Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • 5 लाख की सुपारी का खौफनाक खेल! रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, फरार आरोपी को तारबाहर पुलिस ने दबोचा

    5 लाख की सुपारी का खौफनाक खेल! रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, फरार आरोपी को तारबाहर पुलिस ने दबोचा

    थाना – तारबाहर में  अप.क्र. 221/2026, धारा -296 351(3) 115(2) 3(5) 61(2) 109 55 बीएनएस।

    रेल्वे अस्पताल के पास मारपीट करने वाले फरार आरोपी पर तारबाहर पुलिस का प्रहार।

    आरोपियो के द्वारा 5 लाख रूपये में फिरौती की लालच में हत्या करने की नियत से किया गया प्राणघातक हमला।

    तारबाहर पुलिस एवं सायबर टीम की त्वरित कार्यवाही।

    पूर्व में 01 आरोपी एवं 01 विधी से संघर्षरत् बालक को गिर. किया गया है।

    नाम आरोपी- 1. आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर पिता धर्मेन्द्र सोनकर उम्र 23 साल सा. समता नगर गौरेला थाना गौरेला जिला जीपीएम

    बिलासपुर : मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शिशिर कश्यप द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी दिनांक 04.07.2026 के सुबह करीब 07.00 बजे अपनी बेटी को स्कुल छोड़ने गया था। घर वापस आते समय उसके पिता जी का फोन आया और बताया कि करीब 06.45 बजे मार्निंग वाक मे गया था रेल्वे अस्पताल के पास पहुंचा था उसी समय तीन अज्ञात व्यक्ति मुंह में कपडा बांधे हाथ में डंडा नुकीली वस्तु रखे आये और अश्लील गाली गलौच देते हुये जान से मार देगे कहकर मारपीट करने लगे। कि रिपोर्ट थाना तारबाहर में अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपीगणो के द्वारा किया गया कृत्य गंभीर होने से श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भापुसे) को अवगत कराया गया है जिनके द्वारा तत्काल कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। उनके निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय (शहर) बिलासपुर श्री पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली श्री गगन कुमार (भापुसे) के मार्गदर्शन पर निरी. रविशंकर तिवारी थाना प्रभारी थाना तारबाहर एवं एसीसीयू प्रभारी निरी. गोपाल सतपथी के नेतृत्व में टीम बनाकर विवेचना कार्यवाही किया जा रहा था कि विवेचना दौरान सीसीटीव्ही फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यो के आधार पर घटना में उपयोग में लाये गये मोटर सायकल की पहचान कर संदेहियों के संबंध में साक्ष्य एकत्रित किया गया। पूर्व में आरोपी नितिन टेकाम एवं विधी से संघर्षरत् बालक से पूछताछ करने पर गौरेला पेण्ड्रा निवासी दीपक तिवारी के द्वारा बिलासपुर के एक आदमी की हत्या करने के लिये पांच-पांच लाख रूपये की फिरौती देने का लालच दिया था। जिसके कहने पर गौरेला पेंडा निवासी साहिल सोनकर के साथ मोटर सायकल बजाज पल्सर से बिलासपुर आये थे और दीपक तिवारी भी बिलासपुर आया था उसके इशारे पर मार्निंग वाक पर निकले व्यक्ति को हत्या करने के नियत से रेल्वे अस्पताल बिलासपुर तारबाहर के पास मारपीट कर भाग जाना बताये। फरार आरोपी आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर की लगातार पतासाजी की जा रही थी जो मुखबीर से सूचना मिला कि आरोपी अपने घर में आने वाले है को घेराबंदी कर पलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया आरोपी द्वारा आहत श्याम कश्यप को  अन्य आरोपियो के साथ डंडा से मारकर फरार हो जोना बताये आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा को जप्त कर आरोपी को गिराफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    उक्त कार्यवाही में निरी. रविशंकर तिवारी, उपनिरी रामनरेश यादव, आर. महेन्द्र सोनकर आर. रूपलाल चंद्रा, आर भागीरथी गेदले एवं सायबर टीम का सराहनीय योगदान रहा।

  • ढाबे की आड़ में चल रहा था कच्ची महुआ शराब का खेल! पुलिस की रेड में 150 लीटर शराब बरामद, ढाबा संचालक-कर्मचारी समेत 3 गिरफ्तार

    ढाबे की आड़ में चल रहा था कच्ची महुआ शराब का खेल! पुलिस की रेड में 150 लीटर शराब बरामद, ढाबा संचालक-कर्मचारी समेत 3 गिरफ्तार

    शराब कोचिया सहित ढाबा संचालक के विरूध्द की गई आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही।

