Category: छत्तीसगढ

  • बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले नाबालिगों पर सरगुजा पुलिस की नजर, स्कूलों में जागरूकता अभियान के साथ सख्त चेतावनी जारी, हेलमेट और लाइसेंस के बिना स्कूल पहुंचे तो अभिभावक भी होंगे जिम्मेदार.

    बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले नाबालिगों पर सरगुजा पुलिस की नजर, स्कूलों में जागरूकता अभियान के साथ सख्त चेतावनी जारी, हेलमेट और लाइसेंस के बिना स्कूल पहुंचे तो अभिभावक भी होंगे जिम्मेदार.

    शासन के निर्देशानुसार डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में सरगुजा पुलिस के विभिन्न थाना चौकी एवं यातायात पुलिस टीम द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने (अंडरएज ड्राइविंग) के विरूद्ध विशेष जागरूकता अभियान की शुरूवात की गई है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और नाबालिगों को दुर्घटनाओं से बचाना है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस टीम द्वारा मल्टीपरपस स्कूल एवं डी हिलॉक्स स्कूल में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को एकत्रित कर जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं को अभियान का उद्देश्य बताकर यातायात के नियमों का पालन करने की समझाईस दी गई है।

    इसी क्रम में जिले के समस्त विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधान पाठकों को भी निर्देशित किया गया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहन से विद्यालय आने की अनुमति न दें। यदि कोई छात्र-छात्रा इस प्रकार वाहन चलाते हुए स्कूल आते जाते हुए पाया जाता है तो उन्हें समझाईस देवे, जागरूकता अभियान के साथ-साथ पुलिस टीम द्वारा ऐसे नाबालिग वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर कॉउंसलिंग की जायगी एवं मामले में सुधारात्मक कार्यवाही के पश्चात चलानी कार्यवाही एवं अन्य अग्रिम वैधानिक कार्यवाही भी की जायगी। उक्त अभियान का सरगुजा पुलिस द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं, प्रतिदिन जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न स्कूल में आयोजित कर छात्र-छात्राओं को एवं व्यापक प्रचार प्रसार के जरिये परिजनों को लगातार समझाईस देने का प्रयास किया जा रहा हैं। इसके उपरांत भी सुधार नहीं होने की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी, जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को स्कूल के अधिकृत वाहन अथवा परिजनों के साथ स्कूल आने जाने की समझाईस दी गई।

    अभियान के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं जो मौक़े पर वाहन के साथ अथवा वाहन चलाते हुए पाये गए उनसे ड्राइविंग लाइसेंस एवं हेलमेट के सम्बन्ध में पूछताछ किया गया, छात्र-छात्राओं को बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने की जानकारी दी गई, उन्हें बताया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर चलानी कार्यवाही के नियम है, जिनका सुरक्षा उद्देश्य से पालन किया जाना आवश्यक है।

  • पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई हाईटेक तकनीक, 55% सरकारी अनुदान ने बदल दी किसान की किस्मत—ड्रिप सिंचाई से लागत घटी, उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़े

    पारंपरिक खेती छोड़ अपनाई हाईटेक तकनीक, 55% सरकारी अनुदान ने बदल दी किसान की किस्मत—ड्रिप सिंचाई से लागत घटी, उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़े

    सूक्ष्म सिंचाई योजना से खेती बनी अधिक लाभकारी, ड्रिप सिंचाई अपनाकर किसान ने बढ़ाया सब्जी उत्पादन

    55 प्रतिशत अनुदान से स्थापित की ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कम पानी में बढ़ा उत्पादन और आय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।

    सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान श्री आनन्द राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ।

    श्री आनन्द राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था। ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंच रहा है। इससे जल की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर एवं गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक लाभकारी बन गया है।

    राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है। सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है।

  • देश की न्याय व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव! 150 साल पुराने कानूनों की जगह डिजिटल युग के नए आपराधिक कानून, ई-साक्ष्य और हाईटेक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा—मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान

    देश की न्याय व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव! 150 साल पुराने कानूनों की जगह डिजिटल युग के नए आपराधिक कानून, ई-साक्ष्य और हाईटेक जांच से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा—मुख्यमंत्री साय का बड़ा ऐलान

    वर्तमान चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार नए आपराधिक कानूनों ने न्याय व्यवस्था में लाया ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा— आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना नए कानूनों का मूल उद्देश्य

    समन्वित प्रयासों से नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य – मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

    ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी और जवाबदेह

    नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में सतत प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और तकनीकी क्षमता विकास पर विशेष जोर

