Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • बच्चों के लिए 10 अगस्त को बड़ा अभियान! छत्तीसगढ़ में 1.10 करोड़ बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा, 17 अगस्त को मिलेगा दूसरा मौका

    बच्चों के लिए 10 अगस्त को बड़ा अभियान! छत्तीसगढ़ में 1.10 करोड़ बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा, 17 अगस्त को मिलेगा दूसरा मौका

    10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस

    प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान

    राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपील

    रायपुर : बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पड़ना तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।

    कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।

    अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।  मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।

    स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।

  • ब्रिटिश दौर का जर्जर पुल हटेगा, अब बनेगा नया सुरक्षित रास्ता! बाकी नदी पर 72 मीटर पुल का निर्माण तेज, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

    ब्रिटिश दौर का जर्जर पुल हटेगा, अब बनेगा नया सुरक्षित रास्ता! बाकी नदी पर 72 मीटर पुल का निर्माण तेज, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने बाकी नदी में निर्माणाधीन पुल का किया निरीक्षण

    निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता के मानकों का पालन करते हुए समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जशपुर नगर को गम्हरिया से जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्ग पर बाकी नदी में निर्माणाधीन नवनिर्मित पुल का निरीक्षण किया। लगभग 3.84 करोड़ रुपये की लागत से 72 मीटर लंबाई के इस पुल का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। यह पुल जशपुर नगर को गम्हरिया से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग के बीच बहने वाली बाकी नदी में निर्मित हो रहा है। गम्हरिया से एनएच 43 होकर गुजरती है। ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित पुराना पुल जर्जर हो चुका था, जिसे हटाकर इसके स्थान पर नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। नए पुल के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगा तथा लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने पुल निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के साथ ही कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। कलेक्टर ने पुल एवं सड़क के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सड़क किनारे आवश्यक सुरक्षा उपाय एवं अन्य प्रावधान करने को कहा, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।इस दौरान सेतु निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज मरकाम सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

  • जशपुर को जल्द मिलेगी 50 बेड की हाईटेक क्रिटिकल केयर सुविधा! 11 करोड़ से बन रहा हेल्थ ब्लॉक, कलेक्टर ने दिए काम तेज करने के निर्देश

    जशपुर को जल्द मिलेगी 50 बेड की हाईटेक क्रिटिकल केयर सुविधा! 11 करोड़ से बन रहा हेल्थ ब्लॉक, कलेक्टर ने दिए काम तेज करने के निर्देश

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने 50 बेड के क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का किया निरीक्षण

    निर्धारित सभी मानकों एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए शेष कार्यों का शीघ्र पूरा करने दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन 50 बेड के क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक का निरीक्षण किया। 11 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित किए जा रहे इस क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर सहित कुल चार फ्लोर होंगे। यहां गंभीर एवं जीवन-जोखिम वाली स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। वर्तमान में भवन में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भवन निर्माण में निर्धारित सभी मानकों एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

     कलेक्टर ने अस्पताल में साइनेज कलर कोड व्यवस्थित रूप से लगाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को अलग-अलग रंगों और प्रतीकों के माध्यम से आइसीयू ओटी इमरजेंसी सहित अन्य महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील क्षेत्रों की आसानी से पहचान हो सके। इससे अस्पताल में आवागमन सुगम होने के साथ मरीजों और परिजनों को आवश्यक स्थान तक पहुंचने में सुविधा होगी। उन्होंने अस्पताल भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने तथा परिसर में व्यवस्थित रूप से वृक्षारोपण कार्य कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही लिफ्ट स्थापना का कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि अस्पताल के विभिन्न फ्लोर तक मरीजों एवं परिजनों की सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर श्री व्यास ने अस्पताल में पानी एवं बिजली की पर्याप्त और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विद्युत एवं जल की निरंतर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा, सीजीएमएससी के एसडीओ श्री ललित वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

