Category: छत्तीसगढ

  • एकलव्य के सितारों से मुख्यमंत्री का सीधा संवाद! नीट-2026 में सफलता पर बढ़ाया हौसला, बोले- आपकी मेहनत बदलेगी छत्तीसगढ़ का भविष्य

    एकलव्य के सितारों से मुख्यमंत्री का सीधा संवाद! नीट-2026 में सफलता पर बढ़ाया हौसला, बोले- आपकी मेहनत बदलेगी छत्तीसगढ़ का भविष्य

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य के विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह

    जनजातीय प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान: मुख्यमंत्री श्री साय ने नीट सफल विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद

    खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बनिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    जनजातीय युवाओं की नई पहचान बन रहे एकलव्य विद्यालय: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    एकलव्य की तरह लक्ष्य साधिए, सफलता निश्चित मिलेगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    अच्छा आचरण और सेवा भाव ही एक डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एकलव्य संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विद्यार्थियों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है।

    उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर, संसाधन और संकल्प मिलने पर प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।

    सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपके विद्यालय का नाम ‘एकलव्य’ है और भारतीय इतिहास में एकलव्य का स्थान अद्वितीय है। उन्होंने गुरु द्रोणाचार्य को अपना आदर्श मानकर कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर साधना और समर्पण के बल पर धनुर्विद्या में असाधारण दक्षता प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उसी प्रकार आप भी अथक परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ निश्चय के साथ अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बनिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय; बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय” का उल्लेख करते हुए गुरु के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान ईश्वर से भी श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि गुरु ही हमें ज्ञान देकर जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करने और उनसे प्राप्त ज्ञान को समाज के हित में उपयोग करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा देशभर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि प्रदेश में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जहां जनजातीय समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एकलव्य की तरह लक्ष्य साधिए, सफलता निश्चित मिलेगी। उन्होंने कहा कि नीट जैसी कठिन राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आपके परिश्रम, आपके माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इस अवसर पर सभी अभिभावकों और शिक्षकों को भी बधाई दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि डॉक्टर का स्थान समाज में अत्यंत सम्माननीय होता है। भगवान हमें जन्म देते हैं, लेकिन डॉक्टर जीवन की रक्षा करते हैं और लोगों को नया जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, सहृदय और विनम्र डॉक्टर भी बनें। उन्होंने कहा कि मरीज के प्रति मधुर व्यवहार और संवेदनशीलता भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई बार डॉक्टर का अपनापन ही मरीज को मानसिक शक्ति प्रदान करता है।

    शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन, विद्यार्थियों के लिए बढ़े अवसर

    एकलव्य संवाद के दौरान धमतरी जिले से आए छात्र राधेश्याम के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। पहले विद्यालयों की संख्या सीमित थी और छात्रों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जबकि आज सरकार गांव-गांव तक शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का व्यापक विस्तार किया गया है तथा प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज निजी एवं शासकीय संस्थानों सहित 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं, जिससे मेडिकल शिक्षा की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल आईटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित अनेक उच्च शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण तथा मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में स्थापित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा के साथ यूपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष ट्राइबल यूथ हॉस्टल से 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेशभर में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्ययन सामग्री के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए सरकार संसाधनों की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष दो लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है तथा विदेशों में अध्ययन करने वाले पात्र विद्यार्थियों का व्यय भी सरकार वहन करती है।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल – मुख्यमंत्री

    गरियाबंद जिले से आए विद्यार्थी अवधेश कुमार के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि यह सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक अपनी समस्या, सुझाव अथवा शिकायत सीधे शासन तक पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए लगभग आठ हजार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि छात्रावास अथवा अध्ययन से संबंधित कोई समस्या हो तो वे भी हेल्पलाइन के माध्यम से शासन को अवगत करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अल्प अवधि में ही इस व्यवस्था को व्यापक जनसमर्थन मिला है और लोग बिजली, पानी, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन सहित अनेक समस्याओं के समाधान के लिए इसका प्रभावी उपयोग कर रहे हैं।

    महासमुंद जिले की छात्रा मंजुला के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में मेडिकल शिक्षा हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिन विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में कठिनाई होती है, उनके लिए हिंदी में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं ताकि भाषा किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बने।