    शराब कोचियों एवं ढाबा से 150 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमती 30000 रूपये व परिवहन में प्रयुक्त मोटर सायकल को किया गया जप्त।

    ग्राम रैनपुर के अनमोल ढाबा के संचालक कर्मचारी के विरूध्द की गई कार्यवाही

    गिरफ्तार आरोपी –

    1.  अतुल सोनी पिता विजय सोनी उम्र 30 साल निवासी बुढामहादेव रतनपुर । (ढाबा संचालक)

    2. कुनाल साहू पिता दिनेश कुमार उम्र 25 साल निवासी कसेरपारा रतनपुर थाना रतनपुर (ढाबा कर्मचारी)

    3. शिवशंकर गोंड पिता श्यामजी गोंड उम्र 39 साल निवासी भेलवाटिकरी थाना कटघोरा जिला कोरबा।

    बिलासपुर : श्रीमान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जिला बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के द्वारा जिले में नशे के कारोबारियों पर लगातार कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिसके परिपालन में अवैध रूप से शराब, गॉजा व अन्य नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों पर कार्यवाही करने टीम गठित किया गया है, इसी कड़ी में आज दिनाँक 22/08/2026 को पुलिस को सूचना मिला कि एक व्यक्ति मोटर सायकल क्रमॉक सीजी-12 एजी-2845 में ग्राम रैनपुर कर्रा के अनमोल ढाबा में शराब बिक्री करने हेतु शराब छोडने जा रहा है कि सूचना से वर्तमान प्रभारी  निरीक्षक निलेश कुमार पांण्डेय के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर, उच्च अधिकारियों से प्राप्त दिशा निर्देश पर ग्राम रैनपुर कर्रा के अनमोल ढाबा में घेराबंदी कर रेड कार्यवाही आरोपीगण अतुल सोनी, कुनाल साहू, एवं शिवशंकर गोंड के कब्जे से कुल 150 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमती 30000 रूपये व शराब परिवहन में प्रयुक्त मोटर सायकल को जप्त कर आरोपियों पर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

    उक्त कार्यवाही में वर्तमान थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश कुमार पांण्डेय, प्र.आर. कौशलराम खॅुटे, आर. धीरज कश्यप , पवन ठाकुर, आकाश डोंगरे का विशेष योगदान रहा।

  • CMHO के फर्जी हस्ताक्षर से बना डाला ट्रांसफर आदेश! स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब, ग्रामीण चिकित्सा सहायक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

    CMHO के फर्जी हस्ताक्षर से बना डाला ट्रांसफर आदेश! स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब, ग्रामीण चिकित्सा सहायक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

    बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश व कूटरचना करने वाले 04 आरोपी गिरफ्तार!

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के जाली हस्ताक्षर व फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने का पर्दाफाश!

    पलारी पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मामले में ग्रामीण चिकित्सा सहायक सहित कुल 04 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

    आरोपियों द्वारा फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर किया गया प्रस्तुत

    आरोपियों द्वारा बेईमानीपूर्वक कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर असली के रूप में किया गया उपयोग

    शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना, धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़े के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल मार्गदर्शन में थाना पलारी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर फर्जी स्थानांतरण (Transfer) आदेश तैयार करने वाले आरोपी ग्रामीण चिकित्सा सहायक सहित कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    ​ बलौदाबाजार-भाटापारा :  डा. पंकज वर्मा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन द्वारा कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलौदाबाजार का एक फर्जी स्थानांतरण आदेश (क्रमांक .एच.एम./ए.आर./2026-27/1359, दिनांक 14/08/2026) प्रस्तुत किया गया था। उक्त आदेश में आरोपी करन कुमार का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर (विकासखंड भाटापारा) स्थानांतरण होना दर्शाया गया था। ​जांच में पाया गया कि राज्य संवर्ग के कर्मचारी का स्थानांतरण अधिकार क्षेत्र केवल राज्य शासन के पास है। CMHO कार्यालय द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था तथा आदेश पर अंकित हस्ताक्षर भी पूर्णतः फर्जी व कूटरचित पाए गए।

    ​पुलिस कार्रवाई एवं गिरफ्तारी:- शिकायत जांच पर बेईमानीपूर्वक कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर, स्थानांतरण आदेश असली के रूप में प्रस्तुत करना पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध थाना पलारी में अपराध क्र. 347/2026, धारा 318(4), 336(3),337,338,340(2),3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। ​मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पलारी पुलिस द्वारा तत्काल जांच एवं विवेचना कार्रवाई प्रारंभ किया गया, जिसमें फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर प्रस्तुत करने वाले आरोपी करण कुमार देवांगन सहित कुल 04 आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा एक राय होकर उक्त अपराध करना स्वीकार किया गया, जिस पर सभी चारों आरोपियों को आज दिनांक 22.08.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई एवं विवेचना जारी है।

