Category: छत्तीसगढ

  • छत्तीसगढ़ के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने IISD–स्वनिति इनिशिएटिव की ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट का विमोचन, कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ पर गहन चर्चा

    छत्तीसगढ़ के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने IISD–स्वनिति इनिशिएटिव की ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट का विमोचन, कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ पर गहन चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आईआईएसडी–स्वनिति इनिशिएटिव की ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट का किया विमोचन

    कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’ पर विस्तृत चर्चा, राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लिए ठोस कदमों पर बल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव के शोधकर्ताओं ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट “मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़” का विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने शोधकर्ताओं के साथ राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा  के प्रसार, ऊर्जा सुरक्षा, और सतत विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता संबंधी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों की ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी’ पर आधारित एक व्यापक इंडेक्स प्रस्तुत किया, जिसमें यह दर्शाया गया कि पारंपरिक कोयला आधारित क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’—अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव—कितना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह इंडेक्स पुराने कोयला क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार संरचना, और वैकल्पिक आजीविका के अवसरों का महत्वपूर्ण संकेतक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा ऊर्जा विभाग के सचिव श्री रोहित यादव उपस्थित थे।

  • बिलासपुर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने पूरे किए गौरवपूर्ण तीन वर्ष; उच्च गति, आधुनिक सुविधाओं और शत-प्रतिशत विश्वसनीय संचालन का अनोखा रिकॉर्ड

    बिलासपुर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने पूरे किए गौरवपूर्ण तीन वर्ष; उच्च गति, आधुनिक सुविधाओं और शत-प्रतिशत विश्वसनीय संचालन का अनोखा रिकॉर्ड

    बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस: सफलता के तीन गौरवपूर्ण वर्ष

    बिलासपुर : भारतीय रेलवे की आधुनिकतम और श्रेष्ठतम वंदे भारत एक्सप्रेस, जो बिलासपुर और नागपुर के मध्य संचालित होती है, ने अपने तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रतिष्ठित ट्रेन को तीन वर्ष पूर्व आज ही के दिन हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया था। यह गाड़ी अपनी उच्च गति, आधुनिक सुविधाओं और समयबद्ध संचालन के लिए प्रसिद्ध है।

    3 वर्षों के इस गौरवशाली अवसर पर कोचिंग डिपो बिलासपुर ने पूरे उत्साह के सभी कोचों को तिरंगे गुब्बारों से सुंदर रूप से सजाया गया, जिससे सम्पूर्ण परिसर में राष्ट्रीय गौरव और उल्लास का वातावरण निर्मित हुआ। यह सजावट यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी और इस उपलब्धि का प्रतीकात्मक सम्मान भी।”

    बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत ने इस साल मार्च मैं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की पहली ISO 9001:2015 सर्टिफाइड ट्रेन बनने का खिताब भी अपने नाम करवाया है । जो उच्चतम गुणवत्ता मानकों, उत्कृष्ट प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री संतुष्टि का प्रमाण है । यह उपलब्धि न केवल इस ट्रेन की विश्वसनीयता को बढ़ाती है, बल्कि भारतीय रेलवे की नवाचार और सेवा सुधार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

    इस वंदे भारत रेक का रखरखाव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोचिंग डिपो, बिलासपुर में किया जा रहा है । कोचिंग डिपो बिलासपुर के अधिकारियों , सुपरवाइजर और कर्मचारियों ने नई तकनीक से युक्त इस वंदे भारत रेक के संचालन में अपने कौशल, ज्ञान और अनुभव का प्रदर्शन करते हुए इसे पूरी दक्षता के साथ संचालित किया है । पिछले तीन वर्षों में इस ट्रेन ने बिना किसी तकनीकी समस्या के सुचारु और निर्बाध रूप से अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं ।

    पिछले वर्ष इस वंदे भारत रेक का प्रथम शॉप शेड्यूल-1 कोचिंग डिपो बिलासपुर में सफलतापूर्वक पूरा किया गया । इस उपलब्धि के साथ कोचिंग डिपो बिलासपुर भारतीय रेल का पहला कोचिंग डिपो बन गया, जिसने यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया ।

    बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों के सफर को न केवल आरामदायक और सुरक्षित बनाया है, बल्कि यात्रा समय को भी उल्लेखनीय रूप से कम किया है । यह गाड़ी लगभग 412 किलोमीटर की दूरी को केवल 5.5 घंटे में तय करती है । इसमें उत्कृष्ट बैठक व्यवस्था, वाई-फाई, इन्फोटेनमेंट प्रणाली और ऑटोमैटिक दरवाजों जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    यह ट्रेन न केवल व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि क्षेत्रीय समृद्धि में भी योगदान दे रही है । वंदे भारत एक्सप्रेस ने अपने यात्रियों के हृदय में विशिष्ट स्थान बनाया है । समयबद्ध संचालन और उत्कृष्ट सेवा यात्रियों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं ।

    बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ने अपने तीन वर्षों के गौरवशाली सफर में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं । यह ट्रेन भारतीय रेलवे के सुनहरे भविष्य की प्रतीक बनी रहेगी।

  • आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर में आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी—एसी क्लासरूम, मॉड्यूलर लैब और स्मार्ट लाइब्रेरी की बनेगी नई पहचान

    आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर में आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी—एसी क्लासरूम, मॉड्यूलर लैब और स्मार्ट लाइब्रेरी की बनेगी नई पहचान

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक संपन्न

    रायपुर : शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की 24 वीं बैठक आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में महाविद्यालय में आयोजित की गई। आज की बैठक में संस्था के छात्र – छात्राओं से जुड़े विभिन्न सुविधाओं की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में महाविद्यालय के कक्षाओं को वातानुकूलित करने, फर्नीचर की खरीदी तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं में माड्यूलर लैब लगाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा  छात्रों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस खरीदने तथा पुस्तकालय को स्मार्ट बनाने आर‌एफ‌आईडी सिस्टम लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

     बैठक में महाविद्यालय के विभिन्न भवनों का नामकरण आयुर्वेद के आचार्यों के नाम पर करने की सहमति देते हुए चिकित्सालय में 200 किलोवाट के डीजल जेनरेटर सेट लगाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

            स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए महाविद्यालय चिकित्सालय हेतु आवश्यक मशीनो एवं उपकरणों सहित अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए वो तत्पर  हैं और उनकी बेहतर शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी प्रतिबद्ध हैं। बैठक में  विभागीय सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक आयुष सुश्री संतन जांगड़े,  प्राचार्य डॉ. प्रवीण जोशी, रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।

  • “सेवा भाव से बनाइए अपनी साख”—स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुर्वेद छात्रों को दिया मानवीय चिकित्सा का मंत्र

    “सेवा भाव से बनाइए अपनी साख”—स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुर्वेद छात्रों को दिया मानवीय चिकित्सा का मंत्र

    सेवा भाव से बनाइए लोगों के बीच अपनी साख: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला: श्याम बिहारी जायसवाल

    रायपुर : “आयुर्वेद की विधा विश्व की सबसे पुरानी विधा है और आयुर्वेद पद्धति में सभी रोगों की दवा मौजूद है, यही वजह है कि इसका जिक्र वेदों और पुराणों में भी है। आप सभी ऐसा सेवा भाव दिखाइए की लोगों के बीच आपकी स्वाभाविक साख बने क्योंकि आयुर्वेद सिर्फ एक विषय नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला भी है।”

    यह बातें स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधारी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों से कहा। उन्होंने कहा कि आप सभी भविष्य के चिकित्सक हैं इसलिए ऐसा इलाज करिएगा की लोग आयुर्वेद के प्रति आकर्षित हों और खुद आपके पास चलकर आएं।

    इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से खुलकर चर्चा भी की और अपनी मांगों को भी रखा। उनकी बातें सुनकर स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेद महाविद्यालय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने तथा संसाधनों को लगातार बेहतर करते रहने का आश्वासन दिया।

    श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भ्रमण भी किया और विभिन्न विषयों के प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए प्रयोगशाला रीढ की हड्डी के समान है जिसकी वजह से आपका पूरा ज्ञान निखरकर सामने आता है।

    इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुष विभाग की संचालक सुश्री संतन देवी जांगड़े , महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जोशी समेत आयुष विभाग के अधिकारी तथा महाविद्यालय के अध्यापक उपस्थित थे।

