Category: छत्तीसगढ

  • अब कागज नहीं, डिजिटल होगी हर फाइल! 1 अगस्त से पावर कंपनी के 800 कार्यालयों में लागू हुई ई-ऑफिस प्रणाली, प्रशासनिक कार्यों में आएगी नई रफ्तार

    अब कागज नहीं, डिजिटल होगी हर फाइल! 1 अगस्त से पावर कंपनी के 800 कार्यालयों में लागू हुई ई-ऑफिस प्रणाली, प्रशासनिक कार्यों में आएगी नई रफ्तार

    पावर कंपनी के प्रदेशभर के*समस्त कार्यालयों मे 1 अगस्त से ई.ऑफिस प्रणाली लागू

    रायपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज द्वारा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिताए दक्षता एत्वरित निस्तारण एवं संपूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई.ऑफिस प्रणाली का प्रदेशभर के सभी क्षेत्रीय ;रीजनलद्ध एवं संभागीय डिविजनद्ध कार्यालयों में 1 अगस्त से अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया हैं।

     ई.ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए कंपनी द्वारा जुलाई माह में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे माह प्रत्येक गुरुवार को दो पालियों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गएए जिनमें अधिकारी एवं कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ;टब्द्ध अथवा प्रशिक्षण कक्ष में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किया

     इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 1ए200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान फाइलों के डिजिटल संचालनए नोटशीट एवं पत्राचारए दस्तावेज प्रबंधन तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ईआईटीसी से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेशभर में कुल 800 कार्यालय संचालित है। इन कार्यालयों के लिए अब तक लगभग 5000 आईडी बनाए गए है।

     छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीजमुख्यालय में नवम्बर 2025 से ई आफिस का क्रियान्वयन किया जा रहा हैं। जिसके अंतर्गत अब तक कंपनीवार अद्यतन रिपोर्ट अनुसार ट्रांसमिशन कंपनी में फाइल काउंट 4244 एवं आवक की संख्या 21 हजार 728 हैए डिस्ट्रीब्यूशन कंननी में फाइल काउंट 10 हजार 774 एवं आवक संख्या 22हजार 764ए इसी प्रकार जनरेशन में फाइल काउंट 7724 एवं आवक संख्या 32हजार791 है। पावर ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता श्रीमती एचआर श्रीमती रश्मि वर्मा ने समस्त कार्यालयों में ई आफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने हेतु परिपत्र भी जारी किया है। ई.ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन से पेपरलेस कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगाए कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिताए उत्तरदायित्व एवं गति आएगी तथा फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सरलए सुरक्षित और समयबद्ध होगी।

  • ₹1.11 लाख बिजली बिल का सच आया सामने! फैक्ट चेक में खुलासा—न स्मार्ट मीटर, न सोलर संयंत्र, अफवाहों पर CSPDCL ने लगाया पूर्ण विराम

    ₹1.11 लाख बिजली बिल का सच आया सामने! फैक्ट चेक में खुलासा—न स्मार्ट मीटर, न सोलर संयंत्र, अफवाहों पर CSPDCL ने लगाया पूर्ण विराम

    स्मार्ट मीटर और सोलर संयंत्र से नहीं बढ़ता बिजली बिल, फैक्ट चेक में हुई पुष्टि

    कवर्धा जिले के सिल्हाटी में सोलर संयंत्र लगने के बाद भी ₹1.11 लाख का बिजली बिल आने की शिकायत जांच में गलत पाई गई

    सीएसपीडीसीएल ने अफवाहों एवं भ्रामक खबरों से किया सावधान

    रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाने के बाद भी एक लाख 11 हजार रुपए का बिजली बिल आने की शिकायत की छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने उच्चस्तरीय जांच कराई। जांच में पाया गया कि जिस उपभोक्ता ने शिकायत की थी, उसके नाम से न तो सोलर संयंत्र स्थापित है और न ही उसके घर स्मार्ट मीटर लगा है। संबंधित विद्युत कनेक्शन पर पुराना मीटर ही लगा हुआ है। वास्तविकता यह है कि उपभोक्ता के घर में विद्युत उपकरण अधिक होने के कारण बिजली की खपत भी अधिक है तथा उसने पिछले पांच माह से बिजली बिल जमा नहीं किया है। पावर कंपनी की जांच (फैक्ट चेक) में यह स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट मीटर अथवा सोलर संयंत्र से बिजली बिल नहीं बढ़ता है।

