डॉयल 112 के जवान ने सूझबूझ दिखाते हुए ग्रामीणों के सहयोग से चाकू व पिस्टलनुमा हथियार के साथ 2 आरोपियों को धरदबोचा.
कर्तव्यनिष्ठा पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने की आरक्षक को नगद पुरस्कार देने की घोषणा.
सूरजपुर :सूरजपुर में डॉयल 112 के आरक्षक की सतर्कता और सूझबूझ ने संभावित वारदात को समय रहते टाल दिया। पिस्टलनुमा हथियार और चाकू लेकर कार से घूम रहे दो संदिग्धों की सूचना मिलते ही आरक्षक ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को पकड़वा दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार बरामद कर कार भी जब्त कर ली। आरक्षक की कर्तव्यनिष्ठा पर पुलिस अधीक्षक ने नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
डॉयल 112 में तैनात आरक्षक की सूझबूझ, सतर्कता और तत्परता से रामानुजनगर थाना क्षेत्र में चाकू एवं पिस्टल जैसा दिखने वाला हथियार लेकर घूम रहे दो आरोपियों को ग्रामीणों के सहयोग से धरदबोचा गया। आरक्षक की कर्तव्यनिष्ठा एवं त्वरित सूचना से पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने में सफलता मिली। आरक्षक के इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने उन्हें नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
दिनांक 06.08.2026 की शाम थाना रामानुजनगर पुलिस को थाना सूरजपुर के डॉयल 112 में तैनात आरक्षक प्रदीप सोनवानी द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम मंहगई हरिजनपारा में एक बलेनो कार क्रमांक सीजी 29 एजी 1126 में सवार चालक एवं उसका साथी कार में पिस्टल एवं चाकू रखे हुए हैं। आरक्षक ने ग्रामीणों के सहयोग से दोनों संदिग्धों को मौके पर ही रोककर पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही थाना रामानुजनगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने बलेनो कार में सवार कैफ अंसारी पिता सहाबुद्दीन अंसारी, उम्र 24 वर्ष एवं विकास रवि पिता स्व. रामकुमार रवि, उम्र 19 वर्ष, दोनों निवासी नावापारा खुर्द को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक नग धारदार चाकू एवं एक नग पिस्टल जैसा हथियार बरामद कर जप्त किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, धारदार चाकू एवं पिस्टलनुमा हथियार को जप्त करते हुए थाना रामानुजनगर में अपराध क्रमांक 237/26, धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस प्रकरण की कार्रवाई में डॉयल 112 के आरक्षक प्रदीप सोनवानी की सजगता एवं त्वरित सूचना दी गई और सतर्कता से हथियारों के साथ घूम रहे संदिग्धों को ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर द्वारा आरक्षक के इस कर्तव्यनिष्ठ एवं सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
ड्रंक एंड ड्राइव के तीन प्रकरण में दो कार चालकों एवं 01 स्कूटी चालक को 30,000/- रुपये के अर्थदंड से किया गया दण्डित.
यातायात शाखा द्वारा मामले में वाहन चालकों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही.
कार चालकों एवं स्कूटी चालक द्वारा शराब का सेवन कर वाहन चलाने पर की गई कार्यवाही.
यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों पर की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही.
अंबिकापुर :अंबिकापुर में शराब पीकर वाहन चलाना तीन वाहन चालकों को भारी पड़ गया। यातायात पुलिस की सख्त चेकिंग के दौरान दो कार चालक और एक स्कूटी चालक नशे में वाहन चलाते पकड़े गए। ब्रेथ एनालाइजर से पुष्टि होने के बाद तीनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। मामले न्यायालय में पेश होने पर प्रत्येक चालक पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया गया, यानी कुल ₹30 हजार अर्थदंड वसूला गया।
सडक दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध लगातार सख़्ती से कार्यवाही की जा रही हैं। इसी क्रम में यातायात शाखा पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान कार क्रमांक सीजी/15/ईई/5646 के वाहन चालक को रोककर पूछताछ किया गया। चालक द्वारा अपना नाम अमिताभ पन्ना आत्मज श्याम्बर उम्र 26 वर्ष साकिन सलयाडीह थाना बतौली का होना बताया गया। वाहन चालक को मौक़े पर शराब के नशे में धुत्त होना पाया गया, कार चालक को ब्रेथ एनालाइजर से चेक करने पर भी शराब के नशे में धुत्त होना पाया गया।
दूसरे प्रकरण में यातायात पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान कार क्रमांक जेएच/01/बीएफ/5109 के वाहन चालक को रोककर पूछताछ किया गया। चालक द्वारा अपना नाम विशाल आत्मज स्व. शिवराम सोनवानी उम्र 24 वर्ष साकिन सुर थाना सीतापुर का होना बताया गया। वाहन चालक को मौक़े पर शराब के नशे में धुत्त होना पाया गया, कार चालक को ब्रेथ एनालाइजर से चेक करने पर भी शराब के नशे में धुत्त होना पाया गया।
