Category: छत्तीसगढ

  • डिजिटल अरेस्ट से गिफ्ट बॉक्स फ्रॉड तक साइबर ठगों के नए जाल का पर्दाफाश! रायपुर में 800 छात्रों को चेताया—अनजान लिंक, ऐप और कॉल से रहें सावधान

    डिजिटल अरेस्ट से गिफ्ट बॉक्स फ्रॉड तक साइबर ठगों के नए जाल का पर्दाफाश! रायपुर में 800 छात्रों को चेताया—अनजान लिंक, ऐप और कॉल से रहें सावधान

    साइबर ठगी में समय और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार, गोल्डन ऑवर को बचाएं”

    रायपुर :  कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान एवं संवाद से समाधान के तहत आज दिनांक 22 अगस्त 2026 को विभिन्न स्कूल एवं कॉलेजों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 800 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। प्रमुख रूप से कुसुमताई डाबके उच्चतर माध्यमिक शाला, तात्यापारा, विवेकानंद महाविद्यालय, के.के. रोड, त्रिमूर्ति नगर एवं सेंट्रल कॉलेज, पीली बिल्डिंग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेंट्रल कॉलेज में एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा एवं थाना प्रभारी गंज निरीक्षक दीपक पासवान की उपस्थिति में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए।

    कार्यक्रमों में युवाओं को वर्तमान में सामने आ रहे यूएसएसडी कोड फ्रॉड/अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग, गिफ्ट बॉक्स डिलीवरी फ्रॉड, इंस्टाग्राम पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट के माध्यम से मॉर्फिंग एवं विशेषकर महिलाओं को परेशान करने वाले साइबर अपराध, एपीके फाइल फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे ट्रेंडिंग साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई।

    बताया गया कि साइबर अपराधी लोगों के भरोसे, लालच, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय “स्टॉप, थिंक एंड एक्ट” की नीति अपनाना आवश्यक है। विद्यार्थियों को “थ्री यू” — अननोन लिंक, अननोन ऐप एवं अननोन पर्सन से विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।

    साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में गोल्डन ऑवर के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि घटना के तुरंत बाद की गई कार्रवाई से नुकसान को सीमित करने की संभावना बढ़ती है। विद्यार्थियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, डायल 1930 एवं नजदीकी थाना पुलिस के माध्यम से तत्काल सहायता लेने की जानकारी दी गई।

    साथ ही साइबर दोस्त एवं रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो कर लगातार नए एवं ट्रेंडिंग साइबर अपराधों के संबंध में अपडेटेड रहने के लिए प्रेरित किया गया।

    अभियान के दौरान विद्यार्थियों को स्वयं साइबर अपराध से सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने माता-पिता, परिवार एवं परिजनों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस द्वारा युवाओं से अपील की गई कि डिजिटल दुनिया में किसी भी लिंक, फाइल, ऐप या व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें तथा प्रत्येक डिजिटल गतिविधि में सतर्कता, सत्यापन और सुरक्षित व्यवहार को अपनी आदत बनाएं।

  • साइबर ठगों से बचने की पाठशाला बनी रायपुर की कक्षाएं! नॉर्थ जोन के 350 से अधिक छात्र जागरूक, संदिग्ध लिंक-कॉल से लेकर सोशल मीडिया फ्रॉड तक समझाया

    साइबर ठगों से बचने की पाठशाला बनी रायपुर की कक्षाएं! नॉर्थ जोन के 350 से अधिक छात्र जागरूक, संदिग्ध लिंक-कॉल से लेकर सोशल मीडिया फ्रॉड तक समझाया

    नॉर्थ जोन के स्कूलों में पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, 350 से अधिक विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

    रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान एवं पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के तहत नॉर्थ जोन के थाना गुढ़ियारी एवं थाना पंडरी क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों एवं शिक्षक-स्टाफ के साथ संवाद कर उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

    पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (IPS) के मार्गदर्शन में, पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों एवं उनसे बचाव के व्यवहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।

