Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • प्रदेश की जेलों में निर्माण कार्यों की हुई हाई-लेवल समीक्षा, पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल ने बैरक, बाउंड्रीवॉल और वॉच टॉवर परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश

    प्रदेश की जेलों में निर्माण कार्यों की हुई हाई-लेवल समीक्षा, पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल ने बैरक, बाउंड्रीवॉल और वॉच टॉवर परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश

    लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

    गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने कहा

    रायपुर : लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश के विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आज आयोजित बैठक में जिलों के कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न संभागों के कार्यपालन अभियंता, ठेकेदार और जेल अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।

     लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरकों, बाउंड्रीवॉल्स, शौचालयों और वॉच टॉवर्स के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ ही सभी जेलों के अधीक्षकों से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित दौरा कर कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों को भी निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूरा करने को कहा।

     श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए जेल परिसर के भीतर निर्माण सामग्रियों के परिवहन की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने जेल अधीक्षकों को श्रमिकों को रोज काम के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता ने बैठक में कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से राहत मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मैदानी अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को तेज गति से काम कर कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा।

    इन कार्यों की हुई समीक्षा

     लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में रायपुर केन्द्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों-परिजनों के लिए शेड व शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता के विशेष जेल, जिला जेल धमतरी और गरियाबंद में बाउंड्रीवॉल, जिला जेल जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद तथा उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। विभागीय सचिव ने कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के कार्य, केन्द्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए बैरक एवं शौचालय निर्माण, जिला जेल दंतेवाड़ा में शौचालय निर्माण, जिला जेल सुकमा की मुख्य दीवारों के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग तथा वॉच टॉवर निर्माण एवं उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

  • द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की महिलाओं के हाथों में सौर ऊर्जा की कमान, ‘सोलर दीदी’ बनकर लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत

    द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की महिलाओं के हाथों में सौर ऊर्जा की कमान, ‘सोलर दीदी’ बनकर लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत

    द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना, अर्थात डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन (Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion), के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत इस नीति को विकसित किया है।

    छत्तीसगढ पहला राज्य महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति

     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति को अपनाया है। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने तथा राज्य के पांच लाख परिवारों और 10,000 संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ की जा रही है तैयार

     योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासनों के सहयोग से 12 जिलों के 13 संकुल स्तरीय संघो (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और जनजागरूकता का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ तैयार की जा रही हैं, जो अपने ही क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

    प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर

     सौर ऊर्जा प्रणाली को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह वित्तीय मॉडल जहां स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है, वहीं महिला संचालित उद्यमों को टिकाऊ व्यवसाय विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।

    महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच

     यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच को भी प्रतिबिंबित करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने पर बल देते रहे हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका को सतत ग्रामीण विकास का आधार मानते हैं। द्वीप्ति योजना इन दोनों प्राथमिकताओं को एक साथ जोड़ते हुए महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की मुख्यधारा में ला रही है।

    ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से है जोड़ना

     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि अब तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से लाभार्थी तक सीमित रही है। ड्वीप्टि योजना इस सोच को बदलते हुए महिलाओं को विक्रेता, तकनीशियन, प्रबंधक और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के लखपति दीदी विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से जोड़ती है।

    कबीरधाम में नीति से धरातल तक पहुंची पहल

     द्वीप्ति योजना का प्रभाव अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कबीरधाम इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले शुरुआती जिलों में शामिल है। सीएसपीडीसीएल- आरएपीएम, रायपुर के सहयोग से जिला पंचायत कबीरधाम (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन, कवर्धा को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया। टाटा के तकनीकी सहयोग से बिहान के स्व-सहायता समूहों की लगभग 35 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर जिले की पहली ‘सोलर दीदी’ टीम तैयार की गई।

    पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर में

     योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती अंजनी पटेल इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं।

    श्रीमती अंजनी पटेल ने कहा, “इस कार्य ने हमारे लिए आजीविका का नया रास्ता खोला है। हमें गर्व है कि अब स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं सोलर सिस्टम स्थापित कर रही हैं। इससे यह विश्वास बढ़ा है कि यह अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।”

    सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर

     कबीरधाम कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा कि यह पहल आजीविका संवर्धन और अक्षय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

     जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि यह मॉडल महिलाओं के लिए कौशल आधारित और टिकाऊ आजीविका विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर सिस्टम की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। कबीरधाम जिले में अब तक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लगभग 40 ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं तथा कई संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं।

     राज्य के अन्य जिलों में द्वीप्ति योजना के विस्तार के साथ महिला नेतृत्व वाले पंजीकृत महासंघों, प्रशिक्षित स्थानीय तकनीशियनों और आसान वित्तीय व्यवस्था पर आधारित यह मॉडल छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर लागू किए जाने योग्य एक प्रभावी उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

    द्वीप्ति योजना एक नजर में

    •      अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जाएंगे।

    •      50,000 हरित रोजगार सृजित होंगे।

    •      5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

    •      10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ा जाएगा।

    •      12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत।

    •      कबीरधाम में 35 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया।

    •      कबीरधाम जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए।

  • छत्तीसगढ़ का सबसे रोमांचक वन्यजीव पर्यटन केंद्र बना नंदनवन जंगल सफारी, 320 हेक्टेयर में प्रकृति, रोमांच और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम, हर साल लाखों पर्यटकों की पहली पसंद

    छत्तीसगढ़ का सबसे रोमांचक वन्यजीव पर्यटन केंद्र बना नंदनवन जंगल सफारी, 320 हेक्टेयर में प्रकृति, रोमांच और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम, हर साल लाखों पर्यटकों की पहली पसंद

    प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

    320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

    धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

    अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारी

    रायपुर : नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।

           छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

           मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर

           नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।

           इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

           वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर

           नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।

           विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

           पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र

           नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

    शाकाहारी सफारी

           30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।

    भालू सफारी

           20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।

    बाघ सफारी

           20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।

    सिंह सफारी

           20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।

    जू जोन

           50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

           दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण

           नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।

    देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक

           वनमंडलाधिकारी श्री थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

           जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र

           नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।

           रायपुर से आसान पहुंच

           नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।

    वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र

            नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है l

  • ‘आप सबके सहयोग से बनाएंगे स्वर्णिम छत्तीसगढ़’—सीएसआर के जरिए पोषण, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई रफ्तार

    ‘आप सबके सहयोग से बनाएंगे स्वर्णिम छत्तीसगढ़’—सीएसआर के जरिए पोषण, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई रफ्तार

    सीएसआर साझेदारी से पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

    “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे” – प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार

    आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन

    रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

    बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”

    महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों—महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण—पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

    बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

    बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

    बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

    उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा ‘सर’ (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

  • जशपुर प्रशासन का संवेदनशील फैसला, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले 5 लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपये की सहायता मंजूर

    जशपुर प्रशासन का संवेदनशील फैसला, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले 5 लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपये की सहायता मंजूर

    जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

     अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मनोरा के ग्राम अंधला निवासी स्व. जोसेफ पिता स्व. अंधेरियस मिंज की 31 जुलाई 2025 को नाले के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पुत्र श्री सामृत मिंज को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील बागबहार के ग्राम मुड़ाबहला निवासी स्व. निखिल सिदार पिता श्री फतेराम की 19 नवंबर 2025 को तालाब (डबरी) के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री फतेराम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील पत्थलगांव के ग्राम पत्थलगांव निवासी स्व. राजवंती देवी साहू पति श्री बिन्देश्वरी साहू की 4 नवंबर 2025 को नदी के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पति श्री बिन्देश्वरी साहू को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील कांसाबेल के ग्राम बटईकेला निवासी स्व. दुर्योधन राम पिता श्री तेजगर राम की 1 अक्टूबर 2025 को ढोढ़ी कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती दिलासो बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह तहसील कुनकुरी के ग्राम घटमुण्डा नवाटोली निवासी स्व. एलड्रिन एक्का पिता श्री प्रबोध एक्का की 21 दिसंबर 2024 को आग में जलने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री प्रबोध एक्का को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

     उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ पूर्ण की जा रही है।

  • 31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, जशपुर के किसानों के लिए कृषि विभाग की बड़ी अपील, प्राकृतिक आपदा में मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