तीसरे प्रकरण में यातायात पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान स्कूटी क्रमांक सीजी/15/ईएच/8601 के वाहन चालक को रोककर पूछताछ किया गया। चालक द्वारा अपना नाम मुकेश मिंज आत्मज दशई राम उम्र 31 वर्ष साकिन गंगापुर थाना गांधीनगर का होना बताया गया। वाहन चालक को मौक़े पर शराब के नशे में धुत्त होना पाया गया, स्कूटी चालक को ब्रेथ एनालाइजर से चेक करने पर भी शराब के नशे मे धुत्त होना पाया गया। कार चालकों एवं स्कूटी चालक द्वारा शराब के नशे में वाहन चलाना पाये जाने पर अनावेदक वाहन चालकों के विरुद्ध धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा उपरोक्त सभी प्रकरण में वाहन चालकों को 10000/- रुपये प्रत्येक के आधार से अर्थदंड कुल 30,000/-रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में यातायात शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक विजय कैवर्त एवं अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।
रात में धरमखदान में चोरी, सुबह से पुलिस की तलाश और चंद घंटों में गिरफ्तारी, सारा चोरी सामान रिकव्हर.
गिरोह ने ट्रांसफार्मर के पार्ट्स और केबल चोरी कर मशीन को पहुंचाया नुकसान, छाल पुलिस ने पूरे गैंग को दबोचा.
चोरी में संगठित तरीके से वारदात, आरोपियों पर बढ़ी संगठित अपराध की धाराएं, भेजे गए रिमांड पर.
रायगढ़ :रायगढ़ के धरमखदान में SECL के ट्रांसफार्मर पार्ट्स और केबल चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, लेकिन छाल पुलिस ने महज 24 घंटे में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने खेदापाली चौक के पास घेराबंदी कर छह आरोपियों को दबोचा। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही से चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। कुल करीब ₹3 लाख का मशरूका जब्त कर आरोपियों को रिमांड पर भेजा गया।
रायगढ़ पुलिस को संपत्ति संबंधी अपराधों में लगातार सफलता मिल रही है, इसी कड़ी में छाल पुलिस ने SECL धरमखदान में ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप के पार्ट्स एवं लोहे के पाइप चोरी के मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का लगभग ₹1.20 लाख का सामान तथा घटना में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिल सहित कुल करीब ₹3 लाख का मशरूका बरामद किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के सुपरविजन में छाल पुलिस को चोरी के मामले में यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चोरी को लेकर प्रार्थी दिलीप कुमार राठिया, सुरक्षा प्रहरी SECL छाल उपक्षेत्र, द्वारा कल थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 06 अगस्त 2026 की रात्रि करीब 8 बजे से 11 बजे के मध्य धरमखदान में लगे ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, ट्रांसफार्मर केबल, पानी पंप के पार्ट्स एवं लोहे के पाइप, कुल कीमत करीब ₹1,20,000, अज्ञात आरोपियों द्वारा चोरी कर लिए गए तथा ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रिपोर्ट पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 185/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान द्वारा तत्काल टीम गठित कर आरोपियों एवं चोरी गए माल की पतासाजी शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि खेदापाली चौक के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति लोहे के पाइप, ट्रांसफार्मर केबल एवं अन्य लोहे का सामान बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 6 संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम दीपक पात्रो, शनिचराम अरमु, छतन धनवार, रूपभवन सिंह उइके, टुपाल सिंह मरावी एवं भारत सिंह मरकाम बताया। आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने 06 अगस्त की रात धरमखदान से ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप की बॉडी एवं लोहे के पाइप चोरी करना तथा चोरी के सामान को आपस में बांट लेना स्वीकार किया। आरोपियों ने चोरी का सामान एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिलों को चंद्रशेखरपुर (एडू) स्थित धरमखदान डम्पिंग यार्ड के पीछे मॉड नदी के किनारे छिपाकर रखना बताया। आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर प्रकरण में संगठित अपराध संबंधी धारा 112(2) एवं 3(5) बीएनएस जोड़ी गई।
आरोपियों की निशानदेही पर छाल पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर चोरी का सामान बरामद किया। शनिचराम अरमु के कब्जे से लोहे के पाइप एवं ट्रांसफार्मर केबल वायर, दीपक पात्रो के कब्जे से लोहे के पाइप एवं ट्रांसफार्मर केबल वायर तथा घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG-12-BW-2410 एवं आरीपत्ती ब्लेड, भारत सिंह मरकाम के कब्जे से लोहे के पाइप एवं घटना में प्रयुक्त बजाज CT-100 मोटरसाइकिल क्रमांक CG-12-2131, टुपाल सिंह मरावी के कब्जे से लोहे के पाइप एवं घटना में प्रयुक्त HF Deluxe मोटरसाइकिल क्रमांक CG-12-7419, रूपभवन सिंह उइके के कब्जे से पानी पंप की लोहे की बॉडी 2 नग तथा छतन धनवार के कब्जे से ट्रांसफार्मर के एंगल 2 नग बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। इस प्रकार पुलिस ने चोरी का करीब ₹1,20,000 का सामान एवं घटना में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिलें करीब ₹1,80,000, कुल ₹3,00,000 का मशरूका बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपी –
1. दीपक पात्रो पिता स्व. लक्ष्मण पात्रो, उम्र 42 वर्ष, निवासी राताखार वार्ड क्रमांक 03, थाना सिटी कोतवाली कोरबा, जिला कोरबा।
2. शनिचराम अरमु पिता बुधवार सिंह अरमु, उम्र 22 वर्ष, निवासी कांसामार, थाना कटघोरा, जिला कोरबा।
3. भारत सिंह मरकाम पिता बुधवार सिंह मरकाम, उम्र 42 वर्ष, निवासी पाथा, थाना बांगो, जिला कोरबा।
4. टुपाल सिंह मरावी पिता अमर सिंह मरावी, उम्र 30 वर्ष, निवासी पाथा, थाना बांगो, जिला कोरबा।
5. रूपभवन सिंह उइके पिता स्व. बुधवार सिंह उइके, उम्र 28 वर्ष, निवासी पाथा, थाना बांगो, जिला कोरबा।
6. छतन धनवार पिता महेतरू धनवार, उम्र 28 वर्ष, निवासी सराईपाली, थाना बाल्को, जिला कोरबा।
सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर रिमांड पर न्यायालय भेजा गया है।
जप्त संपत्ति – • ट्रांसफार्मर केबल वायर, • ट्रांसफार्मर पार्ट्स एवं एंगल, • लोहे के पाइप, • पानी पंप की लोहे की बॉडी 02 नग, • घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल CG-12-BW-2410, • बजाज CT-100 मोटरसाइकिल CG-12-2131, • HF Deluxe मोटरसाइकिल CG-12-7419, • आरीपत्ती ब्लेड, • कुल बरामद मशरूका : लगभग ₹3,00,000.
इस प्रकरण की पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभु प्रसाद पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्रिय, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, आरक्षक राजेश राठौर, आरक्षक सुरेन्द्र बंशी एवं आरक्षक भगवती लक्ष्मे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश :- “चोरी, संपत्ति संबंधी अपराध एवं संगठित अपराध में आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस लगातार प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाही रहेगी। संलिप्त लोगों को किसी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीमों को ऐसे मामलों में त्वरित पतासाजी कर आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी की संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आमजन एवं औद्योगिक संस्थानों की संपत्ति की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।”
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सूरजपुर पुलिस का विशेष अभियान
एल्कोमीटर से वाहन चालकों की हुई जांच, नशे में वाहन चलाते पाए गए तीन वाहन चालक.
सूरजपुर :सूरजपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। एनएच-43 सहित जिले के प्रमुख मार्गों पर एल्कोमीटर से वाहन चालकों की जांच की गई, जिसमें तीन चालक नशे में वाहन चलाते मिले। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय में पेश किया। अभियान के दौरान सुरक्षित यातायात को लेकर चालकों को जागरूक भी किया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 06 अगस्त 2026 को जिले के थाना-चौकी की पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (एनएच-43) सहित अन्य मार्गो पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें 03 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते मिले जिनके विरूद्ध कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने एनएच-43 सहित कई मार्गो से गुजरने वाले दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों की एल्कोमीटर (ब्रेथ एनालाइज़र) के माध्यम से जांच की। पुलिस ने वाहन चालकों को रोक कर उनका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया तथा यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में आवश्यक समझाइश भी दी। जांच के दौरान तीन वाहन चालक शराब के नशे में पाए गए, जिनके विरूद्ध धारा 185 एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों को बताया कि शराब के नशे में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। सभी वाहन चालकों से वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करने की अपील की गई।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिले भर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से सघन जांच अभियान जारी रहेगा। भविष्य में शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बाप के झगड़ालू प्रवृति से था परेशान था बेटा, विवाद के दौरान सील लोढ़ा से अपने पिता के सिर में कर दिया वार,
ईलाज हेतु अस्पताल ले जाते वक़्त रास्ते में हो गई पिता की मौत, मामला थाना तपकरा अन्तर्गत चौकी ऊपरकछार के ग्राम सिंगीबहार का, पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सील लोढ़ा को भी किया जप्त.