    थाना गुढ़ियारी क्षेत्र स्थित शासकीय नवीन स्कूल, स्टेशन वार्ड गुढ़ियारी में कक्षा 6वीं एवं 8वीं के लगभग 200 छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-स्टाफ को साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल एवं मैसेज से सावधान रहने तथा OTP, PIN, CVV एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। साथ ही बच्चों को अपने परिवारजनों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

    इसी क्रम में थाना पंडरी क्षेत्र स्थित ओम शांति निकेतन स्कूल, पंडरी में लगभग 150 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-स्टाफ को साइबर जागृति एवं “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के माध्यम से साइबर अपराध एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया गया।

    कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करने तथा साइबर जागरूकता अभियान से संबंधित QR कोड स्कैन कर सेल्फी लेकर अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

    साथ ही विद्यार्थियों को समझाइश दी गई कि साइबर अपराध की स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

    साइबर जागृति अभियान के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि साइबर सुरक्षा की जानकारी स्कूलों से निकलकर प्रत्येक विद्यार्थी, परिवार और समाज तक पहुंचे। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर सतर्क रहें तथा अपने परिजनों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।

  • रायगढ़ पुलिस में बड़ा बदलाव का संकेत : रायगढ़ पुलिसिंग को आईजी राम गोपाल गर्ग का ‘टेक्निकल टच’, थाने से कार्यालय तक सघन निरीक्षण, जवानों के वेलफेयर और डिजिटल पुलिसिंग को दी सर्वोच्च प्राथमिकता.

    रायगढ़ पुलिस में बड़ा बदलाव का संकेत : रायगढ़ पुलिसिंग को आईजी राम गोपाल गर्ग का ‘टेक्निकल टच’, थाने से कार्यालय तक सघन निरीक्षण, जवानों के वेलफेयर और डिजिटल पुलिसिंग को दी सर्वोच्च प्राथमिकता.

    पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर श्री राम गोपाल गर्ग दो दिवसीय प्रवास पर जिला रायगढ़ पहुंचे। पुलिस कार्यालय में कार्यालयीन स्टॉफ की बैठक लेकर विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आईजी श्री गर्ग ने कहा कि जिला पुलिस कार्यालय पुलिसिंग का नियंत्रण केंद्र है और कार्यालय का बेहतर कामकाज सीधे तौर पर पूरे जिले की पुलिसिंग पर प्रभाव डालता है। उन्होंने कार्यालयीन स्टॉफ को निर्देशित किया कि फील्ड में कार्यरत अधिकारियों एवं जवानों को मिलने वाले वेतन, देयक, अवकाश तथा कल्याणकारी सुविधाओं का प्राथमिकता के साथ समय पर निराकरण किया जाए।

    बैठक के दौरान आईजी श्री गर्ग ने पुलिस कार्यालय की एक-एक शाखा के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने समय-समय पर होने वाले ऑडिट का एसएसपी श्री शशिमोहन द्वारा भौतिक सत्यापन, चिटफंड प्रकरणों में हुई प्रगति, विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों को नियमित रूप से अपडेट रखने तथा पुलिस कार्यालय में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से एवं त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय वाहनों एवं अन्य शासकीय संपत्तियों के रख-रखाव को भी प्राथमिकता देने को कहा।

    निरीक्षण के दौरान आईजी श्री गर्ग ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में सीसीटीएनएस की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के तहत ई-साक्ष्य, ई-समन, ई-फॉरेंसिक तथा अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं का संचालन सीसीटीएनएस के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों को इन तकनीकी व्यवस्थाओं का विशेष प्रशिक्षण देने तथा उन्हें इसके प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

    आईजी श्री गर्ग ने अपने निरीक्षण के दौरान जिले में प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो।

