Category: छत्तीसगढ

  • स्वतंत्रता दिवस पर CM साय का बड़ा विजन और बड़े ऐलान—नक्सलमुक्त बस्तर से उद्योग, निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक तक छत्तीसगढ़ के विकास की नई तस्वीर; अग्निवीरों को 10% आरक्षण, 24.50 लाख आवास और 8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से समृद्धि की राह

    स्वतंत्रता दिवस पर CM साय का बड़ा विजन और बड़े ऐलान—नक्सलमुक्त बस्तर से उद्योग, निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक तक छत्तीसगढ़ के विकास की नई तस्वीर; अग्निवीरों को 10% आरक्षण, 24.50 लाख आवास और 8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से समृद्धि की राह

    प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार…

    आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं…

    स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखण्डता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का है।

    भारत का महान स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की अमर गाथा है।

    स्वतंत्रता के इस पावन अवसर पर हम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर के संघर्ष को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा जैसे हमारे नायकों की स्मृति हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।

    गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।‘‘ संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी के उद्घोष मनखे-मनखे एक समान ने स्वतंत्रता के संघर्ष को स्वर दिया।

    यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। हमने भी छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    स्वतंत्रता दिवस की यह वर्षगांठ कई अभूतपूर्व उपलब्धियां लेकर आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। आज पूरा देश वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने वाले हमारे वीर जवानों के पराक्रम तथा उनकी शहादत को नमन कर रहा है।

    माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं।

    बस्तर की सर्वांगीण प्रगति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है। इसका जीवंत उदाहरण है जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सहभागिता की।

    अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।

    बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया। साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं।

    ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है।

    बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है।

    सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं।

    दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की है। इससे बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिल रहा है।

    मोदी की गारंटी के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास‘‘ की भावना के अनुरूप हर वर्ग के जीवन में समृद्धि आई है।

    अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। उनका सुख, समृद्धि और सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य उन्हें दे रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान हमने अन्नदाताओं को होली के पहले ही करा दिया।

    हम फसल विविधता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी आदि फसल लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय हमने लिया है।

    किसान भाइयों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने हमने सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद हमने छत्तीसगढ़ में खाद का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया।

    प्रधानमंत्री जी की ‘सहकार से समृद्धि‘ की संकल्पना के अनुरूप हमने प्रदेश में 2028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कर लिया है। इनमें से 1988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

    श्रद्धेय अटल जी की नदियों को जोड़कर पानी की हर बूंद बचाने की सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना‘ के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए हमने 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं का अटल सिंचाई योजना के माध्यम से पुनरूद्धार कर रहे हैं। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

    तेंदूपत्ता संग्राहकों को हम साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक दे रहे हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘चरण पादुका योजना‘ पुनः प्रारंभ की है।

    सुशासन तिहार के दौरान मुझे ग्रामीणों ने गृह प्रवेश में आमंत्रित किया, हमने उनके सपनों को पूरा किया है, उनके चेहरे की मुस्कान हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    मोदी जी की गारंटी के तहत सबको आवास देने के संकल्प को पूरा करने हम एक दिन भी नहीं रूके। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत कर चुके हैं। प्रदेश में हर दिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं।

    देश के निर्धन परिवारों को समर्पित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना‘ एवं ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना‘ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

    हमें माताओं-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खाते में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। इससे वे अपनी और बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए अब आत्मनिर्भर हैं।

    जब प्रधानमंत्री जी ने सेवा तीर्थ में प्रवेश किया, तब उन्होंने देश के समक्ष 6 करोड़ ‘लखपति दीदी‘ बनाने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी‘ बन चुकी हैं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘पीएम जनमन योजना‘ से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6 हजार 691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का लाभ पहुंच रहा है।

    ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ से पिछले ढाई सालों में जनजातीय क्षेत्रों में 93 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया जो कई सालों से अधूरी थीं। ‘पीएम जनमन योजना‘ से 1788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है।