आरोपी के विरुद्ध थाना तपकरा में बीएनएस की धारा 103(1) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध,
नाम गिरफ्तार आरोपी – सूरज सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम सिंगिबहार चौकी ऊपरकछार, थाना तपकरा जिला जशपुर छग.
जशपुर/कुनकुरी :जशपुर के तपकरा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। झगड़ालू प्रवृत्ति से परेशान 32 वर्षीय बेटे ने कथित तौर पर विवाद के दौरान अपने पिता के सिर पर सील-लोढ़ा से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया और हत्या में प्रयुक्त सील-लोढ़ा भी जब्त कर लिया।
जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 06.08.2026 को प्रार्थी योगादर सिंह जो कि मृतक कृष्णा सिंह का भतीजा है ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 06.08.2026 को उसके गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे बताया कि उसका चचेरा भाई आरोपी सूरज सिंह के द्वारा अपने पिता मृतक कृष्णा सिंह के साथ मारपीट किया गया है, जिससे वह बेहोश हो गया है, सूचना पाकर प्रार्थी तत्काल अपने चाचा मृतक कृष्णा सिंह के घर जाकर देखा, तो पाया कि मृतक कृष्णा सिंह अपने खटिया में बेहोश पड़ा था, उसके नाक, मुंह व कान से खून निकल रहा था तथा आरोपी सूरज सिंह भी वहीं खड़ा था। जिस पर प्रार्थी के द्वारा तत्काल एंबुलेंस बुला कर, कृष्णा राम को ईलाज हेतु शासकीय अस्पताल केरसई ले जाया गया, जहां से रेफर करने पर कृष्णा सिंह को शासकीय अस्पताल कुनकुरी ले जाया गया, जहां डॉक्टर के द्वारा चेक करने पर, कृष्णा सिंह की मृत्यु हो जाना बताया गया। रिपोर्ट पर थाना कुनकुरी में बिना नंबरी मर्ग कायम कर, मृतक कृष्णा सिंह के शव का पंचनामा कर, डॉक्टर से पोस्ट-मार्टम कराया गया। चूंकि मामला थाना तपकरा क्षेत्रांतर्गत होने से प्रकरण की कार्यवाही हेतु मर्ग डायरी थाना तपकरा भेजी गई, जहां पुलिस के द्वारा मामले में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 07.08.2026 को आरोपी सूरज सिंह को हिरासत में लेकर लाया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सूरज सिंह ने बताया कि उसका पिता झगड़ालू प्रवृति का था, आए दिन घर में व बाहर बात बेबात वाद विवाद करता रहता था। घटना दिनांक को भी उसी बात को लेकर उसकी व उसके पिताजी कृष्णा सिंह के मध्य विवाद हो रहा था, इसी दौरान उसके द्वारा आवेश में आकर घर में रखे सील लोढ़ा से अपने पिता के सिर में वार कर दिया गया। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस की पूछताछ पर आरोपी सूरज सिंह के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के द्वारा उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त सील लोढ़ा को भी जप्त कर लिया गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक संदीप कौशिक, चौकी प्रभारी ऊपरकछार सहायक उपनिरीक्षक भुनेश्वर भगत, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा, आरक्षक दिलीप खलखो, आरक्षक सोनू सिंह, आरक्षक अमेश पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पूर्व में मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी हृदय साहू को गिरफ्तार कर भेजा जा चुका है जेल, वर्तमान गिरफ्तार आरोपी पलटू दास पूर्व में रह चुका है नक्सल संगठन का सक्रिय सदस्य.
दिनांक 11.06.2026 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस के द्वारा बूमतेल सरनाटोली जंगल में दो बंदूकधारियों के द्वारा लोगों को डराकर पैसे मांगने की सूचना पर की गई थी घेराबंदी.
पुलिस को देख हथियार छोड़ कर भाग गए थे आरोपी, पुलिस ने मौके से एक इंसास रायफल मैगजीन लगा हुआ, एक कंट्री मेड रायफल मय मैगजीन, एक देसी कट्टा, 06 नग जिंदा कारतूस, 04 नग लोहे का बना बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची सहित आरोपियों के द्वारा छोड़े गए बैग व कुछ दस्तावेजों को जप्त किया था.
मामले में पुलिस के द्वारा आरोपियों के विरुद्ध सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25,27 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया था जांच विवेचना में.
विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा मामले से जुड़े दोनों आरोपियों को चिन्हित कर लिया था, जिनकी पहचान हृदय साहू उर्फ गांगु निवासी ग्राम लूँगा पंचायत केमटे, थाना रायडीह, जिला गुमला झारखंड, व पलटू दास उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम सकरा थाना कुरूमगढ़ जिला गुमला झारखंड के रूप में हुई थी.