  • शीतलहर के बीच हृदय आपातकाल पर हाई अलर्ट: अम्बेडकर अस्पताल में 10 दिन में 83 हार्ट प्रक्रियाएँ, मरीजों को 24×7 निःशुल्क जीवनरक्षक सेवाएँ

    शीतलहर के बीच हृदय आपातकाल पर हाई अलर्ट: अम्बेडकर अस्पताल में 10 दिन में 83 हार्ट प्रक्रियाएँ, मरीजों को 24×7 निःशुल्क जीवनरक्षक सेवाएँ

    डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर

    10 दिन में 83 हार्ट प्रक्रियाएँ, हृदय रोगियों की सेवा के लिए कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर

    विगत दिनों हार्ट इमरजेंसी बढ़ने पर अम्बेडकर अस्पताल ने समय पर दी जीवनरक्षक सेवाएँ

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में इन दिनों शीतलहर का दौर जारी है, जिसके कारण हृदयघात (हार्ट अटैक) के मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए अम्बेडकर अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर है। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों, हृदय रोगियों सहित अन्य किसी को भी हार्ट अटैक का जोखिम अधिक रहता है, ऐसे में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

       डॉ. सोनकर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हृदय रोग विभाग में 24 घंटे त्वरित एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर हृदयघात के मरीजों के लिए आपात एंजियोप्लास्टी की व्यवस्था भी निरंतर जारी है।

    तीन ज़िंदगियाँ बचीं

     एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 10 दिनों में आपातकालीन अवस्था में आए 3 गंभीर हृदयघात मरीजों की आपात एंजियोप्लास्टी कर सफलतापूर्वक जान बचाई गई है।

      01 से 11 दिसंबर 2025 के बीच कार्डियोलॉजी विभाग में की गई प्रमुख प्रक्रियाओं का विवरण निम्नानुसार है :-

    एंजियोग्राफी – 52

    एंजियोप्लास्टी – 24

     पेसमेकर प्रत्यारोपण – 04

    टावी (TAVI) प्रक्रिया – 01

    आपात एंजियोप्लास्टी – 03

      कुल मिलाकर 83 हृदय संबंधी प्रक्रियाएं संपन्न की गईं।

     अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि शीत ऋतु में अत्यधिक ठंड से बचें, नियमित स्वास्थ्य की जांच कराते रहें और हृदय से संबंधित किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

  • लोकसभा में गूंजा डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का मुद्दा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—‘₹3,000 करोड़ के नुकसान के बाद भी सिस्टम खामोश, बैंकिंग में AI-आधारित सेफ्टी होल्ड और एस्क्रो मैकेनिज्म तुरंत लागू हो’

    लोकसभा में गूंजा डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का मुद्दा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—‘₹3,000 करोड़ के नुकसान के बाद भी सिस्टम खामोश, बैंकिंग में AI-आधारित सेफ्टी होल्ड और एस्क्रो मैकेनिज्म तुरंत लागू हो’

    लोकसभा शून्यकाल में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने डिजिटल अरेस्ट और फाइनेंशियल फ्रॉड का गंभीर मामला उठाया

    डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से निपटने के लिए AI-इनेबल्ड “बैंकिंग फ्रिक्शन” लागू हो : बृजमोहन अग्रवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने घोटालों से 3,000 करोड़ के नुकसान पर चिंता जताई अग्रवाल ने जीवन भर की कमाई को बचाने के लिए सिंगापुर-स्टाइन कूलिंग ऑफ पीरियड और एस्क्रो मैकेनिज्म का प्रस्ताव दिया

    रायपुर/नई दिल्ली : रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को लोकसभा में शून्य काल के दौरान “डिजिटल अरेस्ट फाइनेंशियल फ्रॉड” में तेजी से ही रही बढ़ोतरी को लेकर एक गंभीर चिंता जताई। नागरिकों की फाइनेंशियल सिक्योरिटी, खासकर बुजुर्गों की फाइनेंशियात सिक्योरिटी को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए अग्रवाल ने औपचारिक रूप से वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भारतीय बैंकिंग सिस्टम में AI-आधारित “सेफ्टी होल्ड गाइडलाइंस और एस्को मैकेनिज्म लागू करने का अनुरोध किया।