    वनाधिकार पत्र प्रदान करने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया हमने आरंभ की है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है।

    अवैध धर्मांतरण हमारे समाज, विशेष रूप से जनजातीय संस्कृति व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमने इस पर रोक लगाने ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून‘ लागू किया है।

    स्वामी विवेकानंद कहते थे कि ‘‘मुझे 100 ऊर्जावान युवा दे दीजिए, मैं भारत का रूपांतरण कर दूंगा।‘‘ यह कथन युवा शक्ति पर उनके अटूट विश्वास को व्यक्त करता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम रोजगार से लेकर नवाचार तक अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु हमने ऐतिहासिक सुधार किए हैं। हमने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है। नियमित रूप से 7 कैटेगरी में भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में अनुचित साधनों तथा नकल को रोकने के लिए भी हमने विधानसभा में सख्त कानून पारित किया है।

    हमने पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की है। हमने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल‘ के माध्यम से शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। बिजली कम्पनियों में 1235 पदों पर अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की जा रही है।

    हमारे एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे इस वर्ष की नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में सफल हुए हैं। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी तथा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग देने हम ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना‘ आरंभ कर रहे हैं।

    हमने अग्निवीरों के रोजगार के लिए बड़ा निर्णय लिया है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

    हमारी नई औद्योगिक नीति युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमशीलता के नए द्वार खोल रही है। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ ही इमर्जिंग सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लाभ युवाओं तक पहुंचाने हम पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन कर रहे हैं। वर्षाकाल के बाद हम जिला और प्रदेश स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे।

    ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति‘ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया है।

    हमारी शैक्षणिक संस्थाएं नये विचारों को प्रोत्साहित करें, नये जमाने के अनुरूप युवाओं को तैयार करें, इसके लिए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैम्पस, निफ्ट, नाइलिट जैसे संस्थान हम लेकर आये हैं।

    इसी सत्र से हम 5 मेडिकल कॉलेज- गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा में आरंभ कर रहे हैं। छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित कर रहे हैं।

    हमने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन‘ को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों एवं डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    वैश्विक मंच पर हमारे राज्य के खिलाड़ी तिरंगा लहरा सकें, इसके लिए हम खेल अधोसंरचना का कायाकल्प कर रहे हैं तथा ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन‘ शुरू कर रहे हैं।

    ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हमने डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया है। हमने राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के दरवाजे खोल दिए हैं।

    देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी हमें मिली, बढ़िया खेल हुए और यह तय हुआ कि अगले साल छत्तीसगढ़ में ही इन खेलों का आयोजन होगा।

    स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘आयुष्मान योजना‘ के माध्यम से हम राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण कर रहे हैं, जहां देश के विख्यात अस्पताल अपना कार्य करेंगे।

    स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से राज्य में संस्थागत प्रसव बढ़कर 96.2 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में 326 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

    उद्योगों की सुगमता के लिए हमने ईज आफ डूइंग बिजनेस विधेयक पारित किया है। हमने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे आवश्यक अनुमतियां पोर्टल के माध्यम से तय समय में मिल रही हैं। जनविश्वास अधिनियम के लागू होने से कारोबार अब आसान हो गया है।

    नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने हमने देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित किये हैं। इससे हमें अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    इस नीति के माध्यम से टेक्सटाइल जैसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है। इससे 46 सौ से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।

    मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। हम प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रहे हैं।

    हम राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    हम देश का पहला एआई एस.ई.जेड. बना रहे हैं। साथ ही एआई डेटा सेंटर भी स्थापित हो रहा है। रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई को लेकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है।

    भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण- तीनों ही मोर्चो पर हम दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। हमने एनर्जी समिट किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन पर काम हो रहा है।

    आर्थिक कठिनाई के कारण कोरोना काल में बहुत से उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाये थे, हमने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना‘ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया।

