Category: छत्तीसगढ

  • गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा विकास का नया ट्रैक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार

    गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा विकास का नया ट्रैक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार

    डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर, 07 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने आज रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत परियोजनाओं में  ₹2,223 करोड़ लागत की गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जो प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार कर रहा है। “डबल इंजन सरकार” के समर्पित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है।  उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि इस परियोजना से सम्पूर्ण मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का रेल नेटवर्क आधुनिकता, गति और जनसुविधा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ को इस दिशा में जो निरंतर सहयोग मिल रहा है, वह राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार का सशक्त आधार बनेगा।

    उल्लेखनीय है कि 84 किलोमीटर लंबी परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुजरेगी। इसे पांच वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत 15 प्रमुख पुल, 123 लघु पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा।

    आकांक्षी जिला राजनांदगांव में यह परियोजना न केवल यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और निवेश को भी नई दिशा देगी। यह रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती प्रदान करेगा।

    परियोजना पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा। इससे रेलवे की आमदनी में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी का लाभ मिलेगा, जो पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह पहल हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई रेल लाइन के माध्यम से रायगढ़ मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी, जिससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक तंत्र दोनों को स्थायित्व मिलेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन का सशक्त आधार प्रदान करेगी।यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने और “विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

  • “दिल मेला – दिल में ला” थीम पर सजेगा बस्तर का नया सफर, संस्कृति और उद्यम का संगम बनेगा ‘बस्तर राइजिंग’

    “दिल मेला – दिल में ला” थीम पर सजेगा बस्तर का नया सफर, संस्कृति और उद्यम का संगम बनेगा ‘बस्तर राइजिंग’

    “बस्तर राइजिंग” अभियान 8 अक्टूबर से होगा प्रारंभ : बस्तर की प्रतिभा, संस्कृति और संभावनाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

    रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से “बस्तर राइजिंग” नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित किया जाएगा।

    इस अभियान का उद्देश्य बस्तर की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और उद्यमशील क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है। अभियान के दौरान विशेषज्ञों, युवाओं, शिल्पकारों और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किए जाएंगे।

     “बस्तर राइजिंग” का कारवां केशकाल, नारायणपुर, कोण्डागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर का भ्रमण करेगा। इस दौरान बस्तर की कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा से जुड़ी संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा।

    अभियान का समापन रायपुर में “हार्मोनी फेस्ट 2025” के रूप में होगा, जिसमें बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएंगी। यह आयोजन “दिल मेला – दिल में ला” थीम पर आधारित होगा।

  • मनरेगा की डबरी बनी वरदान, किसान दुलार सिंह बने आत्मनिर्भर, जल संरक्षण से खुला समृद्धि का रास्ता

    मनरेगा की डबरी बनी वरदान, किसान दुलार सिंह बने आत्मनिर्भर, जल संरक्षण से खुला समृद्धि का रास्ता

    रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/ जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने साकार रूप दिया है।

    डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए  2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।

    दुलार सिंह बताते हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण से अब मेरी खेती सिंचित हो रही है। इससे धान के साथ-साथ मेढ़ पर सब्ज़ियाँ भी उगा पा रहा हूँ। डबरी में रोहू एवं पंगास मछली 2 कि.ग्रा. मछली के बीज डाले गये है। आगामी माह में मछली 01 किलो होने के बाद इन्होने बाजार में बिक्री करेंगे, जिससे आमदनी प्राप्त होगी। श्री दुलार सिंह अपने निर्मित डबरी के मेंड़ पार पर हल्दी एवं तिल का फसल लगाया हुआ है, जिसे वह हल्दी एवं तिल को अपने घर के लिये उपयोग करेंगे। मत्स्य पालन और पशुपालन से घर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पंचायत सरपंच एवं रोजगार सहायक ने बताया कि इस कार्य से गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीण अब अपनी भूमि पर जल संरक्षण संरचनाएँ बनवाने हेतु आगे आ रहे हैं। इस डबरी निर्माण कार्य ने न केवल दुलार सिंह के जीवन में स्थायी आजीविका का आधार तैयार किया है, बल्कि यह मनरेगा के उद्देश्य रोजगार के साथ स्थायी संपत्ति निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।