नाम गिरफ्तार फरार आरोपी – पलटू दास उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम कुरूम गढ़, जिला गुमला, झारखंड.
जशपुर :जशपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ फरार चल रहे आरोपी पलटू दास को तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट की मदद से मुंबई से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पूर्व में नक्सल संगठन से जुड़ा रहा है और पुलिस घेराबंदी के दौरान इंसास रायफल समेत कई हथियार छोड़कर फरार हो गया था। मामले में एक अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि अब पुलिस रिमांड में आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 11.06.2026 को थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र व्यक्ति हथियारों के बल पर राहगीरों को भयभीत कर उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा तत्काल घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस को आता देख दोनों आरोपी अपने हथियार एवं अन्य सामान मौके पर छोड़कर जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए थे।
पुलिस ने घटना-स्थल से एक इंसास रायफल मैगजीन सहित, एक होममेड रायफल मय मैगजीन, एक देसी कट्टा, 06 नग जिंदा कारतूस, 04 नग लोहे के बोल्ट, एक हथौड़ी, एक तलवार, एक कैंची, आरोपियों के बैग तथा अन्य दस्तावेज बरामद कर जब्त किए थे। मामले में थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान हृदय साहू उर्फ गांगु निवासी ग्राम लूँगा, थाना रायडीह, जिला गुमला (झारखंड) तथा पलटू दास (उम्र 36 वर्ष) निवासी ग्राम सकरा, थाना कुरूमगढ़, जिला गुमला (झारखंड) के रूप में की। लगातार प्रयासों के दौरान पुलिस ने आरोपी हृदय साहू को पूर्व में उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था, जबकि दूसरा आरोपी पलटू दास घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जशपुर पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण एवं साइबर इनपुट व लोगों से प्राप्त सूचना के आधार पर जानकारी मिली कि आरोपी पलटू दास मुंबई में छिपा हुआ है। इस पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित कर मुंबई भेजी गई। पुलिस टीम ने आरोपी को मुंबई से हिरासत में लेकर जशपुर लाया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी पलटू दास ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी पहचान सह-आरोपी हृदय साहू से उसके जीजा के गांव लूँगा में हुई थी। दोनों ने हथियारों के बल पर लोगों को डराकर अवैध रूप से पैसे वसूलने की योजना बनाई। आरोपी अपने साथ इंसास रायफल एवं देसी कट्टा लेकर आया था तथा होममेड रायफल हृदय साहू को दी थी। दोनों जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे, जहां एक युवक एवं युवती को स्वयं को पार्टी का सदस्य बताकर डराया-धमकाया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाकर उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद दोनों ने उक्त राशि का आपस में बंटवारा कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई दो युवतियों को भी हथियार दिखाकर डराया तथा उनका भोजन खा लिया। इसके बाद लावा नदी क्षेत्र में घूमते हुए खेत में काम कर रहे लोगों से भी भोजन लिया। इसी दौरान पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया। पुलिस को आता देख दोनों आरोपी अपने हथियार एवं अन्य सामान छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। लगातार पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पलटू दास मुंबई जाकर छिप गया था।
हथियारों के संबंध में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रहा था। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2012 में जंगल क्षेत्र में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार उसने अपने कब्जे में ले लिए थे। इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह एवं नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
धारदार ब्लैड से पत्नि की गर्दन काटने वाले आरोपी पति को चौकी कुदरगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार.
चौकी कुदरगढ़ में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 55/2026 धारा 109(1) बीएनएस के तहत मामला किया गया पंजीबद्ध.
