Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • नीमगांव बना जल संरक्षण की मिसाल: रोहित व्यास के मार्गदर्शन में ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को मिली गति—ग्रामीणों ने लिया हर बूंद बचाने का संकल्प, गांव में शुरू हुआ जनआंदोलन

    नीमगांव बना जल संरक्षण की मिसाल: रोहित व्यास के मार्गदर्शन में ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को मिली गति—ग्रामीणों ने लिया हर बूंद बचाने का संकल्प, गांव में शुरू हुआ जनआंदोलन

    नीमगांव ने लिया संकल्प : शुरू हुई जल संरक्षण की सार्थक पहल

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देशन में मोर गांव मोर पानी महाअभियान और जल जागृति जशपुर के तहत जल संकट की बढ़ती चुनौती को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण और संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे है।

     इसी तारतम्य में जशपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नीमगांव के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण का संकल्प लिया है। ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से गांव में जल संरक्षण की एक व्यापक पहल की शुरुआत की गई है।

    इस अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, तालाबों एवं कुओं की सफाई, 5% जल संरक्षण मॉडल तथा नए सोख्ता गड्ढों के निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं, सभी हैंड पंपों में सोखता गड्ढा निर्माण, नालियों की सफाई, रिचार्ज पिट, रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर ग्रामीणों को जल के महत्व के प्रति जागरूक करने और वर्षा जल के संरक्षण हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

    ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि “जल ही जीवन है, और इसके संरक्षण के बिना भविष्य की कल्पना संभव नहीं है। हम सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया है कि जल की एक-एक बूंद को बचाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेंगे। ग्राम पंचायत में जल संरक्षण हेतु सभी मिलकर प्रयासरत है, बारिश के पानी को सहेज के रखना हमारी जिम्मेदारी है।

    इस पहल में युवाओं, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, जिससे यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है।

    ग्राम पंचायत ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

    यह पहल न केवल नीमगांव को जल संकट से बचाने में सहायक होगी, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगी। नीमगांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जशपुर, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, तकनीकी सहायक, बी पी एम एन आर एल एम, विकासखंड समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सरपंच, सचिव, स्व सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • Breaking : जशपुर में पशुओं की रहस्यमयी मौतों से मचा हड़कंप ; पेट फूलने और खून बहने जैसे लक्षणों से बढ़ी दहशत, प्रशासन ने ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ पर जांच के दिए सख्त निर्देश

    Breaking : जशपुर में पशुओं की रहस्यमयी मौतों से मचा हड़कंप ; पेट फूलने और खून बहने जैसे लक्षणों से बढ़ी दहशत, प्रशासन ने ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ पर जांच के दिए सख्त निर्देश

    जशपुर में पशुओं की रहस्यमयी मौतों से हड़कंप: जांच के लिए प्रशासन अलर्ट, टीम गठित कर सैंपल संग्रह के निर्देश

    जशपुर : जिले में पशुओं की संदिग्ध मौतों के मामले ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जशपुर में लगातार सामने आ रहे मामलों को गंभीरता से लेते हुए पशु चिकित्सा विभाग ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

    कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा जारी आदेश के अनुसार विकासखंड कुनकुरी के अंतर्गत ग्राम रजौती, कलिया और कुरकुंगा में पशुओं के पेट फूलने तथा मृत्यु के बाद नाक से रक्तस्राव जैसे लक्षण सामने आए हैं। अब तक ऐसे तीन मामले दर्ज हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

    तत्काल जांच और सैंपल संग्रह के निर्देश

    विभाग ने वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारियों की टीम गठित कर संबंधित गांवों में मौके पर पहुंचकर मृत पशुओं की जांच, नमूना संग्रह और संभावित कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, विस्तृत जांच रिपोर्ट 16 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया है।

    सर्वोच्च प्राथमिकता” के साथ कार्रवाई

    आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लिया जाए। जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की उपस्थिति में सैंपल एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया जाएगा, ताकि बीमारी या किसी अन्य कारण का सही पता लगाया जा सके।

    बीमारी या संक्रमण की आशंका

    पशुओं में दिखाई दे रहे लक्षणों को देखते हुए किसी संक्रामक रोग या विषाक्तता की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि प्रशासन कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है और त्वरित जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

