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  • अस्पताल में खुशी की पांच बार गूंज! एक ही दिन में जन्मे पाँच नन्हे मेहमान — सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का भरोसा मजबूत

    अस्पताल में खुशी की पांच बार गूंज! एक ही दिन में जन्मे पाँच नन्हे मेहमान — सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का भरोसा मजबूत

    सरकारी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सुविधा से लोगों में बढ़ने लगा विश्वास

    एक दिन में 5 बच्चों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में लिया जन्म, दसों जच्चा बच्चा स्वस्थ

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा की जा रही जन हितैषी फैसले और कार्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। पिछले दिनों केंद्र में 5 सफल प्रसव कराए गए, जिनमें तीन कन्या और दो पुत्र का जन्म हुआ। सभी नवजात शिशु और उनकी माताएँ पूरी तरह स्वस्थ हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि कुमार जायसवाल के नेतृत्व में अस्पताल की सुविधाओं और सेवाओं के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है।

    मरीजों के अनुसार, अस्पताल में मिल रही उन्नत सुविधाओं, बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य कर्मियों के संवेदनशील व्यवहार ने लोगों के विश्वास को मजबूत किया है। प्रसूति सेवाओं में निरंतर प्रगति के कारण अब अधिकांश गर्भवती महिलाएँ सुरक्षित प्रसव के लिए बिलाईगढ़ हॉस्पिटल को प्राथमिकता दे रही हैं।

    इस संबंध में, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि कुमार जायसवाल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को सुरक्षित, सरल और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। स्वास्थ्य विभाग और उनकी टीम इस दिशा में लगातार कार्यरत है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिल रही निःशुल्क सुविधाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। डॉ. जायसवाल ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ.आर. निराला के निर्देश पर बिलाईगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।

  • जशपुर स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट—कागज के कपों की प्लास्टिक परत बन सकती है कैंसर का कारण, पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएं

    जशपुर स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट—कागज के कपों की प्लास्टिक परत बन सकती है कैंसर का कारण, पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएं

    कागज के कपों का बहिष्कार कर स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाएं

    कागज के कप में गर्म चाय या कॉफी पीना हानिकारक

    कपों की प्लास्टिक परत गर्म होने पर पिघलकर छोड़ती है हानिकारक रसायन

    जशपुर : संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग अम्बिकापुर द्वारा सभी आम नागरिकों को कागज के कपों का बहिष्कार कर स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने की अपील की गई है।

    सभी आमजनों को सूचित किया गया है कि हॉल के अध्ययनों से पता चला है कि, जिस कागज के कप में गर्म चाय या कॉफी पीते हैं, वह स्वास्थ्य के लिए एक चिकनाई युक्त जहर है। इन कपों की प्लास्टिक परत गर्म होने पर पिघलकर हानिकारक रसायन छोडती है, जो भविष्य में कैंसर और हार्माेन संबंधी बिमारियों का कारण बन सकता है।

    संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें सरगुजा संभाग अम्बिकापुर डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने अपील करते हुए कहा है कि अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा कॉच, चीनी मिट्टी या स्टील का दोबारा इस्तेमाल होने वाला कप साथ रखें।

    उन्होंने विक्रेताओं से आग्रह किए हैं कि प्लास्टिक-लाईन वाले कपों के बजाय पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों का उपयोग करें। स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इस छोटी से आदत में बदलाव करें। यह बदलाव लोगों लिए फायदेमंद है और हमारे पर्यावरण के लिए भी। लोगों की स्वास्थ्य प्राथमिकता होती है।

  • तंबाकू के खिलाफ छत्तीसगढ़ का युद्ध — सरकार का “युवा अभियान 3.0” बना बदलाव की नई मिसाल, शिक्षण संस्थान बन रहे नशामुक्त केंद्र

    तंबाकू के खिलाफ छत्तीसगढ़ का युद्ध — सरकार का “युवा अभियान 3.0” बना बदलाव की नई मिसाल, शिक्षण संस्थान बन रहे नशामुक्त केंद्र

    तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत प्रदेशभर में चल रहा व्यापक कार्यक्रम

    तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति बढ़ाई जा रही जागरूकता

    शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानके रूप में प्रमाणित करने पर दिया जा रहा विशेष बल

