Category: छत्तीसगढ

  • विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का सम्मान! प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री साय ने जताया गौरव

    विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का सम्मान! प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री साय ने जताया गौरव

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर दी बधाई

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर सशक्त होती उसकी भूमिका का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी कूटनीति ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है तथा मित्र देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व समुदाय में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ वैश्विक शांति, सहयोग और साझा समृद्धि के लिए निरंतर योगदान देता रहेगा।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अहम मुलाकात, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर सहयोग बढ़ाने पर जोर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अहम मुलाकात, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर सहयोग बढ़ाने पर जोर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट

    सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के साझा प्रयासों को और सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जशपुर क्षेत्र का झारखंड से वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है, जिसने दोनों राज्यों के लोगों के बीच विश्वास और निकटता को निरंतर मजबूत किया है।

    बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

  • छत्तीसगढ़ को मिलेगी आधुनिक व्यापार की नई पहचान! मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के अत्याधुनिक थोक बाजार का लोकार्पण

    छत्तीसगढ़ को मिलेगी आधुनिक व्यापार की नई पहचान! मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के अत्याधुनिक थोक बाजार का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

    आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

    प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को मिलेगा आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय व्यापारिक परिसर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा रायपुर के डूमरतराई में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण समारोह अब 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का लोकार्पण एवं नामकरण कर इसे प्रदेशवासियों और व्यापारियों को समर्पित करेंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था, किन्तु अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह समारोह 8 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह अत्याधुनिक थोक बाजार व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुगम यातायात व्यवस्था, सुव्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।

    डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे व्यापारियों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित व्यावसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं समग्र थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिलेगी।

    यह नवीन थोक बाजार प्रदेश के व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसरों का सृजन करते हुए रायपुर को एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली यह परियोजना उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

    लोकार्पण एवं नामकरण समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, गणमान्य नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।

    डूमरतराई का नवीन थोक बाजार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन! सभी विभागों में बैकलॉग भर्ती जल्द शुरू करने के निर्देश, योजनाओं की प्रगति और मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर

    मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन! सभी विभागों में बैकलॉग भर्ती जल्द शुरू करने के निर्देश, योजनाओं की प्रगति और मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर

    मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक : विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

    रायपुर : मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।

    मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

    बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

  • अब वनांचल के बच्चे भी सीखेंगे डिजिटल दुनिया के हुनर! राज्यपाल के स्वेच्छानुदान से स्वामी आत्मानंद स्कूल को मिले 10 कंप्यूटर, तकनीकी शिक्षा को मिली नई उड़ान

    अब वनांचल के बच्चे भी सीखेंगे डिजिटल दुनिया के हुनर! राज्यपाल के स्वेच्छानुदान से स्वामी आत्मानंद स्कूल को मिले 10 कंप्यूटर, तकनीकी शिक्षा को मिली नई उड़ान

    स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त

    रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।

     लोक भवन में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा।

     इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

  • पंडवानी की अमर स्वर-सम्राज्ञी को अंतिम नमन! 8 जुलाई को रायपुर में लोक कलाकारों की संगीतमय श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अनेक गणमान्य होंगे शामिल

    पंडवानी की अमर स्वर-सम्राज्ञी को अंतिम नमन! 8 जुलाई को रायपुर में लोक कलाकारों की संगीतमय श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अनेक गणमान्य होंगे शामिल

    पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मंत्रीगण, सांसद व विधायकगण होंगे शामिल

     पद्मश्री एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार भी होंगे मौजूद

    रायपुर : पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ. श्रीमती तीजन बाई को 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच से आयोजित होगा।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ के पद्मश्री एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित लोक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस महान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जिन्होंने पंडवानी जैसी लोकवाचिक परंपरा को गांव के चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया। गीत, संगीत, पंडवानी, लोकगायन और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के उस स्वर्णिम अध्याय को नमन है, जिसे डॉ. श्रीमती तीजन बाई ने अपने संपूर्ण जीवन की साधना से रचा।

    पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश और विश्व के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ भारतीय लोककला का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ, जिसने पंडवानी को नई प्रतिष्ठा, नई पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया।

    24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया और उसी समय यह संकल्प लिया कि वे पंडवानी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाएंगी। उस दौर में महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेदमती शैली में बैठकर पंडवानी प्रस्तुत करने की परंपरा थी, लेकिन उन्होंने साहस के साथ कपालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। अपनी दमदार आवाज, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली भावाभिव्यक्तियों से उन्होंने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और इसे जन-जन तक पहुंचाया।