    श्री अग्रवाल ने बताया कि “डिजिटल गिरफ़्तारी” स्कैम अब जटिल मनोवैज्ञानिक अपराध बन गए है, जहाँ अपराधी वीडियो कॉल के जरिए CBI या पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को कई दिनों तक “डिजिटल निगरानी में रखते हैं। झूठी जेल की धमकियों से मजबूर होकर, पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक रूप से इस तरह हेरफेर किया जाता है कि वे अपनी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी खत्म कर देते हैं।

    इस दखल की जरूरत एक हालिया, चौंकाने वाली घटना से साफ होती है, जिसमें एक महिला पीड़ित ने सितंबर 2024 और मार्च 2025 के बीच लगभग ₹32 करोड़ गंवा दिए।

     बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं सिर्फ चोरी नहीं है, बल्कि डिजिटल बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की नाक के नीचे हो रहे “पूंजी और मानसिक स्वास्थ्य का बहुत बड़ा नुकसान है।

    अग्रवाल ने सोशल मीडिया X पर कहा, “हम इन फ्रॉड्स में खतरनाक बढ़ोतरी देख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डीजिटल अरेस्ट को एक बड़ी चुनौती बताया है, यह देखते हुए कि पीड़ितों जिनमें ज्यादातर सीनियर सिटिजन हैं ने अकेले भारत में ₹3,000 करोड़ से ज्यादा गंवा दिए हैं। जब कोई पीड़ित दबाव में आकर मिनटों में अपनी जिंदगी भर की कमाई का 80% या 90% ट्रांसफर कर देता है, तो हमारा मौजूदा बैंकिंग सिस्टम इसे एक स्टैंडर्ड ट्रांजैक्शन के तौर पर प्रोसेस करता है। इसमें बदलाव होना चाहिए।”

    इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्डस से तुलना करते हुए, बृजमोहन अग्रवाल ने मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर (MAS) और सिंगापुर के बैंकों का उदाहरण दिया, जिन्होंने हाई-रिस्क ट्रांसफर को रोकने के लिए “मनी लॉक फीचर्स को सफलतापूर्वक लागू किया है। इसी तरह की AI-ड्रिवन गाइडलाइंस अपनाकर, भारतीय बैंक एक जरूरी बफर बना सकते हैं जो ट्रांजैक्शन की स्पीड के बजाय जमाकर्ता की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।

    अग्रवाल ने आखिर में कहा, ” मैं वित्त मंत्री से अनुरोध करता हूं कि, वे इन गाइडलाइंस को तुरंत जारी करें। हमें एक ‘सेफ्टी होल्ड मैकेनिज्म अपनाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे नागरिकों की मेहनत की कमाई एक पल की घबराहट में खत्म न हो जाए।”

  • लोकसभा में गूंजा खैरागढ़ का मुद्दा: भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की पुरजोर मांग उठाई

    लोकसभा में गूंजा खैरागढ़ का मुद्दा: भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की पुरजोर मांग उठाई

    इंदिरा कला संगीत विवि को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग

    प्रश्नकाल में भाजपा सांसद पाण्डेय ने विषय उठाया

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने राजनांदगाँव संसदीय क्षेत्र के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग की है।

    भाजपा सांसद श्री पाण्डेय ने गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह विषय उठाते हुए कहा कि राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा है। यह विश्वविद्यालय 14 अक्टूबर, 1956 से स्थापित है और इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में पूरा सम्मान मिलना चाहिए। यह हमारे शास्त्रीय संगीत व नृत्य कला को समर्पित एशिया का पहला विश्वविद्यालय है, जिसमें कत्थक भरतनाट्यम लोक संगीत सहित अनेक विधाओं की शिक्षा दी जाती है। इस संस्थान में विदेशी छात्र-छात्राएँ भी अध्यनरत हैं, अत: इसको केंद्रीय विश्वविद्यालय दर्जा दिया जाए।

  • रायगढ़ स्टेशन पर यातायात सुधार की पहल : अब स्टेशन पर नहीं चलेगी अव्यवस्था ! ऑटो चालकों पर ट्रैफिक डीएसपी की सख्ती, बीच सड़क ब्रेक लगाकर सवारी उठाना बंद करो ! डीएसपी की कड़ी चेतावनी, नया सिस्टम लागू.

