अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर होगा ‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन का आयोजन
वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में दौड़ेंगे युवा और नागरिक
रायपुर : अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है l बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। lअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।
वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर ‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।
दो श्रेणियों में होगी मैराथन
प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य
इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है।
सुबह 7 बजे होगी मैराथन की शुरुआत
‘रन फॉर इंद्रावती’ मैराथन 29 जुलाई को प्रातः 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।
प्रकृति संरक्षण के लिए बढ़ाएं एक कदम
आयोजकों ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, वन्यजीव प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर ‘रन फॉर इंद्रावती’ से जुड़ें और बाघों, वन्यजीवों तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
अंतर-क्षेत्रीय शतरंज में रायपुर सेंट्रल और कोरबा वेस्ट बने चैंपियन, कैरम में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दम.
रायपुर :छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ की अंतर-क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज और कैरम दोनों स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शतरंज में रायपुर सेंट्रल और कोरबा वेस्ट ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, वहीं कैरम में भी विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के आधार पर चयनित खिलाड़ी अब तिरुपति में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ की अंतर-क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत आयोजित शतरंज प्रतियोगिता के पुरुष टीम वर्ग में रायपुर सेंट्रल चैंपियन तथा दुर्ग रीजन उपविजेता रहा। महिला टीम वर्ग में कोरबा वेस्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रायपुर सेंट्रल उपविजेता रहा।
22 से 24 जुलाई तक जगदलपुर में आयोजित अंतर-क्षेत्रीय कैरम प्रतियोगिता में भी विभिन्न क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला एकल वर्ग में रायपुर (सेंट्रल) की कंचन महेश ठाकुर विजेता तथा नमिता जैन उपविजेता रहीं। महिला युगल वर्ग में भी दोनों की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दुर्ग की शकुंतला कारक एवं अनीता रोही की जोड़ी उपविजेता रही। पुरुष एकल वर्ग में कोरबा (वेस्ट) के विनोद राठौर विजेता तथा जगदलपुर के कमलेश ठाकुर उपविजेता रहे। पुरुष टीम स्पर्धा में जगदलपुर ने खिताब अपने नाम किया, जबकि दुर्ग उपविजेता रहा।
प्रतियोगिता के पर्यवेक्षक अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रदर्शन के आधार पर महिला वर्ग में कंचन महेश ठाकुर, नमिता जैन, शकुंतला कारक, रीना पुरी गोस्वामी, अनीता रोही एवं कविता ठक्कर तथा पुरुष वर्ग में विनोद राठौर, कमलेश ठाकुर, एस.के. मोदी, पी. नागेश्वर राव, शुभम बंचोरे, कमलेश साहू, सुशांत कटाकवार एवं सलीम खान का चयन किया गया है। चयनित खिलाड़ी 4 से 6 अगस्त 2026 तक आंध्र प्रदेश के तिरुपति में आयोजित 48वीं ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की राष्ट्रीय कैरम एवं शतरंज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी
प्रधानमंत्री श्री साय ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की
जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।
उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।
कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना
‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।
जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।
स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।
मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।
थाना नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम गोधना में 56 सदस्यीय महिला कमांडो टीम का गठन, “सजग नागरिक, सख्त प्रहरी” अभियान के तहत महिलाओं को सौंपी सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी.
SP के नेतृव में लोगों को जागरूक करते हुए गांव में रैली भी निकाली गई, गठित महिला कमांडो टीम के सदस्यों को टोपी, सीटी का भी किया गया वितरण.