    राजनांदगांव जिले के विद्यार्थी देवानंद द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण तथा मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जिससे आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी के सपनों के बीच बाधा न बने।

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और विकास की नई इबारत

    कांकेर जिले की छात्रा कशिश नेताम द्वारा दूरस्थ वनांचलों में शिक्षा सुविधाओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा, जिससे विकास कार्य बाधित हुए। लेकिन पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद समाप्त हुआ है। अब बस्तर में तेजी से सड़कें, विद्यालय, स्वास्थ्य संस्थान और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग में बंद पड़े विद्यालयों को पुनः संचालित किया जा रहा है तथा नए विद्यालय भी स्थापित किए जा रहे हैं। जावंगा एजुकेशन हब की तर्ज पर नारायणपुर जिले के जगरगुंडा और ओरछा में आधुनिक एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में उपलब्ध हो सके।

    सुकमा जिले की छात्रा अंकिता के प्रश्न पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। इसलिए विद्यार्थियों का भी दायित्व है कि वे अपनी शिक्षा का लाभ प्रदेश और समाज को दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डॉक्टर के निर्माण में सरकार बड़े पैमाने पर संसाधन निवेश करती है और सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा चिकित्सक छत्तीसगढ़ में रहकर विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के लोगों की सेवा करें। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को अतिरिक्त वेतन और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

    जनसेवा को पूजा मानकर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना प्रदान करता है ऊर्जा – मुख्यमंत्री

    अपने सार्वजनिक जीवन और स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या पर विद्यार्थियों के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जनसेवा को पूजा मानकर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना ही उन्हें ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योग, व्यायाम, संतुलित आहार और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है और अनुशासित जीवन ही दीर्घकालिक सफलता का आधार है।

    कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी विद्यार्थियों को पुनः शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कार के बल पर समाज की सेवा करें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और आप सभी अपने उत्कृष्ट आचरण, सेवा भावना तथा समर्पण से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

  • छत्तीसगढ़ की बेटी ने रचा इतिहास! कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान, मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉल पर दी शानदार बधाई

    छत्तीसगढ़ की बेटी ने रचा इतिहास! कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतकर बढ़ाया देश का मान, मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉल पर दी शानदार बधाई

    विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

    कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत

    “आपने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है, आगे भी नई ऊंचाइयां हासिल करें” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

    ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

    उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

  • टंडवा को मिली 8.32 करोड़ की विकास सौगात, मंत्री टंक राम वर्मा ने सड़कों समेत कई योजनाओं का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

    टंडवा को मिली 8.32 करोड़ की विकास सौगात, मंत्री टंक राम वर्मा ने सड़कों समेत कई योजनाओं का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

    विकास का कोई विकल्प नहीं : मंत्री टंक राम वर्मा

    टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

    रायपुर : रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

     मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।

    छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश

     छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि ‘परहित सरिस धर्म नहीं भाई’—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।

     इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

  • सहकारिता व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव! मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, किसानों तक समय पर पहुंचेगा हर योजना का लाभ

    सहकारिता व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव! मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, किसानों तक समय पर पहुंचेगा हर योजना का लाभ

    सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत बनाने पर दें जोर- सहकारिता मंत्री केदार कश्यप

    अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ मंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।

    डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा

     प्रदेश के किसानों को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री श्री कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी पारदर्शिता और समय पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है सहकारिता- मंत्री केदार कश्यप

     सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। सहकारिता व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसे मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी बैंकों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों से आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र अधिक सशक्त और जनहितैषी बन सके।

  • खेलों से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य! उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया बड़े स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ, नई खेल नीति पर शुरू हुआ मंथन

    खेलों से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य! उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया बड़े स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ, नई खेल नीति पर शुरू हुआ मंथन

    समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ

    छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे

    राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाड़ियों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

    श्री साव ने ‘विजन टू विक्ट्री’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में ‘नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

    कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाड़ियों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाड़ियों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाड़ियों को मिलेगा।

    कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान, ओलंपियन श्री जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