    ग्रामीणों में चिंता, प्रशासन की अपील

    लगातार हो रही पशु मौतों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी असामान्य लक्षण या घटना की तुरंत सूचना नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का बड़ा सवाल—क्या भारत कभी FIFA World Cup में बना पाएगा जगह? 1950 से अब तक की नाकामियों, गिरती रैंकिंग और कमजोर ढांचे पर तीखा विश्लेषण

    वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का बड़ा सवाल—क्या भारत कभी FIFA World Cup में बना पाएगा जगह? 1950 से अब तक की नाकामियों, गिरती रैंकिंग और कमजोर ढांचे पर तीखा विश्लेषण

    क्या हम कभी विश्व कप के लिए कर पाएंगे योग्यता हासिल ?

    फीफा विश्वकप 2026, 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में

    आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार व टी वी कमेंटेटर. रायपुर

    रायपुर : संसार के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबाल के विश्वकप का पहला आयोजन 1930 में हुआ। इस स्पर्धा को फीफा याने फ्रांसिसी भाषा में फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबाल एसोसिएशन द्वारा 23वीं बार आयोजित की जा रही है। द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण 1942 और 1946 में इस प्रतियोगिता को स्थगित रखा गया था। क्रिकेट में आईपीएल और अमेरिका, इजरायल विरूद्ध ईरान के बीच चल रही युद्ध की वजह से विश्वकप फुटबाल 2026के आयोजन की जानकारी मीडिया द्वारा कम से कम मिल पा रही है।

    विश्वकप फुटबाल चैंपियनशिप 1930 से लेकर अब तक कई दौर से गुजरी है। उरूग्व में खेले गये 1930 के पहले विश्वकप में 13 टीमों ने भाग लिया। 1934 से 1978 तक विश्व के 16 टीम,1982 से 1994 तक 24 टीम इसी तरह 1998 से 2022 तक 32 टीम, 1982 से 1994 तक 24 टीम, इसी तरह 1998 से 2022 तक 32 टीम और अब 2026 से 48 टीमों ने मुख्य ड्रा के लिए योग्यता हासिल कर लिया है। 2026 के टूर्नामेंट में चार टीम के 12 ग्रुप बनाये गये हैं। इसमें से सभी ग्रुप से प्रथम दो स्थान प्राप्त करने वाली टीम और ग्रुप में तीसरा स्थान रखने वाली सर्वश्रेष्ठ आठ टीम नॉक आउट दौर में प्रवेश करेगीको रखा गया है। इस तरह नाक आऊट राऊंड में 32 टीम पहुंचेगी। अब स्पर्धा 32 दिनों की अपेक्षा 39 दिवस में समाप्त होगी। विश्वकप फुटबाल 2026 में 64 की जगह 104 मैच खेले जायेंगे। तीन देशों में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसमें तीन देशों के सोलह शहरों में मैच खेले जाएंगे . इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में 11,कनाडा में 03 और मैक्सिको में 02 शहरों में मैच खेले जायेंगे। 13 जून 2018 को मास्को में संपन्न 68 वें फीफा कांग्रेस की