    पुलिस कार्यालय के स्टॉफ के साथ बैठक के बाद आईजी श्री गर्ग ने जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अनुविभागवार कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण तथा पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग, अपराधों की रोकथाम तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    देर शाम पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर श्री गर्ग द्वारा थाना चक्रधरनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं सीएसपी श्री मयंक मिश्रा उपस्थित रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा एवं थाना स्टॉफ द्वारा आईजी श्री गर्ग का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना चक्रधरनगर के पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी ली तथा विवेचक कक्ष, मालखाना, सीसीटीएनएस कक्ष सहित थाना परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने थाना आने वाले शिकायतकर्ताओं तथा पुलिस स्टॉफ के लिए की गई बैठक व्यवस्था, हेल्प डेस्क एवं साफ-सफाई की सराहना की। सीसीटीएनएस कक्ष में उन्होंने सीसीटीएनएस आरक्षक से ऑनलाइन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और थाना चक्रधरनगर में ऑनलाइन रोजनामचा एंट्री की व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की।

    एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आईजी को बताया कि रायगढ़ जिले के सभी थानों में सीसीटीएनएस के माध्यम से ऑनलाइन रोजनामचा एंट्री की जा रही है तथा काफी समय से मैनुअल रोजनामचा लेखन बंद किया जा चुका है। आईजी श्री गर्ग ने पुलिसिंग में तकनीक के प्रभावी उपयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए आमजन का पुलिस पर विश्वास और मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना चक्रधरनगर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए शुभकामनाएं दी। निरीक्षण के अंत में थाना चक्रधरनगर की ओर से आईजी श्री राम गोपाल गर्ग को स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनके निर्देशों के अनुरूप पुलिसिंग को और बेहतर बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

    पत्रकारों से चर्चा करते हुए आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने बताया कि वे जिले के दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर रायगढ़ पहुंचे हैं। रायगढ़ जिला, बिलासपुर रेंज में जिला बिलासपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा जिला है और यहां की पुलिसिंग की चुनौतियां भी अलग हैं। पुलिसिंग में पारदर्शिता, डिजिटल प्रगति और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक मामलों का शत प्रतिशत समयबद्धता से  निराकरण कराने का आह्वान किया। उन्होंने जिला रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की पुलिसिंग और नियंत्रण व्यवस्था की सराहना की।

  • दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन! थानों में वर्षों से धूल फांक रहे 343 लावारिस दोपहिया वाहनों का होगा निपटारा, दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी—अब शुरू होगी विधिवत नीलामी

    दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन! थानों में वर्षों से धूल फांक रहे 343 लावारिस दोपहिया वाहनों का होगा निपटारा, दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी—अब शुरू होगी विधिवत नीलामी

    वर्षों से थाना परिसरों में खड़े लावारिस एवं ला-दावा 343 दोपहिया वाहनों का विधिवत निराकरण, स्वामियों की तलाश एवं दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण कर नीलामी की जाएगी  शुरू

    दुर्ग जिले के विभिन्न थाना परिसरों में वर्षों से खड़े लावारिस एवं लादावा 343 दोपहिया वाहनों के वास्तविक स्वामियों की पहचान के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए गए।

    संभावित वाहन स्वामियों एवं उनके परिजनों से संपर्क करने के साथ विभिन्न समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराकर वैध दावा प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

    निर्धारित अवधि में किसी वैध स्वामी अथवा दावेदार के सामने नहीं आने पर दावाआपत्ति एवं आवश्यक अभिलेखीय प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की गई।

    प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 343 दोपहिया वाहनों की एएसटीसी के माध्यम से धारा 28 पुलिस एक्ट के तहत नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई शुरु की जा रही है।

    दुर्ग जिले के विभिन्न थाना परिसरों में लंबे समय से खड़े लावारिस एवं ला-दावा वाहनों के कारण थाना परिसरों में उपलब्ध स्थान प्रभावित हो रहा था तथा आम नागरिकों एवं पुलिस कर्मचारियों के आवागमन में भी असुविधा होती थी। पुलिस द्वारा स्वामियों की तलाश एवं दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूर्ण कर अब 343 दोपहिया वाहनों का विधिवत निराकरण किया जा रहा है।