सूरजपुर :सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ चौकी क्षेत्र में पत्नी के साथ रहने से इनकार करने पर एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने धारदार ब्लेड से पत्नी की गर्दन पर प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त ब्लेड भी बरामद कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
दिनांक 06.08.2026 को ग्राम भंवरखोह तेलईडांड निवासी हरदयाल सिंह ने चौकी कुदरगढ़ में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसकी भांजी आहता अपने 7 वर्ष के लड़के के साथ इसके घर भवंरखोह 1 माह पहले आई थी और यही रह रही थी, दिनांक 06.08.2026 के सुबह करीब 9:00 बजे उसका पति नकुल सिंह निवासी कर्री इसके घर आया और अपने पत्नी को अपने साथ घर ले जाने के लिए बोला तो वह जाने से मना कर दी। तब नकुल सिंह अत्यधिक क्रोधित होकर पत्नी को जान से मारने की धमकी देकर धारदार ब्लेड से गर्दन में प्राण घातक हमला कर सामने तरफ गला काट दिया। आहता को ईलाज हेतु 108 एम्बुलेंस से ओड़गी अस्पताल भेजा गया जहाँ डॉक्टर द्वारा ईलाज हेतु जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर कर दिया गया। प्रार्थी के रिपोर्ट पर चौकी कुदरगढ़ में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 55/2026 धारा 109(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने प्रकरण के आरोपी को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। चौकी कुदरगढ़ पुलिस ने घटना-स्थल पर एफएसएल क्राईम यूनिट डॉ. रसलीन कौर की उपस्थिति में साक्ष्य संकलन करते हुए घटना-स्थल का निरीक्षण कर घटना में प्रयुक्त ब्लेड जप्त किया और दबिश देकर आरोपी नकुल सिंह आयाम पिता स्व. समय लाल उम्र 36 वर्ष ग्राम कर्री पटेलपारा चौकी कुदरगढ़ को पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि अपनी पत्नी को लेने उसके मामा के घर गया था, पत्नी साथ जाने से मना करने पर अत्यधिक क्रोधित होकर जान से मारने की धमकी देते हुए धारदार ब्लेड से गर्दन में प्राणघातक हमला कर गला काट दिया, मामले में आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार किया गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवागंन एवं एसडीओपी ओड़गी राजेन्द्र मंडावी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी कुदरगढ़ संजय यादव, प्रधान आरक्षक क्रांती सिंह, आरक्षक अमरेन्द्र दुबे, आरक्षक मिलन सिंह, आरक्षक आलम साय, आरक्षक नरसिंह यादव व आरक्षक अनार सिंह सक्रिय रहे।
प्रतापपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत हुए अपहरण व हत्या के मामले में गिरफ्तारशुदा 10 आरोपियों को थाना प्रतापपुर पुलिस ने रिविजन पिटिशन दाखिल कर 15 दिवस का न्यायिक रिमाण्ड प्राप्त कर भेजा जेल !
सूरजपुर :सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अपहरण और हत्या मामले में पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। पहले जमानत पर रिहा हुए 10 आरोपियों के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर कर पुलिस ने न्यायालय से 15 दिन का न्यायिक रिमांड हासिल किया। अब सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
दिनांक 24.07.2026 को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया पति राजेन्द्र सूर्यवंशी ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि दिनांक 23.07.2026 को अपने घर में अपने पति राजेन्द्र प्रसाद के साथ थी, शाम करीब 8:30 बजे हरिनन्दन राजवाड़े अपने साथी राहुल शर्मा और तुषार भाई के साथ घर आया। यह लोग अपने घर के आंगन में बैठकर बात कर रहे थे। करीब 9:00 बजे रात में ग्राम केंवरा के ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा अपने 10 अन्य साथियों के साथ 07 नग मोटर सायकल से आये और सभी लोग इसके घर अंदर घुस कर पति के साथ बैठे और हरिनन्दन राजवाड़े को गाली देते हुए बहुत बड़े गुंडा बनते हो कहते हुए सभी एक राय होकर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्का व डण्डा से हरिनन्दन राजवाड़े को मारते हुए घर के अंदर से खींचते हुए बाहर ले गये और मारपीट करने लगे। वह और इसके पति हरिनन्दन को बचाने के लिए बहुत प्रयास किये, फिर भी ललित राजवाड़े व उसके साथी नहीं माने और हम दोनों के साथ भी मारपीट करने लगे और हरिनन्दन को अपने साथ लाये मोटरसायकल से उठाकर ले गये। जिस पर प्रार्थियां ने डायल 112 को फोन कर घटना की जानकारी देते हुए बुलवाई और अपने पति के साथ अपने मोटरसायकल से उन सभी का पीछा करते भैंसामुड़ा की तरफ गई। जैसे ही ग्राम भैंसामुड़ा के केंवरा चौक पर पहुँची, देखी कि चौक के पास हरिनन्दन को अधमरे हालत में फेंक कर सभी लोग भाग गये थे। डायल 112 वाहन आने पर हरिनन्दन को उसके बड़े भैया और भाभी प्रतापपुर अस्पताल ले गये। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना प्रतापपुर में अपराध क्रमांक 211/2026 में धारा 296, 351(2), 115(2), 109(1), 140(1), 331(6), 190, 191(1), 191(3), 103(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। थाना प्रतापपुर पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान प्रार्थियां, गवाहों के कथन, घटना-स्थल निरीक्षण, मर्ग इंटीमेशन सहित अन्य साक्ष्य संकलित कर आरोपी (1) ललित राजवाड़़े पिता चमरू राम राजवाड़े उम्र 29 वर्ष (2) सकल प्रसाद, पिता स्व. सुरेश राजवाड़े, उम्र 30 वर्ष (3) आशुतोष राजवाड़े पिता जनेवधारी राजवाड़े उम्र 33 वर्ष (4) शिवम कुमार राजवाड़े, पिता सम्पत राम राजवाड़े उम्र 28 वर्ष (5) रजय गुप्ता पिता रमेश कुमार गुप्ता उम्र 38 वर्ष (6) भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े पिता बोधन राम राजवाड़े, उम्र 30 वर्ष (7) सुनील