  • दिल्ली में गूंजेगी बस्तर की आवाज़! 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करेगा मुलाकात, बदले बस्तर का देगा संदेश

    दिल्ली में गूंजेगी बस्तर की आवाज़! 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करेगा मुलाकात, बदले बस्तर का देगा संदेश

    बदलते बस्तर का संदेश लेकर दिल्ली रवाना हुआ बस्तर का प्रतिनिधिमंडल

    राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से कराएंगे परिचित

    प्रतिनिधिमंडल में मांझी, चालाकी, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकार और समाज प्रतिनिधि शामिल

    नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के लिए जताएंगे आभार

    रायपुर : बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के प्रसिद्ध जनजातीय युवा कलाकार, जनजातीय समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्तकर्ताओं सहित 164 व्यक्तियों का प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू से 30 जुलाई 2026 को मुलाकात करेगा तथा बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराएगा।

    बस्तर के युवा संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में बना रहे नई पहचान

     प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेंगे कि आज का बस्तर हिंसा और भय की पहचान से निकलकर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में नई पहचान बना रहे हैं। वे राष्ट्रपति को बताएंगे कि शासन की विकासोन्मुखी पहल और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और जनजीवन को नई गति मिली है।

    बस्तर की नई पहचान शांति, विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी

     प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए संदेश देंगे कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ही नहीं, बल्कि शांति, विकास, लोकतांत्रिक भागीदारी और नई उम्मीदों से भी जुड़ चुकी है। बस्तर के युवा पूरे देश को बताएंगे कि नया बस्तर अवसरों, आत्मविश्वास और प्रगति का बस्तर है।

    राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेगी बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज

     उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुखों एवं युवा प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल केवल बस्तर का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज का बस्तर बदल रहा है। कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है। हमारे युवा देश की सर्वाेच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचकर इस सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल माननीय राष्ट्रपति के समक्ष बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नए अवसरों का बस्तर है।

  • भोरमदेव धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टेका माथा! भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

    भोरमदेव धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टेका माथा! भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली का मांगा आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।

    इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

    इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • स्पान संवर्धन योजना बनी बस्तर की महिला किसान की सफलता की कहानी, मनकी बघेल ने 2 महीने में कमाए 15 हजार रुपये

    स्पान संवर्धन योजना बनी बस्तर की महिला किसान की सफलता की कहानी, मनकी बघेल ने 2 महीने में कमाए 15 हजार रुपये

    बस्तर की मनकी बघेल ने स्पान संवर्धन योजना से 2 माह में कमाए 15 हजार रुपये

    अब अंगुलिका उत्पादन से बढ़ाएंगी आमदनी

    रायपुर : स्पान संवर्धन योजना छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मछली बीज (स्पान) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना, आदिवासी और स्थानीय मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन सिखाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त मछली बीज (स्पान) और नर्सरी जाल बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं। किसानों को तालाब की तैयारी, स्पान संचयन, नर्सरी प्रबंधन और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

     छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक नया और सशक्त जरिया बन रही है। योजना का लाभ उठाकर बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई कर क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

    सरकारी मदद और मेहनत से मिली सफलता

     मत्स्यपालन विभाग द्वारा मई माह में मनकी बघेल को मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली दी गई। मनकी ने अपने परिवार के 1 एकड़ में फैले 2 तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल चलाकर की गई निगरानी के बल पर कम समय में उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं। विभाग ने तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी और जाल निःशुल्क उपलब्ध कराए।

    कम समय में बेहतर मुनाफा

     मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल ने बताया कि अब तक लगभग 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाएं 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा चुकी हैं, जिससे परिवार को 15 हजार रुपये की सीधी आय हुई है। वर्तमान में तालाब में करीब 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं बिक्री के लिए और तैयार हैं, जिनसे आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। सुखलाल के अनुसार, अंगुलिका उत्पादन पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।

    खेती के साथ मत्स्य पालन से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

     बघेल परिवार 7 एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। इस सफल अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने का फैसला किया है, जिससे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनी आय का मुख्य स्तंभ बनाया जा सके।

  • एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों में जीता सिल्वर, पूरे छत्तीसगढ़ को किया गौरवान्वित, डीआईजी-एसएसपी ने दी बधाई, छत्तीसगढ़ पुलिस का बढ़ाया सम्मान.