    रायपुर : वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित “स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस” राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

    उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।

    उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, त्वरित और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम देश की न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। इन कानूनों की सफलता केवल उनके लागू होने में नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थाओं द्वारा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में निहित है।

    मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज की चर्चा केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपराधिक अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है। ई-साक्ष्य, ई-चालान, न्याय श्रुति तथा डिजिटल फॉरेंसिक्स जैसी व्यवस्थाएं नए कानूनों की मूल भावना को साकार करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विशेष रूप से ई-साक्ष्य को उन्होंने साक्ष्य प्रबंधन की समग्र एवं एकीकृत प्रणाली बताते हुए कहा कि इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया अपराध स्थल से प्रारंभ होती है। यदि प्रारंभिक जांच वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो पूरी न्यायिक प्रक्रिया अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी। तकनीक न्यायिक विवेक का स्थान नहीं ले सकती, लेकिन उसे अधिक प्रभावी अवश्य बना सकती है।

    मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि जून माह के दौरान जिला न्यायालयों में लगभग 9,910 मामलों तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने सभी हितधारकों से न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग करने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 ने इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल अभिलेखों को व्यापक कानूनी मान्यता प्रदान की है, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 ने अपराध पंजीयन, अनुसंधान, तलाशी, जब्ती, वीडियो रिकॉर्डिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक संचार जैसी प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ नए आपराधिक कानूनों एवं डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

    उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला न्याय व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की समीक्षा के बाद इसके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप न्याय एवं कानून व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों की मूल भावना यह सुनिश्चित करना है कि निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने “वन डेटा, वन एंट्री” की अवधारणा पर कार्य करने, एफआईआर की मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने तथा ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस, नेफिस, सीआरपीआई एप्लिकेशन और डीएनए सैंपलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

    कार्यक्रम में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एन.के. चन्द्रवंशी, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्तिगण, प्रमुख सचिव गृह श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग श्रीमती सुषमा सावंत, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, विभिन्न जिलों के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीसीटीएनएस के नोडल अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, एफएसएल के अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • अब नशे पर होगा निर्णायक प्रहार! प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ 100 सप्ताह का राष्ट्रीय अभियान, रायपुर से हजारों युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ

    अब नशे पर होगा निर्णायक प्रहार! प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ 100 सप्ताह का राष्ट्रीय अभियान, रायपुर से हजारों युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ

    राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में लोक भवन से ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशव्यापी अभियान का किया शुभारंभ, युवाओं से किया नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान

    100 सप्ताह तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान, विद्यालयों, महाविद्यालयों और युवा संगठनों के माध्यम से होंगे व्यापक कार्यक्रम

    रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में प्रारंभ हुए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न युवा संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।

    लोक भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक देखा। राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ 2 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), माय भारत युवा संगठन तथा अन्य युवा संगठनों के सहयोग से विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लघु फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

    अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इसे जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा।

    इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • 34 साल तक वर्दी का मान बढ़ाने वाले कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण की मिसाल बने एएसआई राम सजीवन वर्मा को रायगढ़ पुलिस ने सेवा सम्मान समारोह में दी गरिमामयी विदाई.

    34 साल तक वर्दी का मान बढ़ाने वाले कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण की मिसाल बने एएसआई राम सजीवन वर्मा को रायगढ़ पुलिस ने सेवा सम्मान समारोह में दी गरिमामयी विदाई.

    जिला पुलिस कार्यालय रायगढ़ में दिनांक 31 जुलाई 2026 को आयोजित सेवा सम्मान समारोह में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) श्री राम सजीवन वर्मा को 34 वर्षों की गौरवपूर्ण एवं समर्पित पुलिस सेवा पूर्ण करने पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने श्री वर्मा को विभाग की ओर से सम्मानित करते हुए उनकी दीर्घकालीन, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया तथा स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम का संचालन रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि श्री राम सजीवन वर्मा मूलतः रीवा (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं। उनका पुलिस विभाग में चयन 03 फरवरी 1994 को आरक्षक के पद पर तत्कालीन जिला बिलासपुर में हुआ था। सेवाकाल के दौरान उत्कृष्ट कार्य के आधार पर उन्हें समय-समय पर पदोन्नति प्राप्त हुई। उन्होंने वर्ष 1994 से 1998 तक जिला बिलासपुर, 1998 से 2022 तक जिला कोरबा तथा वर्ष 2022 में सहायक उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति के बाद जिला रायगढ़ में अपनी सेवाएं दीं। रायगढ़ जिले में उन्होंने लंबे समय तक थाना घरघोड़ा में उल्लेखनीय कार्य किया तथा सेवानिवृत्ति के समय वे थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ थे।

