Category: छत्तीसगढ

  • अब गांव की जरूरत पर गांव की ग्रामसभा लगाएगी मुहर! 20 अगस्त को प्रदेशभर में होगी विशेष ग्राम सभा, वीबी-जीरामजी के तहत रोजगार से लेकर सड़क, तालाब, स्कूल और आजीविका के कार्यों का होगा अनुमोदन

    अब गांव की जरूरत पर गांव की ग्रामसभा लगाएगी मुहर! 20 अगस्त को प्रदेशभर में होगी विशेष ग्राम सभा, वीबी-जीरामजी के तहत रोजगार से लेकर सड़क, तालाब, स्कूल और आजीविका के कार्यों का होगा अनुमोदन

    20 अगस्त की ग्राम सभाओं में वीबी – जीरामजी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों का होगा अनुमोदन

    रायपुर : विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी – जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 20 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में योजना से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों, अधिकारों, लाभों एवं अनुमेय कार्यों की जानकारी देने के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत लिए जाने वाले कार्यों का ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाएगा।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त को पत्रकार वार्ता में कहा था कि वीबी – जीरामजी के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा एवं वीबी – जीरामजी के माध्यम से राज्य को लगभग 6 हजार 855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार एवं विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है तथा प्रथम किस्त के रूप में भारत सरकार से 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

    मेरी बेटी, मेरा अभिमान 26 जनवरी, 2027 तक चलेगा

     मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान का भी शुभारंभ किया है। 15 अगस्त, 2026 से 26 जनवरी, 2027 तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों सहित योजना के अंतर्गत अन्य विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहभागिता एवं स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा।

    ग्राम सभा की मांग के आधार पर होंगे कार्य

     20 अगस्त की ग्राम सभाओं में ग्राम की स्थानीय आवश्यकता, उपलब्ध संसाधनों तथा ग्रामीणों की मांग के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में वीबी – जीरामजी के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की जाएगी। प्रस्तावित कार्यों को ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा और अनुमोदन के पश्चात उन्हें नियमानुसार स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।

    वीबी – जीरामजी में 318 प्रकार के अनुमेय कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल

     योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के अनुमेय कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, 90 ग्रामीण अधोसंरचना, 86 आजीविका संवर्धन तथा 35 जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य शामिल हैं। ग्राम सभा में स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों में से प्राथमिकता वाले कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

    ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत कार्य किए जाएंगे

     जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल एवं मृदा संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम आदि कार्य किए जा सकेंगे। इसी प्रकार आजीविका संवर्धन तथा जलवायु अनुकूलन से जुड़े कार्य भी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार लिए जाएंगे।

    2 अक्टूबर से तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना

     20 अगस्त की ग्राम सभा में विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। 2 अक्टूबर, 2026 से ग्राम सभा एवं स्थानीय समुदाय की अनुशंसाओं और सहभागिता के आधार पर वीजीपीपी तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यह योजना ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के अनुरूप तैयार की जाएगी। 20 अगस्त की ग्राम सभा में ग्रामीणों से गांव की आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं एवं संभावित विकास कार्यों के संबंध में सुझाव प्राप्त किए जाएंगे, ताकि 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली वीजीपीपी निर्माण प्रक्रिया में इन सुझावों एवं ग्राम सभा की अनुशंसाओं का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

    कार्यों की शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन पर जोर

     वीबी – जीरामजी के अंतर्गत राज्य को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभाओं में अनुमोदित कार्यों को शीघ्रता से स्वीकृति प्रदान कर क्रियान्वयन की प्रक्रिया में लाने पर जोर दिया जाएगा। रोजगार की मांग के अनुसार श्रमिकों को समय पर कार्य उपलब्ध कराने, मजदूरी का समय पर भुगतान तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