    31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, जशपुर के किसानों के लिए कृषि विभाग की बड़ी अपील, प्राकृतिक आपदा में मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें किसान, 31 जुलाई तक अवश्य कराएं फसलों का बीमा

    जिले में 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित, अऋणी किसानों को बीमा से जोड़ने गांव-गांव चलेगा अभियान

    जशपुर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले के अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। खरीफ वर्ष 2026-27 में पात्र किसानों, विशेषकर अऋणी कृषकों को अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के लिए ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों के साथ ही बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के प्रत्येक मैदानी अधिकारी, बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्र को 50-50 हेक्टेयर अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाना है, जो ऋणी नहीं हैं, लेकिन अपनी अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से सुरक्षित करने के लिए बीमा कराना चाहते हैं।

    जिले में 6050 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा से जोड़ने का लक्ष्य –

    कृषि विभाग द्वारा अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने के लिए विकासखंडवार कुल 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मनोरा विकासखंड में 500 हेक्टेयर, जशपुर में 500 हेक्टेयर, दुलदुला में 550 हेक्टेयर, कुनकुरी में 600 हेक्टेयर, कांसाबेल में 900 हेक्टेयर, फरसाबहार में 900 हेक्टेयर, बगीचा में 1000 हेक्टेयर तथा पत्थलगांव विकासखंड में सर्वाधिक 1100 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने मैदानी अमले को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों से सतत संपर्क करने तथा उन्हें फसल बीमा के लाभ एवं प्रक्रिया की जानकारी देकर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

    अऋणी किसान इन दस्तावेजों के साथ करा सकते हैं बीमा –

    अधिसूचित फसल उगाने वाले ऐसे सभी अऋणी किसान, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे अपना बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र संबंधित क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित करा सकते हैं। इसके बाद भूमि विवरण, खाता संख्या, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर फसल बीमा कराया जा सकता है। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

  • स्कूलों की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास की सख्त नजर, महारानी लक्ष्मी बाई और आत्मानंद विद्यालय का किया निरीक्षण, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव मांगे

    स्कूलों की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास की सख्त नजर, महारानी लक्ष्मी बाई और आत्मानंद विद्यालय का किया निरीक्षण, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव मांगे

    कलेक्टर रोहित व्यास ने महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय एवं स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल का किया निरीक्षण

    आधारभूत सुविधाओं का लिया जायजा, मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा

    जशपुर : जिले के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास स्वयं लगातार विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा ले रहे हैं, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इसी कड़ी में आज कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत भी उपस्थित रहे।

     महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राचार्य श्री विजय सिन्हा एवं विद्यालय प्रबंधन से विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंच, सभागार, दरवाजे, खिड़कियों सहित जिन स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित एवं व्यवस्थित ढंग से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा, ताकि छात्राएं यहां पर पढ़कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

     कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्राचार्य श्रीमती आर. डुंगडुंग एवं विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के अलावा सभागार, शौचालयों सहित अन्य जगहों में जहां पर मरम्मत कार्यों की अवश्यकता है वहां का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर कलेक्टर रोहित व्यास की पैनी नजर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर दिए सख्त निर्देश

    ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर कलेक्टर रोहित व्यास की पैनी नजर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर दिए सख्त निर्देश

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    अनावश्यक सामानों का नियमानुसार हटाने एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रोहित व्यास ने आज ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीवीपैट रूम, बैलट यूनिट रूम तथा कंट्रोल यूनिट रूम के बाहरी क्षेत्र का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने स्ट्रांग रूम परिसर एवं उसके आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     उन्होंने परिसर में अनावश्यक रूप से रखे गए अनुपयोगी सामानों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने तथा परिसर को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु निर्देशित किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी, परिसर की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित निर्वाचन शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जशपुर : 18.75 लाख की मोबाइल चोरी का सनसनीखेज खुलासा! बगीचा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे 4 आरोपी, 47 मोबाइल और बाइक बरामद

    जशपुर : 18.75 लाख की मोबाइल चोरी का सनसनीखेज खुलासा! बगीचा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे 4 आरोपी, 47 मोबाइल और बाइक बरामद

