Category: छत्तीसगढ

  • नैनो यूरिया बना किसानों की तरक्की का नया मंत्र: लागत घटी, उत्पादन बढ़ा और मिट्टी की सेहत हुई बेहतर, आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान

    नैनो यूरिया बना किसानों की तरक्की का नया मंत्र: लागत घटी, उत्पादन बढ़ा और मिट्टी की सेहत हुई बेहतर, आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान

    नैनो यूरिया से खेती में बढ़ा मुनाफा, मिट्टी की सेहत भी हो रही बेहतर

    धान, गेहूं और सब्जियों की खेती में किसानों को मिल रहे सकारात्मक परिणाम

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत उर्वरकों के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रही है। राज्य के किसान अब पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ नवाचार को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में सफल प्रयास कर रहे हैं। नैनो यूरिया का बढ़ता उपयोग इसी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

    प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसान नैनो यूरिया के उपयोग से सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो यूरिया पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराता है, जिससे फसलों की वृद्धि बेहतर होती है और उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है। साथ ही इसके उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी आती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम बड़ादमाली के प्रगतिशील किसान श्री कपूर सिंह ने अपनी लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया का सफल उपयोग कर अच्छे परिणाम प्राप्त किए हैं। धान, गेहूं एवं विभिन्न सब्जी फसलों में इसके प्रयोग से उन्हें बेहतर फसल विकास और लागत में कमी का अनुभव हुआ है। उनका मानना है कि समय पर और वैज्ञानिक तरीके से किए गए छिड़काव से फसलों को अधिक लाभ मिलता है।

    कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि नैनो यूरिया का छिड़काव सीधे पौधों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण अधिक प्रभावी होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है और फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है। इसके अलावा मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी यह तकनीक सहायक सिद्ध हो रही है।

    राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं।

    नैनो यूरिया के सफल उपयोग से प्रेरित किसान अब आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इससे न केवल खेती की लागत कम हो रही है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता को भी मजबूती मिल रही है।

  • राज्यपाल रमेन डेका की पहल रंग लाई: लोक भवन में मेडिटेशन शिविर के जरिए अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीखी तनाव प्रबंधन और बेहतर कार्यक्षमता की कला

    राज्यपाल रमेन डेका की पहल रंग लाई: लोक भवन में मेडिटेशन शिविर के जरिए अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीखी तनाव प्रबंधन और बेहतर कार्यक्षमता की कला

    लोक भवन में तीन दिवसीय मेडिटेशन शिविर का समापन

    रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय मेडिटेशन शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रार्थना के माध्यम से ध्यान की विधि की जानकारी दी तथा ध्यान का अभ्यास भी कराया।

     शिविर के दौरान लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए मेडिटेशन के विभिन्न पहलुओं को समझा और नियमित अभ्यास के महत्व को जाना। प्रशिक्षकों ने बताया कि ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम है, जिसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर बेहतर कार्यक्षमता और संतुलित जीवन प्राप्त किया जा सकता है। इस शिविर में प्रतिभागियों ने ध्यान की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया और इसके सकारात्मक प्रभावों का अनुभव किया।

  • पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशि

    पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशि

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App,  नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा  जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • ’नीट यूजी 2026 परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिये दिशा-निर्देश, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

    ’नीट यूजी 2026 परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिये दिशा-निर्देश, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

    रायपुर : मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आगामी 21 जून को नीट (यू जी) 2026 की पुनः परीक्षा के सुचारु संचालन हेतु बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं। उन्होंने परीक्षा के दौरान केन्द्र सरकार एवं राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने कहा है।

    नीट पुनः परीक्षा 21 जून को

     मुख्य सचिव ने कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा के पहले ही परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करने और परीक्षा के लिए की गई तमाम तैयारियों के बारे जानकारी लेने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस है इसे ध्यान में रखते हुये परीक्षा संचालन में कहीं पर कोई दिक्कत नहीं हो यह सुनिश्चित कर लिया जाये। परीक्षा केन्द्रों पर आने जाने के लिए समुचित व्यवस्था हो। उन्होंने योगा दिवस से संबंधित गतिविधियों के कारण किसी भी परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा संचालन प्रभावित नहीं हो यह सुनिश्चित करने कहा है।

     मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा देने जा रहे बच्चें घबराये नही- परीक्षा अच्छे से दें। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की संयुक्त टीम बच्चों की काउंसलिंग करें कि उन्हें किसी भी तरह परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्य सचिव ने परीक्षा के एक दिन पहले 20 जून को परीक्षा संचालन के लिए तमाम व्यवस्थाओं के लिए माकड्रिल एक्सरसाइज करने के निर्देश दिए है। उन्होंने माकड्रिल की तैयारी पहले से करने कहा है। परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कहा गया है। परीक्षा के प्रश्न-पत्र एवं ओएमआर शीट एयर फोर्स के माध्यम से मूव होंगे। इन्हें सुरक्षा के साथ रखने कलेक्टर, एसपी को पहले से ही पर्याप्त तैयारी करने कहा गया है। प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने एवं परीक्षा दिवस पर सक्रिय रखने कहा गया है, जिससे परीक्षा संचालन का प्रभावी निगरानी की जा सकें।

