Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • श्रमिक परिवारों के सुनहरे भविष्य की नींव मजबूत: कल्याण मंडल की बैठक में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग और नई कल्याणकारी योजनाओं को मिली मंजूरी

    श्रमिक परिवारों के सुनहरे भविष्य की नींव मजबूत: कल्याण मंडल की बैठक में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग और नई कल्याणकारी योजनाओं को मिली मंजूरी

    निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों को मंडल की बैठक में मिली स्वीकृति

    निर्माण श्रमिकों के हित में मंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिको की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के सुधार हो रहा है। विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें की शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को मिले। प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किये।

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंचम कार्यकाल की नवम बैठक आज गुरूवार को नवा रायपुर स्थित मण्डल कार्यालय में श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्री लखन लाल देवांगन, मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, उप सचिव श्रम विभाग श्री विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक श्री सुनील मिश्रा, मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में 200 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन हेतु प्रदान की जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिल सके। इसी प्रकार अटल करियर निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,000 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को नीट (NEET) एवं जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया।

    बैठक को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं डॉ. रामप्रताप सिंह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित में नई योजनाएँ प्रारंभ करने तथा वर्तमान योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँच सके।

  • अब जशपुर के बच्चों की उड़ान होगी और ऊंची: 5 दिवसीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण में 40 विद्यार्थियों ने 3D VR तकनीक से सीखा विमान उड़ाने और बनाने का विज्ञान

    अब जशपुर के बच्चों की उड़ान होगी और ऊंची: 5 दिवसीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण में 40 विद्यार्थियों ने 3D VR तकनीक से सीखा विमान उड़ाने और बनाने का विज्ञान

    5 दिवसीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण संपन्न, विद्यार्थियों ने सीखे विमान निर्माण और उड़ान के वैज्ञानिक सिद्धांत

    जशपुर‌ : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के विद्यार्थियों के लिए संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आयोजित 5 दिवसीय आवासीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से कराए गए इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को विमानन विज्ञान, एयरोडायनामिक्स एवं एयरोमॉडलिंग के सिद्धांतों को व्यवहारिक गतिविधियों के साथ सीखने का अवसर मिला।

    संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 40 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

    पाँच दिनों तक विद्यार्थियों ने विमान उड़ान के वैज्ञानिक सिद्धांत, विमान की संरचना, उड़ान नियंत्रण प्रणाली, एयरफॉइल, लिफ्ट, ड्रैग, थ्रस्ट, सेंटर ऑफ ग्रैविटी तथा आधुनिक विमानन तकनीकों का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 3D वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से कॉकपिट एवं विमान संचालन का आभासी अनुभव भी कराया गया।

    प्रशिक्षक सुभाष देवांगन और राजेश राजपूत ने विद्यार्थियों को वायुगतिकी की ट्रेनिंग दी‌ । एयरोमॉडल प्रशिक्षण के प्रायोगिक सत्रों में विद्यार्थियों ने पेपर प्लेन, बूमरैंग, एयरक्राफ्ट पज़ल्स तथा एयरोमॉडल निर्माण जैसी गतिविधियों में भाग लिया। अंतिम चरण में उन्होंने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में एयरोमॉडल के संतुलन, नियंत्रण और उड़ान परीक्षण की प्रक्रिया को समझा।

    यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों को केवल विज्ञान की सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं देते, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रयोग, समस्या समाधान, टीमवर्क और नवाचार आधारित सोच विकसित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

    कार्यक्रम के सफल संचालन में यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • कई राज्य और दस दिन तक लगातार पीछा…नाबालिग दुष्कर्म का फरार आरोपी सरगुजा पुलिस द्वारा पटना बिहार से गिरफ्तार, मोबाइल बंद कर ठिकाने बदलता रहा था आरोपी, लेकिन तकनीकी ट्रैकिंग और पुलिस की सतर्कता ने पटना में दबोच लिया.

