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  • ब्रांड के नाम पर धोखा : “महादेव पान मसाला” सेंटर में पुलिस की रेड में बड़ा खुलासा, नकली सिगरेट का काला कारोबार बेनकाब ! असली जैसा दिखने वाला नकली माल पकड़ाया, संचालक गिरफ्तार !

    ब्रांड के नाम पर धोखा : “महादेव पान मसाला” सेंटर में पुलिस की रेड में बड़ा खुलासा, नकली सिगरेट का काला कारोबार बेनकाब ! असली जैसा दिखने वाला नकली माल पकड़ाया, संचालक गिरफ्तार !

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर पुलिस द्वारा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चक्रधरनगर क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी पक्की खोली स्थित “महादेव पान मसाला” सेंटर एवं उसके गोदाम में छापेमारी कर असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली सिगरेट उत्पादों का बड़ा जखीरा जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 61,310 रुपये है।

    मामले में आईटीसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा, नई दिल्ली द्वारा दी गई लिखित शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी काफी समय से तंबाकू निर्माण और वितरण व्यवसाय में एक सक्रिय और प्रतिष्ठित उपस्थिति बनाए रखी है, आईटीसी ने तंबाकू उद्योग में गोल्ड फ्लेक, फ्लेक और कैपस्टन सहित कई अन्य प्रमुख ब्रांडों के स्वामित्व रखा है। कंपनी को रायगढ़ में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट उत्पादों की बिक्री की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने एसएसपी श्री शशि मोहन से संपर्क किया। एसएसपी रायगढ़ के मार्गदर्शन पर पुष्टि के लिए 15 अप्रैल को गोपनीय तरीके से सिगरेट के नमूने खरीदे गए, जिसमें गोल्ड फ्लेक ब्रांड के पैकेट में लोगो एवं फॉन्ट में स्पष्ट गड़बड़ी पाई गई। इसके अलावा “गोल्ड विमल” जैसे उत्पाद भी कंपनी के पंजीकृत ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते पाए गए, जो प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी को दर्शाते हैं।

    तत्काल वैधानिक कार्रवाई हेतु सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर पुलिस ने रेड कार्रवाई की। इस दौरान आईटीसी कंपनी की टीम भी मौके पर थी। मौके पर पाया गया कि “महादेव पान मसाला” सेंटर का संचालक लक्ष्मण दास जय सिंह द्वारा नकली सिगरेट उत्पादों का संग्रहण और थोक वितरण किया जा रहा था, जिससे कंपनी की बौद्धिक संपदा को नुकसान पहुंचाने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुमराह किया जा रहा था।

    रेड के दौरान दुकान एवं गोदाम से नकली सिगरेट के विभिन्न ब्रांडों के बड़ी मात्रा में पैकेट जब्त किए गए, जिनमें नकली गोल्ड विमल पैकेट 920 डिब्बा, गोल्ड फ्लैक किंग 111 डिब्बे, गोल्ड फ्लैक किंग 96 डिब्बा, व्हाइट फ्लेक्स 274 डिब्बा, गोल्ड किंग 4 डिब्बे, गोल किंग 307 नग खुला को जप्त किया गया इन उत्पादों के असली उत्पादों की कुल 61,310 रुपए बताया जा रहा है जिसकी जप्ती की गई है। आरोपित लक्ष्मण दास जय सिंह पिता किशन चंद जय सिंह उम्र 52 वर्ष निवासी 350/2 चक्रधरनगर सिंधी कॉलोनी पक्की खोली थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 161/2026 धारा 318(1), 349 बीएनएस, ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 103, 104 एवं कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63, 64 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है तथा न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत यह पहली बड़ी कार्रवाई है।

  • छत्तीसगढ़ मॉडल का अध्ययन करने पहुंची झारखंड की टीम—आवासीय योजनाओं, नीतियों और नवाचारों से सीख लेगा राज्य, विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तेजी से बढ़ा हाउसिंग सेक्टर

    छत्तीसगढ़ मॉडल का अध्ययन करने पहुंची झारखंड की टीम—आवासीय योजनाओं, नीतियों और नवाचारों से सीख लेगा राज्य, विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तेजी से बढ़ा हाउसिंग सेक्टर

    झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम छत्तीसगढ़ पहुंची, आवासीय योजनाओं और प्रक्रियाओं का करेगी अध्ययन

    रायपुर : झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम अध्ययन प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रवास कर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का विस्तृत अध्ययन करेगा।

    आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अध्ययन दल को योजनाओं, नीतियों और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आईटी आधारित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त श्री बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता श्री संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली से दल को अवगत कराया।

    अध्ययन दल को यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपए की 5145 संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 के तहत 174 करोड़ रुपए की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण, आबंटी पोर्टल एवं एआई चैटबोट की सुविधा शामिल है। साथ ही पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपए की लागत से 78 आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत तथा 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।

    उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन या नए कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। दल आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन कर रहा है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ में गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार तेजी से किया गया, जिससे आम नागरिकों को किफायती दरों पर पक्के मकान उपलब्ध हो सके हैं।

  • “अब जनगणना आपके हाथ में”—छत्तीसगढ़ में स्व-गणना की शुरुआत, 16–30 अप्रैल तक नागरिक खुद भरेंगे जानकारी; मुख्य सचिव श्री विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज की

    “अब जनगणना आपके हाथ में”—छत्तीसगढ़ में स्व-गणना की शुरुआत, 16–30 अप्रैल तक नागरिक खुद भरेंगे जानकारी; मुख्य सचिव श्री विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज की

    छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत : अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

    मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।

    मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

  • “सुशासन तिहार 2026” की बड़ी तैयारी—विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश, 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर

    “सुशासन तिहार 2026” की बड़ी तैयारी—विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश, 30 अप्रैल तक लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर

    सुशासन तिहार-2026 के लिए राज्य सरकार की व्यापक तैयारी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को दिए विस्तृत निर्देश

    जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया है।

     सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।

    अभियान के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। वे हितग्राहियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे तथा सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त करेंगे।

    सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनाएं, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

  • सिंघीतराई हादसे पर सख्त कार्रवाई—लखनलाल देवांगन ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, तकनीकी जांच और दोषियों पर एफआईआर के दिए निर्देश

    सिंघीतराई हादसे पर सख्त कार्रवाई—लखनलाल देवांगन ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, तकनीकी जांच और दोषियों पर एफआईआर के दिए निर्देश

    उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया वेदांता पावर प्लांट के घटनास्थल का निरीक्षण

    कलेक्टर–एसपी एवं वेदांता प्रबंधन के साथ ली समीक्षा बैठक

    तकनीकी पहलुओं की जाँच एवं एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी विभाग के मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    उन्होंने मृत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

    मंत्री श्री देवांगन ने सिंघीतराई में ही कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा वेदांता प्रबंधन के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने श्रम कानूनों के अनुरूप घटना के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जाँच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

    बैठक में वेदांता प्रबंधन के चीफ हेड ऑफ ऑपरेशन श्री सुशील बेहरा ने घटना से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान बॉयलर विशेषज्ञ श्री गुंजन शुक्ला ने हादसे की प्रारंभिक संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मंत्री श्री देवांगन ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जाँच पूरी सतर्कता और सूक्ष्मता से की जाए तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और दुर्घटना में दिव्यांग होने की स्थिति में पेंशन जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने श्रमिकों के ईएसआईसी और पीएफ से संबंधित जानकारी भी ली।

    मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और मुख्यमंत्री स्वयं घटना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    अस्पताल में उपचार करा रहे घायल मजदूरों से मिले उद्योग मंत्री

    उद्योग, श्रम, वाणिज्य, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में घायल मजदूरों से मुलाकात की, जो रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं।

    उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एपेक्स हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल तथा जिंदल–फोर्टिस हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से चर्चा की और शासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

    मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर और निरंतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि कंपनी के मुआवजे के अतिरिक्त प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आप पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते, आपका उपचार सतत रूप से चलता रहेगा।

  • “डबरी से बदली किस्मत”—ग्राम कलारबाहरा के सगनू राम बने आत्मनिर्भरता की मिसाल, मनरेगा से जल संरक्षण, मछली पालन और बहुफसली खेती से बढ़ी आय

    “डबरी से बदली किस्मत”—ग्राम कलारबाहरा के सगनू राम बने आत्मनिर्भरता की मिसाल, मनरेगा से जल संरक्षण, मछली पालन और बहुफसली खेती से बढ़ी आय

    डबरी, मछली पालन और बहुफसली खेती से बदली तकदीर—सगनू बने गांव के प्रेरणास्रोत

    रायपुर :  ग्रामीण विकास की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक प्रभावी माध्यम के रूप में उभरकर सामने आया है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहकर स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। इसका जीवंत उदाहरण अरौद डुबान क्षेत्र के ग्राम कलारबाहरा निवासी सगनू राम की प्रेरक सफलता कहानी है।

     सगनू राम एक छोटे कृषक परिवार से हैं। सीमित भूमि और वर्षा आधारित खेती के कारण उनकी आय अस्थिर रहती थी। सिंचाई की सुविधा न होने से वे वर्ष में केवल एक ही फसल ले पाते थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी।

     परिस्थितियों में बदलाव तब आया जब उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने वर्ष 2023-24 में अपने खेत में 25×25 मीटर की डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकृति मिली। लगभग 2.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके खेत में स्थायी जल स्रोत उपलब्ध करा दिया।

     डबरी बनने के बाद उनकी खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन आया। अब वे नियमित सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे 2 एकड़ में धान की खेती का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़े हैं। इसके साथ ही कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने 1.5 एकड़ में माड़िया (रागी) की खेती शुरू की, जिससे उन्हें लगभग 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई।

     सगनू राम ने डबरी का उपयोग मछली पालन के लिए भी किया, जिससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इस तरह जल संरक्षण, बहुफसली खेती और मछली पालन को जोड़कर उन्होंने एक सशक्त और टिकाऊ आजीविका मॉडल विकसित किया है।

    उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों—जैसे फसल चक्र, जैविक खाद का उपयोग और बेहतर जल प्रबंधन तकनीकों—को भी अपनाया है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ लागत में कमी आई है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन और ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने की योजना बना रहे हैं।

    आज सगनू राम न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य ग्रामीण भी मनरेगा के तहत डबरी निर्माण और उन्नत कृषि गतिविधियों की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

     इस सफलता के पीछे ग्राम पंचायत, मनरेगा योजना और कृषि विभाग का समन्वित प्रयास रहा है। समय पर मार्गदर्शन और सहायता ने सगनू राम के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

    सगनू राम की यह कहानी साबित करती है कि योजनाओं का सही उपयोग और नवाचार के साथ किया गया परिश्रम सीमित संसाधनों में भी आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। यह ग्रामीण भारत के लिए आशा, प्रेरणा और विकास का सशक्त संदेश है।

  • अब तहसील के चक्कर खत्म—लिंक कोर्ट की पहल से गांव में ही निपट रहे नामांतरण और सीमांकन के मामले, प्रशासन के प्रति बढ़ा भरोसा

    अब तहसील के चक्कर खत्म—लिंक कोर्ट की पहल से गांव में ही निपट रहे नामांतरण और सीमांकन के मामले, प्रशासन के प्रति बढ़ा भरोसा

    गांव में ही मिला न्याय—अकलाडोंगरी लिंक कोर्ट से राजस्व मामलों का त्वरित समाधान

    रायपुर :  धमतरी जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ और डूबान प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाने की दिशा में किया जा रहा नवाचार अब प्रभावी परिणाम देने लगा है। जीप।प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत भवन अकलाडोंगरी में आयोजित लिंक कोर्ट के माध्यम से आज कई राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।

     लिंक कोर्ट की कार्यवाही में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने आवेदन लेकर पहुंचे। पीठासीन अधिकारी ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सुनवाई करते हुए त्रुटि सुधार के 3 मामलों का तत्काल निराकरण किया। इसके अलावा फौती नामांतरण के 2, क्रय-विक्रय आधारित नामांतरण के 2, भूमि सीमांकन का 1 तथा खाता विभाजन का 1 नया आवेदन प्राप्त हुआ।

     आज की कार्यवाही की खास उपलब्धि एक जटिल और विवादित नामांतरण प्रकरण का स्थानीय स्तर पर समाधान रहा। इस मामले में सभी 12 हितबद्ध पक्षकारों के बयान मौके पर ही दर्ज किए गए, जिससे लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को गति मिली और अनावश्यक विलंब समाप्त हुआ।

     लिंक कोर्ट के आयोजन से ग्रामीणों को अब तहसील मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। गांव में ही सुनवाई होने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है, साथ ही पारदर्शी प्रक्रिया से प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

    जिला प्रशासन ने राजस्व सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि प्रत्येक गुरुवार को अकलाडोंगरी और प्रत्येक शुक्रवार को बोरई में नियमित रूप से लिंक कोर्ट आयोजित किया जाए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में शासन की सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

     गांव में त्वरित न्याय और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से संतुष्ट ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल सुशासन और जनसेवा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही है।

  • कबाड़ माफिया पर सख्त एक्शन : पुलिस की रेड में कबाड़ माफिया का बड़ा खुलासा, 21 लाख का काला खेल बेनकाब ! भागने का मौका नहीं मिला, 5 वाहनों के साथ अवैध कारोबार पर पुलिस का बड़ा वार ! चार आरोपी गिरफ्तार.

    कबाड़ माफिया पर सख्त एक्शन : पुलिस की रेड में कबाड़ माफिया का बड़ा खुलासा, 21 लाख का काला खेल बेनकाब ! भागने का मौका नहीं मिला, 5 वाहनों के साथ अवैध कारोबार पर पुलिस का बड़ा वार ! चार आरोपी गिरफ्तार.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन_प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ के परिवहन और संग्रहण पर प्रभावी अंकुश लगाने रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना पूंजीपथरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहां अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 5 वाहनों से कुल 89.28 टन अवैध कबाड़ जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये है।

    गौरतलब हो कि जिले में अवैध कबाड़ के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन के निर्देशन पर रायगढ़ पुलिस द्वारा लगातार सघन और सुनियोजित कार्रवाई की जा रही है। इसी दिशा में 14 अप्रैल को पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के प्रमुख उद्योगों एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध स्क्रैप कारोबार के विभिन्न आयामों—जैसे टैक्स चोरी, जीएसटी धोखाधड़ी, औद्योगिक इकाइयों से लोहा-तांबा चोरी तथा चोरी के माल की अवैध खरीद-बिक्री—पर एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी श्री मयंम मिश्रा, जीएसटी अधिकारी श्री मनीष मिश्रा, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा द्वारा गंभीरता से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उद्योग प्रबंधन को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि किसी भी तरह से अवैध कबाड़ कारोबार का हिस्सा न बनें। वे केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही कबाड़ सामग्री का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध लेन-देन या गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें, जिससे अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

    इसी कड़ी में डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सुपरविजन में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा और एएसआई उमाशंकर विश्वाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अग्रोहा प्लांट के पास पार्किंग, तमनार चौक पूंजीपथरा और गेरवानी सलासर चौक क्षेत्र में मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए 4 ट्रकों को अवैध कबाड़ परिवहन करते पकड़ा और क्रमवार सघन कार्रवाई की गई।

    1. अग्रोहा प्लांट के पास पार्किंग क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG15EB9886 को रोककर जांच की गई, जिसमें चालक नीरज कुमार निवासी औरंगाबाद (बिहार) मौजूद मिला। ट्रक में लगभग 25 टन 510 किलोग्राम अवैध स्क्रैप कबाड़ लोड था, जिसकी कीमत करीब 6.37 लाख रुपये आंकी गई, वहीं ट्रक की कीमत लगभग 7 लाख रुपये है। चालक द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कुल 11.37 लाख रुपये की संपत्ति जप्त कर विधिवत कार्रवाई की गई।

    2. तमनार चौक, पूंजीपथरा के पास ट्रक क्रमांक CG15AC1320 को पकड़ा गया, जिसे चालक अबताब खान निवासी सरगुजा चला रहा था। वाहन में करीब 24 टन 200 किलोग्राम कबाड़ लोड था, जिसकी अनुमानित कीमत 6.05 लाख रुपये एवं ट्रक की कीमत करीब 9 लाख रुपये है। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कुल 15.05 लाख रुपये की जप्ती कर कब्जे में लिया गया।

    3. महालक्ष्मी काटिंग प्रा.लि. के पास पार्किंग क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG15EC9886 की जांच की गई, जिसमें चालक एम.डी. अलीम निवासी पलामू (झारखंड) मिला। ट्रक में लगभग 4 टन 950 किलोग्राम स्क्रैप कबाड़ लोड था, जिसकी कीमत करीब 1.23 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत लगभग 7 लाख रुपये है। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कुल 8.23 लाख रुपये की जप्ती की गई।

    4. गेरवानी सलासर चौक के पास छः चक्का ट्रक क्रमांक CG07CC0311 को रोककर जांच की गई, जिसे चालक शुभाष शर्मा निवासी बरगढ़ (ओडिशा) चला रहा था। वाहन में करीब 11 टन कबाड़ लोड था, जिसकी कीमत लगभग 2.75 लाख रुपये एवं ट्रक की कीमत करीब 7 लाख रुपये है। कुल 9.75 लाख रुपये की संपत्ति जप्त कर विधिवत कार्रवाई की गई।

    इन चारों मामलों में अनावेदकों द्वारा किसी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस द्वारा पृथक-पृथक /धारा-35 (क) (ड) BNSS/ 303(2) BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई करते हुए अनावेदकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

    5. वहीं एक अन्य कार्रवाई में गेरवानी सलासर चौक के पास ट्रक क्रमांक CG04LE9157 लावारिस हालत में खड़ा मिला, जिसमें लगभग 23 टन 620 किलोग्राम कबाड़ लोड था। मौके पर चालक अथवा वाहन स्वामी का कोई पता नहीं चलने पर संदेह के आधार पर वाहन को जप्त कर धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन स्वामी की पतासाजी की जा रही है।

  • रायपुर में आधुनिक बैंकिंग की नई शुरुआत—विष्णुदेव साय ने भारतीय स्टेट बैंक के नए अत्याधुनिक भवन का किया शुभारंभ, ग्राहकों को मिलेंगी उन्नत सुविधाएं

    रायपुर में आधुनिक बैंकिंग की नई शुरुआत—विष्णुदेव साय ने भारतीय स्टेट बैंक के नए अत्याधुनिक भवन का किया शुभारंभ, ग्राहकों को मिलेंगी उन्नत सुविधाएं

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित एसबीआई के नये भवन का किया शुभारंभ, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से मिलेगा लाभ

    रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

  • सिंघीतराई प्लांट हादसे पर सरकार सख्त—लखन लाल देवांगन ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल, विष्णुदेव साय के निर्देश पर सर्वोत्तम उपचार और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

    सिंघीतराई प्लांट हादसे पर सरकार सख्त—लखन लाल देवांगन ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल, विष्णुदेव साय के निर्देश पर सर्वोत्तम उपचार और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

    सिंघीतराई प्लांट हादसा: कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने घायलों का जाना हालचाल, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों को मिल रहा सर्वोत्तम उपचार, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

    मृतकों व घायलों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग की घोषणा, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे.

    श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।

    मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

     इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

    इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।