46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटन से खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता हुई सुनिश्चित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का जताया आभार रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटित किए जाने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा के विशेष सहयोग से लिया गया यह…
Read MoreCategory: कृषि
कृषि
धान किसानों के लिए राहतभरी खबर, मानसून की देरी से फसल पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर; वैज्ञानिकों ने जारी की अहम कृषि सलाह
मानसून में देरी से घबराएं नहीं, समय पर करें धान की बोआई-रोपाई : कृषि वैज्ञानिक रायपुर : प्रदेश में इस वर्ष मानसून सामान्य से कुछ देर से पहुंचा है, लेकिन किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी भी धान की खेती के लिए पर्याप्त समय है। मौसम को देखते हुए किसानों को कुछ जरूरी कृषि सलाह जारी की गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून लगभग 10 दिन देर से…
Read Moreप्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदम, हरी खाद से आत्मनिर्भर बन रहे किसान; जैविक कृषि का प्रेरक मॉडल बना महासमुंद
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल ला रही बदलाव, हरी खाद अपनाकर आत्मनिर्भर खेती की राह पर बढ़ रहे किसान महासमुंद के किसान हिमांशु बंजारे ने ढैंचा की हरी खाद से शुरू की जैविक खेती, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और लागत घटाने की दिशा में बना प्रेरक उदाहरण रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन का सकारात्मक प्रभाव…
Read Moreकिसानों के लिए बड़ा अलर्ट! कम बारिश की आशंका के बीच सरकार ने बदली खेती की रणनीति, धान की रोपाई छोड़ DSR अपनाने की अपील
खण्ड एवम अल्प वर्षा की संभावनाओं के बीच किसानों से सरकार का अपील धान की खेती रोपा पद्धति के बजाय सीधी बुवाई पर दे विशेष जोर डीएसआर तकनीक से 20 प्रतिशत पानी की होती है बचत, प्रति एकड़ लगभग 5,000 रुपये की लागत कम आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले हो जाती है तैयार उच्चहन भूमि में दलहनी-तिलहनी अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन जैसी फसलों की खेती अपनाने की सलाह रायपुर : खरीफ सीजन 2026 में अल-नीनो के संभावित प्रभाव के कारण मानसून के देर से आने,…
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खेती को मिली रफ्तार, 4.77 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी; खाद-बीज वितरण तेज
प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती-किसानी में तेजी राज्य में 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 10 प्रतिशत बोनी पूर्ण इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित प्रदेश में अब तक 96.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी रायपुर : प्रदेश में मानसून के…
Read Moreजशपुर : सरकारी योजना का मिला साथ, सीमांत किसान ने रबी की खेती से लिखी सफलता की नई कहानी
सफलता की कहानी : गेहूं की पैदावार कम लागत में ज्यादा मुनाफा जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों को कृषि विभाग के योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। विभाग द्वारा कृषकों को उचित मार्गदर्शन और खरीफ के साथ-साथ रबी फसल की खेती से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि किसानों को अच्छी आमदनी मिल सके। मनोरा विकासखण्ड ग्राम सोगड़ा निवासी कीना राम खरीफ फसल के साथ-साथ रबी फसल की खेती करके अतिरिक्त लाभ ले रहे हैं। कृषक श्री कीना…
Read Moreसरकारी योजना और वैज्ञानिक खेती ने बदली कमार किसान की किस्मत, खीरे की फसल से बनी लाखों की राह
उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार कृषक की तकदीर, खीरे की वैज्ञानिक खेती बनी वरदान रायपुर : खीरे की व्यावसायिक खेती एक बेहद लाभदायक व्यवसाय है, जो 45 से 50 दिनों में पैदावार देना शुरू कर देता है। व्यावसायिक खेती में खीरे को जमीन पर फैलाने के बजाय मचान और तारों का सहारा देकर ऊपर चढ़ाना चाहिए। इससे फल जमीन के संपर्क में नहीं आते, गलते नहीं हैं और उनका आकार, रंग और चमक शानदार रहती है, जिससे बाजार में बेहतरीन भाव मिलता है। बुवाई के 45-50 दिनों बाद…
Read Moreकम लागत, ज्यादा उत्पादन: छत्तीसगढ़ में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को बढ़ावा, लाखों बोतलों का वितरण
नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ…
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला: यूरिया के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे बार-बार चक्कर, किसानों को मिलेगा पूरा कोटा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से किसानों को बड़ी राहत खरीफ 2026 में पूर्व वर्ष की तरह मिलेगा एकमुश्त यूरिया, 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्त रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने और खेती को अधिक सुगम बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में खरीफ सीजन 2026 के लिए जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया वितरण पर लागू 80 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर…
Read Moreकृषि विभाग का बड़ा छापा! उड़ीसा प्रिंट वाले 11 बोरी उर्वरक जब्त, किसानों के नाम पर गड़बड़ी करने वालों में मचा हड़कंप
वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाले उर्वरक की 11 बोरियां जब्त, किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने राज्यभर में निरीक्षण अभियान जारी रायपुर : किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाली पीआरओएम (PROM) उर्वरक की 11 बोरियां (लगभग 550 किलोग्राम) जब्त की हैं। महासमुंद जिले के कलेक्टर श्री…
Read More