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  • आधुनिक पुलिसिंग की ओर कदम : लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस ! समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को मिला अल्टीमेटम, आईजी ने समीक्षा बैठक में तकनीक और पारदर्शिता पर दिया फोकस.

    आधुनिक पुलिसिंग की ओर कदम : लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस ! समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को मिला अल्टीमेटम, आईजी ने समीक्षा बैठक में तकनीक और पारदर्शिता पर दिया फोकस.

    दिनांक 05 मई 2026 को श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में श्री रजनेश सिंह उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर श्री भोजराम पटेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक जिला सक्ती श्री आंजनेय वार्ष्णेय, पुलिस अधीक्षक जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक जिला जाँजगीर-चाम्पा श्रीमती प्रतिभा मरकाम, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्या.) जिला-कोरबा, श्री विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर उपस्थित रहे।

    ▪️ लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण रेंज में धारा 173(8) Crpc/193 (9) BNSS के कुल 752 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या कोरबा (222) और बिलासपुर (145) जिले की है. आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिया कि वर्ष 2021 और उससे पुराने प्रकरणों को आगामी दो महीनों में शून्य करने का लक्ष्य रखें. साथ ही, फरार आरोपियों की समीक्षा कर जल्द चालान पेश करने को कहा गया है।

    ▪️ संवेदनशील अपराधों पर नजर लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे अपराधों में संलिप्त फरार आरोपियों की आदतों को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखने और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।

    ▪️ प्रक्रियात्मक सुधार (जीरो मर्ग/MLC) किसी अस्पताल से MLC प्राप्त होने पर संबंधित थाना प्रभारी को 24 घंटे के भीतर घटना स्थल वाले थाने को सूचित करना अनिवार्य होगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में जांच न रोके और पंचनामा/बयान की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ▪️ मानस पोर्टल नारकोटिक्स से संबंधित प्राप्त हर इनपुट का शत-प्रतिशत सत्यापन करने की जिम्मेदारी जिला ANTF को दी गई है.

    ▪️ सशक्त एप पुलिसिंग डेटा को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं.

    ▪️ अनुभव एप जनता से सकारात्मक फीडबैक प्राप्त करने हेतु उन्हें प्रेरित करने को कहा गया है, यह सुनिश्चित किया जाए कि फीडबैक स्वैच्छिक हो.

  • नवा रायपुर में आईपीएल महा-आयोजन की तैयारी जोरों पर: 10 और 13 मई को क्रिकेट का रोमांच, विकासशील ने संभाली कमान, सुरक्षा–यातायात व्यवस्था पर सख्त निर्देश

    नवा रायपुर में आईपीएल महा-आयोजन की तैयारी जोरों पर: 10 और 13 मई को क्रिकेट का रोमांच, विकासशील ने संभाली कमान, सुरक्षा–यातायात व्यवस्था पर सख्त निर्देश

    नवा रायपुर में आईपीएल का रोमांच मैच 10 और 13 मई को, मुख्य सचिव ने तैयारियों की कमान संभाली, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कड़े निर्देश

    रायपुर : नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके।

    मैचों का शेड्यूल

    10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम मुंबई इंडियंस (डप्) और 13 मई 2026 को रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (ज्ञज्ञत्) के मध्य मैच खेला जाएगा।

    सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर

     मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी।

    आपातकालीन सेवाएं

     फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

    नियादी सुविधाओं की उपलब्धता

     लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरानछत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।

     बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव श्री यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया।

  • नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म से सनसनी  : दरिंदगी की हद पार ! पहले बुलाया, फिर बनाया शिकार ! नाबालिग को सुनसान में ले जाकर किया गैंगरेप, जशपुर में दोनों आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल.

    नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म से सनसनी  : दरिंदगी की हद पार ! पहले बुलाया, फिर बनाया शिकार ! नाबालिग को सुनसान में ले जाकर किया गैंगरेप, जशपुर में दोनों आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल.

