Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • ‘नशा दीमक की तरह जिंदगी को खा जाता है’—मंत्री टंक राम वर्मा की दोटूक चेतावनी, 100 सप्ताह के महाअभियान से युवाओं को नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का आह्वान

    ‘नशा दीमक की तरह जिंदगी को खा जाता है’—मंत्री टंक राम वर्मा की दोटूक चेतावनी, 100 सप्ताह के महाअभियान से युवाओं को नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का आह्वान

    नशा दीमक की तरह जीवन को खोखला कर देता है: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    नशामुक्त युवा ही बनाएंगे ‘विकसित भारत’

    बलौदाबाजार में ‘नशामुक्त युवा संकल्प अभियान’ का आगाज

    राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने दिलाई शपथ

    रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशव्यापी ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के वर्चुअल शुभारंभ के साथ ही बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में भी इस महाअभियान का शंखनाद हुआ। मुख्य अतिथि की आसंदी से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि “नशा एक दीमक की तरह है जो न केवल व्यक्ति को खोखला करता है, बल्कि उसके परिवार, माता-पिता के सपनों और भविष्य को भी तबाह कर देता है।

     बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।

     राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

     इतिहास गवाह है कि देश में जितने भी बड़े परिवर्तन हुए हैं, वे युवाओं के दम पर ही संभव हुए हैं। युवाओं को नशे के चंगुल से मुक्त रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी होगी।

    100 सप्ताह तक चलेगा जनजागरूकता का महाअभियान

     इस संकल्प अभियान के तहत आगामी 100 हफ्तों तक जिले भर में खेल, कला, संस्कृति और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नशामुक्ति पर केंद्रित एक बेहद संवेदनशील व आकर्षक नाटिका का मंचन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

     जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं को संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, पूरे परिवार का विनाश करता है। हमारी युवा पीढ़ी को सही संस्कार और विचार अपनाकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना होगा। एक समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए युवाओं का व्यसनमुक्त होना अनिवार्य है। इस 100-साप्ताहिक अभियान में जिले के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

     इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, खेल अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई हाईटेक तकनीक, 55% सरकारी अनुदान ने बदल दी किसान की किस्मत—ड्रिप सिंचाई से लागत घटी, उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़े

    पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई हाईटेक तकनीक, 55% सरकारी अनुदान ने बदल दी किसान की किस्मत—ड्रिप सिंचाई से लागत घटी, उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़े

    सूक्ष्म सिंचाई योजना से खेती बनी अधिक लाभकारी, ड्रिप सिंचाई अपनाकर किसान ने बढ़ाया सब्जी उत्पादन

    55 प्रतिशत अनुदान से स्थापित की ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कम पानी में बढ़ा उत्पादन और आय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।

    सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान श्री आनन्द राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ।

    श्री आनन्द राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था। ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंच रहा है। इससे जल की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर एवं गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक लाभकारी बन गया है।

    राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है। सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है।

  • देश की न्याय व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव! 150 साल पुराने कानूनों की जगह डिजिटल युग के नए आपराधिक कानून, ई-साक्ष्य और हाईटेक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा—मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान

    देश की न्याय व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव! 150 साल पुराने कानूनों की जगह डिजिटल युग के नए आपराधिक कानून, ई-साक्ष्य और हाईटेक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा—मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान

    वर्तमान चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार नए आपराधिक कानूनों ने न्याय व्यवस्था में लाया ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा— आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना नए कानूनों का मूल उद्देश्य

    समन्वित प्रयासों से नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य – मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

    ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी और जवाबदेह

    नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में सतत प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और तकनीकी क्षमता विकास पर विशेष जोर

    रायपुर : वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित “स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस” राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

    उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।

    उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, त्वरित और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम देश की न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। इन कानूनों की सफलता केवल उनके लागू होने में नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थाओं द्वारा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में निहित है।

    मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज की चर्चा केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपराधिक अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है। ई-साक्ष्य, ई-चालान, न्याय श्रुति तथा डिजिटल फॉरेंसिक्स जैसी व्यवस्थाएं नए कानूनों की मूल भावना को साकार करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विशेष रूप से ई-साक्ष्य को उन्होंने साक्ष्य प्रबंधन की समग्र एवं एकीकृत प्रणाली बताते हुए कहा कि इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया अपराध स्थल से प्रारंभ होती है। यदि प्रारंभिक जांच वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो पूरी न्यायिक प्रक्रिया अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी। तकनीक न्यायिक विवेक का स्थान नहीं ले सकती, लेकिन उसे अधिक प्रभावी अवश्य बना सकती है।

    मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि जून माह के दौरान जिला न्यायालयों में लगभग 9,910 मामलों तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने सभी हितधारकों से न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग करने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 ने इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल अभिलेखों को व्यापक कानूनी मान्यता प्रदान की है, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 ने अपराध पंजीयन, अनुसंधान, तलाशी, जब्ती, वीडियो रिकॉर्डिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक संचार जैसी प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ नए आपराधिक कानूनों एवं डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

    उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला न्याय व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की समीक्षा के बाद इसके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप न्याय एवं कानून व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों की मूल भावना यह सुनिश्चित करना है कि निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने “वन डेटा, वन एंट्री” की अवधारणा पर कार्य करने, एफआईआर की मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने तथा ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस, नेफिस, सीआरपीआई एप्लिकेशन और डीएनए सैंपलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

    कार्यक्रम में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एन.के. चन्द्रवंशी, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्तिगण, प्रमुख सचिव गृह श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग श्रीमती सुषमा सावंत, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, विभिन्न जिलों के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीसीटीएनएस के नोडल अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, एफएसएल के अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • अब नशे पर होगा निर्णायक प्रहार! प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ 100 सप्ताह का राष्ट्रीय अभियान, रायपुर से हजारों युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ

    अब नशे पर होगा निर्णायक प्रहार! प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ 100 सप्ताह का राष्ट्रीय अभियान, रायपुर से हजारों युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ

    राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में लोक भवन से ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशव्यापी अभियान का किया शुभारंभ, युवाओं से किया नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान

    100 सप्ताह तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान, विद्यालयों, महाविद्यालयों और युवा संगठनों के माध्यम से होंगे व्यापक कार्यक्रम

    रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में प्रारंभ हुए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न युवा संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।

    लोक भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक देखा। राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ 2 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), माय भारत युवा संगठन तथा अन्य युवा संगठनों के सहयोग से विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लघु फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

    अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इसे जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा।

    इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • जशपुर के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! CGIT में डिप्लोमा इंजीनियरिंग प्रवेश शुरू, 11 अगस्त तक करें आवेदन, कंप्यूटर साइंस समेत 3 ब्रांच में मिलेगा दाखिला

    जशपुर के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! CGIT में डिप्लोमा इंजीनियरिंग प्रवेश शुरू, 11 अगस्त तक करें आवेदन, कंप्यूटर साइंस समेत 3 ब्रांच में मिलेगा दाखिला

    जशपुर : सत्र 2026-27 में छ.ग. राज्य की पॉलीटेक्निक संस्थाओं के डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन कॉउसिलिंग की पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। CGIT, Jashpur (पूर्व में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर) में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन ब्रांच संचालित है। प्रत्येक ब्रांच में 30-30 सीट है । संस्था स्तर पर आबंटन का रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई 2026 से 11 अगस्त 2026 तक होगी। मेरिट सूची 12 अगस्त को जारी होगी। प्रवेश प्रक्रिया 13 अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगी।

    ऑनलाइन कॉउसिलिंग का पंजीयन, संस्था एवं पाठ्यक्रम के आंबटन आदि का अवलोकन https://cgdte.admissions.nic.in पर किया जा सकता है। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रवेश नियम का अवलोकन CGIT, Jashpur (पूर्व में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर) की वेवसाइट www.gpjashpur.ac.in पर किया जा सकता है। पंजीयन एवं अन्य किसी तरह की परेशानी होने पर CGIT, Jashpur (पूर्व में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर) मो० नं० 8821026945, 8109517732, 7693890308 से संपर्क किया जा सकता है।