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम सिल्हाटी निवासी उपभोक्ता श्री तिलक राम चंद्रवंशी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। उन्होंने शिकायत की थी कि सोलर संयंत्र लगाने के बाद भी उनका बिजली बिल ₹1 लाख 11 हजार 650 आया है। इस संबंध में कुछ मीडिया माध्यमों में समाचार प्रकाशित हुए, जिनमें विभाग का पक्ष शामिल नहीं था।

    मामले की जांच के लिए पंडरिया के कार्यपालन अभियंता श्री के.के. झा एवं बोड़ला उपसंभाग के सहायक अभियंता श्री सुनील कुमार कंवर को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच दल ने मौके पर पहुंचकर शिकायत का परीक्षण किया तथा अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन के अनुसार श्री तिलक राम चंद्रवंशी के बी.पी. क्रमांक 1002557014 पर पुराना मीटर लगा हुआ है। उक्त कनेक्शन पर न तो स्मार्ट मीटर लगाया गया है और न ही कोई रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित है।

    जांच में यह भी पाया गया कि श्री तिलक राम चंद्रवंशी के तीन भाइयों का संयुक्त परिवार है, जिसमें पूर्व से एक ही विद्युत कनेक्शन से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। पिछले तीन माह से इस परिसर में 8 किलोवाट से अधिक विद्युत भार का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही संबंधित उपभोक्ता द्वारा फरवरी 2026 से बिजली बिल जमा नहीं किया गया है। फलस्वरूप पांच माह की बकाया राशि वर्तमान बिल में सम्मिलित होकर प्रदर्शित हुई है। अतः यह कहना कि सोलर संयंत्र लगाने के कारण अधिक बिजली बिल आया है, पूर्णतः तथ्यहीन एवं भ्रामक है।

    जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि श्री तिलक राम चंद्रवंशी के भाई श्री विनोद चंद्रवंशी एवं श्री निकुंज चंद्रवंशी ने अपने-अपने नाम से नए विद्युत कनेक्शन लिए हैं। इन दोनों कनेक्शनों पर 16 जून 2026 को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3-3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इन कनेक्शनों का पहला बिजली बिल अभी जारी नहीं हुआ है। जुलाई माह की वास्तविक विद्युत खपत तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र से उत्पादित एवं ग्रिड में समायोजित ऊर्जा के आधार पर उनका प्रथम बिजली बिल जारी किया जाएगा।

    पावर कंपनी के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा शिकायत के संबंध में विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय, टोल फ्री नंबर 1912 अथवा अधिकृत माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें, जिससे तथ्यों की सही जानकारी उपलब्ध हो सके।

  • कुलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों के परिवारों के साथ खड़ी हुई राज्य सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ₹20-20 लाख की सहायता राशि देने का बड़ा ऐलान

    कुलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों के परिवारों के साथ खड़ी हुई राज्य सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ₹20-20 लाख की सहायता राशि देने का बड़ा ऐलान

    कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मृत श्रमिकों के परिजनों को राज्य सरकार देगी 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि

    कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस जघन्य और अमानवीय आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त की जाएगी, जो परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

  • एक महीने का खौफ खत्म! केरावाहारा में आतंक मचाने वाला तेंदुआ वन विभाग के सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन में आखिरकार पकड़ाया

    एक महीने का खौफ खत्म! केरावाहारा में आतंक मचाने वाला तेंदुआ वन विभाग के सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन में आखिरकार पकड़ाया

    वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा, केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया

    वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की प्रक्रिया

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में आतंक मचाने वाला एक तेंदुआ 1 अगस्त 2026 की सुबह वन विभाग द्वारा सुरक्षित पकड़ लिया गया। यह तेंदुआ पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार रिहायशी इलाके में आ रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया और जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।

     वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया।

    तेंदुए की गतिविधियों पर रखी जा रही थी विशेष निगरानी

     वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए।

    केज ट्रैप और रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफल

     वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।

    सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी

     वन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर निगरानी शुरू कर दी। मौके पर भीड़ न जुटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।

    विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

     पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

    अफवाहों से बचें, वन विभाग को दें तुरंत सूचना

     वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।

  • दिल्ली में हुई अहम मुलाकात! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की भेंट, विकास और सुशासन पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