    दुर्ग :  जिले के विभिन्न थानों में विभिन्न परिस्थितियों एवं प्रकरणों के दौरान प्राप्त हुए अनेक दोपहिया वाहन लंबे समय से लावारिस एवं ला-दावा स्थिति में थाना परिसरों में रखे हुए थे। वर्षों तक इन वाहनों के थाना परिसरों में खड़े रहने से उपलब्ध स्थान का उपयोग प्रभावित हो रहा था तथा थाना आने वाले आम नागरिकों एवं पुलिस कर्मचारियों के आवागमन में भी असुविधा उत्पन्न हो रही थी।

    दुर्ग पुलिस द्वारा इन वाहनों के वास्तविक स्वामियों की पहचान एवं वैध दावेदारों की जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यवस्थित रूप से प्रयास किए गए। संभावित वाहन स्वामियों एवं उनके परिजनों से संपर्क किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराकर निर्धारित अवधि में वैध दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

    निर्धारित अवधि में 343 दोपहिया वाहनों के संबंध में किसी वैध स्वामी अथवा दावेदार द्वारा स्वामित्व का दावा प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों की जांच एवं दावा-आपत्ति संबंधी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर वाहनों के नियमानुसार निराकरण की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

    इस कार्रवाई के माध्यम से वर्षों से थाना परिसरों में अनुपयोगी रूप से खड़े वाहनों का विधिवत निराकरण किया जा रहा है, जिससे थाना परिसरों में स्थान का बेहतर उपयोग संभव होगा तथा आम नागरिकों एवं पुलिस कर्मचारियों के आवागमन में होने वाली असुविधा भी कम होगी।

    लावारिस और लादावा वाहनों की निपटान प्रक्रिया

    लंबे समय से थाना परिसरों में रखे वाहनों का उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर परीक्षण किया गया। संभावित स्वामियों एवं परिजनों से संपर्क करने के साथ सार्वजनिक सूचना जारी की गई तथा निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

    वाहनों के वास्तविक स्वामियों की तलाश, सार्वजनिक सूचना एवं दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने के पश्चात धारा 28 पुलिस एक्ट के तहत एएसटीसी के माध्यम से नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई की जा रही है।

    वाहनों का विवरण

    नीलामी प्रक्रिया में कुल 343 दोपहिया वाहन शामिल हैं। इनमें लूना, स्कूटी, स्कूटर, पल्सर, होंडा सीडी-100, पैशन, सीबी-जेड, टीवीएस स्पोर्ट, स्टार सिटी सहित विभिन्न कंपनियों एवं मॉडलों के दोपहिया वाहन शामिल हैं।

    सराहनीय कार्य

    उक्त कार्रवाई में रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा तथा रक्षित केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा वर्षों से थाना परिसरों में खड़े वाहनों के संबंध में अभिलेखों का परीक्षण, संभावित स्वामियों की जानकारी प्राप्त करने, सार्वजनिक सूचना जारी कराने, दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण कराने तथा नीलामी के लिए आवश्यक वैधानिक एवं दस्तावेजी कार्यवाही पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    दुर्ग पुलिस की अपील

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि यदि किसी व्यक्ति का नीलामी प्रक्रिया में शामिल किसी वाहन पर वैध स्वामित्व संबंधी दावा है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित दस्तावेजों के साथ थाना भिलाई नगर में संपर्क कर अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। नागरिक वाहन खरीदते समय उसके स्वामित्व, पंजीयन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें।

  • सावन में शिवमय हुआ रायपुर, हजारों कांवड़ियों के साथ CM विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक; हटकेश्वरनाथ महादेव के जयघोष से गूंजा राजधानी का वातावरण

    सावन में शिवमय हुआ रायपुर, हजारों कांवड़ियों के साथ CM विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक; हटकेश्वरनाथ महादेव के जयघोष से गूंजा राजधानी का वातावरण

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    पवित्र श्रावण मास की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

    भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है कांवड़ यात्रा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए हुए रवाना

    मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को दी शुभकामनाएं, कहा – हमारी धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैं

    रायपुर : पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर आज भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं। कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।

    उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • विशेष लेख : तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

    विशेष लेख : तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

    सुशासन तिहार – जनविश्वास, जनकल्याण और विकास की नई पहचान

    छगन लाल लोन्हारे संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

    रायपुर : सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य गाँवों और शहरों के द्वार पर पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन-प्रशासन के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गत माह आयोजित इस अभियान के तहत जनता से सीधे संवाद और विकास कार्यों को गति दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन पोर्टल पर जा सकते हैं।

     बस्तर का आयतु हो या सरगुजा जिले का तिहारू, धमतरी जिले के आदिवासी बहुल नगरी अंचल के ईतवारी राम कमार अपनी बात बेबाकी से प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय के समक्ष खड़े होकर कह सकता है कि साहब हमारे यहां पीडीएस यानी सरकारी उचित मूल्य की दुकान का अनाज एवं अन्य खाद्यान सामग्री किफायती दर पर और सही समय पर मिल रहा है अथवा नहीं ? सुशासन जो कि गुड गवर्नेस कहने पर आसानी से लोगों के जहन में बसता है इसका वास्तविक अर्थ है ऐसा शासन जो लोक-केंद्रित हो, पारदर्शी हो और जिसमें जनता की आवाज सर्वाेपरि हो।

    समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रशासन की सहजता से पहुंच

     पिछले दिनों सफलता पूर्वक सम्पन्न सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने औचक ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि शासन को इस प्रकार संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। सुशासन तिहार इसी सोच का जीवंत उदाहरण है। इसी मंशा से प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों ने भी गाँव की चौपाल में अपने मुखिया के समक्ष विभिन्न सार्वजनिक जरूरतों के बारे में प्रमुखता से अपनी बात रखी। चाहे वह हेण्डपम्प की हो या तालाब में घाट का निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाडी भवन, पहुंचमार्ग का निर्माण अथवा विद्युत लाईन का विस्तार, मध्यान्ह भोजन की बात हो या स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में अपनी बातें रखीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान

     सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर स्तर पर शिविर का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की छोटी-छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही तुरन्त अपनी मंजूरी प्रदान की। गांव वालों के बीच हेलीकॉप्टर का अचानक उतरना लोगों के लिए कौतूहल का विषय होता है, उनके बीच प्रदेश के मुखिया उनके दुःख-दर्द का हालचाल जानने आए हैं, वह भी बैशाख-जेठ महिने की तपती दोपहरी में। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी सहज होकर आत्मीयता से अपनी बात रखते। मुख्यमंत्री भी उनकी सार्वजनिक जरूरतों की मांग को मौके पर ही पूरा कर देते। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की विभिन्न समस्याओं का यथा संभव तुरन्त समाधान करने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 01 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार संचालित किया गया।

    ग्रामीणों से चौपाल में समस्याओं तथा जरूरतों की भी ली जानकारी

     छत्तीसगढ़ में सरकार और जनता के बीच परस्पर संवाद के एक प्रभावी माध्यम के रूप में सुशासन तिहार संचालित हुआ जो सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस वर्ष भी प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखण्डों में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अभियान दलों का गठन कर उन्हें गांवों में भेजा गया। राज्य में कुल 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत गांव की संख्या 19 हजार 820 के आसपास हैं। अभियान के तहत् विभिन्न विभागों के हजारों अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग जत्थों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में रात रूक कर ग्रामीणों से चौपाल में उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी भी ली।

    शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन

     त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में भाग लिया। मुख्यमंत्री और सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों तथा प्रभारी सचिवों ने इस दौरान विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक दौरा कर सुशासन तिहार का सुचारू संचालन सुनिश्चित करते हुए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन भी किया। अभियान के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अन्त्योदय अन्न योजना, अनाज भण्डारण और वितरण की स्थिति, भौगोलिक दृष्टि से पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून के पहले आवश्यक वस्तुओं के समुचित भण्डारण, बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अमृत नमक वितरण की भी समीक्षा की गई।