    कई राज्य और दस दिन तक लगातार पीछा…नाबालिग दुष्कर्म का फरार आरोपी सरगुजा पुलिस द्वारा पटना बिहार से गिरफ्तार, मोबाइल बंद कर ठिकाने बदलता रहा था आरोपी, लेकिन तकनीकी ट्रैकिंग और पुलिस की सतर्कता ने पटना में दबोच लिया.

    मामले का विवरण इस प्रकार हैं कि थाना कोतवाली, जिला-सरगुजा (छ.ग.) के अपराध क्रमांक-504/2026, धारा-65 (1), बी.एन.एस. पाक्सो एक्ट की धारा 4,6 के प्रकरण के आरोपी तरूण जायसवाल साकिन भफौली थाना कोतवाली अंबिकापुर द्वारा नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना कारित कर घटना दिनांक के पश्चात से ही लगातार फरार चल रहा था। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल आरोपी की गिरफ़्तारी हेतु 02 विशेष पुलिस टीम का गठन कर आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में फरार आरोपी की गिरफ़्तारी हेतु सार्थक सूचना प्रदान करने वाले व्यक्ति अथवा गिरफ़्तारी कराने में सहयोग प्रदान करने वाले व्यक्ति को 5000/- रुपये के इनाम देने की उद्घोषणा भी की गई हैं। आरोपी को पूर्व में जारी शस्त्र लायसेंस के अनुसार एक 12 बोर बंदूक डीबीबीएल प्राप्त था, जिसका लाइसेंस निरस्त होने के पश्चात आरोपी के घर से उक्त लायसेंसी बन्दुक 01 नग 12 बोर बंदूक डीबीबीएल मय लायसेंस जप्त किया गया था।

  • जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर की महिलाओं ने जोड़ी ताकत: बकरी पालन आधारित आजीविका को नई दिशा देने त्रिवेणी महिला प्रोड्यूसर कंपनी ने तैयार की बड़ी रणनीति

    जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर की महिलाओं ने जोड़ी ताकत: बकरी पालन आधारित आजीविका को नई दिशा देने त्रिवेणी महिला प्रोड्यूसर कंपनी ने तैयार की बड़ी रणनीति

    जशपुर : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत गठित त्रिवेणी बकरी महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा राजकीय कार्यालय के निर्देशन कलेक्टर श्री रोहित व्यास मार्गदर्शन में दो दिवसीय 5 से 6 अगस्त तक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    कार्यशाला में जशपुर, सरगुजा एवं बलरामपुर जिलों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BOD), क्लस्टर समन्वयक तथा संबंधित अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य बोर्ड सदस्यों की क्षमता का विकास करना, प्रोड्यूसर कंपनी के प्रभावी संचालन, व्यवसाय विकास, वित्तीय प्रबंधन, सुशासन तथा बकरी पालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करना था।

    कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार सहित पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए बकरी पालन के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रोड्यूसर कंपनी की कार्यप्रणाली, निदेशक मंडल की भूमिका एवं दायित्व, बाजार से जुड़ाव तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

    इस अवसर पर तीनों जिलों—जशपुर, सरगुजा एवं बलरामपुर—के अधिकारियों एवं बोर्ड सदस्यों के मध्य अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया तथा प्रोड्यूसर कंपनी को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं सदस्य-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करने हेतु सामूहिक रणनीति पर चर्चा की गई।

    कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने कंपनी के माध्यम से बकरी पालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने, ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि करने तथा तीनों जिलों के समन्वय से कंपनी को एक सफल एवं आदर्श महिला प्रोड्यूसर कंपनी के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया।

  • जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार: 220 बेड अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथैरेपी कॉलेज और एमसीएच यूनिट के निर्माण का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दिए समयबद्ध पूर्णता के सख्त निर्देश

    जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार: 220 बेड अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथैरेपी कॉलेज और एमसीएच यूनिट के निर्माण का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दिए समयबद्ध पूर्णता के सख्त निर्देश

    जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिल रही गति

    कलेक्टर श्री व्यास ने चराईडांड, बेमताटोली, गिनाबहार का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का लिया जायजा

    220 बेडेड अस्पताल, नर्सिंग व फिजियोथैरेपी कॉलेज सहित कई परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को जिले में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। साथ ही कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं आमजन की सुविधा से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सीजीएमएससी निर्माण एजेंसी के देखरेख में निर्मित किए जा रहे इन कार्यों तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    चराईडांड में 220 बिस्तर अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज निर्माण –

    कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम चराईडांड में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 220 बिस्तर के सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। वर्तमान में अस्पताल निर्माण अंतर्गत फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। जिस पर उन्होंने कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा, जिससे कार्य को जल्द पूर्ण करने में आसानी हो। यह अस्पताल कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण हो जाने से लोगों को एक ही जगह पर सर्व सुविधायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होगी। कलेक्टर ने इसी परिसर के बगल में 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने साइट प्लान एवं ड्राइंग देखकर फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने चराईडांड में ही 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया।

    कंडोरा में फिजियोथैरेपी कॉलेज के कक्षा संचालन की समीक्षा –

    कलेक्टर ने ग्राम कंडोरा में संचालित हो रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने क्लास संचालन के लिए अभी तक किए गए व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलेज में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिसर में स्थित कुएं की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।

    गिनाबहार में एमसीएच यूनिट का निरीक्षण –

    कलेक्टर श्री व्यास ने निरीक्षण के दौरान ग्राम गिनाबहार में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के एमसीएच( मातृ शिशु स्वास्थ्य यूनिट) निर्माण का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। ये सभी निर्माण कार्य सीजीएमएससी एजेंसी द्वारा कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण हो सके और जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

    नेचुरोपैथी सेंटर कार्य में तेजी लाने दिए निर्देश –

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ग्राम बेमताटोली पहुंचे। जहां उन्होंने आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन नेचुरोपैथी सेंटर का अवलोकन किया। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को कहा कि फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

  • कुनकुरी तिरंगे के रंग में रंगने को तैयार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित आगमन से पहले कलेक्टर-एसएसपी ने संभाली कमान, तैयारियों का लिया जायजा

    कुनकुरी तिरंगे के रंग में रंगने को तैयार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित आगमन से पहले कलेक्टर-एसएसपी ने संभाली कमान, तैयारियों का लिया जायजा

    कुनकुरी में निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन प्रस्तावित

    कलेक्टर एवं एसएसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

    तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    जशपुर : स्वतंत्रता के अमृतकाल में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कुनकुरी में भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। तिरंगा यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आगमन प्रस्तावित है। इसे देखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बुधवार को कुनकुरी पहुंचकर तिरंगा यात्रा एवं मंचीय कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया तथा सभी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लोयोला कॉलेज कुनकुरी से जय स्तंभ चौक तक प्रस्तावित तिरंगा यात्रा मार्ग का अवलोकन किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि तिरंगा यात्रा में हजारों स्कूली छात्र-छात्राएं, युवा एवं आमजन हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

     कलेक्टर एवं एसएसपी ने लोयोला कॉलेज परिसर तथा जय स्तंभ चौक पहुंचकर मंचीय कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं एवं सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम श्री नंदजी पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, पुलिस, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी – कर्मचारी तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

  • सुशासन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन: अब हर महीने PARAS पोर्टल से होगी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

    सुशासन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा एक्शन: अब हर महीने PARAS पोर्टल से होगी योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

    शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का करें समयबद्ध क्रियान्वयन , प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिले शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    सुशासन की नई व्यवस्था: पारस पोर्टल से हर माह होगी योजनाओं की राज्यस्तरीय समीक्षा

    पारस पोर्टल से योजनाओं की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

    जनहित की योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, मुख्यमंत्री श्री साय ने दिए स्पष्ट निर्देश

    सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, मोबाइल टॉवर और स्कूल शिक्षा से जुड़े छह प्रमुख एजेंडों पर हुई विस्तृत समीक्षा

    सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री सख्त, समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश

    अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से होगी राज्यस्तरीय समीक्षा

    रायपुर : शासन की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से शासन की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित निगरानी के लिए विकसित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल सुशासन का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे।

    सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री की नाराजगी

    बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग में सीमांकन से संबंधित लंबित मामलों पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है। यह स्थिति आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी में डालती है तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमांकन संबंधी प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह जमीनी स्तर पर लापरवाही तथा जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव का परिणाम है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा कर ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करें।

    एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह केवल धान खरीदी की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की आधारभूत व्यवस्था है।

    उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिलेवार विशेष अभियान संचालित कर प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई थीं, लेकिन इस वर्ष किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

    सीएम हेल्पलाइन को बनाया जाए प्रभावी जनसमस्या समाधान का माध्यम

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, इसलिए प्राप्त शिकायतों और फीडबैक का गंभीर विश्लेषण कर व्यवस्थागत सुधार किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की विशेष समीक्षा करते हुए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक एक लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। प्राप्त फीडबैक में 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने सकारात्मक संतुष्टि व्यक्त की है।

    सेवा सेतु के माध्यम से सभी सेवाएं हों ऑनलाइन

    मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में 27 विभागों की 721 अधिसूचित सेवाएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी तक ऑनलाइन नहीं लाया गया है, उन्हें भी शीघ्र सेवा सेतु से जोड़ा जाए।

    उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तथा अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक नागरिक घर के निकट ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

    विकसित भारत जी-रामजी योजना में ग्राम पंचायतों को मिले प्राथमिकता

    बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए। जिन पंचायतों में अभी तक कार्य स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां तत्काल प्रस्ताव स्वीकृत कर विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को तेजी से सुदृढ़ किया जा सके।

    मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा की भी हुई समीक्षा

    बैठक में डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।

    स्कूलों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने के अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को ताजा एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्कूल परिसरों में सहजन, कटहल सहित अन्य उपयोगी पौधों के रोपण पर भी विशेष बल दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन के महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि वे स्वप्रेरणा से इस अभियान से जुड़ें और विद्यालयों में विकसित हो रही इस सकारात्मक पहल को जनआंदोलन का स्वरूप मिल सके।

    प्रत्येक माह होगी पारस पोर्टल के माध्यम से समीक्षा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं एवं जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, समस्याओं का समय पर समाधान होगा और जनता तक शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति! पीएम सूर्यघर योजना से 5KW सोलर लगते ही परिवार का बिजली बिल हुआ शून्य, हर महीने हजारों रुपये की बचत

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    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सौर ऊर्जा क्रांति से बदल रही प्रदेश की तस्वीर

    पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से परिवारों को आर्थिक राहत, हरित ऊर्जा से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में आर्थिक समृद्धि, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय लिख रही है। यह योजना केवल बिजली बिल में राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाकर हरित भविष्य के निर्माण की मजबूत आधारशिला भी बन रही है।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा निवासी श्री लखन लाल कश्यप इस परिवर्तन की सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया है। इस संयंत्र के स्थापित होने के बाद उनका मासिक बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। इससे जहां परिवार की नियमित मासिक बचत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

    श्री लखन लाल कश्यप ने बताया कि योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आवेदन किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके घर पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किया गया। इस कार्य में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान प्राप्त होने से संयंत्र की स्थापना पर आने वाला आर्थिक व्यय काफी कम हो गया। सरकार की इस सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने का उनका सपना सहज और किफायती बना दिया।

    उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक माह बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त भार पड़ता था। अब सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। इससे होने वाली बचत का उपयोग परिवार की अन्य आवश्यकताओं में किया जा रहा है। साथ ही उन्हें यह संतोष भी है कि वे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से प्रदूषण कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपना योगदान दे रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा आम नागरिकों तक स्वच्छ ऊर्जा के लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के अधिकाधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं और बिजली पर होने वाले मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी ला रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है।

