Category: छत्तीसगढ

  • ऊर्जा, नवाचार और हरित क्रांति में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अग्रणी: 143 नए लोको का रिकॉर्ड कमीशनिंग, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन और एआई ड्रोन से निगरानी ने रचा प्रगति का नया इतिहास

    ऊर्जा, नवाचार और हरित क्रांति में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अग्रणी: 143 नए लोको का रिकॉर्ड कमीशनिंग, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन और एआई ड्रोन से निगरानी ने रचा प्रगति का नया इतिहास

    ऊर्जा, नवाचार और हरित पहल से सशक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे!

    143 नए लोको, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन के साथ रची प्रगति की नई गाथा ।

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जो देश के माल परिवहन की धूरी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस सशक्त व्यवस्था को ऊर्जा प्रदान करने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विद्युत विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विभाग ने रिकॉर्ड उपलब्धियाँ हासिल करते हुए हरित ऊर्जा, अत्याधुनिक तकनीक और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धि के रूप में 143 नए विद्युत लोकोमोटिव का सफल कमीशनिंग किया गया, जिनमें 74 इलेक्ट्रिक लोको शेड/भिलाई तथा 69 इलेक्ट्रिक लोको शेड/बिलासपुर में शामिल हैं। यह एक वित्तीय वर्ष में अब तक की सर्वाधिक उपलब्धि है। इसके साथ ही कुल लोकोमोटिव बेड़े की संख्या 721 से बढ़कर 805 हो गई, जो 11.65% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। मालगाड़ियों के लिए औसत मासिक लोको उपलब्धता 665.02 रही, जो रेलवे बोर्ड के निर्धारित लक्ष्य 651 से अधिक है।

    हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 2,263.625 किलोवाट पीक क्षमता के सौर संयंत्र की स्थापना कर चालू किए गए, जिससे रेलवे परिसंपत्तियों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा रही है।

    तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में रायपुर मंडल ने भारतीय रेल में पहली बार एआई-सक्षम ड्रोन के माध्यम से ओवरहेड उपकरण (ओएचई) की निगरानी शुरू की है। यह अत्याधुनिक प्रणाली हाई वोल्टेज तारों का सुरक्षित एवं सटीक निरीक्षण कर संभावित खामियों की पहचान करती है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

    विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु 211.45 ट्रैक किलोमीटर निक्को संपर्क तार एवं 173.44 ट्रैक किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी तार का प्रतिस्थापन किया गया। इसके अतिरिक्त सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए 44 नए ऑटो-ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किए गए।

    पर्यावरणीय प्रतिबद्धता के तहत पीपी यार्ड तथा कैरिज एंड वैगन डिपो एक्सचेंज यार्ड/ भिलाई तथा कैरिज एंड वैगन डिपो डब्ल्यूआरसी/बीएमवाई को ISO 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो विभाग की गुणवत्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    बेहतर लोकोमोटिव क्षमता, हरित ऊर्जा और स्मार्ट तकनीकों के समन्वय के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे संचालन को नई ऊर्जा और गति प्रदान कर रहा है।

  • अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का शानदार प्रदर्शन: मेट्रो रेलवे से रोमांचक फाइनल मुकाबले के बाद रजत पदक हासिल, लगातार चौथे वर्ष फाइनल में पहुंचकर कायम रखा दबदबा

    अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का शानदार प्रदर्शन: मेट्रो रेलवे से रोमांचक फाइनल मुकाबले के बाद रजत पदक हासिल, लगातार चौथे वर्ष फाइनल में पहुंचकर कायम रखा दबदबा

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की क्रिकेट टीम ने अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का गौरव प्राप्त किया। फाइनल मुकाबले में टीम ने मेट्रो रेलवे के विरुद्ध शानदार संघर्ष का परिचय दिया और द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

    इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का लीग चरण चेन्नई में तथा नॉकआउट चरण मुंबई में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर की विभिन्न रेलवे टीमों ने भाग लिया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का प्रभावशाली सफर तय किया।

    उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की क्रिकेट टीम ने पिछले चार वर्षों में तीन बार फाइनल में स्थान बनाकर पदक सुनिश्चित किया है, जिसमें एक स्वर्ण पदक एवं दो रजत पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं उत्कृष्ट खेल भावना को दर्शाती है।

    इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपरांत आज टीम के खिलाड़ियों ने महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने खिलाड़ियों को कहा कि “टीम ने जिस समर्पण, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रदर्शन किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। यह उपलब्धि न केवल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बल्कि पूरे भारतीय रेल के लिए गर्व का विषय है। मुझे विश्वास है कि आप सभी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

    साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ के अध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त महासचिव एवं समस्त खेल परिवार द्वारा भी टीम के सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

  • रेल कर्मचारियों के लिए डोंगरगढ़ में विशेष पहल: नागपुर मंडल के मेडिकल-शिकायत शिविर में 104 लोगों की जांच, नए हाइपरटेंशन-डायबिटीज मामलों की पहचान, HPV टीकाकरण और आधुनिक विषयों पर सेमिनार आयोजित

    रेल कर्मचारियों के लिए डोंगरगढ़ में विशेष पहल: नागपुर मंडल के मेडिकल-शिकायत शिविर में 104 लोगों की जांच, नए हाइपरटेंशन-डायबिटीज मामलों की पहचान, HPV टीकाकरण और आधुनिक विषयों पर सेमिनार आयोजित

    रायपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल द्वारा दिनांक 08.04.2026 को रेलवे इंस्टिट्यूट, डोंगरगढ़ में मेडिकल सह शिकायत शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर नागपुर मंडल के रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा।

    शिविर के दौरान कुल 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।

    इस अवसर पर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सेमिनार भी आयोजित किए गए, जिनमें I-GOT कर्मयोगी साधना सप्ताह, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (POSH) अधिनियम 2013, HRMS के SHINE मॉड्यूल तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अवधारणा शामिल रही।

    चिकित्सा शिविर में कुल 104 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 76 रेलवे कर्मचारी एवं 28 आश्रित शामिल रहे। शिविर में स्वास्थ्य जांच के दौरान 4 उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के नए मामले तथा 3 मधुमेह (डायबिटीज) के नए मामले चिन्हित किए गए। स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा कुल 22 मरीजों का परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त 6 लाभार्थियों को HPV टीकाकरण भी किया गया।

    शिविर में मुख्य रूप से डॉ. आर. किशोर कुमार (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक), डॉ. अभिषेक खांडेकर (CMP/DGG), डॉ. ए.पी. सावंत (बाल रोग विशेषज्ञ, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई) एवं डॉ. मोनिदीपा साहा (स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई) द्वारा चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही श्री राजेश प्रसाद (सहायक कार्मिक अधिकारी) सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों – श्री नरेंद्र सिंह राठौर (फार्मासिस्ट), श्री एम. सुधाकर राव, श्री देवेंद्र कुमार शाखरे (मुख्य कल्याण निरीक्षक) एवं श्री वेंकट सत्यनारायण (कार्मिक विभाग) की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

    इस प्रकार, यह मेडिकल सह शिकायत शिविर कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए अत्यंत लाभकारी तथा स्वास्थ्य जागरूकता और समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. प्रेमलता अग्रवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर परिजनों को बंधाया संबल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. प्रेमलता अग्रवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर परिजनों को बंधाया संबल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की चाची स्वर्गीय श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामजी वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत श्रीमती अग्रवाल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

  • जनता से जुड़ी हर सेवा अब होगी समयबद्ध और जवाबदेह: मुख्य सचिव विकासशील का सख्त निर्देश—लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाएं सभी सेवाएं, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी

    जनता से जुड़ी हर सेवा अब होगी समयबद्ध और जवाबदेह: मुख्य सचिव विकासशील का सख्त निर्देश—लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाएं सभी सेवाएं, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी

    जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए

    मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वन की समीक्षा की

    रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागांे के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।

    मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की । मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध की जाएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।

    सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। श्री भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने हेतु प्रस्तावित करें।

     बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव श्री रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्री श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

  • निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुए विष्णु देव साय: अभिभावकों पर दबाव या अतिरिक्त शुल्क बर्दाश्त नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुए विष्णु देव साय: अभिभावकों पर दबाव या अतिरिक्त शुल्क बर्दाश्त नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

    निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस और कहा—उनके संस्कार व स्नेह सदैव रहेंगे प्रेरणा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस और कहा—उनके संस्कार व स्नेह सदैव रहेंगे प्रेरणा

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • ऑपरेशन कालचक्र : अब बचना मुश्किल ! गुंडों की खैर नहीं, ड्रोन से निगरानी कर पुलिस ने कसा शिकंजा, आसमान से हर हरकत पर नजर रखेगी रायपुर पुलिस.

    ऑपरेशन कालचक्र : अब बचना मुश्किल ! गुंडों की खैर नहीं, ड्रोन से निगरानी कर पुलिस ने कसा शिकंजा, आसमान से हर हरकत पर नजर रखेगी रायपुर पुलिस.

    रायपुर : रायपुर में अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अब हाईटेक रणनीति अपना रही है। ‘‘ऑपरेशन कालचक्र’’ के तहत नॉर्थ जोन में पुलिस ने ड्रोन कैमरों के जरिए संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया है। जमीन के साथ अब आसमान से भी निगरानी कर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है, जिससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है।

    पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री मयंक गुर्जर(भा.पु.से) के दिशा-निर्देश में अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने सहित सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर चलाये जा रहे विशेष अभियान ‘‘ऑपरेशन कालचक्र‘‘ के तहत नॉर्थ जोन क्षेत्रांतर्गत को चाकूबाजों, गुण्डा बदमाश, निगरानी बदमाश, संदिग्ध व्यक्ति, असमाजिक तत्वों एवं फरार वारंटियों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।

    जिसके तारतम्य में आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अपराधियों पर नजर रखने हेतु थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी एवं खम्हारडीह द्वारा में अड्डेबाजी स्थानों, संवेदनशील स्थानों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जा रही है, टीम के सदस्यों द्वारा ऐसे सभी स्थानों में पैदल पेट्रोलिंग करने के साथ ही अब आसमान से भी ड्रोन के माध्यम से असमाजिक तत्वों पर नजर रखकर क्षेत्रों में सतत् निगरानी की जा रही है।

  • श्रमिक महासम्मेलन पर उठे सवालों का विभाग ने दिया जवाब: टेंडर के अनुसार हुआ पूरा खर्च, 8 हजार लोगों के आयोजन में अनियमितता के आरोप निराधार

    श्रमिक महासम्मेलन पर उठे सवालों का विभाग ने दिया जवाब: टेंडर के अनुसार हुआ पूरा खर्च, 8 हजार लोगों के आयोजन में अनियमितता के आरोप निराधार

    श्रमिक महासम्मेलन में निर्धारित मानकों का पालन, अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च का आरोप पूर्णतः निराधार और भ्रामक है।

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 8,000 लोग शामिल हुए थे।

    श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था, ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित एजेंसी को नियमों के तहत किया गया।

  • जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को नया आयाम: छत्तीसगढ़ में ‘कॉमन्स’ आधारित नीति के लिए बनेगा टास्क फोर्स, जनजातीय सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा फोकस

    जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को नया आयाम: छत्तीसगढ़ में ‘कॉमन्स’ आधारित नीति के लिए बनेगा टास्क फोर्स, जनजातीय सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा फोकस

    आधारभूत जीवन के लिए कॉमन्स महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पेसा-एफआरए समन्वय के लिए जल्द होगा टास्क फोर्स का गठन- प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा

    विशेषज्ञों द्वारा स्टेट कॉमन्स कन्विनिंग चर्चा के बाद जो तथ्य निकल कर आएंगे वे राज्य के नीति निर्माण में होंगे सहायक

    जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका-श्री बोरा

    दो दिवसीय छत्तीसगढ़ कॉमन्स कन्विनिंग कार्यशाला का शुभारंभ

    रायपुर : आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री जागेश्वर यादव और श्री पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई।

     साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव श्री विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल होंगे।

    जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका

                  श्री बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, श्री बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ।

    राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका

                  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।