  • जशपुर के विकास कार्यों पर कलेक्टर की सीधी नजर! 11 करोड़ के नालंदा परिसर से चौक-चौराहों तक निरीक्षण, धीमे काम पर अफसरों को सख्त निर्देश

    जशपुर के विकास कार्यों पर कलेक्टर की सीधी नजर! 11 करोड़ के नालंदा परिसर से चौक-चौराहों तक निरीक्षण, धीमे काम पर अफसरों को सख्त निर्देश

    कलेक्टर रोहित व्यास ने नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

    निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज नगर पालिका जशपुर क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन नालंदा परिसर, जुदेव चौक के समीप सौंदर्यीकरण कार्य, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चौक, बालासाहेब देशपांडे चौक तथा पुरानी टोली स्थित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, सहायक अभियंता नगर पालिका श्री कैलाश खरोले, उप अभियंता श्री शुभेंदु श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    500 सीटर नालंदा परिसर से मिलेगा आधुनिक अध्ययन का बेहतर केंद्र

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने लगभग 2.87 हेक्टेयर क्षेत्र में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक लाइब्रेरी, डिजिटल अध्ययन सुविधाओं के साथ शांत एवं व्यवस्थित अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। यह परिसर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    जुदेव चौक के समीप सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

    कलेक्टर ने रंजीता स्टेडियम के समीप जुदेव चौक में लगभग 64 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। प्रस्तावित कार्यों के तहत आकर्षक फव्वारा, सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं की प्रतिकृतियों सहित अन्य सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    सामुदायिक भवन के शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

    कलेक्टर श्री व्यास ने पुरानी टोली में लगभग 74 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। भवन का निर्माण अंतिम चरण में है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। उन्होंने शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। सामुदायिक भवन के पूर्ण होने से शासकीय आयोजनों के साथ-साथ शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नागरिकों को एक ही स्थान पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    डॉ. अंबेडकर एवं बालासाहेब देशपांडे चौक बनेंगे आकर्षण और प्रेरणा के केंद्र

    कलेक्टर श्री व्यास ने लगभग 15 लाख रुपये की लागत से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चौक एवं बालासाहेब देशपांडे चौक में किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन चौकों का सौंदर्यीकरण शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही लोगों के लिए आकर्षण एवं प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

  • जशपुर में जमकर बरसे बदरा, 4618.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड; मनोरा बना सबसे ज्यादा वर्षा वाला तहसील, आंकड़ों ने चौंकाया

    जशपुर में जमकर बरसे बदरा, 4618.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड; मनोरा बना सबसे ज्यादा वर्षा वाला तहसील, आंकड़ों ने चौंकाया

    जशपुर : जिले में 01 जून से अब तक 4618.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसी अवधि में पिछले 10 वर्षों की औसत वर्षा 6271.3 मिमी रही है। बीते दिवस जिले में औसतन 242.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से अब तक तहसीलवार वर्षा इस प्रकार है:

    तहसील जशपुर में 490.4 मिमी, मनोरा में 801.0 मिमी, कुनकुरी में 568.4 मिमी, दुलदुला में 337.3 मिमी, फरसाबहार में 264.4 मिमी, बगीचा में 382.0 मिमी, कांसाबेल में 503.5 मिमी, पत्थलगांव में 473.7 मिमी, सन्ना में 564.5 मिमी एवं बागबहार में 233.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में सर्वाधिक वर्षा मनोरा तहसील में 801.0 मिमी हुई है।

  • ‘चेकमेट एट जशपुर 2026’ में देशभर के शतरंज दिग्गज आमने-सामने! 29 अगस्त से महासंग्राम, ट्रॉफी के साथ 50 हजार का बड़ा इनाम

    ‘चेकमेट एट जशपुर 2026’ में देशभर के शतरंज दिग्गज आमने-सामने! 29 अगस्त से महासंग्राम, ट्रॉफी के साथ 50 हजार का बड़ा इनाम

