Category: छत्तीसगढ

  • समर सीजन में यात्रियों को बड़ी राहत: पनवेल-खड़गपुर के बीच एकतरफा स्पेशल ट्रेन 28 अप्रैल को रवाना, रायपुर-बिलासपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

    समर सीजन में यात्रियों को बड़ी राहत: पनवेल-खड़गपुर के बीच एकतरफा स्पेशल ट्रेन 28 अप्रैल को रवाना, रायपुर-बिलासपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

    बिलासपुर : ग्रीष्मकालीन भीड़ के दौरान यात्रियों को कंफर्म बर्थ के साथ सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से पनवेल-खड़गपुर के मध्य एक तरफ़ा 01 ट्रिप के लिए समर स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है ।

    गाड़ी संख्या 01123 पनवेल-खड़गपुर समर स्पेशल ट्रेन पनवेल से दिनाँक 28 अप्रैल 2026 को चलेगी | इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया, दुर्ग, रायपुर एवं बिलासपुर स्टेशनों में दिया गया है |

    गाडी की समय सारिणी –

    गाड़ी संख्या 01123 पनवेल-खड़गपुर समर स्पेशल ट्रेन पनवेल से दिनाँक 28 अप्रैल 2026 मंगलवार को 12.00 बजे रवाना होगी तथा मार्ग के अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन गोंदिया आगमन 03.28 बजे, प्रस्थान 03.30 बजे, दुर्ग आगमन 05.40 बजे, प्रस्थान 05.45 बजे, रायपुर आगमन 06.20 बजे, प्रस्थान 06.25 बजे, बिलासपुर आगमन 08.05 बजे, प्रस्थान 08.15 बजे होते हुये 19.10 बजे खड़गपुर स्टेशन पहुंचेगी |

    कोच संरचना

    इस स्पेशल ट्रेन में 02 एसएलआरडी, 17 स्लीपर, 01 एसी-II कोच सहित कुल 20 आई सी एफ कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।

    वाणिज्यिक ठहराव

    रास्ते में ये समर स्पेशल गाड़ी कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, अकोला, बडनेरा, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर, स्टेशनों पर रुकेगी |

    यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर देखकर तदानुसार यात्रा प्रारम्भ करें |

  • रायपुर में शंकराचार्य जयंती का भव्य आयोजन: संतों के सान्निध्य में गोस्वामी समाज ने निकाली शोभायात्रा, प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम

    रायपुर में शंकराचार्य जयंती का भव्य आयोजन: संतों के सान्निध्य में गोस्वामी समाज ने निकाली शोभायात्रा, प्रतिभाओं का सम्मान और सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम

    छत्तीसगढ सनातन गोस्वामी समाज ने संतों के आतिथ्य में शंकराचार्य जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया

    प्रादेशिक आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया

    रायपुर : 26 अप्रेल रविवार को शहीद स्मारक भवन, रायपुर में छ.ग. सनातन गोस्वामी समाज ने आद्य जगद्गुरु श्री आद्य शंकराचार्य की जयंती समारोह का कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया | कार्यक्रम में अतिथि सवरूप दंडी स्वामी श्री ज्योतिर्मयानंद सरस्वती, श्री शंकराचार्य आश्रम सलधा, जिला बेमेतरा तथा श्री विवेक गिरी जी महाराज, श्री श्री 1008 श्री थानापति गौर कापा आश्रम, जिला मुंगेली तथा डॉ. महंत रामसुन्दर दास, दूधाधारी मठ, रायपुर एवं श्री सच्चिदानंद गिरी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय गोस्वामी महासभा दिल्ली मंच पर विराजमान रहे | कार्यक्रम में गोस्वामी समाज के प्रांतीय अध्यक्ष मोहनपुरी गोस्वामी , वीरेंद्र पुरी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, संरक्षक चित्रसेन गिरी जी एवं लिल्लार पुरी जी , महंत श्री हरभूषण गिरी कंकाली मठ रायपुर, महंत श्री सुरेन्द्र पुरी सोरर, महंत श्री किशोर पुरी मुंगेली, संस्थापक गण ओंकार पुरी , प्रभाकर बन , योगेंद्र पुरी, नारायण गिरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रितम गिरी , कुबेर प्रकाश गिरी , कोमल पुरी ,जिलाध्यक्ष वेदपुरी गोस्वामी रायपुर, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र भारती बिलासपुर,संतोष पुरी बेमेतरा, पप्पुपुरी मुंगेली, आंनद गिरी महासमुंद, नीलम बन एवं विजय पुरी धमतरी , डॉ संजय गिरी ,सुधीर बन योगेंद्र पुरी ,रमेश पुरी ,सुरेंद्र गिरी ,अश्वनी बन ,अशोक गिरी ,महेश पुरी ,डॉ हस्तजीत हेमंत बन ,टेकेश्वर पुरी, राजपुरी प्रचार समिति एवं कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र पुरी जी के द्वारा किया गया साथ ही समाज के मातृ शक्ति की विशाल उपस्थिति रही l