    दिल्ली में हुई अहम मुलाकात! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की भेंट, विकास और सुशासन पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से की सौजन्य भेंट

    नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन से सौजन्य भेंट की।

    शिष्टाचार मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ के विकास, सुशासन, संगठनात्मक समन्वय तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और केंद्र-राज्य समन्वय से आगे बढ़ रही विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की।

  • अब ब्लैक स्पॉट पर नहीं होगा अंधेरे का खतरा! जांजगीर-चांपा में सड़क सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर लगाए गए कैट आई

    अब ब्लैक स्पॉट पर नहीं होगा अंधेरे का खतरा! जांजगीर-चांपा में सड़क सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर लगाए गए कैट आई

    दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रोड मार्किंग एवं कैट आई लगाकर सड़क सुरक्षा को मिली मजबूती

    जांजगीर क्षेत्र के पुटपुरा चौक खोखरा चौक सुकली, मुनूंद एवं चांपा क्षेत्र के हथनेवरा चौक में लगाया गया

    जांजगीर-चांपा : जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं  कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे तथा समिति के सदस्य पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय के निर्देशन में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

    इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के मार्गदर्शन में NH के सब इंजीनियर विजय साहू के नेतृव में जिले के चिन्हित दुर्घटनाजन्य (ब्लैक स्पॉट) एवं दुर्घटना- प्रवण क्षेत्रों में रोड मार्किंग एवं रिफ्लेक्टिव कैट आई लगाए गए हैं। इन सुरक्षा उपायों से रात्रि के समय एवं खराब मौसम में भी वाहन चालकों को सड़क की दिशा स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आने की उम्मीद है।

    पुलिस विभाग का उद्देश्य सड़क पर चलने वाले प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक इंजीनियरिंग सुधारों के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रम भी लगातार संचालित किए जा रहे हैं, ताकि यातायात नियमों के पालन की संस्कृति विकसित हो सके।

           उद्देश्य

    दुर्घटना संभावित एवं ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा बढ़ाना।

    रात्रि एवं कम दृश्यता की स्थिति में वाहन चालकों को स्पष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराना।

    सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि में कमी लाना।

    सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देना।

  • दशकों की वर्दी सेवा को सलाम! जांजगीर-चांपा पुलिस ने दो एएसआई को सम्मान और भावनाओं के साथ दी विदाई

    दशकों की वर्दी सेवा को सलाम! जांजगीर-चांपा पुलिस ने दो एएसआई को सम्मान और भावनाओं के साथ दी विदाई

    सेवा निवृत होने पर जिले के दो एएसआई रामखिलावन साहू एवं संतोष केरकेट्टा को भावभीनी विदाई

    नव पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री यूलैण्डन यार्क ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया सम्मानित

    जांजगीर चांपा : पुलिस विभाग में अपनी दीर्घ, अनुशासित एवं समर्पित सेवाएं प्रदान करने के पश्चात SDOP कार्यालय अकलतरा बाद रक्षित केंद्र में पदस्थ ASI रामखिलावन साहू तथा थाना नवागढ़ में पदस्थ संतोष केरकेट्टा के सेवानिवृत्त होने पर आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जांजगीर के सभा कक्ष में गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

    समारोह में ASP ने दोनों ASI को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति- चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का दायित्व है।

     विदाई समारोह के दौरान DSP मुख्यालय श्री विजय पैकरा, CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे सहित रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी, मुख्य लिपिक दिनेश शर्मा, रीडर -1-ASI अश्वनी राठौर सहित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • रक्षित केंद्र अंबिकापुर का डीआईजी-एसएसपी राजेश अग्रवाल ने किया वार्षिक निरीक्षण, उत्कृष्ट जवान सम्मानित, शाखाओं की व्यवस्था पर दिए सख्त निर्देश

    रक्षित केंद्र अंबिकापुर का डीआईजी-एसएसपी राजेश अग्रवाल ने किया वार्षिक निरीक्षण, उत्कृष्ट जवान सम्मानित, शाखाओं की व्यवस्था पर दिए सख्त निर्देश

    डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा रक्षित केंद्र अंबिकापुर का किया गया वार्षिक निरीक्षण।•

    रक्षित केन्द्र में ली गई परेड की सलामी, परेड का कराया गया मार्च पास्ट एवं स्कॉट ड्रिल।

    परेड के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को नगद ईनाम से किया गया पुरस्कृत।