    ​गिरफ्तार आरोपी-

    1. ​करण कुमार देवांगन पिता: लहुर साय देवांगन ​उम्र: 44 वर्ष निवासी मंगलम कालोनी बलौदाबाजार, थाना सिटी कोतवाली चिकित्सा सहायक, PHC रोहांसी

    2. रवि कुमार सेन ​पिता: नूतन लाल सेन ​उम्र: 43 वर्ष निवासी कसडोल वार्ड क्र० 04 सिरपुर रोड, एवं ग्राम कटगी थाना कसडोल

    3. पुनीराम पटेल ​पिता: डेरहा राम पटेल ​उम्र: 51 वर्ष निवासी ग्राम गिरौदपुरी अटल चौक के पास, थाना गिधौरी, चौकी गिरौदपुरी

    4. ​किशना उर्फ कृष्ण कुमार अवस्थी ​पिता: स्व० कुंजराम अवस्थी ​उम्र: 53 वर्ष निवासी ग्राम रिसदा गांधी चौक, थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार

  • शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया, फिर किया अनाचार! पामगढ़ पुलिस ने 6 दिन में आरोपी को दबोचा, भेजा न्यायिक रिमांड पर

    शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया, फिर किया अनाचार! पामगढ़ पुलिस ने 6 दिन में आरोपी को दबोचा, भेजा न्यायिक रिमांड पर

    थाना पामगढ़ पुलिस की सक्रियता से अपहृत नाबालिक बालिका 06 दिवस के भीतर खोज निकाला

    आरोपी द्वारा शादी करने का झांसा देकर भगा ले गया था, जिसके साथ किया अनाचार

    आरोपी देवेंद्र जांगडे उम्र 25 साल निवासी नेवराबंद थाना पामगढ  जिला जांजगीर चांपा

    आरोपी के विरूद्ध धारा 137(2),64(2) एम,65(1),87 भारतीय न्याय संहिता 4,6 लैंगिग अपराधों का बालको से संरक्षण अधिनियम 2012  के तहत कार्यवाही कर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

    जांजगीर-चाम्पा : मामले का विवरण इस प्रकार है कि नाबालिक बालिका को आरोपी बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गये है कि रिपोर्ट पर दिनांक 15.08.26 को थाना पामगढ़ में अपराध क्रमांक 334/2026 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

    प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना पामगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मुखबिर सूचना पर आरोपी देवेंद्र जांगडे को पकड़ा जिसको पूछताछ करने पर नाबालिक बालिका को बहला फुसलाकर कर भगा ले जाना एवं शादी का झांसा देकर अनाचार करना जुर्म स्वीकार किये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर  न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

    उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक सावन सारथी थाना प्रभारी पामगढ़, सउनि प्रमोद महार, मप्रआर मंजू सिंह आरक्षक भुनेश्वर पटेल,बेदराम पटेल थाना पामगढ़ का सराहनीय योगदान रहा।

  • एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता! सरगुजा में पुलिस ने 1000 लोगों को साइबर ठगी के खतरनाक हथकंडों से किया अलर्ट, 1930 की दी जानकारी

    एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता! सरगुजा में पुलिस ने 1000 लोगों को साइबर ठगी के खतरनाक हथकंडों से किया अलर्ट, 1930 की दी जानकारी

    साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर, हाई स्कूल बाकिरमा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्मदापुर, ग्राम जमदरा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोहगा, सनराइज स्कूल, नवानगर स्कूल दरिमा, केशवपुर महाविद्यालय, डी ए वी स्कूल भटको उदयपुर, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुण्ड्रा, मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर में उपस्थित छात्र एवं छात्राओं एवं नागरिकों को किया गया जागरूक

    अंबिकापुर : डीआईजी/एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोडल अधिकारी साइबर सेल रितेश चौधरी के कुशल नेतृत्व में जिला अंतर्गत प्रथम सप्ताह सभी स्कूल – कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में “साइबर जागृति अभियान” आयोजित किया जा रहा है!