    बैठक में हुए मतदान के द्वारा संयुक्त राज्य, कनाडा, मैक्सिको को कुल उपस्थित 203 सदस्यों में से 134 मत मिले जबकि मोरोक्को को 65 मत मिले इस प्रकार 2026 के विश्वकप फुटबाल के आयोजन की समस्या कर हल निकल आया। इसमें तीन टीम मेजबान यूरोप से 16 टीम,अफ्रीका से 10, एशिया से 09, दक्षिण अमेरिका से 06.उत्तर मध्य अमेरिका तथा केरेबियन से 03 तथा ओशिआनिया से 01 टीम का चयन हुआ है। 23 वें फीफा विश्वकप के लिए योग्यता पाये हुए 48 देशों में भारत का नाम नहीं होना बेहद निराशाजनक है। भारतीय फुटबाल टीम ने विश्वकप के लिए सिर्फ एक बार 1950 में योग्यता हासिल की थी जिसमें में किसी कारणवश वह भाग लेने में असफल हुई हालांकि एक समय भारतीय फुटबॉल टीम दुनिया की प्रमुख टीम मानी जाती थी वह समय था जब भारतीय फुटबाल टीम 1956 के मेलबोर्न ओलंपिक खेलों में सेमीफायनल तक पहुंचकर चौथे स्थान पर रही थी। इसके अलावा 1962 में भारतीय टीम ने एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक तथा 1970 में कांस्य पदक जीता था।1970 के बाद भारतीय फुटबाल टीम में काफी गिरावट आई यह एक गंभीर चिंता का विषय है। 1890 के बाद से 1990 तक एक अवधि थी जब भारत के गांव- गांव में फुटबाल खेला जाता था क्योंकि इस खेल में कोई ज्यादा खर्च नहीं था। एक गेंद, चार पोल और अधिकतम 100×120 फुट का समतल मैदान गांव- गांव में मिल जाता था। भारत में फुटबाल की लोकप्रियता में कमी के लिए खेल प्रशासकों और खेल संघ के पदाधिकारियों को दोषी जरूर ठहराया जाता है परंतु समाज में इस खेल को लेकर आई उदासीनता भी बहुत बड़ा कारण है।फरवरी 1996 में भारत को विश्व में सबसे अच्छी 94वीं रेकिंग प्राप्त थी परंतु आज अप्रैल 2026 में उसकी 136 वीं रेकिंग है। वैसे मार्च 2015 में भारत की रैंकिंग 173 वीं थी जो अब तक सबसे खराब प्रदर्शन रहा। दूसरी तरफ एक अप्रैल 2026 को फीफा द्वारा जारी पुरुषों की रैंकिंग सूची में भारत 46 एशियाई देशों में 25 वें स्थान है रही बात विश्व कप के मुख्य ड्रॉ में स्थान पाने की तो एशिया महाद्वीप से योग्यता प्राप्त 09 देशों में एशिया में 23 वें नम्बर पर काबिज कुवैत ने अपनी प्रतिभा के डी पर अन्य 14 देशों को पीछे छोड़ते हुए 2026 के विश्वकप के मुख्य ड्रॉ में स्थान बना लिया है। फुटबाल को भारत में पुन: स्थापित करने के लिए सबसे पहले अभिभावकों और बच्चों, किशोरों में इस खेल के प्रति लगाव बढ़ाना होगा। शाला में अध्ययन के साथ- साथ फुटबाल टीम का चयन करके उनके बीच मुकाबला करवाना होगा। इसके अलावा जिस तरह दक्षिण अमेरिका महाद्वीप और यूरोप महाद्वीप में फुटबाल क्लब का गठन करके उन्हें उचित सुविधा दी जाती है वैसे ही मदद, मार्गदर्शन दिलाना होगा। फुटबाल के क्लबों के बीच साल भर प्रतियोगिता का आयोजन करके फुटबाल की लोकप्रियता पुन:बढ़ाई जा सकती है। विश्वकप के कुछ प्रमुख मैच तथा क्वार्टर फायनल से फायनल तक के मैच को विभिन्न शहरों में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर बड़े स्क्रीन पर दिखाना चाहिए साथ ही साथ यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत के प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन में विश्वकप के मुकाबले को ग्रामवासियों को दिखाया जाना चाहिए। फिर खिलाड़ियों का चयन निष्पक्ष हो उन्हें उचित प्रशिक्षण मिले तो फुटबॉल में विश्व स्तर पर भारत के सुनहरे दिन आने से कोई नहीं रोक सकता।

  • महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई मंजू भगत: हर महीने ₹1000 की सहायता ने बदली जिंदगी, घर के खर्च से बच्चों की पढ़ाई तक—आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई मिसाल

    महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई मंजू भगत: हर महीने ₹1000 की सहायता ने बदली जिंदगी, घर के खर्च से बच्चों की पढ़ाई तक—आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई मिसाल

    मंजू भगत के जीवन में महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, घर के जरूरी सामग्री खरीदने में करती है खर्च

    जशपुर : महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में बेहतर परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रति माह 1000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। ग्राम पंचायत जोकारी की श्रीमती मंजू भगत भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं।

    वे बताती हैं कि प्राप्त राशि से उनके परिवार के दैनिक खर्चों में सहायता मिलती है। वे किराना सामग्री खरीदने, बच्चों की शिक्षा में सहयोग, तथा स्वयं के छोटे-मोटे आवश्यक खर्चों पर उपयोग करती हैं। योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ा है।