    बगीचा पुलिस ने लाखों रुपये की मोबाइल चोरी का किया सनसनीखेज खुलासा

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 आरोपी गिरफ्तार, जिसमें से तीन हैं विधि से संघर्षरत बालक,47 मोबाइल फोन, बाइक व नगदी बरामद

    एक फरार आरोपी की तलाश जारी, शेष चोरी गए मोबाइल बरामद करने के प्रयास जारी

    नाम गिरफ्तार आरोपी-

    जशपुर : दिनांक 21/07/2026 की रात्रि 09:00 बजे से 22/07/2026 की प्रातः 07:00 बजे के मध्य थाना बगीचा क्षेत्र के बस स्टैंड प्रतीक्षालय के पीछे स्थित कैपिटल मोबाइल शॉप का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा दुकान में रखे नए एवं पुराने कुल 93 नग मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹18 लाख 75 हजार, चोरी कर लिए गए।

    प्रार्थी जैद अली पिता मोहम्मद इकराम अली, उम्र 28 वर्ष, निवासी सुकबासु पारा, बगीचा की लिखित शिकायत पर थाना बगीचा में अपराध क्रमांक 197/2026 अंतर्गत धारा 331(4), 305(A), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बगीचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें अभिषेक प्रजापति पिता भास्कर प्रजापति, उम्र 19 वर्ष, निवासी डूमर टोली, बगीचा तथा 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, जो वर्तमान में फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 47 मोबाइल फोन, जिनकी बाजार कीमत लगभग ₹10 लाख, चोरी की ₹600 नगद राशि तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की यामाहा एमटी मोटरसाइकिल (कीमत लगभग ₹60 हजार) बरामद कर जप्त की गई है।

    विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि बालिग आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में फरार आरोपी की गिरफ्तारी एवं शेष चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

    कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक गौरव कुमार पांडे, सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार कामरे, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र मिंज, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक मुकेश पांडे , फुलजेंस टोप्पो, धनेश्वर राम, राजेश कालो एवं नगर सैनिक बलिराम की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत एक दुकान से मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस के द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्यवाही करते हुए, चंद घंटों में चार आरोपियों , जिसमें से तीन विधि से संघर्षरत बालक हैं, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड व बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, एक फरार आरोपी की पता साजी जारी है, जिसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

  • हैवान पिता को उम्रकैद: 13 वर्षीय बेटी से वर्षों तक दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास, जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला न्याय

    हैवान पिता को उम्रकैद: 13 वर्षीय बेटी से वर्षों तक दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास, जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला न्याय

    अपनी ही नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को आजीवन कारावास

    थाना कांसाबेल पुलिस की त्वरित विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन से एक माह के भीतर मिला न्याय

    निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार की कुशल विवेचना एवं विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की की सशक्त पैरवी से आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा

    माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने सुनाया फैसला

    नाम आरोपी-कलेश्वर विश्वकर्मा उम्र 42 वर्ष

    जशपुर : थाना कांसाबेल में दर्ज एक अत्यंत संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में जशपुर पुलिस की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42 वर्ष) को अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    प्रकरण में दिनांक 02 मई 2026 को पीड़िता की माता द्वारा थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसका पति अपनी नाबालिग पुत्री के साथ पिछले तीन वर्षों से लगातार दुष्कर्म कर रहा था। रिपोर्ट पर थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 296, 351(2), 115(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की, चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन कथन एवं अन्य सभी वैधानिक कार्यवाहियां पूर्ण कर दिनांक 2 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए। आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र (चालान ) न्यायालय दिनांक 17 जून 2026 को पेश किया गया ।

    जशपुर पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण की विवेचना अत्यंत गंभीरता एवं पेशेवर दक्षता के साथ करते हुए मात्र एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके फलस्वरूप प्रकरण का शीघ्र परीक्षण हुआ तथा अभियोजन पक्ष द्वारा 20 गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पुलिस द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों एवं प्रभावी अभियोजन के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी कांसाबेल निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार द्वारा अत्यंत कुशलता एवं संवेदनशीलता के साथ की गई। वहीं न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर आरोपी को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना, प्रभावी अभियोजन तथा दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना जशपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाज में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध एवं सजग है।