    साइबर अपराधों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर, हाई स्कूल बाकिरमा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्मदापुर, ग्राम जमदरा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोहगा, सनराइज स्कूल, नवानगर स्कूल दरिमा, केशवपुर महाविद्यालय, डी ए वी स्कूल भटको उदयपुर, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुण्ड्रा, मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र एवं छात्राओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से OTP, UPI एवं QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, APK फाइल, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, अनजान वीडियो कॉल, सेक्सटॉर्शन एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

    छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने तथा किसी के कहने पर QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।

    साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व को समझाते हुए छात्राओं को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

    कार्यक्रम के दौरान “जागरूकता की एक Selfie” अभियान के अंतर्गत छात्राओं को जागरूकता QR Code के संबंध में जानकारी दी गई। छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को QR Code के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से छात्र छात्राओं एवं नागरिकों द्वारा QR Code के साथ Selfie भी ली गई।

    उपरोक्त कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल अंबिकापुर की प्राचार्या श्रीमती मीरा साहू, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल की प्राचार्या श्रीमती लीना थॉमस, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रूमी घोष, नवा बिहान टीम की ओर से श्री अजय तिवारी, श्री मंगल पाण्डेय,  उप निरीक्षक अभय तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष कुमार, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आशी झा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक अनुराग वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शिव कुमार ध्रुव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक डिगेश्वर वर्मा, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक शत्रुधन सिंह, राहुल केरकेट्टा, दशरथ राजवाड़े, सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं एवं नागरिकों ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे तथा पुलिस एवं साइबर जागरूकता टीम द्वारा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। लगभग 1000 छात्र छात्राओं एवं नागरिकों की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। छात्र छात्राओं एवं नागरिकों ने स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • साइबर ठगों से बचने अंबिकापुर के 150 विद्यार्थियों को मिला सुरक्षा मंत्र! पुलिस ने OTP, UPI, QR कोड और फर्जी लिंक के खतरों से किया सतर्क

    साइबर ठगों से बचने अंबिकापुर के 150 विद्यार्थियों को मिला सुरक्षा मंत्र! पुलिस ने OTP, UPI, QR कोड और फर्जी लिंक के खतरों से किया सतर्क

    साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा के नेतृत्व में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम।

    अंबिकापुर : डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा. पु. से.) के दिशा निर्देशन में साइबर अपराधों के प्रति युवाओं को जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत आज संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय, अंबिकापुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा रितेश चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को विश्वास में लेकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते हैं। विद्यार्थियों को OTP, UPI एवं QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, साइबर ठगी, सोशल मीडिया अपराध, अनजान कॉल एवं संदेश तथा अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने के संबंध में जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की गई।

    उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करने और आवश्यक सहायता प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

    वहीं महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज द्वारा साइबर जागृति अभियान के उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक एवं सतर्क रहने की समझाइश देते हुए स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम को संवादात्मक एवं प्रभावी बनाने के लिए छात्र-छात्राओं के साथ प्रश्नोत्तरी (Q/A) सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन सुरक्षा एवं डिजिटल माध्यमों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज द्वारा सरल एवं संतोषजनक तरीके से उत्तर देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

    इस अवसर पर महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक गंभीर साय, महिला आरक्षक सविता मरावी, लोरेटा एक्का एवं संगीता बड़ा सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ. अंजन सिंह, डॉ. पूजा दुबे, श्रीमती सुमन पाण्डेय, डॉ. रानी पाण्डेय, श्रीमती नीरू त्रिपाठी एवं श्रीमती चंदा सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम में पुलिस मितान एवं साइबर वॉलंटियर टीम से अतुल गुप्ता, अनमोल बारी, आर्यन पाण्डेय एवं राजकुमार उपस्थित रहे तथा विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने में सहयोग किया।

    कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों की पहचान, उनसे बचाव तथा किसी भी साइबर घटना की स्थिति में समय पर उचित कदम उठाने के लिए जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर जागरूकता के संदेश को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

    सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

    जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव की सबसे मजबूत ढाल है।

  • स्कूटी से जेवरों से भरा बैग उड़ाने वाले गिरोह पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! 500 CCTV खंगालकर ओडिशा पहुंची टीम, एक आरोपी दबोचा, बाकी की तलाश तेज

    स्कूटी से जेवरों से भरा बैग उड़ाने वाले गिरोह पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! 500 CCTV खंगालकर ओडिशा पहुंची टीम, एक आरोपी दबोचा, बाकी की तलाश तेज

    थाना सीतापुर के एक करोड़ के उठाईगिरी के मामले में शामिल आरोपी गंजाम उड़ीसा से किया गया गिरफ्तार, 46 लाख कीमती आभूषण पूर्व में किया गया था बरामद।

    सरगुजा :डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के संभावित ठिकानो पर छापेमारी के दौरान मिली सफलता।