  • जशपुर के एकलव्य विद्यालय में युवाओं ने नशे के खिलाफ बुलंद की आवाज! PM मोदी के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान से जुड़कर विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

    जशपुर के एकलव्य विद्यालय में युवाओं ने नशे के खिलाफ बुलंद की आवाज! PM मोदी के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान से जुड़कर विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

    देशभर के 25 हजार केंद्रों से एक करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ

    जशपुर : भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat) द्वारा देशव्यापी “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए नशा मुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया।

    यह ऐतिहासिक कार्यक्रम देश के लगभग 25,000 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें एक करोड़ से अधिक युवाओं ने वर्चुअल रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में MY Bharat स्वयंसेवकों, NSS, युवा क्लबों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों तथा अनेक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 100 सप्ताह तक चलने वाले “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान” का शुभारंभ किया, जिसके अंतर्गत प्रत्येक रविवार देशभर में जनजागरूकता, खेल, सांस्कृतिक, फिटनेस, ध्यान, सामुदायिक सहभागिता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

     एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, घोलेंग में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ विद्यार्थियों एवं युवाओं ने प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन देखा एवं सुना। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री दुर्गेश पाठक ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्त जीवन का संदेश दिया तथा सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

  • प्राकृतिक आपदा में अपनों को खोने वाले 4 परिवारों को बड़ी राहत! कलेक्टर ने स्वीकृत किए 16 लाख रुपये, डूबने और सर्पदंश से हुई मौतों के परिजनों को मिलेगा आर्थिक संबल

    प्राकृतिक आपदा में अपनों को खोने वाले 4 परिवारों को बड़ी राहत! कलेक्टर ने स्वीकृत किए 16 लाख रुपये, डूबने और सर्पदंश से हुई मौतों के परिजनों को मिलेगा आर्थिक संबल

    प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 4 परिवारों को कुल 16 लाख रूपए की मिलेगी आर्थिक सहायता

    आरबीसी खंड-6 क्रमांक-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से जनहानि पर प्रभावित परिवारों को दी जाती है आर्थिक सहायता

    जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदाओं एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 4 प्रकरणों में प्रभावित परिजनों के लिए कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। यह सहायता राशि शासन के नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को प्रदान की जाएगी।

     अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय विकास राम, पिता स्वर्गीय मनोज साय की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी माता श्रीमती लीलावती भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील सन्ना के ग्राम छिछली (र) निवासी स्वर्गीय बंधन राम, पिता श्री सुखू राम की 16 अगस्त 2025 को सांप काटने की वजह से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती पुसनी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

     इसी प्रकार से तहसील सन्ना के ग्राम भंवर निवासी स्वर्गीय विधिचंद बड़ाईक, पिता श्री सगडू की 31 दिसंबर 2025 को ईब नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी पति श्रीमती लक्ष्मी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय शिवम राम, पिता श्री शंकर राम भगत की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री शंकर राम भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

  • आस्था की राह हुई आसान! विधायक रायमुनी भगत की पहल से लोदाम छठ घाट तक बना पक्का मार्ग, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को मिली बड़ी सौगात

    आस्था की राह हुई आसान! विधायक रायमुनी भगत की पहल से लोदाम छठ घाट तक बना पक्का मार्ग, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को मिली बड़ी सौगात

    आस्था का सम्मान: लोदाम छठ घाट तक पक्का मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण

    विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के तहत की थी अनुशंसा

    जशपुर : आस्था और जनभावना से जुड़े छठ पर्व का लोदाम में हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। शंख नदी के तट पर बसे इस सीमावर्ती ग्राम पंचायत में छठ पर्व के दिनों में भारी चहल-पहल रहती है, लेकिन छठ घाट तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग की अनुपलब्धता के कारण वर्षों से व्रती और श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोजमर्रा के कार्यों एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में भी लोगों को इसी कारण असुविधा झेलनी पड़ती थी।

