीन आधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का किया वर्चुअल लोकार्पण

    डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिली नई मजबूती : मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर : यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति सोशल मीडिया हैंडल एक्स में पोस्ट कर आभार व्यक्त करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इन रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के उन्नयन से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। इससे लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

  • नकली उर्वरकों पर छत्तीसगढ़ का बड़ा प्रहार: कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में रिकॉर्ड कार्रवाई, गुणवत्ता नियंत्रण में प्रदेश बना देश के लिए मिसाल

    नकली उर्वरकों पर छत्तीसगढ़ का बड़ा प्रहार: कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में रिकॉर्ड कार्रवाई, गुणवत्ता नियंत्रण में प्रदेश बना देश के लिए मिसाल

    कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल

    कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई को मिली गति

    किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए कठोर और रिकॉर्ड कार्रवाई

    रायपुर : कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

    कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा है। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत चालू खरीफ सीजन के दौरान विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाई छत्तीसगढ़ देश के लिए मिसाल बना है। वर्ष 2025 की तुलना में कुल कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए विभाग ने 44 से बढ़ाकर 451 मामलों में कार्रवाई की है।

    बता दें कि कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की गुणवत्ता, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर राज्यभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप अमानक उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगा है तथा कृषि आदानों की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हुई हैं।

    सख्त कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गड़बड़ी सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा विभागों के प्रति बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कि तुलना में इस खरीफ सीजन में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरणों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंच गई। इसी प्रकार लाइसेंस निलंबन के मामलों में 3 से बढ़कर 97, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 10 तथा विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई 33 से बढ़कर 183 हो गई। इसके अतिरिक्त पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं, जो विभाग की कड़ी निगरानी एवं शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।

    कृषि मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक ही उपलब्ध हों। विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

    कृषि आदानों से समृद्ध कृषि की दिशा में प्रयास

    कृषि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाना भी है। विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन, सतत निगरानी तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि वातावरण विकसित किया जा रहा है।

  • ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा दोकड़ा: मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं के बीच श्री जगन्नाथ कथा का शुभारंभ

    ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा दोकड़ा: मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय की मौजूदगी में भव्य कलश यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं के बीच श्री जगन्नाथ कथा का शुभारंभ

    श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का भव्य शुभारंभ

    भव्य कलश यात्रा में शामिल हुईं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय,

    कथा श्रवण के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु

    दोकड़ा/जशपुर : श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में शुक्रवार को पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। शुभारंभ अवसर पर आयोजित विशाल कलश यात्रा निकाली गई,कलश यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं।भव्य कलश यात्रा यहां के शिव मंदिर से प्रारंभ होकर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच कथा स्थल मौसी बाड़ी समीप मिडिल स्कूल प्रांगण तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया, जिससे पूरा दोकड़ा भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।यह पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित की जा रही है।कथा का वाचन एवं संगीतमय रसपान छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कीर्तन गायक एवं कथा वाचक श्री कामता प्रसाद शरण जी द्वारा दोपहर 3:30 बजे से 7:30 बजे तक रसपान किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा, भक्ति और सनातन संस्कृति पर आधारित प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।कथा के शुभारंभ अवसर पर हजारों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया तथा भगवान श्री जगन्नाथ से सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन, आरती एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के तहत पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक एवं उत्सवमय वातावरण बना हुआ है।

  • नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को कानून का कड़ा शिकंजा: जशपुर पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सख्त सजा, थाना सन्ना पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी से मिला पीड़िता को न्याय

    नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को कानून का कड़ा शिकंजा: जशपुर पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सख्त सजा, थाना सन्ना पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी से मिला पीड़िता को न्याय

    नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

    थाना सन्ना पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं न्यायालयीन कार्रवाई से आरोपी हुआ दोषसिद्ध

    जशपुर जिले के थाना सन्ना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में माननीय अपर सेशन न्यायधीश एफ टी सी,विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने आरोपी सुखदेव राम को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कठोर दण्ड से दण्डित किया है।

    आरोपी को सजा दिलाने में तत्कालीन थाना प्रभारी सन्ना निरीक्षक एल आर राठिया की कुशल विवेचना एवं अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अनुपम कुमार तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है