    आरोपी अपने अन्य साथियो के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाकर उठाईगिरी की घटना कों दिए था अंजाम।

    पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नगद किया गया जप्त।

    पुलिस टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर अन्य आरोपियों के गिरफ़्तारी हेतु किया जा रहा सार्थक प्रयास, फरार आरोपी जल्द कर लिए जाएंगे गिरफ्तार।

    मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, कि दिनांक 26/07/2026 को प्रार्थी अरूणदेव सोनी थाना सीतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि हाईस्कूल सीतापुर के पास इनकी कांशी विश्वनाथ ज्वेर्ल्स दुकान संचालित है। दिनांक 26/07/2026 के करीबन 11ः30 बजे सुबह अपनी स्कूटी में ज्वेर्ल्स का बैग लेकर अपनी दुकान खोलने गया था। दुकान के पास स्कूटी में ज्वेर्ल्स बैग को रखकर दुकान का शटर खोल रहा था, इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति के द्वारा स्कूटी के सामने रखे बैग को लेकर भाग गये। चोरी किये गये सोने-चांदी की ज्वेलर्स की कीमत अनुमानित करीब एक करोड़ है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में अपराध क्रमांक 296/2026 धारा 303(2) बीएनएस पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया है।

    मले कों संज्ञान में लेकर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा तेश चौधरी एवं नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सीतापुर तुल सिंह पट्टावी के नेतृत्व में साइबर सेल एवं थाना सीतापुर की संयुक्त टीम का गठन किया गया एवं पुलिस टीम कों मामले के आरोपियों एवं उठाईगिरी का मशरुका शीघ्र बरामद करने के दिशा निर्देश दिए गए थे।

    इसी क्रम में प्रकरण के विवेचना दौरान घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी वीडियो फुटेज प्राप्त कर संयुक्त टीम के द्वारा बारीकी से जांच/अवलोकन किया गया। जो दो मोटरसाइकिल में चार संदिग्धों द्वारा मिलकर व्यवसायी के कब्जे से बैग लेकर भागते हुए दिखे। सीसीटीव्ही फुटेज के माध्यम से उनके रूट को फॉलो किया, जिनका रूट सरगुजा क्षेत्र के ग्राम गेरसा, जिला जशपुर क्षेत्र कांसाबेल, कुनकुरी, सिंगीबहार, दीगर राज्य झारखण्ड क्षेत्र कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा इत्यादि एवं दीगर राज्य उड़िसा के सुन्दरगढ़ एवं अन्य संभावित स्थानों को सीसीटीव्ही फुटेज का अवलोकन कर स्पष्ट किया गया। प्रकरण के विवेचना दौरान पुलिस टीम के द्वारा सभी संभावित स्थानों के करीब 500 सीसीटीव्ही फुटेज एवं तकनीकी विश्लेषण कर अवलोकन किया गया है। जो प्राप्त सीसीटीव्ही फुटेज एवं हुलिया के आधार पर अलग-अलग राज्यों के पुलिस से समन्वय स्थापित कर संदेहियों का पहचान कराया गया। जो मोटर साइकिल सवार चंटी दास निवासी ग्राम सोर्डा जिला गजाम उड़ीसा एवं दास नागेश्वर निवासी नारायणपुर थाना कोटिनाडा जिला गंजाम उड़िसा के रूप में पहचान की गई।

    साइबर सेल अबिकापुर एवं थाना सीतापुर की संयुक्त टीम द्वारा उडिसा राज्य की स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के हर संभावित ठिकानों पर लगातार 10 दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान स्थानीय पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही चंटी दास बीते रात दिनांक 16 अगस्त 2026 अपने घर आया था। मुखबिर के सूचना के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम जिला सरगुजा एवं थाना प्रभारी शोर्डा, थाना प्रभारी आश्का जिला गंजाम की पुलिस टीम द्वारा संदेही चंटी दास के घर पहुंची जो घर पर ताला बंद था। मुखबिर की सूचना के आधार पर विधिवत रूप से तलाशी ली गई। जो संदेही चंटी दास अपने घर पर नहीं मिला। संदेही के घर की तलाशी पर संदेही द्वारा अपने घर में सीतापुर के चोरी के जेवरात को छिपाकर रखे गए करीब 300.92 ग्राम सोने के आभुषण कीमती करीब 43 लाख रूपये एवं चांदी के आभूषण करीब 1 किलो 168 ग्राम कीमती करीब 03 लाख रूपये का गवाहों के समक्ष पूर्व में विधिवत् रूप से जप्त किया गया था।

    संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु संभावित ठिकानो पर लगातार छापेमार कार्यवाही की जा रही थी, इसी दौरान जिला गंजाम उडिसा से मामले में शामिल आरोपी दास नागेश्वर कों पकड़कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम दास नागेश्वर आत्मज दास नारायणी उम्र 45 वर्ष साकिन नारायणपुर पोड़िया थाना आस्का जिला गंजाम उड़ीसा का होंना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर घटना दिनांक कों अपने अन्य साथीयों के साथ मिलकर संगठन बनाकर उठाईगिरी (चोरी) करना स्वीकार किये जाने पर प्रकरण में धारा 111 (2), 3 (5) बी.एन.एस. जोडी गई है, पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नगद जप्त किया गया है, प्रकरण के अन्य आरोपीगण घटना दिनांक से फरार है, फरार आरोपियों का सरगर्मी से पता तलाश किया जा रहा है, शेष फेयर आरोपी जल्द गिरफ्तार कर लिए जायेंगे। अभियुक्त दास नागेश्वर पिता दास नारायणी का अपराधिक रिकॉर्ड प्राप्त करने हेतु आईसीजीएस पोर्टल पर सर्च किया गया उक्त अभियुक्त के विरुद्ध वर्ष 2021 में (01). थाना अस्का जिला गंजाम उडिसा में अपराध क 57/21 धारा उडिसा अबकारी एक्ट 52 (ए), (02) थाना चिन्डीपाडा में 366/2021 धारा 379 भादवि, (03). अप.क. 398/2021 धारा 392 भादवि का दर्ज होना पाया गया है, आरोपी आदतन अपराधी किस्म का है।

    सम्पूर्ण कार्यवाही में साइबर सेल अम्बिकापुर से प्रभारी साइबर सेल सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्र.आर. भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह, अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अमन पूरी, एवं थाना सीतापुर से सहायक उप निरीक्षक डेविड मिंज, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा, आरक्षक निर्मल तिग्गा सक्रिय रहे।

  • कुंडी तोड़कर शराब दुकान में घुसे थे दो चोर, बाहर निकलने से पहले पुलिस ने दबोचा! जांच में सामने आया कई जिलों में चोरी का पुराना रिकॉर्ड

    कुंडी तोड़कर शराब दुकान में घुसे थे दो चोर, बाहर निकलने से पहले पुलिस ने दबोचा! जांच में सामने आया कई जिलों में चोरी का पुराना रिकॉर्ड

    अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी की नगद राशि एवं घटना में प्रयुक्त औजार बरामद

    नारायणपुर : पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्या चंद्राकर के मार्गदर्शन, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नारायणपुर अजय सिंह के पर्यवेक्षण एवं थाना प्रभारी नारायणपुर विनीत दुबे के नेतृत्व में थाना नारायणपुर पुलिस द्वारा अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी की घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    दिनांक 21.08.2026 को प्रातः लगभग 04:00 बजे डायल-112 के माध्यम से थाना नारायणपुर पुलिस को बखरूपारा, नारायणपुर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शराब दुकान के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि दो अज्ञात व्यक्ति दुकान के दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश कर चोरी कर रहे थे। सुरक्षा गार्ड की आहट होने पर दोनों व्यक्ति दुकान के अंदर ही छिप गए थे।

    पुलिस द्वारा मौके पर दुकान के अंदर से दोनों आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की गई। आरोपियों ने अपने नाम कलाम सिंह मांडले, पिता नवल सिंह, उम्र 50 वर्ष, निवासी पीपलदा, थाना गंधवानी, जिला धार (मध्यप्रदेश) एवं गणपत मोहनीया, पिता रंजीत मोहनीया, निवासी खाखेरिया खौदरा, थाना टांडा, जिला धार (मध्यप्रदेश) होना बताया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।

    आरोपी कलाम सिंह मांडले से घटना में प्रयुक्त एक नग लोहे का स्क्रू-पाना तथा आरोपी गणपत मोहनीया से चोरी की गई 9,300 रुपये नगद राशि बरामद की गई। घटनास्थल पर दुकान की टूटी हुई कुंडी एवं चोरी की नगद राशि की बरामदगी से दोनों आरोपियों की घटना में संलिप्तता पाई गई।

    विवेचना के दौरान आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त की गई। जांच में दोनों आरोपियों के विरुद्ध चोरी से संबंधित जिला कांकेर में 02 प्रकरण, जिला कोंडागांव में 01 प्रकरण एवं जिला धमतरी में 01 प्रकरण पूर्व से पंजीबद्ध होना पाया गया।

    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में अन्य आवश्यक विवेचना कार्रवाई जारी है।

    गिरफ्तार आरोपी

    1. कलम सिंह मांडले, पिता नवल सिंह, उम्र 50 वर्ष, निवासी पीपलदा, थाना गंधवानी, जिला धार (मध्यप्रदेश)।

    2. गणपत मोहनीया, पिता रंजीत मोहनीया, निवासी खाखेरिया खौदरा, थाना टांडा, जिला धार (मध्यप्रदेश)।

    बरामदगी

    – चोरी की नगद राशि – ₹9,300/-

    – घटना में प्रयुक्त एक नग लोहे का स्क्रू-पाना

    नारायणपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपने घर, दुकान अथवा प्रतिष्ठान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 पर सूचना दें। आपकी सतर्कता और समय पर दी गई सूचना अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • नक्सलवाद की पुरानी छवि से बाहर निकलेगा बस्तर, अब पर्यटन बनेगा नई पहचान का आधार; देश-दुनिया तक पहुंचेगी इसकी प्रकृति और जनजातीय संस्कृति : CM साय

    नक्सलवाद की पुरानी छवि से बाहर निकलेगा बस्तर, अब पर्यटन बनेगा नई पहचान का आधार; देश-दुनिया तक पहुंचेगी इसकी प्रकृति और जनजातीय संस्कृति : CM साय

    बस्तर की नई पहचान पर्यटन से गढ़ने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री साय से लेह-लद्दाख अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों ने की सौजन्य मुलाकात

    छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अनछुए पर्यटन स्थलों से दुनिया को परिचित कराने की जरूरत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    नक्सलवाद की छाया से निकलकर शांति, विकास और पर्यटन की नई पहचान बना रहा बस्तर

    पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अद्भुत जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि के अनुरूप नहीं बन पाई। अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात के दौरान यह बात कही।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों के संबंध में आत्मीय संवाद किया और पर्यटन के विकास में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर प्रकृति की अनुपम देन है। यहां के घने वन, मनोरम जलप्रपात, नदियां, पहाड़ और गुफाएं जितनी आकर्षक हैं, उतनी ही विशिष्ट यहां की जनजातीय संस्कृति, परंपराएं, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और जीवनशैली है। बस्तर का प्रत्येक क्षेत्र अपने भीतर प्रकृति और संस्कृति की एक अलग कहानी समेटे हुए है। आवश्यकता इस बात की है कि बस्तर की इन विशेषताओं को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रस्तुत किया जाए।

    उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में बस्तर का नाम राष्ट्रीय मीडिया में अधिकांशतः नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान कहीं पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और क्षेत्र में स्थापित हो रहे शांति के वातावरण ने बस्तर के विकास के लिए नए द्वार खोले हैं। सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्रकारों से कहा कि आप सभी बस्तर की वास्तविक खूबसूरती और वहां हो रहे बदलावों से परिचित हैं। राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से जब बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां देश के सामने आएंगी तो लोगों की बस्तर के प्रति धारणा भी बदलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए – यह हम सभी का प्रयास होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान को विस्तार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी बड़ा आधार है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, गाइड सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के माध्यम से बड़ा बाजार मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने लेह-लद्दाख का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं भौगोलिक विशिष्टताओं वाले क्षेत्रों में सुव्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। अध्ययन भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने वहां पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन आधारित आजीविका के विभिन्न पहलुओं को निकट से देखा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें तथा एक नए और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।

    इस अवसर पर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय के साथ लेह-लद्दाख अध्ययन भ्रमण के अनुभव साझा किए। उन्होंने वहां के पर्यटन विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था, संस्कृति एवं अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े अपने अनुभवों की जानकारी दी।

  • वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने उठाई खेल जगत की सबसे गंभीर चिंता—डोपिंग के काले खेल पर बेबाक कलम, बोले: पदक से बड़ा है देश का सम्मान

    वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने उठाई खेल जगत की सबसे गंभीर चिंता—डोपिंग के काले खेल पर बेबाक कलम, बोले: पदक से बड़ा है देश का सम्मान

