Category: छत्तीसगढ

  • नक्सल प्रभावितों के लिए बड़ा फैसला! 109 शहीद स्मारक बनेंगे, QR कोड से मिलेगी बलिदान की पूरी कहानी, लंबित मामलों पर चलेगा विशेष अभियान

    नक्सल प्रभावितों के लिए बड़ा फैसला! 109 शहीद स्मारक बनेंगे, QR कोड से मिलेगी बलिदान की पूरी कहानी, लंबित मामलों पर चलेगा विशेष अभियान

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास एवं नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की

    109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी शहीदों और घटनाओं की पूरी जानकारी

    लंबित मामलों के निराकरण के लिए चलेगा विशेष अभियान

    नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास और शहीद परिवारों को सहायता में तेजी लाने के निर्देश

    रायपुर : नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में सोमवार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं तथा माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सुविधाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, शहीदों के सम्मान में स्मारकों के निर्माण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

    शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति पर उप मुख्यमंत्री ने जताया हर्ष

     बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं पुनर्वासित युवाओं को मिल रही सहायता और सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान किए जाने की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है और उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को भी नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित व्यक्तियों और सहायता से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।

    109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं दिवंगत नागरिकों की स्मृति में घटना स्थल अथवा संबंधित ग्रामों में बनाए जाने वाले 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन स्मारकों के लिए एक मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनेंगे। इन स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी लोगों को उपलब्ध हो सकेगी।

    नक्सल हिंसा में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने विशेष अभियान

     उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण से अब तक नक्सल हिंसा में हताहत हुए लोगों के ऐसे मामलों की भी समीक्षा की, जिनमें अब तक प्रभावित परिवारों तक राहत नहीं पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की पहचान कर विशेष मुहिम चलाने, प्रभावित लोगों से आवेदन प्राप्त करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता एवं राहत का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।

    गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यूएपीए, जनहानि जैसे गंभीर प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्रता से निराकृत किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं का दल गठित कर सभी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मामलों में पृथक्करण की प्रक्रिया भी पूर्ण करने को कहा, ताकि प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और पात्र पुनर्वासित युवाओं को अनावश्यक रूप से लंबित प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।

    शहीदों के सम्मान में स्कूल, चौक-चौराहों और भवनों के नामकरण की प्रक्रिया होगी तेज

     शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के उद्देश्य से स्कूलों, चौक-चौराहों एवं शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां नामकरण के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और जल्द से जल्द नामकरण पूर्ण कराया जाए।

    क्षतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन राशि के सभी पात्र मामलों में लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश

     बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को निर्धारित सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।

    पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पर विशेष जोर

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी पुनर्वास केंद्रों में आवश्यक एवं उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में रह रहे लोगों की सुविधाओं और आवश्यकताओं की लगातार निगरानी की जाए तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।

    पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

     उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित युवाओं को दी जाने वाली इनाम राशि में से शेष राशि का भुगतान इस माह के अंत तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे राज्यों में शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ वापस आ रहे स्थानीय निवासियों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने और उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वे पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी चर्चा की, जो दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों से समन्वय कर ऐसे युवाओं को उनके गृह राज्य भेजने की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुनर्वासित लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर पुनर्वासित लोगों को समाज में ससम्मान स्थान दिलाने, उन्हें सभी पात्र शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

    इलवद पंचायत योजना के 50 ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता

     बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों के आबंटन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन ग्रामों के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चयनित सभी ग्रामों में विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर उन्हें प्रारंभ कराया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं एवं विकास कार्यों का लाभ ग्रामीणों को शीघ्र मिल सके।

    पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने के निर्देश

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ऐसे पुनर्वासित युवाओं के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

     बैठक में प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी नक्सल श्री विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्य सचिव विकासशील का बड़ा एक्शन प्लान! रिटायरमेंट से पहले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रकरण निपटाने के निर्देश, विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज करने पर जोर

    मुख्य सचिव विकासशील का बड़ा एक्शन प्लान! रिटायरमेंट से पहले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रकरण निपटाने के निर्देश, विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज करने पर जोर

    मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली

    सेवा निवृत्त होने से पहले ही प्रकरण कर निराकृत करें

    महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    रायपुर : मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की।

