Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हुए आरक्षक मसत राम पैंकरा के परिवार को 1 करोड़ की सहायता, डीआईजी और SBI अधिकारियों ने गृहग्राम पहुंचकर सौंपा चेक

    ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हुए आरक्षक मसत राम पैंकरा के परिवार को 1 करोड़ की सहायता, डीआईजी और SBI अधिकारियों ने गृहग्राम पहुंचकर सौंपा चेक

    दिवंगत-आरक्षक के परिवार को मिली 1 करोड़ की सहायता राशि, ड्यूटी जाने के दौरान हुआ था निधन, पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मिली राशि।

    डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर व एसबीआई रिजनल मैनेजर अविनाश पाणिग्रही ने दिवंगत आरक्षक के गृहग्राम चकेरी पहुंच सौपा 1 करोड़ का चेक।

    सूरजपुर : ड्यूटी जाने के दौरान सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए सूरजपुर जिले के आरक्षक मसत राम पैंकरा के परिजनों को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर व एसबीआई रिजनल मैनेजर अविनाश पाणिग्रही दिवंगत आरक्षक के ग्रहग्राम चकेरी (शर्मा) थाना उदयपुर, जिला सरगुजा जाकर आरक्षक की धर्मपत्नी कुसुम सिंह को यह राशि चेक के माध्यम से सौंपी।

           आरक्षक मसत राम पैंकरा जिला सूरजपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के गनमैन थे। उनका आकस्मिक निधन 17 सितम्बर 2025 को ड्यूटी जाने दौरान एक सड़क दुर्घटना में हो गया था। इस घटना पर पुलिस विभाग ने गहरा शोक व्यक्त किया था।

           डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बैंक अधिकारियों के साथ 13 मार्च 2026 को आरक्षक की धर्मपत्नी कुसुम सिंह व परिजनों को सांत्वना देते हुए भारतीय स्टेट बैंक शाखा से 1 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया। यह सहायता पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत दी गई है।

           दिवंगत आरक्षक की धर्मपत्नी व परिजनों ने आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस प्रशासन और बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विदित हो कि आरक्षक की आकस्मिक मृत्यु उपरान्त उनके बड़े पुत्र गणेश प्रसाद को अनुकम्पा नियुक्ति नव आरक्षक के पद पर हुई है। पुलिस सैलरी पैकेज योजना का मुख्य उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इस अवसर पर डिप्टी मैनेजर प्रेमशंकर सिंह, दिवगंत आरक्षक के पिता बीर सिंह सहित उनके परिजन मौजूद रहे।

  • बस्तर में शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘आदि परब’ के समापन पर कहा— जनजातीय संस्कृति को मिला वैश्विक मंच, चित्रकला व परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ सम्मान

    बस्तर में शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘आदि परब’ के समापन पर कहा— जनजातीय संस्कृति को मिला वैश्विक मंच, चित्रकला व परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ सम्मान

    बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में हो रहे हैं कामयाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन

    ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार

    मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद

    जनजातीय विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और शोधार्थियों के लिए 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण

    हर्षोल्लास के साथ ‘आदि परब’ का हुआ समापन

    रायपुर : हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘आदि परब’ की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा ‘आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के आयोजन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं की व्यापकता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और पारंपरिक व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमारी लोक परंपराएँ ही हमारी असली पहचान हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह जी की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन के विभिन्न अवसरों पर पहने जाने वाले पारंपरिक परिधानों और रीति-रिवाजों का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी विलुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को सहेजना होगा।

    उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेतृत्व के कारण आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के लिए आदिवासी समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। अति पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) हमारी सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के जनजातीय गांवों तक सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही इन क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

    इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित संग्रहालय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का ऐसा डिजिटल संग्रहालय है जिसका अध्ययन करने देश और विदेश से लोग आ रहे हैं। संग्रहालय में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय नायकों और आंदोलनों की जीवंत प्रस्तुति की गई है, जो समाज के गौरव को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि सरकार 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय वर्ग के भविष्य को संवारने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने एफआरए के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया है।

    इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने ‘परंपरा से पहचान तक’ की थीम पर आयोजित ‘आदि परब’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमने नक्सलवाद की पीड़ा को नजदीक से देखा है और अब डबल इंजन की सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘आदि परब’ के माध्यम से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के इस प्रयास की सराहना की।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के श्री अंकित साकिनी और श्री डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन NIT और IIT में हुआ है। मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया तथा पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया।

    कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं श्री इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर, टीआरटीआई की संचालक श्रीतमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

  • कोरोना के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुरू की एमबीबीएस योजना, 29 लाख उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपये तक की छूट

    कोरोना के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुरू की एमबीबीएस योजना, 29 लाख उपभोक्ताओं को 758 करोड़ रुपये तक की छूट

    कोरोना में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को मजबूत करेगी एमबीबीएस योजना

    उपभोक्ताओं को मिलेगा 758 करोड़ रुपए का सीधा लाभ

    प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों व कार्यालयों में पंजीयन हुआ शुरू

    निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार में मिलेगी छूट

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत और संजीवनी बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी तथा अन्य कारणों से बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी।

    यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लगभग 758 करोड़ रुपए तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के दौरान प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी के कारण कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों को और अधिक कठिनाई में डाल दिया। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

    इस योजना से उपभोक्ताओं को न केवल बकाया बिजली बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने पुराने बकाये का निराकरण करने का अवसर भी मिलेगा। योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप, सभी बिजली वितरण केंद्रों तथा संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं।

    राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।

    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें तथा भुगतान के दौरान किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया जाए।

  • गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ

    गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ

    जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास: गौधाम योजना से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

    गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के  कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

    केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

    छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।

    कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ: प्रदेश में गोधन संरक्षण को मिला नया आधार, अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ: प्रदेश में गोधन संरक्षण को मिला नया आधार, अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”

    गोधन संरक्षण को नई पहचान : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।

    तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।

    छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के न्यायालयों में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत, आपसी समझौते से मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जिले में 13 खण्डपीठों का गठन

    जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के न्यायालयों में आयोजित हुई नेशनल लोक अदालत, आपसी समझौते से मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जिले में 13 खण्डपीठों का गठन

    जशपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार / राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन से पूरे छत्तीसगढ़ के समस्त जिला एवं तालुका के न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के स्तर तक सभी न्यायालयों में दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत वर्ष 2026 का पहला नेशनल लोक अदालत था, इस हेतु माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर के अनुमोदन पर जशपुर जिले में कुल 13 खण्डपीठ का गठन किये गये थे।

    जिसमें खण्डपीठ क्रमांक-01 श्री सतेन्द्र कुमार साहू, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक-02 श्री राकेश बिहारी घोरे माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय जशपुर, खण्डपीठ कमांक-03 श्री संतोष कुमार तिवारी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पत्थगलगांव, खण्डपीठ कमांक-04 श्री भानुप्रताप सिंह त्यागी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ कमांक-05 श्री एस.ए. पटवर्धन, माननीय जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक 06 श्री बलराम कुमार देवांगन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ क्रमांक-07 श्री जर्नादन खरे अपर जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक-08 श्रीमती जनार्दन खरे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर खण्डपीठ क्रमांक 09 श्रीमती सुमन सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक 10 श्री नरेन्द्र कुमार तेन्दुलकर वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट

  • बेसहारा और निराश्रित गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के 29 गौधामों के संचालन के साथ गौधाम योजना की शुरुआत की, जशपुर में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

    बेसहारा और निराश्रित गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के 29 गौधामों के संचालन के साथ गौधाम योजना की शुरुआत की, जशपुर में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

    प्रदेश में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को मिली नई दिशा – मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री ने राज्य में गौधाम योजना का किया शुभारंभ

