Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया का बहनों को खुशियों का उपहार : महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से वर्षा राठौर के चेहरे पर खिली मुस्कान, बोलीं—“विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं”

    रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया का बहनों को खुशियों का उपहार : महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से वर्षा राठौर के चेहरे पर खिली मुस्कान, बोलीं—“विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं”

    रायपुर : रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील और बहन-समान आत्मीय सोच एक बार फिर खुशियों की सौगात लेकर आई है। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक हजार रुपये की राशि पहुंची है। इस नियमित आर्थिक संबल से महिलाओं के चेहरों पर खुशी और मन में आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।

    गौरेला विकासखंड के ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती वर्षा राठौर के लिए भी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले विशेष उपहार बनकर आई। खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंचने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बहनों के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती के लिए संचालित यह योजना उनके जैसे परिवारों के लिए निरंतर सहारा बन रही है।

    श्रीमती वर्षा राठौर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि घर-परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों में यह राशि काफी मददगार साबित होती है। नियमित रूप से राशि खाते में आने से उन्हें आर्थिक संबल के साथ अपनी आवश्यकताओं के लिए स्वयं निर्णय लेने का भरोसा भी मिला है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी और अधिक मजबूती से निभाने का अवसर मिल रहा है।

    रक्षाबंधन से ठीक पहले 30वीं किस्त मिलने की खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती वर्षा राठौर ने भावुक होकर कहा, “हमारे विष्णु भैया ने राखी से पहले 30वीं किस्त जारी कर हम सभी बहनों की खुशियां दोगुनी कर दी हैं। इसके लिए मैं विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद करती हूं।”

    महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं की व्यक्तिगत जरूरतों के साथ-साथ परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बल मिल रहा है।

    रक्षाबंधन जैसे आत्मीय पर्व के अवसर पर मिली 30वीं किस्त ने श्रीमती वर्षा राठौर सहित प्रदेश की लाखों बहनों के लिए इस पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया है। उनके लिए यह राशि केवल एक हजार रुपये की सहायता नहीं, बल्कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु भैया की ओर से बहनों के सम्मान, भरोसे और आत्मीयता का उपहार बनकर आई है।

  • नगरीय निकायों के पेंशनरों को बड़ी राहत, सातवें वेतनमान पर 58% और छठवें वेतनमान पर 257% महंगाई राहत; 1 जनवरी 2026 से मिलेगा बढ़ा हुआ लाभ

    नगरीय निकायों के पेंशनरों को बड़ी राहत, सातवें वेतनमान पर 58% और छठवें वेतनमान पर 257% महंगाई राहत; 1 जनवरी 2026 से मिलेगा बढ़ा हुआ लाभ

    नगरीय निकायों के पेंशनरों को महंगाई राहत

    सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतमान के पेंशनरों को मिलेगा 257 प्रतिशत महंगाई राहत

    1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभ

    रायपुर : नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है।

    नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।

  • ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी

    ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी

    आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर

    सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणा

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं।

    नमो ड्रोन दीदी योजना ने दिखाई नई राह

    श्रीमती हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।

    तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।

    सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय

    ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर श्रीमती हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।

    हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

    महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

    श्रीमती हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।

    वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से बहनों को मिल रहा सम्मान और अवसर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।”

    हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।

  • ‘विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर

    ‘विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि ने बहनों की खुशियों को और बढ़ाया है।

    जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती प्रेमलता राठौर के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह लेकर आई है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे परिवार की दैनिक जरूरतों, राशन और घरेलू खर्चों को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे पा रही हैं।

    बिहान से जुड़कर बढ़ाया आजीविका का दायरा

    श्रीमती प्रेमलता राठौर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर आटा चक्की का संचालन भी कर रही हैं। मेहनत, लगन और अपने हुनर के जरिए उन्होंने स्वरोजगार को अपनी आय का जरिया बनाया है। आटा चक्की से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक बन रही है।

    महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके इस छोटे व्यवसाय को भी मजबूती दे रही है। वे जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग आटा चक्की की मरम्मत और आवश्यक कार्यों में करती हैं। इस तरह योजना की सहायता उनके लिए केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि आजीविका को निरंतर बनाए रखने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो रही है।

    रक्षाबंधन से पहले मिली राशि, चेहरे पर आई खुशी

    रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि मिलने से श्रीमती प्रेमलता के परिवार में भी खुशी का माहौल है। वे इसे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार और अपने काम के लिए उपयोगी आर्थिक सहयोग मानती हैं। उनके लिए यह राशि आर्थिक सहायता के साथ सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव भी लेकर आई है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता राठौर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों की जरूरत को समझते हैं। रक्षाबंधन के उपहार के रूप में त्योहार से पहले ही पैसे मिल गए। इससे हम अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार और अपने काम में भी सहयोग कर पा रहे हैं।”