    पावर ट्रांसमिशन कंपनी के ढांचागत विस्तार तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने हमने आईपीओ लाने का निर्णय लिया है।

    प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ ले रहे हैं। केंद्र के साथ ही हमारी सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से यह योजना और भी आकर्षक हो गई है।

    भारतमाला सड़कें हमें देश के प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों से जोड़ रही हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगी। रावघाट-जगदलपुर जैसे रेल नेटवर्क पर काम होने से बस्तर तेजी से प्रगति की दिशा में बढ़ेगा।

    ‘सीजी वायु योजना‘ के माध्यम से हम प्रदेश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों में हवाई सेवा का विस्तार कर रहे हैं। राज्य में विमानन प्रशिक्षण का ढांचा खड़ा करने हम फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन की स्थापना कर रहे हैं।

    दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार करने प्रदेश में ढाई सालों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित किये गये हैं। ‘भारतनेट 3.0 योजना‘ के माध्यम से 5 हजार 659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।

    ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना‘ के माध्यम से हम 32 नगर पालिका और नगर पंचायतों में नागरिक जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने कार्य कर रहे हैं।

    अधोसंरचना जरूरतों तथा तेज आर्थिक विकास के लिए काम करने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘ में हम अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

    हमारी सरकार अटल जी द्वारा दिखाए सुशासन की राह पर चलती है। हमने पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाया है।

    हमने ‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘ आरंभ की है। इसके माध्यम से हमने अब तक 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल‘ के माध्यम से शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    हम स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना रहे हैं। रजिस्ट्री में अनेक रिफॉर्म करते हुए हमने ऑटो म्यूटेशन भी लागू किया।

    हमने ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान‘ शुरू किया है, जो जिले ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ में शामिल नहीं हैं, उन जिलों में 31 योजनाओं का सेचुरेशन मोड में लाभ दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना‘ के प्रारंभ होने से रोजगार एवं विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। हम आज के इस पावन अवसर पर एक नया अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ शुरू कर रहे हैं। इसके तहत 6671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। ‘वीबी-जी राम जी योजना‘ से प्रदेश के 6524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

    हमने 7 हजार 524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र‘ स्थापित किये हैं, जिनसे ग्रामीणों को डिजिटल एवं बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल पा रही हैं।

    मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। प्रदेश में नये आपराधिक कानूनों के लागू होने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साइबर अपराधों की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राज्य में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

    हम ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन‘ के जरिए बस्तर तथा सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास करेंगे। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल और प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। राष्ट्रपति महोदया ने भी बस्तर की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया।

    हम चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तैयार कर रहे हैं और यहां टेंट सिटी का निर्माण कराएंगे। सिरपुर को भी हम विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित कर रहे हैं।

    लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। हमने पद्मविभूषण से सम्मानित लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई जी की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण‘ प्रदान करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सर्वांगीण विकास हेतु हम ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी‘ का निर्माण कर रहे हैं।

    हमने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिया जाएगा।

    आरंग के रीवां में हुए ऐतिहासिक उत्खनन के परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। यहां 2750 साल पुरानी मानव बस्ती की खोज हुई है। यह खोज छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं प्राचीन सांस्कृतिक समृद्धि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    हमारा सौभाग्य है कि हम ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना‘ के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के निमित्त बन सके। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ से भी हम 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने का निमित्त बने हैं।

    विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सबका सामूहिक लक्ष्य है। ऋग्वेद में मंत्र है –

    ‘‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्‘‘

    आइए, इस वैदिक मंत्र के अनुरूप हम सभी मिलकर साथ चलें, मन और विचारों से एक होकर अपने इस उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करें।

    आप सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

    जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।

  • स्वतंत्रता दिवस पर CM विष्णुदेव साय ने दिखाया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का रोडमैप, बोले—नक्सलवाद से मुक्त बस्तर अब शांति और समृद्धि की राह पर, किसान-महिला-युवा से लेकर उद्योग और आधुनिक तकनीक तक सरकार का बड़ा फोकस