    चेकमेट एट जशपुर 2026 : जशपुर में पहली बार होगा अखिल भारतीय फिडे रेटेड शतरंज महासंग्राम

    29 अगस्त से 1 सितंबर तक देशभर के खिलाड़ी दिखाएंगे शतरंज का हुनर

    2.50 लाख रुपये के पुरस्कारों पर होगी खिलाड़ियों की नजर

    विजेता को मिलेगा 50 हजार रुपये और ट्रॉफी

    24 अगस्त तक होगा पंजीयन

    जशपुर : जशपुर जिले के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिला प्रशासन एवं खेल विभाग जशपुर तथा जशपुर जिला शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिले की पहली अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता-2026 ‘चेकमेट एट जशपुर’ का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के तत्वावधान में होने वाली इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के शतरंज खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। चार दिवसीय यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक जशपुरनगर के पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। इसके साथ ही विभिन्न आयु, रेटिंग, महिला, वरिष्ठ तथा स्थानीय खिलाड़ी वर्गों में भी आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

    जशपुर को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की पहल –

    कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा है कि जशपुर खेल, शिक्षा और युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। जिले में पहली बार अखिल भारतीय स्तर की फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह आयोजन जशपुर के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा और देशभर से आने वाले खिलाड़ियों को जशपुर की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित होने का अवसर भी देगा।

    विजेता को 50 हजार, उपविजेता को 30 हजार रुपये –

    प्रतियोगिता की कुल 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 50 हजार रुपये एवं ट्रॉफी, द्वितीय स्थान को 30 हजार रुपये एवं ट्रॉफी तथा तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपये एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। चौथे से 17वें स्थान तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों के लिए भी पुरस्कार निर्धारित हैं। चौथे स्थान के लिए 11 हजार, पांचवें के लिए 7 हजार, छठे के लिए 5 हजार, सातवें से दसवें स्थान तक प्रत्येक को 3 हजार तथा 11वें से 17वें स्थान तक प्रत्येक को 2 हजार रुपये एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा।

    महिला, वरिष्ठ और कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार –

    प्रतियोगिता में 1650 से कम रेटिंग वाले खिलाड़ियों, अनरेटेड खिलाड़ियों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए अलग – अलग पुरस्कार रखे गए हैं। श्रेष्ठ महिला खिलाड़ी के लिए 15 वर्ष से अधिक तथा 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पुरस्कार दिए जाएंगे। जशपुर जिले के शीर्ष पांच पुरुष एवं शीर्ष पांच महिला खिलाड़ियों तथा सरगुजा संभाग के शीर्ष पांच पुरुष एवं शीर्ष पांच महिला खिलाड़ियों को भी 2-2 हजार रुपये एवं स्मृति चिह्न से सम्मानित किया जाएगा।

    9, 11, 13 और 15 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों को भी मिलेगा मौका –

    प्रतियोगिता में बालक – बालिकाओं के लिए 15 वर्ष से कम, 13 वर्ष से कम, 11 वर्ष से कम और 9 वर्ष से कम आयु वर्ग में अलग से पुरस्कार रखे गए हैं। प्रत्येक आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालक-बालिका को 2,100 रुपये एवं ट्रॉफी, जबकि द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 1,500 रुपये एवं ट्रॉफी दी जाएगी। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। एक खिलाड़ी को केवल उच्चतम पात्र पुरस्कार ही प्रदान किया जाएगा।