    जशपुर : दिनांक 19 जनवरी 2023 को 14 वर्षीय नाबालिक पीड़िता के पिता ने थाना सन्ना में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री 18 जनवरी 2023 की सुबह घर से नहाने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा गांव, आसपास के क्षेत्रों एवं रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की गई, किन्तु उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान घर में रहकर बैल-बकरी चराने वाला युवक सुखदेव राम भी गांव से गायब था, जिससे उस पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का संदेह हुआ।

    शिकायत के आधार पर थाना सन्ना में अपराध क्रमांक 03/2023 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता को सकुशल बरामद किया, घटनास्थल का निरीक्षण कराया, चिकित्सीय परीक्षण कराया, वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए तथा गवाहों के कथन दर्ज किए। जांच में आरोपी द्वारा नाबालिग के साथ अपराध करना प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विवेचना पूर्ण होने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366क, 376(3) भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 6 पॉक्सो अधिनियम के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।

    प्रकरण की सुनवाई के उपरांत माननीय माननीय अपर सेशन न्यायधीश एफ टी सी,विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी सुखदेव राम को दोषी करार देते हुए निम्नानुसार सजा सुनाई—

    धारा 363 भा.दं.सं. – 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदण्ड।

    धारा 366क भा.दं.सं. – 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदण्ड।

    धारा 376(3) भा.दं.सं. – 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदण्ड।

    धारा 6 पॉक्सो अधिनियम – 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदण्ड।

    माननीय न्यायालय ने आदेशित किया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी। निर्णय के पश्चात आरोपी को सजा भुगताने हेतु जिला जेल जशपुर भेज दिया गया।

    उक्त प्रकरण में आरोपी को कठोर सजा दिलाने में तत्कालीन थाना प्रभारी सन्ना निरीक्षक श्री एल. एन. राठिया द्वारा की गई कुशल, निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अनुपम कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी करते हुए सशक्त साक्ष्य एवं गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी दोषसिद्ध हुआ और उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई गई।

    जशपुर पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के माध्यम से दोषियों को कठोर दण्ड दिलाने के लिए सतत प्रतिबद्ध है।

  • सजा नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत: रायपुर सेंट्रल जेल में ‘निश्चय’ कार्यक्रम से महिला बंदियां बन रहीं आत्मनिर्भर, अपने हाथों से तैयार कर रहीं स्वादिष्ट अचार

    सजा नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत: रायपुर सेंट्रल जेल में ‘निश्चय’ कार्यक्रम से महिला बंदियां बन रहीं आत्मनिर्भर, अपने हाथों से तैयार कर रहीं स्वादिष्ट अचार

    निश्चय कार्यक्रम से आत्मनिर्भर बन रहीं महिला बंदी, रायपुर सेंट्रल जेल में तैयार हो रहा स्वादिष्ट अचार

    रायपुर : केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों के सर्वांगीण सुधार और समाज की मुख्यधारा में उनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। जेल प्रशासन द्वारा संचालित निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे जेल के भीतर ही उनके रोजगार की राह आसान हुई है।

    60 महिला बंदियों को मिला अचार और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण

     केन्द्रीय जेल रायपुर में विभिन्न अपराधों के तहत बंद 60 महिला बंदियों को बेसिक ऑफ पिकल (अचार) एवं मसाला निर्माण के व्यावसायिक उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को स्वयं की व्यावसायिक इकाई स्थापित करने के योग्य बनाना है।

     प्रशिक्षण के दौरान इन बंदियों को खाद्य उत्पादों के निर्माण और उनकी उत्तम गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं सुरक्षित भंडारण से संबंधित व्यावहारिक जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल के महिला प्रकोष्ठ में ही नियमित रूप से अचार का निर्माण शुरू कर दिया है।

    आस्था गृह उद्योग के जरिए मिल रहा बाजार, आत्मनिर्भर बन रहीं बंदी

     महिला बंदियों द्वारा जेल के भीतर पूरी स्वच्छता के साथ आम, नींबू, गाजर और लहसुन जैसी विभिन्न वैरायटियों के स्वादिष्ट और हाइजीनिक अचार तैयार किए जा रहे हैं। इन गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्था की गई है। तैयार उत्पादों को केंद्रीय जेल परिसर स्थित आस्था मुंगोडी सेंटर (आस्था गृह उद्योग स्टॉल) और जेल कैंटीन के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे इन महिला बंदियों के खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

