सफलता की कहानी : वाटरशेड योजना बनी किसान छबी लाल की समृद्धि का आधार रायपुर : प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत संचालित वाटरशेड विकास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई किसानों की किस्मत बदल दी है। ये परियोजनाएं जो वर्षा जल संरक्षण और भूमि की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, छोटे और सीमांत किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग बन गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित वाटरशेड विकास योजना आज अनेक परिवारों के लिए वरदान साबित हो…
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जशपुर में बेमौसम बारिश का कहर : खेतों में जलभराव से बढ़ा फसल नुकसान का खतरा, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की 7 सूत्रीय एडवाइजरी
जशपुर में बेमौसम बारिश से फसल बचाने किसान भाइयों को कृषि विभाग की सलाह जारी जशपुर : विगत सप्ताह हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव से उद्यानिकी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से बीमारी और कीट प्रकोप तेजी से फैलने का खतरा है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए 7 सूत्रीय सलाह जारी की है। विशेषज्ञों की मुख्य सलाह: 1. पानी निकासी: खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सड़न व फफूंद…
Read Moreपरंपरागत खेती छोड़ आधुनिक तकनीक अपनाते ही चमकी किसान महेश कश्यप की किस्मत! ड्रिप सिंचाई और सब्जी उत्पादन से लाखों की कमाई कर बने पूरे क्षेत्र के रोल मॉडल
उद्यानिकी की आधुनिक तकनीकों से किसान महेश कश्यप की बदली तकदीर रायपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत कछार निवासी श्री महेश कश्यप आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं। कभी पारंपरिक खेती के कारण बढ़ती लागत और घटते लाभ से परेशान रहने वाले महेश ने उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक कृषि को अपनाया और अपनी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार किया। परंपरागत खेती से आधुनिकता का सफर श्री कश्यप पहले परंपरागत फसलों पर निर्भर थे, लेकिन उद्यानिकी विभाग की…
Read Moreबिना यूरिया-डीएपी के कमाल : डोलनारायण की जैविक मिर्च खेती ने बदली किस्मत, सिर्फ 75 डिसमिल जमीन से 15 दिनों में कमाए 75 हजार रुपये
सफलता की कहानी : बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम रायपुर : जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य को पुनर्जीवित कर, कम लागत में विषमुक्त (रसायन-मुक्त) और पौष्टिक फसल उत्पादन की शक्ति प्रदान करती है। यह टिकाऊ कृषि पद्धति केंचुआ खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण अपनाकर न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि कृषि लागत में कमी और बेहतर बाज़ार मूल्य के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करती है। जैविक खेती के माध्यम से डोलनारायण जैसे किसान अपनी मेहनत,…
Read Moreखेती में नई हरित क्रांति की दस्तक: हरी खाद से 20% तक बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों की लागत होगी कम
विशेष लेख : हरी खाद- खेती में बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत होगी बेहतर धनंजय राठौर – संयुक्त संचालक जनसंपर्क रायपुर : आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो देश समृद्ध होगा। कृषि विभाग…
Read Moreप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जशपुर में विकास की नई रफ्तार: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल, हर साल ₹6,000 की सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत और किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: जशपुर के 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल हर वर्ष 6 हजार रुपए की सहायता से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान जशपुर : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना न केवल किसानों को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। जशपुर जिले में इस योजना का व्यापक प्रभाव देखने…
Read Moreमजदूरी से ‘मल्टी-फार्मिंग’ तक: दंतेवाड़ा के ललित यादव ने 6 गायों से शुरू किया सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे ‘श्वेत क्रांति’ की नई कहानी—दूध, पनीर और जैविक खाद से बन गए आत्मनिर्भरता के प्रतीक
मजदूरी की बेड़ियां तोड़ ‘मल्टी-फार्मिंग’ के नायक बने ललित यादव, 6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारत रायपुर : दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई ‘श्वेत क्रांति’ का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़…
Read Moreयूरिया का सशक्त विकल्प बनी हरी खाद: जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रयोग, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और लागत घटाने की दिशा में बड़ा कदम
जशपुर : जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए सभी विकास खण्ड में इस वर्ष 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसान भाईयों से कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद का उपयोग कर धरती माता को चिरस्थाई, दीर्घायु बनाने हेतु अपील किया गया है। हरी खाद विशिष्ट फसलों को खेत में जोतकर मिट्टी में दबाकर लगाया जाता है। तब उससे हरी खाद बनता है। हरि खाद वाली फसलें मे ढेंचा, सनई मुंग, उड़द, बरसीम शामिल हैं। इस खाद…
Read Moreआधुनिक खेती से बदली किस्मत: दुबेलाल कोसरे ने ग्राफ्टेड टमाटर से कमाया लाखों का मुनाफा—राष्ट्रीय कृषि विकास योजना बनी आय बढ़ाने की मजबूत राह
सफलता की कहानी : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से फायदा, ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से दुबेलाल का बढ़ा मुनाफा रायपुर : प्रदेश के किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक खेती किसानी की तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदानी में इजाफा कर रहे हैं। ऐसे ही महासमुन्द जिले के अंतर्गत ग्राम बम्बुरडीह के किसान श्री दुबेलाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। श्री कोसरे, बताते हैं कि पूर्व में वे पारंपरिक रूप से धान एवं अन्य फसलों की खेती करते थे। इस पारंपरिक…
Read Moreरासायनिक खाद का बेहतर विकल्प—हरी खाद से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता, 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
यूरिया खाद का वैकल्पिक खाद के रूप में हरी खाद का किया जा सकता है उपयोग जशपुर : जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए सभी विकास खण्ड में इस वर्ष 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसान भाईयों से कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद का उपयोग कर धरती माता को चिरस्थाई, दीर्घायु बनाने हेतु अपील किया गया है। हरी खाद विशिष्ट फसलों को खेत में जोतकर मिट्टी में दबाकर लगाया जाता है। तब उससे हरी खाद…
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