    प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डॉ. तीजन बाई ने 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर न केवल इस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। वे विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन गईं।

    पांच दशक से अधिक समय तक उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में जीवंत किया। उनके मंचन में गायन, अभिनय, संवाद, भावाभिव्यक्ति और लोकभाषा का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने सिद्ध किया कि लोककला किसी क्षेत्र विशेष की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की सांस्कृतिक विरासत है।

    उनकी अनुपम कला साधना के लिए उन्हें पद्मश्री (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्मविभूषण (2019) तथा डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इन सम्मानों ने उनके गौरवशाली सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।

    संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम वास्तव में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण है। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कला साधना, संघर्ष और पंडवानी की गौरवशाली परंपरा को साकार करेंगे।

  • समय पर खाद, बीज और ₹3.50 लाख का कृषि ऋण बना संबल! सुकमा के किसान हड़मा राम ने पूरे आत्मविश्वास से शुरू की खरीफ खेती

    समय पर खाद, बीज और ₹3.50 लाख का कृषि ऋण बना संबल! सुकमा के किसान हड़मा राम ने पूरे आत्मविश्वास से शुरू की खरीफ खेती

    समय पर खाद, बीज और ऋण मिला तो बढ़ा किसान का आत्मविश्वास

    प्रशासन की सक्रिय पहल से हड़मा राम ने समय पर शुरू की खरीफ की खेती

    रायपुर : समय पर खाद, उन्नत बीज और कृषि ऋण मिल जाए तो खेती आसान हो जाती है। सुकमा जिले के किसान हड़मा राम मरकाम की कहानी इसका अच्छा उदाहरण है। जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से उन्हें समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं मिलीं, जिससे वे बिना किसी परेशानी के खरीफ फसल की तैयारी कर सके।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन ने खरीफ सीजन से पहले किसानों तक खाद, उन्नत बीज और अन्य कृषि सामग्री समय पर पहुंचाने की व्यवस्था की। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में दूरस्थ गांवों तक भी कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    सुकमा जिले के रानीबहाल गांव के प्रगतिशील किसान हड़मा राम मरकाम लगभग 32 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं। खेती के लिए उन्हें छिंदगढ़ सहकारी समिति के माध्यम से 3 लाख 50 हजार रुपये का सब्सिडीयुक्त कृषि ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने समय पर खाद और उन्नत बीज खरीदे तथा खेती की सभी तैयारियां पूरी कर लीं।

    हड़मा राम मरकाम बताते हैं कि समय पर ऋण और कृषि सामग्री मिलने से उन्हें आर्थिक चिंता नहीं रही। वे बिना देरी के बोआई की तैयारी कर सके। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

    जिला प्रशासन किसानों को उचित मूल्य पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। कालाबाजारी, अवैध भंडारण और बिचौलियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं। इससे किसानों को सही समय पर और उचित कीमत पर कृषि सामग्री मिल रही है।

    यह पहल दिखाती है कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और प्रशासन की समयबद्ध कार्यप्रणाली से किसानों का भरोसा मजबूत हो रहा है। समय पर मिली सहायता से किसान बेहतर खेती कर रहे हैं और उन्हें इस खरीफ सीजन में अच्छी उपज और अधिक आय की उम्मीद है।

  • स्टेयरिंग ने बदली सुकमा के युवाओं की तकदीर! पुनर्वास केंद्र से निकलकर कौशल और आत्मनिर्भरता की नई राह पर बढ़े कदम

    स्टेयरिंग ने बदली सुकमा के युवाओं की तकदीर! पुनर्वास केंद्र से निकलकर कौशल और आत्मनिर्भरता की नई राह पर बढ़े कदम

    स्टेयरिंग ने बदली जिंदगी: पुनर्वास केंद्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़े सुकमा के युवा

    रायपुर : कभी भय और अनिश्चितता से घिरे जीवन जीने वाले सुकमा जिले के कई युवाओं के लिए आज नई सुबह की शुरुआत हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास पहल और जिला प्रशासन के प्रयासों से ये युवा अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके हाथों में अब बंदूक नहीं, बल्कि रोजगार और सम्मानजनक जीवन की नई उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), सुकमा द्वारा पुनर्वासित युवाओं के लिए 30 दिवसीय एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) ऑनर ड्राइवर प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। 13 जून से 12 जुलाई तक चल रहे इस प्रशिक्षण में 31 युवा भाग ले रहे हैं।