    नीट पुनः परीक्षा 2026 के लिए 19 शहरों में 127 परीक्षा केन्द्र बनाये गए

     वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में शामिल हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में नीट पुनः परीक्षा 2026 के लिए 19 शहरों में होगी। परीक्षा के लिए कुल 127 परीक्षा केन्द्र बनाये गए है। श्री सिंह ने सभी जिला र्प्रशासन के अधिकारियों से परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां करने एवं सहयोग और समन्वय करने का अनुरोध किया।

     बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस. सहित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नामित छत्तीसगढ़ राज्य नोडल अधिकारी श्री पीयुष शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ शासन के तकनीकी शिक्षा संचालनालय, पुलिस विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारी सहित सरगुजा, बालोद, बीजापुर, बिलासपुर, दुर्ग, दंतेवाड़ा, धमतरी, बस्तर, जांजगीर-चापा, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, नारायणपुर, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव एवं सुकमा के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

  • हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी- वन मंत्री केदार कश्यप

    हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी- वन मंत्री केदार कश्यप

    विश्व पर्यावरण दिवस पर वन मंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, पौधा लगाने का किया आह्वान

    एक पेड़ मां के नाम अभियान बना जनआंदोलन उदंती-सीतानदी में दूधराज का घोंसला समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक

    रायपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के गरिमामय अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा, अनुपम जैव विविधता और अद्वितीय प्राकृतिक संसाधनों के कारण देश का एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। वर्तमान में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है।

    जनआंदोलन बना एक पेड़ मां के नाम अभियान

     वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण सहित हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कई प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में राज्य में करोड़ों पौधों का रोपण किया गया है। आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से अब यह अभियान एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

    44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पूंजी

     मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से ढका है, जो हमारी सबसे बड़ी प्राकृतिक संपदा है। वन विभाग द्वारा वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक पुनर्जनन और व्यापक वृक्षारोपण के माध्यम से इस हरित आवरण को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

    सुरक्षित हुए प्राकृतिक आवास, बढ़ा जल स्तर

     श्री कश्यप ने वन्यजीवों के संरक्षण पर बात करते हुए बताया कि राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में वन्यप्राणियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में मध्य प्रदेश के राजकीय पक्षी दूधराज द्वारा घोंसला बनाने का दुर्लभ दृश्य देखा गया है, जो हमारी सुरक्षित एवं अनुकूल पर्यावरण प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके अलावा, वन क्षेत्रों में हज़ारों जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से वन्यजीवों को सालभर पानी मिल रहा है और भूजल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को बढ़ावा

     वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लें।

  • श्रम विभाग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, समय सीमा में देनी होगी जानकारी

    श्रम विभाग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, समय सीमा में देनी होगी जानकारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए तथा श्रम विभाग द्वारा कार्यालय का नाम, विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा, ऐसी सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई समय-सीमा के साथ, सेवा प्रदान करने वाले पदाभिहित अधिकारी (पद), सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारी का पदनाम, अधिसूचित किया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत सेवा जो प्रदाय की जानी है, श्रम विभाग द्वारा सेवा प्रदाय करने की समय-सीमा (कार्य दिवस) निर्धारित की गई है। इसी प्रकार सेवा प्रदाय करने वाला लोक प्राधिकारी (पद), सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • बस्तर की बेटियों ने पेश की सफलता की मिसाल, तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की रुद्राणी और डालेश्वरी ने बढ़ाई अंचल की शान

    बस्तर की बेटियों ने पेश की सफलता की मिसाल, तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की रुद्राणी और डालेश्वरी ने बढ़ाई अंचल की शान

    शिक्षा प्रोत्साहन योजना से मिला संबल, हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में बेटियों ने लहराया परचम

    सांसद महेश कश्यप ने सुशासन तिहार में सौंपे 15-15 हजार रुपये के चेक, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

    रायपुर : आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों को मात देकर बस्तर जिले की दो बेटियों ने सफलता की एक नई इबारत लिखी है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से ताल्लुक रखने वाली रुद्राणी कश्यप और डालेश्वरी बघेल ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने माता-पिता, गांव और पूरे बस्तर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    सीमित संसाधनों में गढ़ी सफलता की कहानी

     बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम उलनार की निवासी रुद्राणी कश्यप ने सेजेस (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय) करपावंड से और डालेश्वरी बघेल ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उलनार से पढ़ाई करते हुए यह शानदार उपलब्धि हासिल की है। दोनों छात्राओं ने साबित कर दिया है कि यदि लगन और अनुशासन हो, तो प्रतिभा किसी भी अभाव की मोहताज नहीं होती।

    शिक्षा प्रोत्साहन योजना से मिली नई उड़ान

     तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए संचालित श्शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत दोनों छात्राओं को 15-15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। हाल ही में ग्राम उलनार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने दोनों होनहार बेटियों को प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए। इस मौके पर सांसद ने दोनों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए स्मृति स्वरूप पौधे भी भेंट किए।