    मंच पर गोस्वामी समाज के भागवत कथा व्यास श्री दिनेश भारती जी पामगढ़ भी उपस्थित थे |

    कार्यक्रम का शुभारंभ आद्य जगद्गुरु श्री शंकराचार्य जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प माल्यार्पण, मंत्रोचारण एवं आरती से किया गया । तदोपरांत समाज के युवाओं ने बैनर पोस्टर के साथ बाइक रैली द्वारा शोभायात्रा निकाली, जो रायपुर के विभिन्न चौक चौराहों से होकर शहीद स्मारक आकर संपन्न हुई।

    कार्यक्रम में गोस्वामी समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं तथा कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उभरती हुई प्रतिभाओं का सम्मान किया गया तथा शासकीय सेवा से सेवानिवृत हुए बंधुओं एवं भगिनियों का अभिनंदन किया गया | इसके अलावा विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय प्राप्त किया गया |

    अतिथि उद्बोधन के पश्चात अतिथियों का सम्मान किया गया तथा प्रत्येक जिले के अध्यक्षों को भी सम्मानित किया गया | समाज मे आये अतिथियों का आभार वेदपुरी गोस्वामी जिलाध्यक्ष रायपुर द्वारा किया गया l

  • सुशासन पर सख्त संदेश: मंत्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग को दिए कड़े निर्देश—लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण, ढिलाई बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    सुशासन पर सख्त संदेश: मंत्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग को दिए कड़े निर्देश—लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण, ढिलाई बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने सरकार प्रतिबद्ध-मंत्री टंक राम वर्मा

    राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश

    लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी पर होगी सख़्त कार्रवाई

    रायपुर : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा की।

    राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे पर जोर

    डिजिटल सुधार और एग्रीस्टेक में तेजी लाने के निर्देश

     बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। यदि समय-सीमा में कार्य नहीं होता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर कार्यवाही की जाएगी।

     इसी तरह मंत्री श्री वर्मा ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही, नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेसिंग के कार्यों में हो रहे विलंब को अगले 03 महीनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।

     मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसी तरह आगामी समय को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कमी नही होना चाहिए।आकाशीय बिजली से बचाव और स्कूल तथा अस्पताल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्राप्त राशि का समुचित व्यय सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित जिलों में अतिशीघ्र कार्यवाही के भी निर्देश दिए।

     बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने हितग्राही मूलक योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने हेतु आगामी 03 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार और तहसीलदारों के लिए वाहन क्रय संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि एवं तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल नियमित समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑटो डायवर्सन पोर्टल और विभिन्न राजस्व वसूलियों की समीक्षा करते हुए रायपुर जिले में राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय बजट वर्ष 2025-26 एवं आगामी बजट 2026-27 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

  • जनसेवा की नई पहल : सूरजपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, घर-घर पहुंची पुलिस ! 18 गांवों में चला ‘चलित थाना’, मौके पर ही निपटे विवाद, चलित थाना के जरिए पुलिस ने ग्रामीणों को किया जागरूक.

    जनसेवा की नई पहल : सूरजपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, घर-घर पहुंची पुलिस ! 18 गांवों में चला ‘चलित थाना’, मौके पर ही निपटे विवाद, चलित थाना के जरिए पुलिस ने ग्रामीणों को किया जागरूक.

