सफलता की कहानी : पारंपरिक फसल छोड़ अपनाई करेले की आधुनिक खेती महासमुंद के प्रगतिशील किसान दीपक को हुआ 2.95 लाख रूपए का शुद्ध लाभ रायपुर : करेले की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान विधि) के प्रयोग से करेले की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और फलों की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है। छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और व्यावसायिक खेती के जरिए अपनी तकदीर…
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खेती में तकनीकी क्रांति का नया अध्याय: नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से बढ़ी पैदावार, घटी लागत, किसानों का भरोसा हुआ और मजबूत
नैनो उर्वरकों से खेती बन रही अधिक लाभकारी, किसानों को मिल रहे बेहतर परिणाम कम लागत, अधिक दक्षता और बेहतर उत्पादन से बढ़ रहा किसानों का भरोसा रायपुर : कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरकों का उपयोग प्रदेश के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इनके प्रयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उत्पादन…
Read Moreधान के बदले मक्का की खेती बनी फायदे का सौदा : किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया
605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट रायपुर : फसल विविधीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और भूमि की उर्वरता में सुधार हो रहा है। पारंपरिक फसलों से हटकर नई और उच्च-मूल्य वाली फसलें उगाने से किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है और जोखिम कम होता है। धान के बदले मक्का की खेती अपनाना फसल विविधीकरण की दिशा में एक बेहतरीन और अत्यधिक लाभदायक कदम है। इससे न…
Read Moreबरसात के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: जशपुर में जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारियां, लक्षण दिखते ही अस्पताल पहुंचने की अपील
बरसात में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट जलजनित एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक तैयारियां लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की अपील जशपुर : वर्षा ऋतु के आगमन के साथ जिले में जलजनित, वाहकजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण एवं त्वरित उपचार के लिए जिलेभर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा…
Read Moreछत्तीसगढ़ के 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 पदों पर निकली बड़ी भर्ती: प्राध्यापक से सीनियर रेजीडेंट तक के पदों के लिए 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
छत्तीसगढ़ के 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 पदों पर संविदा भर्ती, 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और सीनियर रेजीडेंट के पदों पर होगी भर्ती रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग (Directorate of Medical Education) द्वारा प्रदेश के पांच नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन से प्राप्त सहमति के परिप्रेक्ष्य में, 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों—दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी (जशपुर), जांजगीर-चांपा और कबीरधाम—में प्राध्यापक (Professor), सह-प्राध्यापक (Associate Professor), सहायक…
Read Moreसड़क हादसे में चकनाचूर हुई श्रोणि की हड्डी, सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल: जटिल सर्जरी से 40 वर्षीय युवक को मिला नया जीवन, टली स्थायी विकलांगता की आशंका
सड़क दुर्घटना में चकनाचूर पेल्विस (श्रोणि) की हड्डी का सफल ऑपरेशन, सिम्स में युवक को मिला नया जीवन यह संस्थान की उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं, टीमवर्क और विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण: स्वास्थ्य मंत्री रायपुर : सड़क दुर्घटनाओं में पेल्विस (श्रोणि) की हड्डी का गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाना तथा साथ ही एसीटैबुलम (Acetabulum) का फ्रैक्चर होना अत्यंत गंभीर एवं जटिल चोटों में गिना जाता है। ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार न मिलने पर स्थायी विकलांगता, चलने-फिरने में गंभीर कठिनाई तथा भविष्य में गठिया जैसी समस्याओं का खतरा…
Read Moreनैनो तकनीक से बदली खेती की तस्वीर: सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े ने बढ़ाई पैदावार, घटाई लागत और बने आधुनिक कृषि के प्रेरणास्रोत
नैनो उर्वरकों से बढ़ी पैदावार और घटी लागत, सरगुजा के किसान पंकज राजवाड़े बने नवाचार की मिसाल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती हुई अधिक लाभकारी, किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील रायपुर : कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के…
Read Moreरासायनिक खादों के भारी-भरकम बोझ से मिली मुक्ति, कम लागत और अधिक मुनाफे से चमक रही किस्मत
नैनो तकनीक से शैलेंद्र ने पकड़ी आधुनिक खेती की राह, बने मिसाल रायपुर : पारंपरिक खेती के पुराने ढर्रे को छोड़कर जब कोई किसान आधुनिक तकनीकों का हाथ थामता है, तो वह न सिर्फ अपनी तकदीर बदलता है बल्कि पूरे अंचल के लिए प्रेरणा बन जाता है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम लटुवा के प्रगतिशील किसान शैलेंद्र कुमार कन्नौजे आज क्षेत्र में ऐसी ही एक अभिनव मिसाल बनकर उभरे हैं। पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरक (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) का लगातार उपयोग कर वे उन्नत और स्मार्ट खेती की…
Read Moreखेत बचाओ अभियान को मिली नई दिशा: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत सुधार रहे धनेश्वर प्रसाद, रासायनिक खाद छोड़ जैविक खेती अपनाकर बने मिसाल
खेत बचाओ अभियान: नील हरित शैवाल से मिट्टी की सेहत संवार रहे लब्जी नावापारा के किसान धनेश्वर प्रसाद रासायनिक खाद छोड़ जैविक खेती की ओर बढ़े, अन्य किसानों से भी की जैविक खेती अपनाने की अपील रायपुर : खेती में रासायनिक खादों के बेहिसाब प्रयोग से मिट्टी की कम होती उपजाऊ क्षमता के बीच सरगुजा जिले में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लब्जी, नावापारा के एक प्रगतिशील किसान श्री धनेश्वर प्रसाद ने एक नई और सकारात्मक राह चुनी है। 6 एकड़ कृषि भूमि के मालिक श्री धनेश्वर अब रासायनिक खादों…
Read Moreजशपुर के किसानों के लिए राहतभरी खबर: खरीफ सीजन से पहले खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
किसानों को नहीं होगी उर्वरक की कमी, जशपुर जिले में पर्याप्त मात्रा में भंडारण कृषि विभाग की सतत निगरानी जारी उत्पादन बढ़ाने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी भी उपलब्ध जशपुर : खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उन्हें खेती-किसानी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का…
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