राजवाड़े पिता इन्द्र कुमार राजवाड़े उम्र 28 वर्ष (8) शिव कुमार राजवाड़े पिता बबुआ राम राजवाड़े उम्र 28 वर्ष (9) राजू उर्फ सतीश राजवाड़े, पिता बदलू राम राजवाड़े उम्र 25 वर्ष (10) मनोज कुमार राजवाड़े पिता हीराधन राजवाड़े उम्र 25 वर्ष को दिनांक 27.07.2026 को पकड़ा, कार्यपालिक दण्डाधिकारी की मौजूदगी में प्राथिया द्वारा आरोपियों की शिनाख्ती की गई। पूछताछ पर आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया, जिनके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 3 डण्डे और 4 नग मोटर सायकल जप्त कर विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय प्रतापपुर में न्यायिक रिमाण्ड पर भेजने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया, माननीय न्यायालय के द्वारा रिमाण्ड आवेदन खारिज करते हुए आरोपियों को उनके व्यक्तिगत् 50-50 हजार रूपये के बंध-पत्र निष्पादित करने पर रिहा किया गया था।
थाना प्रतापपुर पुलिस ने आदेश के विरूद्ध जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में पुनरीक्षण याचिका माननीय जिला व अपर सत्र न्यायाधीश प्रतापपुर के न्यायालय में दाखिल किया जिसे माननीय न्यायालय ने स्वीकार करते हुए पारित प्रश्नाधीन आदेश दिनांक 27.07.2026 को निरस्त किया गया। थाना प्रतापपुर पुलिस ने प्रकरण के आरोपियों के रिमाण्ड हेतु प्रतिवेदन दिनांक 06.08.2026 को पुनः माननीय न्यायालय में पेश किया जो माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को दिनांक 20.08.2026 तक न्यायिक रिमाण्ड स्वीकृत किया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की पतासाजी सरगर्मी से की जा रही है।
शातिर युवक अपने कार की नंबर प्लेट को छिपाकर दो बार भरवाया पेट्रोल, QR पेमेंट का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर रफुचक्कर हो जाता था आरोपी.
जूटमिल पुलिस की तकनीकी जांच से खुलासा, आरोपी से बलेनो कार जप्त, धोखाधड़ी के अपराध में भेजा रिमांड पर.
रायगढ़ :रायगढ़ के दर्रामुड़ा स्थित पेट्रोल पंप पर फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर हजारों रुपये की ठगी करने वाले शातिर युवक को जूटमिल पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी विश्लेषण के जरिए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कार की नंबर प्लेट छिपाकर दो बार पेट्रोल भरवाता और फर्जी भुगतान दिखाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बलेनो कार जब्त कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में जूटमिल पुलिस ने पेट्रोल पंप पर फर्जी ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाने और बिना भुगतान किए फरार होने वाले युवक को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी के अपराध में न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मामले में 31 जुलाई 2026 को दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप के संचालक अमित कुमार गुप्ता ने थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पिछले लगभग दो माह के दौरान एक अज्ञात युवक मारुति सुजुकी बलेनो कार से दो बार पेट्रोल पंप पहुंचा। पहली बार 7 जून 2026 की रात करीब 10:24 बजे ₹2,500 तथा दूसरी बार 25 जुलाई 2026 की रात 12:09 बजे ₹3,600 का पेट्रोल भरवाकर उसने क्यूआर कोड से भुगतान करने की बात कही और मोबाइल में फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर कर्मचारियों को झांसा देते हुए तेज गति से वाहन लेकर फरार हो गया। दोनों घटनाओं में पेट्रोल पंप को कुल ₹6,100 की आर्थिक क्षति हुई।
रिपोर्ट पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 429/2026 धारा 318(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल एवं मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों तथा झलमला टोल प्लाजा सहित अन्य स्थानों के फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया। शिकायतकर्ता एवं कर्मचारियों ने वाहन की विशेष पहचान बताते हुए जानकारी दी कि बलेनो कार की आगे-पीछे की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी हुई थी, बाएं ओर काले रंग का मिरर कवर, दाहिनी ओर सफेद-काले रंग का मिरर कवर तथा डिक्की के पास क्षतिग्रस्त प्लास्टिक की मरम्मत का निशान था। इन विशिष्ट चिन्हों के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध वाहन सीजी-13-एक्यू-2394 को चिन्हित किया।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों से वाहन की शिनाख्त कराने पर पुष्टि हुई कि यही वाहन घटना में प्रयुक्त हुआ था। इसके बाद चालक मयंक शर्मा एवं वाहन स्वामी उसके पिता से पूछताछ की गई। पूछताछ में चालक मयंक शर्मा (19 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक-02, बावलीकुआं, श्रमिक स्कूल के पीछे, थाना कोतवाली रायगढ़ ने दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की मारुति सुजुकी बलेनो कार एवं उसके दस्तावेज जब्त किए गए। विवेचना में आरोपी द्वारा छलपूर्वक बेईमानी करने का अपराध पाए जाने पर प्रकरण में धारा 318(4) बीएनएस भी जोड़ी गई।
आरोपी मयंक शर्मा को 6 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। जूटमिल पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और सूक्ष्म विवेचना से इस धोखाधड़ी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश –“धोखाधड़ी या छलपूर्वक संपत्ति हड़पने वाले अपराधियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी विश्लेषण के माध्यम से ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।”
महिला से जबरन दुष्कर्म के विरोध पर ईंट से प्राण घातक चोट पहुंचाया, 10 माह की मासूम बच्ची की भी गला घोंटकर ली थी जान.