जांजगीर-चांपा :जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गोधना में पुलिस ने सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक नई पहल करते हुए 56 सदस्यीय महिला कमांडो टीम का गठन किया। “सजग नागरिक, सख्त प्रहरी” अभियान के तहत महिलाओं को अपराध रोकथाम और कानून व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्वयं गांव पहुंचकर रैली निकाली, जागरूकता का संदेश दिया और महिला कमांडो को टोपी व सीटी वितरित की।
पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के मार्गदर्शन में थाना नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम गोधना में “सजग नागरिक, सख्त प्रहरी” अभियान के अंतर्गत 56 जागरूक महिलाओं की महिला कमांडो टीम का गठन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक स्वयं ग्राम गोधना पहुंचे और ग्रामीणों के साथ संवाद कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में जनसहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला।
पुलिस अधीक्षक नवगठित महिला कमांडो टीम की सराहना करते हुए कहा कि समाज में अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से एक सुरक्षित और अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने टीम की सभी महिलाओं से अपील की कि यदि क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब की बिक्री, नशे का कारोबार अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक रहने, सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठाने तथा पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का संदेश दिया गया। उपस्थित महिलाओं ने समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने तथा गांव को अपराध एवं नशामुक्त बनाने का संकल्प भी लिया।
अभियान का उद्देश्य –
*महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाना।
*जुआ, सट्टा, अवैध शराब एवं अन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जनसहयोग प्राप्त करना।
*पुलिस एवं आम नागरिकों के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग को मजबूत करना।
*गांवों में अपराधमुक्त, सुरक्षित एवं जागरूक सामाजिक वातावरण का निर्माण करना।
*महिलाओं को नेतृत्व प्रदान कर सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रेरित करना।
उपरोक्त जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिकगण एवं निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय थाना प्रभारी नवागढ़ भी उपस्थित रहे।
समय पर मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र, जावंगा कन्या शिक्षा परिसर में प्रवेश का सपना हुआ साकार
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा नागरिकों तक शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के लिए संचालित सेवा सेतु केंद्र आम लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम धुरली की छात्रा उर्मिला की सफलता इसकी प्रेरक मिसाल है। सेवा सेतु केंद्र की मदद से उन्हें समय पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिला, जिससे जावंगा स्थित कन्या शिक्षा परिसर में प्रवेश का उनका सपना साकार हो गया।
सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से समय पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिला
उर्मिला ने आगे की पढ़ाई के लिए कन्या शिक्षा परिसर, जावंगा में प्रवेश हेतु आवेदन किया था। प्रवेश प्रक्रिया में स्थायी जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य था। ऐसे में उन्होंने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। केंद्र के कर्मचारियों ने सभी आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की और उन्हें शीघ्र ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया।
सेतु केंद्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बहुत आसान
समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उर्मिला का प्रवेश बिना किसी कठिनाई के हो गया। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए उर्मिला ने कहा कि पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने में काफी समय और परेशानी होती थी, लेकिन अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो गई है।
समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उर्मिला की शिक्षा का सपना होगी पूरी
उर्मिला ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जनहितकारी सोच और सुशासन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनका शिक्षा का सपना पूरा हो सका।
सेवा सेतु जनसेवा के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रभावी कदम
राज्य शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को जाति, आय, निवास सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र एवं विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध कराना है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को समय पर दस्तावेज और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।
भटके मासूम को मिला अपना परिवार: बाल कल्याण समिति बालोद की पहल बनी नई जिंदगी की उम्मीद
एक वर्ष तक परिजनों की तलाश के बाद किया गया फॉस्टर केयर प्लेसमेंट
रायपुर : एक वर्ष पहले बालोद रेलवे स्टेशन पर भटकता हुआ मिला नौ वर्षीय बालक आज एक नए परिवार के स्नेह और सुरक्षा के बीच अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रहा है। जिला प्रशासन बालोद और बाल कल्याण समिति की संवेदनशील पहल ने उस मासूम को न केवल आश्रय दिलाया, बल्कि उसे एक ऐसा परिवार भी मिला जो अब उसके पालन-पोषण, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी निभाएगा।
कलेक्टर एवं जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए बालक “समीर” (बदला हुआ नाम) का सफल फॉस्टर केयर प्लेसमेंट बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार में कराया गया। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने पुनर्वास आदेश सौंपते हुए बालक और उसके नए परिवार को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके सुखद, सुरक्षित और स्नेहपूर्ण भविष्य की कामना की।
माता-पिता एवं परिजनों की तलाश के लिए किए गए व्यापक प्रयास
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व यह बालक बालोद रेलवे स्टेशन पर भटकता हुआ मिला था। रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसका रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद समिति ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बालक के माता-पिता एवं परिजनों की तलाश के लिए व्यापक प्रयास किए। राष्ट्रीय समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराई गई और विभिन्न स्तरों पर खोजबीन की गई, लेकिन निर्धारित अवधि तक कोई भी परिजन सामने नहीं आया।
चार माह तक प्रयासों के बाद मिला फॉस्टर केयर के लिए परिवार
बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए बाल कल्याण समिति ने उसके लिए ऐसे इच्छुक परिवार की तलाश शुरू की, जो उसे पारिवारिक वातावरण, सुरक्षा, स्नेह और बेहतर भविष्य प्रदान कर सके। लगभग चार माह तक लगातार किए गए प्रयासों के बाद बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार ने बालक को फॉस्टर केयर के तहत अपने परिवार का हिस्सा बनाने की सहमति दी। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई बालोद एवं सीईएसी के सहयोग से सभी आवश्यक कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। बाल कल्याण समिति द्वारा बालक के पुनर्वास का आदेश जारी करते हुए उसे विधिवत धीवर परिवार को सौंपा गया।
इस अवसर पर बालक को उपहार भी भेंट किए गए, ताकि वह नए परिवार के साथ आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव करते हुए अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर सके। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू एवं समिति के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई उड़ान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान बना बदलाव का सशक्त माध्यम, मशरूम उत्पादन से पुष्पा साव ने बदली अपनी तकदीर
मजदूरी पर निर्भर परिवार से सफल उद्यमी बनने तक का प्रेरक सफर, सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय
बिहान से मिले प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और मार्गदर्शन ने आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ाया सम्मान और आत्मविश्वास
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य शासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ ही न मिले, बल्कि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हुए समाज में नई पहचान भी स्थापित करें। इसी सोच को साकार करने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले के ग्राम कुरमापाली की श्रीमती पुष्पा साव की सफलता की कहानी इसी परिवर्तनकारी अभियान का प्रेरक उदाहरण है।
कुछ वर्ष पहले तक श्रीमती पुष्पा साव का परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। दिनभर की कठिन मेहनत के बावजूद इतनी आय नहीं हो पाती थी कि परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से हो सके। बच्चों की पढ़ाई, परिवार का भरण-पोषण और भविष्य की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। सीमित संसाधनों के बीच बेहतर जीवन का सपना साकार होता दिखाई नहीं देता था।
इसी दौरान ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जानकारी मिली। उन्होंने संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़कर नियमित बचत की शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। यही सहयोग उनके जीवन में बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की नीति का लाभ उठाते हुए श्रीमती पुष्पा साव ने सीआईएफ से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता राशि से अपने घर पर मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। उनके उत्पाद की स्थानीय बाजार में तेजी से मांग बढ़ी, जिससे उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया।
व्यवसाय में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने लगभग 70 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश कर मशरूम उत्पादन का विस्तार किया। आज वे मशरूम उत्पादन के माध्यम से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों की बेहतर शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य के लिए बचत करना भी संभव हो पाया है। परिवार के भोजन में मशरूम शामिल होने से पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।
श्रीमती पुष्पा साव का कहना है कि यदि उन्हें बिहान का मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिला होता तो संभवतः उनका परिवार आज भी मजदूरी पर ही निर्भर रहता। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सही प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ और निरंतर मेहनत किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान आज प्रदेश की लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बन चुका है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। श्रीमती पुष्पा साव की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि शासन की दूरदर्शी नीतियां, बिहान का प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यह प्रेरक कहानी बताती है कि अवसर, प्रशिक्षण और संकल्प का संगम किसी भी परिवार के जीवन में समृद्धि और सम्मान का नया अध्याय लिख सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन को मिल रही नई मजबूती
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी आम नागरिकों का भरोसेमंद मंच, ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायतों का हुआ समयबद्ध समाधान
परिवहन विभाग की त्वरित कार्रवाई से हितग्राहियों को मिली राहत, शासन की पारदर्शी एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली पर जताया विश्वास
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की अवधारणा निरंतर सशक्त हो रही है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण हो। इसी उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आज नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बनकर उभरी है। इसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण कर उन्हें बिना अनावश्यक परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के साथ निराकृत करने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान प्राप्त हो।
इसी क्रम में रायगढ़ जिले के श्री रुद्रा बेहरा, श्री विश्वनाथन मोहन राव तथा श्री इलियास लोमगा ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जिला परिवहन विभाग ने प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की। विभाग द्वारा सभी औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए तीनों शिकायतों का निर्धारित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया।
समस्या का समाधान होने पर तीनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई हुई और बिना किसी अनावश्यक विलंब के समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सहज, पारदर्शी और प्रभावी रूप से उपलब्ध हो रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन तथा परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस व्यवस्था की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास दिलाना है कि शासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इसी जनहितैषी सोच का सशक्त माध्यम बनकर प्रदेश में सुशासन की नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रही है। समयबद्ध कार्रवाई, पारदर्शी प्रक्रिया और नागरिक संतुष्टि पर आधारित यह व्यवस्था शासन और जनता के बीच विश्वास को निरंतर मजबूत कर रही है तथा जनकेंद्रित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला : वन मंत्री केदार कश्यप
सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को मिली साइकिलें
रायपुर : सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक कल्याणकारी पहल हैl इस योजना के तहत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) परिवारों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है l
छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत कोण्डागांव जिले के मड़ानार और मर्दापाल में 238 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मड़ानार में आयोजित कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मड़ानार, सोनाबाल और गोलावंड की 57 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं मर्दापाल में मर्दापाल, हसलनार, मटवाल, कांगा, नवागांव और खड़पड़ी की 181 छात्राओं को योजना का लाभ मिला।
छात्राओं को नियमित पढ़ाई के लिए किया प्रेरित
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शासन की सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना का उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों की छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने छात्राओं से मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। वन मंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद
मंत्री श्री कश्यप ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के कारण देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि बस्तर के वीर सेनानियों का भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विद्यार्थियों से उन्होंने देशभक्ति की भावना बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
विकास और शांति की ओर बढ़ रहा बस्तर
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र तेजी से विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस परिवर्तन में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल पर दूरस्थ गांव में शुरू हुआ मोबाइल टॉवर
अब शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और शासकीय सेवाओं तक होगी आसान पहुंच
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की संवेदनशील पहल के तहत, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुसबाका में नए मोबाइल नेटवर्क टॉवर का सफलतापूर्वक संचालन शुरू हो गया है। वर्षों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह बड़ी राहत और विकास की नई शुरुआत है।
मोबाइल टॉवर शुरू होने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संचार व्यवस्था हुई मजबूत
बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 65 से 70 किलोमीटर दूर स्थित पुसबाका अब बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा से जुड़ गया है। मोबाइल टॉवर शुरू होने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संचार व्यवस्था मजबूत हुई है तथा लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ आसानी से मिलने लगा है।
मोबाइल सुविधा से सभी वर्ग को लाभ
अब ग्रामीण मोबाइल कॉल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, ई-गवर्नेंस सेवाओं और अन्य इंटरनेट आधारित सुविधाओं का सहज उपयोग कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलेगा।
डिजिटल इंडिया और सुशासन का लक्ष्य हुआ मजबूत
बेहतर नेटवर्क के कारण शासन की विभिन्न ऑनलाइन योजनाओं का लाभ भी अब तेजी से ग्रामीणों तक पहुंचेगा। टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संपर्क जैसी सुविधाएं अब पहले से अधिक सुलभ होंगी। यह पहल डिजिटल इंडिया और सुशासन के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी।
शासकीय सेवाओं से डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे
मोबाइल टॉवर शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से बेहतर मोबाइल नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब गांव के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शासकीय सेवाओं से डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे तथा देश-दुनिया से उनका संपर्क भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा।
सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने संकल्प हो रहा है साकार
ग्राम पंचायत पुसबाका में स्थापित यह मोबाइल टॉवर केवल संचार सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समावेशी विकास, सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प का प्रभावी उदाहरण है।