    स्वतंत्रता दिवस पर CM विष्णुदेव साय ने दिखाया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का रोडमैप, बोले—नक्सलवाद से मुक्त बस्तर अब शांति और समृद्धि की राह पर, किसान-महिला-युवा से लेकर उद्योग और आधुनिक तकनीक तक सरकार का बड़ा फोकस

    नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की होगी महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

    बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास: मुख्यमंत्री श्री साय

    किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज की समृद्धि के साथ आधुनिक अधोसंरचना और नई अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस

    मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा, 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए बनाए जाएंगे शौचालय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का संदेश – ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण किया।

    बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।

    ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।

    अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।

    उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

    सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

    अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।

    हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

    महिला सशक्तीकरण से परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

    युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

    प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

    एआई मिशन से भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।

    खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा अवसर

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।

    निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

    नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।

    ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।

    प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे।

    ‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।

    सुशासन में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और नागरिक सुविधा

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।

    ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

    मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

    पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान दी है।

    चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

    पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

    विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र – “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से हम विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।

  • 15 अगस्त को टाउन हॉल में लगेगी ‘आजादी का गौरव: विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ छायाचित्र प्रदर्शनी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे प्रदर्शनी का शुभारंभ

    15 अगस्त को टाउन हॉल में लगेगी ‘आजादी का गौरव: विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ छायाचित्र प्रदर्शनी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे प्रदर्शनी का शुभारंभ

    रायपुर : जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी ‘आजादी का गौरव – विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 15 अगस्त पूर्वान्ह 11 बजे प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे।

    प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन, संघर्ष और योगदान को छायाचित्रों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका, विभिन्न आंदोलनों तथा जननायकों के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों के साथ प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और प्रदेश की विकास यात्रा से परिचित कराना है।

    विशेष रूप से युवाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति एवं उपलब्धियों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता सहित विभिन्न आकर्षण रखे गए हैं।

    जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।

  • कर्रेगुट्टा पर पहुंची बस्तर तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फहराया तिरंगा, कहा – मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन

    कर्रेगुट्टा पर पहुंची बस्तर तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फहराया तिरंगा, कहा – मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन

    बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति के बाद जन मन के भय और भ्रम को दूर करने के लिए 3 दिन की तिरंगा यात्रा पर निकले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    कर्रेगुट्टा पर विजय के प्रतीक के रूप में तिरंगा लहराकर यात्रा का हुआ समापन

    यात्रा के अंतिम दिन यात्रा बीजापुर से निकल पहुंची आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा

    रायपुर : बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप एक बार फिर उसी जोश के साथ शुरुआत की। बीजापुर से निकल कर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए अपनी 600 किमी की यात्रा का समापन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहराकर किया। मंत्री द्वय ने 3 दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन 5 जिलों में लगभग 600 किमी की तिरंगा यात्रा बाइक से पूर्ण की।

     यात्रा के अंतिम दिन करेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में वृक्षारोपण किया उसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में ध्वजारोहण किया । आज वह सपना पूरा हुआ जो हमने देखा था। आज बस्तर की जनता जीत गई, यहां के लोग जीत गए, एर्राबोर की कट्टम ज्योति जीत गई शहीद जवानों का अदम्य पराक्रम जीत गया और नक्सली हार गए। बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। यह उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर झंडा फहराकर यह बातें जवानों से कही।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा की यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है मैं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे स्थान में आप के सानिध्य में झंडा फहरा रहा हु। लोग कहते है मंत्री जी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने कैम्प जाते है। वास्तविकता यह है कि मै तो आप से ऊर्जा प्राप्त करने आता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों किं हिम्मत को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ठ सेवा व सरहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।