     लोदाम, जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर, झारखंड सीमा से सटा एक खूबसूरत गांव है, जो घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित है। क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए छठ घाट तक एक मजबूत, सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच मार्ग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

     विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने आम जनता की इस समस्या को गंभीरता से समझा और मुख्य मार्ग से छठ घाट तक पहुंच मार्ग तक सी. सी. रोड निर्मित कराने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत आठ लाख रुपये की स्वीकृति की अनुशंसा की। इस पहल पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में सीसी रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया और सितंबर 2025 में निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

     सड़क निर्माण पूरा होने के साथ ही लोदाम के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का समाधान अब हो गया है। छठ घाट तक पहुंचना अब आसान और सुरक्षित हो गया है। दैनंदिन कार्यों और अन्य धार्मिक आयोजनों में आने-जाने की असुविधा समाप्त हो गई है। पक्के मार्ग के कारण आसपास के क्षेत्रों में विकास की संभावनाएँ और भी बढ़ गई हैं।

  • रबी में वर्षों तक खाली रहने वाला खेत बना सोना उगलने वाली जमीन! प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से मिली मदद, सरसों की लहलहाती फसल ने किसान बलदेव राजवाड़े की बदल दी तस्वीर

    रबी में वर्षों तक खाली रहने वाला खेत बना सोना उगलने वाली जमीन! प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से मिली मदद, सरसों की लहलहाती फसल ने किसान बलदेव राजवाड़े की बदल दी तस्वीर

    सफलता की कहानी : कृषक बलदेव राजवाड़े को प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का मिला लाभ, सरसों की अच्छी खेती से किसान हुआ खुश

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिले के कृषकों को कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं से निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है।

    इसी कड़ी में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत घटक नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑइल (तिलहन) योजना के तहत बगीचा विकासखण्ड के ग्राम सुलेसा निवासी किसुन राजवाड़े को सरसों बीज कृषि विभाग से अनुदान में प्रदाय किया। कृषक श्री राजवाड़े ने 1 हे. रकबे में सरसों की खेती किया। उन्हें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के द्वारा बीज के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्व खाद एवं दवाई भी दिया गया। जिससे लागत में कमी आयी तथा समय-समय पर कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा खेत का निरीक्षण कर आवश्यक सलाह एवं मार्गदर्शन दिया। अभी कृषक की फसल काफी अच्छी स्थिति में है।

     कृषक श्री बलदेव राजवाड़े ने बताया कि उनके पास कुल 2.512 हेक्टर जमीन हैं। जिसमें सभी जमीन में खरीफ सीजन में धान की खेती करते है तथा रबी सीजन में पर्याप्त सिंचाई सुविधा न होने से खेत खाली रहता था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मनीष कुमार गुप्ता से सम्पर्क किया और उन्होने मुझे कृषि विभाग के विभिन्न योजना के सम्बन्ध में जानकारी दिया। मुझे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के द्वारा रबी मंन सरसों फसल की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। मेरी फसल का उपज अच्छा होने से मेरी खाद्य तेल की बाजार पर निर्भरता कम होगी एवं बाजार भाव अच्छा मिलता है। अन्य कृषकों को भी तिलहन फसल लगाने की सलाह देना चाहूंगा। जिससे हम खाद्य तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भर बने एवं हमारी आय में वृद्धि हो।

  • प्रेम, जमीन और मौत का खौफनाक खेल! पहले महिला का गला घोंटकर उतारा मौत के घाट, फिर बेटे के साथ मिलकर शव को आंगनबाड़ी के पास रेत में दफनाया—48 घंटे में जशपुर पुलिस ने खोला अंधे कत्ल का सनसनीखेज राज, 3 गिरफ्तार

    प्रेम, जमीन और मौत का खौफनाक खेल! पहले महिला का गला घोंटकर उतारा मौत के घाट, फिर बेटे के साथ मिलकर शव को आंगनबाड़ी के पास रेत में दफनाया—48 घंटे में जशपुर पुलिस ने खोला अंधे कत्ल का सनसनीखेज राज, 3 गिरफ्तार

