Category: छत्तीसगढ

  • मोदी सरकार का छत्तीसगढ़ को बड़ा वित्तीय संबल! 3,602 करोड़ रुपये की अग्रिम कर हिस्सेदारी से विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जताया आभार

    मोदी सरकार का छत्तीसगढ़ को बड़ा वित्तीय संबल! 3,602 करोड़ रुपये की अग्रिम कर हिस्सेदारी से विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जताया आभार

    केंद्र सरकार के कर हस्तांतरण से छत्तीसगढ़ को मिली 3,602 करोड़ रुपये की अग्रिम हिस्सेदारी : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

    अग्रिम कर हस्तांतरण से छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों को मिलेगी नई गति : वित्त मंत्री श्री चौधरी

    रायपुर : प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि जारी करने का निर्णय सहकारी संघवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला है।:उन्होंने कहा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये की अग्रिम कर हिस्सेदारी प्राप्त हुई है। यह राशि राज्य में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्यों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। समय पर कर हस्तांतरण से राज्यों की वित्तीय क्षमता मजबूत होती है, जिससे विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए समृद्ध और विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण को मिली नई रफ्तार! मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने राजनांदगांव जिला न्यायालय का किया विस्तृत निरीक्षण, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित न्याय प्रणाली पर दिया विशेष जोर

    छत्तीसगढ़ में न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण को मिली नई रफ्तार! मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने राजनांदगांव जिला न्यायालय का किया विस्तृत निरीक्षण, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित न्याय प्रणाली पर दिया विशेष जोर

    माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगाँव का विस्तृत निरीक्षण एवं न्यायिक अधोसंरचना का जायजा

    रायपुर : दिनांक 01/08/2026 को माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगाँव का विस्तृत निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता संघ के सदस्यों तथा न्यायालयीन कर्मचारियों से संवाद किया।

    अपने प्रवास के दौरान माननीय मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायालय परिसर स्थित विभिन्न न्यायालय कक्षों, सेंट्रल प्रोसेस अनुभाग, सर्वर, लीगल एड डिफेंस सिस्टम, अभिलेखागार, मालखाना, लेखा अनुभाग, ग्रंथालय, डिजिटलीकरण एवं स्कैनिंग केन्द्र, पीड़िता विश्राम कक्ष, किलकारी कक्ष सहित विभिन्न अनुभागों का सघन अवलोकन कर वहाँ उपलब्ध आधारभूत अधोसंरचना का जायजा लिया।

    माननीय मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालयीन कार्यों में कार्यक्षमता, जवाबदेही, पत्रावलियों के रखरखाव और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पेपरलेस कार्यप्रणाली व आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल देते हुए न्यायिक व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    उल्लेखनीय है कि माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ‘Judicial Infrastructure’ को मजबूत करने और न्याय प्रणाली में नई तकनीकी को शामिल करने के हमेशा से पक्षधर रहे हैं। पदभार संभालने के बाद से ही वे लगातार प्रदेश के दूरस्थ व जिला न्यायालयों का दौरा कर जमीनी हकीकतों का जायजा ले रहे है। उनके इसी विजन के कारण आज राज्य में अदालतों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण को एक नई गति मिली है, जिससे न्याय व्यवस्था अधिक नागरिक केंद्रित हो रही है। माननीय मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर राजनांदगाँव में मौलश्री पौधा का रोपण भी किया।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार कम प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी, प्रोटोकॉल अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगाँव, जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस अधीक्षक तथा न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

  • अब नहीं रुकेगी बेटियों की पढ़ाई! ‘सेवा सेतु’ ने समय पर उपलब्ध कराया आय प्रमाण-पत्र, सरिता को मिला कॉलेज में प्रवेश; डिजिटल सुशासन से बदली ग्रामीण परिवार की तकदीर

    अब नहीं रुकेगी बेटियों की पढ़ाई! ‘सेवा सेतु’ ने समय पर उपलब्ध कराया आय प्रमाण-पत्र, सरिता को मिला कॉलेज में प्रवेश; डिजिटल सुशासन से बदली ग्रामीण परिवार की तकदीर

    सेवा सेतु बना बेटियों के सपनों का संबल : समय पर आय प्रमाण-पत्र मिलने से सरिता की उच्च शिक्षा का रास्ता हुआ आसान

    रायपुर : राज्य सरकार की सुशासन और डिजिटल सेवा व्यवस्था को मजबूत करने वाली सेवा सेतु पहल आज प्रदेश के हजारों परिवारों के लिए भरोसे का माध्यम बनती जा रही है। अब नागरिकों को छोटे-छोटे प्रमाण-पत्रों और शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि एक ही केंद्र पर पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

