रायपुर : कृषि के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर जिले के किसान अब अपनी खेती को लाभ का सौदा बना रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम कतकालो के रहने वाले प्रगतिशील किसान श्री परशुराम राजवाड़े ने पारंपरिक बोरी वाले खाद की जगह नैनो यूरिया (तरल) का सफल प्रयोग कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। पारंपरिक खाद की तुलना में नैनो यूरिया अधिक सुविधाजनक श्री राजवाड़े ने बताया कि वे वर्ष 2024 से निरंतर नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे…
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अबूझमाड़ में पुलिस-आईटीबीपी की अनोखी पहल : जंगलों के बीच बदली तस्वीर ! बीज, साइकिल और पानी की टंकी के साथ पहुंची खुशियां, माड़ मैत्री अभियान से ग्रामीणों को मिला विकास का नया रास्ता.
“माड़ मैत्री” अभियान के तहत कृषि जागरूकता प्रशिक्षण एवं उपयोगी सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन. ग्रामीणों को कृषि संबंधी आधुनिक तकनीकों एवं बीज रोपण का दिया गया प्रशिक्षण. बीज, साइकिल एवं पानी की टंकी का वितरण कर ग्रामीणों को किया गया प्रोत्साहित. नारायणपुर : अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों में विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर उभर रही है। “माड़ मैत्री” अभियान के अंतर्गत नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर न केवल आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया, बल्कि बीज, साइकिल और पानी की टंकियां वितरित कर उनकी…
Read Moreसुशासन तिहार 2026 : किसान सोहन सिंह को मिला किसान किताब, खेती किसानी के लिए खाद और बीज खरीदने में होगी आसानी
जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में किसान श्री सोहन सिंह ग्राम बरगांव डूमर टोली को केसीसी कार्ड ग्राम बोकी के सुशासन तिहार शिविर में मिला। किसान ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें खेती किसानी के लिए खाद और बीज लेने में आसानी होगी। सुशासन शिविर में किसान किताब मिलने पर किसान सोहन खुश हैं।
Read Moreबदलती खेती में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी बन रहे किसानों की नई पसंद
कम लागत, बेहतर उत्पादन और मिट्टी की सुरक्षा का नया विकल्प : नैनो उर्वरक वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़ते कदम, नैनो उर्वरकों से किसानों को मिल रहा फायदा नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से खेती में बचत, उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा रायपुर : खेती में बढ़ती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से पैदा हो रही चुनौतियों के बीच अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए एक उपयोगी और लोकप्रिय विकल्प बन गई है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि…
Read Moreकृषि विभाग की बड़ी तैयारी : जिले के सहकारी समितियों और डबल लॉक केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद भंडारित, किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक
जशपुर : कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। अद्यतन स्थिति में सहकारी समितियों में युरिया 3762.840 मे.टन.एन.पी.के. 973.550 मे.टन डीएपी 1954.950 मे.टन.सु.फा. 245.950 मे.टन, व म्यूरेट आफ पोटाश 525.300 मे.टन. कुल 7462.590 मे.टन. रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी तरह डबल लाक केन्द्रों में युरिया 1671.39 मे.टन.एन.पी. के. 225.5 मे.टन. डीएपी 872.650 मे.टन. सु.फा. 24.750 मे.टन. व म्यूरेट आफ पोटाश 68.25 मे.टन कुल 2862.54 मे.टन. रासायनिक खाद संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध है।
Read Moreजशपुर में नाशपाती क्रांति: फलों की खेती ने बदली किसानों की किस्मत, सन्ना के बागानों से पड़ोसी राज्यों तक पहुंच रही मिठास
नाशपाती की फसल बनी किसानों के जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में तहसील सन्ना क्षेत्र के आस पास के किसान नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं। करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के श्री अनिल एक्का ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की योजना और नाबार्ड योजना का लाभ लेकर स्वयं की निजी भूमि लगभग 4 से 5 एकड़ में नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे…
Read Moreड्रिप सिंचाई और आधुनिक तकनीक ने बदली किसान की किस्मत, ग्राफ्टेड बैंगन से प्रति एकड़ 155 क्विंटल उत्पादन कर लाखों कमा रहे नवीन साव
कृषि में नवाचार की मिसाल- ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लाखों की आय अर्जित कर रहे कृषक नवीन परंपरागत धान के बदले उद्यानिकी को अपनाया, प्रति एकड़ उत्पादन 21 क्विंटल से बढ़कर हुआ 155 क्विंटल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के समन्वय से बदली किसान की तकदीर रायपुर : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती पारंपरिक विधि की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है, जिससे पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और…
Read Moreजशपुर में किसानों के लिए राहत भरी खबर, सहकारी समितियों और संग्रहण केंद्रों में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध, कृषि विभाग ने जारी किए आंकड़े
जशपुर : कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। अद्यतन स्थिति में सहकारी समितियों में युरिया 3762.840 मे.टन.एन.पी.के. 973.550 मे.टन डीएपी 1954.950 मे.टन.सु.फा. 245.950 मे.टन, व म्यूरेट आफ पोटाश 525.300 मे.टन. कुल 7462.590 मे.टन. रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी तरह डबल लाक केन्द्रों में युरिया 1671.39 मे.टन.एन.पी. के. 225.5 मे.टन. डीएपी 872.650 मे.टन. सु.फा. 24.750 मे.टन. व म्यूरेट आफ पोटाश 68.25 मे.टन कुल 2862.54 मे.टन. रासायनिक खाद संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध है।
Read Moreवाटरशेड योजना ने बदली किसान छबी लाल की तकदीर : पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई कहानी
सफलता की कहानी : वाटरशेड योजना बनी किसान छबी लाल की समृद्धि का आधार रायपुर : प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत संचालित वाटरशेड विकास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई किसानों की किस्मत बदल दी है। ये परियोजनाएं जो वर्षा जल संरक्षण और भूमि की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, छोटे और सीमांत किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग बन गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित वाटरशेड विकास योजना आज अनेक परिवारों के लिए वरदान साबित हो…
Read Moreजशपुर में बेमौसम बारिश का कहर : खेतों में जलभराव से बढ़ा फसल नुकसान का खतरा, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की 7 सूत्रीय एडवाइजरी
जशपुर में बेमौसम बारिश से फसल बचाने किसान भाइयों को कृषि विभाग की सलाह जारी जशपुर : विगत सप्ताह हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव से उद्यानिकी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से बीमारी और कीट प्रकोप तेजी से फैलने का खतरा है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए 7 सूत्रीय सलाह जारी की है। विशेषज्ञों की मुख्य सलाह: 1. पानी निकासी: खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सड़न व फफूंद…
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