    रक्षित केंद्र के वाहन शाखा, आर्म्स शाखा, स्टोर शाखा एवं पुलिस यूनिट बैंक का किया गया विस्तृत निरीक्षण।

    डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने अधिकारी/कर्मचारियों की सुनी गुजारिश, समस्याओं के तत्काल निराकरण हेतु दिए निर्देश

    आमजनो में पुलिस के प्रति विश्वास हो इस प्रकार कार्य करने हेतु अधिकारियो कर्मचारियों को दिए गए दिशा निर्देश।

    अंबिकापुर : डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आज़ दिनांक 31/07/26 को रक्षित केंद्र अंबिकापुर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा परेड कि सलामी ली गई। तत्पश्चात परेड का निरीक्षण किया गया, परेड निरीक्षण के दौरान प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारीयों के टर्नआउट चेक किया गया, एवं अधिकारियो/कर्मचारियों का टोलीवार परेड कराया गया। परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।

    वाहन शाखा का विधिवत निरीक्षण:-

    वार्षिक निरीक्षण दौरान वाहन शाखा का विधिवत निरीक्षण किया गया। जिसमें शासकीय वाहनों की अद्यतन स्तिथि,रख रखाव एवं लॉग बुक सहित उनके दस्तावेजों का विस्तृत अवलोकन किया गया, एवं रिकॉर्ड संधारित रखने के दिशा निर्देश दिए गए। बीपी वाहन एवं जैमर वाहन सहित अन्य मौजूद वाहनों को सही हालत में रखने हेतु रक्षित निरीक्षक एवं वाहन शाखा प्रभारी को दिशा निर्देश दिए गए।

    आर्म्स शाखा, स्टोर शाखा एवं पुलिस यूनिट बैंक का निरीक्षण:-

    रक्षित केंद्र के स्टोर शाखा में रखे सामग्रियों के रख रखाव एवं सही समय पर जवानों को वितरण हेतु निर्देश दिए एवं अन्य उपयोगी उपकरणों को समय समय पर मरम्मत कराने एवं मेंटेन रखने हेतु निर्देश दिए। साथ ही आर्म्स शाखा का भी निरीक्षण कर हथियारों को सुरक्षित रखने तथा नियमित रूप से साफ सफाई व मेंटेन रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। रक्षित केंद्र में जवानों के वेल फेयर हेतु संचालित पुलिस यूनिट बैंक द्वारा अधिकारी/कर्मचारीयों को लाभान्वित करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए।

     अधिकारी/कर्मचारियों से रूबरू होते हुए सुनी गई उनकी समस्या:-

     डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से रूबरू होते हुए उनके समस्याएं सुनी गई एवं उनके  समस्याओ का निराकरण करने हेतु निर्देशित निर्देश दिए गए, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा अधिकारी/कर्मचारियों को जनता के बीच संवेदनशील रहकर कार्य करने की नसीहत दी गई। इस दौरान पुलिस मुख्यालय से जिले को आबंटित शासकीय वाहन की डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा पूजा पाठ कर वाहन का बेहतर रखरखाव करने किये जाने हेतु दिशा निर्देश दिए गए।

    वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री रितेश चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण श्री राकेश बघेल, उप पुलिस अधीक्षक श्री अमृत कुजूर, रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत, प्रशिक्षु सूबेदार पेमिन वर्मा, प्रशिक्षु सूबेदार गुलशन चंद्रा रीडर अमित पाण्डेय समेत कुल 160 अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।

  • सावधान अभिभावक! नाबालिग को वाहन देना पड़ सकता है भारी, सरगुजा पुलिस ने शुरू किया बड़ा अभियान, काउंसलिंग के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

    सावधान अभिभावक! नाबालिग को वाहन देना पड़ सकता है भारी, सरगुजा पुलिस ने शुरू किया बड़ा अभियान, काउंसलिंग के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

    नाबालिगों द्वारा वाहन चलाये जाने पर प्रभावी रोक हेतु सरगुजा पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान तेज।•

    जागरूकता अभियान का प्रमुख उद्देश्य नाबालिग छात्र छात्राओं की सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और नाबालिगों को दुर्घटनाओं से बचाना है।

    पुलिस टीम द्वारा शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर छात्र छात्राओं कों लगातार किया जा रहा जागरूक।

    नाबालिग छात्र छात्राओं के वाहन चलाते हुए पाये जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर की जायगी काउंसलिंग।