    स्थानीय आवश्यकता के आधार पर कार्यों का प्रस्ताव को ग्राम सभा से अनुमोदन

     मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा है कि योजना के अंतर्गत कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान है। अतः उपलब्ध कार्य अवधि का प्रभावी उपयोग करते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्यों को समय पर प्रारंभ करना आवश्यक है। ग्राम पंचायतों से अपेक्षा की गई है कि 20 अगस्त की ग्राम सभाओं में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांग एवं स्थानीय आवश्यकता के आधार पर अधिक से अधिक पात्र कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाए। अनुमोदित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्वीकृति एवं क्रियान्वयन के लिए आगे बढ़ाया जाए, ताकि योजना के अंतर्गत उपलब्ध बजट का अधिकतम एवं समयबद्ध उपयोग हो सके तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सके।

    विकसित एवं आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना

     वीबी – जीरामजी का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, स्वच्छता, शिक्षा, आजीविका तथा सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करते हुए विकसित एवं आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना है। ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, स्थानीय आवश्यकताओं की प्राथमिकता और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

  • दुर्गादास राठौर जयंती पर दिखा सामाजिक शक्ति का विराट प्रदर्शन! भव्य बाइक रैली से गूंजा बिलासपुर, हजारों समाजबंधुओं की जुटी भीड़, भूमिपूजन के साथ विकास कार्यों की सौगात और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की 15 लाख रुपये की बड़ी घोषणा

    दुर्गादास राठौर जयंती पर दिखा सामाजिक शक्ति का विराट प्रदर्शन! भव्य बाइक रैली से गूंजा बिलासपुर, हजारों समाजबंधुओं की जुटी भीड़, भूमिपूजन के साथ विकास कार्यों की सौगात और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की 15 लाख रुपये की बड़ी घोषणा

    भूमिपूजन, भव्य बाइक रैली और सामाजिक एकजुटता का दिखा अद्भुत संगम

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने 15 लाख रुपये देने घोषणा की

    वरिष्ठ समाज बंधुओं को शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया सम्मानित

    रायपुर : क्षत्रिय राठौर समाज कल्याण समिति, बिलासपुर के तत्वावधान में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जयंती के अवसर पर ग्राम गतौरा में भव्य एवं ऐतिहासिक सामाजिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, अनुशासन, संस्कृति और युवा शक्ति का प्रभावशाली संदेश देखने को मिला।

     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू थे, जबकि अध्यक्षता जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्री धनंजय सिंह राठौर ने की। इस अवसर पर विधायक सर्वश्री धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। श्री धनंजय सिंह राठौर ने बताया कि समाजबंधुओं ने स्वप्रेरणा से सामाजिक भवन के लिए भूदान किया है और अपने संसाधनों से अनेक विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

    15 लाख की लागत से बनने वाले हॉल का भूमिपूजन

     केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने समारोह की शुरुआत राजकिशोर नगर स्थित राष्ट्रवीर दुर्गादास स्मृति सामुदायिक भवन परिसर में भूमिपूजन के साथ हुई। उन्होंने अपनी सांसद निधि से स्वीकृत 15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हॉल का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। साथ ही महापौर पूजा विधानी की निधि से प्रस्तावित बाउंड्रीवॉल का भी भूमिपूजन संपन्न हुआ। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने राठौर समाज द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, एकता एवं संगठन शक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुरुषों का सफेद वस्त्र तथा महिलाओं की पीले वस्त्र में एकरूपता के साथ शामिल होना समाज की अनुशासनप्रियता और संगठन शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    विकास कार्यों के लिए मिलीं कई बड़ी घोषणाएं

     केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने गतौरा के सामाजिक भवन में महिलाओं के चेंजिंग रूम हेतु 15 लाख रुपये सांसद निधि से देने, विधायक मस्तूरी दिलीप लहरिया ने जिले के 4 गांवों में 10-10 लाख रुपये (कुल 40 लाख रुपये) की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण के लिए विधायक निधि से राशि देने की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने ग्राम रांक में सामुदायिक भवन हेतु 10 लाख रुपये, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बिंझवार ने सामाजिक कार्यों हेतु 10 लाख रुपये की सम्मेलन के दौरान समाज के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणाएं कीं।