    महतारी वंदन योजना से जुड़ी प्रेमलता राठौर की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग, आजीविका के अवसर और आत्मनिर्भर बनने का भरोसा मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत होकर आगे बढ़ने का रास्ता भी स्वयं तैयार करती हैं। राखी के इस पर्व पर महतारी वंदन की सहायता उनके लिए आर्थिक संबल के साथ ‘विष्णु भैया’ की सरकार के महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प का भरोसा भी बन रही है।

  • राखी का बंधन, खुशियों का संसार—महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार : 31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहा—विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारा

    राखी का बंधन, खुशियों का संसार—महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार : 31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहा—विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारा

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।

    सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।

    ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

    महिलाओं की जरूरतों का बन रहा नियमित सहारा

    ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।

    “विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं”

    ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”

    ममता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।

  • राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार : महतारी वंदन की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां

    राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार : महतारी वंदन की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां

    राखी, मिठाई और भाई के लिए उपहार के साथ परिवार की जरूरतें पूरी करने में भी मिल रहा आर्थिक संबल

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ पर्व-त्योहारों की खुशियां भी आत्मविश्वास के साथ मना रही हैं। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुमरपारा की निवासी सरिता राजवाड़े के परिवार में भी खुशियों का माहौल है।

    सरिता राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीद सकेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व को पूरे उत्साह से मनाने का अवसर भी लेकर आई है।

    उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती है। महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से इस बार वे भी अपने भाई के लिए पसंद की राखी और मिठाई खरीदने के साथ उन्हें उपहार दे सकेंगी। इससे त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।

    परिवार की जरूरतों में भी बन रहा सहारा

    सरिता ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों और आजीविका से जुड़े खर्चों में इस राशि का उपयोग किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिलती है और अचानक सामने आने वाली जरूरतों के लिए भी आर्थिक सहारा मिलता है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से वे अपनी और परिवार की जरूरतों के अनुसार राशि का बेहतर उपयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिलने वाली राशि से जहां वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदेंगी, वहीं परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह आर्थिक सहायता उपयोगी होगी।

    “रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया ने दिया खुशियों का उपहार”

    सरिता राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले मिली यह राशि उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राखी के इस पावन पर्व पर विष्णु भैया ने बहनों को आर्थिक संबल देकर खुशियों का उपहार दिया है। महतारी वंदन योजना से बहनों का आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी सहारा मिल रहा है।”

  • हेमाबंद में पशु क्रूरता पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार; 126 पशु गौशालाओं में सुरक्षित, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया और पंचायत सचिव निलंबित

    हेमाबंद में पशु क्रूरता पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार; 126 पशु गौशालाओं में सुरक्षित, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया और पंचायत सचिव निलंबित

    हेमाबंद में पशु क्रूरता मामले में प्रशासन की सख्ती

    आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार

    शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया

    पंचायत सचिव निलंबित

    126 पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया

    रायपुर : बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील  अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।

    पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया

    प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।

    126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया

    मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच

    जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।

    पंचायत सचिव निलंबित

    मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

    नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

    मांग आधारित आवासीय परियोजनाओं से हितग्राहियों को मिलेगा लाभ

    मंत्री श्री चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का किया भूमिपूजन

    मांग के अनुरूप 704 नए फ्लैट का भी शीघ्र होगा निर्माण, गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश

    ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री श्री चौधरी ने लगाया पीपल का पौधा

    रायपुर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा।

    बिना मांग के नहीं होगी नई आवासीय परियोजना : मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

     मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल को लगभग 700 करोड़ रुपए का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया। इसके बाद मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए यह नीति निर्धारित की गई कि बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा प्रथम तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित और व्यावहारिक आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा बिना मांग के निर्मित होकर लंबे समय तक खाली रहने वाले भवनों की समस्या से भी निजात मिलेगी।

    गुणवत्ता के नए मानदंड स्थापित करे हाउसिंग बोर्ड

     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करनी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर कार्य करने के बजाय आवश्यकतानुसार उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक एवं आधुनिक रंगों का उपयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां सरकारी परियोजनाओं की पारंपरिक छवि से अलग दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए यदि परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता का नया मानदंड स्थापित किया जाना चाहिए।

    आरडब्ल्यूए को मजबूत कर समय पर कॉलोनियां हैंडओवर करने पर जोर

     आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी भी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।

    नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहा विस्तार

     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर के लगभग एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है। उन्होंने नवा रायपुर में तेजी से विकसित हो रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर जी का केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी नवा रायपुर के विकास को नई गति दे रही हैं।

     आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

    नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी संभावनाएं

     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही अनेक परियोजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने सेक्टर-12 फेस-2 के नए हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नवा रायपुर में आवास लेने का सही निर्णय किया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो और हितग्राहियों को बेहतर सुविधाओं के साथ समय पर आवास उपलब्ध कराए जाएं।

    हाउसिंग बोर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास : मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव

     कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने मंडल की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा मांग आधारित परियोजनाओं, बेहतर आवासीय सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में मंडल की गतिविधियों में तेजी आई है और नए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया है।