    प्रकरण का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 05 मई 2026 को थाना बागबहार क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी जो कि पीड़ित बालिका के पिता हैं ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 03 मई 2026 को उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को रात्रि करीबन 08:00 बजे, आरोपियों में से एक आकाश कुजूर उम्र 18 वर्ष, जो कि पड़ोस गांव का था व पूर्व परिचित था, प्रार्थी की नाबालिग बेटी को किसी काम से, गांव के एक जगह में मिलने के लिए बुलाया था, परंतु उस दौरान प्रार्थी की नाबालिग बेटी, वहां नहीं गई। फिर करीबन एक घंटे पश्चात प्रार्थी की नाबालिग बेटी, रात्रि लगभग 09:00 बजे, दैनिक शंका हेतु खेत-बाड़ी की ओर गई थी कि तभी वहां आरोपी आकाश कुजूर आ पहुंचा, उसके साथ अन्य आरोपी नितेश कुजूर उम्र 22 वर्ष भी था, जिनके द्वारा प्रार्थी की नाबालिग बेटी को जबरन खींचकर, धमकी देते हुए खेत के पास एक सूनसान जगह में ले जाया गया, फिर दोनों के द्वारा प्रार्थी की बेटी के साथ बारी-बारी जबरन दुष्कर्म किया गया। उसकी नाबालिग बेटी किसी तरह वहां से भागकर घर आई तथा घटना के संबंध में मुझ प्रार्थी व अपनी मां को अवगत कराई।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल थाना फरसाबहार में प्रार्थी की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 137(2),65(1),70(2) व पॉस्को एक्ट की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व नाबालिग पीड़िता का स्वास्थ्य उपचार भी कराया गया।

    पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को उनके घर से हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस की पूछताछ पर दोनों आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

  • कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: रायपुर में राज्यस्तरीय वर्कशॉप, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विशेषज्ञों के साथ ADR, MDT सुरक्षा व AMR पर गहन मंथन

    कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: रायपुर में राज्यस्तरीय वर्कशॉप, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विशेषज्ञों के साथ ADR, MDT सुरक्षा व AMR पर गहन मंथन

    रायपुर में कुष्ठ उन्मूलन पर राज्यस्तरीय वर्कशॉप, फार्माकोविजिलेंस और AMR पर विशेष फोकस

    जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण, ADR रिपोर्टिंग व MDT सुरक्षा पर जोर

    रायपुर : कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में आज राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स में राज्यस्तरीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेशभर से जिला कुष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं विभिन्न विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    यह कार्यक्रम केंद्रीय कुष्ठ प्रभाग , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसमें जिला कुष्ठ अधिकारी, राज्य कुष्ठ टीम एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन  और ILEP के विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही रीजनल लेप्रोसी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट रायपुर तथा फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया से जुड़े विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

    एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर अधिकारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना रहा। इस दौरान फार्माकोविजिलेंस के अंतर्गत दवाओं के दुष्प्रभाव की रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने तथा मल्टी ड्रग थेरेपी  की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) सर्विलांस और राष्ट्रीय रणनीतिक योजना 2023–27 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

    कार्यशाला में कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए जमीनी स्तर की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार की गई। प्रशिक्षण उपरांत प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए ।

    विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं, बल्कि कुष्ठ उन्मूलन जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रायपुर में आयोजित यह पहल प्रदेश की जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर रीजनल लेप्रोसी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, रायपुर के निदेशक डॉ. संदीप जोगदंड, राज्य कुष्ठ अधिकारी छत्तीसगढ़ डॉ. जितेन्द्र कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन भारत से टीम लीडर (हेल्थ सिस्टम्स) डॉ. ग्रेस अचुंगुरा, तकनीकी अधिकारी डॉ. मधुर गुप्ता, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुगाझेन्थन थंगराजू, इंडियन फार्माकोपिया कमीशन की फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट डॉ. जयश्री सुरेश तथा सेंट्रल लेप्रोसी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. एम. स्वप्ना विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

  • खेती में नवाचार का नया अध्याय: शुगरबीट की अंतरफसली तकनीक से बढ़ेगी पैदावार और मुनाफा, किसानों के लिए खुलेंगी आत्मनिर्भरता की नई राहें

    खेती में नवाचार का नया अध्याय: शुगरबीट की अंतरफसली तकनीक से बढ़ेगी पैदावार और मुनाफा, किसानों के लिए खुलेंगी आत्मनिर्भरता की नई राहें

    रायपुर : छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण रायपुर ने राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) कानपुर के सहयोग से बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स गोढ़ी (दुर्ग) में किसान सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य गन्ना आधारित खेती में सफेद चुकंदर (शुगरबीट) को अंतरफसली के रूप में अपनाकर भूमि उपयोग दक्षता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना था। इस दौरान किसानों को शुगरबीट की खेती का प्रत्यक्ष भ्रमण कराया गया एवं फसल की खुदाई भी की गई, जिसमें शुगरबीट का औसत वजन लगभग 3.7 किलोग्राम पाया गया, जो इसकी सफल खेती की संभावनाओं को दर्शाता है।