    केंद्रीय मंत्री की अगुआई में निकली बाइक रैली

     भूमिपूजन के बाद राजकिशोर नगर से ग्राम गतौरा तक विशाल बाइक रैली निकाली गई। जय राठौर और जय श्रीराम के जयघोष के बीच केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। गतौरा पहुंचने पर रैली का भव्य स्वागत किया गया। हजारों की संख्या में युवाओं ने रैली में भाग लिया। जय-जय राठौर और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा मार्ग गूंज उठा।

     महासम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर एवं भगवान श्रीराम के तैलचित्र पर पूजा.अर्चना के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने समाज को संगठित एवं अनुशासित रहने तथा युवाओं को शिक्षाए सामाजिक सेवा एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री श्री कृष्णमूर्ति बांधी ने राठौर समाज के संगठनात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज को संगठित करने के लिए वर्षों से किए जा रहे उनके प्रयासों का आज एक बड़ा सपना पूरा हुआ है। उन्होंने समाज की एकता को इसी प्रकार बनाए रखने का आह्वान किया।

    डिजिटल ऐप से होगी सामाजिक जनगणना

     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन राठौर ने कहा कि समाज को और संगठित करने के लिए जल्द ही एक डिजिटल ऐप तैयार कर सामाजिक जनगणना शुरू की जाएगी। महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती षष्ठी राठौर ने समाज के विकास में मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता पर जोर देते हुए महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।

    वरिष्ठजनों का सम्मान और शौर्यगाथा गीत

     समारोह के दूसरे चरण में 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ समाज बंधुओं को शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, इंजीनियर श्री नवनीत सिंह राठौर द्वारा रचित राठौर समाज के इतिहास और शौर्यगाथा पर आधारित गीत की प्रस्तुति ने माहौल में जोश भर दिया। हजारों की संख्या में पहुंचे समाजजन, अतिथियों के आभार और एकजुटता के संकल्प के साथ इस ऐतिहासिक महासम्मेलन का समापन हुआ।

     कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के विभिन्न 9 ग्रामों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों, समाज प्रमुख, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठजनों सहित हजारों की संख्या में समाजबंधु, जांजगीर जिले से क्षत्रिय राठौर समाज के अध्यक्ष श्री शिव कुमार राठौर सहित, श्री महेश राठौर, श्री गोवर्धन राठौर, अरविंद राठौर, श्री रविन्द्र राठौर, अमरनाथ राठौर और आयोजन समिति के पदाधिकारीगण सहित उपस्थित रहे।

  • सत्ता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी माटी से नहीं टूटा नाता, गृहग्राम बगिया में सुबह-सुबह खेत पहुंचे CM विष्णुदेव साय, बैलों के साथ खुद हल चलाकर बोले—खेती मेरे लिए सिर्फ आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार

    सत्ता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी माटी से नहीं टूटा नाता, गृहग्राम बगिया में सुबह-सुबह खेत पहुंचे CM विष्णुदेव साय, बैलों के साथ खुद हल चलाकर बोले—खेती मेरे लिए सिर्फ आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार

    अपनी माटी और खेती-किसानी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आत्मीय जुड़ाव

    गृहग्राम बगिया में सुबह-सुबह खेत पहुंचे मुख्यमंत्री, बैलों के साथ हल चलाकर की बियासी

    हल की मूठ थामते ही जीवंत हुईं खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी स्मृतियां

    मुख्यमंत्री ने कहा – किसान परिवार से होने के नाते खेती मेरे लिए केवल आजीविका नहीं, जीवन का संस्कार