     मुख्य सचिव ने कहा है कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण उनके सेवा निवृत्त होने से पहले ही तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सूची विभागावार नियतकालिक अवधि में बनायी जाए। विभागों में रिक्त पदों की सूची एवं बैकलॉक के पदों पर सेटअप बनाकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करें। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना के अधिकार, सेवा सेतु, लोक सेवा गारंटी, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी रेगुलेशन, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 728 सेवाएं को नोटिफाइड हो चूकी है।

     मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आई-गॉट के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जाये। अधिकारी-कर्मचारियों को आई-गॉट के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने कहा है। अधिकारी- कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण के कार्ययोजना बनायें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि रिफार्म के तहत अपने-अपने विभागवार जानकारी तैयार करें। आगामी दिनों में रिफार्म उत्सव अभियान का आयोजन होगा।

     बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • तिरंगे के रंग में रंगा कांकेर, हजारों कदमों के साथ गूंजे देशभक्ति के नारे! उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली तिरंगा यात्रा की कमान

    तिरंगे के रंग में रंगा कांकेर, हजारों कदमों के साथ गूंजे देशभक्ति के नारे! उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली तिरंगा यात्रा की कमान

    देशभक्ति से ओतप्रोत अप्रतिम उत्साह के साथ निकली तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव हुए शामिल

    लहराया गया 92 फीट का तिरंगा

    तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में उत्साह और उमंग से शामिल हुए जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज कांकेर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। अप्रतिम उत्साह के साथ देशभक्ति से ओतप्रोत तिरंगा यात्रा की ढाई किमी पैदल रैली में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, अधिकारी-कर्मचारी और शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। विधायक श्री आशाराम नेताम और छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के नेतृत्व में शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान से शुरू हुई तिरंगा यात्रा नगर घड़ी चौक, ऊपर-नीचे रोड, मस्जिद चौक, गांधी चौक होते हुए नवनिर्मित मिनी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने हाथ में राष्ट्र ध्वज लेकर उत्साह से भाग लिया।

    यात्रा की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से की गई। नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रैली में शामिल लोगों का स्वागत किया तथा देशभक्ति के नारे लगाए। नगरवासियों ने चॉकलेट व टॉफी बांटकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देश पर वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर इस जिला स्तरीय तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था।

    92 फीट तिरंगा बना आकर्षण का केंद्र

    तिरंगा यात्रा में शामिल विद्यार्थियों ने 92 फीट लंबा तथा 5 फीट चौड़ा तिरंगा का प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों पर इसे लहराते हुए यात्रा निकाली गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सेंट माइकल इंग्लिश स्कूल की बैंड टोली में शामिल छात्राओं ने राष्ट्रगीत की धुन पर वाद्य यंत्र बजाते हुए रैली में मार्चपास्ट किया।

    केंद्र शासन एवं राज्य शासन के निर्देश पर 9 अगस्त से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने एवं राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे लोगों में देश भक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो।

    कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एसपी श्री निखिल राखेचा, श्री महेश जैन, श्री सतीश लाटिया, श्री राहुल टिकरिहा, श्री राजा देवनानी, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, कांकेर नगर पालिका के उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री रमेश निषाद भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।

  • कभी मलेरिया का गढ़ था बस्तर, अब बदल रही कहानी! 10 साल में 83% मामलों की कमी, बैगा-गुनिया और स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाली जागरूकता की कमान

    कभी मलेरिया का गढ़ था बस्तर, अब बदल रही कहानी! 10 साल में 83% मामलों की कमी, बैगा-गुनिया और स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाली जागरूकता की कमान

    जहां मलेरिया था बड़ी चुनौती, वहां बदली तस्वीर, 10 साल में 83% घटे मामले, अब गांवों में बदल रही लोगों की आदत

    बैगा-गुनिया और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संभाली जागरूकता की कमान, गांवों में बदलने लगा मलेरिया से बचाव का व्यवहार

    रायपुर : बस्तर में मलेरिया से जंग अब सिर्फ दवा और जांच की नहीं रही। जंगलों के बीच बसे गांवों में मच्छरदानी की आदत, बुखार पर तुरंत जांच और समय पर इलाज का संदेश धीरे-धीरे लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। कभी मलेरिया के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से लड़ने के साथ-साथ लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव को भी अभियान का केंद्र बनाया है। इसी सामूहिक प्रयास का असर है कि पिछले 10 वर्षों में मलेरिया के मामलों में करीब 83 प्रतिशत की कमी आई है।