    श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा

     महात्मा गांधी नरेगा तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यों की प्रगति और उनमें लगे श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण के अंतर्गत आविवादित नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के मामलों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था और पेयजल स्त्रोंतो की साफ-सफाई सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, निर्मल ग्राम योजना, विद्युत व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाईनों के समुचित रख-रखाव, कृषि पम्पों के विद्युतिकरण और एकल बत्ती कनेक्शन से संबंधित शासकीय प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं पेंशन, निराश्रित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

  • शिव महापुराण कथा में CM साय ने जगाई आस्था की अलख, बोले—महादेव की कृपा से समृद्ध हो रहा छत्तीसगढ़; शक्तिपीठों के विकास से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

    शिव महापुराण कथा में CM साय ने जगाई आस्था की अलख, बोले—महादेव की कृपा से समृद्ध हो रहा छत्तीसगढ़; शक्तिपीठों के विकास से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

    छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपत्नीक शिव महापुराण कथा में हुए शामिल, व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

    पांच शक्तिपीठों का चारधाम की तर्ज पर हो रहा विकास, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान

    श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन

    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का मिल रहा अवसर

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस कथा श्रवण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले।राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के श्री दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • साइबर ठगी और नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, मैत्री डेंटल कॉलेज में विद्यार्थियों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर और आत्मरक्षा के दांव-पेंच

    साइबर ठगी और नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, मैत्री डेंटल कॉलेज में विद्यार्थियों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर और आत्मरक्षा के दांव-पेंच

    छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित सायबर जागृति अभियान के तहत,मैत्री डेंटल कॉलेज अंजोरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक संचालित “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में साइबर ठगी से बचाव, नशे के दुष्प्रभाव, महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के संबंध में नागरिकों एवं विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

    साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा नशा मुक्ति सहायता के लिए 1933 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।

    महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कराटे एवं विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

    दुर्ग पुलिस द्वारा नागरिकों एवं विद्यार्थियों को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव एवं महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मैत्री डेंटल कॉलेज अंजोरा में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    दुर्ग : पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार दिनांक 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य “संकल्प—साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” के संदेश को आम नागरिकों तक पहुंचाना तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    इसी क्रम में मैत्री डेंटल कॉलेज अंजोरा में आयोजित कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं महिला सुरक्षा को प्रमुखता से शामिल किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।

    साइबर सुरक्षा जागरूकता

    कार्यक्रम में साइबर अपराध प्रभारी द्वारा ऑनलाइन ठगी एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। नागरिकों को OTP, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने, अनजान APK अथवा संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान WhatsApp वीडियो कॉल से सावधान रहने की अपील की गई।

    ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने की स्थिति में बिना विलंब साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम स्थल पर “मैं जागरूक हूँ, साइबर क्राइम से मुक्त हूँ” संदेश के साथ जागरूकता सेल्फी बोर्ड भी लगाया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।

    नशा मुक्ति जागरूकता

    कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों एवं इसके कारण परिवार तथा समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को “नशा छोड़ें, ज़िंदगी जोड़ें” का संदेश देते हुए नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प दिलाया गया।

    नशे से संबंधित समस्या अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।

    महिला सुरक्षा एवं आत्मरक्षा

    महिलाओं एवं बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने के संबंध में जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम के दौरान कराटे एवं विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा आवश्यकता के समय स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कौशल सीखने हेतु प्रोत्साहित करना रहा।

    सराहनीय कार्य

    उक्त जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ममता देवांगन, एसडीओपी धमधा श्रीमती चित्रा वर्मा, डीएसपी यातायात श्री विशाल सोन, साइबर क्राइम प्रभारी डॉ. संकल्प राय सहित संबंधित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    दुर्ग पुलिस की अपील

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक एवं APK फाइल से सावधान रहें। ऑनलाइन वित्तीय ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें। नशे से संबंधित सहायता के लिए 1933 पर संपर्क करें तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान करें।