    छत्तीसगढ़ की माटी, कृषि परंपरा और मेहनतकश अन्नदाता किसान सदैव हृदय के सबसे करीब : मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर/जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अपनी माटी और खेती-किसानी से गहरा जुड़ाव आज एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सुबह जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचे और पारंपरिक रूप से बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। खेत में उतरकर हल की मूठ थामे मुख्यमंत्री श्री साय सहज ही एक किसान की भूमिका में नजर आए। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने हरे-भरे खेत में मिट्टी की सौंधी सुगंध और बैलों के साथ खेती करते हुए कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव का सुख ही अलग है। हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी स्मृतियां एक बार फिर जीवंत हो उठती हैं। खेतों के बीच बिताया समय मन को असीम सुकून देने के साथ नई ऊर्जा से भर देता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी को बहुत करीब से देखा और अनुभव किया है। खेती उनके लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने ही उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपराओं से जुड़ी हुई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में खेती का महत्वपूर्ण स्थान है। पीढ़ियों से हमारे किसान अपने परिश्रम से धरती को सींचते हुए प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत करते आए हैं। छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार, परंपराएं और ग्रामीण जीवन भी कृषि से गहराई से जुड़े हुए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना महत्वपूर्ण है। खेती हमें परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। किसान खेत में केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज के जीवन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी संबल देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, हमारी समृद्ध कृषि परंपरा और हमारे मेहनतकश अन्नदाता किसान सदैव उनके हृदय के सबसे करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली तथा खेतों में भरपूर फसल की कामना की।

    खेती से मुख्यमंत्री का रहा है पुराना नाता

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे अपने गांव, खेत और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर आत्मीयता का अनुभव करते हैं। आज सुबह गृहग्राम बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाते मुख्यमंत्री की सहजता में अपनी माटी और कृषि परंपरा के प्रति उनका यही गहरा लगाव दिखाई दिया।

  • OTP, QR कोड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाने मैदान में उतरी रायपुर पुलिस! अंबुजा मॉल में चला खास अभियान, ‘संवाद से समाधान’ और Selfie स्टैंड ने खींचा लोगों का ध्यान

    OTP, QR कोड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचाने मैदान में उतरी रायपुर पुलिस! अंबुजा मॉल में चला खास अभियान, ‘संवाद से समाधान’ और Selfie स्टैंड ने खींचा लोगों का ध्यान

    * 15 अगस्त एवं weekend के अवसर पर अंबुजा मॉल में आने वाले बड़ी संख्या में नागरिकों को किया गया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक

    * दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान नागरिकों एवं युवाओं से प्रत्यक्ष संवाद कर साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी

    * “जागरूकता की एक Selfie” सेल्फी स्टैंड के माध्यम से नागरिकों को अभियान से जोड़ा गया

    * “संवाद से समाधान” के माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद कर साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया

    * साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की दी गई जानकारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा भी अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले (IPS), पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के मार्गदर्शन में थाना पंडरी क्षेत्र अंतर्गत अंबुजा मॉल, मोवा में दिनांक 15 एवं 16 अगस्त 2026 को दो दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    दो दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन के लिए विशेष रूप से 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस एवं weekend के अवसर पर अंबुजा मॉल में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं एवं परिवारों के आने को ध्यान में रखा गया। इस दौरान मॉल में आने वाले अधिक से अधिक लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस टीम द्वारा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।

    सहायक पुलिस आयुक्त पंडरी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी पंडरी निरीक्षक श्री परेश पांडे एवं थाना पंडरी पुलिस टीम द्वारा मॉल में आने वाले नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें साइबर ठगी के नए-नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। नागरिकों को OTP, PIN, CVV एवं पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध QR कोड स्कैन नहीं करने तथा फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश एवं सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।

    पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा चलाए जा रहे “संवाद से समाधान” जनजागरूकता कार्यक्रम की भावना के अनुरूप इस कार्यक्रम में भी नागरिकों से सीधे संवाद को प्राथमिकता दी गई। जिस प्रकार स्कूलों में “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, यातायात नियम, नशे से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा आपातकालीन सहायता जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हैं और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान करते हैं, उसी जनोन्मुखी पुलिसिंग की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अंबुजा मॉल में भी नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी साइबर सुरक्षा संबंधी शंकाओं का समाधान किया गया।