    प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को केवल वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, रोड संकेतों की जानकारी और वाहन की सामान्य मरम्मत का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने पर जिला प्रशासन सभी प्रतिभागियों का ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा रहा है, ताकि वे आसानी से रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ सकें।

    इस प्रशिक्षण से जुड़ी सोड़ी सोमड़ी बताती हैं कि यहां हमें सुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाना सिखाया जा रहा है। अब हमें विश्वास है कि हम अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे। इसके लिए हम सरकार और प्रशासन के आभारी हैं।

    इसी तरह पुनेम ज्योति कहती हैं कि रोजाना मिलने वाले प्रशिक्षण से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। ड्राइविंग सीखने के बाद हम रोजगार प्राप्त कर अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा सकेंगे।

    कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। कौशल विकास, ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस जैसी सुविधाओं के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    यह पहल साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है। आज सुकमा के ये युवा आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की ओर बढ़ रहे हैं और अपने साथ-साथ अपने परिवार के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं। यह बदलाव छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास और कौशल विकास योजनाओं की सार्थक सफलता का प्रेरक उदाहरण है।

  • नक्सल पीड़ित परिवार के देवा मंडावी को मिली शासकीय नौकरी: पुनर्वास नीति ने बदली जिंदगी, सम्मानजनक भविष्य की नई शुरुआत

    नक्सल पीड़ित परिवार के देवा मंडावी को मिली शासकीय नौकरी: पुनर्वास नीति ने बदली जिंदगी, सम्मानजनक भविष्य की नई शुरुआत

    नक्सल पीड़ित परिवार के देवा मंडावी को मिली शासकीय नौकरी

    पुनर्वास नीति से मिला सम्मानजनक जीवन का नया अवसर, दंतेवाड़ा कलेक्टर कार्यालय में भृत्य पद पर नियुक्ति

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025” नक्सल प्रभावित परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। इसी नीति के तहत दंतेवाड़ा जिले के नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य देवा मंडावी को शासकीय सेवा में नियुक्ति दी गई है।

    देवा मंडावी, ग्राम धुरवापारा, अरनपुर (विकासखंड कुआकोण्डा) के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय बुधरा मंडावी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की अनुशंसा और दंतेवाड़ा कलेक्टर की स्वीकृति के बाद देवा मंडावी को कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख शाखा), जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर नियुक्त किया गया है। वे शीघ्र ही अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।

    यह नियुक्ति गृह (सी-अनुभाग) विभाग द्वारा 28 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार की गई है। नियुक्ति के साथ उन्हें सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन मैट्रिक्स लेवल-01 का वेतन, महंगाई भत्ता तथा शासन के नियमानुसार अन्य सभी सुविधाएं भी मिलेंगी।

    राज्य सरकार की यह पहल नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुनर्वास नीति के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे न केवल उनका भविष्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि शासन की संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच भी साकार हो रही है।

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर बड़ा ऐलान: छत्तीसगढ़ के सभी जिला और संभागीय मुख्यालयों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं, 10 करोड़ रुपये स्वीकृत

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर बड़ा ऐलान: छत्तीसगढ़ के सभी जिला और संभागीय मुख्यालयों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं, 10 करोड़ रुपये स्वीकृत

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा और त्याग का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर किया नमन

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। धारा 370 का हटना, अंत्योदय की भावना पर आधारित विकास तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने वाले अनेक निर्णय उनके विचारों को मूर्त रूप देने वाले ऐतिहासिक कदम हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक दूरदर्शी राजनेता ही नहीं, बल्कि विलक्षण शिक्षाविद भी थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने का गौरव प्राप्त करने वाले डॉ. मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की उनकी प्रतिबद्धता ऐसी थी कि उन्होंने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना स्वीकार किया।

    उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरुद्ध डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक संघर्ष किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज पूरा देश उनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठा को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के गौरवशाली इतिहास और भूले-बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। हर घर तिरंगा जैसे जनआंदोलन ने राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भी नया रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 14 वीर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में विशेष दीर्घा स्थापित की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अंत्योदय के विचारों को आधार बनाकर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्प पूरे किए गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। 500 से अधिक गांवों तक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है, 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा बस्तर अंचल में व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार अभियान संचालित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, शिक्षा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल, प्रबुद्धजन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।