  • मनरेगा से बदली तस्वीर: डबरी बनी किसान मधुसूदन की स्थायी आय का मजबूत आधार, जल संरक्षण के साथ हर साल 2.2 लाख तक की कमाई—जशपुर में 480 डबरी निर्माण से सैकड़ों किसानों को लाभ

    मनरेगा से बदली तस्वीर: डबरी बनी किसान मधुसूदन की स्थायी आय का मजबूत आधार, जल संरक्षण के साथ हर साल 2.2 लाख तक की कमाई—जशपुर में 480 डबरी निर्माण से सैकड़ों किसानों को लाभ

    डबरी बना मधुसूदन के स्थायी आजीविका का आधार

    जशपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को दिया जा रहा बढ़ावा

    480 आजीविका डबरी किया गया निर्माण

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को खेती करने के लिए पर्याप्त पानी मिले इसके लिए भी सार्थक प्रयास किया जा रहा है। किसानों के खेतों में आजीविका के लिए डबरी निर्माण भी किया गया है।

    इससे न केवल जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि किसानों को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। डबरी निर्माण के बाद नियमित आय प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। जिससे डबरी आजीविका का स्थाई साधन बन गया है।

    इसी क्रम में विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी मधुसूदन पिता भादो द्वारा अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर लगभग 220000 हजार रूपये की अतिरिक्त वार्षिक आमदनी प्रतिवर्ष अर्जित कर रहा है। मधुसुदन को ग्राम पंचायत बैठक से जानकारी मिला कि मनरेगा योजना अंतर्गत छोटे किसानों की निजी भूमि पर आजीविका डबरी का निर्माण किया जाता है। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होने अपनी कृषि भूमि में डबरी का निर्माण का निर्णय लिया एवं मनरेगा योजनान्तर्गत उस के खेत में 2.85 लाख रूपये की लागत से डबरी स्वीकृत हुआ और कार्य शीघ्र प्रारंभ किया गया। डबरी निर्माण कार्य के दौरान 52 जाब कार्डधारी परिवारों के 271 श्रमिकों को रोजगार मिला जिससे कुल 1565 मानव दिवस का सृजन हुआ।

    मनरेगा से बदला किसान का जीवन

    डबरी निर्माण के पश्चात मधुसूदन ने डबरी से लगे हुए लगभग 80 डिसमिल जमीन में उद्यानिकी फसलों के रूप में टमाटर, फूल गोभी, मिर्च आदि का खेती कर इससे लगभग 150000 की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही इनके द्वारा डबरी में मछली पालन के लिये मछली बीज का संचयन कर मछली पालन से प्रतिवर्ष लगभग 70000 हजार रूपए की अतिरिक्त आय हुआ। आजीविका डबरी ने मधुसूदन के लिये आय का स्थाई एवं मजबूत आधार तैयार किया है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिये प्रेरणा स्त्रोत है जो मनरेगा योजना के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकते है।

     उल्लेखनीय है कि मनरेगा योजना से जिले में 480 आजीविका डबरी का निर्माण किया गया है। डबरी निर्माण का उद्देश्य जल संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना, भूमिगत जल स्तर में वृद्धि करना, खेती के लिए सिंचाई की व्यस्था करना,आजीविका हेतु पौध रोपण, मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और किसानों को बागवानी गतिविधियों में जोड़ना है।

  • अग्निवीर भर्ती की तैयारी अब आसान: Indian Army में शामिल होने का सुनहरा मौका—जशपुर के युवाओं को मिलेगी निःशुल्क कोचिंग, रोजगार विभाग ने शुरू किए ऑनलाइन आवेदन

    अग्निवीर भर्ती की तैयारी अब आसान: Indian Army में शामिल होने का सुनहरा मौका—जशपुर के युवाओं को मिलेगी निःशुल्क कोचिंग, रोजगार विभाग ने शुरू किए ऑनलाइन आवेदन

    अग्निवीर भर्ती हेतु दिया जाएगा निःशुल्क कोचिंग

    रोजगार कार्यालय के दिए गए वेबसाईट में कर सकते है ऑनलाइन आवेदन

    कोचिंग के लिए रोजगार कार्यालय का पंजीयन होना अनिवार्य

    जशपुर : रोजगार अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा दिनांक 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा (CEE) आयोजित किया जाना संभावित है।

    भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों को छ०ग० रोजगार विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। अतः जो आवेदक लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्राप्त करना चाहते है वे भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन पश्चात रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in पर “अग्निवीर भर्ती 2028 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण कि ऑनलाईन आवेदन आवेदन पर Click कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सहित आवेदन छ०ग० रोजगार विभाग को प्रेषित कर सकते है। आवेदक को लिखित परीक्षा हेतु प्रशिक्षण के लिए ऑनलाईन आवेदन करने के पूर्व “रोजगार कार्यालय में पंजीयन करवाना अनिवार्य होगा।

  • खरीफ 2026 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: रोहित व्यास के निर्देश पर जशपुर में संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेष जोर, नैनो यूरिया-डीएपी से लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा अभियान

    खरीफ 2026 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: रोहित व्यास के निर्देश पर जशपुर में संतुलित उर्वरक उपयोग पर विशेष जोर, नैनो यूरिया-डीएपी से लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ा अभियान

    जशपुर जिले में खरीफ वर्ष 2026 की तैयारी जोरो पर : कृषि विभाग द्वारा खरीफ में विभिन्न फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु किसान भाईयों को दी जा रही जानकारी

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार खरीफ वर्ष 2026 की तैयारी कृषि विभाग द्वारा किया जा रहा है।

    विभाग द्वारा किसान भाईयों से अपील किया गया है की खरीफ 2026 में विभिन्न फसलों में संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु विभिन्न विकल्पो की जानकारी इंदिरागांधि कृषि विश्व विद्यालय रायपुर में किये गये प्रयोग के आधार पर किसान भाई फसलों में नत्रजन की पूर्ति के लिए तरल नैनो युरिया का उपयोग, 4 मि.लीटर नैनो युरिया प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 40-45 एवं 55-60 दिनो पर दो बार छिड़काव करने पर नत्रजन उर्वरक की मात्रा में 25 प्रतिशत की कमी की

    जा सकती है।

    किसान भाई फासफोरस की पूर्ति के लिए तरल नैनो डीएपी 08 प्रतिशत नत्रजन एवं 16 प्रतिशत स्फुर का उपयोग 05 मि.लीटर नैनो डीएपी प्रति किलो बीज की दर से बीजोपचार तथा 2 मि.लीटर नैनो डीएपी प्रति लीटर की दर से घोल बनाकर फसल में 30 दिन पर 1 बार छिड़काव करने पर फासफोरस उर्वरक की मात्रा में 25 प्रतिशत की कमी की जा सकती है। संतुलित उर्वरक का उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्व विद्यालय रायपुर द्वारा की गई अनुशंसा का पोस्टर/फ्लैक्सी प्रचार-प्रसार हेतु सहकारी समिति एवं डबल लॉक केन्द्रों में चस्पा किया जा रहा है।

    जिले को खरीफ सीजन 2026 हेतु कुल सहकारी एवं निजी संस्थाओं हेतु 25675.00 मे.टन रसायनिक उर्वरक का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। वर्तमान में जिले में कुल 8446.02 मे.टन डबल लॉक एवं सहकारी समितियो में उपलब्ध है। किसानो को उनके धारित भूमि के आधार पर रसायनिक उर्वरक का वितरण हेतु सॉफटवेयर तैयार किया जा रहा है। फार्मर आई डी का कार्य प्रगति पर है। भविष्य मेें फार्मर आई के आधार पर ही रसायनिक खाद वितरण किया जावेगा।

    उत्पादन हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र में 06 व शासकिय कृषि प्रक्षेत्र सुसडेगा में 10 टांका का निर्माण किया जा रहा है। जिले में कुल 1600 किसानों के द्वारा हरी खाद हेतु 160 क्विं. बीज 800 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए बीज की मांग किया गया है। हरी खाद के उपयोग से नत्रजन की आवश्यकता को पूरा किया जावेगा। सहकारी एवं निजी विक्रय केन्द्रोे के सतत निगरानी हेतु दल गठन किया गया है। ताकि कृषकों को उचित मूल्य पर कृषि आदान सामग्री प्राप्त हो। तथा अनियमिता पाये जाने पर गठित दल द्वारा कार्यवाही की जावेगी। उर्वरकों के साथ किसी भी सामग्री (नैनो उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशक, वृद्धि कारक हॉर्मोन आदि) को दबावपूर्वक सम्बद्ध कर किसान को क्रय हेतु बाध्य ना किया जावेगा। जिले में अनुदान प्राप्त उर्वरक का डायवर्सन या गैर कृषि कार्यो में उपयोग नहीं किया जा रहा है। यदि डायवर्सन या गैर कृषि कार्यो में उपयोग करते पाये जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत कार्यवाही की जावेगी।

  • कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में डी.डब्ल्यू.एस.एम. की अहम बैठक सम्पन्न: पहाड़ी कोरवा और ‘धरती आबा’ योजना के कार्यों को मिली मंजूरी, जल योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान के सख्त निर्देश

    कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में डी.डब्ल्यू.एस.एम. की अहम बैठक सम्पन्न: पहाड़ी कोरवा और ‘धरती आबा’ योजना के कार्यों को मिली मंजूरी, जल योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान के सख्त निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में विगत दिवस 13 अप्रैल को जिला स्तरीय डी.डब्ल्यू.एस.एम. की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें  विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं “धरती आबा” योजना के प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से किया गया तथा ठेकेदारों को शासन के निर्देशानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु विभाग को निर्देशित किया गया। साथ ही पंप ऑपरेटर की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कराने के लिए पंचायतों को शासन द्वारा निर्धारित राशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए तथा  केवल जलप्रदाय योजनाओ में भुगतान किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • जशपुर क्राइम ब्रेकिंग : 3 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा बना लाखों की ठगी का जाल: ‘Hedgexfund’ के नाम पर गांव-गांव फैला नेटवर्क, बगीचा–सन्ना के भोले-भाले ग्रामीण बने शिकार, पुलिस ने छापा मारकर 6 ठगों को दबोचा—खुलासे से मचा हड़कंप

    जशपुर क्राइम ब्रेकिंग : 3 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा बना लाखों की ठगी का जाल: ‘Hedgexfund’ के नाम पर गांव-गांव फैला नेटवर्क, बगीचा–सन्ना के भोले-भाले ग्रामीण बने शिकार, पुलिस ने छापा मारकर 6 ठगों को दबोचा—खुलासे से मचा हड़कंप

    पीड़ित प्रार्थिया उर्मिला बाई की रिपोर्ट पर थाना बगीचा में आरोपियों के विरुद्ध भा. द. वि. की धारा 420,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध

    रुपए दुगुने होने के लालच में कई ग्रामीणों ने लगाए थे रुपए, कंपनी बंद होने पर हुआ ठगी का अहसास

    मामले में पुलिस की जांच जारी, बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या, ठगी की रकम लाखों में होने की संभावना

    पुलिस ने आरोपी शिवशंकर राम के कब्जे से टोयोटा टायजर कार क्रमांक jH – 01FU –9460 को भी जप्त किया है।