    बस्तर की इस तस्वीर को बदलने के पीछे वर्षों से चल रही वह मुहिम है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को बीमारी से बचाव का तरीका भी समझाया गया। खासकर संभाग की बड़ी जनजातीय आबादी तक पहुंचने के लिए स्थानीय भाषा, स्थानीय परंपराओं और समुदाय में प्रभाव रखने वाले लोगों को माध्यम बनाया गया। मकसद साफ रहा-मलेरिया से बचाव की बात ऐसी भाषा में कही जाए, जिसे गांव का हर परिवार आसानी से समझ सके और अपनी दिनचर्या में अपना सके।

    बैगा-गुनिया भी बने जागरूकता की कड़ी

    इसी सोच के साथ बैगा-गुनिया सिरहा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। गांवों में जिन लोगों की बात समुदाय सहजता से सुनता है, उन्हें मलेरिया से बचाव के उपायों से जोड़ा जा रहा है। इन सम्मेलनों में स्थानीय भाषा और संवाद शैली के जरिए मच्छरदानी के नियमित उपयोग, बुखार होने पर तत्काल जांच और डॉक्टर से उपचार लेने की जरूरत समझाई जाती है।

    यह संदेश खास तौर पर इस बात पर केंद्रित है कि बुखार को मामूली समझकर घर पर इंतजार करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच होने से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और उपचार शुरू किया जा सकता है। इसी तरह सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल मलेरिया से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय है।

    स्वास्थ्य अमला अब मछरदानी के नियमित इस्तेमाल पर भी जोर दे रहा है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनें परिवारों से संपर्क कर यह देख रही हैं कि मच्छरदानी केवल घर में रखी न रहे, बल्कि रात में उसका इस्तेमाल भी हो।

    मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में बुखार की निगरानी और जांच की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया गया है। गांवों में लोगों को यह समझाया जा रहा है कि बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें और जांच कराएं। इस तरह बचाव और उपचार दोनों को समुदाय के व्यवहार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि! GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित, सरकारी खरीदी 113% बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंची

    छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि! GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड से सम्मानित, सरकारी खरीदी 113% बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंची

    छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

    गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

    प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत

    रायपुर : छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।

    राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।

    खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत

    GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।

    GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

    खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

    GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि

    छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

    राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

    सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

    GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

    राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

  • युवाओं के लिए बड़ी राहत! शिक्षक और पुलिस भर्ती परीक्षा की तारीखें टकराने पर CM साय का त्वरित एक्शन, अब 2 से 4 नवंबर तक होगी SI मुख्य परीक्षा

    युवाओं के लिए बड़ी राहत! शिक्षक और पुलिस भर्ती परीक्षा की तारीखें टकराने पर CM साय का त्वरित एक्शन, अब 2 से 4 नवंबर तक होगी SI मुख्य परीक्षा

    युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

    शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान

    अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजित

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहे

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

    अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

  • छत्तीसगढ़ में उद्योग-व्यापार के खुलेंगे नए रास्ते! राज्यपाल डेका बोले—आपसी सहयोग से बढ़ेगा कारोबार, पूर्वोत्तर और दिल्ली-NCR से मजबूत होंगे व्यापारिक रिश्ते

    छत्तीसगढ़ में उद्योग-व्यापार के खुलेंगे नए रास्ते! राज्यपाल डेका बोले—आपसी सहयोग से बढ़ेगा कारोबार, पूर्वोत्तर और दिल्ली-NCR से मजबूत होंगे व्यापारिक रिश्ते

    छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं, आपसी सहयोग से बढ़ेगा व्यापार- राज्यपाल श्री डेका

    रायपुर : पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, दिल्ली-एनसीआर तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने आज समन्वयक श्री सुशील अग्रवाल के नेतृत्व में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वाेत्तर तथा दिल्ली-एनसीआर के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

    राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि एवं फार्मिंग, स्टील, चाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार एवं उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं एवं हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

    राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए भी पूर्वाेत्तर राज्यों तथा दिल्ली-एनसीआर में व्यापार एवं उद्योग के विस्तार की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। उन्होंने दोनों क्षेत्रों के चैंबर ऑफ कॉमर्स से आपसी समन्वय बढ़ाकर व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर चर्चा की।

    प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा व्यापार एवं उद्योग के नए अवसर विकसित करने के संबंध में अपने विचार साझा किए।

    इस अवसर पर पूर्वाेत्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड कम्युनिटी, नई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष श्री अजय खेमानी, श्री राजेश सोनी, सह-समन्वयक श्री सारंग अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • राजनांदगांव में बैडमिंटन का महाकुंभ शुरू, 25वीं स्टेट जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में प्रदेशभर के युवा शटलरों का जोरदार मुकाबला