    मुख्य अतिथि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर की निदेशक डॉ. सीमा परोहा ने कहा कि गन्ना-शुगरबीट अंतरफसली खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का व्यवहारिक विकल्प है। इस तकनीक का सफल परीक्षण राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में किया जा चुका है छत्तीसगढ़ में सीबीडीए के सहयोग से इसका प्रथम क्रियान्वयन हुआ है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

    सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने बताया कि नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट के सहयोग से राज्य में पहली बार गन्ना एवं सफेद चुकंदर (शुगरबीट) की अंतरफसली खेती पर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। शुगरबीट लगभग 5–6 माह में तैयार हो जाती है और इसे गन्ने के साथ उगाकर अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे बायोएथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त कच्चा माल उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

    सहायक परियोजना अधिकारी श्री संतोष कुमार मैत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार गन्ना एवं शुगरबीट की अंतरफसली खेती पर ग्राम गोढ़ी में अनुसंधान प्रारंभ किया गया है। राष्ट्रीय शर्करा संस्था से प्राप्त उन्नत किस्म के माध्यम से किए गए इस अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक हैं, विशेषकर मुरुम भूमि में इसकी सफलता ने किसानों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं।

    सहायक प्राध्यापक डॉ. लोकेश बाबर ने किसानों को शुगरबीट की खेती अपनाने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि यह कम लागत में अधिक लाभ देने वाली तकनीक है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा परोहा ने प्राधिकरण के परिसर स्थित हर्बेरियम एवं आर्बोरेटम का भ्रमण किया तथा ऊर्जा फसल नेपियर घास के क्षेत्र का अवलोकन किया, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावनाएं हैं।

  • नशे में बाइक चलाना पड़ा भारी: अम्बिकापुर में युवक पर ₹11,000 का जुर्माना, पुलिस की सख्ती से यातायात नियम तोड़ने वालों को कड़ा संदेश

    नशे में बाइक चलाना पड़ा भारी: अम्बिकापुर में युवक पर ₹11,000 का जुर्माना, पुलिस की सख्ती से यातायात नियम तोड़ने वालों को कड़ा संदेश

    मोटरसाइकिल चालक को न्यायालय से 11000 का अर्थदंड

    शराब के नशे में मोटरसाइकिल चलाना पड़ा महंगा

    चालक का डाक्टरी मुलाहिजा से शराब पिए होने की पुष्टि

    अम्बिकापुर : दिनांक 29.04.2026 को देवरी रोड पर थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा वाहन चेकिंग की जा रही थी। जो चेकिंग के दौरान TVS अपाचे मोटरसाइकिल का चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाया गया। जो पुलिस द्वारा रोके जाने पर नहीं रोका। वाहन चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन किये जाने पर अपाचे मोटरसाइकिल क्रमांक CG15EG 3203 के चालक सोनू कुमार पिता महादेव राम उम्र 29 वर्ष उरदरा थाना लुंड्रा जिला सरगुजा के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही करते हुए धारा 185, 3/181, 29/194 (D) मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही को गई है।

    पुलिस द्वारा वाहन चालक का डाक्टरी मुलाहिजा कराकर, अपाचे वाहन जप्त कर माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया है किया गया है। जहाँ माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 05/052026 को धारा 185, 3/181, 29/194 (D) मोटर व्हीकल एक्ट में वाहन चालक से 11000 का अर्थदंड से दण्डित किया है। सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक सेंगर की सक्रिय भूमिका रही।

  • बस्तर में विकास की नई दस्तक: विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ा आर्थिक सशक्तिकरण और विश्वास

    बस्तर में विकास की नई दस्तक: विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ा आर्थिक सशक्तिकरण और विश्वास

    बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

    सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया

    रायपुर : साय सरकार के गठन के बाद से बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी

    इससे पूर्व भी वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे।

    उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं।

    ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं

    पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है।

    बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं।

    दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है।

    कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं।

    स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

  • महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल: विष्णु देव साय सरकार का बड़ा फैसला, अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट, संपत्ति स्वामित्व से बढ़ेगी आर्थिक ताकत

    महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल: विष्णु देव साय सरकार का बड़ा फैसला, अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट, संपत्ति स्वामित्व से बढ़ेगी आर्थिक ताकत

    महिला सशक्तिकरण की नई इबारत : छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट

    रायपुर : छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।

    निर्णय का मुख्य उद्देश्य

     इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।

    मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।

    राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ

     वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे।

    क्या कहती है अधिसूचना?

     राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

  • सुलह से मिलेगा समाधान : ‘समाधान समारोह 2026’ के जरिए सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे की पहल, 21 अप्रैल से शुरू अभियान अगस्त में पहुंचेगा शिखर पर

    सुलह से मिलेगा समाधान : ‘समाधान समारोह 2026’ के जरिए सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे की पहल, 21 अप्रैल से शुरू अभियान अगस्त में पहुंचेगा शिखर पर

    उच्चतम न्यायालय में “समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026” का होगा आयोजन

    आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से होगा मामलों का निराकरण

    21 अप्रैल से जारी है समाधान अभियान

    जशपुर : न्याय को सरल, सुलभ एवं जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जिसकी परिणति 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत के रूप में होगी। इस विशेष लोक अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों को आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। समाधान समारोह का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पक्षकारों के बीच संवाद, सहभागिता और सहमति के आधार पर विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

     सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला-जशपुर कु. श्वेता बघेल ने बताया कि समाधान समारोह के अंतर्गत 21 अप्रैल 2026 से ही सुलह वार्ता की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। लोक अदालत के पूर्व विभिन्न स्तरों पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जहां मामले के पक्षकार और उनके अधिवक्ता आपसी चर्चा के माध्यम से समाधान तलाश सकेंगे। इन सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा समितियों के मध्यस्थता केंद्रों में किया जाएगा। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं विधिक सेवा प्राधिकरण/समिति के सचिव पक्षकारों को सहयोग प्रदान करेंगे। पक्षकार इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से अथवा वर्चुअल/ऑनलाइन माध्यम से भी शामिल हो सकेंगे। समाधान समारोह में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक बाउंस मामले, भू-अधिग्रहण, आपराधिक सुलहनीय प्रकरण, श्रम विवाद तथा अन्य राजीनामा योग्य मामलों को शामिल किया जाएगा। मामलों का निराकरण दोनों पक्षों की सहमति से ही किया जाएगा।

     अपने मामले (जो सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है) को “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026” में शामिल कराने के लिए गूगल फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक पक्षकार सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.sci.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। गूगल फॉर्म लिंक : https://forms.gle/pRWbif6wAPrcgMsZ8

    गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।

     समाधान समारोह से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी के लिए वन स्टॉप सेंटर (वार रूम) से संपर्क किया जा सकता है। वन स्टॉप सेंटर इंचार्ज का संपर्क नंबर 011-23115652 एवं 011-23116464 है। सीआरपी निदेशक का संपर्क नंबर 011-23115652 एवं 011-23116465 है। वन स्टॉप सेंटर, कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सर्वोच्च न्यायालय में स्थापित किया गया है। ईमेल आईडी speciallokadalat2026@sci.nic.in है।

  • बगिया कैंप कार्यालय की पहल लाई रोशनी: दाराखरिका में बिजली संकट का हुआ समाधान, ट्रांसफार्मर लगते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले, सीएम साय के प्रति जताया आभार

    बगिया कैंप कार्यालय की पहल लाई रोशनी: दाराखरिका में बिजली संकट का हुआ समाधान, ट्रांसफार्मर लगते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले, सीएम साय के प्रति जताया आभार

    वर्षों का इंतजार खत्म, दाराखरिका में ट्रांसफार्मर लगा—ग्रामीणों में खुशी की लहर, सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में ग्रामीणों ने लगाई थी गुहार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार.

    जशपुर : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के निर्देश के बाद दाराखरिका में वर्षों से लंबित विद्युत समस्या का समाधान हो गया है।यहां के माध्यमिक शाला के पास जहां खंभे तो वर्षों पहले लगा दिए गए थे, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी, वहां अब ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से इस मुहल्ले में लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। खंभे लगने के बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार विभाग को अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही।

    आखिरकार स्थानीय ग्रामीणों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या रखी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर संबंधित विभाग ने दाराखरिका में ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी।इस कार्य के पूरा होते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि “कई वर्षों से जो सपना अधूरा था, वह आज पूरा हुआ है। अब हमें नियमित बिजली मिल रही है, जिससे दैनिक जीवन और बच्चों की पढ़ाई दोनों में सुविधा होगी।”ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देश और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की सक्रियता से यह संभव हो पाया।ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री एवं कैंप कार्यालय के प्रति सदैव आभारी रहेंगे।