    जशपुर : दिनांक 10.04.26 को प्रार्थिया उर्मिला बाई उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम कापू टोली, थाना सन्ना जिला जशपुर (छ. ग) के द्वारा थाना बगीचा में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2023 में उसकी जान पहचान, थाना लोदाम क्षेत्रांतर्गत ग्राम रूपसेरा भलमंडा निवासी आरोपी कलेश्वर राम व मीनी बाई जो कि पति पत्नी है, से हुई थी, जो कि कुछ दिनों के पश्चात अन्य आरोपी शिवशंकर राम, निवासी ग्राम घाघरा थाना सन्ना व नीरा सिंह निवासी दरबारी टोली जशपुर के साथ, प्रार्थिया की मां चंद्रमणि बाई के थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत ग्राम महादेवदांड में स्थित घर में आए और प्रार्थिया की मां को बताया कि वे लोग hedgexfund नामक नेटवर्क कंपनी में काम करते हैं, व जशपुर जिले के ही स्थाई निवासी हैं, इस प्रकार प्रार्थिया की मां को झांसे में लेते हुए विश्वास दिलाया कि उक्त नेटवर्क कंपनी में रुपए निवेश करिए, जो कि 03 माह के अंदर उनका रुपया दोगुना हो जाएगा, यदि रुपए दुगना नहीं होता है तब उनके द्वारा ब्याज के साथ निवेशित रुपए की भरपाई कर दी जायेगी, जिस पर प्रार्थिया की मां उनके झांसे में आ गई,। आरोपियों के द्वारा महादेव डांड गांव के ही उमेश राम, विवेक सिंह व खुद प्रार्थिया के कापू टोली स्थित घर में बार बार आकर, उन्हें नेटवर्क कंपनी में रुपए दुगने करने का लालच देकर निवेश करने हेतु झांसे में ले लिया गया। इस प्रकार प्रार्थिया के द्वारा वर्ष 2023 में 20000रु,10.01.2024 को 1लाख रु व दिनांक 19.01.24 को 50 हजार रुपए, कुल 1लाख 70 हजार रु उक्त आरोपियों को नगद व फोन पे के माध्यम से दिया गया था। प्रार्थिया की मां चंद्रमणि बाई के द्वारा भी आरोपियों को 15.02.24 को 40 हजार रु दिया गया था। रुपए लेने के बाद आरोपियों के द्वारा प्रार्थिया व अन्य पीड़ितों को उनके नाम से hedgexfund के वॉलेट में आई डी, पासवर्ड बनाकर दिया गया था, जिसमें लॉग इन करने पर रुपए डॉलर में दिखाता था। कुछ दिनों के बाद उक्त वॉलेट बंद हो गया, जिस पर ठगी का अहसास होने पर प्रार्थिया के द्वारा आरोपियों से अपने रु मांगने पर उनके द्वारा टाल मटौल किया जाने लगा। आरोपियों के द्वारा थाना सन्ना व बगीचा क्षेत्रांतर्गत कई ग्रामीणों से hedgexfund नेटवर्क कंपनी के माध्यम से रुपए दुगुने करने का लालच देकर ठगी किया गया है।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पीड़ित प्रार्थिया की रिपोर्ट पर तत्काल थाना बगीचा में ठगी के लिए भा द वि की धारा 420,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

    विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए मामले से जुड़े छः आरोपियों क्रमशः 1. शिवशंकर राम उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम घाघरा, थाना सन्ना जिला जशपुर (छ. ग)।

    2. मीनी बाई उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम रूपसेरा भलमंडा थाना लोदाम जिला जशपुर (छ. ग)।

    3. कालेश्वर राम उम्र 48 वर्ष निवासी ग्राम रूपसेरा भलमंडा थाना लोदाम जिला जशपुर (छ. ग)।

    4. अनिल लकड़ा उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम जरिया बरटोली, चौकी मनोरा, थाना सिटी कोतवाली जशपुर (छ .ग)।

    5. शिवनाथ राम उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम दमेरा रायकोना, थाना सिटी कोतवाली जशपुर छ. ग।

    6. नीरा सिंह उम्र 36 वर्ष निवासी दरबारी टोली जशपुर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर जिला जशपुर (छ. ग)। को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    पुलिस की पूछताछ पर अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त सबूत पाए जाने पर मामले से जुड़े पांच आरोपियों क्रमशः – मीनी बाई , कालेश्वर राम , अनिल लकड़ा, शिवनाथ राम उम्र, नीरा सिंह उम्र 36 वर्ष को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। व मुख्य संदिग्ध आरोपी शिवशंकर राम उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम घाघरा, थाना सन्ना जिला जशपुर (छ. ग) का पुलिस रिमांड लिया गया है। जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है, मामले में पुलिस की जांच जारी है व पीड़ितों तथा ठगी की रकम बढ़ सकती है, प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी पुलिस कठोर वैधानिक कार्यवाही करेगी। पुलिस ने आरोपी शिवशंकर राम के कब्जे से टोयोटा टायजर कार क्रमांक jH – 01FU -9460 को भी जप्त किया है।

    मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में एस डी ओ पी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार कामरे, नरेश मिंज व महिला आरक्षक लीलावती यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि बगीचा क्षेत्रांतर्गत नेटवर्किंग कंपनी में रुपए निवेश पर रुपए दुगुने करने का लालच देकर ठगी के मामले में पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, एक मुख्य आरोपी की पुलिस रिमांड ली गई है, जिससे पूछताछ की जा रही है, पुलिस की जांच जारी है, जांच के दौरान पीड़ितों व ठगी की रकम बढ़ने की संभावना है, ठगी में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा।

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    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि  उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।