    महत्वपूर्ण हेल्पलाइन

    साइबर अपराध/ऑनलाइन वित्तीय ठगी — 1930

    नशा मुक्ति सहायता — 1933

    “मैं जागरूक हूँ, साइबर क्राइम से मुक्त हूँ।”

    “नशा छोड़ें, ज़िंदगी जोड़ें।”

    संकल्प — साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़।

    दुर्ग पुलिस

  • अटल यूनिवर्सिटी में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! SSP ने चेताया—उच्च शिक्षित लोग भी बन रहे शिकार, एक क्लिक और QR कोड से खाली हो सकता है खाता

    अटल यूनिवर्सिटी में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! SSP ने चेताया—उच्च शिक्षित लोग भी बन रहे शिकार, एक क्लिक और QR कोड से खाली हो सकता है खाता

    साइबर जागृति अभियान का अटल विश्वविद्यालय में साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी

    बिलासपुर : साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित “साइबर जागृति अभियान” को व्यापक रूप से आगे बढ़ाते हुए आज 22 अगस्त 2026 को अटल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध, साइबर ठगी के नए तरीकों तथा उससे बचाव के व्यावहारिक उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

    उच्च शिक्षित लोग भी साइबर ठगी का शिकार—एसएसपी रजनेश सिंह

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में सामने आए साइबर अपराधों के आधार पर बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित एवं जागरूक माने जाने वाले लोग भी हो रहे हैं। उन्होंने एक सेवानिवृत्त इंजीनियर के साथ हुई साइबर ठगी का उदाहरण देते हुए बताया कि साइबर ठग किस प्रकार विश्वास में लेकर शिक्षित लोगों से भी बड़ी रकम ठग लेते हैं। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना का भी उल्लेख किया तथा बताया कि उस समय वे उनके पैसे वापस नहीं करा पाए, लेकिन वर्तमान में साइबर अपराध से पीड़ित लोगों की समस्याओं के समाधान एवं ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयासों में पुलिस को कई सफलताएं प्राप्त हुई हैं। युवाओं को फर्जी लिंक, फर्जी URL, संदिग्ध वेबसाइट एवं अनजान डिजिटल संदेशों से सावधान रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं की जल्दबाजी, लालच, डर एवं बिना सत्यापन के किसी लिंक पर क्लिक करना साइबर ठगी का कारण बन सकता है। उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, OTP एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल शिकायत करने की सलाह दी।

    उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन कर भुगतान न करें। भुगतान करने से पहले QR कोड एवं संबंधित जानकारी की अच्छी तरह जांच करें। उन्होंने साइबर सुरक्षा से संबंधित उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन एवं संसाधनों की जानकारी भी दी, जो Google Play Store पर उपलब्ध हैं।

    साइबर जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश—कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल

    कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल ने भी साइबर अपराध की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए अपने करीबियों के साथ हुई साइबर फ्रॉड की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल लेन-देन एवं ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना आवश्यक है।

    उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों से स्वयं साइबर जागरूक बनने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के अंत में ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी लोगों द्वारा साइबर जागरूकता से संबंधित सेल्फी लेकर उसे अपलोड किया गया तथा साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित प्रश्नोत्तरी का आयोजन Google Form के माध्यम से किया गया। बिलासपुर पुलिस को सोशल नेटवर्किंग साइट पर फ़ॉलो करने और जागरूकता कार्यक्रम में जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया ।

    कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह, कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारनीश गौतम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, सीएसपी कोतवाली श्री गगन सिंह, रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी कोनी जीतेंद्र गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, विभिन्न संकायों के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    कोचिंग संस्थानों में भी पहुंचा “साइबर जागृति अभियान”

    इसी क्रम में बिलासपुर स्थित चंद्रा अकादमी एवं चंद्रहासिनी अकादमी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच भी “साइबर जागृति अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी कोतवाली देवेश राठौर, सूबेदार श्री तिलक कुमार एवं सूबेदार अविनाश ध्रुव उपस्थित रहे।

    रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को वर्तमान परिस्थितियों में साइबर जागरूकता की आवश्यकता एवं साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट एवं ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ी है, इसलिए सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

    थाना प्रभारी कोतवाली देवेश राठौर ने बताया कि साइबर ठग विशेष रूप से युवा वर्ग को किस प्रकार अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने ठगी के ऐसे मामलों के उदाहरण बताए, जिनमें साइबर अपराधी बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटे या बेटी के दुर्घटना में घायल होने अथवा अस्पताल में भर्ती होने की झूठी सूचना देकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करने तथा पुलिस की सहायता लेने की सलाह दी ।

    बिलासपुर पुलिस की अपील

    बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं युवाओं से अपील की है कि साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं परिचितों को भी जागरूक करें। किसी भी अनजान लिंक, QR कोड, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर बिना देर किए पुलिस एवं संबंधित साइबर अपराध शिकायत माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।

  • एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता! सरगुजा में पुलिस ने 1000 लोगों को साइबर ठगी के खतरनाक हथकंडों से किया अलर्ट, 1930 की दी जानकारी

    एक क्लिक और खाली हो सकता है बैंक खाता! सरगुजा में पुलिस ने 1000 लोगों को साइबर ठगी के खतरनाक हथकंडों से किया अलर्ट, 1930 की दी जानकारी

    साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर, हाई स्कूल बाकिरमा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्मदापुर, ग्राम जमदरा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोहगा, सनराइज स्कूल, नवानगर स्कूल दरिमा, केशवपुर महाविद्यालय, डी ए वी स्कूल भटको उदयपुर, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुण्ड्रा, मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर में उपस्थित छात्र एवं छात्राओं एवं नागरिकों को किया गया जागरूक

    अंबिकापुर : डीआईजी/एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोडल अधिकारी साइबर सेल रितेश चौधरी के कुशल नेतृत्व में जिला अंतर्गत प्रथम सप्ताह सभी स्कूल – कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में “साइबर जागृति अभियान” आयोजित किया जा रहा है!

    साइबर अपराधों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर, हाई स्कूल बाकिरमा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नर्मदापुर, ग्राम जमदरा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोहगा, सनराइज स्कूल, नवानगर स्कूल दरिमा, केशवपुर महाविद्यालय, डी ए वी स्कूल भटको उदयपुर, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लुण्ड्रा, मल्टीपरपज स्कूल अंबिकापुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र एवं छात्राओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से OTP, UPI एवं QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, APK फाइल, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, अनजान वीडियो कॉल, सेक्सटॉर्शन एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

    छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने तथा किसी के कहने पर QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।

    साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व को समझाते हुए छात्राओं को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

    कार्यक्रम के दौरान “जागरूकता की एक Selfie” अभियान के अंतर्गत छात्राओं को जागरूकता QR Code के संबंध में जानकारी दी गई। छात्र छात्राओं एवं नागरिकों को QR Code के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से छात्र छात्राओं एवं नागरिकों द्वारा QR Code के साथ Selfie भी ली गई।

    उपरोक्त कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल अंबिकापुर की प्राचार्या श्रीमती मीरा साहू, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल की प्राचार्या श्रीमती लीना थॉमस, केदारपुर हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रूमी घोष, नवा बिहान टीम की ओर से श्री अजय तिवारी, श्री मंगल पाण्डेय,  उप निरीक्षक अभय तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष कुमार, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आशी झा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक अनुराग वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शिव कुमार ध्रुव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक डिगेश्वर वर्मा, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक शत्रुधन सिंह, राहुल केरकेट्टा, दशरथ राजवाड़े, सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं एवं नागरिकों ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे तथा पुलिस एवं साइबर जागरूकता टीम द्वारा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। लगभग 1000 छात्र छात्राओं एवं नागरिकों की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। छात्र छात्राओं एवं नागरिकों ने स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।