    जशपुर के बालाछापर स्थित गौधाम भी शामिल

    जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ आयोजित

    जशपुर : राज्य में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर से गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिनमें जशपुर जिले के बालाछापर स्थित गौधाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य में शासकीय भूमि पर स्थित सभी गौधाम सुरभि गौधाम के नाम से जाने जाएंगे। इस अवसर पर जशपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का ऑनलाइन माध्यम से अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष श्री मदन सोनी, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित पशुसखी, पशुपालक किसान, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सरकार इसे संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में गौधाम योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे बेसहारा गौवंश की देखभाल के साथ-साथ गौसेवा की परंपरा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

     जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और शासन की योजनाओं के लाभ से लालमती ने वर्ष 2025 में शुरू किया शटरिंग प्लेट व्यवसाय, अब निजी और पीएम आवास भवनों की छतों की ढलाई कर रही हैं संचालन में उत्कृष्टता

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और शासन की योजनाओं के लाभ से लालमती ने वर्ष 2025 में शुरू किया शटरिंग प्लेट व्यवसाय, अब निजी और पीएम आवास भवनों की छतों की ढलाई कर रही हैं संचालन में उत्कृष्टता

    लालमती ने मजबूत इरादों के साथ बनाई अपनी खुद की पहचान

    शटरिंग प्लेट के कार्य का कर रही बेहतर संचालन

    निजी भवनों, प्रधानमंत्री आवास भवनों के छतों की ढलाई करने के लिए शटरिंग प्लेट उपलब्ध कराती है

    जशपुर : जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती आज ग्रामीण क्षेत्र की उन प्रेरणादायी महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपने मजबूत इरादों और शासन की योजनाओं के लाभ से अपने जीवन की दिशा बदली है। पहले मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली लालमती आज सफल उद्यमी के रूप में गांव में एक नई पहचान बना चुकी हैं।

    श्रीमती लालमती वर्ष 2020 में प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। वह बताती हैं कि उन्हें जब बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली कि इसके माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिलता है, तब उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे।

    लालमती ने सबसे पहले उद्योग विभाग से लोन लेकर छत ढलाई में उपयोग होने वाले शटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया। फिर जनवरी 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें साधन संस्था द्वारा तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया गया। आज उनके पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं और इस व्यवसाय से उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है।

    उन्होंने आगे बताया कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत वर्तमान में बन रहे आवास से मुझे अधिक से अधिक जगह पर प्लेट्स की माँग है। जिससे मेरी आय में और वृद्धि हुई है।

    श्रीमती लालमती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का आभार जताया।

  • जशपुर के शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन 3 अप्रैल तक, कक्षा 6, 7 और 11 में सीमित रिक्तियों पर परीक्षा 7 अप्रैल को आयोजित

    जशपुर के शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन 3 अप्रैल तक, कक्षा 6, 7 और 11 में सीमित रिक्तियों पर परीक्षा 7 अप्रैल को आयोजित

    आदर्श विद्यालय में प्रवेश हेतु आवेदन 3 अप्रैल तक, प्रवेश परीक्षा 7 अप्रैल को

    जशपुर : जिला मुख्यालय जशपुर नगर के शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश की समय सारिणी जारी कर दी गयी है। विद्यालय के प्राचार्य ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विद्यालय में कक्षा 6वीं में 35, 7 वीं में 1और 11 वीं में 8 रिक्त सीटों पर छात्रों के प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।

    कक्षा 6वीं में 28 सीटें अनुसूचित जनजाति, 5 सीटें अनुसूचित जाति और 2 सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए निर्धारित हैं।

    कक्षा 7 वीं में 1 सीट अनुसूचित जनजाति कक्षा 11 वीं में 7 सीटें अनुसूचित जनजाति, 1 सीट अनुसूचित जाति के छात्रों के रिक्त हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26की समाप्ति पर कुछ छात्रों द्वारा स्थानांतरण प्रमाण पत्र की मांग करने पर रिक्त सीटों की संख्या बढ़ सकती है।