    छत्तीसगढ़ में कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं 6 के अंतर्गत 4,288 चालानी कार्यवाहियाँ की गईं, जिनसे लगभग 4 लाख रुपये का वसूला गया  जुर्माना

    रायपुर : भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत कराने तथा उन्हें नशामुक्त जीवनशैली अपनाने हेतु “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” का व्यापक संचालन किया जा रहा है। यह अभियान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित है, जिसका मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन की रोकथाम, युवाओं में जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।

    अभियान के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, युवा संगठनों एवं जनसामान्य को जोड़ते हुए विविध गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों में जागरूकता रैलियाँ, निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिताएँ, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, कार्यशालाएँ और संवाद सत्र शामिल हैं। इन माध्यमों से युवाओं को तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों-जैसे मुख एवं फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी समस्याएँ तथा अन्य घातक बीमारियोंकृके बारे में जानकारी दी जा रही है।

    अभियान के  दौरान  राज्य एवं जिला स्तर पर संवेदनशील स्थलों जैसे शैक्षणिक संस्थान, बस स्टैंड, सार्वजनिक कार्यालय, अस्पताल परिसर एवं भीड़-भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में न केवल जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, बल्कि निरीक्षण एवं चलानी कार्यवाही भी की जा रही है। तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा एक्ट – ब्व्ज्च्।, 2003) के प्रावधानों के पालन को सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।

     वर्ष 2025 की प्रथम छमाही में कोटपा एक्ट की धारा 4 एवं 6 के अंतर्गत 4,288 चालानी कार्यवाहियाँ की गईं, जिनसे लगभग 4 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।

    राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के सहयोग से अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग का लक्ष्य वर्ष 2025 तक अधिकतम शिक्षण संस्थानों को “तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान” के रूप में प्रमाणित कराना है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में मुख के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू सेवन है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तंबाकू उपयोग की दर 39.1 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 26 प्रतिशत है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में तंबाकू नियंत्रण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।

    देशव्यापी परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो भारत में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लगभग 29 प्रतिशत वयस्क किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। छत्तीसगढ़ में यह अनुपात राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक गंभीर चिंता का विषय है।

  • राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया

    राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया

    रायपुर : छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए तीन दवाओं को अमानक पाए जाने के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई कॉरपोरेशन की “शून्य सहनशीलता नीति (Zero Tolerance Policy)” के तहत की गई है।

    कॉरपोरेशन के अनुसार, संबंधित आपूर्तिकर्ता अब ब्लैकलिस्टिंग अवधि समाप्त होने तक किसी भी नई निविदा में भाग लेने के लिए अयोग्य रहेंगे, साथ ही कंपनीज को ब्लैकलिस्ट करने हेतु कार्यवाही की जा रही है ।

    ये दवाएं पाई गईं अमानक

    मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा आपूर्ति की गई —

    कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट्स, एलबेंडाजोल टैबलेट्स

    ये सभी NABL मान्यता प्राप्त एवं सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं में “अमानक (Not of Standard Quality – NSQ)” पाए गए।

    इसी तरह, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात) द्वारा आपूर्ति की गई

    हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP  भी NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं एवं सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक पाए गए।

    इन तीनों उत्पादों को निविदा शर्तों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि तक ब्लैकलिस्ट किया गया है।

    गुणवत्ता पर समझौता नहीं

    CGMSC ने कहा है कि उसकी गुणवत्ता आश्वासन एवं नियंत्रण नीति के अंतर्गत निरंतर मॉनिटरिंग, बैच-वार परीक्षण, पुनः परीक्षण और गुणवत्ता विचलन पर तत्काल कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है।

    कॉरपोरेशन द्वारा सभी कार्रवाई CDSCO, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के प्रावधानों के अनुसार की जाती है ताकि केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं ही मरीजों तक पहुँचें।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दवा गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी चूक पर कार्रवाई जारी रहेगी।

  • “सांप ने डसा, पर परिवार ने नहीं खोया धैर्य!” — जशपुर में 13 वर्षीय लक्ष्मी की जान समय पर इलाज से बची, प्रशासनिक जागरूकता अभियान बना मिसाल

    “सांप ने डसा, पर परिवार ने नहीं खोया धैर्य!” — जशपुर में 13 वर्षीय लक्ष्मी की जान समय पर इलाज से बची, प्रशासनिक जागरूकता अभियान बना मिसाल