    श्री लखन लाल कश्यप का कहना है कि सौर ऊर्जा भविष्य की सबसे भरोसेमंद, किफायती और पर्यावरण हितैषी ऊर्जा है। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराने की अपील की।

    उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस जनहितकारी योजना ने सौर ऊर्जा को आम नागरिकों की पहुंच में ला दिया है। सरकार से प्राप्त अनुदान के कारण आर्थिक बोझ काफी कम हुआ और आज वे बिना बिजली बिल की चिंता के स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार यह योजना आर्थिक बचत, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने वाली दूरदर्शी पहल है।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें, अपने बिजली व्यय में बचत करें, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाएं और विकसित एवं हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

  • अनाथ बच्चों के सुनहरे भविष्य की नई पहल: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने बैंक व सामाजिक संस्थाओं के साथ बनाई बड़ी कार्ययोजना

    अनाथ बच्चों के सुनहरे भविष्य की नई पहल: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने बैंक व सामाजिक संस्थाओं के साथ बनाई बड़ी कार्ययोजना

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील पहल

    बाल देखरेख संस्थाओं के अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने बैंकिंग और सामाजिक संस्थाओं का साझा प्रयास

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल की है।

    इसी क्रम में उन्होंने अपने निवास कार्यालय में एक्सिस बैंक के भारत प्रमुख श्री विजय तथा कैटलिस्ट फॉर सोशल एसोसिएशन की भारत प्रमुख सुश्री स्मिता रांधे से मुलाकात कर बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोड़ने के विषय पर विस्तृत चर्चा की।

    बैठक में एक्सिस बैंक के सी.एस.आर. फंड के माध्यम से बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, कौशल आधारित प्रशिक्षण देने तथा उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। यह पहल बच्चों को केवल संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा देने का प्रयास है।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि “अनाथ और निराश्रित बच्चों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाला प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़े।”

    उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सामुदायिक सहयोग से बाल संरक्षण एवं बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के सामाजिक पुनर्वास के लिए यह पहल प्रारंभ की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों में इसका सफल क्रियान्वयन किया जा चुका है। अब इसे विस्तार देते हुए राज्य के सभी जिलों में लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार, सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा औद्योगिक घरानों के सहयोग से बच्चों के समग्र विकास और प्रभावी पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

    इस अवसर पर एक्सिस बैंक के भारत सी.एस.आर. प्रभारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, संस्था से संचालक श्री दीपेश, राज्य प्रमुख श्री जिनेश तथा बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बड़ा बदलाव: अब छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, एनएसपी पोर्टल से आवेदन से लेकर भुगतान तक मिलेगा लाभ

    दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बड़ा बदलाव: अब छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, एनएसपी पोर्टल से आवेदन से लेकर भुगतान तक मिलेगा लाभ

    दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया होगी अब एनएसपी पोर्टल से ऑनलाइन

    जशपुर : समाज कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति राशि के भुगतान तक की समस्त प्रक्रिया अब ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। समाज कल्याण संचालनालय, छत्तीसगढ़, रायपुर के दिए गए आदेशों के परिपालन में यह निर्णय लिया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले ऐसे छात्र-छात्राएं जो शासकीय अथवा अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा पहली से बारहवीं तक नियमित रूप से अध्ययनरत हैं, उन्हें राज्य दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। अब इस योजना को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) से जोड़ा गया है। इसके कारण पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं को एनएसपी पोर्टल पर ही आवेदन करना होगा। आवेदन के पश्चात प्रथम स्तर की जांच संबंधित विद्यालय अथवा शैक्षणिक संस्था द्वारा की जाएगी।

    कलेक्टर जशपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ समस्त शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं को इस संबंध में सूचित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही योजना के नए स्वरूप का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए ताकि कोई भी पात्र दिव्यांग छात्र-छात्रा योजना के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने सभी संस्थाओं को पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय पर कराकर उनका सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।