    अभियान को जनसहभागिता आधारित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से अंबुजा मॉल परिसर में “जागरूकता की एक Selfie” सेल्फी स्टैंड लगाया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों एवं युवाओं ने सेल्फी स्टैंड के साथ सेल्फी लेकर अभियान में सहभागिता की। इस माध्यम से साइबर जागरूकता के संदेश को सोशल मीडिया के जरिए भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

    दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मॉल में आने वाले बड़ी संख्या में नागरिकों तक सीधे पहुंच बनाकर उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। नागरिकों को बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता एवं जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।

    साइबर ठगी होने की स्थिति में नागरिकों को तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

    छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 02 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जनसहभागिता, प्रत्यक्ष संवाद एवं “संवाद से समाधान” की भावना के साथ साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

  • एक सेल्फी बनेगी साइबर ठगी के खिलाफ हथियार! रतनपुर महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं ने लिया जागरूकता का संकल्प, पुलिस ने OTP-लिंक फ्रॉड से बचने के बताए अहम तरीके

    एक सेल्फी बनेगी साइबर ठगी के खिलाफ हथियार! रतनपुर महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं ने लिया जागरूकता का संकल्प, पुलिस ने OTP-लिंक फ्रॉड से बचने के बताए अहम तरीके

    साइबर जागृति की एक सेल्फी अभियान के तहत रतनपुर महामाया मंदिर परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम

    बिलासपुर : साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देने तथा जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    इसी क्रम में जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) द्वारा QR कोड स्कैन कर ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान की शुरुआत की गई तथा स्वयं सेल्फी लेकर आम नागरिकों को साइबर जागरूकता का संदेश दिया गया।

    इसी कड़ी में दिनांक 16.08.2026 को रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।  रतनपुर पुलिस द्वारा मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।

    अभियान के दौरान मंदिर परिसर में लगाए गए QR कोड को श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल से स्कैन किया गया तथा जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की गई। इस दौरान बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक अभियान में हिस्सा लिया।

    पुलिस द्वारा नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP, बैंक खाता, ATM एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में जागरूक किया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस प्रकार देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी प्रकार साइबर अपराध के खिलाफ भी सभी नागरिकों को मिलकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। एक व्यक्ति की जागरूकता दूसरे व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।

    पुलिस द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान का हिस्सा बनें और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।

    उक्त जागरूकता कार्यक्रम में रतनपुर पुलिस एवं रक्षित निरीक्षक  की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

  • आजादी की गाथा से ‘विकसित छत्तीसगढ़’ तक—रायपुर में सजी इतिहास की अद्भुत तस्वीर! ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल और वीर सेनानियों की कहानी देखने उमड़ी नई पीढ़ी

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    विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी

    स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी

    ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का प्रदर्शन

    21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

    रायपुर : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की सुशासन और विकास यात्रा को प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

    इसी क्रम में बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब रायपुर के विद्यार्थियों ने शिक्षिकाओं के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थी मानवी साहू, पलक साहू, योगिता विश्वकर्मा, आनंदित बोस और युगती सोनकर शिक्षिका अनवरी जावेद शेख एवं सुनील महर के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। विद्यार्थियों ने विभिन्न छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्रदर्शित सामग्री को उत्सुकता के साथ देखा तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की।

    ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा

    प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

    प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिल रहा है कि स्वतंत्रता केवल संघर्ष और बलिदान का परिणाम नहीं, बल्कि देशवासियों की एकजुटता, राष्ट्रप्रेम और दृढ़ संकल्प की भी गौरवगाथा है।

    छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथा

    प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

    विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को छायाचित्रों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से अवगत कराया।

    योजनाओं से बदली जिंदगी की तस्वीर

    प्रदर्शनी में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास और सशक्तिकरण की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।

    महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। विद्यार्थियों ने इन योजनाओं के बारे में भी विशेष रुचि दिखाई।

    सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से विकसित छत्तीसगढ़ की झलक

    प्रदर्शनी में डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।

    एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव

    प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित विशेष पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

    21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

    कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास एवं वर्तमान विकास से परिचित कराने वाला अनुभव बताया।

  • छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! कॉलेज दाखिले की तारीख बढ़ी, अब 31 अगस्त तक मिलेगा प्रवेश का मौका—हजारों विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत

    छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! कॉलेज दाखिले की तारीख बढ़ी, अब 31 अगस्त तक मिलेगा प्रवेश का मौका—हजारों विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत

    छात्रहित में लिया गया फैसला-मंत्री टंक राम वर्मा

    छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बढ़ा दाखिले का दायरा

     अब 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेश

    रायपुर : उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मूल ध्येय प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुँचाना है। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के कई मेधावी युवा विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। हम नहीं चाहते कि तिथियों के फेर में किसी भी योग्य विद्यार्थी का एक साल खराब हो या वह उच्च शिक्षा से वंचित रह जाए। छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रवेश की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है। मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।

     छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। राज्य के जिन शासकीय और निजी महाविद्यालयों में अभी भी सीटें रिक्त हैं, वहाँ छात्र अब 31 अगस्त 2026 तक दाखिला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।

     उल्लेखनीय है कि इससे पहले विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य स्तर पर प्रवेश की समय सीमा 31 जुलाई तक और कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक तय की गई थी। लेकिन अंतिम तिथि बीतने के बाद भी कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई अभ्यर्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन ने तिथि विस्तार का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

  • “सिर्फ सड़क-इमारत नहीं, संस्कार भी बचाने होंगे!” मंत्री टंकराम वर्मा का बड़ा संदेश—ग्राम कड़ार में ₹20 लाख के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन, विकास के साथ संस्कृति पर जोर

    “सिर्फ सड़क-इमारत नहीं, संस्कार भी बचाने होंगे!” मंत्री टंकराम वर्मा का बड़ा संदेश—ग्राम कड़ार में ₹20 लाख के सामुदायिक भवन का भूमिपूजन, विकास के साथ संस्कृति पर जोर

    भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास- मंत्री टंक राम वर्मा

    बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में 20 लाख रूपए के सामुदायिक भवन का हुआ भूमिपूजन

    रायपुर : बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।

     इस अवसर पर मंत्री ने 20 लाख रूपए से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था, और मार्ग में निरंतर आगे बढ़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस सपने को साकार किया। यदि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण न हुआ होता, तो प्रदेश की स्थिति आज भी वैसी ही बनी रहती। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और अधोसंरचना के हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का पूरा पैसा अब यहीं के सर्वांगीण विकास में उपयोग हो रहा है।

     सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि कभी पूर्णतः कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरियों के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है; जिनके पास कभी साइकिल नहीं थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया और हवाई यात्रा तक का आनंद ले रहे हैं। गांव-गांव में महज 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। इस भौतिक प्रगति के साथ हम सभी को सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है।आधुनिकता के इस दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद अनिवार्य है, क्योंकि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के दुख-सुख में खड़े रहने की भावना सदैव जीवंत रहे।

    वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से मिल रही काम करने की प्रेरणा:श्री धरमलाल कौशिक

     कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है, जिससे सीखकर, समझकर और पढ़कर संगठन व समाज सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाया है।

     बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,सरपंच ब्रजेश दुबे,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • गांव की सुरक्षा अब महिलाओं के हाथ! जांजगीर के पाली में बनी महिला कमांडो टीम, SP ने वीडियो कॉल से बढ़ाया हौसला—साइबर ठगी और अपराध के खिलाफ संभालेंगी मोर्चा

    गांव की सुरक्षा अब महिलाओं के हाथ! जांजगीर के पाली में बनी महिला कमांडो टीम, SP ने वीडियो कॉल से बढ़ाया हौसला—साइबर ठगी और अपराध के खिलाफ संभालेंगी मोर्चा

    CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे की पहल, ग्राम पाली में महिला कमांडो टीम का गठन, साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को किया जागरूक

    महिला कमांडो से SP ने किया सीधा संवाद, वीडियो कॉल के जरिए दिया सुरक्षा और जागरूकता का संदेश

