Category: होम

  • जशपुर में मेडिकल कॉलेज की तैयारी तेज: कलेक्टर रोहित व्यास ने पॉलिटेक्निक कॉलेज का किया निरीक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसी भवन से शुरू होगा पहला सत्र

    जशपुर में मेडिकल कॉलेज की तैयारी तेज: कलेक्टर रोहित व्यास ने पॉलिटेक्निक कॉलेज का किया निरीक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसी भवन से शुरू होगा पहला सत्र

    जशपुर कलेक्टर ने पालीटेक्निक कालेज का किया निरीक्षण

    भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जाना है संभावित

    भवन के लाइट पंखे और सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को जशपुर के पालीटेक्निक कालेज का निरीक्षण किया। विदित हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर में मेडिकल कालेज की घोषणा की थी। इसी कड़ी में इस वर्ष मेडिकल कालेज का प्रथम वर्ष शुरू किया जाना संभावित है और जिला प्रशासन के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पालीटेक्निक कालेज में मेडिकल कालेज संचालित करने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराया जा रहा है।

    कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान भवनों के लाइट पंखे, शौचालय की साफ सफाई सहित जरूरी बुनियादी व्यस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, डीपीएम राजीव रंजन मिश्रा, आरई एस के एसडीओ अमित देव और कार्यपालन अभियंता राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त एक्शन: नव संकल्प शिक्षण संस्थान का निरीक्षण कर शिक्षा गुणवत्ता, भोजन व्यवस्था और स्मार्ट क्लास सुधारने के दिए निर्देश, प्रतियोगी छात्रों को बेहतर तैयारी का भरोसा

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त एक्शन: नव संकल्प शिक्षण संस्थान का निरीक्षण कर शिक्षा गुणवत्ता, भोजन व्यवस्था और स्मार्ट क्लास सुधारने के दिए निर्देश, प्रतियोगी छात्रों को बेहतर तैयारी का भरोसा

    जशपुर कलेक्टर ने नव संकल्प शिक्षण संस्थान का किया निरीक्षण

    पीएससी,व्यापम और सहायक शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे विघार्थियों से की बात

    भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

    स्मार्ट बोर्ड और क्लास रूम के बिजली, पंखा ठीक करने के निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को जशपुर नव संकल्प शिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया और विघार्थियों को पीएससी, व्यापम और सहायक शिक्षक की कोचिंग की दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

    कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों का प्रत्येक सप्ताह टेस्ट और माह में सभी पढ़ाए गए विषय का पूरा टेस्ट लेने के लिए कहा हैं। उन्होंने कहा कि विघार्थियों को कोई प्रशन समझ नहीं आ रहा है तो समाधान भी मौके पर करें। कलेक्टर ने बच्चों से बात करके होस्टल की सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली।

    उन्होंने क्लास रूम में लगे स्मार्ट बोर्ड को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। हास्टल और क्लास रूम के पंखा लाइट को भी ठीक करने के निर्देश आरईएस विभाग के अधिकारीयों को दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा आरईएस के कार्यपालन अभियंता श्री राजेश श्रीवास्तव और अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। कलेक्टर ने बच्चों की समस्याओं का भी मौके पर समाधान किया।

    उल्लेखनीय है जिला प्रशासन द्वारा जशपुर में नव संकल्प शिक्षण संस्थान का संचालन किया जा रहा है। जहां जशपुर जिले के बच्चों को सीजी पीएससी, व्यापम, सहायक शिक्षक भर्ती के साथ अन्य सरकारी नौकरी में भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करवाई जा रही है। वर्तमान में लगभग 180 विद्यार्थी कोचिंग ले रहे हैं। इनमें व्यापम के 100 , पीएससी के 20, और सहायक शिक्षक भर्ती की तैयारी के लिए 55 विघार्थियों को कोचिंग दिया जा रहा है।

  • कुनकुरी से गूंजा गौ सम्मान का राष्ट्रव्यापी बिगुल: श्री रामकथा मंच से ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शुभारंभ, राष्ट्रमाता का दर्जा और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग तेज

    कुनकुरी से गूंजा गौ सम्मान का राष्ट्रव्यापी बिगुल: श्री रामकथा मंच से ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शुभारंभ, राष्ट्रमाता का दर्जा और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग तेज

    कुनकुरी श्री रामकथा मंच से हुआ गौ सम्मान आह्वान अभियान की शुरुवात

    कुनकुरी : कुनकुरी में आयोजित भव्य संगीतमय श्री रामकथा के अंतिम दिवस में पुरे देश में संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान की शुरुवात की गयी | इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुरे भारत में गौ माता की सेवा, सुरक्षा व सम्मान का मौलिक अधिकार दिलवाना है | गौ माता पर हो रहे अत्याचार के विरुद्ध इस अभियान द्वारा केंद्र व राज्य सरकार से गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देकर व गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाकर उनके संरक्षण हेतु उचित कानून व अनुसन्धान की मांग की जा रही है |

    इस अभियान को देश के कई संत, महात्मा, मुनियों, आचार्य, गौसंत, गौसेवको, सनातनी बन्धुओं द्वारा निस्वार्थ भाव से बिना किसी पद के सिर्फ प्रचार, संपर्क व हक्ताचार अभियान के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का बीड़ा उठाया है | गौ माता हमारी माता का भाव ले कर प्रधान संरक्षक – गौमाता व अध्यक्ष – नंदी बाबा के सानिध्य में अभियान को बढाया जा रहा है जिसे देश के सभी वर्गो का पूर्ण समर्थन मिल रहा है |

    इस अभियान को पुरे राष्ट्र में चार चरणों में चलाया जायेगा जिसके प्रथम चरण में पुरे भारत के प्रत्येक तहसील में 27 अप्रेल गौ सम्मान दिवस को समर्थ अधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री के नाम से प्रार्थना पत्र व हस्ताचार पत्र दिया जायेगा | कुनकुरी तहसील में उक्त अभियान को नियत तिथि 27 अप्रेल को दोपहर 2:00 बजे स्थानीय शिव मंदिर से सनातनी बंधुओ द्वारा रैली के माध्यम से गौमाता के नाम का संकीर्तन करते हुए तहसील कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना तय किया है | उक्त प्रार्थना पत्र पर विचार कर सरकार द्वारा मांगो पर सार्थक प्रतिक्रिया नहीं आने पर अभियान का दूसरा चरण 3 महीने बाद 27 जुलाई को जिला कलेक्टर को पुनः प्रार्थना पत्र दिया जाना पूर्व में तय है |

  • “कुनकुरी में सात दिवसीय रामकथा महोत्सव का भव्य समापन: संत चिन्मयानंद बापू के ओजस्वी प्रवचनों से गूंजा पूरा नगर, रामचरित के हर प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

    “कुनकुरी में सात दिवसीय रामकथा महोत्सव का भव्य समापन: संत चिन्मयानंद बापू के ओजस्वी प्रवचनों से गूंजा पूरा नगर, रामचरित के हर प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

    कुनकुरी में आयोजित सात दिवसीय रामकथा महोत्सव का हुआ भव्य समापन

    संत चिन्मयानंद बापू के प्रवचनों से भावविभोर हुए श्रद्धालु

    कुनकुरी : नगर में आयोजित भव्य रामकथा महोत्सव के सातवें एवं समापन दिवस पर पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू ने श्रद्धालुओं को रामचरित के विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन सुनाया। कथा के दौरान उन्होंने अयोध्या कांड से लेकर उत्तरकांड तक की घटनाओं को मार्मिक शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कथा में अयोध्या कांड का वर्णन करते हुए बापू जी ने बताया कि माता कैकेयी को राजा दशरथ द्वारा दिए गए दो वरदान ही आगे चलकर राम वनवास का कारण बने। उन्होंने कहा कि कैकेयी ने यह सब स्वार्थवश नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के गौरव और उनके अवतार के उद्देश्य की पूर्ति हेतु किया। उन्होंने स्वयं को दोषी ठहराकर भी राम को किसी प्रकार के कलंक से बचाने का प्रयास किया।

    आगे कथा में निषादराज, केवट प्रसंग, जटायु मोक्ष तथा किष्किंधा कांड का सुंदर वर्णन किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा सुग्रीव से मित्रता निभाने और बाली वध के माध्यम से धर्म स्थापना का संदेश दिया गया। सुंदरकांड में हनुमान जी का पराक्रम, माता सीता से भेंट एवं लंका दहन का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण रहा। बापू जी ने कहा कि सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो जाता है।लंका कांड के प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम और रावण के बीच लगभग 13 दिनों तक युद्ध चला, जिसमें अंततः अहंकार रूपी रावण का वध हुआ और सत्य की विजय हुई। इसके पश्चात प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन पर दीपावली का पर्व मनाया गया और आदर्श रामराज्य की स्थापना हुई, जहां धर्म, न्याय और सुख-शांति का वास था।

    उत्तरकांड के वर्णन में उन्होंने बताया कि एक धोबी की टिप्पणी के कारण भगवान श्रीराम ने माता सीता का त्याग किया। माता सीता ने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में निवास किया, जहां लव-कुश का जन्म हुआ। आगे अश्वमेध यज्ञ, लव-कुश द्वारा रामकथा गायन तथा कागभुशुंडी-गरुड़ संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया गया।अपने प्रवचन में वर्तमान समय की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बापू जी ने आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त की और सनातन धर्म की रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सेवा, श्रद्धा और संस्कार ही सनातन धर्म की मूल भावना है। साथ ही उन्होंने मांस, मदिरा एवं नशे से दूर रहने को ही सच्ची “दक्षिणा” बताया।उन्होंने श्रद्धालुओं को नियमित साधना का मार्ग बताते हुए प्रति मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार सुंदरकांड पाठ तथा प्रतिदिन हनुमान चालीसा के पाठ का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे जीवन के संकट, रोग एवं दोष दूर होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।बापू जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राम अनंत हैं और उनकी कथा भी अनंत है। कलयुग में रामकथा का श्रवण, मनन और पालन ही जीवन को सफल बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है।समापन अवसर पर विधिवत पूर्णाहुति की गई। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय का विशेष सहयोग रहा। वे स्वयं श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण करती रहीं। इस आयोजन से क्षेत्रवासियों को पूजनीय बापू जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।इस भव्य के सफल आयोजन के लिए श्री राम कथा समिति एवं सर्व हिन्दू समाज की महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

  • बिजली बनी ‘छठवां तत्व’, साइबर हमलों से सुरक्षा जरूरी: रायपुर में वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी फोरम में एमडी राजेश शुक्ला की चेतावनी, पावर सेक्टर में बढ़ी सतर्कता

    बिजली बनी ‘छठवां तत्व’, साइबर हमलों से सुरक्षा जरूरी: रायपुर में वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी फोरम में एमडी राजेश शुक्ला की चेतावनी, पावर सेक्टर में बढ़ी सतर्कता

    बिजली जीवन का अहम अंग, इसकी साइबर सुरक्षा के प्रति अलर्ट रहना आवश्यक – एमडी श्री शुक्ला

    7वीं वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन फोरम की बैठक आयोजित, प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने की अध्यक्षता

    रायपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज मुख्यालय, डंगनिया स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र में राष्ट्रीय स्तर की 7वीं वेस्टर्न रीजन साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेशन फोरम (WR-CSCF) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला द्वारा किया गया।

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मानव जीवन में पहले पंचतत्व—भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर—को महत्वपूर्ण माना जाता था, किंतु वर्तमान समय में बिजली को छठवां तत्व माना जा सकता है, क्योंकि इसके बिना विकास और सुख-सुविधाओं की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली के उत्पादन से लेकर पारेषण एवं वितरण तक पूरा तंत्र कंप्यूटरीकृत प्रणाली पर ऑपरेट होता है, ऐसे में साइबर हमलों के प्रति सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।

    दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में मुख्य अभियंता (लोड डिस्पैच) श्रीमती शारदा सोनवानी ने स्वागत भाषण दिया। प्रथम दिवस में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए साइबर सुरक्षा से बचाव के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।

    बैठक में ग्रिड इंडिया के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) श्री टी. श्रीनिवास ने कहा कि वर्तमान में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली पर संचालित हो रही है, ऐसे में पूरे तंत्र की साइबर सुरक्षा, उसकी मॉनिटरिंग एवं फॉलो-अप अत्यंत आवश्यक है। वहीं, डब्ल्यूआरएलडीसी के सिसो श्री सत्येंद्र रघुवंशी ने कहा कि साइबर स्वच्छता हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। इसके लिए सभी राज्यों को अपने डेटा को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित मानकों एवं गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

    बैठक में छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, गोवा, दमन एवं दीव के राज्य भार प्रेषण केंद्रों के वरिष्ठ अधिकारी भी आनलाइन व प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। दूसरे सत्र में छत्तीसगढ़ की जनरेशन, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के अधिकारी साइबर सुरक्षा सत्रों में अपनी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया। साथ ही ग्रिड इंडिया एवं एनटीपीसी के विशेषज्ञ साइबर सुरक्षा की चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तृत जानकारी दी।

    एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. सुभोजीत घोष द्वारा पावर सेक्टर में साइबर सुरक्षा सुदृढ़ीकरण पर विशेष व्याख्यान दिया। इस अवसर पर श्री शेखर गुप्ता, श्री संजय चौधरी, कार्यपालन अभियंता श्री मनोज आटवे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ऑपरेशन मुस्कान : गुमशुदा बालिकाएं मिलीं दूर-दराज शहरों में ! पुलिस एक्शन से आरोपी सलाखों के पीछे, नाबालिगों के साथ अपराध करने वाले आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गये जेल.

    ऑपरेशन मुस्कान : गुमशुदा बालिकाएं मिलीं दूर-दराज शहरों में ! पुलिस एक्शन से आरोपी सलाखों के पीछे, नाबालिगों के साथ अपराध करने वाले आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गये जेल.

    एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की सघन पतासाजी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत रायगढ़ पुलिस को दो महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुम हुई दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस टीमों द्वारा खोजबीन कर सकुशल दस्तयाब किया गया है। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं के कथन के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    पहले मामले में थाना जूटमिल में दिनांक 22 अक्टूबर 2025 को एक प्रार्थी द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध कमांक 377/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बालिका और संदेही युवक सनत कुमार भट्ट (20 साल) जूटमिल के बीच संपर्क की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई। लगातार प्रयास और मुखबिर तंत्र के माध्यम से दोनों के पंजाब के जालंधर में होने की सूचना मिली, जिस पर तत्काल पुलिस टीम को रवाना किया गया। टीम ने वहां पहुंचकर बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद किया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी द्वारा नागालिग बालिका का शारीरिक शोषण करना पाये जाने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट विस्तारित किया गया। कल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल दाखिल किया गया है। इस प्रकरण की कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह, महिला प्रधान आरक्षक समुंद रनकर, आरक्षक शशिभूषण साहू और आरक्षक रंजित भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    दूसरे मामले में थाना पूंजीपथरा में दिनांक 25 मार्च 2026 को एक प्रार्थी ने अपनी 15 वर्षीय पुत्री के 17 मार्च की रात घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध कमांक 49/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज कर पतासाजी शुरू की। जांच के दौरान दिनांक 06 अप्रैल 2026 को अंबिकापुर के खरसिया नाका चौक के पास एक युवक के साथ नाबालिग बालिका को बरामद किया गया। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया, जिसमें बालिका द्वारा बस से जामगांव फिर अम्बिकापुर ले जाना और शारीरिक संबंध बनाना बताई है। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी के विरुद्ध धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट विस्तारित कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम में सम्मिलित एएसआई उमाशंकर विश्वाल और हमराह स्टॉफ की सक्रिय भूमिका रही।

  • जीवनरक्षक बनी डॉक्टरों की टीम: ईएनटी, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिक विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से मासूम हिमांशी को मिला नया जीवन

    जीवनरक्षक बनी डॉक्टरों की टीम: ईएनटी, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिक विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से मासूम हिमांशी को मिला नया जीवन

    जिला चिकित्सालय मुंगेली में 03 वर्षीय मासूम के गले से सफल ऑपरेशन कर निकाला गया सिक्का

    ईएनटी, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिक टीम की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना

    रायपुर : जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की सजगता और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था से एक 03 वर्षीय मासूम की जान बचाने में बड़ी सफलता मिली है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि मुंगेली विकासखंड के ग्राम कोसमतरा निवासी 03 वर्षीय हिमांशी साहू ने खेल-खेल में अचानक एक सिक्का निगल लिया, जो उसके गले की आहार नली में सिक्का फंस गया। परिजनों ने तत्काल बच्ची को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां एक्स-रे जांच में पुष्टि हुई कि बच्ची के गले की आहार नली में सिक्का फंसा हुआ है। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बिना देर किए दूरबीन (एंडोस्कोपिक) तकनीक से सफल ऑपरेशन कर बच्ची के गले से सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय ने बताया कि समय पर मिली चिकित्सा सहायता से बच्ची सुरक्षित है और अब पूरी तरह स्वस्थ है।

     जिला चिकित्सालय के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कमलेश सत्यपाल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार बेलदार एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु ध्रुव सहित पूरी टीम ने दूरबीन (एंडोस्कोपिक) तकनीक से सफल ऑपरेशन कर बच्ची के गले से सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • भय से विश्वास तक का सफर: धर्मावरम में पक्के आवास ने बदली जिंदगी, नक्सल क्षेत्र में तेज़ी से पहुंच रही योजनाएं और मजबूत हो रहा ग्रामीण विकास

    भय से विश्वास तक का सफर: धर्मावरम में पक्के आवास ने बदली जिंदगी, नक्सल क्षेत्र में तेज़ी से पहुंच रही योजनाएं और मजबूत हो रहा ग्रामीण विकास

    नक्सल क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण : पक्का घर बना सम्मानजनक जीवन का आधार

    रायपुर : बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।

    इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है।

    यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

    धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।

  • कृषक उन्नति योजना से मजबूत हो रही खेती: दलहन-तिलहन और मोटे अनाज की ओर बढ़े किसान, 25 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ की सहायता से आत्मनिर्भरता की नई राह

    कृषक उन्नति योजना से मजबूत हो रही खेती: दलहन-तिलहन और मोटे अनाज की ओर बढ़े किसान, 25 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ की सहायता से आत्मनिर्भरता की नई राह

    फसल विविधीकरण से समृद्धि की ओर बढ़ते कदम, किसानों को 314 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के 25.28 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ रूपए की आदान सहायता के रूप में प्रदाय किए गए।

    राज्य सरकार ने धान पर निर्भरता कम करते हुए किसानों को दलहनी, तिलहनी एवं मोटे अनाज सहित अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत उन किसानों को प्रोत्साहन दिया गया है, जिन्होंने धान के अतिरिक्त दलहनी-तिलहनी फसलें, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का एवं कपास जैसी फसलों का उत्पादन किया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के 3 लाख 6 हजार 685 किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 311 करोड़ 87 लाख 79 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की गई है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई है, जिससे उन्हें खेती की लागत में राहत मिली है।  इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर पूर्ण रूप से वैकल्पिक फसलों को अपनाया है, उन्हें विशेष प्रोत्साहन के तहत 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता दी गई है। इस श्रेणी में 2 हजार 235 किसानों को कुल 2 करोड़ 72 लाख 97 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।

    इस प्रकार, कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 314 करोड़ 60 लाख 76 हजार रुपये की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। राज्य सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में संतुलन, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा दे रही है। फसल विविधीकरण से जहां एक ओर किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है।

  • आत्मनिर्भरता की नई पहचान : औराटोला बना बालोद का पहला ‘लखपति दीदी ग्राम’, बिहान योजना से हजारों महिलाओं की आय पहुँची लाख के पार, बहुआयामी आजीविका मॉडल बना रोल मॉडल

    आत्मनिर्भरता की नई पहचान : औराटोला बना बालोद का पहला ‘लखपति दीदी ग्राम’, बिहान योजना से हजारों महिलाओं की आय पहुँची लाख के पार, बहुआयामी आजीविका मॉडल बना रोल मॉडल

    आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति दीदी ग्राम

    रायपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनके परिवार की वार्षिक आय 01 लाख रूपये या उससे अधिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिसके तहत् बालोद जिले में 20 हजार 982 लखपति दीदी बनायी गई है। इसके विस्तृत स्वरूप में लखपति ग्राम की अवधारणा भी विकसित की गई है जो कि ग्रामीण विकास की एक ऐसी दूरदर्शी सोच है, जिसके केंद्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक उन्नति है। बालोद जिले में इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गाँव का प्रत्येक परिवार सालाना कम से कम 01 लाख रुपये या उससे अधिक की शुद्ध आय अर्जित कर सके। यहाँ इस अवधारणा के निम्न मुख्य पहलुओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विभागीय उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में बालोद जिले में कार्य कराया जा रहा है। लखपति ग्राम का लक्ष्य केवल गरीबी रेखा से बाहर निकलना नहीं है बल्कि ग्रामीण परिवारों को ’लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करके उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्थायी आजीविका और बेहतर जीवन स्तर पर केंद्रित है जिसके तहत् बहुआयामी आजीविका स्त्रोत को प्राथमिकता दी गई जिसमें एक परिवार केवल एक स्त्रोत जैसे सिर्फ खेती पर निर्भर रहकर लखपति नहीं बन सकता। इसके लिए 03-04 विभिन्न आय के स्रोतों को अपनाया गया है। उन्नत कृषि अंतर्गत जैसे बेमौसमी सब्जियाँ, नकदी फसलें और जैविक खेत, पशुपालन अंतर्गत डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन या मत्स्य पालन, गैर कृषि उद्यम अंतर्गत मशरूम उत्पादन, सिलाई या छोटे ग्रामीण उद्योग, कौशल विकास अंतर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है।

    जिले में लखपति ग्राम की सफलता हेतु निम्न बिन्दुओं को आधार बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार की उनकी वर्तमान आय और भविष्य के लक्ष्यों के आधार पर एक ’आजीविका योजना’  तैयार कराया गया है। तत्पश्चात् वित्तीय समावेशन के माध्यम से कम ब्याज पर बैंक ऋण 4054 एसएचजी को 114 करोड़ ऋण प्रदाय किया गया है एवं वूमेन लेड इंटरप्राईज फायनेंस के तहत् 801 एसएचजी को 10 करोड़ का ऋण दिया किया गया है। इसी क्रम में स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित वस्तुओं को क्षेत्रीय सरस मेला, स्थानीय बाजार एवं शासकीय कार्यालय मंे स्टाॅल लगाकर विक्रय किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से सामूहिक शक्ति का उपयोग कर एक तंत्र का निर्माण किया गया है।

    इस अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए ’आजीविका सखियों’ और ’पशु सखियों’ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो घर-घर जाकर महिलाओं को तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। बालोद जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि डौंडी विकासखंड का औराटोला गाँव जिले का प्रथम ’लखपति ग्राम’ बनकर उभरा है। इस गाँव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो सामूहिक प्रयास से गरीबी को मात दी जा सकती है। औराटोला की सफलता के पीछे बिहान योजना और महिलाओं की अटूट मेहनत है। यहाँ की महिलाओं ने पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर बहुआयामी आजीविका को अपनाया। गाँव में अब दर्जनों ऐसी महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय 01 लाख रुपये से अधिक है। इसके अंतर्गत महिलाओं ने खाली पड़ी जमीनों पर उन्नत किस्म की सब्जियाँ उगाना शुरू किया, उन्नत नस्ल के पशु और वैज्ञानिक तरीके से देखरेख करना, गाँव में उन महिलाओं का समूह बनाया गया जो अन्य महिलाओं को भी आर्थिक नियोजन सिखाती हैं। बालोद जिले के औराटोला जैसे गाँवों की प्रेरणा लेकर यहाँ तीन महिलाओं की काल्पनिक लेकिन यथार्थवादी सफलता की कहानियाँ दर्शाती हैं कि कैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करके महिलाएँ ’लखपति दीदी’ बन रही हैं।

    कुमेश्वरी मसिया ने बताया कि उसने प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मत्स्य विभाग से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रूपये का ऋण लिया और तालाब की सफाई करवाकर उसमें रोहू और कतला मछलियों के बीज डाले। मछली पालन के साथ-साथ कुमेश्वरी नें पैतृक भूमि 20 डिसमिल में सब्जी बाड़ी का कार्य प्रारंभ किया। मछलीपालन हेतु वर्तमान में मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें मछली जाल एवं आईस बाॅक्स प्रदाय किया गया है। परिणाम स्वरूप आज कुमेश्वरी साल में दो बार मछली की खेप बेचती हैं और सब्जी बेचकर एवं खर्च काटकर उनकी वार्षिक शुद्ध आय 01 लाख 17 हजार रूपये तक पहुँच गई है।

    बिहान योजना के तहत अटल महिला स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष लाकेश्वरी दीदी बताती है कि समूह के 10 सदस्यों ने फाईल पैड बनाने का प्रशिक्षण लिया और सभी सदस्य सहमत होकर बिहान के माध्यम से 01 लाख रूपये बैंक से ऋण लेकर फाईल पैड की एक छोटी यूनिट स्थापित किया और फाईल पैड विक्रय हेतु उन्होंने केवल शहर पर निर्भर रहने के बजाय आसपास के लोकल बुक डिपो, एवं शासकीय कार्यालय में कम कीमत पर फाईल पैड उपलब्ध कराया जा रहा हैं। फाईल पैड अच्छी गुणवत्ता और कम दाम के कारण उनके मांग बढ़ गई इस प्रकार सभी खर्च निकालने पर प्रत्येक माह सभी सदस्य 07 से 08 हजार रूपये आय अर्जित कर रही है।

    प्रेरणा स्व-सहायता समूह की लोकेश्वरी साहू ने लखपति दीदी पहल के तहत पशु पालन हेतु ’पशु सखी’ से प्रशिक्षण लिया और बिहान के माध्यम से 01 लाख का ऋण लेकर दो उन्नत नस्ल की जर्सी गायें खरीदीं। उन्होंने पारंपरिक चारे के बजाय ’अजोला’ और संतुलित पशु आहार का उपयोग शुरू किया। पशु पालन के साथ-साथ लोकेश्वरी ने आरसेटी के माध्यम से सिलाई मशीन का प्रशिक्षण लेकर सिलाई कार्य प्रारंभ की एवं मशरूम उत्पादन हेतु लोकेश्वरी दीदी ने कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद से मशरूम का प्रशिक्षण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन प्रारंभ किया प्रति दिन 10-15 कि.ग्रा. मशरूम उत्पादन कर 200 रू. प्रति कि.ग्रा. की दर से लोकल बाजार, सी.एल.एफ. मीटिंग एवं स्कूल, जनपद एवं जिला कार्यालय एवं अन्य विभागों में जाकर विक्रय कर रही है। लोकेश्वरी साहू बताती है कि वह केवल दूध बेचना ही नहीं बल्कि बचे हुए दूध से खोवा और पनीर बनाना भी सीखा, जिससे मुनाफा दोगुना हो गया। परिणाम स्वरूप दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री, सिलाई कार्य एवं मशरूम से उनकी मासिक आय 11 हजार रूपये से ऊपर हो गई। जिससे वे साल भर में एवं अन्य कृषि कार्यो से 02 लाख 60 हजार रूपये से अधिक कमा रही हैं।

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में बिहान टीम के साथ इस लखपति पहल की मुहिम को जिले में पूरी सक्रियता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे मुख्यतः संभावित लखपति दीदी के वर्तमान आय, आंकलन एवं अभिसरण के माध्यम से आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी हस्तक्षेप पर फोकस किया गया है। प्रत्येक परिवार हेतु कार्य योजना तैयार कर माइक्रो लेवल पर इसके क्रियान्वयन एवं मैन्युुअल तथा डिजिटल माॅनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित् की गई है। अभी तक जिले में 26 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 20 हजार 982 दीदीयों को लखपति श्रेणी में लाया जा चुका है। शेष को जनवरी से मार्च तक के चैथे क्वार्टर की डिजिटल आजीविका रजिस्टर की एंट्री अप्रैल में होनी है लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। लखपति दीदी पहल के क्रियान्वयन में इस विषय पर विशेष ध्यान दिया गया है कि उनके वर्तमान आय स्त्रोत को ही विकसित कर दो से तीन गतिविधियों से जोड़कर आय में बढ़ोतरी किया जाना है। इसी क्रम में बालोद जिले में विकासखंड डौंडी के ग्राम औराटोला के कुल 65 परिवार 06 स्व-सहायता समूह के 65 सदस्य लखपति दीदी बनी है। उक्तानुसार प्राप्त ग्राम सभा के प्रस्ताव अनुसार ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम बनाई गई है। इसी प्रकार जिले के अन्य विकासखंड में लखपति ग्राम बनाने की कार्यवाही की जा रही है। राज्य कार्यालय से तकनीकी सलाहकार एजेंसी ट्रीप टीम द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया है यथाशीघ्र राज्य स्तर से भी ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम घोषित करने कार्यवाही की जाएगी।

    लखपति ग्राम केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह ग्रामीण भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है। औराटोला की सफलता यह सिखाती है कि कौशल विकास ही असली ताकत है। सरकारी योजनाओं जैसे लखपति दीदी और बिहान का सही समय पर लाभ उठाना विकास की कुंजी है। परिवार के सदस्यों का सहयोग और महिलाओं का नेतृत्व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल सकता है। यह गाँव अब केवल बालोद जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। अन्य ग्राम पंचायतों की महिलाएं और ग्रामीण अब औराटोला का भ्रमण कर यहाँ के मॉडल्स को समझने आ रहे है