    जेल सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र- जेल अधीक्षक

     इस सराहनीय पहल को लेकर केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक केंद्र है। जेल महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में जेलों में चलाए जा रहे निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से महिला बंदियों को रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। यह कौशल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीने और आजीविका अर्जित करने में सहायक सिद्ध होगा। जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बंदियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।

  • स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां तेज: छत्तीसगढ़ शासन ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर पूरे प्रदेश में होगा ऐतिहासिक आयोजन

    स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां तेज: छत्तीसगढ़ शासन ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर पूरे प्रदेश में होगा ऐतिहासिक आयोजन

    छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू : राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य

    राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।

    ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।

    जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान

    जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

    शहीदों के परिजनों का सम्मान

    जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

    रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी

     स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।

    संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

     शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।

  • नई उम्मीदों के साथ गूंजे स्कूलों के आंगन: जशपुर में धूमधाम से मना जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ भव्य स्वागत

    नई उम्मीदों के साथ गूंजे स्कूलों के आंगन: जशपुर में धूमधाम से मना जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ भव्य स्वागत

    जशपुर जिले में मनाया गया धूमधाम से जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव

    प्रवेश उत्सव में शिक्षा के महत्व पर दिया गया जोर, नवप्रवेशियों का हुआ सम्मान

    जशपुर : जिले के कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में शिक्षा सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्सव के साथ मनाया गया। इसी क्रम में आज जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम में श्री सालिक साय, अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री शंभू नाथ चक्रवर्ती, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड, श्री अरविंद कुमार भगत अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जशपुर, श्री गंगाराम भगत अध्यक्ष जनपद पंचायत जशपुर, श्री आलोक सारथी, श्री राजू गुप्ता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, श्री विजय सहाय एवं श्रीमती शैलेन्द्री यादव पार्षद उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कक्षा पहली, कक्षा छठवीं एवं कक्षा नवमी के छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर, फूल-माला पहनाकर, मुंह मीठा कराकर नई पुस्तक एवं स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान कर शिक्षा ग्रहण हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।

    सेजस हिंदी माध्यम स्कूल की छात्राओं एवं महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय जशपुर की छात्राओं द्वारा शिक्षा पर आधारित गीतों में नृत्य प्रस्तुत किया गया।

    मुख्य अतिथि श्री सालिक साय ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने हेतु प्रेरित किया। उपाध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप जीवन उपयोगी शिक्षा ग्रहण करने हेतु गुरुद्रोण, एकलव्य का उदाहरण देते हुए शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने की बात कही। विशिष्ट अतिथि श्री अरविंद कुमार भगत ने शिक्षा के विभिन्न सोपानों को प्राप्त करने के बाद शासकीय, निजी एवं राजनीतिक क्षेत्र में मिलने वाली सफलताओं के बारे में बताया। श्री गंगाराम भगत ने बच्चों से शिक्षा के साथ-साथ अभिभावकों का सम्मान करने का आग्रह किया।

    जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा ने प्रवेश उत्सव का प्रतिवेदन पठन किया एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत निःशुल्क साइकिल का वितरण भी किया गया।

    कार्यक्रम का समापन श्री विनय कुमार सिन्हा द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में ए.पी.सी. दीपा गुप्ता, प्रोग्रामर श्री अरुण चंद्रा, श्रीमती कल्पना टोप्पो, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्री टुमनू गोस्वामी, ए.बी.ओ जशपुर श्री जयेस टोपनो, व्याख्याता श्री सेतराम पटेल, श्री वीरेंद्र कुमार सिन्हा, श्री गणेश कुमार सिन्हा, श्री राजेश कुमार अम्बष्ट, प्राचार्य सेजस श्रीमती रोजालिया डुंगडुंग, श्री संजय प्रसाद एवं श्री अजय कुमार चौबे का विशेष योगदान रहा।