  • छत्तीसगढ़ के विकास को केंद्र का बड़ा बूस्ट: ₹3,602 करोड़ की अग्रिम कर हिस्सेदारी से तेज होंगे विकास कार्य, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी संघवाद मॉडल से मजबूत होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, विकास का लाभ पहुंचेगा अंतिम व्यक्ति तक

    छत्तीसगढ़ के विकास को केंद्र का बड़ा बूस्ट: ₹3,602 करोड़ की अग्रिम कर हिस्सेदारी से तेज होंगे विकास कार्य, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी संघवाद मॉडल से मजबूत होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था, विकास का लाभ पहुंचेगा अंतिम व्यक्ति तक

    अग्रिम कर हस्तांतरण से छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि राज्यों की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय से पहले कर हिस्सेदारी उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की संवेदनशील, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अग्रिम कर हस्तांतरण के रूप में ₹3,602 करोड़ की राशि प्राप्त होने से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी। इससे सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय की भावना ही विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर राज्यों को सशक्त बनाने तथा उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रभावी निर्णय ले रही है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।

  • कटघोरा से बेटियों के सशक्तिकरण का बड़ा संदेश: आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर शुरू, मंत्री लखनलाल देवांगन बोले— सुरक्षित, सक्षम और आत्मविश्वासी बेटियां ही नए भारत की ताकतखेलों को मिल रही नई उड़ान, सरकार प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए कर रही लगातार प्रयास

    कटघोरा से बेटियों के सशक्तिकरण का बड़ा संदेश: आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर शुरू, मंत्री लखनलाल देवांगन बोले— सुरक्षित, सक्षम और आत्मविश्वासी बेटियां ही नए भारत की ताकतखेलों को मिल रही नई उड़ान, सरकार प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए कर रही लगातार प्रयास

    आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बेटियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का होता है विकास : मंत्री लखन लाल देवांगन

    राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारंभ

    रायपुर : वाणिज्य उद्योग,  श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन आज जिला कुडो संघ द्वारा मंगल भवन, कटघोरा में आयोजित राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई प्रतिभाशाली बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना केवल उन्हें स्वयं की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है। जब हमारी बेटियाँ आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनती हैं, तभी एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेल अधोसंरचना के विकास, प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

    मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि भारत सरकार भी खेलो इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करने का कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के खिलाड़ियों को नई पहचान और बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज खेल, शिक्षा, कला और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्हें उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर देश के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी एवं जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर प्रतिभागियों को जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना करने, अनुशासित जीवन जीने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री देवांगन ने जिला कुडो संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बेटियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं।

    इस अवसर पर पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, पार्षद श्री जनक राजपूत, कुडो कराते संघ की अध्यक्ष सुश्री सीता रजक सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • 76 लाख के विकास कार्यों से बदलेगी कोरबा की तस्वीर, 5 वार्डों में विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ, मंत्री लखनलाल देवांगन बोले— हर वार्ड तक पहुंचेगा विकास, जनता को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

    76 लाख के विकास कार्यों से बदलेगी कोरबा की तस्वीर, 5 वार्डों में विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ, मंत्री लखनलाल देवांगन बोले— हर वार्ड तक पहुंचेगा विकास, जनता को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

    निगम के पांच वार्डो को मिली 76 लाख रू.के विकास कार्यो की सौगात

    उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने किया साढे़ 36 लाख रू. के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा साढे़ 39 लाख रू. के विकास कार्यो का भूमिपूजन

    रायपुर : नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 61, 63, 64, 65 एवं 66 केा आज शनिवार को 76 लाख रूपये के विकास कार्यो की सौगात प्राप्त हुई। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवंागन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साढे़ 36 लाख रूपये के विकास कार्यो का लोकार्पण किया गया, तो वहीं साढे़ 39 लाख रूपये के विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस अवसपर पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

    नगर पालिक निगम केारबा द्वारा वार्ड क्र. 65 भैरोताल के अंतर्गत 16 लाख 58 हजार रूपये की लागत से शासकीय माध्यमिक शाला में नवीन भवन एवं शौचालय का निर्माण कराया गया है, तो वहीं वार्ड क्र. 66 पंखादफाई अंतर्गत 20 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। आज आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने इन नवनिर्मित दोनों विकास कार्येा को जनता जनार्दन की सेवा में समर्पित किया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 65 भैरोताल में 11 लाख 50 हजार रूपये की लागत से दुर्गा मंदिर परिसर, छत निर्माण एवं कांक्रीट कार्य, वार्ड क्र. 61 खम्हरिया में संतलाल घर के पास 05 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक मंच निर्माण, वार्ड क्र. 63 कुसमुण्डा प्रोजेक्ट एम.एस. में 01 लाख 81 हजार रूपये की लागत से बालक-बालिका शौचालय निर्माण, वार्ड क्र. 63 अंतर्गत 08 लाख 07 हजार रूपये की लागत से वालबाड़ी अतिरिक्त कक्ष, पी.एस. कुसमुण्डा प्रोजेक्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 64 इमलीछापर परसाभांठा में अमरसाय घर के पास 05 लाख रूपये की लागत से मंच निर्माण तथा वार्ड क्र. 65 आनंदनगर नवधा पण्डाल के पास 08 लाख रूपये की लागत से मंच व शेड का निर्माण किया जाना हैं, आज इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत के हाथों किया गया।

    छत्तीसगढ़ का हो रहा तेजी से विकास

     इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्राप्त हो रहे लगातार मार्गदर्शन में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास कर रही है। उन्होने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 12 वर्षो के कार्यकाल में देश को विकास की नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है तथा उन्ही के मार्गदर्शन में हमारा छत्तीसगढ़ भी लगातार सज संवर रहा है। उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक डाॅ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे, उन्होने जब छत्तीसगढ़ की कमान संभाली उस समय प्रदेश की स्थिति ठीक नही थी, किन्तु उन्होने छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास किया तथा छत्तीसगढ़ के विकास पुरूष कहलायें। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विगत कुछ वर्षो से प्रदेश का विकास थम गया था किन्तु पिछले ढाई वर्षो से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में विकास को पुनः गति व दिशा दी हैं तथा हमारा छत्तीसगढ़ राज्य नई ऊर्जा के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। एक ओर जहाॅं प्रदेश में उद्योग, धंधे बढ़ रहे हैं, रोजगार बढ़ रहा है, अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर गरीब, निर्धन परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाया जा रहा है।

    निगम क्षेत्र के विकास के लिये धनराशि की कमी नहीं

     इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में व्यापक स्तर पर विकास कार्य संपादित हो रहे हैं तथा विकास कार्यो के लिये धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के आशीर्वाद से उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन विभिन्न मदों से लगातार नये-नये विकास कार्य स्वीकृत करा रहे हैं तथा विभिन्न मदों के अंतर्गत विगत ढाई वर्षो में निगम क्षेत्र में लगभग 01 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्य उनके द्वारा स्वीकृत कराये जा चुके हैं। उन्होने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये कहा कि आप सबने हमें अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है, अब हमारा दायित्व बनता है कि हम आपकी समस्याओं को त्वरित रूप से दूर करें, आपको सभी मूलभूत सुविधाएं सुगम रूप से उपलब्ध करायें, निश्चित रूप से निगम इसी लक्ष्य को सामने रखकर कार्य कर रहा है।

    विकास पथ पर लगातार अग्रसर है कोरबा

     इस अवसर पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योेग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के दिशा निर्देशन में कोरबा विकास के पथ पर निरंतर तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है, उनके द्वारा निगम के सभी 67 वार्डो में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल जनताजनार्दन की इच्छा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप बडे़ पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि लखनलाल देवांगन जैसे विधायक व मंत्री तथा संजूदेवी राजपूत जैसी महापौर हम सबको प्राप्त हुई है, जिनके कुशल नेतृत्व में कोरबा नितनई उपलब्धियाॅं अर्जित कर रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद प्रेमसाहू, बहत्तर सिंह कंवर, रामाधार पटेल, जनकसिंह राजपूत, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, एल्डरमेन दीपक यादव, बांकीमोंगरा के एल्डरमेन जितेन्द्र सिंह, रवीन्द्र अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री भागवत विश्वकर्मा, वरिष्ठ नेता माधव जायसवाल, रामेश्वर वैष्णव, विजेन्द्र यादव, मनीष अग्रवाल, अनिल यादव, आकाश श्रीवास्तव, हेतराम साहू, अजय कश्यप, बालकृष्ण साहू, श्यामसुंदर राठौर, अमित यादव, लक्ष्य चतुर्वेदी, भूपेन्द्र महंत, कृपाल सिंह, निगम के सहायक अभियंता रमेश सूर्यवंशी, प्रमोद जगत, उप जोन प्रभारी पुखराज यादव, करनभाई पटेल, जयसिंह गभेल आदि के साथ काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।