     बस्तर के लोगों के मन में भय पहले ही खत्म हो गया था बचा हुआ बस्तर तिरंगा यात्रा ने खत्म कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में आज देश के कोने कोने में तिरंगा फहर रहा है। तिरंगे के साथ बाबा साहब द्वारा लिखा संविधान भी बस्तर के हर कोने में लागू हो रहा है। बस्तर में अभी बहुत से काम करने बचे हैं, बस्तर का विकास कर आ है पर यह होगा बस्तर की लय पर, बस्तर आगे बढ़े यही हमारी कामना है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को सबसे समृद्ध स्थान बनाएंगे।

     वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा की हमने कभी सोचा नहीं था कि कभी हम ऐसे इस कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आ सकेंगे, पर आज पहाड़ी में बिना किसी डर के खड़े हैं, यह हमारा सौभाग्य है। बस्तर तिरंगा यात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी है उस मार्ग पर दिन में लोग आने से डरते थे आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है।

     सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर सुकमा में 600 किमी की यात्रा करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली के साथ पराक्रम का भी संदेश देता है।

     मंत्री द्वय एवं सांसद ने आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा पहाड़ी सभी जगह हुई घटनाओं में शहीदों की याद में पौधारोपण किया और शहीदों के शहादत की मिट्टी को संग्रहीत किया। शहीदों के परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की। कर्रेगुट्टा के रास्ते में सभी बड़े से लेकर बच्चों ने सभी ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया, बच्चों ने भारत माता की जय, तिरंगे की जय के गगनचुंबी नारों से पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत कर दिया।

    इस अवसर पर चैतराम अटामी और पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा एवं बड़ी संख्या में युवा भी उपस्थित रहे

    देर रात मंत्री पहुंचे टेकलगुडेम

     यात्रा के दूसरे दिन देर शाम 9 बजे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा और वन मंत्री श्री कश्यप कभी घोर नक्सल पीड़ित इलाके माने जाने वाले टेकलगुडेम पहुंचे थे, जहां आश्चर्य यह था कि वहां कुख्यात नक्सलवादी रहे हिड़मा के ग्राम पूवर्ती से भी लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे। सभी का प्यार देखकर वे बहुत खुश हुए। सभी ने तिरंगा हाथ में लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा का अभिवादन किया। इसी तरह भारी बारिश के बाद भी सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम, जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक उनके स्वागत के लिए मार्ग में पहुंच रहे थे। इन सुदूर क्षेत्रों में उप मुख्यमंत्री, वन मंत्री एवं सांसद को देखने कर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा था, पूरी यात्रा सभी से मिलते हुए शुक्रवार रात में वापस बीजापुर पहुंचे।

  • सभी समाजों के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तभी होगा छत्तीसगढ़ का समग्र विकास – वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    सभी समाजों के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, तभी होगा छत्तीसगढ़ का समग्र विकास – वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायगढ़ में सोनार समाज के सामुदायिक भवन का वित्त मंत्री ने किया लोकार्पण

    रायपुर : वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में सोनार समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों और विभिन्न आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।

    समाज के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलेंगे

     वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि समाज की प्रगति का आधार उसकी नई पीढ़ी है। सभी समाज के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर मिलेंगे, तभी समाज प्रगति करेगा। जब सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी छत्तीसगढ़ और देश का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं और बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास तथा बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

     श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

     इस अवसर पर सोनार समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री निवास में फहराया तिरंगा, कहा – तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री निवास में फहराया तिरंगा, कहा – तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक

    प्रदेशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति के महाअभियान से जुड़ने का किया आह्वान