    ऐसी ही एक प्रेरक कहानी दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली क्षेत्र से सामने आई है, जहां श्री मुन्ना राम अपनी पुत्री सरिता की उच्च शिक्षा को लेकर चिंतित थे। कॉलेज में प्रवेश के लिए आय प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत थी, लेकिन दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होने से उनकी बेटी की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी।

    परिवार ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन की त्वरित प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक आय प्रमाण-पत्र समय पर जारी कर दिया। दस्तावेज मिलने के बाद सरिता का उच्च शिक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सका और उसकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकी।

    श्री मुन्ना राम ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की परेशानी होती थी। अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर दस्तावेज मिलने से उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हुआ और परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई।

    उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए सुशासन का वास्तविक उदाहरण है। यह पहल न केवल प्रशासन को नागरिकों के करीब ला रही है, बल्कि बेटियों की शिक्षा, युवाओं के भविष्य और आम लोगों के आत्मविश्वास को भी नई मजबूती दे रही है।

    राज्य सरकार द्वारा डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार से यह स्पष्ट हो रहा है कि सुशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर उनका लाभ पहुंचाना है। सेवा सेतु केंद्र आज प्रदेश में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण-पत्र, राजस्व और अन्य शासकीय सेवाओं को सरल बनाकर नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

  • ग्रामीणों के लिए वरदान बना आधार सेवा केंद्र, वर्षों से बंद पड़ी पेंशन-राशन जैसी सुविधाएं फिर हुईं शुरू; दंतेवाड़ा की आयते की जिंदगी में लौटी नई उम्मीद

    ग्रामीणों के लिए वरदान बना आधार सेवा केंद्र, वर्षों से बंद पड़ी पेंशन-राशन जैसी सुविधाएं फिर हुईं शुरू; दंतेवाड़ा की आयते की जिंदगी में लौटी नई उम्मीद

    आधार सेवा केंद्र बना ग्रामीणों के लिए भरोसे का आधार

    वर्षों से बंद पड़ी सुविधाएं हुईं बहाल, श्रीमती आयते को फिर मिलने लगा योजनाओं का लाभ

    रायपुर : राज्य शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए संचालित आधार सेवा केंद्र अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तोयलंका की निवासी श्रीमती आयते की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है, जिनकी वर्षों पुरानी आधार संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ फिर से मिलने लगा है।

    श्रीमती आयते लंबे समय से आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण परेशान थीं। आधार निष्क्रिय होने से उन्हें पेंशन, राशन और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाने से वे निराश हो चुकी थीं।

    इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आधार सेवा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां आधार संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है। जानकारी मिलते ही वे सेवा केंद्र पहुंचीं और अपनी समस्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताई।

    जांच में पता चला कि लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनका आधार निष्क्रिय हो गया था। सेवा केंद्र के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई और आधार को पुनः सक्रिय कर दिया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई।

    आधार पुनः सक्रिय होने के बाद श्रीमती आयते को अब पेंशन, राशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और आधार सेवा केंद्र के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा ने उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

    राज्य शासन की मंशा है कि हर नागरिक को बिना अनावश्यक परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल नंबर अपडेट और आधार सक्रियण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो रही है और डिजिटल सेवाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो रहा है।

  • कुलगाम के शहीद श्रमिकों के परिवारों तक पहुंचा छत्तीसगढ़ सरकार का संबल, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने फोन पर बंधाया हौसला, कहा— आतंकियों के कायराना हमले का मिलेगा करारा जवाब

    कुलगाम के शहीद श्रमिकों के परिवारों तक पहुंचा छत्तीसगढ़ सरकार का संबल, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने फोन पर बंधाया हौसला, कहा— आतंकियों के कायराना हमले का मिलेगा करारा जवाब

    कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की बात

    घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली प्रवास के दौरान किया दूरभाष पर संपर्क, मुख्यमंत्री की 20-20 लाख रुपये की सहायता घोषणा पर जताया आभार

    कहा- आतंकियों को उनके कायराना कृत्य का मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

    रायपुर : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दीपक रात्रे एवं भूपेन्द्र की निर्मम हत्या की सूचना मिलते ही उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान तत्काल दोनों दिवंगतों के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री शर्मा ने अधिकारियों को भी आवश्यक समन्वय एवं हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डाल दिया है।

     उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या मानवता के विरुद्ध जघन्य अपराध है। आतंकवाद के ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और इस नृशंस हमले में शामिल आतंकियों को उनके अपराध की कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आतंकियों को उनके कृत्य का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा और इस हमले का बदला अवश्य लिया जाएगा।

     श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील निर्णय शोक संतप्त परिवारों को कठिन समय में संबल प्रदान करेगा तथा राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

     उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। वे पीड़ित परिवारों के साथ रहकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

