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  • PMEGP ने बदली बीजापुर के रमेश नाग की तकदीर, सीमेंट ब्रिक्स उद्योग से बने आत्मनिर्भर और रोजगारदाता

    PMEGP ने बदली बीजापुर के रमेश नाग की तकदीर, सीमेंट ब्रिक्स उद्योग से बने आत्मनिर्भर और रोजगारदाता

    सफलता की कहानी : पीएमईजीपी योजना से बदली रमेश नाग की जिंदगी

    सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर बने आत्मनिर्भर, दूसरों के लिए भी बने प्रेरणा

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासकीय योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने बीजापुर जिले के निवासी रमेश नाग के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इस योजना की मदद से उन्होंने सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर अपना सफल व्यवसाय शुरू किया है।

    पूंजी की कमी बनी थी सबसे बड़ी चुनौती

    रमेश नाग लंबे समय से अपना सीमेंट ब्रिक्स निर्माण व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर से संपर्क किया, जहां उन्हें पीएमईजीपी योजना की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिला।

    10 लाख रुपये का ऋण और 3.50 लाख रुपये का अनुदान मिला

    योजना के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बीजापुर के सहयोग से रमेश नाग को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसके साथ ही उन्हें लगभग 3.50 लाख रुपये का मार्जिन मनी (अनुदान) भी प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित की।

    स्वरोजगार के साथ दूसरों को भी मिला रोजगार

    आज रमेश नाग की इकाई में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट ब्रिक्स का उत्पादन हो रहा है। इससे स्थानीय निर्माण कार्यों की जरूरतें पूरी हो रही हैं और आसपास के लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।

    सरकारी योजना ने पूरा किया आत्मनिर्भर बनने का सपना

    रमेश नाग बताते हैं कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का लाभ नहीं मिलता, तो अपना उद्योग शुरू करना संभव नहीं था। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।

    दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह प्रयास

    रमेश नाग की सफलता यह साबित करती है कि यदि शासकीय योजनाओं का सही समय पर लाभ लिया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बनना संभव है। उनकी सफलता आज बीजापुर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दे रही है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खेती को मिली रफ्तार, 4.77 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी; खाद-बीज वितरण तेज

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खेती को मिली रफ्तार, 4.77 लाख हेक्टेयर में बोनी पूरी; खाद-बीज वितरण तेज

    प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती-किसानी में तेजी

    राज्य में 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 10 प्रतिशत बोनी पूर्ण

    इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज

    किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

    प्रदेश में अब तक 96.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी

    रायपुर : प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य तेजी के साथ शुरू हो गया है। राज्य में अब तक 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 10 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

    प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 7.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 10 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 02 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 96.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।

    अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 62 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।

    अधिकारियों बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। खरीफ सीजन 2026 के लिए 30 जून की स्थिति में 5525 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4517 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

  • सुकमा में ग्रामीण विकास की नई शुरुआत, 125 दिन रोजगार और 300 रुपये मजदूरी वाली योजना का शुभारंभ

    सुकमा में ग्रामीण विकास की नई शुरुआत, 125 दिन रोजगार और 300 रुपये मजदूरी वाली योजना का शुभारंभ

    सुकमा में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’ का शुभारंभ

    ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) ग्राम योजना’ का शुभारंभ किया गया। सुकमा जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी

    सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

    महिलाओं और युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

    योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास, वित्तीय सहायता और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

    जनप्रतिनिधियों ने बताया ग्रामीण विकास की बड़ी पहल

    कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार कुंजाम, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने योजना को ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

    केंद्रीय मंत्री के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण

    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसमें विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका, रोजगार सृजन और आजीविका के नए अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

    जिला प्रशासन का विश्वास है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, लोगों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह योजना आत्मनिर्भर गांव और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • नक्सल प्रभावित सुकमा ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, आयुष्मान आरोग्य केंद्र को मिला NQAS प्रमाणपत्र

    नक्सल प्रभावित सुकमा ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, आयुष्मान आरोग्य केंद्र को मिला NQAS प्रमाणपत्र

    सफलता की कहानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जनकल्याणकारी सोच और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुकमा ने रचा नया कीर्तिमान

    आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन (एनक्वास) प्रमाणपत्र

    जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे

    रायपुर :  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुदूर और नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं।

    93.04 प्रतिशत अंक के साथ हासिल की राष्ट्रीय उपलब्धि

    कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना तथा श्री माड़वी हिड़मा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम की मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।

    कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला एनक्वास प्रमाणपत्र

    एनक्वास (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इसमें मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है।