    तिरंगा हमें स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का कराता है स्मरण : मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रभक्ति के इस महाअभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगा हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है। तिरंगे को देखते ही प्रत्येक भारतीय का मन गर्व और राष्ट्रप्रेम से भर उठता है। यह 140 करोड़ भारतीयों को एकता के सूत्र में बांधने वाला हमारा राष्ट्रीय गौरव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से देशवासियों को राष्ट्रीय ध्वज के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने की अभिनव पहल की है। आज यह अभियान एक व्यापक जनांदोलन का स्वरूप ले चुका है। गांव से शहर तक, घर-घर में लहराता तिरंगा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र के प्रति प्रत्येक नागरिक के समर्पण को अभिव्यक्त करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी अपने घरों पर पूरे सम्मान और गौरव के साथ तिरंगा फहराएं। तिरंगे को नमन करते हुए उन स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें, जिनके संघर्ष और बलिदान से हमें स्वतंत्र भारत में सांस लेने का सौभाग्य मिला है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महान जनजातीय नायक ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रदेश के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और संघर्ष हमारी गौरवशाली विरासत है। आज हम उन सभी वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।

    उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान विशेष रूप से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। जब बच्चे और युवा अपने घरों पर तिरंगा फहराते हैं, तो उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव, जिम्मेदारी और कर्तव्य का भाव और अधिक मजबूत होता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता हमें हमारे पूर्वजों के असंख्य बलिदानों से प्राप्त हुई है। अब इस स्वतंत्रता को सशक्त और सार्थक बनाना हम सभी का दायित्व है। देश आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगे की छांव में हम सभी भारतीय हैं और राष्ट्रहित हम सभी के लिए सर्वोपरि है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान इसी राष्ट्रीय चेतना को और प्रगाढ़ करने का अभियान है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घर-घर तिरंगा फहराएं और एकजुट होकर विकसित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लें।

  • स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    स्वतंत्रता दिवस पर राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    रायपुर : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा देश की सीमाओं की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

     राज्यपाल ने कहा कि 15 अगस्त 2026 को भारत गौरवशाली 80 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके अथक प्रयासों से देश को पराधीनता से मुक्ति मिली। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का योगदान देश सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में हमारे वीर सैनिकों और सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। राष्ट्र उनके त्याग और समर्पण के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।

     राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को देश की प्रगति के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से भारत को और अधिक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है।

  • अम्बिकापुर से साइबर सुरक्षा का गूंजा संदेश : साइबर ठगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस का डिजिटल वार ! एक सेल्फी बनेगी सुरक्षा की ढाल, 7 सप्ताह तक प्रदेश भर में चलेगा हाईटेक जागरूकता अभियान.

    अम्बिकापुर से साइबर सुरक्षा का गूंजा संदेश : साइबर ठगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस का डिजिटल वार ! एक सेल्फी बनेगी सुरक्षा की ढाल, 7 सप्ताह तक प्रदेश भर में चलेगा हाईटेक जागरूकता अभियान.

    प्रदेशवासियों को साइबर क्राइम के विरुद्ध, जागृत एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर, 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” का आयोजन किया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को, करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से देश को मिली आज़ादी के भाव से प्रेरित यह अभियान, साइबर क्राइम के विरुद्ध एकजुटता से जागरूकता लाने और छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने का अभिनव प्रयास है।

    साइबर क्राइम के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियानों के क्रम में, छत्तीसगढ़ पुलिस का“ साइबर जागृति अभियान” ,देश के सबसे अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी अभियानों में से एक है। इस अभियान की मुख्य थीम है,  “साइबर जागृति की एक सेल्फी” । बड़ी संख्या में राज्यवासी, छत्तीसगढ़ पुलिस और संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स में जारी लिंक को क्लिक कर या QR Code को स्कैनकर, जागरूकता के संदेश वाली“सेल्फीफ्रेम” में अपनी सेल्फी लेकर, उस सेल्फी को स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल्स में पोस्ट करेंगे। प्रदेश भर के लाखों लोग, छत्तीसगढ़ पुलिस की जागरूकता संदेशवाली “सेल्फीफ्रेम” को सोशल मीडिया में शेयर करेंगे तो, साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता का संदेश उनके फॉलोअर्स और फ्रेंड्स तक पहुंचेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग साइबर क्राइम के प्रति जागृत होंगे। इस अभियान का उद्देश्य, जनभागीदारी से साइबर क्राइम के विरुद्ध जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश, सरल और  प्रभावी  ढंग से अधिक से अधिक लोगों तक तेज़ी से पहुंच सकेगा।