    छात्र छात्राओं कों स्कूल के अधिकृत वाहन अथवा परिजनों के साथ स्कूल आने जाने की दी गई समझाईस।

    अंबिकापुर : शासन के निर्देशानुसार डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में सरगुजा पुलिस के विभिन्न थाना चौकी एवं यातायात पुलिस टीम द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने (अंडरएज ड्राइविंग) के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान की शुरूवात की गई है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और नाबालिगों को दुर्घटनाओं से बचाना है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस टीम एवं अन्य थाना चौकी पुलिस टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर छात्र छात्राओं कों एकत्रित कर जागरूक किया गया, छात्र छात्राओं को अभियान का उद्देश्य बताकर यातायात के नियमो का पालन करने की समझाईस दी गई।

    जिले के समस्त विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधान पाठकों को भी निर्देशित किया गया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस छात्र-छात्राओं को दोपहिया वाहन से विद्यालय आने की अनुमति न दें। यदि कोई छात्र-छात्रा इस प्रकार वाहन चलाते हुए स्कूल आते जाते हुए पाया जाता है तो उन्हें समझाईस देवे, जागरूकता अभियान के साथ साथ पुलिस टीम द्वारा ऐसे नाबालिग वाहन चालकों के परिजनों कों बुलाकर कॉउंसलिंग की जायगी एवं मामले में सुधारात्मक कार्यवाही के पश्चात चलानी कार्यवाही एवं अन्य अग्रिम वैधानिक कार्यवाही भी की जायगी। उक्त अभियान का सरगुजा पुलिस द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा हैं, छात्र छात्राओं समेत उनके परिजनों कों लगातार समझाईस देने का प्रयास किया जा रहा हैं। इसके उपरांत भी सुधार नहीं होने की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी, जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं कों स्कूल के अधिकृत वाहन अथवा परिजनों के साथ स्कूल आने जाने की समझाईस दी गई।

    अभियान के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के छात्र छात्राएं जो मौक़े पर वाहन के साथ अथवा वाहन चलाते हुए पाये गए उनसे ड्राइविंग लाइसेंस एवं हेलमेट के सम्बन्ध में पूछताछ किया गया, छात्र छात्राओं को बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने की जानकारी दी गई उन्हें बताया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर चलानी कार्यवाही के नियम है जिनका सुरक्षा उद्देश्य से पालन किया जाना आवश्यक है।

    सरगुजा पुलिस सभी अभिभावकों से अपील करती है कि वे यातायात के नियमो का पालन करें और अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने हेतु न दें। यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

  • अब तकनीक तय करेगी न्याय की रफ्तार! मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और पुलिस के शीर्ष अधिकारी रायपुर में करेंगे डिजिटल जस्टिस का रोडमैप तैयार

    अब तकनीक तय करेगी न्याय की रफ्तार! मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और पुलिस के शीर्ष अधिकारी रायपुर में करेंगे डिजिटल जस्टिस का रोडमैप तैयार

    “Strengthening Digital Justice Through New Criminal Laws” विषय पर 2 अगस्त को रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे अध्यक्षता

    नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, आईसीजेएस, सीसीटीएनएस एवं डिजिटल न्यायिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथन

    रायपुर : न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक सशक्त, सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आगामी 2 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड में “Strengthening Digital Justice Through New Criminal Laws” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के समावेश के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, माननीय विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव तथा माननीय न्यायमूर्ति श्री चंद्रवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अन्य माननीय न्यायाधीशगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी कार्यक्रम में सहभागी होंगे।

    राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायिक सेवा के अधिकारीगण, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक सहित पुलिस एवं न्यायिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

    कार्यशाला के दौरान Inter-Operable Criminal Justice System (आईसीजेएस), Crime and Criminal Tracking Network & Systems (सीसीटीएनएस), डिजिटल न्यायिक समन्वय, नवीन आपराधिक कानूनों के अंतर्गत तकनीकी एकीकरण तथा न्याय एवं पुलिस व्यवस्था के डिजिटलीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। इन विषयों के संबंध में नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) एवं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के वरिष्ठ अधिकारी विषय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे।

    यह राज्य स्तरीय कार्यशाला न्यायिक एवं पुलिस तंत्र के मध्य समन्वित डिजिटल तंत्र को सुदृढ़ करने, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नागरिकों को त्वरित, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।