     माता-पिता ने जताया आभार, बेटियों के सपनों को मिले पंख रुद्राणी कश्यप की माता श्रीमती कुंती कश्यप ने बताया कि बेटी की रुचि जीव विज्ञान (बायोलॉजी) में है और पूरा परिवार उसकी आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग करेगा। वहीं, डालेश्वरी बघेल के पिता श्री लम्बोदर बघेल ने इस सफलता का पूरा श्रेय बेटी की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया।

     श्रमसाध्य जीवन जीने वाले परिवारों की इन बेटियों की यह कामयाबी आज ग्रामीण अंचल के हज़ारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। सरकार की इस योजना ने न केवल उनका हौसला बढ़ाया है, बल्कि उनके सपनों को एक नई और मजबूत दिशा भी दी है।

  • हाथियों के संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती -वन मंत्री केदार कश्यप

    हाथियों के संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती -वन मंत्री केदार कश्यप

    वन मंत्री ने किया राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

    विशेषज्ञ देंगे वैज्ञानिक प्रबंधन का प्रशिक्षण

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में हाथियों के संरक्षण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ आज वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने निवास कार्यालय में वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय भी साथ में थे। इस कार्यशाला में देशभर के वन्यजीव विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक और वन अधिकारी शामिल हुए।

    संरक्षण प्रयासों से बढ़ी हाथियों की संख्या

     वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैव विविधता और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। राज्य सरकार के संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में लगभग 240 हाथी थे, जिनकी संख्या बढ़कर वर्ष 2026 में करीब 450 हो गई है। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।

    मानव-हाथी संघर्ष कम करना सरकार की प्राथमिकता

     श्री कश्यप ने बताया कि वर्तमान में हाथियों का विचरण सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर और दुर्ग संभाग के कई क्षेत्रों तक फैल चुका है। ऐसे में हाथियों के संरक्षण के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। राज्य सरकार जनभागीदारी, सतत निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर

     वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाथियों के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक रणनीति पर कार्य कर रही है। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और प्रशिक्षित मानव संसाधन की मदद से वन्यजीव प्रबंधन को और मजबूत बनाया जा रहा है। इस तरह की कार्यशालाएं अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीनतम जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं।

    विशेषज्ञ देंगे स्वास्थ्य प्रबंधन और संरक्षण का प्रशिक्षण

     कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून तथा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, नमूनों का संरक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, शव प्रबंधन और स्वास्थ्य निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

    वन्यजीव संरक्षण में छत्तीसगढ़ बन रहा मॉडल राज्य

     वन मंत्री श्री कश्यप ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और अनुभव हाथियों के संरक्षण, सुरक्षा और प्रभावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है।

    विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का किया आभार व्यक्त

     वन मंत्री ने सभी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए जैव विविधता संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया।

  • आधुनिक रायगढ़ के निर्माण की दिशा में तेज़ी: सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन समेत प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण, ओपी चौधरी बोले— सुनियोजित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

    आधुनिक रायगढ़ के निर्माण की दिशा में तेज़ी: सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन समेत प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण, ओपी चौधरी बोले— सुनियोजित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

    रायगढ़ का सुनियोजित विकास हमारी प्राथमिकता, कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता नहीं- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

    वित्त मंत्री ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का किया जमीनी निरीक्षण

    सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम और पंचतत्व गार्डन सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ शहर का दौरा कर वहां संचालित विभिन्न विकास कार्यों का कड़ा निरीक्षण किया और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन, जूटमिल हाउसिंग बोर्ड, मिट्ठूमुड़ा सामुदायिक भवन और फरहामुड़ा तालाब जैसी कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया।

    गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़े निर्देश

     निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता मानकों और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को इन नागरिक सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

    रायगढ़ को मिलेगी आधुनिक पहचान

     श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार रायगढ़ के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शहर में बनाए जा रहे पार्क, खेल परिसर, सामुदायिक भवन और जल संरक्षण परियोजनाएं न केवल नागरिकों का जीवन स्तर सुधारेंगी, बल्कि रायगढ़ को एक आधुनिक, स्वच्छ और सुविधा संपन्न शहर के रूप में नई पहचान देंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विकास कार्यों की गुणवत्ता से बिना कोई समझौता किए जनता को बेहतर से बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

     इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्त मंत्री को जारी परियोजनाओं की तकनीकी और व्यावहारिक प्रगति से अवगत कराया।

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री ओ.पी. चौधरी का आह्वान: जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन, हर नागरिक कम से कम एक पौधा लगाने का ले संकल्प

    विश्व पर्यावरण दिवस पर मंत्री ओ.पी. चौधरी का आह्वान: जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन, हर नागरिक कम से कम एक पौधा लगाने का ले संकल्प

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विश्व पर्यावरण दिवस की दी शुभकामनाएं

    रायपुर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

    अपने शुभकामना संदेश में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण मानव जीवन तथा सतत विकास की आधारशिला है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए हमें जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ वृक्षारोपण, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसे उपायों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

    मंत्री श्री चौधरी ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हमें आज से ही सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।