    “साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ आज राजधानी रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं, सरगुजा जिले में आज प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी श्री राजेश कुमार अग्रवाल ने “साइबर जागृति अभियान” की लिंक एवं QR कोड जारी कर अभियान का शुभारंभ किया। तथा क्यूआर कोड को स्वयं अपने मोबाइल में स्कैन कर, अपनी सेल्फी ली, इसके पश्चात उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया में अपनी सेल्फी फ्रेम को पोस्ट किया। इस अवसर पर उन्होंने, जिला वासियों को अभियान के विषय में जानकारी दी और लोगों को विशेष कर सामाजिक/व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स एवं कलाकारों को अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी लिंक क्लिक कर या क्यू-आर कोड स्कैन कर, सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया हैंडल्स में शेयर करने की अपील की।”

    अभियान के सार के विषय में जानकारी देते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा डीआईजी श्री राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि “जिस तरह देश की आज़ादी के लिए करोड़ों देशवासी एक जुट होकर लड़े थे, उसी तरह हम सभी को साइबर क्राइम के विरुद्ध साथ मिलकर, जिला वासियों को जागृत करना होगा और उन्हें साइबर सुरक्षित बनाना होगा। उन्होंने आमजनों से अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि “साइबर जागृति अभियान” के लिए, जागरूकता की एक सेल्फी” लें, उस सेल्फी को सोशल मीडिया में शेयर करें और साइबर अपराध को रोकने में सरगुजा पुलिस का सहयोग करें।”

    “साइबर जागृति अभियान” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, सरगुजा पुलिस ने जिले में अभियान को एक व्यापक स्वरूप दिया है। 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक यानि 07 सप्ताह में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    पहले सप्ताह – डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा के लिए स्कूल/कॉलेजों में अभियान

    दूसरे सप्ताह – वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा पर बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में अभियान

    तीसरे सप्ताह – डिजिटल अरेस्ट और फ़र्ज़ी कॉल के विषय पर वरिष्ठ नागरिकों के संग टाउन हॉल का आयोजन

    चौथे सप्ताह – स्मार्ट फोन प्राइवेसीऔर सेफ ब्राउज़िंग पर महिला कॉलेजों, सामुदायिक समूहों के बीच अभियान

    पांचवे सप्ताह – जॉब फ्रॉड और फिशिंग को लेकर युवाओं को जागरूक करने रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम का आयोजन

    छठवें सप्ताह – डेटा प्राइवेसी और सोशलमीडिया की सीमाओं के विषय पर अभियान

    सातवें सप्ताह – ग्राम पंचायतों, निकायों में गांधीजयंती के उपलक्ष्य में साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का“संकल्प” अभियान

    02 अक्टूबर 2026 गांधी जयंती के दिन “साइबर जागृति अभियान” का समापन किया जाएगा।

  • विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हुए शामिल

    संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

    रायपुर : इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।

    उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपना सब कुछ पीछे छोड़कर उन्होंने नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया और देश तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को उचित सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का भी अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि देश की स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा था। इतिहास का स्मरण इसलिए भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का यह संकल्प एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।

    समारोह में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारजनों ने अपने अनुभव एवं स्मृतियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से उस त्रासदी को झेलने वाले अनेक लोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पीढ़ियां उनकी स्मृतियों और संघर्ष की विरासत को संजोए हुए हैं। इन अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

    संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा : डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

    समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि 14 अगस्त के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प दोहराएं कि भारत की एकता और अखंडता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

    डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोया, फिर भी कठिन परिस्थितियों में नए सिरे से जीवन खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। उनके संघर्ष और पुरुषार्थ को भी देश की स्मृतियों में उचित स्थान मिलना चाहिए।