    देश को कलंकित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ जरूरी

    प्रतिबंधित दवा के सेवन से मिली सफलता होती है क्षणिक

    आलेख.. जसवंत क्लॉडियस,वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर,छग

    रायपुर : पिछला सप्ताह भारतीय खेल संसार के लिए एक और काला अध्याय जोड़ गया। खेलकूद के माध्यम जहां खिलाड़ी अपने देश का, खुद का, परिवार का नाम रौशन करना चाहते हैं . कुछ समय बाद वही खिलाड़ी खेलकूद टूर्नामेंट के निर्धारित नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने देश का, समाज का, और खेल भावना को तार तार कर रहे होते हैं। एक खिलाड़ी का जीवन 16 से 20 वर्ष तक माना जाता है। अर्थात् खेल जीवन की शुरुआत 16 वर्ष से मान लिया जाए तो वह अधिक से अधिक 32 से 35 वर्ष की उम्र की होती है। अर्थात् 16 से 35 वर्ष के दौरान किशोर से लेकर युवा तक कैरियर बनाने की महत्वपूर्ण अवधि होती है। कैरियर किस क्षेत्र में बनाना है ?यह सब कुछ अभिभावकों, शिक्षकों, परिवार के वृद्धजनों से सलाह मशविरा करके तय किया जाता है .खिलाडिय़ों को कोई एक खेल चुनकर उसमें विशेषज्ञता हासिल करने आगे बढऩा पड़ता है। राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनने के लिए त्याग, समर्पण, मेहनत ,समय की पाबंदी आदि की मिसाल पेश करनी होती है। इसके लिए एक खिलाड़ी को ना जाने हार-जीत के कितने दौर से गुजरना पड़ता है। इस दौरान लगातार असफलता प्राप्त होने पर खिलाड़ी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो जाता है. यही वो क्षण हेाता है कि जब खिलाड़ी विजयी होने के लिए नियम विरुद्ध कदम उठाता है। अतिरिक्त शारीरिक शक्ति प्राप्त करने के लिए खिलाड़ी ऐसी दवाइयों का इस्तेमाल करता है, जो उसके लिए प्रतिबंधित होता है. इस उपाय से खिलाड़ी हीरो तो बन जाता है लेकिन उसके मूत्र या पेशाब की जांच होती है तो वह पकड़ में आता है तथा वह हीरो से जीरो हो जाता है। भारत में इन दिनों जिस तरह विभिन्न खेलों के विजेताओं को केंद्र, राज्य सरकारों तथा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओ या निजी औद्योगिक घरानों द्वारा पैसों, जमीन, आदि से मालामाल कर दिया जाता है तो उभरता हुआ खिलाड़ी को उसके निकट मित्र और सलाहकार उसे इसी गलत मार्ग को अपनाने की सलाह देते हैं। अनुचित तरीके से मिली सफलता से खिलाड़ी यह अनुमान नही लगा पाते हैं कि उनके गलत कृत्य के उजागर होने पर उसका पुरस्कार मिट्टी में मिल जाएगा। परिवार को लज्जा झेलनी पड़ेगी और सबसे दुर्भाग्य की बात उसके कारण देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा होना पड़ेगा। गत दिनों एथलेटिक्स की हेप्टाथलीट स्वप्ना जकार्ता एशियाई खेलों 2018 की स्वर्ण पदक विजेता तथा भालाफेंक के प्रतिभागी शिवपाल सिंह 2019 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता डोप टेस्ट में पकड़े गए। स्वप्ना के सैंपल में बोल्डेनोन नाम प्रतिबंधित एनाबालिक एंड्रोजेनिक स्टेारायड जबकि शिवपाल सिंह के सैंपल में मेथेनडिप्नोन नामक प्रतिबधित स्टेरापड सेवन की पुष्टि हुई। यह बेहद अफसोस की जानकारी है कि शिवपाल डोप में दूसरी बार पकड़े गए। अब शिवपाल को दस वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। इस तरह अभी भी भारतीय खेल जगत को कलंकित करने वाले ना जाने कितने खिलाड़ी छुपे होंगे। उनके लिए इन दो खिलाडिय़ों पर हुई कार्यवाही एक चेतावनी है कि वे अगर सामान्य खान पान से प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ नहीं सकते तो मैदान छोड़ दें लेकिन देश के सम्मान को ठेस न पहुंचाए। प्रतिबंधित दवा लेते हुए अभी हाल में हाकी खिलाड़ी मयंक शर्मा पर चार साल और धाविका संजना सिंह पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने साफ किया है कि इस तरह के 260 प्रकरणों के साथ भारत विश्व में पिछले तीन वर्षों से प्रथम स्थान पर है। खिलाडिय़ों के साथ प्रशिक्षकों आहार विशेषज्ञों और खिलाड़ी की देखरेख कर रहे चिकित्सकों के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐसे प्रकरण बढऩे से भारत को भविष्य में हर प्रकार के खेल आयोजन से वंचित होना पड़ सकता है। खिलाडिय़ों को जागरूक करने के लिए ऐसे विषय को शिक्षा के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किया जाना चाहिए।