    सेक्टर-12 फेस-2 में 348 भवन, 704 नए फ्लैट का भी होगा निर्माण

     मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 रुपए लाख तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए सेक्टर-12 फेस-2 में ही आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG एवं 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपए से 40.47 लाख रुपए तक प्रस्तावित है।

    परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन प्राथमिकता : सचिव श्री अंकित आनंद

     कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर हितग्राहियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में बढ़ती आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए मंडल भविष्य में भी मांग आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देगा।

    नवा रायपुर में मंडल की आवासीय परियोजनाओं का विस्तार

     मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर अपनी प्रथम आवासीय कॉलोनी का शुभारंभ किया था। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपा गया। इसी प्रकार वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर द्वितीय आवासीय कॉलोनी प्रारंभ की गई, जहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूर्ण कर आबंटियों को प्रदान किया गया।

     आयुक्त श्री शरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेक्टर-16, 30 एवं 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। यहां कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS एवं 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है और हितग्राही निवासरत हैं। वहीं, सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में आवासीय परियोजना प्रारंभ की गई थी। यहां HIG एवं MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण कर आबंटियों को भवन सौंपे जा चुके हैं।

    ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पीपल का पौधा रोपा

     कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पौधों के संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, , सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • राखी के धागे में विश्वास, हर बहन के साथ विष्णु भैया का संबल : रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए शगुन, बलरामपुर की रानी, प्रमिला और करिश्मा के चेहरे पर आई मुस्कान

    राखी के धागे में विश्वास, हर बहन के साथ विष्णु भैया का संबल : रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए शगुन, बलरामपुर की रानी, प्रमिला और करिश्मा के चेहरे पर आई मुस्कान

    महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बहनों को मिला आर्थिक संबल

    राखी-मिठाई से लेकर घर की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद

    रायपुर : रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पर्व है। इस पर्व पर भाई अपनी बहनों को स्नेह और उपहार देकर उनके जीवन में खुशियां भरते हैं।

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए इसी अपनत्व और भरोसे का अहसास बन रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 31वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में पहुंची एक हजार रुपये की राशि ने इस बार त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।

    बलरामपुर की वार्ड क्रमांक-01 निवासी श्रीमती रानी एक्का के लिए महतारी वंदन की राशि राखी से पहले मिले भाई के उपहार जैसी है। खाते में राशि पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए रानी कहती हैं कि रक्षाबंधन आने वाला है और ऐसे समय में एक हजार रुपये की राशि मिलना उनके लिए बहुत खुशी की बात है। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की बहनों को राखी का उपहार पहले ही भेज दिया है। उनके अनुसार यह राशि घर की जरूरतों में सहयोग देने के साथ छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी देती है।

    विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत भनौरा की श्रीमती प्रमिला विश्वकर्मा के लिए भी महतारी वंदन की 31वीं किस्त रक्षाबंधन का खास शगुन बनकर आई है। योजना के तहत उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है और अब तक 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली नई किस्त से वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीयता से ‘विष्णु भैया’ कहते हुए प्रमिला कहती हैं कि भैया ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को जो शगुन दिया है, वह उनके लिए बहुत खास है।

    इसी तरह ग्राम डुमरखी की श्रीमती करिश्मा देवी के लिए महतारी वंदन की राशि त्योहार की तैयारियों में आत्मविश्वास का संबल लेकर आई है। खाते में राशि पहुंचने से अब उन्हें भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। करिश्मा कहती हैं कि इस बार महतारी वंदन की राशि से रक्षाबंधन की तैयारी करना उन्हें और भी अच्छा लग रहा है। वह कहती हैं कि “विष्णु भैया का यही अरमान है कि हर बहन के चेहरे पर मुस्कान रहे।”

    रानी, प्रमिला और करिश्मा की कहानी केवल तीन परिवारों की खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की तस्वीर है, जिसमें महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देकर उन्हें अपनी जरूरतों और खर्चों के संबंध में निर्णय लेने का अवसर दे रही है। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों से लेकर त्योहारों की तैयारी तक, यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।

    रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधेंगी। वहीं प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना का नियमित आर्थिक संबल भी भरोसे और सम्मान का एक ऐसा धागा बन रहा है, जो उन्हें हर महीने यह एहसास दिलाता है कि विष्णु भैया की सरकार उनके साथ खड़ी है।

    इस रक्षाबंधन बहनों की कलाई पर राखी का धागा होगा, घर में मिठाई की मिठास होगी और खातों में महतारी वंदन का संबल। बहनों के चेहरे की मुस्कान में यही भाव झलक रहा है—“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”

  • जनता की समस्याओं पर कलेक्टर का सीधा एक्शन, जशपुर जनदर्शन में 36 आवेदन; पेयजल, सड़क, राजस्व और योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश

    जनता की समस्याओं पर कलेक्टर का सीधा एक्शन, जशपुर जनदर्शन में 36 आवेदन; पेयजल, सड़क, राजस्व और योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं

    समयबद्ध, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।

     कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।