    7,417 ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

    आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से लैस है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

    शासकीय योजनाओं से बदल रही सुकमा की तस्वीर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

    अन्य जिलों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल

    सुकमा की यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज सुकमा का यह मॉडल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

  • सोठी आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बोले— मानवता, सेवा और संवेदना की मिसाल है यह संस्थान

    सोठी आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बोले— मानवता, सेवा और संवेदना की मिसाल है यह संस्थान

    मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम में सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास कार्यों का किया अवलोकन

    सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान सोठी स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख श्री सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत केंद्र है। यहाँ वर्षों से समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद लोगों की गरिमा के साथ सेवा की जा रही है, जो भारतीय संस्कृति के ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के आदर्श को साकार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सेवा भाव को नमन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस आश्रमवासियों एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रमवासियों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर हरा चारा अर्पित किया और गौसेवा का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण कर ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर सहित विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने वाहन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचाई जा रही कैंसर जांच सेवाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसी पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब,सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, विधायक जगदलपुर श्री किरण सिंह देव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री भोजराज देवांगन, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल, आर्थिक जरूरत पड़ते ही शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा तत्काल लोन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल, आर्थिक जरूरत पड़ते ही शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा तत्काल लोन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से अब अल्पावधि ऋण सुविधा उपलब्ध

    ई-कोष से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों को मिलेगा त्वरित, पारदर्शी एवं सुरक्षित ऋण

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पावधि ऋण (Short Term Credit) की सुविधा प्रारंभ की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं के समय त्वरित, सरल एवं पारदर्शी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें असुविधाजनक अथवा अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े।

    यह सुविधा राज्य शासन की ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों के कल्याण और उनकी आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आवश्यकता के समय कर्मचारियों को त्वरित, सरल और पारदर्शी वित्तीय सहायता उपलब्ध हो, इसी उद्देश्य से अल्पावधि ऋण सुविधा प्रारंभ की गई है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से यह सुविधा सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होगी। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से कर्मचारियों के हितों को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।

    वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह अल्पावधि ऋण सुविधा कर्मचारियों को आवश्यकता के समय त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी तथा उन्हें सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वित्तीय विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी एवं सुरक्षित है। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर (Employee Corner) के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ऋण से संबंधित सभी शर्तें, ब्याज दर, ईएमआई, शुल्क तथा की फैक्ट स्टेटमेंट (Key Fact Statement-KFS) जैसी आवश्यक जानकारियां पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कर्मचारी पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।

    नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के उपरांत ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण तथा सहमति (Consent) की प्रक्रिया पूर्ण होने पर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की जाएगी। ऋण की मासिक किस्तों का भुगतान वेतन से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

    वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure-SOP) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता एवं डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल उनकी सहमति से किया जाएगा तथा सभी लेन-देन सुरक्षित डिजिटल माध्यम से संपन्न होंगे।

    इस पहल से कर्मचारियों को आकस्मिक चिकित्सा, शिक्षा, पारिवारिक अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुदृढ़ होगी तथा औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बनेगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त विभाग की यह पहल कर्मचारी हितैषी शासन, सुशासन और डिजिटल प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • सुकमा में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ‘तेजस कार्यशाला’ से स्टार्टअप और स्वरोजगार की खुलेंगी नई राहें

    सुकमा में युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ‘तेजस कार्यशाला’ से स्टार्टअप और स्वरोजगार की खुलेंगी नई राहें

    सुकमा में आयोजित होगी ‘तेजस कार्यशाला’ : स्टार्टअप, ओडीओपी और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े अवसरों की मिलेगी जानकारी

    रायपुर : युवाओं, महिलाओं, किसानों और नए उद्यमियों को स्वरोजगार तथा उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सुकमा द्वारा 3 जुलाई को शबरी ऑडिटोरियम, सुकमा में एक दिवसीय ‘तेजस कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला स्टार्टअप इंडिया (DPIIT) के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।

    कार्यशाला का उद्देश्य जिले के युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) तथा स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों को शासकीय योजनाओं और नए व्यवसाय के अवसरों की जानकारी देना है।

    कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रतिभागियों को स्टार्टअप पंजीकरण, विभिन्न शासकीय योजनाओं, बैंक ऋण, वित्तीय सहायता, मार्केटिंग, ब्रांडिंग तथा व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के बारे में सरल एवं उपयोगी जानकारी देंगे। साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), फूड प्रोसेसिंग, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    इस कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, एमएसएमई इकाइयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, लाइवलीहुड कॉलेज, शासकीय महाविद्यालयों, एफपीओ, कृषक उत्पादक संगठनों तथा जिले के इच्छुक युवाओं और उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है।