    जनसेवा को आसान बनाने, आम जनता की शिकायतों का मौके पर निराकरण कर राहत पहुंचाने, साईबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए अभिव्यक्ति ऐप के बारे में प्रचार-प्रसार तथा गांवों में पुलिस की सक्रिय और प्रभावी उपस्थिति एवं सूचना तंत्र को प्रभावी ढंग से विकसित करने के उद्देश्य को लेकर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों को प्रत्येक गांव में चलित थाना लगाने के निर्देश दिए है।

    27-28 अप्रैल 2026 को जिले के 18 ग्रामों में चलित थाना का आयोजन कर थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि पुलिस द्वारा चलित थाना लगाने का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आसान बनाना और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना है। सेवाओं को जनता के करीब लाना और लोगों को अपनी छोटी-मोटी शिकायतों या समस्याओं के लिए थाने के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए आज वे खुद उनके गांव पहुंचे है। इस मौके पर कई ग्रामीणों के शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट, साइबर अपराध सहित सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक निराकरण किया है। इसके साथ ही गांव में होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व अवैध कार्यो की सूचना तत्काल पुलिस को देने की हिदायत दिया है। पुलिस की इस अभियान से ग्रामीणों में उत्साह है और पुलिस के कार्यो में सहयोग के लिए अब वे आगे आ रहे है। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों के द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

    थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा आयोजित चलित थाना के दौरान ग्रामीणों को म्यूल अकाउंट, डिजिटल अरेस्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट एक साइबर स्कैम है, जिसमें फ़र्ज़ी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले जाते हैं। यह एक तरह का ऑनलाइन ब्लैकमेल है, डिजिटल अरेस्ट में, फ़र्ज़ी अधिकारी वीडियो कॉल पर लोगों को डराते-धमकाते हैं और उन्हें गिरफ़्तारी के झूठे बहाने से डिजिटल रूप से बंधक बना लेते हैं, इस दौरान वे लोगों से लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए कहते हैं और पैसे ट्रांसफ़र करवाते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत एक मैसेज या फ़ोन कॉल के साथ होती है। फ़र्ज़ी अधिकारी, पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स, आरबीआई, या दिल्ली या मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बात करते हैं, वे लोगों को यह बताते हैं कि उनके पैन और आधार का इस्तेमाल करके तमाम चीज़ें खरीदी गई हैं या मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। कई बार यह भी दावा किया जाता है कि वे कस्टम विभाग से बोल रहे हैं और आपके नाम से कोई पार्सल आया है जिसमें ड्रग्स या प्रतिबंधित चीज़ें हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आसान भाषा में कहा जाए तो डिजिटल अरेस्ट में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूल कर लेते है।

    उपस्थित ग्रामीण, महिलाओं व बच्चों को कानून की जानकारी देते हुए अपराध से बचने की समझाईश दी। वर्तमान दौर साइबर अपराध म्यूल अकाउंट, बैंक एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने तथा बैंक का अधिकारी अथवा कर्मचारी बनकर मोबाइल से आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर बैंक खातों से रकम पार करने की घटित हो रही घटनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को देते हुए ठगी का शिकार होने से बचने की सलाह दी। इसी क्रम यातायात नियमों की जानकारी देते हुए उसका पालन करने की अपील की। साईबर अपराध, महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों, प्राकृतिक आपदा के मामले में राहत राशि, सहित विधिक जानकारियों से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। महिला सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी अभिव्यक्ति ऐप के बारे में अवगत कराया। इसी क्रम में नशा न करने की समझाईश देते हुए नशे से होने वाली आर्थिक, सामाजिक एवं शारीरिक हानियों के बारे में अवगत कराया।

  • युवा फेस्ट 2026 बना करियर का लॉन्चपैड: AI वर्कशॉप से धमतरी के 12वीं छात्र प्रतीक ताम्रकार को बेंगलुरु की IT कंपनी में इंटर्नशिप, स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान की बड़ी छलांग

    युवा फेस्ट 2026 बना करियर का लॉन्चपैड: AI वर्कशॉप से धमतरी के 12वीं छात्र प्रतीक ताम्रकार को बेंगलुरु की IT कंपनी में इंटर्नशिप, स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान की बड़ी छलांग

    युवा फेस्ट 2026 का सकारात्मक असर:

    स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान: छात्र का चयन आईटी कंपनी में