आरोपी के हाथ में चोंट के निशान और अहम सबूतों से आरोपी तक पहुंची पुलिस, मनोवैज्ञानिक पूछताछ में टूटा आरोपी, हत्या-दुष्कर्म का जुर्म कबूला.
लैलूंगा के ग्राम छापरपानी में डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड में 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह – “21 दिन में डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाना टीमवर्क, धैर्य और वैज्ञानिक विवेचना का परिणाम.”
रायगढ़ :रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना अंतर्गत छापरपानी गांव में हुए बहुचर्चित अंधे कत्ल और दुष्कर्म कांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला और उसकी 10 माह की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में 65 वर्षीय आरोपी भिखारीराम नागवंशी को गिरफ्तार किया गया है। वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के दम पर 21 दिनों में सुलझे इस जघन्य वारदात के आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम पुत्री की निर्मम हत्या के बहुचर्चित अंधे कत्ल की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस ने सुलझाते हुए 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इस प्रकरण की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। उनके निर्देशन में थाना प्रभारी लैलूंगा द्वारा गांव में कैंप लगाकर लगातार साक्ष्य जुटाए गए और वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई विवेचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
घटना के संबंध में 16 जुलाई 2026 को ग्राम छापरपानी की महिला ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 35 वर्षीय मौसेरी बहन, जिसके पति की मृत्यु के बाद मानसिक स्थिति सामान्य नहीं रहती थी, गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में अपनी 10 माह की पुत्री के साथ रह रही थी। उसी दिन सुबह महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि उसकी 10 माह की पुत्री की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। महिला के सिर एवं चेहरे पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट के निशान थे। उपचार के दौरान महिला की भी मृत्यु हो गई।
सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी, थाना लैलूंगा पुलिस, एफएसएल एवं डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य संकलित किए। मामले में थाना लैलूंगा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 230/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना-स्थल सुनसान होने, प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलने तथा महिला का किसी से विवाद नहीं होने के कारण जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने ग्राम छापरपानी में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को लगाये मुखबीरों से ग्राम कोड़ासिया निवासी भिखारीराम नागवंशी (65 वर्ष) के घटना के संबंध में जानकारी और अहम सबूत मिले। संदेह के आधार पर उसे पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया जिसके हाथ में चोट का निशान था, लेकिन उसने घटना से इंकार किया।
पुलिस ने वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया और उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान पहुंचा, जहां महिला अपनी बच्ची के साथ सो रही थी। उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। महिला के विरोध करने पर उसने वहां रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने बेशुध महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के दौरान पास में मौजूद 10 माह की बच्ची के रोने पर आरोपी ने उसका गला दबाया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खेत के रास्ते अपने ठिकाने पहुंचा, घटना के समय पहनी हुई धोती बदलकर छिपा दी जिसमें खून के निशान थे।
आरोपी के निशानदेही पर घटना के समय पहनी गई धोती पुलिस ने बरामद कर ली है। आरोपी को हत्या एवं दुष्कर्म के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में दुष्कर्म के प्रासंगिक धाराओं धारा 64, 66 बीएनएस (BNS) जोड़ते हुए वैधानिक कार्रवाई की गई।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर इस जघन्य दोहरे हत्याकांड के सफल खुलासे में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक चमार साय, आरक्षक विनोद कुजूर एवं आरक्षक विनोद कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।