    एएसआई ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों में जीता सिल्वर, पूरे छत्तीसगढ़ को किया गौरवान्वित, डीआईजी-एसएसपी ने दी बधाई, छत्तीसगढ़ पुलिस का बढ़ाया सम्मान.

    स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करने वाली अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलक और छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत (सिल्वर) पदक हासिल किया है. सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने इस स्पर्धा के स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 111 किग्रा वजन उठाया, जिससे कुल 199 किग्रा वजन के साथ उन्होंने पोडियम पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

    उनकी इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली उपलब्धि पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से सीधा संपर्क किया एवं उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए सरगुजा पुलिस और पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार की ओर से होनहार खिलाड़ी को इस बड़ी सफलता पर हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। इस दौरान डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने कहा कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के रूप में देश और समाज की सेवा करने के साथ-साथ खेल के मैदान पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन करना बेहद गर्व की बात है, उन्होंने सुश्री ज्ञानेश्वरी की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता पूरे पुलिस बल सहित छत्तीसगढ़ के तमाम युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

  • सरगुजा में अचानक पुलिस की बड़ी कार्रवाई : बैंक-एटीएम और ज्वेलर्स दुकानों पर औचक जांच,, संदिग्धों से कड़ी पूछताछ से मचा हड़कंप, हर संदिग्ध गतिविधि अब पुलिस की नजर में, हाई-टेक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश.

    सरगुजा में अचानक पुलिस की बड़ी कार्रवाई : बैंक-एटीएम और ज्वेलर्स दुकानों पर औचक जांच,, संदिग्धों से कड़ी पूछताछ से मचा हड़कंप, हर संदिग्ध गतिविधि अब पुलिस की नजर में, हाई-टेक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश.

    वित्तीय संस्थानों, ज्वेलर्स दुकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्रम में एवं आपराधिक घटनाओं की प्रभावी रोकथाम हेतु डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा जिला मुख्यालय समेत जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को अपने-अपने थाना चौकी अंतर्गत क्षेत्रों में स्थित आभूषण की दुकानों, राष्ट्रीयकृत और निजी बेंकों, एटीएम एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की औचक निरीक्षण कर सख़्ती से जांच करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में आज़ दिनांक को जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों द्वारा जिले के समस्त वित्तीय संस्थान बैंक, एटीएम एवं ज्वेलर्स दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    जांच के क्रम में पुलिस टीम द्वारा संबंधित बैंक प्रबंधकों एवं प्रतिष्ठानों के संचालकों को आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए, हाई फ्रीक्वेंसी सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रख कर प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए, बैंक प्रबंधकों एवं ज्वेलर्स दुकानों के संचालकों को गॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए, जिससे वित्तीय संस्थानों में बेहतर सुरक्षा प्रबंध स्थापित किया जा सके। अनावश्यक बैंक परिसर/प्रतिष्ठानों में खड़े व्यक्तियों से पूछताछ की गई, सुरक्षा पंजी में की गई टिप्पणी का पालन प्रबंधक/संचालक द्वारा किया जाए, परिसर के बाहर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण किया जाए, परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस हेल्पलाइन के नंबर डायल 112 सहित थाना/चौकी प्रभारियों के मोबाइल नंबर पर तत्काल प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

    प्रबंधकों एवं संचालकों को वित्तीय संस्थानों में आपातकालीन अलार्म सिस्टम लगाने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि संस्थानों के बंद होने के बाद अनाधिकृत प्रवेश के बारे में जानकारी मिल सके। जिस पर समय रहते किसी भी आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके। वित्तीय संस्थानों की औचक चेकिंग एवं समीक्षा के दौरान परिसर एवं आस पास में अनावश्यक घूम रहे व्यक्तियों से कड़ाई से पूछताछ की गई। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग टीम को जिले के वित्तीय संस्थानों एवं ज्वेलर्स दुकानों के आस पास प्रभावी पेट्रोलिंग कर संदिग्धों पर पैनी नजर रखने एवं समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।