    मामला चौकी दोकड़ा क्षेत्रांतर्गत ग्राम बंदरचुवा का

    आरोपियों के विरुद्ध चौकी दोकड़ा में बी एन एस की धारा 103(1),238 के तहत अपराध पंजीबद्ध

    गिरफ्तार आरोपी क्रमशः – 1. श्यामपति बाई उम्र 42 वर्ष, 2. बुधमती बाई उम्र 65 वर्ष, 3. भूषण राम उम्र 29 वर्ष सभी निवासी ग्राम बन्दरचुआं चौकी दोकड़ा जिला जशपुर छ ग।

    आरोपिया श्यामपति बाई एवं उसकी मां बुधमति बाई ने गला दबाकर की महिला की हत्या।

    मृतिका के पुत्र आरोपी भूषण राम ने दोनों महिलाओं का साथ देकर शव को निर्माणाधीन आंगनबाड़ी के पास रेत में दफनाया, चौकी दोकड़ा पुलिस ने 48 घंटे के भीतर किया सनसनीखेज मामले का खुलासा।

    जशपुर : जशपुर पुलिस ने चौकी दोकड़ा क्षेत्र के ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में महिला की हत्या कर शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में हत्या करने वाली दो महिलाओं तथा शव को ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले मृतिका के पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    दिनांक 30.07.2026 को ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती में हरावती बाई के मकान से तेज दुर्गंध आने तथा मकान के बाहर ताला लगे होने की सूचना चौकी दोकड़ा पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी एवं नायब तहसीलदार की उपस्थिति में घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान मकान के समीप निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास रेत में दफन महिला का शव बरामद हुआ। शव की पहचान हरावती बाई (58 वर्ष) निवासी ग्राम बंदरचुआ रौतियाबस्ती के रूप में हुई।

    प्रकरण में चौकी दोकड़ा में अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

    विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतिका के पुत्र भूषण राम की गतिविधियों को संदिग्ध पाया। घटना के बाद उसका अपनी मां के अंतिम संस्कार एवं पंचनामा कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहना तथा लगातार घर से दूर रहना संदेह का कारण बना। पुलिस ने तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।

    पूछताछ में भूषण राम ने बताया कि उसका पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई से पिछले लगभग पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। वहीं मृतिका हरावती बाई एवं श्यामपति बाई के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था।

    आरोपी के मेमोरेंडम कथन एवं विवेचना में एकत्रित साक्ष्यों से यह तथ्य सामने आया कि घटना की रात श्यामपति बाई एवं उसकी मां बुधमति बाई ने हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन जब भूषण राम को घटना की जानकारी हुई, तब दोनों महिलाओं ने उसे किसी को भी घटना की जानकारी नहीं देने के लिए कहा।

    कुछ दिनों बाद शव से तेज दुर्गंध आने लगी, जिससे घटना के उजागर होने की आशंका उत्पन्न हुई। इसके बाद भूषण राम, श्यामपति बाई एवं बुधमति बाई ने मिलकर रात के समय हरावती बाई के शव को घर से निकालकर पास में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप ले जाकर गड्ढा खोदा तथा शव को रेत में दफनाकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया।

    आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर शव दफनाने में प्रयुक्त फावड़ा एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर विधिवत जब्त की गई। घटनास्थल निरीक्षण, एफएसएल परीक्षण, गवाहों के कथन, मेमोरेंडम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार तीनों आरोपी— श्यामपति बाई (42 वर्ष) , बुधमति बाई (65 वर्ष) , भूषण राम (29 वर्ष), को दिनांक 01.08.2026 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है।

    कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक संतोष सिंह, सहायक उप निरीक्षक दिलबंधन भगत, प्रधान आरक्षक इग्नेशियूस तिर्की, आरक्षक तर सी यूस, सुरेंद्र यादव व महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि चौकी दोकड़ा क्षेत्रांतर्गत एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, कार्यवाही जारी है।