    आठ चक्रों में होंगे मुकाबले, फिडे स्विस प्रणाली से होगा आयोजन –

    प्रतियोगिता में कुल 8 चक्र होंगे और मुकाबले फिडे के शतरंज नियमों एवं स्विस प्रणाली के अनुसार खेले जाएंगे। प्रत्येक खिलाड़ी को 90 मिनट का समय तथा प्रत्येक चाल पर 30 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। पहली चाल से ही अतिरिक्त समय की गणना होगी। निर्धारित समय में खिलाड़ी उपस्थित नहीं होने पर 30 मिनट का डिफॉल्ट समय लागू होगा। 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से खिलाड़ियों का आगमन, सुबह 10 बजे उद्घाटन एवं तकनीकी बैठक, 11 बजे प्रथम चक्र तथा दोपहर 3 बजे द्वितीय चक्र होगा। 30 अगस्त को सुबह 10 बजे तृतीय तथा दोपहर 3 बजे चतुर्थ चक्र होगा। 31 अगस्त को सुबह 10 बजे पांचवां तथा दोपहर 3 बजे छठा चक्र होगा। 1 सितंबर को सुबह 9 बजे सातवां और दोपहर 1.30 बजे आठवां चक्र होगा। इसी दिन शाम पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।प्रतियोगिता के दौरान शतरंज कक्ष में मोबाइल, स्मार्ट घड़ी सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

    ग्रैंडमास्टर सहित 2200 से अधिक रेटिंग वाले खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क-

    प्रतियोगिता में ग्रैंडमास्टर, इंटरनेशनल मास्टर, महिला ग्रैंडमास्टर, महिला इंटरनेशनल मास्टर तथा 2200 या उससे अधिक फिडे रेटिंग वाले खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।

    अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रवेश शुल्क जशपुर जिले के खिलाड़ियों हेतु 200 रुपये, सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों हेतु 800 रुपये तथा अन्य खिलाड़ियों हेतु 1,200 रुपये निर्धारित है।

    24 अगस्त तक पंजीयन, 50 खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क आवास –

    प्रतियोगिता में प्रवेश की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित है। 22 अगस्त तक निर्धारित प्रवेश शुल्क लागू रहेगा। इसके बाद प्रति खिलाड़ी 200 रुपये विलंब शुल्क लिया जाएगा। 24 अगस्त के बाद किसी भी खिलाड़ी का प्रवेश स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए वर्ष 2026-27 का अखिल भारतीय शतरंज महासंघ का पंजीयन अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए वर्ष 2026-27 का छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ का पंजीयन भी आवश्यक होगा। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पहले 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क छात्रावासनुमा आवास उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जशपुर के विभिन्न होटलों में शतरंज खिलाड़ियों को विशेष छूट की व्यवस्था भी की गई है।

    शतरंज के साथ जशपुर के पर्यटन का भी आनंद ले सकेंगे खिलाड़ी –

    आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री विश्वास राव मस्के एवं आयोजन सचिव डॉ. अशोक लकड़ा ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर से आने वाले खिलाड़ियों को जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता से परिचित कराने का भी अवसर मिलेगा। खिलाड़ी रानीदाह जलप्रपात, सोगड़ा चाय बागान, मधेश्वर, बादलखोल अभयारण्य, मयाली नेचर कैंप और कैलाश गुफा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। आयोजकों ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर के शतरंज खिलाड़ियों एवं शतरंज प्रेमियों से ‘चेकमेट एट जशपुर 2026’ में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। प्रतियोगिता जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर शतरंज एवं खेल पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन साबित होने की उम्मीद है।

  • धान से आगे बढ़ा जशपुर का किसान! अनारथ साय ने संरक्षित खेती से बदली किस्मत, ऑयल पाम के साथ स्ट्रॉबेरी-टमाटर से कमा रहे बेहतर आय

    धान से आगे बढ़ा जशपुर का किसान! अनारथ साय ने संरक्षित खेती से बदली किस्मत, ऑयल पाम के साथ स्ट्रॉबेरी-टमाटर से कमा रहे बेहतर आय

    जशपुर के किसान अनारथ साय संरक्षित खेती से बने आर्थिक रूप से मजबूत

    किसान उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी खेती की ओर बढ़ रहे आगे

    राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती कर रहा किसान

    अंतरवती खेती से स्ट्राबेरी, टमाटर और फूलगोभी की भी कर रहे खेती

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानो धान की खेती के अलावा अन्य खेती करने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    इसी कड़ी में उद्यानिकी विभाग से लाभान्वित किसान श्री अनारथ साय, ग्राम-पतराटोली के किसान ने ऑयल पाम की अच्छी खेती कर रहे हैं।

    किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेकर राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 1 एकड़ में संरक्षित खेती स्थापित शेडनेट हाउस में की जा रही ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक खेती भी की जा रही है।

    कुल लागत 28 लाख 40 हजार में उद्यानिकी विभाग द्वारा 14 लाख 20 हजार का अनुदान का भी लाभ मिला है।

    किसान श्री अनारथ साय ने बताया कि समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर में रोपित आम व लीची बगीचा में लगाया गया है।

    कृषक द्वारा मुख्य फसलों के बीच खाली जगह का सदुपयोग कर अपनाए गए इंटर क्रॉपिंग (अंतरवर्ती खेती) जैसे- स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की खेती को उन्होंने अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत कृषि प्रणाली से कम लागत में सालभर निरंतर आय प्राप्त की जा सकती हैं।

  • रेलवे का BCΝ डिपो बना हाईटेक और ग्रीन! 100 KW सोलर प्लांट, कम्प्यूटरीकृत टेस्ट बेंच और आधुनिक विश्राम गृह की सौगात

    रेलवे का BCΝ डिपो बना हाईटेक और ग्रीन! 100 KW सोलर प्लांट, कम्प्यूटरीकृत टेस्ट बेंच और आधुनिक विश्राम गृह की सौगात

    महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने बीसीएन डिपो का किया निरीक्षण, आधुनिक सुविधाओं का किया शुभारंभ

    बीसीएन डिपो को मिली आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा की नई सौगात

    बिलासपुर : तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आज बिलासपुर स्थित बीसीएन डिपो का निरीक्षण कर डिपो की परिचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कार्य गुणवत्ता, संरक्षा मानकों तथा कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डिपो के आधुनिकीकरण एवं तकनीकी उन्नयन की सराहना की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने डिपो में संचालित अनुरक्षण कार्यों तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी उन्हे दी ।

     आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ

    निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रेलवे में हरित ऊर्जा, आधुनिक तकनीक एवं कर्मचारी कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण सुविधाओं —100 किलोवाट क्षमता के “सोलर पावर प्लांट” , डिस्ट्रिब्यूटर वाल्व की जांच हेतु “कम्प्यूटरीकृत डीवी टेस्ट बेंच” तथा कर्मचारी विश्राम गृह का विधिवत शुभारंभ किया।

     सोलर पावर प्लांट – 100 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट डिपो की विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इससे विद्युत लागत में कमी आएगी, स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना भारतीय रेलवे की ऊर्जा दक्षता एवं सतत विकास की प्रतिबद्धता को साकार करेगी ।

     कम्प्यूटरीकृत डीवी टेस्ट बेंच – इसके माध्यम से माल डिब्बों में प्रयुक्त डिस्ट्रीब्यूटर वाल्व की अत्यंत सटीक एवं मानकीकृत जांच संभव होगी। इससे अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा, तकनीकी त्रुटियों में कमी आएगी तथा मालगाड़ियों के संरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध परिचालन को और अधिक मजबूती मिलेगी।

     नव निर्मित कर्मचारी विश्राम गृह – यह कर्मचारियों को स्वच्छ, आरामदायक एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा। इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता, मनोबल और उत्पादकता में वृद्धि होगी तथा कार्यस्थल पर उनकी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

    इस अवसर पर महाप्रबंधक ने कहा कि आधुनिक तकनीक, हरित ऊर्जा और कर्मचारी कल्याण पर आधारित ऐसी पहलें रेलवे की कार्यकुशलता, सुरक्षा, गुणवत्ता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री राकेश रंजन, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता श्री मनीष अग्रवाल, प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता श्री आर. के. चौधरी, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी श्रीमती दर्शनीता अहलूवालिया, प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री अरविंद मेश्राम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