    राजनांदगांव में बैडमिंटन का महाकुंभ शुरू, 25वीं स्टेट जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में प्रदेशभर के युवा शटलरों का जोरदार मुकाबला

    राजनांदगांव में 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की किया शुभारंभ

    रायपुर : राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। 9 से 13 अगस्त 2026 तक चलने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

    राजनांदगांव खेल नगरी के रूप में हो रहा विकसित- डॉ. रमन सिंह

              विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व का विषय है। यहाँ हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती जैसे खेलों में अपार प्रतिभाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    खेलों को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को 100 करोड़- उपमुख्यमंत्री अरुण साव

            उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राजनांदगांव को संस्कारधानी के साथ-साथ खेलों की राजधानी बताया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार खेलों के विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 156 खिलाड़ियों को श्उत्कृष्ट खिलाड़ीश् घोषित किया गया है तथा श्मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशनश् के तहत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बैडमिंटन एसोसिएशन को अधोसंरचना के प्रस्ताव पर बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

    सांसद संतोष पाण्डेय ने दिया खिलाड़ियों को मार्गदर्शन

            सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दिग्विजय स्टेडियम परिसर के संसाधनों का खिलाड़ियों के हित में बेहतर उपयोग करने और खेल अधोसंरचना को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह सिसोदिया ने दिया। इस अवसर पर राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कोच और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।

  • विकास के नए दौर में राजनांदगांव! 43 करोड़ से ज्यादा के कार्यों का भूमिपूजन, 2000 सीटर ऑडिटोरियम से लेकर सड़क-पेयजल परियोजनाओं को मिली बड़ी मंजूरी

    विकास के नए दौर में राजनांदगांव! 43 करोड़ से ज्यादा के कार्यों का भूमिपूजन, 2000 सीटर ऑडिटोरियम से लेकर सड़क-पेयजल परियोजनाओं को मिली बड़ी मंजूरी

    राजनांदगांव को 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए के विकास कार्यों की सौगात

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने किया विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन

    15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम

    रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने राजनांदगांव शहर में 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से बनने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा 2000 सीटर ऑडिटोरियम प्रमुख रूप से शामिल है।

     विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में बनने वाला 2000 सीटर ऑडिटोरियम शहर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। ऑडिटोरियम में बड़े आयोजनों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां पार्किंग, कॉरिडोर के साथ लगभग एक हजार लोगों के एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था भी होगी। यह ऑडिटोरियम राजनांदगांव सहित आसपास के नगरीय क्षेत्रों के लिए बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, प्रकाश व्यवस्था एवं पाइपलाइन विस्तार सहित 43 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्य किए जा रहे हैं।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राजनांदगांव के सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी जा रही मांगों और प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जा रही है। डॉ. रमन सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 10 एमएलडी जल शोधन संयंत्र की स्थापना की आवश्यकता बताई। उन्होंने गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम के पीछे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए शेड तथा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।

     विकास कार्यों का भूमिपूजन किया उसमें शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल, मुक्तिधाम उन्नयन, सामुदायिक भवन एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग अनटाइड ग्रांट से 12 करोड़ 9 लाख 44 हजार रूपए की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली एवं विद्युतीकरण के कार्य किए जाएंगे।

     अधोसंरचना मद से 11 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत से सड़क, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन एवं सामुदायिक भवन निर्माण के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 1 करोड़ रूपए की लागत से 4 वार्डों में सड़क, नाली एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य तथा 15वें वित्त आयोग टाइड ग्रांट के पेयजल प्रबंधन घटक से 3 करोड़ 2 लाख 82 हजार रूपए की लागत से विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार के कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर नागरिकों को 1000 पौधों का वितरण भी किया गया।

     उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि आज राजनांदगांव शहर के लिए ऐतिहासिक दिन है। शहर को 43 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में राजनांदगांव नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 267 करोड़ रूपए की राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राजनांदगांववासियों से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक और नगर निगम मिलकर प्रयास करें तो राजनांदगांव स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान प्राप्त कर सकता है।

     उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने राजनांदगांव शहर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, नंदई चौक सहित अन्य प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। रानी सागर एवं बूढ़ा सागर तालाब के पुनर्विकास के लिए 14 करोड़ रूपए की योजना तैयार की गई है। इसी प्रकार जीई रोड से लखोली कबाड़ी दुकान तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 6 करोड़ 85 लाख रूपए, आरके नगर चौक से डोंगरगांव रोड तक सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 90 लाख रूपए तथा बायपास कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 5 करोड़ 50 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाएगी। उन्होंने मोहारा जल संयंत्र के री-मरम्मत कार्य के लिए 4 करोड़ रूपए तथा ढाबा, गौरीनगर और गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए 12 करोड़ 61 लाख रूपए की स्वीकृति शीघ्र प्रदान किए जाने की जानकारी दी।

     श्री साव ने कहा कि विकास के साथ स्वच्छता भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरा नालियों एवं सड़कों पर नहीं डालने तथा नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से राजनांदगांव को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में पहला स्थान दिलाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ के शहरों के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से निरंतर कार्य कर रही है।

     सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि शासन द्वारा राजनांदगांव शहर के विकास कार्यों के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की सौगात दी गई है। नगर निगम राजनांदगांव अंतर्गत नालंदा परिसर सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है तथा चौथी रेल लाइन भी चालू हो गई है। राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉडल एवं अमृत रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौरीनगर एवं स्टेशन पारा के अंडरब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूर्ण हो जाएगा तथा मोतीपुर अंडरब्रिज का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन की स्वीकृति दी गई है, जिसका जंक्शन डोंगरगढ़ होगा। सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि राजनांदगांव प्रतिभा, श्रम एवं परिश्रम की भूमि है। जिले के प्रतिभावान खिलाड़ी ज्ञानेश्वर यादव ने राष्ट्रमंडल खेल में देश के लिए पदक जीतकर राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

     महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि राजनांदगांव शहर के विकास के लिए 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रूपए की लागत से विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव शहर में वर्तमान में 800 सीटर ऑडिटोरियम उपलब्ध है तथा अब 15 करोड़ 92 लाख रूपए की लागत से 2000 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। इसके निर्माण से भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त स्थल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि शहर के सभी 51 वार्डों के संतुलित विकास को दृष्टिगत रखते हुए 15वें वित्त आयोग से 12 करोड़ रूपए एवं 3 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत वाटर सप्लाई के लिए 1 करोड़ रूपए तथा अधोसंरचना विकास के लिए 11 करोड़ 57 लाख रूपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है।

     कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रमेश पटेल, श्री राजेश श्यामकर, श्री राजेन्द्र गोलछा, श्री सौरभ कोठारी, नगर निगम सभापति श्री पारस वर्मा, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सीईओ जिला पंचायत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

  • विकास कार्यों से बदलेगी सारंगढ़-बिलाईगढ़ की तस्वीर! मंत्री टंकराम वर्मा ने खोले नए भवनों के द्वार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पशु चिकित्सा सुविधाओं को मिली नई रफ्तार

    विकास कार्यों से बदलेगी सारंगढ़-बिलाईगढ़ की तस्वीर! मंत्री टंकराम वर्मा ने खोले नए भवनों के द्वार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पशु चिकित्सा सुविधाओं को मिली नई रफ्तार

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अधोसंरचना को मिली नई रफ्तार

    मंत्री टंकराम वर्मा ने 1.24 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

    रायपुर : राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ प्रवास के दौरान जिले को स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और पशु चिकित्सा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने लगभग 1.24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण कर जिला मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को मजबूती प्रदान की।

    विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण

     मंत्री टंकराम वर्मा ने आज प्रमुख निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया, जिसमें पशु चिकित्सा विभाग को 74 लाख 59 हजार रुपये की लागत से निर्मित जिला कार्यालय भवन, स्वास्थ्य विभाग का 50 लाख रुपये की लागत से तैयार सीजीएमएससी (CGMSC) का अतिरिक्त कक्ष, बीपीएचयू (BPHU) भवन तथा जिला अस्पताल का मेडिसीन वार्ड, शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से निर्मित अतिरिक्त कक्ष शामिल हैं। मंत्री श्री वर्मा ने लोकार्पण समारोह के साथ-साथ क्षेत्र में खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने ऑफिसर्स क्लब का उद्घाटन किया।

    वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान

     परिसर में पौधे रोपने के साथ ही मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम छुहीपाली में आयोजित वृहद पर्यावरण कार्यक्रम में भाग लेकर सीड बॉल का उपयोग कर पौधरोपण किया। उन्होंने जिला कार्यालय के संयुक्त भवन (कंपोजिट बिल्डिंग) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात मंडी प्रांगण में स्वामित्व योजना के तहत किसान हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया।

     इस अवसर पर विधायक उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य, पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित वरिष्ठ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।