     प्रवेश के लिए इच्छुक छात्र या उनके अभिभावक 3 अप्रैल तक विद्यालय में आकर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। प्रवेश हेतु आवेदन पत्र जिले के सभी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में भी उपलब्ध हैं। छात्र या अभिभावक जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भी 3 अप्रैल तक आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, कोरबा, जांजगीर, बिलासपुर, मुंगेली और रायगढ़ जिले के छात्र, अपने आवेदन सम्बंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अथवा विद्यालय में स्वयं उपस्थित होकर या डाक के माध्यम से 3 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं।

    प्रवेश परीक्षा शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 7 अप्रैल को 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक आयोजित की जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई से सम्बद्ध है,जहां हिंदी माध्यम से अध्ययन-अध्यापन होता है। इस विद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्रों के लिए निःशुल्क छात्रावास की सुविधा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। गणवेश के लिए शासन द्वारा निर्धारित राशि प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। बुक-बैंक योजना के अंतर्गत सभी छात्रों को पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रवेश के इच्छुक छात्रों और अभिभावकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया गया है। प्रवेश में सम्बन्ध में मार्गदर्शन के लिएछात्र या अभिभावक कार्यालयीन समय में मोबाइल नम्बर 8319861312 और 9406444644 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत जशपुर जिले में श्रमिकों के लिए विशेष पंजीयन शिविर, 27 मार्च तक 70 ग्राम पंचायतों में मिल रहा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने का अवसर

    प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत जशपुर जिले में श्रमिकों के लिए विशेष पंजीयन शिविर, 27 मार्च तक 70 ग्राम पंचायतों में मिल रहा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ने का अवसर

    श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने जशपुर जिले में विशेष पंजीयन शिविरों का आयोजन

    प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना अंतर्गत जिले के 70 ग्राम पंचायतों में 27 मार्च तक लगेंगे पंजीयन शिविर

    जशपुर : प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना अंतर्गत श्रमिकों के पंजीयन हेतु जिले के सभी विकासखंडों के तहत आने वाले ग्राम पंचायतों में 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा हैं। इन शिविरों में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत पंजीयन के साथ-साथ श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित अन्य योजनाओं के पंजीयन एवं नवीनीकरण का कार्य भी किया जाएगा। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार है। उन्होंने अधिक से अधिक श्रमिकों से शिविरों में पहुंचकर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

    जिले के सभी 8 विकासखंडों में शिविरों का आयोजन

    जशपुर विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को पीडी, 19 मार्च को आरा, 20 मार्च को बोकी और 23 मार्च को रातामाटी में आयोजित किए जाएंगे। इसी तरह विकासखंड मनोरा में 18 मार्च को खरसोता, 19 मार्च को जरिया में 20 मार्च को आस्ता में और 27 मार्च को ईराइ में आयोजित किए जाएंगे।

    बगीचा विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को पंडरीपानी, 19 मार्च को साहीडांड, 20 मार्च को नन्हेसर में और 23 मार्च को कुरकुरिया में किए जाएंगे। दुलदुला विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को सिमडा, 19 मार्च को सपघरा, 20 मार्च को गोडअम्बा में और 23 मार्च को जमटोली में आयोजित होगी। कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को नारायणपुर, 19 मार्च को जोकबहला, 20 मार्च को लोधमा में और 27 मार्च को चटकपुर में आयोजन किया जाएगा।

    फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को महुवाडीह, 19 मार्च को पंडरीपानी, 20 मार्च को बारो में और 27 मार्च को बांसाझाल में आयोजित किए जाएंगे।

    कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत 16 मार्च को बांसबहार, 19 मार्च को खारपानी में और 20 मार्च को चेटबा में आयोजित होंगे।

    पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत 18 मार्च को चंदागड, 19 मार्च को बुलडेगा, 20 मार्च को तिलडेगा में और 27 मार्च को फरसाटोली में आयोजित किए जाएंगे।