    सांप काटने पर परिजनों ने दिखाई तत्परता बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाने पर बची जान

    झाड़ फूंक के चक्कर में ना आए तत्काल अस्पताल पहुंचे

    जिला प्रशासन के जागरूकता का असर दिखने लगा

    जशपुर : विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के जागरूकता का असर दिखने लगा है पत्थलगांव के पालीडीह निवासी 13 वर्षीय लक्ष्मी सिदार पिता प्रदीप सिदार अपने परिजनों के साथ खेत के किनारे मेड पर बैठी थी। परिजन खेत में धान काटने में व्यस्त थे, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने लक्ष्मी के पैर में काट लिया।

    परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए बिना समय गंवाए उसे तुरंत सिविल अस्पताल पत्थलगांव पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच में पुष्टि की कि बच्ची को जहरीले सांप ने डसा है। रक्त सैंपल रिपोर्ट आते ही डॉक्टरों ने तत्काल एंटी-वेनम इंजेक्शन देकर उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से बच्ची की जान बच गई और अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    इस घटना से एक बार फिर यह साबित हुआ कि सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना ही जीवन रक्षक कदम है। डॉक्टरों ने ग्रामीणों से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में गुनिया-झाड़फूंक के बजाय सीधे स्वास्थ्य केंद्र जाएं। जशपुर जिला प्रशासन ने भी पिछले कुछ वर्षों से सर्पदंश के मामलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि पारंपरिक झाड़-फूंक से बचें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें। प्रशासनिक प्रयासों का असर अब दिखने लगा है l सर्पदंश से मौत के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है, और लोग अब प्राथमिक उपचार के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

  • डंगनिया पॉवर कंपनी के औषधालय में लगा निःशुल्क लिवर जांच शिविर, 86 कर्मचारियों का हुआ विशेष फाइब्रोस्कैन परीक्षण

    डंगनिया पॉवर कंपनी के औषधालय में लगा निःशुल्क लिवर जांच शिविर, 86 कर्मचारियों का हुआ विशेष फाइब्रोस्कैन परीक्षण

    रायपुर :  छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के डंगनिया स्थित औषधालय में निःशुल्क लिवर जांच शिविर का आयोजन किया गया। पॉवर कंपनी के 86 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसका लाभ उठाया। ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के लिए संचालित डंगनिया औषधालय में समय-समय पर विभिन्न शिविरों का आयोजन किया जाता है। इसी तहत पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. जोगेश विशनदासानी (हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ. तुषार बहादुरे (किडनी रोग विशेषज्ञ) के आतिथ्य में यह शिविर संपन्न हुआ।

    शिविर में विशेष परीक्षण हेतु निःशुल्क फाइब्रोस्कैन की व्यवस्था की गई, इसके साथ सामान्य परीक्षण जैसे ब्लड प्रेशर, ब्लड चेक-अप, शुगर एवं ईसीजी भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एल पंचारी ने बताया कि औषधालय में निर्धारित परीक्षण एवं परामर्श नियमित रूप से किया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी शिविर हमारे औषधालय की नियमित प्रक्रिया है। इस शिविर का उद्देश्य विद्युत कर्मियों को समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाने, उचित परामर्श और मार्गदर्शन देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. इंदु साहू, चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता जैन एवं औषधालय की टीम उपस्थित थी।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का सख्त रुख, अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का सख्त रुख, अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

    मंत्रालय में विभाग के सचिव तथा कार्यालय प्रमुखों के साथ बैठक में दिए आवश्यक निर्देश

    रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के सभी  कार्यों की समीक्षा की है। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के सचिव, आयुक्त, संचालक स्तर के सभी अधिकारियों को और बेहतर कार्य करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा , स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीजीएमएससी एवं खाद्य एवं औषधि विभाग से जुड़े मुद्दों, योजनाओं, दवाइयों, उपकरणों और निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में श्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जनहित से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है और इसमें कोई चूक नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा।

    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया,  आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तथा आयुक्त आयुष विभाग  श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं तथा एमडी एनएचएम डॉ. प्रियंका शुक्ला, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि विभाग श्री दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी के अधिकारी समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • बीजापुर में विकास की दस्तकः धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र के सात गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप, 989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ

    बीजापुर में विकास की दस्तकः धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र के सात गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप, 989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ

    रायपुर : कभी माओवाद की छाया में सिमटे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के इन्द्रावती नदी पार बसे गांवों में अब विकास की नई सुबह दिखने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब इन दुर्गम इलाकों में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जिसने ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी।

    इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम ने उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। कुल 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

    कैंप में सामान्य जांच के 777, रक्तचाप 371, मुख कैंसर 344, ब्रेस्ट कैंसर 112, नेत्र जांच 199, दंत जांच 154, टीकाकरण 14, संपूर्ण टीकाकरण 8, मलेरिया 156, क्षय रोग 7 तथा उल्टी-दस्त के 24 प्रकरणों की जांच की गई। इनमें 54 वरिष्ठ नागरिक भी शामिल रहे।

    विशेषज्ञों ने एक बालक को हृदय रोग से ग्रस्त पाया, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।

    कैंप के दौरान बीमार ग्रामीणों का मौके पर ही उपचार कर मुफ्त दवाइयों का वितरण किया गया।

    शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू और डॉ. बी.एस. साहू ने बताया कि अब दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

    ग्रामीणों में भी अब भय की जगह विश्वास और आशा का माहौल दिखाई दे रहा है। वे शासन-प्रशासन से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं।

    बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा “शासन के निर्देशानुसार प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरुनी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”जिससे बीजापुर में अब सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे है।

    बीजापुर में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि अब माओवाद नहीं, मुख्यधारा और विकास ही बीजापुर की नई पहचान बनेगा।

  • स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची खराब दवा! CGMSC ने पूरे छत्तीसगढ़ में मेटफॉर्मिन-ग्लाइमपिराइड टैबलेट की सप्लाई पर रोक लगाई

    स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची खराब दवा! CGMSC ने पूरे छत्तीसगढ़ में मेटफॉर्मिन-ग्लाइमपिराइड टैबलेट की सप्लाई पर रोक लगाई

    शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचना से मिली दवा की शिकायत, CGMSC ने वितरण और उपयोग पर लगाया रोक

    रायपुर : शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचना ने सीजीएमएससी को पत्र लिखकर  मेटफॉर्मिन 500mg + ग्लैमपिराइड 2mg सस्टेन्ड रिलीज़ टैबलेट के एक बैच की टैबलेट के स्ट्रिप से निकलने पर टूटने की शिकायत की थी।

    इस पत्र के मिलते ही सीजीएमएससी ने इस दवा पर  तत्काल प्रभाव से उपयोग और वितरण पर रोक लगाई गई है। साथ ही, उपलब्ध स्टॉक को आवश्यक कार्रवाई के लिए दवा गोदामो  को वापस भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

    सीजीएमएससी की तरफ से कहा गया है कि अस्पतालों  में केवल अच्छी और गुणवत्ता युक्त दवाइयां ही उपलब्ध कराई जाएं इसलिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर सीजीएमएससी द्वारा नियमित तौर पर दवाइयों की गुणवत्ता जांच की जाती है।

  • छत्तीसगढ़ में नकली कफ सिरप कांड का खुलासा: कुलेश्वर मेडिकल स्टोर के संचालक गिरफ्तार, FDA की बड़ी कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ में नकली कफ सिरप कांड का खुलासा: कुलेश्वर मेडिकल स्टोर के संचालक गिरफ्तार, FDA की बड़ी कार्रवाई

    रायपुर : खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा नकली दवाओं की रोकथाम हेतु निरंतर निरीक्षण एवं सघन अभियान चलाया जा रहा हैं। इसी कड़ी में औषधि बेस्टो कॉफ ड्राई कॉफ फार्मूला जिसमे बैच नंबर, निर्माण तिथि एवं एक्सपायरी तिथि वर्णित नहीं था का नमूना संकलन औषधि निरीक्षक गरियाबंद द्वारा किया जाकर जाँच हेतु औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया था। जिसे जाँच उपरांत अमानक घोषित किया गया था।

    इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए औषधि के लेबल में लिखित निर्माता फर्म से संपर्क किया गया जिसमे ज्ञात हुआ की यह औषधि लेबल वर्णित निर्माता फर्म के द्वारा विनिर्मित नहीं किया गया है। अतः यह औषधि नकली औषधि है ।

    इसकी विवेचना करते हुए आज कुलेश्वर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स के संचालक सीताराम साहू को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के प्रावधानों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया।