Category: होम

  • जशपुर में विज्ञान की नई उड़ान: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ से बच्चों में जागी अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा, विष्णुदेव साय ने किया अवलोकन—10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

    जशपुर में विज्ञान की नई उड़ान: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ से बच्चों में जागी अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा, विष्णुदेव साय ने किया अवलोकन—10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

    इसरो की स्पेस ऑन व्हील्स से जशपुर में विज्ञान की नई उड़ान

    मुख्यमंत्री श्री साय ने चलित अंतरिक्ष गाड़ी का किया अवलोकन

    मुख्यमंत्री को स्कूली बच्चों ने समझाया चंद्रयान, मंगलयान, पीएसएलवी, जीएसएलवी एवं रिमोट सेंसिंग अंतरिक्ष मॉडल को

    जिले के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

    अन्वेषण कार्यक्रम से बच्चों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच

    जशपुर : जशपुर जिले में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम ने बच्चों में नई ऊर्जा भर दी है। रणजीता स्टेडियम जशपुर में आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की इस विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस का आगमन हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरिक्ष गाड़ी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रॉकेट, उपग्रह एवं अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े विभिन्न मॉडलों का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान

    शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर में अध्ययनरत कक्षा 12 वीं की छात्राएं कुमारी अंशु पासवान, भूमिका डाहरे एवं सारिका साहनी ने स्वयं आगे बढ़कर चंद्रयान, मंगलयान सहित विभिन्न अंतरिक्ष तकनीकों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री को समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक समझ की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार की पहलें दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में विज्ञान और तकनीक ही विकास की आधारशिला है। ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ जैसे कार्यक्रम हमारे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। इससे बच्चों में जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की भावना विकसित होगी और वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में स्पेस ऑन व्हील्स के माध्यम से विभिन्न स्कूलों में जानकारी देने के लिए 17 बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। साथ ही बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी से संबंधित “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका वितरित किया। इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

    जिले के 10 हजार से अधिक बच्चे होंगे लाभांवित –

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए “अन्वेषण” कार्यक्रम के तहत इस पहल का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल एवं विज्ञान भारती के सहयोग से यह कार्यक्रम जिले के सभी विकासखंडों में संचालित होगा। यह विशेष कार्यक्रम 07 अप्रैल से प्रारंभ होकर 14 दिनों तक जिले के विभिन्न विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत पत्थलगांव से हुई और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न स्कूलों में उपलब्ध रहती है। इस अभियान से जिले के 10,000 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

    क्या है स्पेस ऑन व्हील्स –

    “स्पेस ऑन व्हील्स” इसरो की एक अत्याधुनिक मोबाइल प्रदर्शनी है, जिसे विशेष रूप से एक बस के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान को प्रयोगशालाओं और बड़े संस्थानों से निकालकर सीधे छात्रों और आम जनता तक पहुंचाना है, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में। इस प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, रिमोट सेंसिंग, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सैटेलाइट जैसे महत्वपूर्ण मॉडलों को प्रदर्शित किया गया है। ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले, इंटरएक्टिव पैनल और लाइव डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष तकनीक को सरल भाषा में समझाया जा रहा है।

    वैज्ञानिक सोच और करियर के लिए प्रेरणा –

    इस पहल का उद्देश्य न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

    विज्ञान भारती के विशेषज्ञों, भौतिकी के व्याख्याताओं और स्वयंसेवकों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन विद्यार्थियों को भी अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी मिल रही है, जो बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और नई पीढ़ी को नवाचार की दिशा में प्रेरित करने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। “स्पेस ऑन व्हील्स” का जशपुर आगमन न केवल एक प्रदर्शनी, बल्कि युवाओं के सपनों को नई दिशा देने वाला अभियान बन गया है, जो आने वाले समय में जिले को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

  • जशपुर में भव्य स्वागत के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजनों ने किया आत्मीय अभिनंदन, आदिवासी नृत्य से सजी अगवानी

    जशपुर में भव्य स्वागत के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजनों ने किया आत्मीय अभिनंदन, आदिवासी नृत्य से सजी अगवानी

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हुआ जशपुर आगमन : हेलीपैड पर आमजनों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने किया आत्मीय स्वागत

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर आमजनों सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी पहुंचे। हेलीपैड पर जनजाति सदस्यों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री सहित अतिथियों का स्वागत किया।

    इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगणों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर भव्य स्वागत किया।

  • “छत्तीसगढ़ बदल सकता है भारत का ओलंपिक भविष्य” — वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का बड़ा दावा, केनोइंग में छुपी अपार संभावनाएं और सही तैयारी से मिल सकता है पदक

    “छत्तीसगढ़ बदल सकता है भारत का ओलंपिक भविष्य” — वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का बड़ा दावा, केनोइंग में छुपी अपार संभावनाएं और सही तैयारी से मिल सकता है पदक

    छत्तीसगढ़ के नाविक बन सकते हैं ओलंपिक चैंपियन : आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में शामिल केनोइंग में पदक की संभावना

    आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, रायपुर

    रायपुर : केंद्र सरकार 2036 के ओलंपिक खेलों के आयोजन की संभावना को देखते हुए अब पूरे भारत में खेलकूद का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी स्वयं भारत की खेल प्रतिभाओं को चुनकर उन्हें उचित प्रशिक्षण दिये जाने के पक्षधर हैं। इसलिए उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व व मार्गदर्शन में इन दिनों भारत में खेलो इंडिया योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया बीच गेम्स, खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, खेलो इंडिया विंटर गेम्स तथा अभी हाल ही में रायपुर में खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स सम्मिलित हैं।

    उपरोक्त खेल गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय खेल प्राधिकरण नई दिल्ली को सौंपा गया है। जिसे सांई के पदाधिकारी बखूबी निभा रहे हैं और विभिन्न तरह की खेल प्रतियोगिताएं सुचारू रूप या व्यक्तिगत रूप से संपन्न हो रही है। 2028 लास एंजिल्स के ओलंपिक खेलों में पहली बार 31 कोर गेम्स रखा गया है। 5 खेल को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। कोर गेम्स में शामिल केनोइंग पानी में पतवार, नाव व नाविक द्वारा खेला जाने वाला खेल है। इस खेल में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद हमारे राज्य की अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं और शासकीय नौकरी केंद्र या राज्यसरकार या सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थानों में पाया है। परंतु अब सुविधा के अभाव में केनोइंग खेल में फिलहाल कमी आई है। केनोइंग संघ के राज्य के प्रमुख पदाधिकारियों में से एक प्रशांत रघुवंशी राष्ट्रीय स्तर के केनोइंग संघ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे इस खेल का अभ्यास कभी जगदलपुर कभी रायपुर में नियमित रूप से करवाते हैं।

    वास्तव में केनोइंग एक ऐसा खेल है जिसकी स्पर्धा झील, बड़े बांध, नदी या नहर में आसानी से आयोजित की जा सकती है। इस खेल में केनोई स्प्रिंट के 10 इवेंट तथा सलालोम के 06 इवेंट होते हैं। स्प्रिंट इवेंट के अंतर्गत सी-1,1000 मीटर के नाव के दौड़ होते हैं।जिसमें एक व्यक्ति,एक नाव में एक पतवार लेकर अपनी नाव को अकेले 1000 मीटर की दूरी तक ले जाता है जो व्यक्ति पहले 1000मीटर की लाइन पार करता है वह विजेता होता है। उसे स्वर्ण, दूसरे स्थान पर आने वाले को रजत और तीसरे स्थान पर आने वाले को कांस्य पदक मिलता है। इसी तरह स्प्रिंट इवेंट के अंतर्गत सी-2,500 मी. कयाक के -1 में 1000 मीटर. के-2,500 मीटर फिर के- 4 याने 4 नाविक एक ही अलग-अलग पतवार से नौका चलाते हैं और हार जीत होती है।

    इसी तरह सलालोम में कयाक क्रास में 4 नाविक 4 पतवार के: साथ एक नाव में होते हैं। इस तरह महिला व पुरुष नाविक 8 स्वर्ण, 8 रजत, 8 कांस्य कुल16 स्वर्ण,16 रजत,16 कांस्य पदक दांव पर होते हैं। छत्तीसगढ़ में न तो बांध, ना ही नदी की कमी है। जहां पर कोनोइंग खेल सीखा नहीं जा सकता। छत्तीसगढ़ भारत में ऐसे नाविकों की भी कमी नहीं है। जो नदी नालों या बांध को रोजाना पार करते हैं। इस खेल के बारे में छत्तीसगढ़ भारत के युवा नाविकों, पानी से न डरने वाले लोगों रोज नदी, नाले पार करके स्कूल या ड्यूटी में जाने वालों को बताना, समझाना जरूरी है। इससे ये नाविक छत्तीसगढ़ के साथ ही साथ भारत की तरफ से भाग लेते हुए ओलंपिक खेलों में पदक जीत सकते हैं।

    उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इस केनोइंग खेल में योग्यता हासिल करने वाले देशों की संख्या ओलंपिक खेलों में भाग ले रहे 206 देशों में से सिर्फ 58 देश अर्थात कुल 48 पदक के लिए सिर्फ 58 देश के नाविक मुकाबला करते हैं। और करीब 90%पदक यूरोप के नाविक ले जाते हैं. अत: 2036 के ओलंपिक खेलों को देखते हुए केनोइंग पर विशेष ध्यान देना होगा।इस आलेख को गंभीरता से लेकर तैयारी की जाएगी तो इसमें कोई शक नहीं कि छत्तीसगढ़ के नाविक ओलंपिक पदक भारत के लिए जीतकर लाएंगे।

  • सुरक्षा और सेवा में नया कीर्तिमान: रेलवे सुरक्षा बल ने 2025-26 में हजारों अपराधियों पर कसा शिकंजा, 11 हजार से ज्यादा शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर जीता यात्रियों का भरोसा

    सुरक्षा और सेवा में नया कीर्तिमान: रेलवे सुरक्षा बल ने 2025-26 में हजारों अपराधियों पर कसा शिकंजा, 11 हजार से ज्यादा शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर जीता यात्रियों का भरोसा

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। विभिन्न अभियानों एवं सतत निगरानी के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, तथा सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    वर्ष के दौरान रेलवे सुरक्षा बल द्वारा आरपी(यूपी) अधिनियम के अंतर्गत 416 प्रकरण दर्ज किए गए तथा 635 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रेलवे अधिनियम के तहत 65,071 गिरफ्तारियाँ की गईं, जबकि दलालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 269 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। मादक पदार्थ नियंत्रण (एनडीपीएस एक्ट) के तहत 105 गिरफ्तारियाँ की गईं।

    यात्रियों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए चोरी के मामलों में 227 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई । इसके अतिरिक्त अनधिकृत हॉकरों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाते हुए 13,744 गिरफ्तारियाँ की गईं तथा अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) के मामलों में 4,446 लोगों पर कार्रवाई की गई। रेल सुरक्षा को खतरे में डालने वाले 253 मामलों में भी कार्रवाई की गई।

    महिला, वृद्ध एवं दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 10,119 मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई। मानव तस्करी के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अग्नि सुरक्षा अभियान के अंतर्गत 75 मामलों में कार्रवाई की गई।

    सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत 324 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जो रेलवे सुरक्षा बल की मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म “रेल मदद” के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने उत्कृष्ट सेवा प्रदान करते हुए 11,423 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया। शिकायतों के समाधान का औसत समय मात्र 18 मिनट रहा तथा यात्रियों द्वारा सेवा को “Excellent” रेटिंग प्रदान की गई।

    महिला सुरक्षा के क्षेत्र में “मेरी सहेली” पहल के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 11 प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, शहडोल, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया एवं भंडारा रोड पर महिला रेलवे सुरक्षा बल की नियमित तैनाती सुनिश्चित की गई है। यह टीम विशेष रूप से अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों से संवाद स्थापित कर उन्हें आवश्यक सहायता एवं सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करती है। इस पहल से महिलाओं में सुरक्षा का भाव सुदृढ़ हुआ है तथा अपराधों की रोकथाम में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का रेलवे सुरक्षा बल भविष्य में भी यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा।

  • ब्लॉक खत्म, सेवाएं बहाल: रेलवे ने रिस्टोर की रद्द/शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनों की आवाजाही, बिलासपुर–रायपुर और गोंदिया रूट पर यात्री सफर फिर हुआ सामान्य

    ब्लॉक खत्म, सेवाएं बहाल: रेलवे ने रिस्टोर की रद्द/शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनों की आवाजाही, बिलासपुर–रायपुर और गोंदिया रूट पर यात्री सफर फिर हुआ सामान्य

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के निपनिया-भाटापारा सेक्शन के मध्य स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 380 पर रोड अंडरब्रिज के निर्माण में रिलीविंग गर्डरों के लॉन्चिग हेतु ट्रैफिक-सह पावर ब्लॉक लिये जाने के कारण रद्द/आंशिक रूप से रद्द की गई यात्री ट्रेनों को रिस्टोर किया गया है।

     रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न पैसेंजर ट्रेनों को रिस्टोर करते हुये इसका पुनः परिचालन करने का निर्णय लिया गया है। जो कि निम्नानुसार है –

     रिस्टोर की गई ट्रेनें

    👉 गाड़ी संख्या 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू दिनाँक 17 एवं 19 अप्रैल को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू दिनाँक 17 एवं 19 अप्रैल को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

     गंतव्य से पहले समाप्त /प्रारम्भ होने वाली ट्रेनों को किया गया रिस्टोर

    👉     गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू दिनाँक 17 एवं 19 अप्रैल 2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से बिलासपुर तक चलेगी ।

    👉 गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को 17 एवं 19 अप्रैल 2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार बिलासपुर से गोंदिया तक चलेगी ।

     यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।

  • गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत: भारतीय रेल ने एलटीटी–सांतरागाछी के बीच चलाई स्पेशल ट्रेन, 2-2 फेरे में कंफर्म बर्थ के साथ मिलेगा आरामदायक सफर

    गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत: भारतीय रेल ने एलटीटी–सांतरागाछी के बीच चलाई स्पेशल ट्रेन, 2-2 फेरे में कंफर्म बर्थ के साथ मिलेगा आरामदायक सफर

    बिलासपुर : ग्रीष्मकालीन के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुये उन्हें कंफ़र्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एलटीटी-सांतरागाछी-एलटीटी के मध्य 02-02 फेरों के लिए स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है ।

     गाड़ी संख्या 01127 एलटीटी-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन, एलटीटी से दिनांक 24 अप्रैल एवं 01 मई 2026 को चलेगी | इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01128 सांतरागाछी-एलटीटी स्पेशल ट्रेन, सांतरागाछी से दिनाँक 25 अप्रैल एवं 02 मई 2026 को चलेगी | इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया, दुर्ग, रायपुर एवं बिलासपुर स्टेशनों में दिया गया है |

     गाड़ियों की समय सारिणी –

    👉     गाड़ी संख्या 01127 एलटीटी-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन, एलटीटी से दिनांक 24 अप्रैल एवं 01 मई 2026 को 00.15 बजे रवाना होगी तथा मार्ग के अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये गोंदिया आगमन 15.13 बजे, प्रस्थान 15.15 बजे, दुर्ग आगमन 17.25 बजे, प्रस्थान 17.30 बजे, रायपुर आगमन 18.05 बजे, प्रस्थान 18.10 बजे, बिलासपुर आगमन 20.05 बजे, प्रस्थान 20.20 बजे होते हुये दूसरे दिन 07.00 बजे सांतरागाछी स्टेशन पहुंचेगी |

     👉 इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01128 सांतरागाछी-एलटीटी स्पेशल ट्रेन, सांतरागाछी से दिनाँक 25 अप्रैल एवं 02 मई 2026 को 15.00 बजे रवाना होगी तथा मार्ग के अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन बिलासपुर आगमन 03.15 बजे, प्रस्थान 03.30 बजे, रायपुर आगमन 05.10 बजे, प्रस्थान 05.15 बजे, दुर्ग आगमन 06.10 बजे, प्रस्थान 06.15 बजे, गोंदिया आगमन 08.28 बजे, प्रस्थान 08.30 बजे होते हुये तीसरे दिन 00.50 बजे एलटीटी स्टेशन पहुंचेगी ।

     कोच संरचना

     इस स्पेशल ट्रेन में 01 पावरकार, 01 एसएलआरडी, 04 सामान्य, 03 स्लीपर, 09 एसी-III, 02 एसी-II सहित कुल 20 एलएचबी कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।

     वाणिज्यिक ठहराव –

     रास्ते में ये गाडियाँ दोनों दिशाओं में ठाणे, कल्याण, ईगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, अकोला, बडनेरा, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर तथा खड़गपुर स्टेशनों पर रुकेगी |

     यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर देखकर तदानुसार यात्रा प्रारम्भ करें |

  • रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस से यात्री होंगे प्रभावित: कटनी ए केबिन में संरक्षा कार्य के कारण बिलासपुर–कटनी व चिरमिरी–कटनी मेमू ट्रेनों का आंशिक संचालन, कई रूट पर सेवाएं बाधित

    रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस से यात्री होंगे प्रभावित: कटनी ए केबिन में संरक्षा कार्य के कारण बिलासपुर–कटनी व चिरमिरी–कटनी मेमू ट्रेनों का आंशिक संचालन, कई रूट पर सेवाएं बाधित

    पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के कटनी ए केबिन में संरक्षा संबंधी कार्य के फलस्वरूप कुछ गाड़ियों का परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा

    बिलासपुर : रेलवे प्रशासन द्वारा संरक्षा एवं ट्रैक अनुरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के कटनी ए केबिन (103 A & 104 B) में ब्लॉक लेकर संरक्षा संबन्धित कार्य किया जाएगा।

    इस कार्य के फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल से संबंधित निम्न गाड़ियों का परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा —

    👉 दिनाँक 18 अप्रैल 2026 को बिलासपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 68747 बिलासपुर–कटनी मेमू पैसेंजर उमरिया स्टेशन में समाप्त होगी तथा उमरिया से कटनी स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी। इसी प्रकार दिनाँक 18 अप्रैल 2026 कटनी से चलने वाली गाड़ी संख्या 68748 कटनी-बिलासपुर मेमू पैसेंजर उमरिया स्टेशन से प्रारंभ होगी तथा कटनी से उमरिया स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी ।

    👉 दिनाँक 18 अप्रैल 2026 को चिरमिरी से चलने वाली गाड़ी संख्या 61602 चिरमिरी–कटनी मेमू पैसेंजर झलवारा स्टेशन में समाप्त होगी तथा झलवारा से कटनी स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी। इसी प्रकार दिनाँक 18 अप्रैल 2026 कटनी से चलने वाली गाड़ी संख्या 61601 कटनी-चिरमिरी मेमू पैसेंजर झलवारा स्टेशन से प्रारंभ होगी तथा कटनी से झलवारा स्टेशनों के मध्य रद्द रहेगी ।

  • ब्लॉक के चलते यात्रियों को झटका: भारतीय रेल ने बिलासपुर–टिटिलागढ़ पैसेंजर ट्रेन 4 दिन के लिए की रद्द, सम्बलपुर मंडल में गर्डर लांचिंग कार्य का असर

    ब्लॉक के चलते यात्रियों को झटका: भारतीय रेल ने बिलासपुर–टिटिलागढ़ पैसेंजर ट्रेन 4 दिन के लिए की रद्द, सम्बलपुर मंडल में गर्डर लांचिंग कार्य का असर

    बिलासपुर : पूर्व तटीय रेलवे के सम्बलपुर मंडल के बलांगीर-सम्बलपुर सेक्शन में गर्डर लांचिंग/डि-लांचिंग कार्य हेतु ट्रेफिक सह पावर ब्लॉक लिया जायेगा | इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल से संबंधित गाड़ी संख्या 58213/58214 बिलासपुर-टिटिलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर दिनांक 17, 18, 27 एवं 28 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी |

  • गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत: भारतीय रेल ने उधना–सांतरागाछी के बीच चलाई स्पेशल ट्रेन, कंफर्म बर्थ के साथ 3-3 फेरे में मिलेगी सुगम यात्रा सुविधा

    गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत: भारतीय रेल ने उधना–सांतरागाछी के बीच चलाई स्पेशल ट्रेन, कंफर्म बर्थ के साथ 3-3 फेरे में मिलेगी सुगम यात्रा सुविधा

    उधना-सांतरागाछी-उधना के मध्य 03-03 फेरे के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्री होंगे लाभान्वित मिलेगी कंफर्म बर्थ के साथ सुगम यात्रा सुविधा

    बिलासपुर : ग्रीष्मकाल के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुये उन्हें सहज, सुगम और कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उधना-सांतरागाछी-उधना के मध्य 03-03 फेरे के लिए स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है ।

    गाड़ी संख्या 09073 उधना-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन का परिचालन उधना से दिनांक 17, 22 एवं 24 अप्रैल 2026 को किया जाएगा | इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09074 सांतरागाछी-उधना स्पेशल ट्रेन का परिचालन सांतरागाछी से दिनाँक 19, 24 एवं 26 अप्रैल 2026 को किया जाएगा | इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया, दुर्ग, रायपुर एवं बिलासपुर स्टेशनों में दिया गया है |

     गाड़ियों की समय सारिणी –

    👉 गाड़ी संख्या 09073 उधना-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन, उधना से दिनांक 17, 22 एवं 24 अप्रैल 2026 को 11.25 बजे रवाना होगी तथा मार्ग के अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन गोंदिया आगमन 02.30 बजे, प्रस्थान 02.35 बजे, दुर्ग आगमन 05.03 बजे, प्रस्थान 05.08 बजे, रायपुर आगमन 05.43 बजे, प्रस्थान 05.48 बजे, बिलासपुर आगमन 07.30 बजे, प्रस्थान 07.40 बजे होते हुये 21.00 बजे सांतरागाछी स्टेशन पहुंचेगी |

    👉 इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09074 सांतरागाछी-उधना स्पेशल ट्रेन, सांतरागाछी से दिनाँक 19, 24 एवं 26 अप्रैल 2026 को 00.05 बजे रवाना होगी तथा तथा मार्ग के अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुये बिलासपुर आगमन 12.00 बजे, प्रस्थान 12.10 बजे, रायपुर आगमन 13.45 बजे, प्रस्थान 13.50 बजे, दुर्ग आगमन 14.45 बजे, प्रस्थान 14.50 बजे, गोंदिया आगमन 16.50 बजे, प्रस्थान 16.55 बजे होते हुये दूसरे दिन 10.00 बजे उधना स्टेशन पहुंचेगी ।

     कोच संरचना

     इस स्पेशल ट्रेन में 02 लगेज-सह-दिव्यांग कोच, 01 पेंट्रीकार, 11 सामान्य कोच तथा 08 स्लीपर सहित कुल 22 कोच की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।

     वाणिज्यिक ठहराव –

     रास्ते में ये गाडियाँ दोनों दिशाओं में नंदूरबार, भुसावल, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर तथा खड़गपुर स्टेशनों पर रुकेगी।

     यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर देखकर तदानुसार यात्रा प्रारम्भ करें |

  • बिना रेरा पंजीकरण पर सख्ती—“डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय और पंजीयन पर रोक, सीजीरेरा का बड़ा एक्शन

    बिना रेरा पंजीकरण पर सख्ती—“डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय और पंजीयन पर रोक, सीजीरेरा का बड़ा एक्शन

    बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई

    “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय व पंजीयन पर अंतरिम रोक

    रायपुर : छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने बिना पंजीकरण रियल एस्टेट परियोजना के प्रचार-प्रसार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” परियोजना पर क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर अंतरिम (प्रारंभिक) रोक लगा दी है।

    प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में संज्ञान लेते हुए पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित उक्त परियोजना के प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है।

    जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने बिना रेरा पंजीकरण प्राप्त किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और आम नागरिकों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया। यह कृत्य अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के विपरीत है, जिसके अनुसार बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विज्ञापन, विपणन या विक्रय प्रतिबंधित है।

    सीजीरेरा द्वारा नियमित निगरानी के दौरान उक्त विज्ञापन संज्ञान में आने पर प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के भूखंड, मकान एवं इकाइयों के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

    इस संबंध में जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि उक्त परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन आगामी आदेश तक स्वीकार न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

    प्राधिकरण ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या कानूनी जोखिम से बचा जा सके।