  • बिना वजह चेन पुलिंग पड़ेगी भारी! रेलवे ने दिखाई सख्ती, 667 यात्रियों पर कार्रवाई—जानिए कितना लगा जुर्माना और क्या है सजा

    बिना वजह चेन पुलिंग पड़ेगी भारी! रेलवे ने दिखाई सख्ती, 667 यात्रियों पर कार्रवाई—जानिए कितना लगा जुर्माना और क्या है सजा

    अलार्म चेन का दुरुपयोग – मंडल में 667 मामले दर्ज, रेल प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख

    यात्रियों से आग्रह – बिना उचित एवं पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग न करें

    बिलासपुर : यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा प्रत्येक यात्री कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा प्रदान करती है। यह सुविधा केवल गंभीर एवं वास्तविक आपात स्थिति में ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। परंतु कुछ यात्री इस सुविधा का दुरुपयोग करते हैं, जिससे न केवल ट्रेनों की समयबद्ध संचालन प्रभावित होती है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है।

    मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री सौरभ कुमार के नेतृत्व में मंडल की सुरक्षा और संचालन में व्यवधान को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं।

    अप्रैल से जुलाई 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार मंडल द्वारा रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत अलार्म चेन के दुरुपयोग के कुल 667 मामले दर्ज कर न्यायालय के माध्यम से 03 लाख 20 हजार रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है ।

    उल्लेखनीय है कि रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

    रेल प्रशासन अपने सम्मानित यात्रियों से आग्रह करता है कि बिना उचित एवं पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग न करें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है। उक्त कृत्य से रेल संचालन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कृपया इन पहलों का समर्थन करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

  • बिलासपुर स्टेशन पर अचानक चला टिकट चेकिंग का ‘नाका’! 341 यात्री फंसे, बिना टिकट समेत कई मामलों में ₹2.64 लाख का जुर्माना

    बिलासपुर स्टेशन पर अचानक चला टिकट चेकिंग का ‘नाका’! 341 यात्री फंसे, बिना टिकट समेत कई मामलों में ₹2.64 लाख का जुर्माना

    बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध बिलासपुर स्टेशन में चला “नाका टिकट चेकिंग अभियान”

    341 मामलों में कार्रवाई, 02 लाख 64 हजार रुपये से अधिक की वसूली

    बिलासपुर : रेलवे राजस्व की सुरक्षा, यात्रियों में टिकट लेकर यात्रा करने की आदत को प्रोत्साहित करने तथा बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से बिलासपुर मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर निरंतर टिकट चेकिंग अभियान” चलाया जा रहा है ।

    इसी क्रम में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में दिनांक 06 अगस्त 2026 को बिलासपुर स्टेशन में नाका टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें वाणिज्य निरीक्षक, मुख्य टिकट निरीक्षक एवं टीटीई स्टाफ शामिल थे।

                  इस अभियान के दौरान बिलासपुर स्टेशन एवं यहाँ से गुजरने वाली ट्रेनों की सघन जांच कर कुल 341 मामलों से कुल 2,64,180 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिसमें बिना टिकट यात्रा के 257 मामलों से 02 लाख 16 हजार 325 रुपये, अनियमित टिकट के 49 मामलों से 43 हजार 565 रुपये तथा बिना बुक किए गए लगेज के 35 मामलों से 04 हजार 290 रुपये जुर्माना शामिल है |

                  रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उचित यात्रा टिकट अवश्य लें तथा स्टेशन परिसर में प्रवेश हेतु प्लेटफॉर्म टिकट खरीदें। साथ ही रेलगाड़ी एवं रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें तथा गंदगी फैलाने एवं धूम्रपान जैसी गतिविधियों से बचें।