    यह कार्यशाला स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, नए रोजगार के अवसर सृजित करने, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा सुकमा जिले में उद्यमिता और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

  • कबीरधाम से शुरू हुई ग्रामीण विकास की नई क्रांति, 125 दिन रोजगार और 300 रुपये मजदूरी वाली VB-G RAM G योजना का शुभारंभ

    कबीरधाम से शुरू हुई ग्रामीण विकास की नई क्रांति, 125 दिन रोजगार और 300 रुपये मजदूरी वाली VB-G RAM G योजना का शुभारंभ

    कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

    उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

    ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना–उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

    ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन

    योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा

    रायपुर : ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।

     केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। श्री चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।

     उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

     पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

     कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति

     उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

    मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण

     कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर योजना का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं इसमें जनभागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया।

    पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वृहद स्तर पर हुआ पौधरोपण

     पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

  • 3 जुलाई की सुबह बनेगी ऐतिहासिक, मरीन ड्राइव पर हजारों कदमों के साथ शुरू होगा ‘सहकार संकल्प दौड़’ अभियान

    3 जुलाई की सुबह बनेगी ऐतिहासिक, मरीन ड्राइव पर हजारों कदमों के साथ शुरू होगा ‘सहकार संकल्प दौड़’ अभियान

    3 जुलाई को रायपुर में दौड़ेगा छत्तीसगढ़, होगा भव्य ‘सहकार संकल्प दौड़’ का आयोजन

    सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देने एक साथ जुटेंगे प्रदेशवासी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से 3 जुलाई को राजधानी रायपुर में ‘सहकार संकल्प दौड़’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।

    यह आयोजन “सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर” थीम पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वास्थ्य और सामूहिक विकास का संदेश देना है।

    सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव से होगी शुरुआत

    सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से नागरिक, युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य और विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे।

    विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार

    दौड़ में पुरुष और महिला वर्ग के प्रतिभागियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इससे नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।

    सहकारिता और स्वस्थ जीवन का संदेश

    सहकार संकल्प दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि जनजागरण का अभियान है। इसके माध्यम से सहकारिता को मजबूत बनाने, समाज में सहयोग की भावना विकसित करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा।

    इस आयोजन का उद्देश्य “सहकारिता से समृद्धि”, “साथ चलें, साथ बढ़ें” और “स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।

    अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील

    छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से ही सहकारिता का अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प साकार होगा।

  • ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में एक्शन : पुलिस पर हमला करने वाला पुराना फरार आरोपी 11 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, गांव लौटते ही मुखबिर की सूचना पर हुआ गिरफ्तार, सीधे पहुंचा जेल !

    ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में एक्शन : पुलिस पर हमला करने वाला पुराना फरार आरोपी 11 साल तक पुलिस को देता रहा चकमा, गांव लौटते ही मुखबिर की सूचना पर हुआ गिरफ्तार, सीधे पहुंचा जेल !

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले भर में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत लैलूंगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2015 से फरार चल रहे बलवा एवं पुलिस टीम पर हमले के आरोपी हेमा राठिया को उसके गांव पहुंचने की सूचना पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    प्रकरण वर्ष 2015 का है, जब आरोपी हेमा राठिया अपने अन्य साथियों के साथ बोलेरो, महिंद्रा मैक्सीमो एवं मोटरसाइकिलों में सवार होकर लाठी, डंडा एवं लकड़ी की फालियों से लैस होकर घटना-स्थल पर पहुंचे थे। आरोपियों ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई में लगे पुलिस बल के शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाते हुए पुलिस अधिकारियों एवं जवानों पर हमला कर मारपीट की थी। जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौज की गई तथा पुलिस के शासकीय वाहन में भी तोड़फोड़ की गई थी। घटना में पुलिस का शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

    घटना के संबंध में तत्कालीन थाना प्रभारी लैलूंगा की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 152/2015 के तहत धारा 147, 148, 149, 186, 353, 452, 294, 506, 323, 332, 336, 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई थी।

    विवेचना के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था, जबकि हेमा राठिया लगातार फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी थाना प्रभारियों को सक्रिय मुखबिर तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसी क्रम में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव को सूचना मिली कि फरार आरोपी हेमा राठिया पिता रूपसिंह राठिया, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम कुर्रा, थाना लैलूंगा अपने गांव आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विधिवत कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।