लाल किले से उठी जनजातीय स्वाभिमान की हुंकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— प्रकृति संग जीने की कला दुनिया को सिखा सकता है आदिवासी समाज

लाल किला मैदान से गूंजा जनजातीय गौरव का स्वर राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – जनजातीय समाज दुनिया को सिखा सकता है प्रकृति संग विकास भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर राष्ट्रीय समागम में देशभर से जुटे हजारों जनजातीय प्रतिनिधि जनजातीय भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने दिया विशेष जोर जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सबसे प्राचीन और जीवंत स्वरूप – मुख्यमंत्री श्री साय नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में रविवार को…

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8848 मीटर ऊंची एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा लहराने वाली अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार अलर्ट, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा

माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य लाभ हेतु राज्य सरकार सजग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर : जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प…

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पहाड़ी कोरवा महिला रोन्ही की जिंदगी में प्रशासन ने भरी नई उम्मीद, जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में मिला आयुष्मान कार्ड, टूटी इलाज की चिंता की बेड़ियां

जनजातीय गरिमा उत्सव ने बदली पहाड़ी कोरवा रोन्ही की जिंदगी शिविर में मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच, आयुष्मान कार्ड मिलने से दूर हुई इलाज की चिंता जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान से वनांचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही सुशासन की रोशनी रायपुर : शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल कागजी सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव की एक नई सुबह लेकर आती हैं, जिनमें पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत…

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पहाड़ी कोरवा अंचल में सुशासन की नई मिसाल, जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से पतरापारा और बराहनगर में ग्रामीणों को मिला एक ही छत के नीचे सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ

जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से वनांचल में सुशासन- पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिली बड़ी राहत एक ही छत के नीचे जुटे सभी विभाग, दर्जनों प्रमाण पत्र जारी, सैकड़ों ग्रामीणों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण रायपुर : सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और विकास…

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बलौदाबाजार में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर प्रकृति संरक्षण का महाअभियान, संगोष्ठी, पौधरोपण और सीड बॉल निर्माण से गूंजे वनांचल क्षेत्र

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन, जनसहभागिता से गूंजा बलौदाबाजार जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर वनमण्डल अंतर्गत परिक्षेत्रों में हुए आयोजन संगोष्ठी, चित्रकला, शपथ ग्रहण और सीड बॉल निर्माण के जरिए आमजन को दी गई सीख रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई) पर पूरे देश में प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बलौदाबाजार के वनमण्डलाधिकारी ने कहा कि हम सभी जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन का सामूहिक संकल्प लें…

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देवपुर नेचर कैंप में बच्चों ने सीखा जंगल और जीवन का अनोखा रिश्ता, ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग और एडवेंचर गतिविधियों से गूंजा अभयारण्य

देवपुर में समर कैंप का आयोजन- बच्चों ने प्रकृति के सानिध्य में सीखा टीम भावना और रोमांच का पाठ बारनवापारा अभयारण्य के देवपुर नेचर कैंप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल जंगल ट्रेक, बर्ड वाचिंग, सिरपुर का ऐतिहासिक भ्रमण और पारंपरिक औषधीय ज्ञान बना मुख्य आकर्षण रायपुर : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के वारनवापारा अभ्यारण्य के पास देवपुर में बच्चों के लिए विशेष नेचर कैंप का आयोजन किया गया है। नौतपा से पहले आयोजित इस समर नेचर कैंप में बच्चों ने रोमांच के साथ-साथ…

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ड्रिप सिंचाई और आधुनिक तकनीक ने बदली किसान की किस्मत, ग्राफ्टेड बैंगन से प्रति एकड़ 155 क्विंटल उत्पादन कर लाखों कमा रहे नवीन साव

कृषि में नवाचार की मिसाल- ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लाखों की आय अर्जित कर रहे कृषक नवीन परंपरागत धान के बदले उद्यानिकी को अपनाया, प्रति एकड़ उत्पादन 21 क्विंटल से बढ़कर हुआ 155 क्विंटल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के समन्वय से बदली किसान की तकदीर रायपुर : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती पारंपरिक विधि की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है, जिससे पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और…

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नारायणपुर के ग्रामीण अंचलों में गूंजा ‘विकसित कृषि संकल्प’, आधुनिक और प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भर बन रहे वनवासी किसान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नारायणपुर के दूरस्थ वनांचलों में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए एक बड़ा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) नारायणपुर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न विकासखंडों और सुदूर ग्रामीण अंचलों में 5 मई से 20 मई 2026 तक ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का व्यापक आयोजन किया गया। इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिले के बावड़ी, करलाखा, कोडोली, कोखमेड़ा, बेनूर, इराकभट्टी, देवगांव, रेमावंड, कंदाड़ी, कुदला, महिमागवाड़ी, झारावाही, धनोरा, नेदनार, बरेहबेड़ा, नेलांगुर, पदमकोट, कुरुसनार, बासिंग, कच्चापाल,…

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सफलता की कहानी – नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के पास ‘इन्द्रावती समूह’ की महिलाएँ मुर्गी पालन से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत

रायपुर : छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुँचाने वाली ‘नियद नेल्लानार योजना’ अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। यहाँ की महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। प्रशासन का सहयोग, महिलाओं का हौसला  प्रशासन के कुशल निर्देशन में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम कच्चापाल…

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जनजातीय गरिमा उत्सव : सारंगढ़ में जनजातीय कारीगर हैंडीक्राफ्ट मेला आयोजित, झारा शिल्प और बेलमेटल उत्पाद रहे आकर्षण का केंद्र

रायपुर : जनजातीय संस्कृति और शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के अंतर्गत सारंगढ़ के साहू धर्मशाला में एक भव्य हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) वस्तु प्रदर्शनी सह विक्रय मेले का आयोजन किया गया। ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) द्वारा आयोजित इस मेले में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के, विशेषकर ग्राम बैगीनडीह के जनजातीय कारीगरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।  ग्राम बैगीनडीह का झारा शिल्प  इस मेले में ग्राम बैगीनडीह के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए झारा शिल्प और बेलमेटल…

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