  • बड़ी खबर! अब बक्सर तक दौड़ेगी बिलासपुर–पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

    बड़ी खबर! अब बक्सर तक दौड़ेगी बिलासपुर–पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

    बिलासपुर, 07 अक्टूबर 2025 : यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 22843/22844 बिलासपुर-पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस का विस्तार बक्सर स्टेशन तक किया जा रहा है। दिनांक 10 अक्टूबर 2025 से बिलासपुर से  रवाना होने वाली गाडी संख्या 22843 बिलासपुर-पटना सुपर फास्ट एक्सप्रेस, बक्सर स्टेशन तक जाएगी | इसी प्रकार दिनांक 11 अक्टूबर 2025 से पटना से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22844 पटना-बिलासपुर सुपर फास्ट एक्सप्रेस, बक्सर स्टेशन से चलेगी । पटना-बक्सर-पटना स्टेशनों के मध्य इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर तथा डुमराँव स्टेशनों में दिया गया है | बिलासपुर-पटना-बिलासपुर के मध्य इस गाड़ी का ठहराव व समय-सारिणी पूर्व की भांति ही रहेगी  |

    पटना-बक्सर-पटना स्टेशनों के मध्य इस गाडी का समय-सारिणी इस प्रकार है :

  • भारत के पैरा-एथलीट्स ने रचा नया इतिहास – वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में जीते 22 पदक, कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

    भारत के पैरा-एथलीट्स ने रचा नया इतिहास – वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में जीते 22 पदक, कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

    रायपुर, 6 अक्टूबर 2025/ नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।

  • छत्तीसगढ़ में जारी स्वास्थ्य एडवाइजरी: 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित

    छत्तीसगढ़ में जारी स्वास्थ्य एडवाइजरी: 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित

    औषध निर्माण इकाइयों और मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी तेज

    रायपुर 6 अक्टूबर 2025/ भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

    साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

    विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

    कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली

    छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।

    यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।

    निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज

    भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

    प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से की सौजन्य भेंट, राज्योत्सव समापन समारोह में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से की सौजन्य भेंट, राज्योत्सव समापन समारोह में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से की सौजन्य भेंट

    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे माननीय उपराष्ट्रपति

    नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

    इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

  • राजनांदगांव के नवपदस्थ कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संभाला पदभार, कहा—जनसेवा और पारदर्शिता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता

    राजनांदगांव के नवपदस्थ कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने संभाला पदभार, कहा—जनसेवा और पारदर्शिता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता

    राजनांदगांव 06 अक्टूबर 2025। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्दर यादव ने आज अपरान्ह कलेक्टोरेट पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने नवपदस्थ कलेक्टर श्री जितेन्दर यादव को कार्यभार सौपा।

    उल्लेखनीय है कि कलेक्टर जितेन्दर यादव वर्ष 2019 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। कलेक्टर ने जिले में चल रहे विभिन्न कार्यों के संबंध में चर्चा की। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम चंद पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट, छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष पर चर्चा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट, छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष पर चर्चा

    नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे  विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

    इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

  • INS इंद्रावती और INS महानदी? छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर नौसेना के नए पोतों के नामकरण की संभावना : छत्तीसगढ़ में रक्षा क्षेत्र में निवेश और सेना भर्ती रैलियों की तैयारी, मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से की अहम चर्चा

    INS इंद्रावती और INS महानदी? छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर नौसेना के नए पोतों के नामकरण की संभावना : छत्तीसगढ़ में रक्षा क्षेत्र में निवेश और सेना भर्ती रैलियों की तैयारी, मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से की अहम चर्चा

    नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।