  • CG टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश — “मजबूत अधोसंरचना, नई उद्योग नीति और निवेश अनुकूल माहौल से छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अगला औद्योगिक ग्रोथ हब”

    CG टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश — “मजबूत अधोसंरचना, नई उद्योग नीति और निवेश अनुकूल माहौल से छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अगला औद्योगिक ग्रोथ हब”

    मजबूत अधोसंरचना और उद्योग अनुकूल नीतियों से तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण, नई उद्योग नीति से निवेश को मिल रही नई गति

    सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित एक निजी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा देशभर से आए टेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसी भी उद्योग को नई दिशा देने, आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और व्यापारिक अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज उद्योग और व्यापार के लिए देश के सबसे अनुकूल राज्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां उद्योग, व्यापार और उद्यमिता समान रूप से विकसित हों तथा युवाओं को अधिकाधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 नवाचार, कौशल विकास और व्यावसायिक साझेदारी का प्रभावी मंच है। इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ, निर्माता, सप्लायर और व्यवसायी अपने अनुभव, तकनीक और नए उत्पाद साझा कर रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यवसायियों को आधुनिक उपकरणों, नवीन डिजाइनों और बदलते बाजार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि आज इवेंट और टेंट उद्योग तेजी से बदल रहा है। आधुनिक तकनीक, आकर्षक डिज़ाइन, बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता इस क्षेत्र की नई पहचान बन चुके हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव प्राप्त होंगे, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं सशक्त बनेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टेंट एवं इवेंट उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विवाह समारोहों से लेकर सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शासकीय आयोजनों तक आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है। आप केवल टेंट और सजावट की व्यवस्था नहीं करते, बल्कि लोगों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार अवसरों को सुंदर, व्यवस्थित और गरिमामय स्वरूप प्रदान करते हैं। यह उद्योग लाखों लोगों की खुशियों और सामाजिक आयोजनों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

    उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने हजारों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं। विशेष रूप से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से टेंट व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी अनेक महिलाओं ने टेंट एवं संबंधित गतिविधियों को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। इससे उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के एक्सपो से छोटे और मध्यम स्तर के टेंट व्यवसायियों को भी नई दिशा मिलेगी। उन्हें आधुनिक मशीनों, उपकरणों, सजावटी सामग्री, डिजिटल प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे अपने कारोबार को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बना सकेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश के मध्य में होने के कारण यह व्यापार और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क को लगातार मजबूत कर रही है ताकि उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक गति मिल सके। उन्होंने कहा कि रेल अवसंरचना के क्षेत्र में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। केंद्र सरकार द्वारा रेल बजट में छत्तीसगढ़ के लिए रिकॉर्ड प्रावधान किए गए हैं तथा अनेक नई रेल परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप में विकास किया जा रहा है। हाल ही में कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इससे प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत अधोसंरचना ही निवेश, उद्योग और रोजगार का सबसे बड़ा आधार होती है और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह एक्सपो छत्तीसगढ़ के टेंट एवं इवेंट उद्योग को नई पहचान देगा तथा स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।

    कार्यक्रम को विधायक श्री अमर अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर टेंट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विपुल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह दुआ, श्रीमती रंजीत कौर दुआ सहित छत्तीसगढ़ टेंट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, देशभर से आए टेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े व्यवसायी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई त्वरित संवेदनशीलता; 20-20 लाख की अतिरिक्त सहायता और जम्मू-कश्मीर भेजे वरिष्ठ अधिकारी

    कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिखाई त्वरित संवेदनशीलता; 20-20 लाख की अतिरिक्त सहायता और जम्मू-कश्मीर भेजे वरिष्ठ अधिकारी

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की त्वरित पहल

    दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि देगी छत्तीसगढ़ सरकार

    पीड़ित परिवारों के साथ लगातार मौजूद हैं छत्तीसगढ़ के अधिकारी

    रायपुर : दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए त्वरित कार्रवाई की है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता से अतिरिक्त होगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जम्मू-कश्मीर रवाना किया गया, जो घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं में जुटे हैं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

    जम्मू-कश्मीर पहुंचे अधिकारियों ने वहां के प्रशासन से समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अंतरिम सहायता प्रदान की गई है तथा 14-14 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी शीघ्र प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक दोनों परिवार सुरक्षित अपने गृह जिले नहीं पहुंच जाते, तब तक राज्य सरकार के अधिकारी उनके साथ रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार दोनों शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।