    डॉ. द्विवेदी ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का दायित्व सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था, जो जुलाई 1947 में भारत आए थे। उन्हें बहुत कम समय में सीमा निर्धारण का अत्यंत जटिल कार्य पूरा करना था, जबकि भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना से उनका परिचय सीमित था। उन्होंने कहा कि विभाजन से उपजी पीड़ा और उसके परिणामों को समझना आज भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि इतिहास से मिली सीख ही भविष्य के लिए हमें सचेत करती है।

    उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों के प्रति हमें सदैव सजग रहना होगा। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय मौन जुलूस में हुए शामिल

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भी शामिल हुए। मौन जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विस्थापन और विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन की विभीषिका का स्मरण किया।

    इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल जी, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज कुमार झा, श्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा का अनावरण, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी के उत्थान का दिया संदेश : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया प्रतिमा का अनावरण

    भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा का अनावरण, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी के उत्थान का दिया संदेश : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया प्रतिमा का अनावरण

    कलार समाज के सामाजिक सम्मेलन में शिक्षा, प्रतिभा प्रोत्साहन और युवाओं को आगे बढ़ाने पर हुआ मंथन

    रायपुर : प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित सहस्रबाहु चौक में श्री राजराजेश्वर भगवान सहस्रबाहु की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने समाजजनों को शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा, विकास और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

     बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में कलार समाज द्वारा आयोजित प्रतिमा अनावरण एवं सामाजिक सम्मेलन में मंत्रियों का लड्डुओं से तौलकर तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। सम्मेलन में कलार समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा को बढ़ावा देने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं और बेटियों के उत्थान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

    कलार समाज की विरासत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध -स्वास्थ्य मंत्री*

     स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा की स्थापना को समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के महत्वपूर्ण चौक पर भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा स्थापित होना केवल रायगढ़ के कलार समाज ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के समाजजनों के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कलार समाज से आते हैं और समाज की भावनाओं से परिचित हैं। छत्तीसगढ़ की धरती को सजाने-संवारने और बसाने में कलचुरी वंश के पूर्वजों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कलचुरी समाज का इतिहास किसी एक व्यवसाय तक सीमित नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि कलचुरी साम्राज्य का प्रभाव छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित विभिन्न क्षेत्रों में रहा है। समाज के लोगों को अपने गौरवशाली इतिहास को जानने के साथ ही नई पीढ़ी को भी इस विरासत से परिचित कराना चाहिए।

    -सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी होगा प्रदेश और देश का समग्र विकास – वित्त मंत्री-

     वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी आने वाली पीढ़ी की प्रगति से होती है। इसलिए बच्चों की शिक्षा, प्रतिभा और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी एक समाज की संपत्ति नहीं होती। जिस समाज के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, वह समाज प्रगति करेगा और जब सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी छत्तीसगढ़ और देश का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने युवाओं से नौकरी तक सीमित न रहने और कृषि, व्यवसाय, कला, संगीत, मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया। अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।

     वित्त मंत्री ने बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बेटियों को इतना सक्षम और मजबूत बनाया जाना चाहिए कि वे जीवन के किसी भी क्षेत्र में सम्मान के साथ आगे बढ़ सकें।

    मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, 95 प्रतिशत से अधिक अंक वालों को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि

     कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वेच्छानुदान से 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहन मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं।

     नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा के अनावरण को गौरव का अवसर बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी समाजों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। कलार समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री विजय जायसवाल ने प्रतिमा अनावरण को समाज के लिए खुशी और गौरव का क्षण बताया तथा दोनों मंत्रियों सहित सभी अतिथियों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

     इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कलार महासभा की महाध्यक्ष श्रीमती सरोज दुष्यंत डनसेना, जिलाध्यक्ष श्री केशव जायसवाल सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद थे।