    रायगढ़ स्टेशन पर यातायात सुधार की पहल : अब स्टेशन पर नहीं चलेगी अव्यवस्था ! ऑटो चालकों पर ट्रैफिक डीएसपी की सख्ती, बीच सड़क ब्रेक लगाकर सवारी उठाना बंद करो ! डीएसपी की कड़ी चेतावनी, नया सिस्टम लागू.

    रायगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में आज 11 दिसंबर की शाम ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने ऑटो संघ के पदाधिकारियों और ऑटो चालकों की बैठक लेकर स्टेशन क्षेत्र में ऑटो संचालन की व्यवस्था को और अधिक नियंत्रित व सुगठित बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीएसपी ने ऑटो संघ प्रतिनिधियों को ऑटो नंबर स्टीकर और चालकों के लिए आईडी कार्ड का सैम्पल प्रदान करते हुए स्पष्ट किया कि नंबरिंग सिस्टम से ऑटो लगाने तथा प्रत्येक चालक को अनिवार्य रूप से आईडी उपलब्ध कराने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और सवारी लेने के दौरान चालकों के बीच विवाद की स्थिति समाप्त होगी। उन्होंने सभी संचालकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आईडी बनवाने, निर्धारित ड्रेस अपनाने और रजिस्टर्ड ऑटो चालक तथा ऑटो मालिक के रूप में पंजीकरण कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    डीएसपी ने इस अवसर पर चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी और बीच सड़क अचानक ब्रेक लगा कर सवारी लेने की प्रवृत्ति को अत्यंत खतरनाक बताते हुए इसे तुरंत बंद करने के निर्देश दिए, क्योंकि यह न केवल चालक बल्कि पीछे आ रहे वाहन चालकों के लिए भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने और नियमबद्ध संचालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

  • अन्याय के खिलाफ संघर्ष की अमर गाथा: 1857 में फांसी चढ़े वीर नारायण सिंह के बलिदान को इतिहासविदों ने बताया—‘मानवता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण’

    अन्याय के खिलाफ संघर्ष की अमर गाथा: 1857 में फांसी चढ़े वीर नारायण सिंह के बलिदान को इतिहासविदों ने बताया—‘मानवता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण’

    रायपुर : शहीद वीर नारायण सिंह जी का 168 वां बलिदान दिवस के अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ इतिहास परिषद एवं पूर्व विभाग अध्यक्ष इतिहास अध्ययन शाला प्रोफेसर (डॉ.) आभा रूपेंद्रपाल ने कहा कि वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने 1956 के भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। इतिहास अध्ययन शाला पंडित रविंशकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर (छत्तीसगढ़) में कल शहीद वीर नारायण सिंह जी का 168 वां बलिदान दिवस मनाया गया, इस अवसर पर विभाग में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

    (डॉ.) आभा पाल ने कहा कि अंग्रेजों की गलत नीतियों के कारण जब किसान और उनके बच्चे भूखों मरने लगे तो यह बात वीरनारायण सिंह से सहन नहीं हुई। उन्होंने किसानों को संगठित करके अंग्रेजों का जमकर मुकाबला किया। शहीद वीर नारायण सिंह पर अंग्रेजों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने गोदामो में भरे अनाज को लूटकर अपनी प्रजा में बंटवा दिया था। लेकिन यदि न्याय की बात की जाए तो उन्होंने अकाल के कारण दाने-दाने के लिए मोहताज हो रहे अपनी प्रजा तक उनके अधिकारों को पहुंचाया था। अंग्रेजी हुकूमत ने वीर सपूत नारायण सिंह के इस प्रजाहितैषी कार्य करते हुए  किसानों को संगठित करके अंग्रेजों का जमकर मुकाबला किया। अंततः वे अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए और 10 दिसंबर 1857 को उन्हें रायपुर में फांसी दे दी गई। 

               कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर (डॉ.) आर के ब्रह्मे अध्यक्ष इतिहास अध्ययन शाला ने करते हुए कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह सोनाखान के जमींदार थे। वे चाहते तो अंग्रेजों की जी.हुजूरी करते हुए सुविधापूर्ण और भोग विलास का जीवन जी सकते थेए लेकिन उन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष का मार्ग चुना। प्रमुख वक्ता प्रोफेसर रमेंद्र नाथ मिश्र पूर्व विभागाध्यक्ष इतिहास अध्ययन शाला ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह पर अंग्रेजों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने गोदामो में भरे अनाज को लूटकर अपनी प्रजा में बंटवा दिया था। लेकिन यदि न्याय की बात की जाए तो उन्होंने अकाल के कारण दाने-दाने के लिए मोहताज हो रहे अपनी प्रजा तक उनके अधिकारों को पहुंचाया।वीर नारायण सिंह की लड़ाई असमानता के खिलाफ थी, लेकिन अंग्रेजों ने उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया और सजा दी। वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) के के अग्रवाल उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ इतिहास परिषद एवं पूर्व प्रोफेसर इतिहास, प्रोफेसर (डॉ.) बी एल सोनकर अध्यक्ष अर्थशास्त्र अध्ययन शाला उपस्थिति रहे।

              इस अवसर पर इतिहास अध्ययन शाला पंडित रविंशकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के छात्रों द्वारा किए गए खेलकूद गतिविधियों का आयेाजन तथा भाषण प्रतियोगिता, गीत, रंगोली प्रतियोगिता का आयंाजन किया और विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों (डॉ.) डी एन खूटे सह-प्राध्यापक तथा आभार प्रदर्शन (डॉ.) बसों नूरूटि सह-प्राध्यापक, श्रीमती (डॉ.)सीमापाल, (डॉ.)उदय अडाउ, (डॉ.) दिप्ती वर्मा के अलावा शोधार्थी, विभाग के विद्यार्थियों ने वीर नारायण सिंह के योगदान विषय पर परिचर्चा में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी गोल्डी राज एक्का ने किया। इस अवसर पर इतिहास अध्ययन शाला पंडित रविंशकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के शोधार्थी, छात्र-छात्राएं बडी संख्या में उपस्थित रहे।

  • विशेष लेख : नई औद्योगिक नीति 2024–30 ने छत्तीसगढ़ को दिया निवेश का स्वर्णकाल: 7.69 लाख करोड़ के प्रस्ताव, 2415 उद्योग स्थापित, 42,500 से अधिक रोजगार सृजित

    विशेष लेख : नई औद्योगिक नीति 2024–30 ने छत्तीसगढ़ को दिया निवेश का स्वर्णकाल: 7.69 लाख करोड़ के प्रस्ताव, 2415 उद्योग स्थापित, 42,500 से अधिक रोजगार सृजित

    विशेष लेख : उद्योग हितैषी नीति से राज्य में 7.69 लाख करोड़ रूपए के निवेश

    छगनलाल लोन्हारे उप संचालक (जनसंपर्क)

    रायपुर : विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश में नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागु की गई है। राज्य की उद्योग हितैषी नीति के फैसले निवेशक छत्तीसगढ़ में उद्योग-धंधा स्थापित करने की दिशा में आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 2415 उद्योग स्थापित हुए जिनके द्वारा लगभग 18058.34 करोड़ का निवेश किया गया एवं लगभग 42 हजार 500 रोजगार सृजित हुए। 01 जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक उद्योगों को 1000 करोड़ से अधिक अनुदान का वितरण किया गया।

    निवेश प्रोत्साहन

    नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को 1 नवंबर 2024 से प्रभावी किया गया है। पहली बार नीति को रोज़गार उन्मुख बनाया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की पहल पर प्रशिक्षण सब्सिडी ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा 1000 से अधिक रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए कस्टमाइज़्ड पैकेज की व्यवस्था की गई है। राज्य में श्रम-प्रधान उद्योगों को आकर्षित करने हेतु 27 मई 2025 को की गई संशोधन के माध्यम से रोज़गार सृजन सब्सिडी एवं एम्प्लॉयमेंट मल्टिप्लायर का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने हेतु औद्योगिक विकास नीति के तहत पात्र सेवा क्षेत्रों की सूची को बढ़ाकर 43 किया गया है।