    AI वर्कशॉप का परिणाम: 12वीं के छात्र को बेंगलुरु में इंटर्नशिप

    रायपुर : धमतरी में 24-25 अप्रैल को आयोजित युवा फेस्ट 2026 के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। यह आयोजन युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप से एक प्रेरणादायक सफलता कहानी सामने आई है।

     अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

     कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।

     कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

     कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।

     समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।

     यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।

     प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।

     उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

  • छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 का इंतजार खत्म: हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के नतीजे कल 29 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे होंगे घोषित, लाखों छात्रों की धड़कनें तेज

    छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 का इंतजार खत्म: हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के नतीजे कल 29 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे होंगे घोषित, लाखों छात्रों की धड़कनें तेज

    हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के परिणाम कल घोषित किए जाएंगे

    रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम कल 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 02.30 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक S -2-12 में  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा घोषित किया जाएगा। मण्डल द्वारा परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विभिन्न अधिकृत वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा परिणाम देखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

               माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी अपना अनुक्रमांक (Roll Number) दर्ज कर निम्नलिखित वेबसाइटों— https://cg.results.nic.in, https://cgbse.nic.in, https://results.cg.nic.in, https://results.digilocker.gov.in, https://timesofindia.indiatimes.com, www.tv9hindi.com, https://education.indianexpress.com, www.jagranjosh.com एवं www.ndtv.in — पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के सम्मान की नई परिभाषा: पेंशन, वृद्धाश्रम, पेलिएटिव केयर और तीर्थ योजनाओं से बना मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच—हर वरिष्ठ नागरिक को मिल रहा गरिमामय जीवन का अधिका

    छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के सम्मान की नई परिभाषा: पेंशन, वृद्धाश्रम, पेलिएटिव केयर और तीर्थ योजनाओं से बना मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच—हर वरिष्ठ नागरिक को मिल रहा गरिमामय जीवन का अधिका

    छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र, सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल

    डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वृद्धजनों के लिए एक मजबूत और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया है, वहीं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर क्रियान्वित हो रही हैं। इन प्रयासों से वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

    सरल प्रक्रिया, सहज लाभ

    राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अलग “सीनियर सिटीजन कार्ड” की आवश्यकता नहीं है। आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु और पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है, इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुलभ बनी है।

    वृद्धाश्रम :- सम्मानजनक जीवन का आधार

    प्रदेश के राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रम निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय बनकर उभरे हैं। वर्तमान में यहां 675 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहाँ निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

    पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) :- विशेष देखभाल की व्यवस्था

    गंभीर रूप से बीमार एवं बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह संचालित हैं। वर्तमान में रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ एवं बेमेतरा में 140 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। इन केंद्रों में निरंतर देखभाल, उपचार सहयोग और आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिससे संवेदनशील स्थिति में भी उन्हें मानवीय और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

    वृद्धावस्था पेंशन :- आर्थिक संबल का आधार

    सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित पेंशन दी जा रही है। बीपीएल एवं एसईसीसी वंचन समूह के वृद्धजनों को 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह सहायता उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को मजबूती देती है।

    सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा :- नई ऊर्जा का संचार

    वरिष्ठ नागरिक को सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अधिकतम 6900 रुपए तक के उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, छड़ी, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है, जिससे उनका जीवन अधिक सहज बन सके।

    19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का अवसर मिल रहा है, जो उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10 हजार 694 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।

    समग्र कल्याण की दिशा में निरंतर प्रयास

    छत्तीसगढ़ शासन का लक्ष्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। पेंशन, स्वास्थ्य देखभाल, आवास, सहायक सुविधाओं और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सशक्त, संवेदनशील और समग्र सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह प्रयास आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से वृद्धजनों के जीवन को गरिमामय बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।

  • मजदूरी से ‘मल्टी-फार्मिंग’ तक: दंतेवाड़ा के ललित यादव ने 6 गायों से शुरू किया सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे ‘श्वेत क्रांति’ की नई कहानी—दूध, पनीर और जैविक खाद से बन गए आत्मनिर्भरता के प्रतीक

    मजदूरी से ‘मल्टी-फार्मिंग’ तक: दंतेवाड़ा के ललित यादव ने 6 गायों से शुरू किया सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे ‘श्वेत क्रांति’ की नई कहानी—दूध, पनीर और जैविक खाद से बन गए आत्मनिर्भरता के प्रतीक