    जांजगीर-चांपा : पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे एवं चौकी नैला प्रभारी रंजीत सिंह कंवर द्वारा ग्राम पाली में महिला कमांडो टीम का गठन किया गया। इस दौरान साइबर जागृति अभियान एवं महिला- बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

     SP ने वीडियो काल के जरिये महिला कमांडो टीम को किया सीधा संवाद, दिया सुरक्षा और जागरूकता का संदेश

    SP ने ग्राम पाली में गठित महिला कमांडो एवं ग्रामीणों को वीडियो कॉल के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने महिला कमांडो का उत्साहवर्धन करते हुए गांव में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।

    SP ने कहा कि महिला कमांडो गांव में जागरूकता और सुरक्षा की मजबूत कड़ी बनकर कार्य करें। उन्होंने महिलाओं से अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा किसी भी परेशानी या घटना की जानकारी बिना संकोच पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।

     महिला कमांडो टीम का गठन

    ग्राम पाली के सक्रिय महिलाओं का महिला कमांडो टीम गठन किया गया, टीम का उद्देश्य गांव में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना तथा पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

     साइबर अपराध एवं नए कानूनों की दी जानकारी

    कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराध, साइबर अपराध तथा नए आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों के संबंध में ग्रामीणों को सरल भाषा में जानकारी दी गई। नाबालिग बच्चों को किसी प्रकार के अपराध में शामिल न होने तथा गलत गतिविधियों से दूर रहने के लिए समझाइश दी गई।

     घटना-दुर्घटना की तत्काल दें सूचना

    ग्रामीणों को बताया गया कि गांव में किसी भी प्रकार की अपराधिक घटना, दुर्घटना, महिला या बालक संबंधी समस्या अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस थाना/चौकी को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस त्वरित कार्रवाई कर संभावित अपराध एवं दुर्घटना को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

  • अबूझमाड़ के बोटेर में पहली बार शान से लहराया तिरंगा! कभी नक्सलियों का गढ़ रहा इलाका बना बदलाव की मिसाल, स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुआ ‘साइबर जागृति अभियान’

    अबूझमाड़ के बोटेर में पहली बार शान से लहराया तिरंगा! कभी नक्सलियों का गढ़ रहा इलाका बना बदलाव की मिसाल, स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुआ ‘साइबर जागृति अभियान’

    स्वतंत्रता दिवस पर बोटेर में पहली बार लहराया तिरंगा, ग्रामीणों के बीच ‘साइबर जागृति अभियान’ का शुभारंभ

    नारायणपुर : स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोटेर में एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब यहां पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। कभी नक्सल संगठन के शीर्ष नेताओं का आश्रय स्थल रहे इस क्षेत्र में तिरंगे का शान से लहराना अबूझमाड़ में शांति, विश्वास और बदलते परिवेश का प्रतीक बना।

    इसी अवसर पर थाना ओरछा पुलिस द्वारा ग्राम बोटेर–गुंडेकोट के ग्रामीणों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ का शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर अभियान के उद्देश्य एवं साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

    पुलिस द्वारा ग्रामीणों को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के संबंध में जागरूक किया गया। OTP, UPI PIN, ATM/डेबिट कार्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, फर्जी KYC अपडेट, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश, नौकरी एवं अन्य प्रकार की साइबर ठगी से सतर्क रहने के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई गईं।

    ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में घबराएं नहीं तथा तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की राशि को रोकने एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।

    ‘साइबर जागृति अभियान’ का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाना तथा समाज के सभी वर्गों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक एवं सतर्क बनाना है। नारायणपुर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल के मार्गदर्शन में अबूझमाड़ के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी ग्रामीणों तक पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बोटेर में पहली बार तिरंगा फहराया जाना और उसी अवसर पर ग्रामीणों के बीच ‘साइबर जागृति अभियान’ का शुभारंभ किया जाना अबूझमाड़ में बदलते परिवेश, बढ़ते विश्वास और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    नारायणपुर पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।