  • 441 से अधिक सरकारी सेवाएं अब एक क्लिक पर: ‘सेवा सेतु’ बना डिजिटल सुशासन का नया चेहरा, धमतरी से पूरे छत्तीसगढ़ को मिली पारदर्शी और तेज़ सेवाओं की नई दिशा

    441 से अधिक सरकारी सेवाएं अब एक क्लिक पर: ‘सेवा सेतु’ बना डिजिटल सुशासन का नया चेहरा, धमतरी से पूरे छत्तीसगढ़ को मिली पारदर्शी और तेज़ सेवाओं की नई दिशा

    डिजिटल सुशासन की नई मिसाल बना ‘सेवा सेतु’

     धमतरी में 441 से अधिक ऑनलाइन सेवाओं का मिल रहा सीधा लाभ

    राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने हितग्राहियों को वितरित किए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र

    एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आवेदन की ट्रैकिंग आसान, दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिली मुक्ति

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल सुशासन नीति से प्रदेश में आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित और पारदर्शी लाभ मिलना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में धमतरी जिले में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के माध्यम से 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली है।

     धमतरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सेवा सेतु पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र हितग्राहियों को सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने पारदर्शी और समयबद्ध सेवा वितरण प्रणाली की सराहना की।

    नागरिक-केंद्रित सोच का प्रभावी उदाहरण

     राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित सुशासन सोच का जीवंत उदाहरण है। डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से शासन और आम जनता के बीच की दूरी समाप्त हो रही है, जिससे हर नागरिक तक शासकीय सेवाएं पूरी पारदर्शिता, त्वरित गति और जवाबदेही के साथ पहुँच रही हैं।

    एक ही छत के नीचे 441 से अधिक शासकीय सेवाएं

     सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमुख विभागों की डिजिटल सेवाएं आम जनता के लिए बेहद सरल बना दी गई हैं। राजस्व एवं प्रमाण पत्र सेवाओं के तहत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण और भू-अभिलेख से जुड़ी सेवाएं दी जा रही है। सामाजिक एवं नागरिक सेवाओं के तहत विवाह पंजीयन, नाम में संशोधन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। इसी तरह श्रम एवं अन्य विभागों से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है।

    समय और धन दोनों की बचत

     सेवा सेतु पोर्टल में नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों के निराकरण की पारदर्शी व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है, वहीं पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनी है।

     डिजिटल तकनीक का यह नवाचार छत्तीसगढ़ में सुशासन (Good Governance) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

  • बाढ़ से जूझ रहे परिवारों के लिए राहत की बड़ी पहल! पालकी गांव पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप ने बांटी सहायता राशि, अधिकारियों को दिए तत्काल राहत और पुनर्वास तेज करने के निर्देश

    बाढ़ से जूझ रहे परिवारों के लिए राहत की बड़ी पहल! पालकी गांव पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप ने बांटी सहायता राशि, अधिकारियों को दिए तत्काल राहत और पुनर्वास तेज करने के निर्देश

    बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे वन मंत्री केदार कश्यप

    पालकी गांव में राहत सामग्री और सहायता राशि का किया वितरण, हरसंभव मदद का दिलाया भरोसा

    रायपुर : वन मंत्री केदार कश्यप नारायणपुर जिले के पालकी गांव पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले और उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

    प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

     मंत्री श्री कश्यप ने प्रभावित परिवारों को राहत सहायता राशि के चेक और कंबलों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत सामग्री और जरूरी सहायता समय पर हर परिवार तक पहुंचे।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी

     वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। सरकार का लक्ष्य राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाकर प्रभावित लोगों के जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। जिन परिवारों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाए।

    संकट की घड़ी में सरकार साथ

     वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रत्येक जरूरतमंद तक राहत और सहायता पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है और राज्य सरकार हर प्रभावित नागरिक को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

  • हरियाली का महाअभियान हुआ और मजबूत! बलौदाबाजार में वन महोत्सव 2026 के मंच से राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने किया आह्वान— हर नागरिक लगाए एक पौधा, प्रकृति बचाने का लें संकल्प

    हरियाली का महाअभियान हुआ और मजबूत! बलौदाबाजार में वन महोत्सव 2026 के मंच से राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने किया आह्वान— हर नागरिक लगाए एक पौधा, प्रकृति बचाने का लें संकल्प

    एक पेड़ मां के नाम’ केवल संदेश नहीं, देशव्यापी महाअभियान: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    बलौदाबाजार के सकरी स्थित मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 का आयोजन

    विद्यार्थियों ने चित्रकला और रंगोली से दिया हरियाली का संदेश, उत्कृष्ट वनसाथी भी हुए सम्मानित

    रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के संकल्प के साथ शनिवार को बलौदाबाजार के सकरी स्थित मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय ‘वन महोत्सव 2026’ का गरिमामय आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली बच्चों और नागरिकों की व्यापक सहभागिता के बीच वृहद पौधारोपण किया गया।

     राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर किया गया। अतिथियों ने स्वयं पौधे रोपकर समाज को पर्यावरण सहेजने का प्रेरक संदेश दिया और लगाए गए पौधों की सुरक्षा व देखभाल का संकल्प लिया।

    पौधा लगाना ही नहीं, उसे सहेजना असली सफलता: राजस्व मंत्री

     इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि जन-जन को जोड़ने वाला एक देशव्यापी महाअभियान है। आज के दौर में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर नागरिक अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए। केवल पौधा लगा देना ही काफी नहीं है, उसे वृक्ष बनने तक सहेजना और नियमित देखभाल करना ही इस अभियान की वास्तविक सार्थकता है।

    प्रतिभाशाली बच्चे और ‘वनसाथी’ हुए सम्मानित

     समारोह को और अधिक जीवंत बनाने के लिए स्कूली विद्यार्थियों के बीच चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रकृति और वृक्षों के महत्व को बखूबी उकेरा।

     प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।इसी तरह वनों को भीषण दावानल (आग) से सुरक्षित रखने में साहसिक और उल्लेखनीय योगदान देने वाले वनसाथियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

     इस जिला स्तरीय वन महोत्सव में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर, वनमंडलाधिकारी सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने आमजन से इस हरित अभियान से जुड़ने की अपील की।

  • “डिग्री नहीं, राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी है असली पहचान” : राज्यपाल रमेन डेका का युवाओं को प्रेरक संदेश, जिंदल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

    “डिग्री नहीं, राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी है असली पहचान” : राज्यपाल रमेन डेका का युवाओं को प्रेरक संदेश, जिंदल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

    युवा ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों से करें राष्ट्र निर्माण – राज्यपाल रमेन डेका

    राज्यपाल ने जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दी उपाधियां

    रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए उपयोग में लाना है। एक शिक्षित व्यक्ति की पहचान उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।

     राज्यपाल श्री डेका आज रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा स्कूल ऑफ साइंस के 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत तथा 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

     राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उन्हें ऐसे युवा तैयार करने होंगे जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकारों को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की सच्ची सार्थकता केवल उपाधि प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उस ज्ञान को समझदारी, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ जीवन में उतारने में है। आपका ज्ञान तभी पूर्ण होगा, जब वह समाज और मानवता के कल्याण में उपयोगी बने। जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले युवा अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर देश के विकास तथा समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

     समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद श्री नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री देबोज्योति रॉय, कुलपति डॉ.आर.डी. पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित थे।

  • चार दशक की समर्पित सेवाओं को मिला सम्मान! पावर कंपनी ने दो मुख्य अभियंताओं सहित 7 अधिकारी-कर्मचारियों को दी भावभीनी विदाई, यादगार पल बने भावुक क्षण

    चार दशक की समर्पित सेवाओं को मिला सम्मान! पावर कंपनी ने दो मुख्य अभियंताओं सहित 7 अधिकारी-कर्मचारियों को दी भावभीनी विदाई, यादगार पल बने भावुक क्षण

    पावर कंपनी से मुख्य अभियंता साव एवं देवांगन सहित 7 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

    रायपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में आयोजित सेवानिवृत्ति विदाई समारोह में दो मुख्य अभियंताओं सहित सात अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में मुख्य अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार साव एवं श्री आशुतोष देवांगन सहित सात अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। प्रबंध निदेशक श्री एस.के. कटियार ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री राजेन्द्र कुमार साव एवं श्री आशुतोष देवांगन ने अपने दीर्घ सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कंपनी प्रबंधन, वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों से प्राप्त सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

    समारोह में कार्यपालक निदेशक श्री एम.एस. कंवर, श्री सी.एल. नेताम, श्री संदीप मोदी एवं श्री संजय शुक्ला सहित मुख्य अभियंता श्री गिरीश गुप्ता, श्री सुभाष शर्मा, श्री एच.एन. कोसरिया, श्री रोहित डहरवाल उपस्थित थे।

    इसी प्रकार छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा सेवा भवन में आयोजित समारोह में पाँच अधिकारी एवं कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री राजेश देवांगन (निज सचिव), श्री श्रीकांत तिवारी (निज सचिव), श्री अमरोज कुमार मसीह (वरिष्ठ पर्यवेक्षक, परीक्षण), श्री कमल नारायण वर्मा (सिविल परिचारक श्रेणी-एक) सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

    ट्रांसमिशन कंपनी के समारोह में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस. मनोठिया, श्री एम.एस. चौहान, श्री संजय पटेल एवं श्री वी.के. दीक्षित सहित मुख्य अभियंता श्री के.बी. पात्रे, श्री अब्राहम वर्गीस, श्रीमती रश्मि वर्मा एवं श्री प्रसन्ना गोसावी उपस्थित थे।