    मजदूरी की बेड़ियां तोड़ ‘मल्टी-फार्मिंग’ के नायक बने ललित यादव, 6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारत

    रायपुर : दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई ‘श्वेत क्रांति’ का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि यह पहल स्थानीय स्तर पर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।

    मजदूरी से ‘मल्टी-फार्मिंग’ तक का प्रेरणादायक सफर

    दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड के ग्राम गुमड़ा के रहने वाले 36 वर्षीय ललित यादव की कहानी अटूट साहस और संघर्ष की मिसाल है। एक समय था जब ललित अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी करने को विवश थे। वर्ष 2013 में उन्होंने महज 6 गायों के साथ पशुपालन की शुरुआत की। आज उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनके पास 25 गायों का एक विशाल और आधुनिक डेयरी फार्म है।

    तकनीक और आधुनिक नस्लों से आया बड़ा बदलाव

    ललित की सफलता का मुख्य आधार पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश है:

    •      उन्नत नस्लें: पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने जर्सी और एचएफ (HF) क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाया।

    •      उत्पादन: वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ₹70 प्रति लीटर की दर से बाजार में बिक रहा है।

    •      लागत में कमी: चारे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती शुरू की, जिससे पशुओं को साल भर पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और बाहरी खर्चों में भारी कटौती हुई है।

    ‘मल्टी-फार्मिंग’ मॉडल: आय के विविध स्रोत

    ललित ने केवल डेयरी तक सीमित न रहकर ‘मल्टी-फार्मिंग’ का एक सफल मॉडल तैयार किया है:

    •      विविधता: डेयरी के साथ-साथ वे कुक्कुट (मुर्गी) पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित नकद आय प्राप्त होती है।

    •      मूल्य संवर्धन (Value Addition): दूध की अधिकता होने पर वे उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करते हैं, जो 400 प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है।

    •      जैविक खाद: उनके फार्म के गोबर की इतनी मांग है कि अन्य जिलों के किसान 3000 से 3500 प्रति ट्रैक्टर की दर से जैविक खाद खरीदने उनके घर तक पहुँचते हैं।

    शासन की योजनाओं और पारिवारिक संस्कारों का संगम

    ललित की इस प्रगति में शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग के लिए लिए गए 3 लाख के बैंक ऋण को समय से पूर्व चुकाकर अपनी विश्वसनीयता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय दिया है।

    ललित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ के संघर्षों और संस्कारों को देते हैं। उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें शिक्षा दिलाई। आज ललित न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक ‘प्रेरक प्रकाश स्तंभ’ बनकर उभरे हैं। उनकी कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदारी और मेहनत से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

  • छत्तीसगढ़ में श्रमिक सशक्तिकरण की नई क्रांति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया ‘ई-श्रम साथी’ एप, योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और डिजिटल लेबर चौक से रोजगार व्यवस्था को मिला नया आयाम

    छत्तीसगढ़ में श्रमिक सशक्तिकरण की नई क्रांति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लॉन्च किया ‘ई-श्रम साथी’ एप, योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और डिजिटल लेबर चौक से रोजगार व्यवस्था को मिला नया आयाम

    श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, “ई-श्रम साथी” एप लॉन्च

    श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, “ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने  कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “ई-श्रम साथी” मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।

    उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

    छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

    श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

    डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

  • मोहला-मानपुर को सिंचाई की बड़ी सौगात: रेगाकठेरा जलाशय जीर्णोद्धार के लिए ₹2.07 करोड़ स्वीकृत, 60 हेक्टेयर सिंचाई घाटे की होगी भरपाई—किसानों के खेतों में लौटेगी हरियाली

    मोहला-मानपुर को सिंचाई की बड़ी सौगात: रेगाकठेरा जलाशय जीर्णोद्धार के लिए ₹2.07 करोड़ स्वीकृत, 60 हेक्टेयर सिंचाई घाटे की होगी भरपाई—किसानों के खेतों में लौटेगी हरियाली

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखण्ड-अम्बागढ़ चौकी की रेगाकठेरा जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 7 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 80 हेक्टेयर के विरुद्ध 60 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।