    पहली बार पर्यटन एवं स्वास्थ्य सेवाओं को औद्योगिक विकास नीति में शामिल किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु 27 मई 2025 के संशोधन द्वारा निजी विद्यालय निजी शीर्ष 100 एवं विदेशी विश्वविद्यालय तथा निजी आवासीय खेल अकादमियों को औद्योगिक विकास नीति में सम्मिलित किया गया है। नीति के प्रचार-प्रसार व निवेश आकर्षित करने हेतु रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु ओसाका, जगदलपुर एवं अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    इन प्रयासों के चलते राज्य को लगभग 7.69 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्टील पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, आईटी, बीपीओ लीन एनर्जी आदि क्षेत्र शामिल हैं। नवा रायपुर में राज्य में देश का प्रथम एआई डाटा सेन्टर तथा सेमीकंडक्टर निर्माण हेतु रु 11.000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इनकी स्थापना की जा रही है।

    ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस

    अनुपालनों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य ने अनुपालन बोझ को घटाने की पहल की है। इसके तहत 1167 जटिल अनुपालनों की पहचान की गई, 231 प्रावधानों को अपराध मुक्त (decriminalize) किया गयाए 369 प्रक्रियाओं-प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 194 प्रावधानों-प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया, तथा 14 प्रावधानों में अनावश्यकता (redundancy) को समाप्त किया गया।

    कुल 716 व्यवसाय केंद्रित अनुपालनों में से 117 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, 231 प्रक्रियाएँ प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया, 153 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और 14 प्रावधानों में अनावश्यकता कम की गई। इसके अलावा कुल 451 नागरिक केंद्रित अनुपालनों को सुव्यवस्थित किया गया है, जिनमें से 114 प्रावधानों को अपराधमुक्त 138 प्रक्रियाओं प्रक्रियाओं को डिजिटल, तथा 41 प्रावधानों प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।

     इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य में व्यवसायों के लिए एक अनुकूल और सहज वातावरण तैयार करना है ताकि उद्योग और व्यापार क्षेत्र और अधिक विकसित हो सके। बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत विभिन्न विभागों के नियम और प्रक्रियाएँ सरल की गईं। महिलाओं को सुरक्षित तरीके से 24×7 कार्य की अनुमति देने हेतु संबंधित नियमों में संशोधन किए गए। राज्य में 435 बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान को क्रियान्वयित किया गया है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अंतर्गतराज्य 4 श्रेणियों में टॉप अचीवर बना।

    82 जिला स्तरीय सुधारों की पहचान की गई, जिनमें से 124 सुधार लागू किए जा चुके हैं नई सिंगल विंडो प्रणाली भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर विकसित की गई है। नया पोर्टल 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किया गया। राज्य के विभिन्न अधिनियमों में छोटे अपराधों को अपराध मुक्त (decriminalize) करने हेतु विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ जनविश्वास प्रावधानों में संशोधन अधिनियम 2025 मानसून सत्र में विधानसभा द्वारा पारित किया गया। अधिनियम के माध्यम से 8 अधिनियमों के अंतर्गत 163 प्रावधानों को गई अपराधिकृत किया गया। जनविश्वास अधिनियम पारित करने वाला देश में दूसरा राज्य बना। औद्योगिक भूमि आवंटन को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु छत्तीसगढ़ भूमि आवंटन नियमों में संशोधन किया गया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन फर्स्ट-कम-फर्स्ट-सर्व की जगह ई-टेंडरिंग के माध्यम से किया जा रहा है।

    औद्योगिक अधोसंरचना

    पिछले एक वर्ष में 7 औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए तथा 7 अन्य स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना प्रक्रिया में हैं। विगत दो वर्षों में औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 05 जिलों में कुल रकबा 255.725 हेक्टेयर भूमि का आधिपत्य विभाग को प्राप्त हुआ है। औद्योगिक लैंड बैंक हेतु कुल 08 जिलों में कुल रकबा 940.65 हेक्टेयर नैशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड हेतु 02 जिलों में कुल रकबा 172.112 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया गया है तथा हेल्थ एण्ड वेलनेस हेतु 07 जिलों में कुल रकबा 82.000 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है।

    एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल

    सरकारी खरीद को पारदर्शी और किफायती बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा जीईएम पोर्टल अपनाया गया है। सीएसआईडीसी के माध्यम से जीईएम टीम द्वारा जिलेवार और विभागवार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु आईआईएफटी कोलकाता के साथ एमओयू कर राज्य स्तर पर एक्सपोर्ट फ़ैसिलिटेशन काउंसिल स्थापित की गई है। साथ ही निर्यात संवर्धन हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट निर्यात आयुक्त कार्यालय में नियुक्त की गई है।